आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल◆BREAKINGछत्तीसगढ़ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए◆BREAKINGछत्तीसगढ़रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप◆BREAKINGप्रदेशMPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान◆BREAKINGस्पोर्ट्सODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज◆BREAKINGदेश-हरपलCyclone Arnab Alert: 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका, Odisha में स्कूल-कॉलेज बंद◆BREAKINGमध्य प्रदेशखरगे के बयान पर भोपाल में भाजपा का प्रदर्शन, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का करेगी घेराव◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में पानी बर्बाद करने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई, पहले समझाइश फिर बनेगा वीडियो◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल◆BREAKINGछत्तीसगढ़ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए◆BREAKINGछत्तीसगढ़रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप◆BREAKINGप्रदेशMPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान◆BREAKINGस्पोर्ट्सODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज◆BREAKINGदेश-हरपलCyclone Arnab Alert: 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका, Odisha में स्कूल-कॉलेज बंद◆BREAKINGमध्य प्रदेशखरगे के बयान पर भोपाल में भाजपा का प्रदर्शन, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का करेगी घेराव◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में पानी बर्बाद करने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई, पहले समझाइश फिर बनेगा वीडियो◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

शैलपुत्री

चैत्र नवरात्रि 2026 Day 1 शैलपुत्री माता की आराधना, व्रत और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। यह नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का शुभ समय है। हर दिन माँ के अलग रूप की पूजा की जाती है, और पहले दिन शैलपुत्री माता की उपासना होती है। शैलपुत्री माता – पहला दिन का महत्व ‘शैलपुत्री’ का अर्थ है “पर्वत की कन्या”। माता शैलपुत्री भगवान शिव और पार्वती की पुत्री हैं। उनके वाहन बैल हैं और हाथ में त्रिशूल और कमल धारण है। शैलपुत्री माता धैर्य, साहस और मानसिक स्थिरता का प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। शैलपुत्री माता का पूजन और मंत्र व्रत और अनुष्ठान शैलपुत्री माता के दिन विशेष सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
चैत्र नवरात्रि 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और व्रत नियम

जानें चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ, महत्व, व्रत नियम और पूजा विधियाँ। यह पर्व सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का समय नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीखें और महत्त्व चैत्र नवरात्रि को वसंत ऋतु में मनाया जाता है और यह नया हिंदू संवत्सर शुरू करने का प्रतीक है। नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का शुभ अवसर है। माँ दुर्गा के नौ रूप और उनके लाभ हर दिन नवरात्रि में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है, जिनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिन देवी का रूप प्रमुख गुण 1 शैलपुत्री शक्ति और मूल तत्व 2 ब्रह्मचारिणी तप और समर्पण 3 चंद्रघंटा साहस और धैर्य 4 कुश्मांडा आनंद और सृजन शक्ति 5 स्कंदमाता मातृत्व और प्रेम 6 कात्यायनी वीरता और साहस 7 कालरात्रि भय नाश 8 महागौरी पवित्रता और शांति 9 सिद्धिदात्री सिद्धि और सफलता घट स्थापना और पूजा विधि नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। घर या मंदिर में कलश स्थापित कर माँ दुर्गा के स्वागत के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है। व्रत नियम और पूजा के टिप्स इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। समाज में नवरात्रि का महत्व नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन की तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाता है। नवरात्रि का संदेश नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और आत्म-नवीनीकरण का पर्व है। माँ दुर्गा के आदर्शों — धैर्य, करुणा, वीरता और शक्ति — को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sara Ali Khan

Kedarnath-Badrinath Row Affidavit Rule पर बवाल, Sara Ali Khan बनीं चर्चा का केंद्र

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Kedarnath Temple और Badrinath Temple एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह आस्था, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने आम लोगों से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में कुछ धार्मिक संगठनों ने यह मांग उठाई कि इन प्रमुख हिंदू तीर्थों में आने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को “सनातन धर्म में आस्था” का एफिडेविट देना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक मर्यादा बनी रहेगी। यह मुद्दा तब और सुर्खियों में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Sara Ali Khan का नाम इसमें जुड़ गया। सारा पहले केदारनाथ दर्शन के लिए जा चुकी हैं, और इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आस्था बनाम अधिकार – बहस तेज इस प्रस्ताव ने समाज में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। एक तरफ कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ मान रहे हैं। Indian National Congress (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता देता है, और इस तरह की शर्तें लगाना भेदभावपूर्ण हो सकता है। क्या सच में लागू हो गया है नया नियम? अभी तक सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि इस तरह का कोई नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है। न तो सरकार और न ही मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है। फिलहाल यह सिर्फ एक मांग है, जिस पर चर्चा और विवाद जारी है। लोगों की भावना क्या कहती है? जमीन पर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि तीर्थस्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है, वहीं कई लोग कहते हैं कि आस्था दिल से जुड़ी होती है, उसे किसी कागज से साबित नहीं किया जा सकता। केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ा यह विवाद सिर्फ एक नियम या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन की तलाश है जहां परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता साथ-साथ चल सकें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या कोई ठोस फैसला सामने आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026 भारत में कितने बजे दिखा Lunar Eclipse? जानें Time, Sutak Kaal और पूरी जानकारी

3 मार्च 2026, मंगलवार — होली के रंगों के बीच आसमान में भी एक खास नज़ारा देखने को मिला। इस दिन पूर्ण Chandra Grahan 2026 यानी Lunar Eclipse लगा। देशभर में लोगों के मन में उत्सुकता थी कि भारत में यह ग्रहण कितने बजे दिखेगा और क्या “ब्लड मून” साफ दिखाई देगा। दिन में शुरू हुआ यह खगोलीय आयोजन शाम तक चर्चा का विषय बना रहा। आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरी जानकारी। Chandra Grahan 2026 Date and Time in India (IST) यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) था। पूर्ण अवस्था में चंद्रमा अक्सर लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में “Blood Moon” कहा जाता है। भारत में कब और कितना दिखा Chandra Grahan? भारत में ग्रहण का मुख्य भाग चंद्रमा के उदय से पहले ही हो चुका था। इसलिए अधिकांश शहरों में लोग केवल अंतिम चरण ही देख पाए। पूर्वोत्तर भारत में चंद्रमा थोड़ा पहले उदित हुआ, जिससे वहां ग्रहण कुछ अधिक समय तक नजर आया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 6:20 बजे से प्रभावी माना गया। कई मंदिरों के कपाट बंद रहे कैसा दिखा चंद्रमा? (Human Experience) शाम को जब लोग छतों और बालकनियों में पहुंचे, तो चंद्रमा हल्की धुंधली छाया में दिखाई दे रहा था। जिन जगहों पर आसमान साफ था, वहां चंद्रमा का रंग थोड़ा तांबई झलक लिए नजर आया। हालांकि भारत में पूर्ण “Blood Moon” का गहरा लाल रंग साफ तौर पर नहीं दिखा, फिर भी यह अनुभव खास रहा। होली की शाम को आसमान में यह दृश्य कई लोगों के लिए यादगार बन गया। Chandra Grahan 2026 का वैज्ञानिक महत्व पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है। यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Holika Dahan आज, मुहूर्त रात 12 बजे तक: जानिए पूजा विधि और होली की पौराणिक कहानी

Holika Dahan आज, मुहूर्त रात 12 बजे तक: जानिए पूजा विधि और होली की पौराणिक कहानी

आज देशभर में Holika Dahan मनाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ मुहूर्त रात 12 बजे तक है। इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने और अग्नि की परिक्रमा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसी के साथ रंगों के त्योहार होली की शुरुआत होती है। क्या है होलिका दहन की कहानी? पौराणिक कथा के अनुसार असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से रोकने की कई कोशिशें कीं। जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने अपनी बहन होलिका की मदद ली, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई के अंत और सच्चाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन की पूजा विधि मान्यता है कि होलिका की अग्नि में पुरानी नकारात्मक ऊर्जा जलकर खत्म हो जाती है और घर में सकारात्मकता आती है। डिजिटल दौर में होली की खास झलक अब होली का जश्न सिर्फ मोहल्लों तक सीमित नहीं रहा। लोग सोशल मीडिया पर डिजिटल इफेक्ट्स, एआर फिल्टर्स और खास फोटो एडिटिंग के जरिए होली की रंगीन यादें साझा कर रहे हैं। कई लोग होलिका दहन की लाइव स्ट्रीमिंग भी कर रहे हैं, ताकि दूर बैठे रिश्तेदार भी इस परंपरा से जुड़ सकें। सामाजिक संदेश भी देता है त्योहार होलिका दहन हमें यह सीख देता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है। साथ ही यह पर्व हमें एकजुटता, भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। इस बार होली पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, पानी की बचत करें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मकर संक्रांति

मकर संक्रांति 2026 सूर्य की नई चाल से भारत में नई उम्मीदों की शुरुआत

भारत में मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं बल्कि प्राकृतिक परिवर्तन, कृषि चक्र और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मकर संक्रांति 2026 के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। यह समय ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति 2026 का खगोलीय महत्व मकर संक्रांति एकमात्र हिंदू पर्व है जो सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य की किरणों की दिशा में बदलाव को दर्शाता है। इस दिन से दिन बड़े होने लगते हैं और सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने लगती है, जिससे जीवन में नई सक्रियता आती है। किसानों के लिए खुशहाली का पर्व भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मकर संक्रांति बेहद महत्वपूर्ण है। यह नई फसल के आगमन का समय होता है। गेहूं, धान, गन्ना और तिलहन की फसल किसानों की मेहनत का प्रतिफल होती है।इसलिए मकर संक्रांति को कृषि उत्सव भी कहा जाता है। देशभर में अलग-अलग रूप मकर संक्रांति भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। हर क्षेत्र की परंपरा अलग है, लेकिन भावना एक—सूर्य और अन्नदाता का सम्मान। पतंगों से सजा भारत का आकाश मकर संक्रांति की सबसे सुंदर पहचान है पतंगबाजी। हजारों रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में उड़कर उम्मीद, स्वतंत्रता और नई ऊँचाइयों का प्रतीक बन जाती हैं। गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत में पतंग उत्सव सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा माध्यम बनता है। तिल-गुड़ और सामाजिक सौहार्द इस दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ बाँटने की परंपरा है। इसका अर्थ है—“कठिन समय में भी रिश्तों में मिठास बनाए रखना।” यह पर्व समाज को जोड़ने और प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। मकर संक्रांति 2026 का संदेश जब देश डिजिटल युग और वैश्विक बदलावों की ओर बढ़ रहा है, तब मकर संक्रांति 2026 हमें अपनी जड़ों, प्रकृति और परिश्रम को न भूलने की सीख देता है। यह त्योहार सिखाता है कि असली विकास तभी संभव है जब हम परंपरा और प्रगति दोनों को साथ लेकर चलें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Vrindavan के बांके बिहारी मंदिर में परंपरा टूटी, हलवाई का वेतन न मिलने से ठाकुर जी का भोग नहीं बन पाया

Vrindavan के बांके बिहारी मंदिर में परंपरा टूटी, हलवाई का वेतन न मिलने से ठाकुर जी का भोग नहीं बन पाया

Vrindavan के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से जुड़ी एक भावनात्मक खबर सामने आई है। मंदिर में वर्षों से चली आ रही परंपरा पहली बार टूटी है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के हलवाई का वेतन समय पर नहीं मिल पाने के कारण ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बन सका। बांके बिहारी मंदिर में भोग केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। रोज़ाना प्रेम और श्रद्धा के साथ तैयार किया जाने वाला भोग ठाकुर जी को अर्पित किया जाता है। लेकिन इस बार आर्थिक कारणों से यह परंपरा निभाई नहीं जा सकी, जिससे भक्तों में भी चिंता और दुख का माहौल देखा गया। मंदिर से जुड़े सेवायतों का कहना है कि हलवाई का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है। इसी वजह से भोग बनाने की व्यवस्था प्रभावित हुई। यह घटना न सिर्फ व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि छोटी सी लापरवाही कैसे आस्था से जुड़ी परंपराओं को तोड़ सकती है। भक्तों को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
देवउठनी एकादशी

देवउठनी एकादशी 2025 भगवान विष्णु जागेंगे नींद से, शुरू होंगे सभी शुभ काम

देवउठनी एकादशी 2025 (Dev Uthani Ekadashi 2025) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसी के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देव उठावनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और तुलसी विवाह की पूरी जानकारी। देवउठनी एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विशेष पूजा करते हैं और उनसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। देवउठनी एकादशी का धार्मिक महत्व हिंदू मान्यता के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। इस चार माह की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।देवउठनी एकादशी के दिन जब भगवान विष्णु नींद से जागते हैं, तब से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।यह दिन आध्यात्मिक जागृति, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी विवाह 2025: तिथि और महत्व देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी 2 नवंबर 2025 (रविवार) को तुलसी विवाह मनाया जाएगा।इस दिन भगवान विष्णु का विवाह तुलसी माता से कराया जाता है। यह शुभ कार्य घर-घर में मनाया जाता है। माना जाता है कि तुलसी विवाह करवाने से जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि आती है तथा विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। देवउठनी एकादशी 2025 पूजा विधि इस दिन से शुरू होते हैं मांगलिक कार्य देवउठनी एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।यह दिन शुभता, सौभाग्य और नए आरंभ का प्रतीक है। जो लोग भगवान विष्णु और तुलसी माता की भक्ति से पूजा करते हैं, उनके जीवन में धन, यश और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। महत्वपूर्ण बातें देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi 2025) का दिन धर्म, आस्था और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति का संचार होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Chhath Puja

Chhath Puja 2025 Special सूर्य देव की आराधना और आस्था का सबसे पवित्र पर्व

Chhath Puja 2025 आने वाली है, और पूरे भारत में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बन चुका है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य देव और जल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में शुरू हुई यह परंपरा अब पूरे देश और विदेशों में मनाई जाती है। Chhath Puja 2025 चार दिन तक चलने वाला यह पर्व – नहाय खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य – शुद्धता और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। छठ पूजा का महत्व (Chhath Puja Significance) छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की उपासना करने से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है।यह पर्व हमें प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य की याद दिलाता है। छठी मैया (ऊषा देवी) को संतान, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और समाज की भलाई के लिए कठोर व्रत रखती हैं। Chhath Puja Vidhi (छठ पूजा की विधि) इन चार दिनों में व्रती पूर्ण संयम, पवित्रता और श्रद्धा से सभी विधियां निभाते हैं। Eco-Friendly Message of Chhath Puja (प्रकृति संग आस्था का मेल) छठ पूजा का एक बड़ा संदेश है प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान।इस दिन घाटों, नदियों और तालाबों की सफाई की जाती है। पूजा में केवल प्राकृतिक सामग्रियों जैसे बांस की टोकरी, केला, नारियल, और दीपक का प्रयोग होता है — जिससे यह पर्व सस्टेनेबल लिविंग का उदाहरण बनता है। भक्ति गीत और छठ घाटों की रौनक (Chhath Puja Songs & Celebration) छठ के दौरान गली-गली में गूंजते हैं पारंपरिक गीत —“केलवा जे केरवा, लहराए हो… छठी मईया आइलें अंगना हो…”दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों से सजा माहौल हर किसी के दिल को छू जाता है।लोग अपने पूरे परिवार के साथ घाटों पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और एकता का संदेश फैलाते हैं। छठ पूजा का संदेश (Spiritual Message of Chhath Puja) छठ पूजा सिखाती है कि सच्ची आस्था और तपस्या से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है।यह पर्व नारी शक्ति, त्याग और सादगी का प्रतीक है।सूर्य देव से प्रार्थना की जाती है कि सभी के जीवन में उज्ज्वलता, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे। Chhath Puja 2025 सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है — जहाँ सूर्य, जल, वायु और मनुष्य के बीच अटूट संबंध झलकता है।इस छठ पर्व पर आइए हम सब छठी मैया और सूर्य देव से प्रार्थना करें कि हमारे घरों में हमेशा उजाला और खुशियाँ बनी रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bhai Dooj

Bhai Dooj 2025 शुभ मुहूर्त भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का त्योहार

Bhai Dooj भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह त्योहार भाई और बहन के रिश्ते को मजबूत करने और परिवार में खुशियों का माहौल बनाने का अवसर है। इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो दीपावली के दूसरे दिन पड़ता है। भाई दूज का महत्व Bhai Dooj का मुख्य महत्व भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, सुरक्षा और प्यार को दर्शाना है। इस दिन बहन अपने भाई के लिए टिका, आरती, और मीठा भोजन तैयार करती है, जबकि भाई उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। यह त्योहार बताता है कि चाहे भाई दूर ही क्यों न हो, बहन का प्यार और आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहता है। भाई दूज 2025 की परंपराएं Bhai Dooj शुभ मुहूर्त 2025 इस समय बहन अपने भाई को टिका करके उसका आशीर्वाद ले सकती है। Bhai Dooj की खास बातें भाई दूज 2025 का पर्व आपके रिश्तों को मजबूत करने और परिवार में खुशियों की लहर लाने का सबसे अच्छा मौका है।
Read more
1 … 4 5 6 7 8 … 28

Trending News

Editor's Picks

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग हेलिकॉप्टर टीम दिखाएगी हवाई करतब, रायपुर पहुंचा वायुसेना का दल

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। टीम सोमवार को रायपुर पहुंच गई। राज्योत्सव के दौरान नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र के ऊपर हेलिकॉप्टरों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए जाएंगे। तीन दिवसीय आयोजन में होने वाला यह प्रदर्शन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों से दिखेगा वायुसेना का कौशल पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विंग कमांडर देबर्थो धर ने बताया कि सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव के जरिए प्रदर्शन करती है। टीम हवा में सटीक उड़ान, हेलिकॉप्टरों के बीच बेहतरीन तालमेल और एक साथ अलग-अलग आकृतियां बनाने के लिए जानी जाती है। प्रदर्शन के दौरान वायुसेना के जवान अपने कौशल, अनुशासन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी हेलिकॉप्टरों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मोर के रंगों से प्रेरित है सारंग टीम की पहचान सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के हेलिकॉप्टरों की रंग योजना भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित है। टीम का ध्येय वाक्य ‘इंस्पायर थ्रू एक्सीलेंस’ है, जिसका अर्थ उत्कृष्टता के जरिए प्रेरित करना है। सारंग टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करती है। अपने समन्वित हवाई प्रदर्शन के जरिए टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी तकनीक को प्रदर्शित करती है। युवाओं को विमानन में करियर बनाने की मिलेगी प्रेरणा राज्योत्सव में सारंग टीम का प्रदर्शन आम लोगों के साथ विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी खास रहेगा। दर्शकों को हेलिकॉप्टरों की उड़ान और विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। राज्योत्सव में सारंग टीम की मौजूदगी आयोजन के रोमांच और आकर्षण को और बढ़ाएगी।

ग्वालियर में पटवारी भर्ती के नाम पर 7 युवाओं से 50 लाख की ठगी, फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर थमाए

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्वालियर में सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनवाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए वसूलने का आरोप है। आरोपियों ने खुद को व्यापमं का कर्मचारी और STF का अधिकारी बताकर युवाओं को भरोसे में लिया। इसके बाद उन्हें फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए गए। नौकरी नहीं मिलने और पैसे वापस न लौटाने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरविंद नरवरिया, गोवर्धन तोमर और प्रदीप गौतम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश में जुटी हैं। जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के जरिए हुई मुलाकात मामले के मुताबिक, जीवाजी यूनिवर्सिटी की लॉ शाखा से जुड़े कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर निवासी महलगांव ने सात युवाओं को मुख्य आरोपी अरविंद नरवरिया से मिलवाया था। इनमें रवि शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, पवन कौरव, दिव्यांश शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, नागेंद्र चौहान और सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। आरोप है कि अरविंद युवाओं को भोपाल ले गया। वहां उसने प्रदीप गौतम का नाम बताते हुए उसे व्यापमं का कर्मचारी बताया और पटवारी की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। कुछ दिन बाद गोवर्धन सिंह तोमर का नाम सामने आया, जिसे STF का अधिकारी बताया गया। प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में हुई थी डील युवाओं को पटवारी की सरकारी नौकरी दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 12 लाख रुपए में सौदा तय होने का आरोप है। इसके बाद किसी से दो लाख तो किसी से चार लाख रुपए एडवांस लिए गए। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग किस्तों में फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम जमा कराई गई। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। आरोपियों ने युवाओं को जबलपुर और भोपाल ले जाकर परीक्षा कराने की बात कही। इससे युवाओं को लगा कि भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फर्जी सिलेक्शन लिस्ट और जॉइनिंग लेटर दिए युवाओं को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी चयन सूची और जॉइनिंग लेटर भी दिए। वेरिफिकेशन के नाम पर उन्हें कभी भोपाल, कभी जबलपुर और कभी भिंड ले जाया गया। आरोप है कि भिंड कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक सेवा केंद्र पर युवाओं के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया गया और उनके हस्ताक्षर लिए गए। इस घटनाक्रम के बाद वहां किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पैसे वापस मांगे तो नहीं मिली राहत पीड़ितों के मुताबिक, लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें पटवारी की नौकरी नहीं मिली। जब उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। युवाओं ने धमकियां मिलने का आरोप भी लगाया है। बताया गया है कि यह मामला 16 दिसंबर 2023 से अब तक की अवधि से जुड़ा है। ठगी का मामला सामने आने के बाद युवाओं ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी राजवीर सिंह तोमर से भी रकम वापस दिलाने की मांग की। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज शिकायत के बाद ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सोमवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, केस में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं: थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

रूस में नौकरी की तलाश में गया बिलासपुर का युवक लापता, युद्ध में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का आरोप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का रहने वाला विनीत कुमार दुबे रूस में लापता हो गया है। वह नौकरी की तलाश में रूस गया था, लेकिन परिवार के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। विनीत की बहन ने आरोप लगाया है कि उसे रूस में बंधक बनाकर रखा गया और युद्ध में शामिल होने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर युवक की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी है। मामले में बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर विनीत की स्थिति का पता लगाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा है। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिली थी नौकरी की जानकारी विनीत कुमार दुबे बिल्हा का रहने वाला है और उसने दसवीं तक पढ़ाई की है। परिवार के मुताबिक, उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह 1 अक्टूबर को मॉस्को पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद विनीत की मुश्किलें बढ़ने लगीं। उसे भारतीय दूतावास जाने नहीं दिया गया और मॉस्को के एक होटल में रोककर रखा गया। इसके बाद उसे वोल्गोग्राद भेज दिया गया, जहां उसे एक अपार्टमेंट में रखा गया था। कार में बैठाकर ले गए, फिर टूट गया संपर्क विनीत की बहन आशी दुबे के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग उसके भाई को कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद से परिवार का उससे संपर्क टूट गया। बहन का आरोप है कि विनीत पर रेजिडेंसी हासिल करने और युद्ध में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे भूखा रखकर परेशान किया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीत को ड्रग्स से जुड़े एक मामले में फंसाने की धमकी देकर स्थानीय लोगों की बात मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। व्हाट्सएप के जरिए परिवार को मिली जानकारी परिवार के मुताबिक, विनीत के साथ हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें किशोर नाम के एक युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर परिवार से संपर्क किया था। इसके बाद से परिजन विनीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिवार ने बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और विनीत को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से भी मदद की अपील की है। रूसी दूतावास और विदेश मंत्रालय को पुलिस ने लिखा पत्र परिवार की शिकायत के बाद बिलासपुर पुलिस ने रूसी दूतावास और भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा है। पुलिस संबंधित एजेंसियों से विनीत की स्थिति की जानकारी जुटाने और उसकी सुरक्षित वापसी में सहयोग की मांग कर रही है। फिलहाल विनीत कुमार दुबे कहां है और उसकी हालत कैसी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों की मदद से जल्द उसका पता लगाया जा सकेगा और उसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा।
MPWPCL

MPWPCL Achievement: 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़े संगठन को मिली नई पहचान

मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड (MPWPCL) के लिए गर्व की बात है। कंपनी से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका ,MVSc, मुख्य तकनीकी सलाहकार (Chief Technical Advisor) प्रतिनिधि को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU) डॉ. मृदु पवन हजारिका को सलाहकार MPWPCL में सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। इस उपलब्धि को ग्रामीण महिलाओं, जनजातीय किसानों और सहकारिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पहचान माना जा रहा है। यह मनोनयन ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस जिम्मेदारी के जरिए विश्वविद्यालय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले किसान संगठनों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। MPWPCL से जुड़ी हैं करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान मध्य प्रदेश महिला पोल्ट्री उत्पादक कंपनी लिमिटेड की शुरुआत ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से हुई थी। मध्य प्रदेश शासन की जिला गरीबी उन्मूलन पहल (DPIP) के तहत शुरू हुए इस प्रयास में महिला किसानों और जनजातीय समुदायों को खास तौर पर पोल्ट्री व्यवसाय से जोड़ने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MPWPCL के नेटवर्क में 16 सदस्य सहकारी समितियों एवं उत्पादक कंपनियों सहित कुल 17 संगठन शामिल हैं। इस नेटवर्क से करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, यह व्यवस्था लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देने में भी योगदान करती है। कंपनी का सालाना कारोबार ₹500 करोड़ से अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सही मार्गदर्शन, संगठित प्रयास और बाजार से जुड़ाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर शुरू की गई पहल किस तरह बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। NDVSU की Extension Council में क्यों अहम है यह जिम्मेदारी? नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर पशु चिकित्सा और पशुपालन से संबंधित शिक्षा, अनुसंधान तथा तकनीकी जानकारी के प्रसार के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय की विस्तार परिषद में MPWPCL से जुड़े डॉ. मृदु पवन हजारिका का मनोनयन ग्रामीण किसानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर प्रदान कर सकता है। पोल्ट्री व्यवसाय में बेहतर उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, वैज्ञानिक तरीके और व्यावसायिक प्रबंधन की जानकारी काफी मायने रखती है। ऐसी जानकारी समय पर मिलने से किसानों को अपने काम में सुधार करने और कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है। इसलिए विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना केवल संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को भी मिल रहा है Practical Experience MPWPCL से वर्ष 2004 से जुड़े रहे प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक प्रबंधन को पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसी दिशा में NDVSU के सहयोग से MPWPCL और केसला पोल्ट्री सहकारी समिति (KPS) में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को पोल्ट्री व्यवसाय की वास्तविक कार्यप्रणाली, सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन और किसानों के साथ सीधे काम करने का अनुभव मिल सकता है। कक्षा में पढ़ाई गई बातों को जमीन पर समझने का मौका विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होता है। वहीं, ग्रामीण संगठनों को भी नई पीढ़ी के साथ काम करने और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर मिलता है। महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ कमाई करना नहीं, बल्कि अपने परिवार और व्यवसाय से जुड़े फैसलों में अधिक भागीदारी निभाना भी है। MPWPCL जैसे संगठन महिलाओं को सामूहिक रूप से व्यवसाय चलाने, बाजार से जुड़ने और अपनी आजीविका को मजबूत करने का अवसर देते हैं। विस्तार परिषद में मनोनयन से इस तरह के अनुभवों को शैक्षणिक और तकनीकी स्तर पर साझा करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस मनोनयन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी में प्रतिनिधि का नाम और परिषद में उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करना उचित होगा। MPWPCL के लिए गर्व, ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद NDVSU की विस्तार परिषद में सदस्य के रूप में डॉ. मृदु पवन हजारिका मनोनयन MPWPCL से जुड़े किसानों, कर्मचारियों और सहकारी संगठनों के सामूहिक प्रयासों को पहचान दिलाने वाला कदम है। करीब 9,000 महिला एवं जनजातीय किसानों से जुड़ा नेटवर्क ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संगठित प्रयासों की अहमियत को सामने लाता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय और किसान संगठनों के बीच सहयोग मजबूत होता है, तो वैज्ञानिक पशुपालन, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और परिवारों को मिल सकता है, जो पोल्ट्री व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ODI

ODI Records: सचिन से गिल तक, एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज

क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपनी बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाए और ऐसा रिकॉर्ड बनाए, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाए। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है। लेकिन जब बात एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा ODI रन बनाने की आती है, तो कहानी थोड़ी दिलचस्प हो जाती है। इस रिकॉर्ड में सचिन तेंदुलकर सबसे आगे हैं। वहीं, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने भी एक ही साल में शानदार रन बनाकर इतिहास रचा था। नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में अपने बल्ले से ऐसा कमाल किया कि वह भी इस खास सूची में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली का नाम इस रिकॉर्ड की टॉप-5 लिस्ट में नहीं आता। ODI Cricket: एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 भारतीय बल्लेबाज पुरुषों के ODI क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर के दौरान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में ये पांच प्रदर्शन शामिल हैं। रैंक भारतीय बल्लेबाज साल रन 1 सचिन तेंदुलकर 1998 1,894 2 सौरव गांगुली 1999 1,767 3 राहुल द्रविड़ 1999 1,761 4 सचिन तेंदुलकर 1996 1,611 5 शुभमन गिल 2023 1,584 यहां कैलेंडर ईयर का मतलब 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच खेले गए ODI मैचों में बनाए गए रन हैं। इस सूची में सचिन तेंदुलकर का दो बार शामिल होना उनके शानदार करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। 1. सचिन तेंदुलकर: 1998 में बनाए 1,894 रन इस सूची में सबसे ऊपर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का नाम है। उन्होंने 1998 में 34 ODI मैचों में 1,894 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और सात अर्धशतक लगाए। सचिन के लिए 1998 बेहद खास साल रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीमों के गेंदबाजों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती थी। आज भी एक कैलेंडर ईयर में बनाए गए उनके 1,894 रन ODI क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड्स में गिने जाते हैं। 2. सौरव गांगुली: 1999 में 1,767 रन भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 1999 में 1,767 रन बनाए थे। उन्होंने उस साल चार शतक और दस अर्धशतक लगाए। गांगुली की बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आता था। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। एक ही साल में इतने रन बनाकर उन्होंने भारतीय ODI क्रिकेट में अपनी खास जगह बनाई। 3. राहुल द्रविड़: 1999 में 1,761 रन राहुल द्रविड़ ने भी 1999 में अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1,761 रन बनाए और इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। द्रविड़ को उनकी तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में टिककर खेलने के लिए जाना जाता है। सौरव गांगुली के साथ उनका एक ही साल में इस सूची में शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार उपलब्धि है। 4. सचिन तेंदुलकर: 1996 में भी दिखाया दम सचिन तेंदुलकर ने 1996 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उनके बल्ले से 1,611 ODI रन निकले, जिसमें छह शतक और नौ अर्धशतक शामिल थे। एक बल्लेबाज का अलग-अलग वर्षों में इस सूची में जगह बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने यह उपलब्धि हासिल करके दिखाया कि उनकी निरंतरता कितनी खास थी। 5. शुभमन गिल: 2023 में 1,584 रन नई पीढ़ी के बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2023 में 1,584 ODI रन बनाए थे। उन्होंने उस साल पांच शतक और नौ अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रन रहा, जो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। गिल का 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी खास था, क्योंकि उन्होंने बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ तेज गति से रन भी जुटाए। ICC के आंकड़ों के मुताबिक, उस साल उनका ODI औसत 63.36 रहा। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> Virat Kohli टॉप-5 में क्यों नहीं हैं? विराट कोहली का नाम इस सूची में टॉप-5 में नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि उनका प्रदर्शन कम रहा है। कोहली ने 2017 में 1,460 ODI रन बनाए थे और उस साल उनका बल्लेबाजी औसत 76.84 रहा था। <Cite refs={[“turn447195search2”]}/> विराट की सबसे बड़ी ताकत लगातार रन बनाना और दबाव वाले मुकाबलों में जिम्मेदारी संभालना रही है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में उनके नाम 765 रन रहे, जो पुरुषों के ODI वर्ल्ड कप के एक संस्करण में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन-स्कोर है। <Cite refs={[“turn447195news5”]}/> यहां एक बात समझना जरूरी है: वर्ल्ड कप में बनाए गए रन और पूरे कैलेंडर ईयर में बनाए गए ODI रन अलग-अलग रिकॉर्ड हैं। इसी वजह से किसी बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद बल्लेबाज इस सूची के टॉप-5 में शामिल न हो, ऐसा संभव है। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज भी क्यों है खास? सचिन तेंदुलकर का 1998 में बनाया गया 1,894 रन का रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। एक पूरे साल में इतने रन बनाने के लिए न सिर्फ अच्छी फॉर्म, बल्कि फिटनेस, निरंतरता और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने 1999 में इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, शुभमन गिल ने 2023 में दिखाया कि नई पीढ़ी के बल्लेबाज भी इस स्तर का प्रदर्शन कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.