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नवरात्रि

नवरात्रि में देवी की कृपा पाने के लिए करें ये 9 काम और भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रही है। सनातन परंपरा के अनुसार देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इन 9 नियमों का पालन करें और इन 9 गलतियों से बचें। जानें नवरात्रि पूजा के नियम और वर्जनाएँ। देश हरपल, धर्म डेस्क।सनातन परंपरा में शक्ति की साधना को सभी कष्टों को दूर करने और कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों तक विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा करने से जीवन से भय दूर होता है और साधक मां भगवती की कृपा से सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त करता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 (Shardiya Navratri 2025) का आरंभ 22 सितंबर से हो रहा है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्तों को कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए और कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस नवरात्रि में कौन से 9 काम जरूर करें और कौन सी 9 गलतियां भूलकर भी न करें। नवरात्रि पूजा के 9 नियम (9 Do’s of Navratri) नवरात्रि पर न करें ये 9 गलतियां (9 Don’ts of Navratri) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pitra Paksh

Day 2 Pitra Paksh 2025 पितरों की पूजा और शुभ मुहूर्त

Pitra Paksh 2025, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, वह पवित्र समय है जब हम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह समय 15 सितम्बर 2025 से शुरू हुआ और 29 सितम्बर 2025 तक चलेगा। दिन 2 का महत्व (6 सितंबर 2025 का श्राद्ध) पितृ पक्ष का दूसरा दिन विशेष रूप से उन पूर्वजों के लिए माना जाता है जिन्होंने अपने परिवार को कभी न भूलने वाले संस्कार और ज्ञान दिया। इस दिन पितृ तर्पण और दान पुण्य करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। पितृ तर्पण की विधि शुभ मुहूर्त और समय दिन 2 के लिए पितृ पक्ष के शुभ समय में तर्पण और श्राद्ध कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है। पितृ पक्ष 2025 के लिए विशेष उपाय पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व पितृ पक्ष केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह समय हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद ही हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाता है। पितृ पक्ष के दिन 2 पर किए गए तर्पण और दान से पूर्वजों की आत्मा की शांति के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह समय अपने परिवार, पूर्वजों और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Visarjan

Ganesh Visarjan 2025 गणेश उत्सव का Last Day, Anant Chaturdashi शुभ मुहूर्त और विधि

भारत में हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला Ganesh Utsav 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। इन 10 दिनों तक भक्त बप्पा की सेवा और आराधना करते हैं और फिर Anant Chaturdashi के दिन भावपूर्ण विदाई के साथ Ganesh Visarjan 2025 करते हैं। Ganesh Visarjan 2025 Muhurat (गणेश विसर्जन शुभ समय) अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 सितंबर 2025, सुबह 06:12 बजेअनंत चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 सितंबर 2025, सुबह 04:48 बजे विसर्जन के श्रेष्ठ मुहूर्त: इन मुहूर्तों में गणपति बप्पा का विसर्जन करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है। Ganesh Visarjan का महत्व Ganesh Visarjan Vidhi (विसर्जन की विधि) Eco-friendly Ganesh Visarjan आजकल जल प्रदूषण रोकने के लिए मिट्टी (शाडू माटी) की मूर्तियों का विसर्जन या कृत्रिम विसर्जन तालाबों का उपयोग करने की परंपरा बढ़ रही है। यह पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए शुभ है। Cultural Celebration of Ganesh Utsav Ganesh Visarjan 2025 सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश भी देता है। बप्पा से यही प्रार्थना है कि वे जीवन से सभी विघ्न हर लें और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया! हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2025: सातवाँ दिन Saptami का महत्व और भक्ति

Ganesh Utsav 2025 का सातवाँ दिन (Saptami) भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। इस दिन गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। Saptami का धार्मिक महत्व सप्तमी का दिन गणेशोत्सव में अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणपति जी की पूजा करने से सभी बाधाएँ दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। भक्त इस दिन मोदक, लड्डू और विशेष प्रसाद अर्पित करते हैं। सातवें दिन Ganpati पूजा की विधि Saptami की खास परंपराएँ Ganesh Utsav Saptami: क्यों है खास? सातवाँ दिन सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने और जीवन में खुशहाली लाने का दिन है। इस दिन की भक्ति और उत्साह से हर भक्त का मन प्रसन्न रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Ganesh Utsav छठे दिन भक्तों ने की बप्पा से मंगलकामना

Ganesh Utsav 2025 का छठा दिन (Day 6) पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हर गली-मोहल्ले और मंदिर में Ganpati Bappa Morya के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्तगण विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं और बप्पा को मोदक, लड्डू और फल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। Day 6 का महत्व Ganesh Utsav के छठे दिन की पूजा का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन बप्पा की आराधना करने से जीवन की सभी Vighna (बाधाएं) दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। Bhakti और सांस्कृतिक उत्सव छठे दिन न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिलता है। पंडालों में Bhajans, Kirtan और Dance Performances का आयोजन होता है। हर उम्र के लोग इस पर्व में पूरे उत्साह से शामिल होकर Ganpati Festival को खास बनाते हैं। Eco-Friendly Ganpati की ओर कदम इस साल कई जगहों पर Eco-Friendly Ganesh idols स्थापित किए गए हैं। भक्तजन मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियों की पूजा कर रहे हैं ताकि विसर्जन के समय जल और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। यह पहल Green Festival को बढ़ावा देती है। घर-घर में गूंजे Ganpati Bhajans Day 6 पर सुबह-शाम Ganpati Aarti और भजनों से वातावरण पवित्र हो जाता है। परिवारजन व पड़ोसी मिलकर प्रसाद बांटते हैं, जिससे समाज में भाईचारा और एकता का संदेश मिलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Day 5 Ganesh Utsav 2025 बप्पा के आशीर्वाद से खुशियों भरा दिन

Ganesh Utsav 2025 का Day 5 भक्तों के लिए उत्साह और आध्यात्मिक आनंद से भरा रहा। इस दिन बप्पा की मूर्तियों की सजावट, मंदिरों की रोशनी और भक्तों की भक्ति ने पूरे शहर को रंगीन और खुशहाल बना दिया। भक्तिमय पूजा और आरती Day 5 पर, गणेश मंडलों में सुबह से ही विशेष पूजा और आरती का आयोजन हुआ। भक्तगण फूल, दीपक और प्रसाद अर्पित कर बप्पा का स्वागत करते हैं। इस दिन मोदक और लड्डू का वितरण विशेष रूप से किया गया, जो गणेशजी के प्रिय प्रसाद हैं। रंगीन सांस्कृतिक कार्यक्रम Ganesh Utsav Day 5 पर नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों की भी झलक देखने को मिली। बच्चों और युवाओं ने उत्सव में भाग लेकर इसे और भी जीवंत और आनंदमय बना दिया। समाज में एकता और सेवा का संदेश गणेश उत्सव केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा और एकता का प्रतीक भी है। डे 5 पर पड़ोसियों और मित्रों के साथ मिलकर उत्सव मनाया गया। साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों में प्रसाद वितरण का आयोजन भी हुआ। सजावट और भव्यता हर घर और मंडल ने रंग-बिरंगी रोशनियों, फूलों और पारंपरिक सजावट के जरिए बप्पा का स्वागत किया। भक्तगण अपनी क्रिएटिव सजावट से उत्सव को यादगार बनाते हैं। धार्मिक महत्व पंचम दिन को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस दिन गणेशजी की कृपा से सभी बाधाएँ दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। भक्तगण मंत्र जाप और ध्यान में लीन होकर अपनी मनोकामनाएँ प्रकट करते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav 2025

Ganesh Utsav 2025 Day 4: गणेश उत्सव के चौथे दिन का महत्व, पूजा विधि और भक्ति का रंग

Ganesh Utsav 2025 (गणेश उत्सव 2025) का चौथा दिन (Day 4) भक्तों के लिए बेहद खास है। ढोल-ताशों की गूंज, फूलों की सजावट और दीपों की रोशनी के बीच गणपति बप्पा की आराधना पूरे देश में धूमधाम से की जा रही है। भक्तों के दिलों में केवल एक ही जयकार गूंज रही है –“गणपति बप्पा मोरया!” चौथे दिन का महत्व (Significance of Day 4) हिंदू शास्त्रों के अनुसार चौथे दिन गणेशजी की पूजा करने से:घर-परिवार में सुख-शांति आती है।जीवन से संकट और रुकावटें दूर होती हैं।परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इस दिन गणपति को लाल फूल, दूर्वा (तीन पत्तों वाली घास), मोदक और लड्डू अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा विधि (Ganesh Puja Vidhi Day 4) सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।गणपति प्रतिमा पर गंगाजल और चंदन लगाएं।“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।बप्पा को मोदक, नारियल, फल और दूर्वा अर्पित करें।दीपक, धूप और फूलों से आरती कर परिवार संग प्रसाद ग्रहण करें। उत्सव का रंग (Festival Vibes) ज्योतिषीय लाभ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन की पूजा से:ग्रह दोष शांति मिलती हैसंकल्प पूरे होते हैंजीवन में नए अवसर और सफलता मिलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh

Ganesh Chaturthi Day 3 इस दिन की पूजा से मिलते हैं ज्ञान और समृद्धि

गणेश उत्सव 2025 (Ganesh Utsav 2025) का तीसरा दिन भक्ति, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त Ganpati Bappa की विशेष पूजा-अर्चना कर समृद्धि, सुख-शांति और विघ्नों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि Ganesh Day 3 पर की गई पूजा से जीवन में साहस, विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। Ganesh Day 3 का महत्व (Significance) गणपति उत्सव के तीसरे दिन भगवान गणेश को “सिंहासनाधीश” रूप में पूजा जाता है। ऐसा करने से— पूजा विधि (Puja Vidhi) शुभ रंग और भोग (Lucky Color & Bhog) Ganesh Utsav Day 3 का खास संदेश गणेश उत्सव का तीसरा दिन यह सिखाता है कि ज्ञान और साहस से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। इस दिन बप्पा की पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Utsav

Ganesh Utsav Day 2 पूजा विधि, भोग, व्रत नियम और शुभ रंग

Ganesh Chaturthi का पर्व पूरे देश में बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का हर दिन अपने आप में खास होता है। Ganesh Utsav Day 2 यानी गणेश उत्सव के दूसरे दिन भगवान गणपति की विशेष पूजा का महत्व है। इस दिन भक्त गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग विधि से आराधना करते हैं। Ganesh Utsav Day 2 का महत्व गणेश उत्सव Day 2 का शुभ रंग (Lucky Colour) गणेश उत्सव के दूसरे दिन का शुभ रंग लाल (Red) माना जाता है। गणेश उत्सव Day 2 की पूजा विधि Ganesh Chaturthi Day 2 में व्रत और नियम भोग का महत्व संदेश Ganesh Utsav Day 2 हमें यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से की गई पूजा जीवन से सभी विघ्नों को दूर करती है। इस दिन बप्पा की कृपा से घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सफलता प्राप्त होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi 2025: पहले दिन की पूजा, व्रत और विशेष परंपराएं

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पहला दिन भक्ति और उत्साह से भरा होता है। इस दिन लोग घरों और पंडालों में विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की स्थापना करते हैं। माना जाता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा का पृथ्वी पर आगमन होता है। गणेश चतुर्थी का महत्व गणेश जी का प्रिय रंग और शुभ रंग (Day 1) शुभ दिशा पूजा विधि (Day 1) पहले दिन की विशेषता व्रत और आस्था हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi vs Amit Shah: छात्रों पर कथित हमले के मुद्दे पर गृह मंत्री को पत्र, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने छात्रों पर हुए कथित हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा, घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। Rahul Gandhi ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। पत्र के माध्यम से उन्होंने गृह मंत्रालय से पूरे मामले की जानकारी साझा करने की मांग की है। Student Safety को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के साथ हुई घटना के पीछे क्या कारण थे और प्रशासन ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का अधिकार है कि वे बिना डर के अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें। Congress ने सरकार से मांगी जवाबदेही इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है। ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के जवाब का इंतजार राहुल गांधी के पत्र के बाद अब सभी की नजर गृह मंत्रालय के रुख पर है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्रों से जुड़े मामले पहले भी देश की राजनीति में अहम मुद्दे रहे हैं। शिक्षा, सुरक्षा और युवाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस लगातार जारी रहती है। फिलहाल, राहुल गांधी के पत्र के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गृह मंत्रालय इस मामले में क्या जवाब देता है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhishek Sharma

Abhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमाल

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए T20 मुकाबले में टीम इंडिया के युवा स्टार Abhishek Sharma ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम के लिए शानदार ऑलराउंडर भी बन सकते हैं। इस मैच में भले ही अभिषेक शर्मा का बल्ला ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाया, लेकिन गेंद से उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। Batting में खामोशी, Bowling में दिखा अभिषेक का जलवा मैच में अभिषेक शर्मा से फैंस को एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह बल्लेबाजी में ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। हालांकि इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली और अपनी शानदार स्पिन गेंदों से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। Abhishek Sharma ने अपनी गेंदबाजी से अहम विकेट हासिल किए और भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि वह आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं। Abhishek Sharma ने बनाया खास T20I Record जिम्बाब्वे के खिलाफ गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए अभिषेक शर्मा ने एक खास उपलब्धि हासिल की। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय ओपनर बल्लेबाजों में बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर ओपनिंग बल्लेबाजों से गेंदबाजी में बड़ी भूमिका की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन अभिषेक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को अलग साबित किया। India की जीत में Abhishek बने अहम कड़ी मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। जहां बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। अभिषेक शर्मा के अलावा टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन योगदान दिया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। युवा खिलाड़ी के तौर पर बढ़ी Abhishek Sharma की अहमियत पिछले कुछ समय में अभिषेक शर्मा ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। उनकी लंबे छक्के लगाने की क्षमता और आक्रामक अंदाज उन्हें T20 क्रिकेट के लिए खास बनाता है। अब गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के बाद उनकी उपयोगिता टीम के लिए और बढ़ गई है। एक ऐसा खिलाड़ी जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकता है, किसी भी टीम के लिए बड़ा हथियार साबित होता है। Team India को मिला भरोसेमंद All-Round Option Abhishek Sharma का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने दिखा दिया कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खुद को बदलने की क्षमता रखते हैं। IND vs ZIM मुकाबले में उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बल्ले से शांत रहने के बावजूद गेंद से इतिहास रचकर अभिषेक ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो मुश्किल समय में टीम के काम आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
FSSAI

Train Food Complaint: Chandigarh-Dibrugarh Express की Pantry पर FSSAI की कार्रवाई

चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए एक बार फिर रेलवे खानपान व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। ट्रेन में खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसे जाने की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कदम उठाया है। जांच के बाद पेंट्री कार संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है। यह मामला सामने आने के बाद यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले हजारों लोग भोजन के लिए रेलवे की Catering Service पर निर्भर रहते हैं। यात्रियों की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (Train No. 15904) में यात्रियों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्रियों का कहना था कि ट्रेन की पेंट्री कार से मिलने वाला भोजन तय मानकों के अनुसार नहीं था। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पेंट्री कार की व्यवस्थाओं और Food Safety Standards को लेकर कुछ कमियां सामने आईं, जिसके बाद FSSAI ने कार्रवाई का फैसला लिया। FSSAI ने Pantry Operator पर लगाया जुर्माना जांच के आधार पर FSSAI ने ट्रेन की पेंट्री कार संचालित करने वाले ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की और जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने साफ किया कि यात्रियों की सेहत से जुड़ी किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। FSSAI की यह कार्रवाई रेलवे Catering System में सुधार और यात्रियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Railway Food Quality पर उठते रहे हैं सवाल भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है। कई बार यात्रियों ने भोजन की साफ-सफाई, स्वाद और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की हैं। रेलवे लगातार अपनी खानपान सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा करता रहा है, लेकिन इस तरह के मामले व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत को दिखाते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सबसे जरूरी ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और साफ भोजन मिलना बेहद जरूरी है। खराब खाना न सिर्फ यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है, बल्कि उनकी सेहत पर भी असर डाल सकता है। FSSAI की इस कार्रवाई से पेंट्री संचालकों को एक स्पष्ट संदेश मिला है कि Food Safety Rules का पालन करना अनिवार्य है। आने वाले समय में रेलवे और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी से यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधा मिलने की उम्मीद है। Chandigarh-Dibrugarh Express Food Case Highlights: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Champat Rai

Ram Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधना

अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद (Ram Mandir Donation Controversy) के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने एक बड़ा आध्यात्मिक कदम उठाया है। उन्होंने अयोध्या में चार महीने तक चलने वाली चातुर्मास साधना (Chaturmas Sadhna) शुरू कर दी है। इस दौरान वह भगवान श्रीराम की आराधना, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए अपना समय आध्यात्मिक साधना में बिताएंगे। चंपत राय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान से जुड़े मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। विवाद के बीच उनका अयोध्या में रहकर साधना करने का निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। चंपत राय ने क्यों शुरू की Chaturmas Sadhna? धार्मिक परंपराओं में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। यह अवधि भगवान की भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक चिंतन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत चंपत राय ने चार महीने तक साधना करने का संकल्प लिया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह राम नाम का जाप, रामचरितमानस पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों में समय लगाएंगे। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक अनुशासन और आत्ममंथन पर ध्यान केंद्रित करना है। Ram Mandir Donation Case को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा? श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। मामले की जांच को लेकर सवाल उठे और जांच एजेंसियों ने कई पहलुओं की पड़ताल शुरू की। इस विवाद के बाद मंदिर प्रशासन की व्यवस्था, दान प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अयोध्या में चंपत राय की भूमिका रही है अहम चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद मंदिर निर्माण से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही है। राम मंदिर निर्माण और निधि संग्रह अभियान के दौरान भी वह लगातार सक्रिय रहे। यही वजह है कि उनसे जुड़ा कोई भी फैसला अयोध्या और देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। विवाद के बीच आध्यात्मिक रास्ता चुना राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय का चार महीने की साधना का फैसला कई मायनों में देखा जा रहा है। उनके समर्थक इसे भक्ति, संयम और आत्मचिंतन का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा विवाद के संदर्भ में भी जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, अयोध्या में चंपत राय की चातुर्मास साधना और राम मंदिर से जुड़े विवाद की जांच दोनों ही सुर्खियों में हैं। आने वाले समय में जांच की दिशा और मंदिर प्रशासन से जुड़े फैसले इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Telangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?

Telangana Election Reform: तेलंगाना सरकार ने देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल की है। राज्य सरकार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के पक्ष में प्रस्ताव लाने जा रही है। इस मुद्दे पर अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हालांकि, केवल राज्य सरकार के प्रस्ताव से नियम नहीं बदलेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार और संसद की मंजूरी अनिवार्य होगी। युवाओं को राजनीति में आगे लाने की तैयारी मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं को केवल मतदान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें चुनाव लड़ने और नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। सरकार का मानना है कि 21 वर्ष की आयु में युवा उच्च शिक्षा पूरी कर चुके होते हैं, नौकरी और कारोबार की जिम्मेदारियां संभालते हैं। ऐसे में यदि वे देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच रखते हैं, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उम्मीदवार बनने का भी अधिकार मिलना चाहिए। विधानसभा का Special Session क्यों बुलाया जा रहा है? तेलंगाना सरकार इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुला रही है। इस सत्र में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस बदलाव पर विचार किया जा सके। क्या सिर्फ राज्य सरकार फैसला ले सकती है? इस सवाल का जवाब है—नहीं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु भारतीय संविधान और Representation of the People Act के तहत तय होती है। इसलिए किसी भी राज्य के पास इसे अपने स्तर पर बदलने का अधिकार नहीं है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो केंद्र सरकार को कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद संसद की मंजूरी मिलने पर ही नया नियम पूरे देश में लागू हो सकेगा। युवाओं के लिए कितना बड़ा बदलाव होगा? अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 21 से 24 वर्ष की आयु के लाखों युवाओं को पहली बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजनीतिक दलों में युवा नेतृत्व को बढ़ावा मिल सकता है। नई पीढ़ी के लोग अपने विचार सीधे लोकतांत्रिक मंच पर रख सकेंगे और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। क्या इस प्रस्ताव पर सभी सहमत हैं? इस पहल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक पक्ष का मानना है कि युवाओं को कम उम्र में राजनीति में आने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे नई सोच और ऊर्जा लेकर आते हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जनप्रतिनिधि बनने के लिए अनुभव भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी होगी। अब आगे क्या होगा? सबसे पहले तेलंगाना विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद यह केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि केंद्र इस पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो संसद में संबंधित कानूनों में संशोधन का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल यह प्रस्ताव देशभर में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले समय में केंद्र सरकार का फैसला तय करेगा कि क्या 21 साल की उम्र में चुनाव लड़ने का सपना देश के लाखों युवाओं के लिए हकीकत बन पाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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