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Rath Yatra 2025

Rath Yatra 2025 पुरी में Lord Jagannath की Grand यात्रा शुरू

पुरी, ओडिशा में हर साल की तरह इस बार भी Lord Jagannath, Balabhadra और Subhadra की ऐतिहासिक Rath Yatra 2025 का शुभारंभ 27 जून से हो रहा है। यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी भारत की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक है। Rath Yatra 2025 Date and Full Schedule Rath Yatra Route और Raths का विवरण Security और Traffic व्यवस्था Cultural Highlights और Bhakti का उत्सव Global Celebrations – ISKCON और International Events हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shani Jayanti 2025: जानिए पूजा विधि, किन राशियों को रहना होगा सावधान और कैसे पाएं शनि देव की कृपा

हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाने वाली शनि जयंती, इस वर्ष 27 मई 2025 (मंगलवार) को आ रही है। इस दिन को शनि देव के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। शनिदेव को न्याय के देवता कहा जाता है और उनकी कृपा से जीवन में संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन आता है, वहीं क्रोध से कष्ट भी झेलना पड़ सकता है। शनि जयंती 2025 की तिथि व मुहूर्त: शनि जयंती की पूजा विधि: किन राशियों को रहना चाहिए सावधान?इस बार शनि ग्रह मकर राशि में वक्री होकर विराजमान रहेंगे, जिससे कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा: उपाय: शनि से डरने की नहीं, समझने की ज़रूरत है:शनि देव अनुशासन, कर्म और न्याय के प्रतीक हैं। अगर आपने जीवन में कर्म और सोच को सकारात्मक बनाए रखा है, तो शनि देव आपके सबसे बड़े रक्षक भी साबित हो सकते हैं। शनि जयंती का ये पर्व नकारात्मक ऊर्जा को त्यागने और आत्मनिरीक्षण करने का सुनहरा अवसर है। शनि जयंती न केवल धार्मिक आस्था का दिन है बल्कि आत्मसुधार और अनुशासन का प्रतीक भी है। इसे श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाएं, ताकि शनि देव की कृपा आपके जीवन में स्थायित्व और शांति लेकर आए।शनि जयंती के दिन सूर्यास्त के समय 7 बार हनुमान जी का नाम लेकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं, और घर के मुख्य द्वार पर रखें – नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है।
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हनुमान जी

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है, क्या है इसका महत्व और कैसे करें पूजा ?

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है? बड़ा मंगल का पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बड़ा मंगल का आरंभ ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार से होता है और पूरे महीने के हर मंगलवार को इसे मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, बड़ा मंगल का पहला मंगलवार 13 मई को है। क्या होता है बड़ा मंगल? बड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित पर्व है। इसे ‘हनुमान जयन्ती’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। लखनऊ में इस पर्व का विशेष महत्त्व है, जहाँ जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल कैसे मनाएं? बड़ा मंगल का महत्व: ऐसी मान्यता है कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन का व्रत रखने से कष्टों का निवारण होता है और संकट कटते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल का महत्व: लखनऊ में बड़ा मंगल एक उत्सव की तरह मनाया जाता है। यहाँ के हनुमान मंदिरों में हजारों भक्त पूजा-अर्चना करने आते हैं। सड़कों पर भंडारे लगते हैं और भक्तगण प्रसाद का वितरण करते हैं। यह पर्व लखनऊ की संस्कृति का अहम हिस्सा है।
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Buddha Purnima

Buddha Purnima 2025 भगवान बुद्ध की जयंती और ज्ञान प्राप्ति का पावन पर्व

बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima), जिसे वैशाख पूर्णिमा (Vaishakh Purnima) के नाम से भी जाना जाता है, हर साल वैशाख मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध (Lord Gautam Buddha) के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (Enlightenment) और महापरिनिर्वाण (Mahaparinirvana) — तीनों घटनाओं का साक्षी है, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। बुद्ध पूर्णिमा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व बुद्ध पूर्णिमा को बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था, और बोधगया में उन्हें बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। कुशीनगर में उन्होंने अंतिम उपदेश देकर महापरिनिर्वाण को प्राप्त किया। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी दुनियाभर में शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देती हैं। बुद्ध पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है (How Buddha Purnima is Celebrated) बुद्ध पूर्णिमा 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त (Buddha Purnima 2025 Date & Time) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Akshay Tritiya

Akshay Tritiya 2025 समृद्धि, आध्यात्मिक महत्व और नए शुरुआत का शुभ अवसर

अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) हिंदू कैलेंडर का एक अत्यंत शुभ और पवित्र दिन है। इसे अखा तीज (Akha Teej) भी कहा जाता है और यह वैसाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अक्षय तृतीया का दिन समृद्धि, खुशी और सफलता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन को विशेष रूप से नई शुरुआत, खरीदारी, निवेश और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस वर्ष, अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025 को है, जो सभी के लिए एक नई शुरुआत और सकारात्मक बदलाव का आदर्श अवसर है। अक्षय तृतीया का महत्व अक्षय शब्द का अर्थ होता है “अक्षय” या “अनन्त”, जो अनगिनत समृद्धि और सफलता का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी कार्य कभी विफल नहीं होता, बल्कि वह निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता है। इस दिन को व्यवसाय, निवेश, संपत्ति खरीदने या नई योजनाओं की शुरुआत के लिए सबसे उपयुक्त दिन माना जाता है। भारत में इस दिन सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी की परंपरा है, क्योंकि इसे समृद्धि और स्थिरता लाने वाला माना जाता है। अक्षय तृतीया का महत्व जैन समुदाय में भी बहुत है, क्योंकि इस दिन भगवान ऋषभदेव ने अपना उपवासन (उपवास) शक्कर का पानी पीकर तोड़ा था। यह दिन जैन धर्म के अनुयायियों के लिए उपवास और प्रार्थना का दिन होता है। Akshay Tritiya पर किए जाने वाले प्रमुख आयोजन सोने की खरीदारी: अक्षय तृतीया पर सोने, चांदी और कीमती धातुओं की खरीदारी का विशेष महत्व है। इसे शुभ माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। कई लोग इस दिन अपने परिवार के लिए गहनों की खरीदारी करते हैं, जो उनके भविष्य में सफलता का प्रतीक होता है। नए व्यवसाय की शुरुआत: अक्षय तृतीया का दिन नए व्यवसायों, प्रोजेक्ट्स, या निवेशों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन को नई योजनाओं की शुरुआत करने, नए विचारों को साकार करने, और प्रगति की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए आदर्श माना जाता है। धार्मिक पूजा और अनुष्ठान: इस दिन को लेकर धार्मिक अनुष्ठान भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लोग इस दिन घरों में पूजा करते हैं, खासकर धन, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करते हुए। दान और परोपकार: अक्षय तृतीया पर दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन गरीबों को भोजन, कपड़े या पैसे का दान करना पुण्य का कार्य माना जाता है। इसे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक मार्ग माना जाता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में Akshay Tritiya का उत्सव Akshay Tritiya भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाई जाती है। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और गुजरात में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में लोग इस दिन नए घर खरीदते हैं, जबकि गुजरात में व्यापारी इस दिन अपनी किताबें या खाता-बही खोलते हैं। दक्षिण भारत में, तमिलनाडु और कर्नाटका में इस दिन को नए कपड़े पहनने और विशेष पूजा करने का दिन माना जाता है। अक्षय तृतीया और उसका वैश्विक महत्व Akshay Tritiya न केवल हिंदू समुदाय में बल्कि जैन और बौद्ध समुदायों में भी मनाई जाती है। यह दिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इसका महत्व न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में बढ़ रहा है। विशेषकर व्यवसायी वर्ग इसे एक शुभ दिन मानते हैं और नए निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को प्रारंभ करने के लिए इस दिन का चयन करते हैं। क्यों अक्षय तृतीया है खास? अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन है जो हर किसी के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। चाहे वह आर्थिक निवेश हो, कोई नई योजना हो, या फिर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच हो, यह दिन उन सभी चीजों को शुरू करने के लिए आदर्श है जो समृद्धि और सफलता की ओर बढ़ने में मदद करें। इस दिन के साथ जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं इसे हमारे जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा देने वाला बनाती हैं। देशहारपाल पर पढ़ें खबरें, ताज़ा खबरें।
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सप्ताह के व्रत -त्यौहार

22 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 के व्रत और त्योहार प्रत्येक पर्व की तिथि, महत्व और परंपरागत रूप से मनाने के विधान

22 April se 27 April ke vrat aur tyohar 🌍 22 अप्रैल 2025 (मंगलवार) – पृथ्वी दिवस 🙏 24 अप्रैल 2025 (गुरुवार) – वरुथिनी एकादशी 🕉️ 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार) – प्रदोष व्रत 🕉️ 26 अप्रैल 2025 (शनिवार) – मासिक शिवरात्रि 🌑 27 अप्रैल 2025 (रविवार) – वैशाख अमावस्या इस सप्ताह के व्रत और त्योहार आध्यात्मिक उन्नति, पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक कल्याण के लिए महत्वपूर्णहं।इन अवसरों पर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर और समाज सेवा करके आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकतेहैं।
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हनुमान जयंती

हनुमान जयंती का ज्योतिषीय प्रभाव: विभिन्न राशियों में ऊर्जा, आध्यात्मिक लाभ एवं धर्म का प्रेरणादायक संदेश

हनुमान जयंती का राशि चक्र पर प्रभाव और धर्म से जुड़े लाभ हनुमान जयंती न केवल आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह ज्योतिषीय ऊर्जा और राशि चक्र पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है। इस दिन भगवान हनुमान के आदर्श – साहस, भक्ति और आत्मविश्वास – जीवन के हर पहलू में प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे हनुमान जयंती विभिन्न राशियों को प्रभावित करती है और धर्म से जुड़े लाभों तथा आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार से जीवन में कैसे संतुलन और सकारात्मकता आती है। 1. हनुमान जयंती और ज्योतिषीय प्रभाव भगवान हनुमान ऊर्जा और साहस के देवता हैं। ज्योतिष शास्त्र में उनकी उपस्थिति, खासकर मंगल (Mars) ग्रह के प्रभाव से मेल खाती है, जो कि ऊर्जा, जोश और साहस का प्रतीक माना जाता है। हनुमान जयंती के दिन इस ऊर्जा का संचार पूरे ब्रह्मांड में फैला रहता है, जिससे विभिन्न राशियों में निम्नलिखित प्रभाव देखने को मिलते हैं: 2. राशियों पर विशेष प्रभाव प्रत्येक राशि पर हनुमान जयंती का प्रभाव कुछ न कुछ अनूठा होता है। आइए जानें कि प्रमुख राशियों में किस प्रकार के सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं: 3. धर्म, आध्यात्मिकता और हनुमान जयंती धर्मिक आस्थाओं में नयी ऊर्जा:हनुमान जयंती पर भक्तगण अपने धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आत्मिक शुद्धि की ओर अग्रसर होते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक प्रवाह बनता है। सामाजिक सद्भावना और सेवा:धर्म का मूल उद्देश्य सेवा और करुणा है। इस दिन सामुदायिक गतिविधियाँ, जैसे मुफ्त भोजन वितरण, रक्तदान शिविर, और अन्य सामाजिक कार्य आयोजित किए जाते हैं, जो न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करते हैं बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना भी बढ़ाते हैं। आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन:अध्यात्मिक साधनाएं, जैसे ध्यान, प्रार्थना और योग, हनुमान जयंती की रौनक में चार चांद लगा देती हैं। यह दिन व्यक्ति को स्वयं के अंदर के शक्ति स्रोत से जोड़ता है, जिससे जीवन में मानसिक संतुलन और शांति बनी रहती है।
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Mahavir Jayanti 2025

10 अप्रैल 2025: जब महावीर जयंती और प्रदोष व्रत साथ आएंगे – जानिए इस शुभ दिन को खास बनाने के उपाय!

Mahavir Jayanti 2025 10 अप्रैल 2025 को महावीर जयंती और प्रदोष व्रत एक ही दिन आ रहे हैं, जो आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एक अत्यंत पावन संयोग है। यदि इस दिन व्यक्ति सत्य, संयम और भक्ति के साथ दिन बिताता है, तो न केवल आत्मिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि भी आती है। महावीर स्वामी जयंती और प्रदोष व्रत 2025: क्यों और कैसे मनाएं, क्या करें और क्या न करें? 🔶 महावीर स्वामी जयंती 2025: तारीख – 10 अप्रैल 2025 (गुरुवार)म🌼 महावीर स्वामी जयंती क्यों मनाई जाती है? भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। उनका जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को बिहार के कुंडलपुर में हुआ था। अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन आज भी मानवता के लिए प्रेरणा है। इस दिन को जैन समुदाय विशेष श्रद्धा, ध्यान और परोपकार के कार्यों के साथ मनाता है। 🙏 कैसे मनाएं महावीर जयंती 2025 को? 🔹 प्रभात फेरी एवं शोभा यात्रा – भगवान महावीर की प्रतिमा के साथ नगर भ्रमण🔹 जप और ध्यान – ‘नवकार मंत्र’ का जाप करें और आत्म-शुद्धि हेतु ध्यान करें🔹 पंचशील व्रत का पालन – अहिंसा, सत्य, चोरी न करना, ब्रह्मचर्य और त्याग🔹 परोपकार – जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दवाई दान करें🔹 स्व-शुद्धि – आज के दिन मन, वचन और कर्म से किसी को आघात न पहुँचाएं🔹 भोजन में संयम – उपवास रखें या सादा सात्विक भोजन ग्रहण करें 🛑 क्या न करें इस दिन? 🚫 मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन🚫 किसी जीव को नुकसान पहुँचाना या हिंसा🚫 असत्य भाषण, लालच या अपमानजनक आचरण 🕉️ क्या करने से मिलेगा विशेष फल? 🔶 प्रदोष व्रत 2025 (10 अप्रैल – गुरुवार प्रदोष): महत्व – प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और यह त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जब यह व्रत गुरुवार को आता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। ✅ कैसे करें प्रदोष व्रत: 🌟 क्या करने से विशेष लाभ मिलेगा? ❌ इन बातों से बचें दोनों अवसरों पर:
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Eid

चांद दिखा, ईद कल: यूपी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मौलाना फरंगी महली की अपील – सड़कों पर न पढ़ें नमाज

लखनऊ: रमज़ान का मुकद्दस महीना खत्म होने के साथ ही देशभर में ईद-उल-फितर का चांद दिख गया है। चांद नजर आते ही देशभर में ईद की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में ईद 11 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस बीच, यूपी में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मौलाना फरंगी महली की अपील – सड़कों पर न पढ़ें नमाजलखनऊ के इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अपील की है कि ईद की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही पढ़ी जाए, सड़कों पर नमाज न अदा की जाए। उन्होंने मुसलमानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की भी गुजारिश की है। यूपी में सुरक्षा कड़ी, फ्लैग मार्च और ड्रोन से निगरानीउत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने ईद को लेकर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए हैं। संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है और पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। प्रमुख शहरों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। आतिशबाजी पर निगरानी, शांति बनाए रखने की अपीलसरकार ने लोगों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें। ईद के मौके पर आतिशबाजी करने पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत कई जिलों में अलर्टराजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, अलीगढ़, वाराणसी समेत कई शहरों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। ईद के लिए खास तैयारियां, बाजारों में रौनकचांद नजर आते ही बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता समेत देशभर के बाजारों में मिठाइयों, सेवइयों और नए कपड़ों की खरीदारी जोरों पर है। प्रशासन की अपील – अफवाहों से बचें, शांति बनाए रखेंप्रशासन और पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के लिए कहा गया है। ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष इंतजामईद के मौके पर मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। लखनऊ की ऐतिहासिक ईदगाह और दिल्ली की जामा मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों में हजारों लोग नमाज अदा करेंगे। ईद मुबारक!देशभर में ईद की खुशियों का माहौल है। लोग एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे हैं और त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। प्रशासन और धर्मगुरुओं ने अपील की है कि लोग मिलजुल कर इस पावन पर्व को शांति और भाईचारे के साथ मनाएं।
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26 मार्च 2025 के लिए हिंदू पंचांग

26 मार्च 2025 के लिए हिंदू पंचांग की जानकारी निम्नलिखित है: तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी, जो रात 10:16 बजे तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र। योग: सिद्ध योग, जो दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। करण: कौलव। सूर्योदय एवं सूर्यास्त: चंद्रमा की स्थिति: मकर राशि में स्थित। राहुकाल: दोपहर 12:43 बजे से 2:15 बजे तक। यमगंड काल: सुबह 8:07 बजे से 9:39 बजे तक। गुलिक काल: सुबह 11:11 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक। व्रत एवं त्योहार: इस दिन वैष्णव पापमोचनी एकादशी व्रत मनाया जाएगा। कृपया ध्यान दें कि पंचांग की जानकारी स्थान के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है।
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MI vs CSK: वानखेड़े में संजू सैमसन का तूफान, 101 रन की धमाकेदार पारी से बनाया यूनिक रिकॉर्ड

MI vs CSK: वानखेड़े में संजू सैमसन का तूफान, 101 रन की धमाकेदार पारी से बनाया यूनिक रिकॉर्ड

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले MI vs CSK में एक बार फिर क्रिकेट फैंस को बड़ा रोमांच देखने को मिला। इस मैच में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी से पूरी तरह मैदान पर तूफान मचा दिया। उनकी शानदार पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया। 10 चौके और 6 छक्कों से सजी पारी संजू सैमसन ने इस मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए। उन्होंने सिर्फ कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं और दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। 101 रनों की शानदार शतकीय पारी सैमसन ने 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही। उनकी यह पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई और स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। बनाया यूनिक रिकॉर्ड इस विस्फोटक पारी के साथ संजू सैमसन ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वानखेड़े में उनका यह प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि उन्होंने दबाव में आकर बेहतरीन बैटिंग का नमूना पेश किया। वानखेड़े में फैंस का जोश हाई मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद फैंस लगातार सैमसन के शॉट्स पर झूमते नजर आए। हर चौका और छक्का दर्शकों के लिए किसी जश्न से कम नहीं था। मैच का रुख बदलने वाली पारी संजू सैमसन की यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरी मैच की दिशा बदल दी और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान: BJP या ममता बनर्जी, किसे मिलेगा फायदा?

पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान: BJP या ममता बनर्जी, किसे मिलेगा फायदा?

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी माहौल काफी गर्म है। वोटिंग के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने ज्यादा मतदान का फायदा आखिर किसे मिलेगा — भारतीय जनता पार्टी (BJP) को या फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को? रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ी सियासी टेंशन इस बार मतदान प्रतिशत पिछले सभी चुनावों की तुलना में ज्यादा देखा गया है। कई इलाकों में लोगों ने बड़ी संख्या में वोट डाले, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि जनता इस बार बदलाव या फिर मजबूती से वापसी के मूड में है। BJP की उम्मीदें क्या कहती हैं? BJP का मानना है कि ज्यादा मतदान उनके पक्ष में जा सकता है। पार्टी का दावा है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है। खासकर युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर BJP की नजर है। ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ वहीं, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC का कहना है कि यह वोटिंग उनके जनाधार की मजबूती को दिखाती है। TMC को भरोसा है कि ग्रामीण इलाकों और महिलाओं का समर्थन उन्हें फिर से सत्ता तक पहुंचा सकता है। जनता का मूड बना सबसे बड़ा फैक्टर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ ज्यादा वोटिंग से नतीजों का अंदाजा लगाना आसान नहीं है। असली खेल यह है कि यह वोट किस दिशा में गया है — बदलाव के लिए या फिर मौजूदा सरकार को बनाए रखने के लिए। अब निगाहें नतीजों पर अब सभी की नजरें वोटों की गिनती पर टिकी हैं। नतीजे ही तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता पर कौन राज करेगा — BJP या फिर ममता बनर्जी की सरकार एक बार फिर वापसी करेगी।
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West Bengal Phase 1 & Tamil Nadu Election 2026: शाम 5 बजे तक बंपर वोटिंग, बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग। शाम 5 बजे तक बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज, जानें पूरी अपडेट। देश में लोकतंत्र का उत्सव, रिकॉर्ड वोटिंग ने चौंकाया 23 अप्रैल 2026 को देश के दो बड़े राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने रिकॉर्ड बना दिया।शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89% और तमिलनाडु में 82% मतदान दर्ज किया गया, जो इस चुनाव को बेहद खास बना रहा है। सुबह से ही दिखा उत्साह, महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में शुरुआत से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।मतदान केंद्रों के बाहर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें नजर आईं, जिसने लोकतंत्र की ताकत को फिर साबित किया। बंगाल में छुट-पूट हिंसा के बीच भी भारी मतदान जहां एक तरफ रिकॉर्ड वोटिंग हुई, वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जैसे क्षेत्रों में झड़प, बमबाजी और राजनीतिक तनाव की खबरें आईं। इसके बावजूद सुरक्षा बलों की तैनाती के चलते मतदान प्रक्रिया जारी रही और लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तमिलनाडु में शांतिपूर्ण मतदान, जनता का भरोसा कायम तमिलनाडु में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।यहां 234 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग हो रही है और भारी मतदान ने यह संकेत दे दिया है कि जनता बदलाव या स्थिरता—जो भी चाहती है—उसे मजबूती से दर्ज कर रही है। किसके बीच है मुख्य मुकाबला? दोनों राज्यों के नतीजे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बड़े नेताओं की अपील का असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की थी, जिसका असर अब आंकड़ों में साफ दिख रहा है। रिकॉर्ड वोटिंग, अब नतीजों का इंतजार बंपर वोटिंग ने साफ कर दिया है कि इस बार जनता पूरी तरह सक्रिय है।अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि किसके हाथ में सत्ता जाएगी।
Bhopal में ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’: युवाओं को स्किल, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा का दिया बड़ा संदेश

Bhopal में ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’: युवाओं को स्किल, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा का दिया बड़ा संदेश

Bhopal के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘Samarth-Bharat-Conclave 2026’ में स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और AI आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया। AISECT और Scope Global University की पहल। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ‘समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन AISECT और Scope Global University द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और इनोवेशन को लेकर बड़े स्तर पर चर्चा हुई।र्यक्रम में मुख्य रूप से श्री संतोष चौबे (Chairman AISECT & Chancellor, Rabindranath Tagore University, Bhopal) उपस्थित रहे।वहीं विशेष अतिथि के रूप में श्री राव उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश सरकार ने शिरकत की। दोनों ही नेताओं ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्किल आधारित शिक्षा अपनाने का संदेश दिया।कॉन्क्लेव में AI (Artificial Intelligence) और एक्सपीरिएंशियल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण MoU (समझौता) किया गया।यह MoU AISECT Group of Universities और Wadhwani Foundation के बीच हुआ, जिसका उद्देश्य इंडस्ट्री के अनुसार AI आधारित शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करना है। इस पहल को “विकसित भारत” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम में Entrepreneur of the Year Awards भी दिए गए, जिनके माध्यम से नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार इन श्रेणियों में प्रदान किए गए: ETC ServicesAISECT Seva KendraPlacements & ApprenticeshipSponsored Programs में Quality TrainingBrainy Bear Pre-school इन अवॉर्ड्स के जरिए उन लोगों को पहचान दी गई, जो देश में रोजगार और उद्यमिता को नई दिशा दे रहे हैं।युवाओं को मिला स्टार्टअप और रोजगार का मंत्र कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, डिजिटल स्किल्स सीखने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।बताया गया कि आने वाला समय स्किल और इनोवेशन का है, जहां केवल डिग्री नहीं बल्कि कौशल ही सफलता की कुंजी बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
MI vs CSK

Mumbai Indians vs Chennai Super Kings आज का मैच बना फैंस के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आज क्रिकेट फैंस को एक बार फिर से सबसे बड़े मुकाबलों में से एक देखने को मिलने वाला है। Mumbai Indians (MI) और Chennai Super Kings (CSK) के बीच यह भिड़ंत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं, प्रतिष्ठा और पुराने राइवलरी की टक्कर है। फैंस के बीच इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि MI और CSK जब भी आमने-सामने आते हैं, मैच आखिरी ओवर तक रोमांच बनाए रखता है। MI vs CSK: क्यों खास है यह मुकाबला? Mumbai Indians और Chennai Super Kings को IPL की दो सबसे सफल और बड़ी टीमों में गिना जाता है। आज का मैच प्रीव्यू आज के मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। पिच रिपोर्ट और मैच कंडीशन पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है, जिससे बड़ा स्कोर देखने को मिल सकता है। कौन है आज का फेवरेट? अगर मौजूदा फॉर्म और टीम बैलेंस की बात करें तो: इसलिए यह कहना मुश्किल है कि जीत किसके हाथ लगेगी, मुकाबला पूरी तरह 50-50 है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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