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दशहरा

Vijayadashami 2025 : दशहरा उत्सव की परंपराएं India से लेकर Nepal, Sri Lanka तक

दशहरा (Dussehra), जिसे विजयदशमी (Vijayadashami) भी कहा जाता है, भारत का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म और सत्य की स्थापना की थी। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी दशहरा बड़े उत्साह और भक्ति भाव से मनाया जाता है। भारत (India) में दशहरा उत्सव भारत में दशहरा अलग-अलग राज्यों में अपनी विशिष्ट परंपराओं के साथ मनाया जाता है— अन्य देशों (Other Countries) में दशहरा दशहरे का संदेश (Message of Dussehra) दशहरा हमें यह सिखाता है कि सत्य की जीत हमेशा होती है और बुराई का अंत निश्चित है। चाहे भारत हो या विदेश, यह त्योहार भारतीय संस्कृति को जोड़कर रखता है और हमें अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और लालच जैसे “रावण” को खत्म करने की प्रेरणा देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां सिद्धिदात्री

Navratri Day 9 मां सिद्धिदात्री पूजा विधि, महत्व, मंत्र, भोग और शुभ रंग

नवरात्रि का Day 9 (नवमी / Maha Navami) हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र दिन है। इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो नौ दुर्गाओं का अंतिम रूप हैं। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करती हैं — यश, धन, स्वास्थ्य और मोक्ष। मां सिद्धिदात्री का महत्व मां सिद्धिदात्री का अर्थ है — “सिद्धि” (अलौकिक शक्तियां) और “दात्री” (दाता)। वह देवी हैं जो सभी सिद्धियों की दात्री हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने उनकी पूजा से सभी सिद्धियां प्राप्त की थीं। माँ सिद्धिदात्री सिंह पर विराजमान होती हैं और कमल के फूल पर उनका रूप होता है। Navratri Day 9 पूजा विधि (Puja Vidhi) शुभ रंग और पुष्प विशेष उपाय (Special Remedies) नौवीं रात को पीली कौड़ी को शुद्ध करके हवन में अर्पित करने या तिजोरी में रखने से धन-धान्य और आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होती है। मां सिद्धिदात्री के मंत्र और आरती Maha Navami का धार्मिक महत्व महा नवमी का दिन न केवल मां दुर्गा की आराधना का दिन है, बल्कि यह नारी शक्ति और मातृ शक्ति का सम्मान करने का पर्व भी है। इस दिन कन्या पूजन समाज में नारी के प्रति सम्मान और प्रतिष्ठा को बढ़ाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maha Ashtami

नवरात्रि Day 8 Celebration Maha Ashtami का धार्मिक महत्व

नवरात्रि का आठवां दिन — महा अष्टमी (Maha Ashtami ) हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दिन माँ दुर्गा के शक्ति स्वरूप का प्रतीक है और इसे विशेष रूप से विजय, भक्ति और समर्पण का पर्व कहा जाता है। Navratri Day 8 भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव और पूजा का एक खास अवसर होता है। महा अष्टमी का धार्मिक महत्व | Religious Significance Maha Ashtami देवी दुर्गा के आठवें रूप की पूजा का दिन है। पुराणों के अनुसार, इस दिन माता दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और नवरात्रि में यह सबसे महत्वपूर्ण दिन है। महा अष्टमी पूजा विधि | Maha Ashtami Puja Vidhi महा अष्टमी का महत्व जीवन में | Spiritual Importance महा अष्टमी जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और विश्वास लाती है। यह दिन सिखाता है कि अंधकार पर प्रकाश की विजय निश्चित है। Special Mantra for Maha Ashtami “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” — इस मंत्र का जाप करने से माता दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शक्ति और सुरक्षा मिलती है। Fasting Tips on Maha Ashtami महा अष्टमी पूजा के शुभ लाभ | Benefits of Maha Ashtami Puja हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Katyayani

छठा दिन Navratri 2025 Mata Katyayani पूजा विधि और शुभ रंग

Navratri Day 6 का महत्व Navratri का छठा दिन माता Katyayani को समर्पित होता है। माता Katyayani शक्ति, साहस और विजयी जीवन की देवी मानी जाती हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में साहस, सफलता, और मनोकामना पूरी होती है। माता Katyayani को नौ स्वरूपों में छठे दिन पूजा जाता है। उनका आशीर्वाद गृहस्थ जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। Mata Katyayani पूजा विधि (Puja Method) Navratri Day 6 Color & Dress Tip छठे दिन का शुभ रंग ग्रे (Grey) है। ग्रे रंग स्थिरता, संतुलन और मानसिक शांति का प्रतीक है। इस दिन ग्रे रंग के वस्त्र पहनने से पूजा में एक विशेष ऊर्जा और आंतरिक संतुलन मिलता है। यह रंग मन को एकाग्र करने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे माता Katyayani की पूजा का प्रभाव और भी गहरा होता है। विशेष पूजा टिप्स: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maa Skand Mata

नवरात्रि Day 5 Maa Skand Mata पूजा और सकारात्मक ऊर्जा का महत्व

नवरात्रि दिन 5 का आध्यात्मिक महत्व नवरात्रि का पाँचवाँ दिन माँ स्कंद माता (Maa Skand Mata) को समर्पित होता है। Maa Skand Mata भगवान कार्तिकेय की माता हैं और देवी दुर्गा का एक पवित्र रूप मानी जाती हैं। इस दिन भक्त माँ की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में शक्ति, सफलता, आत्मविश्वास और सुख-शांति पाने की कामना करते हैं। Maa Skand Mata का महत्व मां स्कंद माता चार मुख और चार हाथ वाली देवी हैं। उनके हाथों में कमल, त्रिशूल, तलवार और आशीर्वाद मुद्रा होती है। यह रूप हमें यह संदेश देता है कि जीवन में ज्ञान, साहस, शक्ति और प्रेम का संतुलन होना चाहिए। Maa Skand Mata भक्तों को कठिनाइयों पर विजय पाने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्रेरणा देती हैं। Navratri Day 5 पूजा विधि इस दिन माँ स्कंद माता की पूजा विशेष भक्ति और श्रद्धा के साथ की जाती है। पूजा में दीप, पुष्प, हल्दी-कुंकुम और देवी का चित्र या मूर्ति रखा जाता है। भक्त दिन में उपवास रखते हैं और हलवा, खिचड़ी या फल का सेवन करते हैं। Maa Skand Mata के मंत्र का जाप और स्तुति पाठ करने से इस दिन विशेष लाभ प्राप्त होते हैं। मां स्कंद माता से जुड़ी मान्यताएं नवरात्रि दिन 5 का विशेष रंग — हरा (Green) Navratri के पाँचवें दिन, भक्त हरा (Green) रंग के वस्त्र पहनते हैं।यह रंग विकास (growth), समृद्धि (prosperity), शांतता (harmony) और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।हरा पहनकर भक्त माँ स्कंद माता की कृपा, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करते हैं। Navratri 2025 Day 5 का संदेश नवरात्रि Day 5 हमें यह याद दिलाता है कि सच्ची शक्ति केवल बाहरी नहीं बल्कि भीतर से आती है। Maa Skand Mata का आशीर्वाद हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति में साहस और शक्ति प्रदान करता है। यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maa Kushmanda

नवरात्रि के चौथे दिन Maa Kushmanda की आराधना Navratri Day 4 Special

नवरात्रि के चौथे दिन का महत्व नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का महान त्यौहार है। इस पर्व में चौथे दिन Maa Kushmanda की पूजा होती है। “कूष्मांडा” का अर्थ है “ब्रह्मांड की रचयिता”, जो सम्पूर्ण सृष्टि को अपनी हंसी से जन्म देती हैं। Maa Kushmanda को स्वास्थ्य, ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि का स्रोत माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। Maa Kushmanda का स्वरूप और महत्व नवरात्रि Day 4 पूजा विधि (Navratri Day 4 Puja Vidhi) नवरात्रि Day 4 का रंग और भोग नवरात्रि चौथे दिन पूजा के लाभ हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चंद्रघंटा

Day 3 of Navratri चंद्रघंटा Mata की भक्ति और जीवन में सकारात्मकता

नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। मां चंद्रघंटा साहस, शक्ति और भक्ति की देवी हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में आत्मविश्वास, शांति और सकारात्मकता आती है। मां चंद्रघंटा का महत्व मां चंद्रघंटा का नाम उनके सिर पर झूलती चाँद की घंटी के कारण पड़ा। उनका स्वरूप सुंदर, शांत और वीरता से भरा है। उनके आशीर्वाद से भय, संकट और परेशानियाँ दूर होती हैं। तीसरे दिन की पूजा विधि शुभ रंग और महत्व तीसरे दिन का शुभ रंग पीला और केसरिया माना जाता है। तीसरे दिन की विशेष बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Navratri

Day 2 Navratri 2025 ब्रह्मचारिणी माता का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा

नवरात्रि के Day 2 पर मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। यह दिन देवी माँ के ज्ञान, तपस्या और संयम के स्वरूप को समर्पित है। मां ब्रह्मचारिणी शांत, धैर्यशील और तपस्विनी देवी हैं, जो भक्तों को आत्म-संयम और मानसिक शक्ति प्रदान करती हैं। ब्रह्मचारिणी माता कौन हैं? मां ब्रह्मचारिणी देवी पार्वती का वही स्वरूप हैं, जिन्होंने शिव जी की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की। उनका रूप ज्ञान, साधना और तप का प्रतीक है। पूजा विधि – How to Worship ब्रह्मचारिणी माता का महत्व शुभ रंग (Shubh Rang) – Day 2 Day 2 पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए सफेद (White) रंग को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और मानसिक संतुलन का प्रतीक है। इस दिन सफेद या हल्के गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। Day 2 Message of Navratri मां ब्रह्मचारिणी हमें सिखाती हैं कि संयम और साधना से ही जीवन में सफलता और संतोष आता है। यह दिन आत्म-नियंत्रण, परिश्रम और सकारात्मक ऊर्जा के महत्व को याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Navratri

Navratri 2025 Day1 घटस्थापना और माँ शैलपुत्री से शक्ति की शुरुआत

Navratri 2025 का पहला दिन घटस्थापना के साथ शुरू होता है। यह दिन देवी माँ दुर्गा के नौ रूपों में से पहले रूप माँ शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित है। नवरात्रि हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। घटस्थापना का महत्व Navratri के पहले दिन घर में कलश स्थापना या घटस्थापना करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन मिट्टी या धातु के कलश में जल, फल, फूल और कुमकुम रखकर पूजा की जाती है। घटस्थापना से घर में समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। माँ शैलपुत्री की पूजा पहले दिन की नवरात्रि माँ शैलपुत्री को समर्पित है। शैलपुत्री का अर्थ है “पर्वत की पुत्री”। वे सादगी, शक्ति और पवित्रता का प्रतीक हैं। इस दिन व्रती माँ शैलपुत्री की पूजा कर अपने जीवन में धैर्य, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्राप्त करते हैं। पूजा विधि: व्रत और भोजन टिप्स Navratri पहले दिन व्रती फल, दूध, ठंडाई और उपवास के अनुसार हल्का भोजन करते हैं। तामसिक भोजन, मांसाहार और शराब से परहेज करना चाहिए। आज का शुभ रंग और मुहूर्त Navratri का पहला दिन हमें शक्ति, समर्पण और सकारात्मक सोच का संदेश देता है। माँ शैलपुत्री की पूजा से जीवन में आत्मबल और खुशहाली आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shardiya Navratri 2025

Shardiya Navratri 2025 सूर्य ग्रहण के साए में शुरू, दैनिक देवी स्वरूप और रंग

Shardiya Navratri 2025 इस साल विशेष संयोग के साथ 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इस वर्ष नवरात्रि सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) के बाद शुरू हो रही है, इसलिए घटस्थापना के शुभ मुहूर्त और पूजा के नियम बेहद महत्वपूर्ण हैं। घटस्थापना मुहूर्त 2025 घटस्थापना के समय देवी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। सूर्य ग्रहण 2025 और इसका प्रभाव इससे नकारात्मक प्रभाव कम होता है और पूजा का वातावरण पवित्र बनता है। Shardiya Navratri 2025: देवी दुर्गा के 9 रूप और दैनिक रंग Day Date Goddess (देवी) Color (रंग) 1 22 Sep Shailputri White 2 23 Sep Brahmacharini Red 3 24 Sep Chandraghanta Royal Blue 4 25 Sep Kushmanda Yellow 5 26 Sep Skandamata Green 6 27 Sep Katyayani Grey 7 28 Sep Kalaratri Orange 8 29 Sep Mahagauri Pink 9 30 Sep Siddhidatri Peacock Green 10 1 Oct Vijayadashami Red हर दिन का रंग देवी के स्वरूप और उनके गुणों का प्रतीक है। Navratri पूजा सामग्री 2025 पूजा के लिए जरूरी सामग्री: इन सामग्रियों के साथ पूजा विधि पूर्ण होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। Navratri व्रत नियम और आहार सुझाव नियमों का पालन करने से व्रत सफल और फलदायी होता है। Cultural Celebrations: Garba, Dandiya और Durga Puja तीर्थ यात्रा और विशेष आयोजन इन आयोजनों में भाग लेने से आध्यात्मिक अनुभव और देवी की कृपा मिलती है। Shardiya Navratri 2025 आपके जीवन में शक्ति, सकारात्मकता और सफलता लाने का अवसर है।घटस्थापना मुहूर्त, व्रत नियम, पूजा सामग्री और सांस्कृतिक उत्सव इस पर्व को और भी विशेष बनाते हैं। इस Shardiya Navratri 2025 , श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ देवी माता का स्वागत करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Champat Rai

Ram Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधना

अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद (Ram Mandir Donation Controversy) के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने एक बड़ा आध्यात्मिक कदम उठाया है। उन्होंने अयोध्या में चार महीने तक चलने वाली चातुर्मास साधना (Chaturmas Sadhna) शुरू कर दी है। इस दौरान वह भगवान श्रीराम की आराधना, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए अपना समय आध्यात्मिक साधना में बिताएंगे। चंपत राय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान से जुड़े मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। विवाद के बीच उनका अयोध्या में रहकर साधना करने का निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। चंपत राय ने क्यों शुरू की Chaturmas Sadhna? धार्मिक परंपराओं में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। यह अवधि भगवान की भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक चिंतन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत चंपत राय ने चार महीने तक साधना करने का संकल्प लिया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह राम नाम का जाप, रामचरितमानस पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों में समय लगाएंगे। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक अनुशासन और आत्ममंथन पर ध्यान केंद्रित करना है। Ram Mandir Donation Case को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा? श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। मामले की जांच को लेकर सवाल उठे और जांच एजेंसियों ने कई पहलुओं की पड़ताल शुरू की। इस विवाद के बाद मंदिर प्रशासन की व्यवस्था, दान प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अयोध्या में चंपत राय की भूमिका रही है अहम चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद मंदिर निर्माण से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही है। राम मंदिर निर्माण और निधि संग्रह अभियान के दौरान भी वह लगातार सक्रिय रहे। यही वजह है कि उनसे जुड़ा कोई भी फैसला अयोध्या और देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। विवाद के बीच आध्यात्मिक रास्ता चुना राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय का चार महीने की साधना का फैसला कई मायनों में देखा जा रहा है। उनके समर्थक इसे भक्ति, संयम और आत्मचिंतन का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा विवाद के संदर्भ में भी जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, अयोध्या में चंपत राय की चातुर्मास साधना और राम मंदिर से जुड़े विवाद की जांच दोनों ही सुर्खियों में हैं। आने वाले समय में जांच की दिशा और मंदिर प्रशासन से जुड़े फैसले इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Telangana

Telangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?

Telangana Election Reform: तेलंगाना सरकार ने देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल की है। राज्य सरकार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के पक्ष में प्रस्ताव लाने जा रही है। इस मुद्दे पर अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हालांकि, केवल राज्य सरकार के प्रस्ताव से नियम नहीं बदलेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार और संसद की मंजूरी अनिवार्य होगी। युवाओं को राजनीति में आगे लाने की तैयारी मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं को केवल मतदान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें चुनाव लड़ने और नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। सरकार का मानना है कि 21 वर्ष की आयु में युवा उच्च शिक्षा पूरी कर चुके होते हैं, नौकरी और कारोबार की जिम्मेदारियां संभालते हैं। ऐसे में यदि वे देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच रखते हैं, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उम्मीदवार बनने का भी अधिकार मिलना चाहिए। विधानसभा का Special Session क्यों बुलाया जा रहा है? तेलंगाना सरकार इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुला रही है। इस सत्र में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस बदलाव पर विचार किया जा सके। क्या सिर्फ राज्य सरकार फैसला ले सकती है? इस सवाल का जवाब है—नहीं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु भारतीय संविधान और Representation of the People Act के तहत तय होती है। इसलिए किसी भी राज्य के पास इसे अपने स्तर पर बदलने का अधिकार नहीं है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो केंद्र सरकार को कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद संसद की मंजूरी मिलने पर ही नया नियम पूरे देश में लागू हो सकेगा। युवाओं के लिए कितना बड़ा बदलाव होगा? अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 21 से 24 वर्ष की आयु के लाखों युवाओं को पहली बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजनीतिक दलों में युवा नेतृत्व को बढ़ावा मिल सकता है। नई पीढ़ी के लोग अपने विचार सीधे लोकतांत्रिक मंच पर रख सकेंगे और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। क्या इस प्रस्ताव पर सभी सहमत हैं? इस पहल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक पक्ष का मानना है कि युवाओं को कम उम्र में राजनीति में आने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे नई सोच और ऊर्जा लेकर आते हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जनप्रतिनिधि बनने के लिए अनुभव भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी होगी। अब आगे क्या होगा? सबसे पहले तेलंगाना विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद यह केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि केंद्र इस पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो संसद में संबंधित कानूनों में संशोधन का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल यह प्रस्ताव देशभर में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले समय में केंद्र सरकार का फैसला तय करेगा कि क्या 21 साल की उम्र में चुनाव लड़ने का सपना देश के लाखों युवाओं के लिए हकीकत बन पाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Mann Ki Baat

Mann Ki Baat 2026: PM Modi ने जवानों, युवाओं और खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, Har Ghar Tiranga की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’(Mann Ki Baat) के 136वें एपिसोड में देशवासियों को कई अहम संदेश दिए। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन्होंने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और हर नागरिक से ‘Har Ghar Tiranga’ अभियान से जुड़ने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1, कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों, युवाओं के इनोवेशन और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों पर भी विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन राष्ट्रभक्ति, विज्ञान, खेल और जनभागीदारी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिक हैं और जब पूरा देश एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है, तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल करना संभव हो जाता है। Har Ghar Tiranga अभियान से जुड़ने की अपील पीएम मोदी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ आज केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की भावना बन चुका है। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आशाओं, सपनों और बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया ताकि देशभक्ति का यह संदेश हर घर तक पहुंचे। कारगिल के वीरों को किया नमन कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि देश हमेशा अपने वीर जवानों का ऋणी रहेगा और नई पीढ़ी को उनके त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम की कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। Vikram-1 की सफलता पर जताया गर्व प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल Vikram-1 का विशेष उल्लेख करते हुए इसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्पेस सेक्टर में किए गए सुधारों का सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है। निजी कंपनियां और भारतीय स्टार्टअप्स अंतरिक्ष तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बना रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह सफलता केवल वैज्ञानिकों की नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की भी है जो नए विचारों और तकनीक के दम पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। Commonwealth Games में भारतीय खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं प्रधानमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका संघर्ष करोड़ों युवाओं को प्रेरित करता है। उन्हें विश्वास है कि भारतीय दल इस बार भी देश का नाम रोशन करेगा। युवाओं और Innovation पर दिया विशेष जोर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने युवाओं से विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। देश के स्टार्टअप्स नई तकनीक और नए विचारों के साथ दुनिया में भारत की पहचान मजबूत कर रहे हैं। यही युवा विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। जनभागीदारी से बनेगा विकसित भारत प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत और Har Ghar Tiranga जैसे अभियान तभी सफल होते हैं, जब उनमें आम नागरिक पूरी भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने लोगों से देशहित के हर अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की। PM Modi के संबोधन की बड़ी बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rajnath Singh

Kargil Vijay Diwas: Rajnath Singh ने शहीदों को किया नमन, Pakistan को चेतावनी- सेना पूरी तरह तैयार

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में देश ने अपने वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh ) ने कारगिल युद्ध के नायकों को नमन करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज Innovation, आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के सहारे भविष्य का निर्माण कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अब भी घुसपैठ और आतंकवाद के रास्ते पर चल रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि भारत शांति का समर्थक है, लेकिन यदि कोई देश उसकी संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती देता है तो भारतीय सेनाएं हर मोर्चे पर जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं। कारगिल की धरती से वीर जवानों को श्रद्धांजलि 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचकर 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर देश के उन वीर सपूतों को याद किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पीछे हटाकर भारत का तिरंगा बुलंद रखा। उन्होंने कहा कि कारगिल के शहीदों का साहस और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है और देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। ‘भारत Innovation पर आगे बढ़ रहा, पाकिस्तान घुसपैठ में उलझा’ अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने भारत और पाकिस्तान की सोच का अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा उत्पादन, नई तकनीक और आत्मनिर्भरता पर तेजी से काम कर रहा है। वहीं पाकिस्तान अब भी सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद जैसी गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि भारत विकास और शांति की नीति पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन यदि कोई देश देशहित के खिलाफ कदम उठाता है तो भारतीय सेना हर चुनौती का डटकर सामना करेगी। सेना की ताकत बढ़ाने पर सरकार का फोकस राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों और नई तकनीकों से लैस करने के लिए लगातार काम कर रही है। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि भारत भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सके। उन्होंने कहा कि मजबूत सेना ही सुरक्षित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार सैनिकों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कारगिल विजय दिवस क्यों है खास? हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर जीत हासिल की थी। इस युद्ध में कई जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिनके साहस और बलिदान की याद में यह दिन पूरे देश में सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। देशभर में शहीदों को किया गया याद कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के कई हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, सैन्य संस्थानों और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शहीदों को नमन किया गया। लोगों ने भारतीय सेना के साहस और समर्पण को याद करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Monsoon

Monsoon Alert: 3 राज्यों में Red Alert जारी, Assam Flood से 66 मौतें; Himachal की 134 सड़कें बंद

देशभर में मानसून (Monsoon) एक बार फिर कहर बरपा रहा है। पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तक लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई जिलों में अत्यधिक बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण सैकड़ों सड़कें बंद हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। Gujarat, Maharashtra और Odisha में Heavy Rain का Red Alert IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के लिए बेहद अहम हैं। इन राज्यों के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। राज्य सरकारों ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को पहले से तैनात किया गया है, जबकि लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है। Assam Flood: 7 लाख लोग प्रभावित, 66 लोगों की मौत असम में मानसून सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। लगातार बारिश के चलते कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 7 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जबकि कई गांवों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है। राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। Himachal Pradesh में Landslide से 134 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से 134 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कें दोबारा चालू करने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की अपील की है। कई राज्यों में Alert Mode पर प्रशासन लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और हिमाचल प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। NDRF और SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। क्या करें और क्या न करें? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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