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भोपाल के एक युवा ने ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन होता तो भोपाल कैसा दिखता?”

भोपाल, 15 अप्रैल | देश हरपल ब्यूरो भोपाल के एक युवा द्वारा की गई एक साधारण सी कल्पना आधारित पूछताछ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। कुछ दिन पहले इस युवा ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन बना रहता तो भोपाल कैसा दिखता?” इस सवाल के जवाब में AI ने एक काल्पनिक छवि तैयार की, जिसमें भोपाल को पूरी तरह एक इस्लामिक राजशाही प्रभाव वाले शहर की तरह दिखाया गया है। तस्वीर में ऊँची-ऊँची मीनारें, विशाल गुम्बद वाली मस्जिदें, मुग़ल शैली की इमारतें और हरियाली लिए हरे रंग के गुंबद प्रमुख रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि AI द्वारा बनाई गई यह तस्वीर कल्पनाशीलता पर आधारित है, लेकिन इसमें भोपाल की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभाव महसूस किया गया। शहर के कई नागरिकों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि भोपाल की पहचान केवल नवाबी शासन या मुग़ल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही है। भोपाल की वास्तुकला में जहाँ एक ओर ताज-उल-मस्जिद जैसी ऐतिहासिक मस्जिदें हैं, वहीं भारत भवन, भीम बेटका की गुफाएं और आदिवासी संस्कृति की छाप भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुद्दा उठता है — क्या AI जैसे प्लेटफॉर्म भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश की पूरी तस्वीर पेश करने में सक्षम हैं? टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI अपने उत्तरों को प्रशिक्षित डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर बनाता है, जिसमें कभी-कभी एकपक्षीय छवि उभर सकती है। ऐसे में यूज़र्स को भी यह समझना होगा कि AI द्वारा दी गई तस्वीरें या जवाब कल्पना आधारित हो सकते हैं, और उनका ऐतिहासिक या सामाजिक संतुलन जरूरी नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के साथ एक विस्तृत चर्चा प्रकाशित करेगा।
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PM Modi in Hisar: हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन, कांग्रेस पर तीखा हमला और वक्फ कानून पर बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के दो महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। सुबह 10 बजे उन्होंने हिसार में हरियाणा के पहले Domestic Airport का उद्घाटन किया और वहीं से हिसार-अयोध्या के लिए सीधी Flight को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद उन्होंने हिसार एयरपोर्ट परिसर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस, वक्फ कानून और संविधान के दुरुपयोग पर जमकर निशाना साधा। 🛫 “हवाई चप्पल पहनने वाला भी जहाज में उड़ेगा” PM मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का सपना है कि आम आदमी भी हवाई सफर का अनुभव कर सके। उन्होंने कहा, “अब श्रीकृष्ण की पावन भूमि हरियाणा सीधे श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ गई है। बहुत जल्द हिसार से देश के अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी।”मोदी ने बताया कि 2014 से पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, लेकिन आज यह संख्या 150 के पार हो चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, “10 साल में करोड़ों भारतीयों ने पहली बार हवाई यात्रा की है। हमने उन स्थानों पर भी एयरपोर्ट बनाए, जहां पहले अच्छे रेलवे स्टेशन तक नहीं थे।” 🧕 “वक्फ कानून से मुसलमानों का नहीं, कांग्रेस का भला हुआ” PM ने वक्फ कानून को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद से 2013 तक वक्फ कानून चला, लेकिन 2013 में कांग्रेस ने उसमें बदलाव कर दिया ताकि चुनाव में वोट पा सके। ऐसा कानून बनाया कि बाबा साहेब के संविधान की धज्जियां उड़ गईं। अगर इस कानून का सही उपयोग हुआ होता तो मुस्लिम समाज को साइकिल के पंचर बनाने तक की नौबत नहीं आती।” मोदी ने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि “अगर उनके दिल में वाकई मुसलमानों के लिए हमदर्दी है तो अपनी पार्टी का अध्यक्ष किसी मुसलमान को क्यों नहीं बनाते?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ लोगों के अधिकार छीनना चाहती है। 📜 “कांग्रेस ने बाबा साहेब को हराया, संविधान को कुचला” PM मोदी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, “कांग्रेस ने उन्हें दो बार चुनाव हराकर अपमानित किया। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने SC, ST और OBC को मिलने वाली Pension तक धर्म के आधार पर बाट दी।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान को सत्ता हथियाने का एक Tool मानती है, जबकि BJP संविधान की आत्मा को बचाने का काम कर रही है। ⚖️ “UCC का विरोध कर संविधान की भावना को मारा” प्रधानमंत्री ने Uniform Civil Code (UCC) पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, “जब भी कांग्रेस को सत्ता खतरे में नजर आई, उन्होंने संविधान को कुचल दिया। संविधान कहता है कि सभी के लिए एक समान नागरिक संहिता होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने UCC का हमेशा विरोध किया।”उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां BJP सरकार ने संविधान की भावना को लागू करते हुए UCC को सख्ती से लागू किया। 🔌 अब यमुनानगर में रखेंगे 800 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट की नींव हिसार कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री यमुनानगर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास करेंगे और एक और जनसभा को संबोधित करेंगे। Desh Harpal पर जुड़े रहिए देशभर की बड़ी खबरों के लिए — जहां हर मुद्दा आपकी सोच को दिशा देता है।
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iPhone

अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए Apple ने जल्दी में भेजे 600 टन iPhones, भारत बना अहम निर्यातक केंद्र

नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 | देश हरपलदुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक Apple ने अमेरिका के नए टैरिफ नियमों से बचने के लिए तेज़ी से कदम उठाते हुए हाल ही में 600 टन iPhones भारत और चीन से अमेरिका भेज दिए। अमेरिका की ओर से चीन से आयातित स्मार्टफोन्स पर 145% तक का नया टैरिफ शुल्क लागू करने की तैयारी के बीच Apple ने यह बड़ा लॉजिस्टिक ऑपरेशन अंजाम दिया। 📦 क्या है मामला? अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन ने हाल ही में घोषणा की कि चीन से आयात किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इसके लागू होने से पहले ही Apple ने लगभग 600 टन iPhones को तेज़ी से शिप करवा दिया, ताकि उन्हें भारी टैक्स के दायरे में आने से पहले अमेरिकी बाजार में पहुँचा दिया जाए। 🌏 भारत की बड़ी भूमिका इस बार खास बात यह रही कि Apple ने सिर्फ चीन पर निर्भर न रहते हुए भारत के प्लांट्स से भी बड़ी संख्या में iPhones का एक्सपोर्ट किया। बताया जा रहा है कि भारत के तमिलनाडु स्थित Foxconn प्लांट और कर्नाटक के नए निर्माण केंद्र से सीधे iPhones को एयर कार्गो के ज़रिए अमेरिका भेजा गया। ✈️ इतनी जल्दी कैसे हुआ शिपमेंट? जानकारी के मुताबिक, Apple ने DHL और FedEx जैसी बड़ी लॉजिस्टिक कंपनियों की मदद से दर्जनों एयर कार्गो फ्लाइट्स बुक कीं। अनुमान है कि एक हफ्ते के अंदर 50 से अधिक फ्लाइट्स के ज़रिए इन 600 टन फोन्स को अमेरिका रवाना किया गया। 💰 टैरिफ का असर कितना बड़ा होता? अगर Apple ये डिवाइसेज़ समय रहते अमेरिका न भेज पाता, तो कंपनी को हर iPhone पर औसतन 100 से 200 डॉलर का अतिरिक्त टैक्स भरना पड़ता। यानी कुल मिलाकर सैकड़ों मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता था, जिससे कंपनी के मुनाफे और मार्केट प्राइस दोनों पर असर पड़ता। 🇮🇳 भारत बना नया विनिर्माण और निर्यात हब Apple का यह कदम इस ओर भी संकेत करता है कि कंपनी चीन से अपने निर्माण आधार को धीरे-धीरे भारत की ओर शिफ्ट कर रही है। “Make in India” अभियान के तहत भारत सरकार की योजनाओं से प्रेरित होकर Apple अब भारत में अपने प्रोडक्शन को और विस्तार देने की तैयारी में है। 📊 बाजार पर असर Apple की इस तेज़ चाल के बाद कंपनी के शेयर में हल्की बढ़त देखी गई है, जबकि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारत भविष्य में Apple और अन्य वैश्विक कंपनियों के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है। निष्कर्ष:Apple ने अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए जो रणनीति अपनाई, वह न सिर्फ कंपनी के लिए फायदेमंद रही, बल्कि भारत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई। भारत अब सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार ही नहीं, बल्कि iPhones जैसे हाई-टेक प्रोडक्ट्स का वैश्विक निर्यातक भी बनता जा रहा है। रिपोर्ट: देश हरपल
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खुशखबरी! अब TV, FRIDGE और SMARTPHONE हो सकते हैं सस्ते – चीन से मिल रही 5% की छूट, जानिए वजह

खुशखबरी! अब TV, FRIDGE और SMARTPHONE हो सकते हैं सस्ते – चीन से मिल रही 5% की छूट, जानिए वजह

नई दिल्ली: आम लोगों के लिए राहत की खबर है। आने वाले दिनों में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और स्मार्टफोन जैसे जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतें घट सकती हैं। इसका फायदा सीधे-सीधे भारतीय ग्राहकों को मिल सकता है। दरअसल, चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) का असर अब भारत पर दिखने लगा है – और वो भी पॉजिटिव तरीके से। चीन की बड़ी-बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब भारत को अपने प्रोडक्ट्स पर 5% तक का डिस्काउंट दे रही हैं। क्यों दे रहे चीनी कंपनियां भारत को छूट? चीन और अमेरिका के बीच आयात-निर्यात को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही है। अमेरिका ने चीन से आने वाले कई प्रोडक्ट्स पर भारी टैक्स लगा दिया है, जिससे चीन के लिए अमेरिका में सामान बेचना मुश्किल हो गया है। अब चीन को अपने माल के लिए नए बाजारों की जरूरत है – और भारत उसके लिए सबसे बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है। यही वजह है कि चीनी कंपनियां भारतीय बाजार को लुभाने के लिए सस्ते दाम पर सामान ऑफर कर रही हैं। आम आदमी को क्या फायदा? अगर आप नया टीवी, फ्रिज या मोबाइल लेने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ महीनों में इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। घर चलाने वाली माएं हों या टेक्नोलॉजी पसंद करने वाले युवा, हर किसी के लिए यह राहत भरी खबर है। बढ़ती महंगाई के बीच अगर रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले सामान थोड़े सस्ते हो जाएं, तो इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है? दुकानदार और कारोबारी भी खुश सिर्फ ग्राहक ही नहीं, दुकानदार और कारोबारी भी इस छूट से खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि डिस्काउंट मिलने से बिक्री बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा भी। टीवीफ्रिजसस्ते #स्मार्टफोनऑफर #चीनभारतछूट #इलेक्ट्रॉनिक्सऑफर #DeshharpalNews
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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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Donald Trump के 26% टैरिफ

US China Tariff Update: Trump का चीन पर 125% टैरिफ, 75 से ज्यादा देशों को 90 दिनों की राहत |

चीन को राहत नहीं, उल्टा टैरिफ और बढ़ा US China Tariff Update-इस छूट सूची में चीन को शामिल नहीं किया गया है। इसके विपरीत, ट्रंप ने चीन पर लगे टैरिफ को 104% से बढ़ाकर 125% कर दिया है। इसका सीधा असर यह होगा कि चीन में बना 100 डॉलर का सामान अब अमेरिका में 225 डॉलर में बिकेगा। महंगाई के चलते अमेरिका में चीनी सामान की बिक्री घटेगी और चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर दी जानकारी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा— “चीन ने ग्लोबल मार्केट के लिए कोई सम्मान नहीं दिखाया है। इसी वजह से मैं उस पर टैरिफ बढ़ा रहा हूं। उम्मीद है कि चीन समझेगा कि अब अमेरिका और बाकी देशों को लूटने के दिन खत्म हो गए हैं।” 90 दिनों का टैरिफ विराम: भारत को भी राहत ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करने वाले देशों को उन्होंने 90 दिनों की राहत दी है। इन देशों ने अमेरिका के साथ नई व्यापार संधियों पर बातचीत की इच्छा जताई है। ट्रंप ने कहा कि इस ‘टैरिफ पॉज’ से नए समझौतों की संभावनाएं बढ़ेंगी। 10% बेसलाइन टैरिफ की बात वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जानकारी दी कि जो देश अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, उनके लिए टैरिफ दर घटाकर 10% कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कनाडा और मेक्सिको के कुछ उत्पादों पर पहले 25% टैरिफ लगता था, लेकिन अब इन्हें भी बेसलाइन टैरिफ में शामिल किया गया है। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि यूरोपीय यूनियन को इसमें शामिल किया गया है या नहीं। टैरिफ वॉर से अमेरिका को था बड़ा नुकसान 1. 10 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट टैरिफ वॉर के चलते अमेरिका और वैश्विक बाजार में 10 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई थी। हालांकि, टैरिफ रोकने के कुछ घंटे बाद ही अमेरिकी शेयर बाजार की वैल्यू 3.1 लाख करोड़ डॉलर बढ़ गई। 2. ट्रंप के सलाहकार और एलन मस्क भी खिलाफ ट्रंप के करीबी सलाहकारों और खुद एलन मस्क ने टैरिफ वॉर को खत्म करने की सलाह दी थी। रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता मिच मैककोनल, रैंड पॉल, सुसन कोलिन्स और लिसा मुर्कोव्स्की ने इसे असंवैधानिक, आर्थिक रूप से नुकसानदायक और कूटनीतिक रूप से खतरनाक बताया। 3. बॉन्ड्स और क्रूड में गिरावट टैरिफ वॉर की वजह से अमेरिकी बॉन्ड्स की तेजी से बिकवाली शुरू हो गई थी। क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे कोविड जैसी मंदी की आशंका बनने लगी थी। 4. बेरोजगारी और महंगाई का खतरा वॉल स्ट्रीट के प्रमुख बैंकों ने चेतावनी दी थी कि अगर टैरिफ वॉर जारी रहा, तो अमेरिका में बेरोजगारी और महंगाई तेजी से बढ़ेगी। 5. चीन से आयात महंगा, कंपनियां परेशान अमेरिका हर साल चीन से 440 अरब डॉलर का आयात करता है। उस पर 124% टैरिफ लगने से अमेरिकी कंपनियों को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता खोजने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में 75 देशों पर टैरिफ रोकना इन कंपनियों की सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए जरूरी था। घोषणा के बाद शेयर बाजार में उछाल घोषणा से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा— “This is a great time to buy.” इसके बाद जैसे ही टैरिफ विराम की घोषणा हुई, अमेरिकी शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आ गई। एक दिन पहले ही टैरिफ वॉर की आशंका से वैश्विक बाजारों में 4% तक की गिरावट आ चुकी थी। चीन पर क्यों बढ़ाया गया टैरिफ? ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, ट्रंप ने यह फैसला उन देशों को इनाम देने के लिए किया जिन्होंने अमेरिका के खिलाफ टैरिफ नहीं बढ़ाया। जबकि चीन ने बुधवार को अमेरिका पर टैरिफ 34% से बढ़ाकर 84% कर दिया था। इसके जवाब में ट्रंप ने चीन पर 125% टैरिफ लगा दिया। निष्कर्ष: ट्रंप का यह फैसला न सिर्फ चीन पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति है, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था को मंदी और महंगाई से उबारने की कोशिश भी है। भारत समेत 75 से ज्यादा देशों को मिली छूट से वैश्विक व्यापार को कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन चीन-अमेरिका टकराव फिलहाल और बढ़ने की संभावना है। 👉 देश-दुनिया की ऐसी ही विशेष खबरों के लिए पढ़ते रहिए देश हरपल।
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Daily Horoscope:10 अप्रैल 2025 (गुरुवार)

10 अप्रैल 2025 (गुरुवार) मेष: नई शुरुआत के लिए शुभ दिन। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा।वृषभ: विवादों से दूर रहें। धन संबंधी समस्या आ सकती है।मिथुन: स्वास्थ्य बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में मन लगेगा।कर्क: नौकरी में बदलाव संभव है। वरिष्ठों से सराहना मिलेगी।सिंह: पारिवारिक मामलों में सामंजस्य बना रहेगा। शुभ समाचार मिलेगा।कन्या: बिज़नेस में साझेदारी लाभदायक रहेगी। खर्च बढ़ सकते हैं।तुला: बौद्धिक कामों में सफलता मिलेगी। सम्मान प्राप्त होगा।वृश्चिक: नई योजनाओं पर कार्य शुरू कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।धनु: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी।मकर: किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। भाग्य का सहयोग मिलेगा।कुंभ: संचार माध्यम से लाभ होगा। फालतू बातों से बचें।मीन: मानसिक शांति मिलेगी। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी।
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Daily Horoscope: 9 अप्रैल 2025 (बुधवार)

मेष: मेहनत का फल मिलेगा। कार्य में सफलता संभव है।वृषभ: भावनात्मक संतुलन रखें। परिवार में कुछ तनाव हो सकता है।मिथुन: रुका हुआ कार्य पूरा होगा। धन लाभ के योग हैं।कर्क: दिन शुभ है, पुराने विवाद सुलझ सकते हैं।सिंह: करियर में नया मोड़ आ सकता है। नौकरी बदलने का विचार बनेगा।कन्या: किसी से उपहार मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।तुला: कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। यात्रा टालें।वृश्चिक: व्यवसाय में सफलता मिलेगी। निवेश से लाभ संभव है।धनु: कोई पुराना मित्र मिलेगा। पुराने सपने पूरे होने की संभावना।मकर: जीवनसाथी के साथ समय बिताएं। रोमांटिक दिन रहेगा।कुंभ: कोई बड़ा फैसला न लें। संयम जरूरी है।मीन: संतान पक्ष से चिंता हो सकती है। धैर्य रखें।
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एमपी अजब है! प्रोफेसर की बीमारी में चपरासी ने जांच दी यूनिवर्सिटी की कॉपियां, 5000 रुपए में छात्रों के भविष्य से खेल

देश हरपल न्यूज़ | पिपरिया, नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश एक बार फिर अपने “अजब-गजब” कारनामों के लिए चर्चा में है। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का है, जहां यूनिवर्सिटी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किसी प्रोफेसर ने नहीं, बल्कि एक चपरासी ने कर डाला। यह घटना जनवरी 2025 की है, जब कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पन्नालाल पठारिया द्वारा यूनिवर्सिटी की परीक्षा कॉपियां जांचते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा गया कि पन्नालाल, जो कि कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं, बड़े आराम से उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे हैं और उन्हें नंबर भी दे रहे हैं। चौंकाने वाला खुलासा: 5000 में हुआ सौदा, छात्रों का भविष्य दांव पर जांच में खुलासा हुआ कि यह कॉपियां कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी खुशबू पगारे को जांचने के लिए सौंपी गई थीं। लेकिन खुशबू पगारे ने कथित तौर पर तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए यह ज़िम्मेदारी कॉलेज के बुक लिफ्टर राकेश मेहर को 7000 रुपए में दे दी। राकेश ने बदले में 5000 रुपए में यह जिम्मेदारी चपरासी पन्नालाल पठारिया को सौंप दी। यानी प्रोफेसर की बीमारी, बिचौलिए की कमाई और चपरासी की मेहनत ने मिलकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर डाला। इतना ही नहीं, छात्रों की मेहनत और यूनिवर्सिटी की साख दोनों पर सवालिया निशान खड़े हो गए। छात्र पहुंचे विधायक के पास, उच्च शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप वीडियो वायरल होते ही छात्रों में रोष फैल गया। उन्होंने स्थानीय विधायक ठाकुरदास नागवंशी से इस मामले की शिकायत की और वीडियो सबूत के तौर पर सौंपा। मामला उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंचा और प्रोफेसर खुशबू पगारे को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही चपरासी और बुक लिफ्टर के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। सवाल बड़े हैं: शिक्षा का ये स्तर? यह घटना सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाती है। जब परीक्षा कॉपियों की जांच जैसे संवेदनशील कार्य को बिना योग्यता वाले कर्मचारी को सौंप दिया जाए, तो फिर छात्रों की योग्यता और मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है? क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है? क्या ऐसे मामलों पर सिर्फ सस्पेंशन ही काफी है या कड़ी कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है? देश हरपल की अपील: देश हरपल न्यूज़ इस घटना की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे देश के युवाओं और शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।
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Indore Girl Video

Indore Girl Video: 56 दुकान पर ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर रील बनाना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए बोली- “मुझे माफ कर दो”

देश हरपल डेस्क, इंदौर।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की मशहूर जगह 56 दुकान इन दिनों एक अनोखे और विवादित मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला न तो किसी खाद्य पदार्थ का है, न ही ट्रैफिक का, बल्कि एक ऐसी सोशल मीडिया रील का, जिसने पूरे शहर के माहौल को हिला कर रख दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले एक युवती ने 56 दुकान इलाके में एक रील शूट की थी। इस रील में वह लाल रंग की ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर खुलेआम घूमती नजर आई थी। चारों ओर फैमिली क्राउड, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, लेकिन युवती बेपरवाह होकर रील बनाती रही। बाद में इस रील को उसने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने दर्ज की FIR, युवती के खिलाफ कार्रवाई शुरूवीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे अश्लीलता फैलाने का प्रयास बताया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने युवती के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी आया सामनेवीडियो के विरोध में कई हिंदू संगठनों ने भी सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान जारी करते हुए कहा – “हमारा देश स्वतंत्र है, हर किसी को खाने, पीने, पहनने की आज़ादी है। लेकिन जब इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग होने लगे तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। समाज को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए जो हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं को तोड़ते हैं।” विवाद बढ़ा तो युवती ने मांगी माफी, कहा- “मुझे माफ कर दो”मामले के तूल पकड़ने के बाद युवती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। वीडियो में उसने कहा – “मुझे एहसास हुआ है कि मैंने सार्वजनिक जगह पर ऐसे कपड़े पहनकर गलती की है। मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगी। मुझे माफ कर दीजिए।” हालांकि शुरुआत में युवती ने एक अलग ही रुख अपनाया था। उसने कहा था कि – “ऐसे कपड़े बहुत सी लड़कियां पहनती हैं, मैंने कुछ नया नहीं किया। जिसने भी मेरे खिलाफ शिकायत की है, वो मेरा पता पुलिस को दे दें ताकि वो मुझसे मिल सकें।” लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रोलिंग और आलोचना तेज हो गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। वीडियो में क्या है?वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती जैसे ही लाल ब्रा और शॉर्ट्स में 56 दुकान की सड़कों पर चलती है, राह चलते लोग हैरान रह जाते हैं। कई लोग मुड़-मुड़ कर उसे देखते हैं, एक लड़का तो शर्म से आंखें भी बंद कर लेता है। कुछ लोग हँसते हुए भी नजर आते हैं, लेकिन यह हंसी ज्यादा देर तक नहीं टिकती, क्योंकि वीडियो ने विवाद का रूप ले लिया। एडिशनल DCP राम स्नेही मिश्र का बयानइंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्र ने कहा – “हमें यह जांचना होगा कि युवती ने छोटे कपड़ों में इस तरह का वीडियो क्यों बनाया। क्या इसका उद्देश्य सिर्फ वायरल होना था या इसके पीछे कोई मानसिक दबाव या व्यक्तिगत कारण थे। साथ ही हम उसके पारिवारिक वातावरण की भी जांच करेंगे।” देश हरपल की टिप्पणीयह मामला केवल फैशन या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, यह उस सामाजिक मर्यादा की बात करता है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सभी वर्गों का आना-जाना होता है – बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और पूरा परिवार। सोशल मीडिया की ‘लाइक और वायरल’ संस्कृति अब वास्तविक जीवन की सीमाओं को तोड़ने लगी है। ऐसे में ज़रूरत है संतुलन और समझदारी की, ताकि हमारी सामाजिक संवेदनाएं और संविधान दोनों सुरक्षित रह सकें। देश हरपल ऐसे हर मुद्दे को उठाता रहेगा, जो हमारी संस्कृति, कानून और सामाजिक चेतना से जुड़ा हो।आपका क्या विचार है इस पर? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।
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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।

अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, कच्चे तेल की महंगाई से बिगड़े नतीजे

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹6,124 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जबकि मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। 23% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू घाटे के बावजूद BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹1.29 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 23% अधिक है। वहीं, मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ की तुलना में इसमें करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे तेल की महंगाई बनी घाटे की वजह कंपनी के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस लागत भी बढ़ गई। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में नहीं डाला जा सका, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई और तिमाही घाटे में बदल गई। शेयर में गिरावट नतीजों के बाद BPCL का शेयर 3% की गिरावट के साथ ₹309 पर बंद हुआ। BPCL के बारे में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना 24 जनवरी 1976 को हुई थी। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है, जिनकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। BPCL पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग व वितरण का कार्य करती है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू का इस्तीफा, विवादित कृषि बिल के विरोध में छोड़ा पद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने विवादित कृषि विधेयक के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस बिल में दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल और सिंचाई के लिए बड़े जलाशय बनाने की अनुमति देने का प्रावधान है। वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों, जैव विविधता और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, बारबू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के अपने वादों से पीछे हटते हुए ऐसे प्रावधानों को मंजूरी दी, जिनका वह लगातार विरोध करती रही थीं। बिल के दो विवादित प्रावधान 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों को मंजूरीविधेयक में एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन जैसे प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है। इनका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी जैसी फसलों में किया जा सकेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ये रसायन मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों के लिए बेहद हानिकारक हैं, जिससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 2. सिंचाई के लिए बड़े जलाशयों की अनुमतिबिल में किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय और कृत्रिम तालाब बनाने की प्रक्रिया आसान करने का भी प्रावधान है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इससे भूजल और नदियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। संसद से पास हुआ विधेयक फ्रांस की संसद में मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक को सीनेट ने 214 के मुकाबले 111 मतों से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए लाया गया है, ताकि वे यूरोप के अन्य देशों के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। बारबू ने जताई नाराजगी मोनिक बारबू ने कहा कि विवादित प्रावधान आखिरी समय में बिल में जोड़े गए और उन्हें हटाने पर सरकार ने कोई गंभीर चर्चा नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने जंगलों, स्वच्छ जल, साफ हवा और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया, लेकिन अब वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। पहले भी विवादों में रहा कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन नियोनिकोटिनॉइड समूह के कीटनाशक हैं। फ्रांस ने 2018 में एसेटामिप्रिड पर प्रतिबंध लगाया था। इससे पहले भी इस प्रतिबंध को हटाने की कोशिश हुई थी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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