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Bhopal के 23 क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता जांच, DIG बंगला सहित होगा परीक्षण

Bhopal नगर निगम (BMC) ने शहर के 23 क्षेत्रों, जिसमें DIG बंगला क्षेत्र भी शामिल है, में पानी की गुणवत्ता की जांच करने का निर्णय लिया है। यह कदम नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। भोपाल में पानी की गुणवत्ता की जांच क्यों जरूरी है? यह निर्णय जल प्रदूषण और शहर के पुराने जल फिल्टर संयंत्रों के कारण पानी की गुणवत्ता में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। भोपाल की बढ़ती आबादी के बीच जल आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है। पुराने जल उपचार संयंत्रों के कारण, निवासियों ने पानी में गंदगी और प्रदूषण की शिकायत की है। प्रभावित क्षेत्र पानी की गुणवत्ता की जांच 23 प्रमुख क्षेत्रों में की जाएगी, जिसमें DIG बंगला क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा यहां पानी के परीक्षण किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी में कोई हानिकारक तत्व नहीं हैं और वह पीने के लिए सुरक्षित है। परीक्षण की प्रक्रिया और समयसीमा BMC विभिन्न मानकों जैसे पानी की गंदगी, क्लोरीन स्तर, और बैक्टीरिया तथा अन्य प्रदूषकों की उपस्थिति की जांच करेगा। परीक्षण एक निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा और इसके परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। यदि कोई समस्या पाई जाती है, तो जल आपूर्ति को ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस पहल का महत्व यह पानी की गुणवत्ता जांच पहल भोपाल नगर निगम की नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह पहल शहर की बढ़ती जनसंख्या और पुराने जल आपूर्ति ढांचे की समस्याओं को हल करने के लिए उठाए गए व्यापक कदमों का हिस्सा है। स्वच्छ जल की सुनिश्चितता से जल जनित बीमारियों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। आगे का रास्ता: जल आपूर्ति ढांचे का सुधार पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ, भोपाल नगर निगम शहर के जल उपचार संयंत्रों को उन्नत और आधुनिक बनाने की योजना भी बना रहा है। इससे भविष्य में भोपाल की बढ़ती आबादी की जल आपूर्ति की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। इन सुधारों से मौजूदा समस्याओं का समाधान होगा और आने वाले वर्षों में एक स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Bhopal

Bhopal में समन्वित सड़क परिवहन योजना: यातायात को सुगम और भविष्य के लिए तैयार करने का कदम

Bhopal की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक व्यापक सड़क परिवहन योजना तैयार की है। यह समन्वित योजना शहर में यातायात की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ भविष्य में होने वाली यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो Bhopal के रास्तों को और भी बेहतर और सुगम बनाएंगी। प्रमुख प्रस्तावित विकास परियोजनाएं बेहतर यातायात भविष्य के लिए दृष्टिकोण ये परियोजनाएं भोपाल की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, भीड़-भाड़ को कम करने और शहर को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुधार और शहरी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके। चाहे आप रोज़ के यात्री हों या एक यात्री, इन परिवर्तनों से भोपाल में यात्रा करना और भी सुविधाजनक हो जाएगा। जैसे-जैसे Bhopal बढ़ेगा, सरकार का ध्यान सड़क परिवहन बुनियादी ढांचे पर होगा ताकि शहर भविष्य में भी अपनी बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इन सुधारों के साथ, भोपाल न केवल वर्तमान यातायात समस्याओं को हल करेगा, बल्कि भविष्य की मांगों के लिए भी तैयार रहेगा। देशहारपाल पर पढ़ें खबरें, ताज़ा खबरें।
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Contempt of Court मामले में Medha Patkar की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट की अवमानना पर गैर-जमानती वारंट जारी

समाचार विवरण : Contempt of Court यानी अदालत की अवमानना के मामले में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा दायर एक पुराने केस में मेधा पाटकर के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को साकेत कोर्ट ने Medha Patkar को एक मामले में जुर्माना अदा करने का आदेश दिया था, जो उन्होंने समय पर नहीं भरा। यह मामला उपराज्यपाल सक्सेना द्वारा दाखिल उस याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने मेधा पाटकर पर मानहानि के आरोप लगाए थे। कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन पाटकर ने अदालत में पेशी नहीं दी। कोर्ट के आदेश की यह अनदेखी सीधा-सीधा अदालत की अवमानना मानी गई, जिस पर गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी कर दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पाटकर को अनदेखी करने का अब जवाब देना ही होगा। आज (25 अप्रैल 2025) मेधा पाटकर को साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उनके खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई तय होगी। इस पूरे मामले को देखते हुए यह साफ हो गया है कि अदालतें अब अवमानना के मामलों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। विनय कुमार सक्सेना और मेधा पाटकर के बीच का यह विवाद नया नहीं है। यह मामला वर्ष 2000 के दशक से जुड़ा है, जब नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौरान कई आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। अब जबकि यह विवाद न्यायालय की चौखट पर है, पाटकर को कानून के दायरे में रहकर जवाब देना होगा। Desh Harpal इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है। जैसे ही आगे की जानकारी सामने आती है, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।
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Bhopal

Ajmer 92 Repeat in Bhopal? Hindu लड़कियों का Love Jihad, Gangrape और धर्मांतरण दबाव

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसे लोग “अजमेर 92” जैसे कांड की पुनरावृत्ति बता रहे हैं। यहां एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ युवकों ने मिलकर हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उनका यौन शोषण कर वीडियो बनाए और बाद में उन्हीं वीडियो के ज़रिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया। घटना का खुलासा: एक साहसी लड़की की शिकायत से फूटा मामला मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़िता के बयान के अनुसार, कुछ युवकों ने हिंदू नामों का इस्तेमाल कर दोस्ती की और फिर संबंध बनाकर वीडियो बना लिए। इसके बाद वे वीडियो दिखाकर न केवल उसे ब्लैकमेल करते रहे, बल्कि उससे कहा गया कि वह अपनी अन्य सहेलियों को भी उनके संपर्क में लाए। इस एक शिकायत के बाद अब तक चार छात्राएं आगे आ चुकी हैं, जिन्होंने अपनी आपबीती पुलिस को बताई है। मुख्य आरोपी: फरहान, साहिल और अली जांच में जिन युवकों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख हैं फरहान खान, साहिल और अली। इनपर आरोप है कि ये सभी मिलकर सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाते थे, फिर उनका शारीरिक शोषण करते, वीडियो बनाते और उन्हें ब्लैकमेल कर आगे अन्य लड़कियों को लाने का दबाव बनाते थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि पीड़िताओं पर धर्मांतरण का भी दबाव डाला गया। अजमेर गैंगरेप 1992’ की याद दिलाता मामला यह पूरा मामला साल 1992 में राजस्थान के अजमेर में हुए चर्चित गैंगरेप कांड की याद दिलाता है, जहां सैकड़ों लड़कियों को फंसाकर उनका यौन शोषण किया गया था और ब्लैकमेल किया गया था। भोपाल की यह घटना भी बिल्कुल उसी तरह की भयावह योजना का हिस्सा लग रही है। कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक रुख भोपाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 354 (शोषण), 506 (धमकी), IT एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल भी इस मामले की छानबीन में जुट गई है, ताकि वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। DeshHarpal.com पर जाइए और देश-दुनिया से जुड़ी हर ख़बर,और अपडेट पाइए।
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25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार | Friday) दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

♈ मेष (Aries) – तरक्की के योग हैं।♉ वृषभ (Taurus) – विपरीत स्थितियों में भी लाभ होगा।♊ मिथुन (Gemini) – पारिवारिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।♋ कर्क (Cancer) – खर्चों पर कंट्रोल रखें।♌ सिंह (Leo) – प्रेम जीवन में मिठास रहेगी।♍ कन्या (Virgo) – स्वास्थ्य पर ध्यान दें।♎ तुला (Libra) – नई गाड़ी या संपत्ति खरीद सकते हैं।♏ वृश्चिक (Scorpio) – सहकर्मियों से मदद मिलेगी।♐ धनु (Sagittarius) – विदेश यात्रा के योग हैं।♑ मकर (Capricorn) – आर्थिक लाभ के योग बनेंगे।♒ कुंभ (Aquarius) – नया व्यापार शुरू हो सकता है।♓ मीन (Pisces) – समाज में मान-सम्मान मिलेगा।
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जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी:इंदौर में सुशील की पत्नी ने बिलखते हुए कहा- वो कम उम्र के टेररिस्ट थे

“उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए सुशील नथानियल की पत्नी का दर्द “उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – यह कहते हुए सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर की आवाज भर आई, आंखें छलक उठीं और शब्द गले में अटक गए। सुशील, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इंदौर के एलआईसी अधिकारी थे। जेनिफर ने बताया कि हमले के वक्त आतंकियों ने सुशील के सीने पर बंदूक रखकर कहा – “कलमा पढ़ो।” सुशील ने जवाब दिया – “मैं क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता।” इतना कहना ही था कि आतंकी ने उन्हें धक्का दिया और सीने पर गोली मार दी। सुशील की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। हमले में जेनिफर के अलावा उनका बेटा ऑस्टिन और बेटी आकांक्षा भी मौजूद थे। बेटी आकांक्षा को गोली लगी, लेकिन वो बच गईं। सुशील का पार्थिव शरीर बुधवार रात श्रीनगर से दिल्ली होते हुए इंदौर लाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी और परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। बेटे ऑस्टिन ने बताया कि हमले के दौरान आतंकियों की उम्र महज़ 15 से 16 साल रही होगी। वे सिर पर कैमरे लगाकर आए थे, कुछ सेल्फी भी ले रहे थे। “वे हर किसी से पूछ रहे थे – ‘मुस्लिम हो?’ अगर जवाब ‘नहीं’ मिला तो गोली मार देते। एक युवक से कलमा पढ़ने को कहा, पढ़ने के बाद उसकी जांच की और कहा – ‘तेरा खतना नहीं हुआ है’ – फिर गोली मार दी।” यह बर्बर हमला 22 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे बैसारन घाटी में हुआ था। इसमें इटली और इजराइल के नागरिकों समेत कुल 27 पर्यटक मारे गए। अन्य मृतक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा से थे। सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर है, जबकि बेटा ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। सुशील की शहादत सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी चोट है। उन्होंने अपनी जान देकर परिवार को बचाया – ये बलिदान हमेशा याद रखा जाएगाhttps://deshharpal.com/।
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मध्यप्रदेश- पहलगाम हमले में मारे गए सुशील का अंतिम संस्कार:इंदौर में पत्नी ताबूत से लिपटकर रोई, बुआ बोलीं-अब किसका इंतजार करूंगी मैं

इंदौर के सुशील नथानियल को दी गई अंतिम विदाई, पहलगाम आतंकी हमले में हुई थी पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए इंदौर निवासी सुशील नथानियल का अंतिम संस्कार मंगलवार को जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस मौके पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मंत्री तुलसी सिलावट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुशील की अंतिम यात्रा उनके निवास वीणा नगर स्थित मकान B-68 से शुरू हुई, जहां पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनकी पत्नी जेनिफर ताबूत से लिपटकर रो पड़ीं, पिता गहरे सदमे में थे। छोटी बुआ इंदु डावर बार-बार कांपती आवाज में यही कहती रहीं – “अब किसका इंतज़ार करूंगी मैं, बता मुझे?” यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। अंतिम यात्रा में सुशील का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से नंदा नगर चर्च ले जाया गया, जहां प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसके बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बेटे ऑगस्टिन ने बताया कि हमला सुनियोजित था – “आतंकी कैमरे लेकर आए थे और सेल्फी ले रहे थे।”सुशील अपने परिवार के साथ 18 अप्रैल को छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को दोपहर करीब 2:45 बजे बैसारन घाटी में पर्यटकों पर अचानक फायरिंग हुई, जिसमें 27 लोगों की जान चली गई। सुशील भी इनमें शामिल थे। उनकी बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी थी। सुशील आलीराजपुर की एलआईसी सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। उनकी पत्नी जेनिफर खातीपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर हैं, जबकि बेटा ऑगस्टिन एक उभरता हुआ बैडमिंटन खिलाड़ी है। यह परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। देश और शहर ने एक ज़िम्मेदार नागरिक और स्नेही पिता को खो दिया है। सुशील की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगाhttps://deshharpal.com/।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Attack Live: पाकिस्तान में बंद होगा भारतीय उच्चायुक्त, सिंधु जल समझौता रोका गया

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नलिखित हैं:​ यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।​ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े कदम
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आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी-गोली:रायपुर-भिलाई के 70 लोग फंसे, श्रीनगर में सुरक्षित ठहराया गया, पहलगाम में बाजार-पर्यटन स्थल बंद

पहलगाम में आतंक का कहर: रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या, परिवार के सामने हुई वारदात जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार का दिन खून से लाल हो गया। छुट्टियां मनाने गए रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों ने उनके परिवार के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना बैसरन घाटी में हुई, जहाँ वह पत्नी और बच्चों के साथ शादी की सालगिरह मना रहे थे। दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के सामने ही आतंकियों ने उनका नाम पूछा और फिर गोली चला दी। गोली लगने के बाद उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हमले के बाद अफरा-तफरी का माहौल हमले की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सेना ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और पहलगाम को खाली कराया गया। सभी दुकानों और पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया। पर्यटकों को होटल में सुरक्षित ठहराया गया है। पीड़ित परिवार से मिले गृह मंत्री, PM और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के साथ संवेदना जताई है। राज्य सरकार का ऐलान – मृतकों को मुआवजा जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। हमले में 27 टूरिस्टों की मौत, लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी इस आतंकी हमले में कुल 27 लोगों की जान चली गई, जिनमें विदेशी पर्यटक और कई राज्यों से आए लोग शामिल हैं। हमला दोपहर करीब 2:45 बजे हुआ। आतंकियों ने एक-एक कर पर्यटकों से नाम पूछे और उन्हें गोली मार दी। इस जघन्य हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है। https://deshharpal.com/ की संवेदना DeshHarpal शोक संतप्त परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ा है और शांति की कामना करता है। हमारी अपील है कि आतंक के खिलाफ देश एकजुट हो, ताकि फिर कभी किसी का परिवार इस तरह ना उजड़े।
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गोलीबारी के बाद मची अफरातफरी…इंजीनियर ने बताई आंखो देखी:बिलासपुर निगम के CE बोले-जवान के गोली मारने की फैली अफवाह, बंद कर दी गई दुकानें, कर्फ्यू सा नजारा

“पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों में मची अफरातफरी, बिलासपुर से गए अधिकारी बोले- ‘हम उसी जगह जाने वाले थे'” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के दौरान मची अफरातफरी का ज़िक्र करते हुए बिलासपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा ने DeshHarpal को बताया कि उनका परिवार भी उसी वक्त वहां मौजूद था — और जहां हमला हुआ, वहीं जाने की उनकी योजना थी। “हम सब पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ पल डराने वाले थे” — राजकुमार मिश्रा राजकुमार मिश्रा, जो श्रीनगर में ट्रेनिंग के सिलसिले में गए थे, 21 अप्रैल की रात अपने परिवार के साथ पहलगाम पहुंचे थे। उनके साथ स्मार्ट सिटी मैनेजर एसपी साहू, उनकी पत्नी रितु साहू और मिश्रा जी की पत्नी मंजू मिश्रा, बेटियां खुशी और ख्याति मिश्रा भी थीं। हमले से पहले तक सब सामान्य था, फिर पल में बदला माहौल मिश्रा ने बताया कि पहलगाम में 22 अप्रैल को बैसरन जाने की उनकी योजना थी — और दुर्भाग्य से वही इलाका हमले की चपेट में आया। उन्होंने कहा: “हम जैसे ही निकलने की सोच रहे थे, तभी हमला हुआ। सेना ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी रास्ते बंद कर दिए और हमें होटल में रोक लिया गया।” अफवाह, अफरातफरी और अचानक पसरा सन्नाटा हमले के तुरंत बाद पहले अफवाह फैली कि किसी स्थानीय को सेना ने गोली मार दी है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते सभी दुकानें बंद हो गईं और कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया। “चारों तरफ अफरातफरी थी। पर्यटक अपने होटल लौटने की जल्दी में थे। सेना हर कोने पर तैनात थी।” – मिश्रा सुरक्षित वापसी की तैयारी में मिश्रा परिवार मिश्रा ने बताया कि होटल स्टाफ और सुरक्षाबलों ने उनके परिवार की पूरी मदद की। सभी सुरक्षित हैं और अब बिलासपुर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पहलगाम के खूबसूरत नज़ारे अब डर और चिंता की यादों से जुड़ गए हैं। https://deshharpal.com/DeshHarpal की विशेष रिपोर्ट: एक बार फिर आतंक ने कश्मीर की वादियों को दहला दिया है। जहां एक तरफ देश आतंक के खिलाफ खड़ा है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटक और आम लोग हर पल सुरक्षा के भरोसे जी रहे हैं।
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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।

अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, कच्चे तेल की महंगाई से बिगड़े नतीजे

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹6,124 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जबकि मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। 23% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू घाटे के बावजूद BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹1.29 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 23% अधिक है। वहीं, मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ की तुलना में इसमें करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे तेल की महंगाई बनी घाटे की वजह कंपनी के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस लागत भी बढ़ गई। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में नहीं डाला जा सका, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई और तिमाही घाटे में बदल गई। शेयर में गिरावट नतीजों के बाद BPCL का शेयर 3% की गिरावट के साथ ₹309 पर बंद हुआ। BPCL के बारे में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना 24 जनवरी 1976 को हुई थी। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है, जिनकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। BPCL पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग व वितरण का कार्य करती है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू का इस्तीफा, विवादित कृषि बिल के विरोध में छोड़ा पद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने विवादित कृषि विधेयक के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस बिल में दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल और सिंचाई के लिए बड़े जलाशय बनाने की अनुमति देने का प्रावधान है। वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों, जैव विविधता और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, बारबू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के अपने वादों से पीछे हटते हुए ऐसे प्रावधानों को मंजूरी दी, जिनका वह लगातार विरोध करती रही थीं। बिल के दो विवादित प्रावधान 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों को मंजूरीविधेयक में एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन जैसे प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है। इनका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी जैसी फसलों में किया जा सकेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ये रसायन मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों के लिए बेहद हानिकारक हैं, जिससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 2. सिंचाई के लिए बड़े जलाशयों की अनुमतिबिल में किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय और कृत्रिम तालाब बनाने की प्रक्रिया आसान करने का भी प्रावधान है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इससे भूजल और नदियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। संसद से पास हुआ विधेयक फ्रांस की संसद में मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक को सीनेट ने 214 के मुकाबले 111 मतों से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए लाया गया है, ताकि वे यूरोप के अन्य देशों के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। बारबू ने जताई नाराजगी मोनिक बारबू ने कहा कि विवादित प्रावधान आखिरी समय में बिल में जोड़े गए और उन्हें हटाने पर सरकार ने कोई गंभीर चर्चा नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने जंगलों, स्वच्छ जल, साफ हवा और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया, लेकिन अब वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। पहले भी विवादों में रहा कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन नियोनिकोटिनॉइड समूह के कीटनाशक हैं। फ्रांस ने 2018 में एसेटामिप्रिड पर प्रतिबंध लगाया था। इससे पहले भी इस प्रतिबंध को हटाने की कोशिश हुई थी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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