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मकर संक्रांति

मकर संक्रांति 2026 सूर्य की नई चाल से भारत में नई उम्मीदों की शुरुआत

भारत में मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि प्राकृतिक परिवर्तन, कृषि चक्र और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मकर संक्रांति 2026 के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। यह समय ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति 2026 का खगोलीय महत्व मकर संक्रांति एकमात्र हिंदू पर्व है जो सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य की किरणों की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं और सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, जिससे जीवन में नई सक्रियता आती है। किसानों के लिए खुशहाली का पर्व भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मकर संक्रांति बेहद महत्वपूर्ण है। यह नई फसल के आगमन का समय होता है। गेहूं, धान, गन्ना और तिलहन की फसल किसानों की मेहनत का प्रतिफल होती है।इसलिए मकर संक्रांति को कृषि उत्सव भी कहा जाता है। देशभर में अलग-अलग रूप मकर संक्रांति भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। हर क्षेत्र की परंपरा अलग है, लेकिन भावना एक—सूर्य और अन्नदाता का सम्मान। पतंगों से सजा भारत का आकाश मकर संक्रांति की सबसे सुंदर पहचान है पतंगबाजी। हजारों रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में उड़कर उम्मीद, स्वतंत्रता और नई ऊँचाइयों का प्रतीक बन जाती हैं। गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में पतंग उत्सव सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम बनता है। तिल-गुड़ और सामाजिक सौहार्द इस दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ बाँटने की परंपरा है। इसका अर्थ है—“कठिन समय में भी रिश्तों में मिठास बनाए रखना।” यह पर्व समाज को जोड़ने और प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। मकर संक्रांति 2026 का संदेश जब देश डिजिटल युग और वैश्विक बदलावों की ओर बढ़ रहा है, तब मकर संक्रांति 2026 हमें अपनी जड़ों, प्रकृति और परिश्रम को न भूलने की सीख देता है। यह त्योहार सिखाता है कि असली विकास तभी संभव है जब हम परंपरा और प्रगति दोनों को साथ लेकर चलें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vrindavan के बांके बिहारी मंदिर में परंपरा टूटी, हलवाई का वेतन न मिलने से ठाकुर जी का भोग नहीं बन पाया

Vrindavan के बांके बिहारी मंदिर में परंपरा टूटी, हलवाई का वेतन न मिलने से ठाकुर जी का भोग नहीं बन पाया

Vrindavan के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से जुड़ी एक भावनात्मक खबर सामने आई है। मंदिर में वर्षों से चली आ रही परंपरा पहली बार टूटी है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के हलवाई का वेतन समय पर नहीं मिल पाने के कारण ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बन सका। बांके बिहारी मंदिर में भोग केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। रोज़ाना प्रेम और श्रद्धा के साथ तैयार किया जाने वाला भोग ठाकुर जी को अर्पित किया जाता है। लेकिन इस बार आर्थिक कारणों से यह परंपरा निभाई नहीं जा सकी, जिससे भक्तों में भी चिंता और दुख का माहौल देखा गया। मंदिर से जुड़े सेवायतों का कहना है कि हलवाई का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है। इसी वजह से भोग बनाने की व्यवस्था प्रभावित हुई। यह घटना न सिर्फ व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि छोटी सी लापरवाही कैसे आस्था से जुड़ी परंपराओं को तोड़ सकती है। भक्तों को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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देवउठनी एकादशी

देवउठनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु जागेंगे नींद से, शुरू होंगे सभी शुभ काम

देवउठनी एकादशी 2025 (Dev Uthani Ekadashi 2025) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देव उठावनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और तुलसी विवाह की पूरी जानकारी। देवउठनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विशेष पूजा करते हैं और उनसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। देवउठनी एकादशी का धार्मिक महत्व हिंदू मान्यता के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। इस चार माह की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।देवउठनी एकादशी के दिन जब भगवान विष्णु नींद से जागते हैं, तब से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।यह दिन आध्यात्मिक जागृति, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह 2025: तिथि और महत्व देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी 2 नवंबर 2025 (रविवार) को तुलसी विवाह मनाया जाएगा।इस दिन भगवान विष्णु का विवाह तुलसी माता से कराया जाता है। यह शुभ कार्य घर-घर में मनाया जाता है। माना जाता है कि तुलसी विवाह करवाने से जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि आती है तथा विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। देवउठनी एकादशी 2025 पूजा विधि इस दिन से शुरू होते हैं मांगलिक कार्य देवउठनी एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।यह दिन शुभता, सौभाग्य और नए आरंभ का प्रतीक है। जो लोग भगवान विष्णु और तुलसी माता की भक्ति से पूजा करते हैं, उनके जीवन में धन, यश और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। महत्वपूर्ण बातें देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi 2025) का दिन धर्म, आस्था और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति का संचार होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhath Puja

Chhath Puja 2025 Special सूर्य देव की आराधना और आस्था का सबसे पवित्र पर्व

Chhath Puja 2025 आने वाली है, और पूरे भारत में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बन चुका है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य देव और जल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में शुरू हुई यह परंपरा अब पूरे देश और विदेशों में मनाई जाती है। Chhath Puja 2025 चार दिन तक चलने वाला यह पर्व – नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य – शुद्धता और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा का महत्व (Chhath Puja Significance) छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की उपासना करने से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।यह पर्व हमें प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य की याद दिलाता है। छठी मैया (ऊषा देवी) को संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और समाज की भलाई के लिए कठोर व्रत रखती हैं। Chhath Puja Vidhi (छठ पूजा की विधि) इन चार दिनों में व्रती पूर्ण संयम, पवित्रता और श्रद्धा से सभी विधियां निभाते हैं। Eco-Friendly Message of Chhath Puja (प्रकृति संग आस्था का मेल) छठ पूजा का एक बड़ा संदेश है प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान।इस दिन घाटों, नदियों और तालाबों की सफाई की जाती है। पूजा में केवल प्राकृतिक सामग्रियों जैसे बांस की टोकरी, केला, नारियल, और दीपक का प्रयोग होता है — जिससे यह पर्व सस्टेनेबल लिविंग का उदाहरण बनता है। भक्ति गीत और छठ घाटों की रौनक (Chhath Puja Songs & Celebration) छठ के दौरान गली-गली में गूंजते हैं पारंपरिक गीत —“केलवा जे केरवा, लहराए हो… छठी मईया आइलें अंगना हो…”दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों से सजा माहौल हर किसी के दिल को छू जाता है।लोग अपने पूरे परिवार के साथ घाटों पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और एकता का संदेश फैलाते हैं। छठ पूजा का संदेश (Spiritual Message of Chhath Puja) छठ पूजा सिखाती है कि सच्ची आस्था और तपस्या से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है।यह पर्व नारी शक्ति, त्याग और सादगी का प्रतीक है।सूर्य देव से प्रार्थना की जाती है कि सभी के जीवन में उज्ज्वलता, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे। Chhath Puja 2025 सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है — जहाँ सूर्य, जल, वायु और मनुष्य के बीच अटूट संबंध झलकता है।इस छठ पर्व पर आइए हम सब छठी मैया और सूर्य देव से प्रार्थना करें कि हमारे घरों में हमेशा उजाला और खुशियाँ बनी रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhai Dooj

Bhai Dooj 2025 शुभ मुहूर्त भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का त्योहार

Bhai Dooj भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह त्योहार भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत करने और परिवार में खुशियों का माहौल बनाने का अवसर है। इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो दीपावली के दूसरे दिन पड़ता है। भाई दूज का महत्व Bhai Dooj का मुख्य महत्व भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, सुरक्षा और प्यार को दर्शाना है। इस दिन बहन अपने भाई के लिए टिका, आरती, और मीठा भोजन तैयार करती है, जबकि भाई उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। यह त्योहार बताता है कि चाहे भाई दूर ही क्यों न हो, बहन का प्यार और आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहता है। भाई दूज 2025 की परंपराएं Bhai Dooj शुभ मुहूर्त 2025 इस समय बहन अपने भाई को टिका करके उसका आशीर्वाद ले सकती है। Bhai Dooj की खास बातें भाई दूज 2025 का पर्व आपके रिश्तों को मजबूत करने और परिवार में खुशियों की लहर लाने का सबसे अच्छा मौका है।
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Govardhan Puja

Govardhan Puja 2025 दिवाली के बाद का खास पर्व और पूजा का महत्व

Govardhan Puja 2025, दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है। इसे अन्नकूट पूजा या इंदिरा पूजा भी कहा जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण और उनकी लीला, विशेषकर गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा, के लिए प्रसिद्ध है। गोवर्धन पूजा की कहानी (Govardhan Puja Story in Hindi) पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को समझाया कि केवल प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए, न कि केवल इन्द्रदेव की, तब इन्द्रदेव क्रोधित होकर भारी वर्षा करने लगे। तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत अपने छोटे अंगूठे पर उठाकर गोकुलवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की। इस घटना के बाद से हर साल Govardhan Puja मनाई जाती है, जो भक्ति, प्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है। Govardhan Puja कब और कैसे मनाई जाती है? गोवर्धन पूजा का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व Govardhan Puja केवल भगवान कृष्ण की भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश भी देती है। अन्नकूट बनाकर गांव और शहर के लोग मिलकर भोजन करते हैं और जरूरतमंदों में दान वितरित करते हैं। Govardhan Puja 2025 प्रेम, भक्ति और प्राकृतिक संतुलन का पर्व है। मिट्टी के गोवर्धन पर्वत का निर्माण कर, अन्नकूट चढ़ाकर और गायों की सेवा करके हम अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Laxmi Pooja

Laxmi Pooja 2025 Diwali पर घर में समृद्धि और खुशियों का त्यौहार

दिवाली या दीपावली, भारत का सबसे बड़ा और आनंदमय त्यौहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, दुख पर सुख और कठिनाई पर समृद्धि की जीत का प्रतीक है। दिवाली के मुख्य दिन Laxmi Pooja का विशेष महत्व है। इस दिन घर और व्यापार में मां लक्ष्मी की पूजा कर समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। Laxmi Pooja का महत्व Laxmi Pooja सिर्फ धन पाने के लिए नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लाने के लिए मनाई जाती है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी उन्हीं घरों में आती हैं जो साफ-सुथरे, व्यवस्थित और श्रद्धाभाव से भरे हों। इसलिए दिवाली से पहले घर की सफाई और सजावट बहुत जरूरी है। Diwali 2025 में Laxmi Pooja का शुभ मुहूर्त इस वर्ष Laxmi Pooja 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।शुभ मुहूर्त: 7.08 P.M बजे से 8.18 P.M बजे तक।इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-संपत्ति बढ़ती है। दिवाली और Laxmi Pooja की प्रमुख रीतियाँ दिवाली का संदेश दिवाली सिर्फ धन और समृद्धि का त्यौहार नहीं है। यह अच्छाई, सकारात्मकता और ज्ञान की जीत का प्रतीक भी है। इस दिवाली अपने जीवन में खुशियाँ और प्रेम फैलाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि धन-संपत्ति बढ़ाना। Diwali 2025 हमें यह सिखाते हैं कि खुशहाल जीवन के लिए घर और मन की सफाई और सकारात्मक सोच आवश्यक है। इस दिवाली घर में उजाला और जीवन में खुशियाँ लाएँ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chhoti Diwali

Chhoti Diwali 2025 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्त्व

छोटी दिवाली 2025, जिसे Chhoti Diwali या Kali Chaudas भी कहते हैं, दीपावली का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से यमराज की पूजा और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए मनाया जाता है। छोटी दिवाली 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त छोटी दिवाली का महत्त्व छोटी दिवाली का मुख्य उद्देश्य यमराज की पूजा करना है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपने भक्तों को लंबी आयु और स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं। साथ ही, घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है। छोटी दिवाली पूजा विधि (Special Puja Vidhi) छोटी दिवाली पर विशेष टिप्स छोटी दिवाली 2025 Special केवल यमराज को प्रसन्न करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने का अवसर भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhanteras 2025

Dhanteras 2025 शुभ मुहूर्त, पूजा समय और सोना-चांदी खरीदने का सही तरीका

धनतेरस (Dhanteras 2025) दीवाली (Diwali) के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और कुबेर भगवान को समर्पित होता है और इसे स्वास्थ्य, समृद्धि और धन के लिए सबसे शुभ माना जाता है। Dhanteras 2025 Date and Time Dhanteras पूजा Vrishabha Kaal में करना सबसे शुभ माना जाता है। Best Time to Buy Gold and Silver on Dhanteras धनतेरस पर सोना (Gold), चांदी (Silver) और नए बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस समय में की गई खरीदारी से घर में धन और समृद्धि बढ़ती है। Dhanteras 2025 Puja Rituals धनतेरस के दिन निम्नलिखित पूजा और रीति-रिवाज अपनाए जाते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karva Chauth

Karva Chauth 2025 व्रत, पूजा विधि और चंद्र दर्शन का महत्व

करवा चौथ (Karva Chauth) भारत का एक बेहद खास त्योहार है, जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए मनाया जाता है। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है। Karva Chauth 2025 का महत्व करवा चौथ व्रत (Karva Chauth Vrat) केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच विश्वास, प्रेम और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और सूर्यास्त के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। करवा चौथ 2025: शुभ तिथि और समय Karva Chauth पूजा और रस्में करवा चौथ का दिन कई खास पूजा और रीति-रिवाजों से भरा होता है: करवा चौथ 2025 में खास टिप्स हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Deal

Breaking: 47 साल बाद अमेरिका-ईरान रिश्तों में बड़ी बर्फ पिघली, ट्रम्प बोले- ‘तेल को फिर बहने दो’ दुनिया की सबसे तनावपूर्ण दुश्मनियों में से एक माने जाने वाले अमेरिका और ईरान के रिश्तों में बड़ा मोड़ आता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने कई महीनों तक चली कठिन और गोपनीय बातचीत के बाद एक प्रारंभिक शांति समझौते (MoU) को अंतिम रूप देने पर सहमति जता दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान के साथ समझौता लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। ट्रम्प ने अपने संदेश में लिखा, “दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को फिर बहने दो।” 19 जून को जेनेवा में हो सकते हैं हस्ताक्षर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधि 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यदि यह बैठक होती है तो यह करीब 47 वर्षों में अमेरिका और ईरान के बीच सबसे महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय संपर्क माना जाएगा। ईरान ने रखीं तीन अहम शर्तें ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम समझौते से पहले अमेरिका को तीन प्रमुख कदम उठाने होंगे— ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया है कि आगामी 60 दिनों की बातचीत इन्हीं शर्तों के पालन पर निर्भर करेगी। 24 अरब डॉलर की संपत्तियां जारी होने की चर्चा ईरानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका 24 अरब डॉलर तक की ईरानी जमी हुई संपत्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी कर सकता है। इनमें से लगभग 12 अरब डॉलर शुरुआती दौर में उपलब्ध कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस दावे की अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। परमाणु कार्यक्रम बना रहेगा सबसे बड़ा मुद्दा विशेषज्ञों का मानना है कि असली परीक्षा अब शुरू होगी। 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास लगातार बढ़ा था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की पिछली रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का स्तर 60 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था, जिसे पश्चिमी देश चिंता का विषय मानते हैं। आगामी 60 दिनों की बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहेंगे। इजराइल की चुप्पी बढ़ा रही अटकलें अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर इजराइल ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजराइल समझौते की कुछ शर्तों को लेकर असहज है क्योंकि उसे वार्ता प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। ईरान में भी उठ रहे विरोध के स्वर समझौते की खबर सामने आने के बाद ईरान के कट्टरपंथी समूहों और कुछ रूढ़िवादी नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह समझौता ईरान की रणनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। हालांकि राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि देशहित में काम करने वालों को गद्दार कहना उचित नहीं है। वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिल सकती है राहत यदि समझौता सफल रहता है तो इसका सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिल सकता है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। फिलहाल दुनिया की नजरें 19 जून को जेनेवा में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं, जहां यह ऐतिहासिक समझौता औपचारिक रूप ले सकता है।
‘कुबूल है’ फेम सुरभि ज्योति बनीं मां, बेटी के जन्म से घर में खुशियों का माहौल

Qubool Hai फेम सुरभि ज्योति बनीं मां, बेटी के जन्म से घर में खुशियों का माहौल

टीवी इंडस्ट्री से एक खुशखबरी सामने आई है। लोकप्रिय शो Qubool Hai से घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस सुरभि ज्योति मां बन गई हैं। सुरभि ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है। इस खबर के सामने आते ही फैंस और टीवी सितारे कपल को लगातार बधाइयां दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। बेटी के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी फैंस सुरभि ज्योति को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। टीवी इंडस्ट्री की कई हस्तियों ने भी सुरभि और उनके पति को बधाई दी। एक्ट्रेस हिना खान ने भी कपल को शुभकामनाएं देते हुए उनके नए सफर के लिए प्यार और आशीर्वाद भेजा। सुरभि ज्योति टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने ‘कुबूल है’ शो से खास पहचान बनाई थी। इसके अलावा भी वह कई टीवी शोज और म्यूजिक वीडियोज में नजर आ चुकी हैं। उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलती है। फैंस अब कपल की ओर से बेटी की पहली झलक का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
World Updates: ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए, 6 लोगों की मौत; पार्किंग में गिरते ही 20 गाड़ियां जलकर खाक

World Updates: ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए, 6 लोगों की मौत; पार्किंग में गिरते ही 20 गाड़ियां जलकर खाक

World Updates: दुनियाभर से आई ताजा घटनाओं ने लोगों को हैरान कर दिया है। ब्राजील में एक बड़ा हवाई हादसा हुआ, जहां दो हेलिकॉप्टर हवा में आपस में टकरा गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर एक अलग हादसे में पार्किंग एरिया में आग लगने से करीब 20 गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। ब्राजील में बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राजील में उड़ान के दौरान दो हेलिकॉप्टर अचानक हवा में टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों हेलिकॉप्टर क्रैश होकर नीचे गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहत और बचाव दल पहुंचा, लेकिन तब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी थी। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार खराब मौसम या तकनीकी खराबी को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही असली कारण सामने आएगा। पार्किंग में लगी भीषण आग एक अन्य घटना में पार्किंग एरिया में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने वहां खड़ी कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 20 वाहन जलकर पूरी तरह खाक हो गए। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि लाखों रुपये का नुकसान जरूर हुआ है।
Madhya Pradesh : ट्रेन में अफरा-तफरी के बीच बड़ा हादसा, पत्नी और बेटे को आंखों के सामने ट्रेन ने कुचला

Madhya Pradesh : ट्रेन में अफरा-तफरी के बीच बड़ा हादसा, पत्नी और बेटे को आंखों के सामने ट्रेन ने कुचला

Madhya Pradesh : रेलवे स्टेशन पर अचानक मची अफरा-तफरी ने कुछ ही पलों में कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन में किसी ने अचानक चिल्ला दिया कि “आग लग गई है।” इसके बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई और जान बचाने के लिए लोग ट्रेन से कूदने लगे। इसी दौरान दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बेटे को अपनी आंखों के सामने ट्रेन से कटते देखा। घटना को याद करते हुए वह बेसुध हो गया। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक स्टेशन पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल था। लोग बिना कुछ समझे ट्रेन से नीचे उतरने और भागने लगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हादसे में मरने वालों में एक मां और उसका बेटा भी शामिल हैं। कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते सही जानकारी दी जाती और भीड़ को संभाला जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में गुस्सा भी देखने को मिला। रेलवे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह कैसे फैली और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Brazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोग

Brazil Adventure Accident: रोमांचक जंप बना आखिरी सफर, 21 वर्षीय मारिया की मौत से सदमे में लोग

Brazil में एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 21 वर्षीय मारिया एडुआर्दा रोड्रिग्स डी फ्रेटास रोमांचक जंप का अनुभव लेने पहुंची थीं, लेकिन कुछ ही सेकंड में यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर की थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि आखिर कौन उन्हें पुल से कूदने दे रहा है। हादसे के बाद उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे बेहद भावुक कर देने वाला बताया। एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद एडवेंचर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंजी या रोप जंपिंग जैसी गतिविधियों में कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि उपकरणों की अंतिम जांच या सुरक्षा प्रक्रिया में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

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