भारतीय अंतरिक्ष यात्री Shubhanshu Shukla ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत के ऐतिहासिक क्रू मिशन के दौरान 7 वैज्ञानिक प्रयोगों (Space Experiments) में से 4 पूरी तरह सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं, जबकि बाकी 3 अंतिम चरण में हैं। अब भारत और दुनिया की नजरें 15 जुलाई को होने वाले स्प्लैशडाउन (Splashdown) पर टिकी हैं।
क्या हैं ये Space Experiments?
इस मिशन में शुभांशु शुक्ला ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा डिज़ाइन किए गए 7 माइक्रोग्रैविटी प्रयोगों को अंजाम दिया। ये प्रयोग अंतरिक्ष में जीव विज्ञान (Biology), भौतिकी (Physics), और मटेरियल साइंस (Material Science) जैसे क्षेत्रों में नई खोजों की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
- 4 प्रयोग पूरे हो चुके हैं
- 3 प्रयोग अपने आखिरी स्टेज पर हैं
इन प्रयोगों के नतीजे भारत की चिकित्सा, रक्षा और वैज्ञानिक तकनीकों को अंतरिक्ष के स्तर तक ले जाने में मदद करेंगे।
Shubhanshu Shukla की वापसी कब?
- Undocking: 14 जुलाई को शाम 4:35 बजे (IST) शुभांशु अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होंगे
- Splashdown: 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे (IST) पृथ्वी पर समुद्र में उनकी सुरक्षित लैंडिंग होगी
- इस ऑपरेशन के लिए ISRO और NASA मिलकर काम कर रहे हैं
🇮🇳 क्यों खास है ये मिशन भारत के लिए?
यह मिशन भारत की Human Spaceflight Capabilities की ताकत को दुनिया के सामने लाता है। ISRO के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत के आगामी Gaganyaan Mission का एक महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास है।
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