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सगाई में आए मेहमान की हत्या:बीच-बचाव करने पर हंसिया से किया वार, बेटी की शादी से पहले पिता गिरफ्तार

मध्यप्रदेश: विवाद सुलझाने पहुंचे व्यक्ति की हंसिया से हत्या, आरोपी जंगल से गिरफ्तार जबलपुर: जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम देवरी में 51 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक सिर्फ दो लोगों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साए आरोपी ने हंसिया से उसके सिर और कंधे पर हमला कर दिया। कैसे हुआ विवाद? ✅ आरोपी जीवन सिंह ठाकुर (42) की बेटी की सगाई थी।✅ उसने गुरुवार को गांव के बुजुर्गों को भोज पर आमंत्रित किया था।✅ भोज के दौरान गांव का कोदूलाल भी वहां पहुंचा, जिसका कुछ साल पहले जीवन सिंह से विवाद हो चुका था।✅ पहले सुलझा हुआ विवाद फिर से गरमाया और दोनों में गाली-गलौज होने लगी।✅ मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को शांत कराया, लेकिन कोदूलाल गुस्से में बाहर आ गया। बीच-बचाव में गई जान 📌 गुस्से में जीवन सिंह हंसिया लेकर कोदूलाल के पीछे भागा।📌 ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की, तभी भगत सिंह ठाकुर बीच-बचाव करने आया।📌 जीवन सिंह ने हंसिया से भगत सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।📌 ग्रामीणों ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जंगल से किया आरोपी को गिरफ्तार 🛑 घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।🛑 चरगंवा थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ घंटों में जंगल से गिरफ्तार कर लिया।🛑 आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। शादी की खुशियां मातम में बदलीं 🚨 आरोपी की बेटी की शादी 20 दिन बाद होने वाली थी।🚨 परिवार खुशियों की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब गांव में मातम का माहौल है।🚨 पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ➡️ इस घटना पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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मप्र में 5वीं और 8वीं बोर्ड के परिणाम घोषित:कक्षा 5वीं में 92.70% और 8वीं में 90.02% विद्यार्थी उत्तीर्ण

MP Board Result 2024: 5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, बालिकाओं का प्रदर्शन शानदार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार दोपहर 1 बजे जारी कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल पर रिजल्ट बटन दबाकर नतीजे घोषित किए। कुल रिजल्ट का प्रतिशत 📌 कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 92.70% (पिछले साल: 90.97%)📌 कक्षा 8वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 90.02% (पिछले साल: 87.71%) बालिकाओं ने मारी बाजी ✅ कक्षा 5वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 94.12% और बालकों का 91.38%✅ कक्षा 8वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 91.72% और बालकों का 88.41% टॉप 10 जिले (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा) 📌 5वीं बोर्ड: शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, भोपाल।📌 8वीं बोर्ड: नरसिंहपुर, अलीराजपुर, रीवा, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, डिंडोरी, बड़वानी, मंदला। रिजल्ट कैसे देखें? 📌 छात्र अपना परीक्षा परिणाम राज्य शिक्षा केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं:🔗 www.rskmp.in/result.aspx📌 रोल नंबर या समग्र आईडी से लॉग इन करके रिजल्ट देखा जा सकता है।📌 शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के लिए शाला-स्तरीय परिणाम भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। फेल हुए छात्रों के लिए खास योजना ❌ जो छात्र परीक्षा में असफल रहे हैं, उनके लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।📌 इसमें विद्यार्थियों को सिर्फ उसी विषय की परीक्षा देनी होगी जिसमें वे फेल हुए हैं। 22.85 लाख छात्रों ने दी परीक्षा 📌 कक्षा 5वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,17,961📌 कक्षा 8वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,68,866📌 कुल परीक्षा केंद्र: 12,623📌 मूल्यांकन केंद्र: 322 पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था 📌 हर जिले के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे।📌 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अंकों की प्रविष्टि के बाद किया गया।📌 राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वालों का आभार जताया। ➡️ MP बोर्ड रिजल्ट को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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रायपुर निगम में 1529 करोड़ का बजट पेश:4 नए फ्लाई ओवर, 3 विमेंस हॉस्टल, रेस्ट रूम में सेनेटरी वेंडिंग मशीन, बेबी फीडिंग की सुविधा

रायपुर नगर निगम का बजट पेश: शहर को मिलेंगे नए फ्लाईओवर, वर्किंग वुमन हॉस्टल और प्ले जोन रायपुर नगर निगम में मेयर मीनल चौबे ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 4 नए फ्लाईओवर बनेंगे, यातायात होगा सुगम शहर के चार प्रमुख स्थानों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे—✅ उद्योग भवन✅ राजेंद्र नगर✅ सरोना✅ तेलीबांधा चौक ➡️ इन फ्लाईओवरों से यातायात सुगम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं 🔹 तीन जगहों पर वर्किंग वुमन हॉस्टल और विमेन रेस्ट रूम बनाए जाएंगे।🔹 इनमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम की सुविधा होगी।🔹 पब्लिक प्लेस पर महिला सुरक्षा के लिए सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं और बच्चों के लिए नई योजनाएं 📚 युवाओं के लिए आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी।🎠 बच्चों के लिए प्ले जोन विकसित किए जाएंगे। स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा डिजिटल ट्रेनिंग 🔸 स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।🔸 वेंडिंग जोन को विकसित किया जाएगा और मार्केट डेवलपमेंट प्लान के तहत बाजारों का विस्तार होगा। छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो वाली फाइल में पेश किया गया बजट 📌 मेयर मीनल चौबे बजट को पीले रंग की मखमली फाइल में लेकर निगम कार्यालय पहुंचीं।📌 इस फाइल पर छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो छपी थी, जो संस्कृति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। ➡️ इस बजट से रायपुर में कितना बदलाव आएगा? अपनी राय कमेंट करें!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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राजेंद्र सलूजा नहीं लिख पाएंगे ‘पूर्व विधायक’, कोर्ट का आदेश:गुना में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बने थे एमएलए, पेंशन की होगी वसूली

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को बड़ा झटका गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में उनकी पेंशन और अन्य सरकारी लाभ वापस लेने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, अब वह खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे। क्या है पूरा मामला? ➡️ गुना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।➡️ वर्ष 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा का समर्थन मिला।➡️ सांसी समुदाय का जाति प्रमाण पत्र पेश कर आरक्षण का लाभ लिया और विधायक बने।➡️ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सलूजा सामान्य जाति के हैं और उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया।➡️ 2011 में जांच के बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। कोर्ट में 12 साल तक चली कानूनी लड़ाई ✅ जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद सलूजा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो 2012 में खारिज कर दी गई।✅ 2013 में उनकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हुई।✅ 2016 में पार्षद वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सलूजा की पेंशन और अन्य लाभ रद्द करने की मांग की गई।✅ 2017 में हाई कोर्ट ने इस याचिका को द्वेषपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया और वंदना मांडरे पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया।✅ वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।✅ 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सलूजा को पेंशन और सरकारी लाभों के लिए अयोग्य ठहरा दिया। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – 4 बड़े आदेश 1️⃣ सलूजा अब किसी भी तरह की पेंशन के हकदार नहीं होंगे।2️⃣ उनसे अब तक मिली पेंशन और अन्य लाभों की वसूली की जाएगी।3️⃣ वे अब खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे।4️⃣ उनके खिलाफ वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब आगे क्या? ➡️ सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सलूजा को हर तरह के सरकारी लाभ वापस करने होंगे।➡️ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है।➡️ इस फैसले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर चुनाव लड़ने वालों के लिए एक सख्त मिसाल कायम हुई है। इस फैसले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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जहर खाने से पहले बेटे को भेजी प्रॉपर्टी की डिटेल:आखिरी वीडियो में बोले- डॉ. जहीर ने मजबूर किया, बजरंग दल मेरा बदला ले

सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर शाजापुर के दिनेश कुंभकार ने खाया जहर, वीडियो में कही ये बात शाजापुर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया। यह घटना गुरुवार शाम ग्राम सनकोटा में हुई। जहर खाने के बाद उन्होंने अपने बेटे योजीत को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। वीडियो में लगाए गंभीर आरोप दिनेश कुंभकार घरों में जाकर इंजेक्शन लगाने का काम करते हैं। जहर खाने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने लगातार प्रताड़ना की बात कही और बजरंग दल से बदला लेने की गुहार लगाई। वीडियो में दिनेश ने कहा—“मैं डॉ. दिनेश… डॉ. जहीर मुझे बहुत प्रताड़ित कर रहा था। रोज-रोज मुझे परेशान कर रहा था। रमजान का महीना समझकर मैं उसे छोड़ता रहा, लेकिन उसने मुझे जहर खाने पर मजबूर कर दिया।” “मैं बजरंग दल की टीम से कहता हूं कि मेरा बदला ले, जय श्री राम, जय सियाराम।” पुलिस ने शुरू की जांच इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिनेश द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए पुलिस वीडियो और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार शाम जहर खा लिया। इससे पहले उन्होंने अपने बेटे योजीत को वॉट्सऐप पर विस्तृत जानकारी भेजी, जिसमें उन्होंने अपने बैंक खातों, गिरवी रखे गहनों और संपत्तियों का जिक्र किया। बैंकों में बीमा और गिरवी रखे गहनों की जानकारी दी दिनेश ने अपने मैसेज में बताया कि—🔹 यूनिटी बैंक, बंधन बैंक और भारत बैंक में उनका बीमा है।🔹 कैपरी बैंक में गोल्ड लोन और मंगलसूत्र गिरवी रखा गया है।🔹 ज्योतिनगर में संदीप सोनी के पास 265 ग्राम की पायजेब रखी है।🔹 राधास्वामी आश्रम के सामने उनका 22×40 का प्लॉट है। सूदखोरों का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप दूसरे वॉट्सऐप मैसेज में दिनेश ने कुछ लोगों का जिक्र करते हुए बताया कि—🔸 पप्पू विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा, भागीरथ जी टेंट हाउस, ज्योतिनगर की आंटी जी और जितेन पोंटिंग की मां से उन्होंने पैसे लिए थे और मूल राशि से अधिक ब्याज चुका दिया था।🔸 इसके बावजूद ये लोग उन्हें परेशान कर रहे थे और दुकान बंद करवाने की धमकी दे रहे थे।🔸 दिनेश ने प्रशासन से अपने बच्चों के लिए इन सूदखोरों से पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। बेटे ने किया बड़ा खुलासा जिला अस्पताल में दिनेश के बेटे योजीत ने बताया कि उनके पिता लगातार सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान थे। उन्होंने कहा—🗣️ “पापा ने बताया था कि ये लोग उन्हें धमका रहे हैं और दुकान बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इनका ब्याज चुका दिया है, लेकिन फिर भी ये हमें परेशान कर रहे हैं।” पुलिस जांच में जुटी 🔹 लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि डॉक्टरों ने दिनेश को इंदौर रेफर कर दिया है और परिवार के लोग उनके साथ गए हैं।🔹 मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। ➡️ क्या प्रशासन इन सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा? इस मामले पर आपकी क्या राय है?https://deshharpal.com से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें
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राजस्व मंत्री बोले- अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा:घुटनों का ऑपरेशन करवाना है; इछावर में कहा- अंतिम सांस तक सेवा करता रहूंगा

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने की बड़ी घोषणा, अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री और इछावर के विधायक करण सिंह वर्मा ने स्वास्थ्य कारणों के चलते अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐलान इछावर में मुक्तिधाम के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान किया। घुटनों की सर्जरी कराएंगे, लेकिन कार्यकाल पूरा करेंगे मंत्री वर्मा ने बताया कि लंबे समय से घुटनों में दर्द की समस्या बनी हुई है, जिस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी है। हालांकि, मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा,“अभी मेरी उम्र ही क्या है? मंत्री बने सिर्फ एक साल चार महीने ही हुए हैं। कार्यकाल पूरा करना है, जनता की सेवा जारी रहेगी।” इछावर को सुंदर बनाने का संकल्प कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सोयाबीन के कम दाम और नामांतरण की दिक्कतों को दूर करने के लिए दिल्ली में तहसील साइबर लॉन्च किया गया है। मंत्री वर्मा ने इछावर को सुंदर बनाने और अंतिम समय तक जनता की सेवा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे इछावर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे। कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद? इस भूमि पूजन कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें—✅ सीहोर जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा✅ भाजपा नेता सन्नी महाजन✅ जिला उपाध्यक्ष कैलाश सुराना✅ इछावर नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, किसानों के लिए नई योजनाओं का ज़िक्र मंत्री वर्मा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियां किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को पता है कि किसानों की फसल कब बिक रही है, इसलिए उनके लिए साइबर तहसील योजना शुरू की गई है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि—🔹 किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है।🔹 शिवराज सरकार ने 5000 मकानों का निर्माण कराया है।🔹 हर मकान का निर्माण सुनिश्चित कराया जाएगा।🔹 इछावर को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाएगा। ‘अंतिम सांस तक सेवा करूंगा’ मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन जनता की सेवा अंतिम समय तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा—“मेरे घुटनों की जांच करवाई है, ऑपरेशन करवाना पड़ेगा, इसलिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन जब तक संभव होगा, तब तक काम करूंगा। इछावर को सुंदर बनाकर जाऊंगा प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला राजनीति में कोई नया संकेत देता है? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं। Deshharpal से जुड़ें और ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
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सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- ‘टिप्पणी असंवेदनशील और अमानवीय’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर रोक लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को ‘असंवेदनशील’ और ‘अमानवीय दृष्टिकोण’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है और जिस जज ने यह फैसला दिया, उसकी तरफ से बहुत असंवेदनशीलता दिखाई गई। हमें यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि फैसला लिखने वाले में संवेदनशीलता की पूरी तरह से कमी थी।” सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था। यह फैसला आते ही कानूनी विशेषज्ञों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए तुरंत सुनवाई का निर्णय लिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान “कुछ फैसलों को रोकने के पीछे महत्वपूर्ण कारण होते हैं, और यह उनमें से एक है।” हाईकोर्ट का विवादास्पद फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, “किसी लड़की के निजी अंग पकड़ लेना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ देना और जबरन उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता।” हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पीड़िता के अधिकारों का हनन करता है और यौन उत्पीड़न को हल्के में लेने जैसा है। न्यायपालिका पर उठे सवाल यह मामला देश में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले अपराधियों को बचाव का आधार दे सकते हैं और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के खिलाफ न्याय मिलने में बाधा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होने की संभावना है। (देश हरपल की विशेष रिपोर्ट)
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ड्डा का राहुल पर पलटवार: बोले- कांग्रेस बताए अपने राज्यों में पेपर लीक क्यों हुए, सरकार चर्चा को तैयार

पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि उसके शासन वाले राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इस पर जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संसद में इस विषय पर सार्थक चर्चा का स्वागत करती है।

अजमेर में मार्बल व्यापारी पर जानलेवा हमला, CCTV में कैद हुई वारदात

राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार सुबह मार्बल व्यापारी पर चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्कॉर्पियो से आए हमलावरों ने गोदाम में घुसकर व्यापारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गोदाम में घुसकर किया हमला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित मार्बल एरिया में बुधवार सुबह करीब 8:20 बजे स्कॉर्पियो में सवार चार युवक गोदाम के बाहर पहुंचे। गोदाम में बैठे मार्बल व्यापारी गोवर्धन पर उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। व्यापारी ने शुरुआत में हमलावरों का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन चारों बदमाशों ने उसे घेर लिया और जमीन पर गिराकर लगातार लाठियों से पीटा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सिर और हाथ में गंभीर चोट हमले में व्यापारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल किशनगढ़ के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाई के साथ गोदाम में मौजूद था व्यापारी पीड़ित गोवर्धन ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने भाई के साथ गोदाम में बैठा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार चार युवक पहुंचे और बिना किसी बातचीत के अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने गोदाम के अंदर घुसकर उन्हें नीचे गिराया और लाठियों से बेरहमी से पीटा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, कच्चे तेल की महंगाई से बिगड़े नतीजे

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹6,124 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जबकि मार्च तिमाही में ₹3,191 करोड़ का लाभ दर्ज किया गया था। 23% बढ़ा कंपनी का रेवेन्यू घाटे के बावजूद BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹1.29 लाख करोड़ के मुकाबले करीब 23% अधिक है। वहीं, मार्च तिमाही के ₹1.35 लाख करोड़ की तुलना में इसमें करीब 18% की वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे तेल की महंगाई बनी घाटे की वजह कंपनी के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस लागत भी बढ़ गई। हालांकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में नहीं डाला जा सका, जिससे कंपनी की लाभप्रदता प्रभावित हुई और तिमाही घाटे में बदल गई। शेयर में गिरावट नतीजों के बाद BPCL का शेयर 3% की गिरावट के साथ ₹309 पर बंद हुआ। BPCL के बारे में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों में शामिल है। इसकी स्थापना 24 जनवरी 1976 को हुई थी। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में रिफाइनरियों का संचालन करती है, जिनकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। BPCL पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, लुब्रिकेंट्स और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग व वितरण का कार्य करती है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू का इस्तीफा, विवादित कृषि बिल के विरोध में छोड़ा पद

फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने विवादित कृषि विधेयक के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस बिल में दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल और सिंचाई के लिए बड़े जलाशय बनाने की अनुमति देने का प्रावधान है। वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों, जैव विविधता और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, बारबू बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के अपने वादों से पीछे हटते हुए ऐसे प्रावधानों को मंजूरी दी, जिनका वह लगातार विरोध करती रही थीं। बिल के दो विवादित प्रावधान 1. प्रतिबंधित कीटनाशकों को मंजूरीविधेयक में एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन जैसे प्रतिबंधित कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है। इनका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी जैसी फसलों में किया जा सकेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ये रसायन मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीड़ों के लिए बेहद हानिकारक हैं, जिससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 2. सिंचाई के लिए बड़े जलाशयों की अनुमतिबिल में किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय और कृत्रिम तालाब बनाने की प्रक्रिया आसान करने का भी प्रावधान है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि इससे भूजल और नदियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। संसद से पास हुआ विधेयक फ्रांस की संसद में मंगलवार को पेश किए गए इस विधेयक को सीनेट ने 214 के मुकाबले 111 मतों से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की बढ़ती लागत और घटती आय को देखते हुए लाया गया है, ताकि वे यूरोप के अन्य देशों के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। बारबू ने जताई नाराजगी मोनिक बारबू ने कहा कि विवादित प्रावधान आखिरी समय में बिल में जोड़े गए और उन्हें हटाने पर सरकार ने कोई गंभीर चर्चा नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले नौ महीनों में उन्होंने जंगलों, स्वच्छ जल, साफ हवा और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया, लेकिन अब वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। पहले भी विवादों में रहा कीटनाशक एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन नियोनिकोटिनॉइड समूह के कीटनाशक हैं। फ्रांस ने 2018 में एसेटामिप्रिड पर प्रतिबंध लगाया था। इससे पहले भी इस प्रतिबंध को हटाने की कोशिश हुई थी, लेकिन फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

इंदौर में छात्र आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी धरने में पहुंचे

इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन को बुधवार रात कांग्रेस का खुला समर्थन मिला। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनके आंदोलन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। टंट्याभील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी आंदोलन तेज हो गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार रात दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने छात्रों के बीच बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 25 दिनों से यह मांग उठा रही है और उन्होंने स्वयं 21 जून को भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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