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Hartalika Teej

Hartalika Teej 2025: कब रखें व्रत? पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और तिथि

भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को आने वाली हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2025) सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होती है। इस दिन स्त्रियाँ कठोर निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। Hartalika Teej 2025 Date & Tithi Hartalika Teej Puja Shubh Muhurat 2025 Hartalika Teej Vrat Puja Vidhi Hartalika Teej 2025 Ka Mahatva पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। उसी का स्मरण कर महिलाएं यह व्रत रखती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Chaturthi 2025

Ganesh Chaturthi 2025 गणपति बप्पा मोरया, जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

भारत में हर साल पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाने वाला Ganesh Chaturthi 2025 (गणेश चतुर्थी 2025) इस बार भी भक्तों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आएगा। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता कहा जाता है और हर शुभ कार्य की शुरुआत उनकी पूजा से ही होती है। Ganesh Chaturthi 2025 का महत्व गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त गणेश चतुर्थी कैसे मनाई जाती है? Eco-Friendly Ganesh Chaturthi 2025 आजकल लोग प्रकृति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Eco-Friendly Ganesh Chaturthi मना रहे हैं। गणेश चतुर्थी का सामाजिक महत्व लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गणेशोत्सव को जन-आंदोलन से जोड़ा था। यही कारण है कि आज यह उत्सव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Janmashtami

Shri Krishna Janmashtami 2025: नंदलाल के जन्म का पावन पर्व

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को Shri Krishna Janmashtami पूरे देश में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार, माखनचोर श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है। 2025 में यह पर्व रोहिणी नक्षत्र के संयोग में आ रहा है, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है। जन्माष्टमी का आध्यात्मिक संदेश श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, साहस और प्रेम का अद्वितीय पाठ पढ़ाता है। उन्होंने गीता में कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का मार्ग दिखाया। उनकी लीलाएं बताती हैं कि कठिन से कठिन समय में भी सच्चाई और सदाचार का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। व्रत और पूजन विधि Janmashtami के दिन भक्त निर्जला उपवास रखते हैं। रात 12 बजे, जब नंदलाल का जन्म हुआ था, मंदिरों में घंटियों और शंखनाद के साथ भजन-कीर्तन की गूंज होती है। श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप में पूजा कर उन्हें माखन, मिश्री, पंचामृत और तुलसी पत्र अर्पित किए जाते हैं। झांकियों और दही हांडी की धूम मथुरा, वृंदावन, द्वारका और देशभर में सजाई गई कृष्ण लीलाओं की झांकियां भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में दही हांडी का आयोजन जन्माष्टमी की शोभा बढ़ाता है। गोविंदा टीमें मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ती हैं, जो एकता, साहस और आनंद का प्रतीक है। 2025 का विशेष संयोग इस वर्ष Janmashtami पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का मेल दुर्लभ है। ज्योतिष के अनुसार, यह योग भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति लाएगा। उत्सव का असली अर्थ Janmashtami हमें यह सिखाती है कि भगवान श्रीकृष्ण की तरह अन्याय के खिलाफ खड़ा होना, प्रेम और करुणा का भाव रखना ही जीवन का सच्चा उत्सव है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rakshabandhan

Rakshabandhan 2025 भाई-बहन के अटूट बंधन का पर्व और इससे जुड़ी खास रस्में

भारत में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित त्योहार Rakshabandhan हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी सुरक्षा का वचन देते हैं। Rakshabandhan 2025 मुहूर्त, इतिहास और महत्व। रक्षाबंधन 2025 कब है? इस साल Rakshabandhan 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह से शाम तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन भद्रा काल समाप्त होने के बाद बहनें आराम से राखी बांध सकती हैं। Rakshabandhan का इतिहास और पौराणिक कथा रक्षाबंधन का संबंध कई पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं से है। महाभारत के अनुसार, द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली से बहते खून को रोकने के लिए कपड़ा बांधा था, जिसके बदले श्रीकृष्ण ने जीवनभर उनकी रक्षा का वचन दिया। वहीं इतिहास में रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं की कहानी भी इस त्योहार की गहराई को दर्शाती है। रक्षाबंधन का महत्व रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है दुनियाभर में रक्षाबंधन विदेशों में रह रहे भारतीय भी इस त्योहार को ऑनलाइन राखी और गिफ्ट भेजकर मनाते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में भारतीय समुदाय राखी का उत्सव मनाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sawan Somwar

Sawan Somwar 2025 सावन सोमवार व्रत का महत्व, पूजा विधि, पहनने के शुभ रंग और क्या करें

श्रावण मास (Sawan Month) की शुरुआत होते ही चारों ओर शिव भक्ति का माहौल बन जाता है। खासकर सावन सोमवार (Sawan Somwar) का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस बार 2025 में पहला सावन सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है, जो देशभर के श्रद्धालुओं के लिए खास महत्त्व रखता है। क्या है Sawan Somwar व्रत का महत्त्व? सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस महीने सोमवार को व्रत और शिव पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन से कष्ट दूर होते हैं। कुंवारी कन्याएं अच्छा वर पाने के लिए और विवाहित महिलाएं सुख-समृद्धि व सौभाग्य के लिए इस व्रत को करती हैं। व्रत और पूजा विधि ना शिवजी की कृपा पाने के लिए लाभकारी माना गया है। यहां कुछ शुभ रंगों की सूची दी जा रही है: Sawan Somwar को कौन से रंग पहनें व्रत क्रम तारीख पहनने के लिए शुभ रंग पहला सोमवार 14 जुलाई सफेद (White) – शांति और शुद्धता का प्रतीक दूसरा सोमवार 21 जुलाई हल्का नीला (Sky Blue) – सकारात्मक ऊर्जा तीसरा सोमवार 28 जुलाई पीला (Yellow) – ज्ञान और समृद्धि चौथा सोमवार 4 अगस्त हरा (Green) – सुख-समृद्धि और सौभाग्य पाँचवाँ सोमवार 11 अगस्त बैंगनी या क्रीम (Purple or Cream) – भक्ति और श्रद्धा महिलाएं इन रंगों की चूड़ियां, दुपट्टा या साड़ी पहन सकती हैं। पुरुष भी इन रंगों की शर्ट या कुर्ता धारण कर सकते हैं। 2025 के सावन सोमवार की तिथियां दिनांक दिन सावन सोमवार 14 जुलाई सोमवार पहला सावन सोमवार 21 जुलाई सोमवार दूसरा सावन सोमवार 28 जुलाई सोमवार तीसरा सावन सोमवार 4 अगस्त सोमवार चौथा सावन सोमवार 11 अगस्त सोमवार अंतिम सावन सोमवार देशभर में शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब सावन सोमवार के मौके पर देश के प्रमुख शिव मंदिरों जैसे काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकालेश्वर (उज्जैन), केदारनाथ (उत्तराखंड), बैद्यनाथ धाम (झारखंड) में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जगहों पर कांवड़ यात्रा भी चरम पर है, जिसमें शिवभक्त गंगाजल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। सावन में करें ये 5 काम और पाएं शिव कृपा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rath Yatra 2025

Rath Yatra 2025 पुरी में Lord Jagannath की Grand यात्रा शुरू

पुरी, ओडिशा में हर साल की तरह इस बार भी Lord Jagannath, Balabhadra और Subhadra की ऐतिहासिक Rath Yatra 2025 का शुभारंभ 27 जून से हो रहा है। यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी भारत की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक है। Rath Yatra 2025 Date and Full Schedule Rath Yatra Route और Raths का विवरण Security और Traffic व्यवस्था Cultural Highlights और Bhakti का उत्सव Global Celebrations – ISKCON और International Events हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shani Jayanti 2025: जानिए पूजा विधि, किन राशियों को रहना होगा सावधान और कैसे पाएं शनि देव की कृपा

हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाने वाली शनि जयंती, इस वर्ष 27 मई 2025 (मंगलवार) को आ रही है। इस दिन को शनि देव के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। शनिदेव को न्याय के देवता कहा जाता है और उनकी कृपा से जीवन में संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन आता है, वहीं क्रोध से कष्ट भी झेलना पड़ सकता है। शनि जयंती 2025 की तिथि व मुहूर्त: शनि जयंती की पूजा विधि: किन राशियों को रहना चाहिए सावधान?इस बार शनि ग्रह मकर राशि में वक्री होकर विराजमान रहेंगे, जिससे कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा: उपाय: शनि से डरने की नहीं, समझने की ज़रूरत है:शनि देव अनुशासन, कर्म और न्याय के प्रतीक हैं। अगर आपने जीवन में कर्म और सोच को सकारात्मक बनाए रखा है, तो शनि देव आपके सबसे बड़े रक्षक भी साबित हो सकते हैं। शनि जयंती का ये पर्व नकारात्मक ऊर्जा को त्यागने और आत्मनिरीक्षण करने का सुनहरा अवसर है। शनि जयंती न केवल धार्मिक आस्था का दिन है बल्कि आत्मसुधार और अनुशासन का प्रतीक भी है। इसे श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाएं, ताकि शनि देव की कृपा आपके जीवन में स्थायित्व और शांति लेकर आए।शनि जयंती के दिन सूर्यास्त के समय 7 बार हनुमान जी का नाम लेकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं, और घर के मुख्य द्वार पर रखें – नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है।
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हनुमान जी

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है, क्या है इसका महत्व और कैसे करें पूजा ?

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है? बड़ा मंगल का पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बड़ा मंगल का आरंभ ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार से होता है और पूरे महीने के हर मंगलवार को इसे मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, बड़ा मंगल का पहला मंगलवार 13 मई को है। क्या होता है बड़ा मंगल? बड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित पर्व है। इसे ‘हनुमान जयन्ती’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। लखनऊ में इस पर्व का विशेष महत्त्व है, जहाँ जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल कैसे मनाएं? बड़ा मंगल का महत्व: ऐसी मान्यता है कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन का व्रत रखने से कष्टों का निवारण होता है और संकट कटते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल का महत्व: लखनऊ में बड़ा मंगल एक उत्सव की तरह मनाया जाता है। यहाँ के हनुमान मंदिरों में हजारों भक्त पूजा-अर्चना करने आते हैं। सड़कों पर भंडारे लगते हैं और भक्तगण प्रसाद का वितरण करते हैं। यह पर्व लखनऊ की संस्कृति का अहम हिस्सा है।
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Buddha Purnima

Buddha Purnima 2025 भगवान बुद्ध की जयंती और ज्ञान प्राप्ति का पावन पर्व

बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima), जिसे वैशाख पूर्णिमा (Vaishakh Purnima) के नाम से भी जाना जाता है, हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध (Lord Gautam Buddha) के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (Enlightenment) और महापरिनिर्वाण (Mahaparinirvana) — तीनों घटनाओं का साक्षी है, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। बुद्ध पूर्णिमा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व बुद्ध पूर्णिमा को बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था, और बोधगया में उन्हें बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। कुशीनगर में उन्होंने अंतिम उपदेश देकर महापरिनिर्वाण को प्राप्त किया। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी दुनियाभर में शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देती हैं। बुद्ध पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है (How Buddha Purnima is Celebrated) बुद्ध पूर्णिमा 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त (Buddha Purnima 2025 Date & Time) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Akshay Tritiya

Akshay Tritiya 2025 समृद्धि, आध्यात्मिक महत्व और नए शुरुआत का शुभ अवसर

अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) हिंदू कैलेंडर का एक अत्यंत शुभ और पवित्र दिन है। इसे अखा तीज (Akha Teej) भी कहा जाता है और यह वैसाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अक्षय तृतीया का दिन समृद्धि, खुशी और सफलता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन को विशेष रूप से नई शुरुआत, खरीदारी, निवेश और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस वर्ष, अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025 को है, जो सभी के लिए एक नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का आदर्श अवसर है। अक्षय तृतीया का महत्व अक्षय शब्द का अर्थ होता है “अक्षय” या “अनन्त”, जो अनगिनत समृद्धि और सफलता का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी कार्य कभी विफल नहीं होता, बल्कि वह निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता है। इस दिन को व्यवसाय, निवेश, संपत्ति खरीदने या नई योजनाओं की शुरुआत के लिए सबसे उपयुक्त दिन माना जाता है। भारत में इस दिन सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी की परंपरा है, क्योंकि इसे समृद्धि और स्थिरता लाने वाला माना जाता है। अक्षय तृतीया का महत्व जैन समुदाय में भी बहुत है, क्योंकि इस दिन भगवान ऋषभदेव ने अपना उपवासन (उपवास) शक्कर का पानी पीकर तोड़ा था। यह दिन जैन धर्म के अनुयायियों के लिए उपवास और प्रार्थना का दिन होता है। Akshay Tritiya पर किए जाने वाले प्रमुख आयोजन सोने की खरीदारी: अक्षय तृतीया पर सोने, चांदी और कीमती धातुओं की खरीदारी का विशेष महत्व है। इसे शुभ माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। कई लोग इस दिन अपने परिवार के लिए गहनों की खरीदारी करते हैं, जो उनके भविष्य में सफलता का प्रतीक होता है। नए व्यवसाय की शुरुआत: अक्षय तृतीया का दिन नए व्यवसायों, प्रोजेक्ट्स, या निवेशों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन को नई योजनाओं की शुरुआत करने, नए विचारों को साकार करने, और प्रगति की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए आदर्श माना जाता है। धार्मिक पूजा और अनुष्ठान: इस दिन को लेकर धार्मिक अनुष्ठान भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लोग इस दिन घरों में पूजा करते हैं, खासकर धन, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करते हुए। दान और परोपकार: अक्षय तृतीया पर दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन गरीबों को भोजन, कपड़े या पैसे का दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है। इसे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक मार्ग माना जाता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में Akshay Tritiya का उत्सव Akshay Tritiya भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाई जाती है। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और गुजरात में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में लोग इस दिन नए घर खरीदते हैं, जबकि गुजरात में व्यापारी इस दिन अपनी किताबें या खाता-बही खोलते हैं। दक्षिण भारत में, तमिलनाडु और कर्नाटका में इस दिन को नए कपड़े पहनने और विशेष पूजा करने का दिन माना जाता है। अक्षय तृतीया और उसका वैश्विक महत्व Akshay Tritiya न केवल हिंदू समुदाय में बल्कि जैन और बौद्ध समुदायों में भी मनाई जाती है। यह दिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इसका महत्व न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में बढ़ रहा है। विशेषकर व्यवसायी वर्ग इसे एक शुभ दिन मानते हैं और नए निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को प्रारंभ करने के लिए इस दिन का चयन करते हैं। क्यों अक्षय तृतीया है खास? अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन है जो हर किसी के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। चाहे वह आर्थिक निवेश हो, कोई नई योजना हो, या फिर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच हो, यह दिन उन सभी चीजों को शुरू करने के लिए आदर्श है जो समृद्धि और सफलता की ओर बढ़ने में मदद करें। इस दिन के साथ जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं इसे हमारे जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा देने वाला बनाती हैं। देशहारपाल पर पढ़ें खबरें, ताज़ा खबरें।
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परीक्षा संशोधन बिल

Education Reform Update: परीक्षा संशोधन बिल पर विपक्ष का विरोध, Student Issues पर बहस की मांग

संसद में Exam Reform Bill पर शुरू नहीं हो सकी चर्चा संसद में Exam Reform Bill (परीक्षा संशोधन बिल) पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन का माहौल गर्म हो गया। विपक्षी दलों ने छात्रों से जुड़े एक मामले को लेकर जोरदार विरोध किया और मांग की कि इस मुद्दे पर पहले विस्तार से चर्चा की जाए। हंगामे के कारण बिल पर होने वाली बहस आगे नहीं बढ़ सकी। छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष ने उठाई आवाज विपक्ष का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सांसदों ने छात्रों के साथ हुई कथित पिटाई की घटना का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और इस मामले पर सदन में तत्काल चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि Education System और Exam Process में सुधार केवल कानून बनाने से संभव नहीं है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा, परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। परीक्षा सुधार बिल को लेकर सरकार का पक्ष सरकार की ओर से पेश किए गए परीक्षा संशोधन बिल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नए प्रावधानों के जरिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और भविष्य में होने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है। सदन में हंगामे के बीच स्पीकर की अपील विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच स्पीकर ने सभी दलों से सहयोग करने और आपसी सहमति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं और Exam Reform Bill पर संसद में चर्चा कब शुरू होगी। छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा सुधारों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।
Trump ने फिर Iran को दी चेतावनी, बोले- America के पास हथियारों की कोई कमी नहीं

Trump ने फिर Iran को दी चेतावनी, बोले- America के पास हथियारों की कोई कमी नहीं

America के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास आधुनिक और ताकतवर हथियारों की कोई कमी नहीं है और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई तस्वीर भी शेयर की, जिसमें ईरान के खार्ग (Kharg) आइलैंड पर हमले का दृश्य दिखाया गया है। हालांकि यह तस्वीर वास्तविक नहीं है, लेकिन इसके सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की AI तस्वीरें लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों में गलत संदेश भी दे सकती हैं। खार्ग आइलैंड क्यों है अहम? खार्ग आइलैंड ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र माना जाता है। ईरान के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी द्वीप से दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजा जाता है। ऐसे में इस इलाके का नाम किसी भी सैन्य या राजनीतिक बयान में आने से वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर असर पड़ सकता है। बढ़ सकता है तनाव विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले से कई मुद्दों को लेकर मतभेद हैं। ऐसे में इस तरह के बयान और AI से बनाई गई तस्वीरें दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ा सकती हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Medanta Hospital से Sonam Wangchuk Discharged: स्वास्थ्य में सुधार

लंबे इलाज के बाद लद्दाख के पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब उनके शरीर में पहले जैसी ऊर्जा वापस आ रही है और वह खुद को पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं। मेदांता अस्पताल से निकलने के बाद सोनम वांगचुक राजघाट के लिए रवाना हुए, जहां वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि बापू को नमन करने के बाद वह अपनी आगे की यात्रा शुरू करेंगे और जल्द ही वापस लद्दाख (Ladakh) जाएंगे। VIDEO जारी कर दी स्वास्थ्य की जानकारी Sonam Wangchuk ने वीडियो के जरिए लोगों को बताया कि इलाज के दौरान उन्हें काफी सहयोग मिला। उन्होंने अपने समर्थकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी दुआओं और समर्थन से उन्हें हिम्मत मिली। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य में सुधार है और शरीर में फिर से ताकत महसूस हो रही है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि वह जल्द ही अपनी जिम्मेदारियों और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर दोबारा काम शुरू करेंगे। राजघाट पहुंचकर बापू को देंगे श्रद्धांजलि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने सबसे पहले राजघाट जाने का फैसला किया। उनका कहना है कि महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। वांगचुक लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी मांगों और विचारों को सामने रखते रहे हैं। उन्होंने कई बार पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई है। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद Ladakh लौटने की तैयारी सोनम वांगचुक अब अपनी आगे की यात्रा को लेकर तैयार हैं। उन्होंने बताया कि राजघाट में श्रद्धांजलि देने के बाद उनका अगला लक्ष्य लद्दाख लौटना है। लद्दाख में पर्यावरण, शिक्षा और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके डिस्चार्ज की खबर सामने आने के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली है। समर्थकों ने जताई खुशी सोनम वांगचुक के अस्पताल से बाहर आने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुशी जाहिर की। कई लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। Sonam Wangchuk Health Update के अनुसार, फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेहतर स्वास्थ्य के साथ आगे की यात्रा और लद्दाख से जुड़े अपने कार्यों को जारी रखने पर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold Silver Price

Gold Silver Price महंगाई के बीच सोना-चांदी की चमक बढ़ी, Silver ₹2.25 लाख और Gold ₹1.45 लाख के पार

देश के सर्राफा बाजार में एक बार फिर Gold Silver Price Update ने लोगों का ध्यान खींचा है। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। चांदी ने जहां बड़ी छलांग लगाते हुए नया रिकॉर्ड स्तर छुआ है, वहीं सोने की कीमत भी तेजी के साथ नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों के बीच आम खरीदार से लेकर निवेशकों तक सभी की नजर अब कीमती धातुओं के बाजार पर बनी हुई है। चांदी में जबरदस्त तेजी चांदी की कीमतों में आज जोरदार तेजी दर्ज की गई। बाजार में चांदी का भाव ₹2,050 प्रति किलो बढ़कर करीब ₹2.25 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है। चांदी में आई इस तेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया है। जानकारों के मुताबिक, चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे इंडस्ट्रियल डिमांड एक बड़ा कारण है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती जरूरत ने इसकी मांग को मजबूत किया है। इसके अलावा निवेश के लिए भी लोग अब चांदी को एक बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। Gold Price Today सोने की कीमतों में भी तेजी का सिलसिला जारी है। बाजार में सोना ₹751 रुपये महंगा होकर करीब ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। शादी-ब्याह के सीजन और निवेश की मांग के बीच सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है। वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के कारण निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। क्या सोना ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का माहौल बना रहा और मांग मजबूत रही तो सोने की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों पर कई वैश्विक फैक्टर असर डालते हैं, जिसमें डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रमुख हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? लगातार बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सावधानी के साथ फैसला लेने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी लंबी अवधि के लिए अच्छे निवेश विकल्प हो सकते हैं, लेकिन ऊंचे भाव पर निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है। फिलहाल Gold Silver Rate में तेजी का दौर जारी है। जहां चांदी ने रिकॉर्ड तेजी दिखाई है, वहीं सोना भी नए स्तरों की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा वैश्विक बाजार और घरेलू मांग पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update Today: शेयर बाजार में शानदार उछाल, Sensex 600+ अंक बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। हफ्ते के कारोबारी सत्र में Sensex और Nifty ने मजबूत शुरुआत की, जिसके चलते बाजार में पॉजिटिव माहौल बना रहा। BSE Sensex 600 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,700 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि Nifty 50 में करीब 200 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण IT और FMCG सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी रही। निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में भरोसा दिखाया, जिससे प्रमुख इंडेक्स को मजबूती मिली। IT और FMCG Stocks में बढ़ी खरीदारी, बाजार को मिला सपोर्ट आज के कारोबार में IT Stocks निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। टेक कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और वैश्विक संकेतों के चलते इस सेक्टर में खरीदारी बढ़ी। दूसरी ओर, FMCG सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली, क्योंकि घरेलू खपत और मांग में सुधार की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में लगातार खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। Sensex-Nifty की तेजी से निवेशकों का बढ़ा भरोसा शेयर बाजार में तेजी आने से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स में 600 से ज्यादा अंकों की बढ़त और निफ्टी में 200 अंकों की मजबूती ने बाजार की धारणा को बेहतर किया। आज के कारोबार में कई प्रमुख सेक्टर हरे निशान में नजर आए। बैंकिंग, IT, FMCG और कंज्यूमर आधारित कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। Market में तेजी के पीछे क्या रहे कारण? शेयर बाजार की तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे: आगे कैसी रह सकती है Stock Market की चाल? एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। हालांकि मौजूदा तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। अगर खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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