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Iran–Israel टकराव तेज, दुबई में धमाके Hezbollah Attack के बीच लेबनान के 50 गांव खाली

मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा है। Iran और Isreal के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने अब क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) का रूप लेना शुरू कर दिया है। बीते 16 घंटों के भीतर दुबई में धमाकों की खबरों ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उधर, हिजबुल्लाह की सक्रिय भागीदारी के बाद हालात और विस्फोटक हो गए हैं। सीमा पर तनाव इतना बढ़ा कि लेबनान के 50 गांवों को खाली कराना पड़ा। Dubai Blasts: खाड़ी में बढ़ी बेचैनी दुबई जैसे वैश्विक व्यापारिक केंद्र में धमाकों की खबर ने आम लोगों को डरा दिया है। अभी तक आधिकारिक स्तर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में ड्रोन या मिसाइल गतिविधि की आशंका जताई जा रही है। दुबई की सड़कों पर सामान्य जीवन जारी है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे लाखों प्रवासी परिवारों के बीच बेचैनी साफ महसूस की जा सकती है। Hezbollah Attack: उत्तरी Israel में बढ़ी गोलाबारी Iran समर्थित हिजबुल्लाह की एंट्री ने जंग को नया मोर्चा दे दिया है। उत्तरी इजराइल पर रॉकेट और हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। जवाब में इजराइल ने भी सीमा पार ठिकानों पर कार्रवाई की है। सीमा के पास रहने वाले लोगों के लिए यह समय बेहद कठिन है। सायरन बजते ही परिवार बंकरों की ओर भागते हैं। बच्चों की पढ़ाई ठप है और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। Lebanon Villages Evacuated: 50 गांव खाली लेबनान सरकार ने एहतियात के तौर पर 50 गांव खाली कराने का फैसला लिया। हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कई परिवार सिर्फ जरूरी सामान लेकर निकले हैं। स्थानीय प्रशासन राहत शिविरों की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन अचानक बढ़ी संख्या ने मानवीय चुनौती खड़ी कर दी है। भोजन, दवाइयों और साफ पानी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। Israel Defense Response: सैन्य तैयारी तेज Isreal ने अपनी रक्षा तैयारियां और मजबूत कर दी हैं। उत्तरी सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है और मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय है। सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है। Global Impact: तेल, बाजार और भारत पर असर मध्य पूर्व की हर हलचल का असर दुनिया पर पड़ता है। इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है संयम और कूटनीतिक पहल की, ताकि आम लोगों की जिंदगी और ज्यादा प्रभावित न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan-Afghanistan संघर्ष में 300 मौतों का दावा, 500 घायल

Pakistan-Afghanistan संघर्ष में 300 मौतों का दावा, 500 घायल

Pakistan-Afghanistan के बीच जारी तनाव अब गंभीर संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। ताज़ा दावों के मुताबिक इस संघर्ष में करीब 300 लोगों की मौत और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। सीमा क्षेत्रों में लगातार गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात बेहद डरावने हैं। कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव साफ दिखाई दे रहा है। इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया है कि पाकिस्तान इस स्थिति को संभालने में “अच्छा प्रदर्शन” कर रहा है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। दूसरी ओर, Pakistan ने दावा किया है कि हाल के आतंकी हमलों के पीछे India का हाथ है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि भारत क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि भारत की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, Afghanistan की स्थिति भी लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के बीच झड़पें जारी हैं। आम नागरिकों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। दक्षिण एशिया पहले ही कई संवेदनशील मुद्दों से जूझ रहा है, ऐसे में यह टकराव हालात को और जटिल बना सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर बातचीत या युद्धविराम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Israel का Iran पर हमला, कई शहरों में जोरदार धमाके

America-Israel का Iran पर हमला, कई शहरों में जोरदार धमाके

America-Israel ने ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। देर रात हुए इन हमलों के बाद कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज़ सुनी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक हुए धमाकों से अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। सूत्रों के मुताबिक, हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। हालांकि ईरानी सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बातचीत के बीच हमला यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब United States और Iran के बीच परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर बातचीत जारी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले से वार्ता प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, Israel पहले भी ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने के आरोप लगाता रहा है। इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। आम लोगों में डर और चिंता हमलों के बाद प्रभावित शहरों में रहने वाले आम नागरिकों के बीच डर का माहौल है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में आसमान में धुआं और तेज धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती हैं। लोग अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मध्य-पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव चल रहा है। ऐसे में इस नए हमले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति की दिशा में कदम उठाने की अपील की है। क्या आगे बढ़ेगा युद्ध? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मध्य-पूर्व पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Afghanistan

Afghanistan–Pakistan War Alert सीमा पर बढ़ा Tension, 55 सैनिकों की मौत का दावा, 133 लड़ाके ढेर

दक्षिण एशिया एक बार फिर अस्थिरता की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है। Afghanistan और Pakistan के बीच सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बड़े सैन्य हमलों और भारी नुकसान के दावे किए हैं। हालात इतने गंभीर बताए जा रहे हैं कि इसे “ओपन वॉर” यानी खुले युद्ध जैसी स्थिति कहा जा रहा है। क्या है पूरा मामला? Afghanistan की ओर से दावा किया गया है कि सीमा पर हुई झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। अफगान अधिकारियों का यह भी कहना है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान का एक लड़ाकू जेट मार गिराया गया। उनका आरोप है कि पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी वायुसेना ने सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनमें 133 लड़ाके मारे गए। पाकिस्तान का कहना है कि ये कार्रवाई उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया कि हालात “खुले युद्ध” की ओर बढ़ सकते हैं। उनका कहना है कि यदि सीमा पार से हमले जारी रहे तो पाकिस्तान कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। सीमा विवाद और पुराना तनाव दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। यह सीमा औपनिवेशिक दौर में तय की गई थी, जिसे लेकर आज भी मतभेद कायम हैं। हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकवाद, उग्रवादी संगठनों की मौजूदगी और सुरक्षा चौकियों पर हमलों के कारण रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी समूहों की गतिविधियों ने हालात को और जटिल बना दिया है। आम लोगों पर क्या असर? सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गोलाबारी और हवाई हमलों की आशंका से कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय निवासियों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय चिंता अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। दक्षिण एशिया पहले ही कई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में दो पड़ोसी देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Israel Tour PM Modi ने Yad Vashem में दी श्रद्धांजलि, Defence Deal पर बड़ी चर्चा

होलोकॉस्ट स्मारक Yad Vashem में श्रद्धांजलि इज़राइल दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने Jerusalem स्थित ऐतिहासिक होलोकॉस्ट स्मारक Yad Vashem में नाजी शासन के दौरान मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्थल द्वितीय विश्व युद्ध के उस दर्दनाक इतिहास की याद दिलाता है, जब मानवता ने अपने सबसे कठिन दौर का सामना किया था। होलोकॉस्ट के दौरान Adolf Hitler के नेतृत्व में नाजी शासन ने लाखों निर्दोष लोगों का सुनियोजित नरसंहार किया था। प्रधानमंत्री ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर मौन रखा और शांति व सह-अस्तित्व का संदेश दिया। President Isaac Herzog से अहम मुलाकात अपनी यात्रा के दौरान PM Modi ने इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रक्षा सहयोग, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। Defence Deal और Strategic Partnership पर फोकस सूत्रों के अनुसार, भारत और Israel के बीच संभावित Defence Deal को लेकर भी सकारात्मक बातचीत हुई है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। भारत के लिए इज़राइल आधुनिक रक्षा तकनीक का अहम साझेदार रहा है, जबकि इज़राइल भारत को एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक सहयोगी के रूप में देखता है। भावनात्मक और कूटनीतिक रूप से अहम दौरा PM Modi की यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि ऐतिहासिक संवेदनाओं से जुड़ा एक भावनात्मक क्षण भी साबित हुई। होलोकॉस्ट स्मारक पर उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि इतिहास की त्रासदियों को याद रखना और उनसे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौरे से भारत-इज़राइल संबंधों को नई ऊर्जा मिली है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मोदी

PM मोदी की Israel यात्रा Defense, Technology और Trade में नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के लिए दो दिवसीय राजकीय दौरे पर गए। इस यात्रा को इज़रायली मीडिया ने “Strategic Reset” और “Landmark Moment” बताया है, यानी इसे भारत-इज़राइल संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह मोदी का इज़राइल में दूसरा दौरा है, पिछला दौरा 2017 में हुआ था। इज़राइल में मोदी का गर्मजोशी से स्वागत इज़राइल में पीएम मोदी का स्वागत बेहद भव्य और रंगीन रहा। सड़कों पर “Namaste” के नारे लगे और भारतीय तिरंगे की रोशनी से जगह-जगह इमारतें जगमगा उठीं। संसद भवन कनेसट को भी भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया। मीडिया ने इस स्वागत को भारत और इज़राइल के बीच मित्रता और साझा सम्मान का प्रतीक बताया। Strategic Reset: क्या है खास? “Strategic Reset” का मतलब है कि भारत और इज़राइल अब अपने रिश्तों को सिर्फ औपचारिक दोस्ती तक सीमित नहीं रखेंगे। इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, निवेश और व्यापार सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की योजना है। यानी यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी (Special Strategic Partnership) का मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम है। मोदी का कार्यक्रम और ऐतिहासिक बातें पीएम मोदी इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। वे कनेसट (इज़राइली संसद) को संबोधित करेंगे, और इस तरह मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जिन्होंने यह अवसर प्राप्त किया। इसके अलावा मोदी याद वशेम (Holocaust Memorial) का दौरा भी करेंगे, जो दोनों देशों के साझा इतिहास और सम्मान को दर्शाता है। रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों की संभावनाएँ भी हैं। क्यों कहा जा रहा है ‘New Phase’? इज़रायली मीडिया और विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा भारत-इज़राइल रिश्तों में नए अध्याय (New Phase) की शुरुआत है। पिछली यात्राओं के मुकाबले अब सहयोग पहले से कहीं अधिक गहरा और व्यापक है। रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में यह एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। राजनीतिक और वैश्विक प्रभाव इस दौरे से क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने इसे स्थिरता और साझेदारी के प्रतीक के रूप में बताया। वहीं कुछ आलोचक, विशेषकर भारत में विपक्ष, यह कहते हैं कि भारत को फिलीस्तीन संकट जैसे मानवीय मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ट्रम्प

Global Diplomacy US Congress में ट्रम्प का बयान, India-Pak से लेकर Venezuela तक चर्चा

अमेरिकी संसद में हालिया संबोधन के दौरान Donald Trump ने वैश्विक राजनीति से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने भाषण में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने का दावा किया, गाजा में हुए सीजफायर को कूटनीतिक जीत बताया, ईरान पर गंभीर आरोप लगाए और वेनेजुएला के साथ नए रिश्तों के संकेत दिए। India-Pak Tension पर क्या बोले ट्रम्प? ट्रम्प ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात एक समय काफी तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन अमेरिका की सक्रिय कूटनीति के कारण स्थिति को बिगड़ने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों से संभावित टकराव टल गया। हालांकि, इस पर भारत या पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिर भी, उनका यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। Gaza Ceasefire को बताया बड़ी जीत मध्य-पूर्व का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने Gaza Strip में हुए सीजफायर को अपनी विदेश नीति की अहम उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक यह युद्धविराम क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया संघर्षों से जूझ रही है, ऐसे समय में संवाद और समझौता ही समाधान का रास्ता बनता है। Iran Protest पर गंभीर आरोप अपने भाषण में ट्रम्प ने Iran की सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 32,000 प्रदर्शनकारियों की जान गई। ट्रम्प ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की। यह मुद्दा पहले भी वैश्विक मंचों पर उठता रहा है, लेकिन ट्रम्प का यह बयान एक बार फिर बहस को तेज कर सकता है। Venezuela को बताया “नया दोस्त” लैटिन अमेरिका की बात करते हुए ट्रम्प ने संकेत दिया कि Venezuela के साथ अमेरिका के रिश्तों में नया अध्याय शुरू हो सकता है। उन्होंने वेनेजुएला को “नया दोस्त” बताते हुए कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है। भाषण का व्यापक असर ट्रम्प का यह संबोधन सिर्फ राजनीतिक बयान भर नहीं था, बल्कि वैश्विक रणनीति का संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो अंतरराष्ट्रीय संकटों में हस्तक्षेप कर समाधान निकाल सकता है। जहां समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व की निशानी मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि इन दावों की तथ्यात्मक पुष्टि जरूरी है। कुल मिलाकर, US Congress में दिया गया यह भाषण आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

F-22 Stealth Jets, PM Modi Israel Tour और बढ़ता US-Iran Conflict क्या होने वाला है आगे

दुनिया इस समय एक बेहद संवेदनशील geopolitical स्थिति से गुजर रही है। अमेरिका के F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट्स (F-22 Stealth Jets) इज़राइल में तैनात किए गए हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का इज़राइल दौरा (Israel Visit) भी चल रहा है। इन घटनाओं के बीच US-Iran तनाव (US-Iran Tension) और भारत-इज़राइल संबंध (India-Israel Relations) पर भी ध्यान केंद्रित है। अमेरिका के F-22 Jets इज़राइल में क्यों? अमेरिका ने हाल ही में 12 F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स को इज़राइल में तैनात किया। ये विमान दुनिया के सबसे एडवांस स्टेल्थ लड़ाकू विमानों में से हैं। इनके पास रडार से बचने और दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की उच्च क्षमता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव (Rising Tension with Iran) का संकेत है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य बल और संसाधनों को बढ़ा दिया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित सैन्य प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहा जा सके। US-Iran Tension: वर्तमान स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, खासकर परमाणु समझौते और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर डिप्लोमैटिक समाधान नहीं निकला, तो कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। ईरान ने भी कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि सैन्य विकल्प संभव हैं, लेकिन कूटनीति अभी भी प्राथमिकता में है। PM Modi का इज़राइल दौरा – क्यों खास है? प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के दो दिवसीय दौरे (Two-day Visit) पर हैं। यह उनकी दूसरी यात्रा है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग (Strategic & Defence Partnership) को मजबूत करना है। मोदी इज़राइल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे और नेतन्याहू के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। चर्चा के मुख्य मुद्दे हैं: India-Israel Relations: नए अवसर भारत और इज़राइल पहले से ही रक्षा और तकनीकी सहयोग में साझेदार हैं। इस दौरे के दौरान: इस दौरे से भारत-इज़राइल संबंधों में नई दिशा और गहराई आने की उम्मीद है। क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव यह दौरा और F-22 जेट्स की तैनाती ऐसे समय में हो रही हैं जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर वैश्विक राजनीति और रणनीतिक संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा: 25 सैनिकों समेत 32 की मौत, 20 बैंक फूंके

Mexico में एक बड़े ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। देश के करीब 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी है। अब तक 32 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें 25 सैनिक भी शामिल हैं। कई जगह आगजनी, फायरिंग और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। गर्लफ्रेंड से मिली लोकेशन, फिर हुआ एनकाउंटर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ड्रग माफिया की लोकेशन उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए मिली। इसके बाद ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें माफिया सरगना मारा गया। लेकिन उसकी मौत के बाद उसके गैंग के लोगों ने बदला लेने के लिए कई शहरों में हिंसा शुरू कर दी। 20 राज्यों में आगजनी और हमला हिंसा की लहर इतनी तेज रही कि करीब 20 राज्यों में सरकारी और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। 20 से ज्यादा बैंकों को आग के हवाले कर दिया गया। कई जगहों पर सड़कों को ब्लॉक किया गया और वाहनों में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा डर और तनाव पहले कभी नहीं देखा। आम नागरिक अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। स्कूल और बाजार बंद कर दिए गए हैं। सेना और पुलिस अलर्ट पर मेक्सिको सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए सेना और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आम लोगों पर सबसे ज्यादा असर इस हिंसा का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। रोज कमाने-खाने वाले लोगों का काम ठप हो गया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। मेक्सिको में ड्रग माफिया की जड़ें लंबे समय से मजबूत रही हैं। ऐसे में यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराध के खिलाफ लड़ाई कितनी चुनौतीपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Emergency Tariff Controversy कोर्ट का फैसला, लेकिन Trump का सख्त संदेश बरकरार

अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत में इस समय सबसे बड़ी चर्चा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ (Emergency Tariff) को लेकर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इन टैरिफ की वसूली पर रोक लगा दी गई है। 24 फरवरी से अमेरिकी कस्टम विभाग ने संबंधित शुल्क लेना बंद कर दिया है। यह फैसला उन देशों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अतिरिक्त आयात शुल्क का सामना कर रहे थे। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती — ट्रम्प की ओर से आई नई चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल को फिर से गर्म कर दिया है। क्या था पूरा मामला? ट्रम्प प्रशासन ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। तर्क यह दिया गया था कि ये कदम अमेरिकी उद्योग, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी हैं। हालांकि, अदालत ने माना कि आपातकालीन शक्तियों का उपयोग इतने व्यापक व्यापारिक शुल्क लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर टैरिफ को अवैध ठहराते हुए उनकी वसूली रोकने का आदेश दिया गया। किन देशों को राहत? भारत, चीन समेत कई एशियाई और यूरोपीय देशों को इस फैसले से तत्काल राहत मिली है। इन देशों के निर्यातकों पर अतिरिक्त लागत का बोझ कम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि, पहले से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ वापस होंगे या नहीं — इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। यह आने वाले समय में कानूनी और कूटनीतिक बातचीत का अहम मुद्दा बन सकता है। ट्रम्प की सख्त चेतावनी फैसले के तुरंत बाद ट्रम्प ने कहा कि अगर कोई देश व्यापार समझौतों में “गेम खेलने” की कोशिश करता है या शर्तों से पीछे हटता है, तो अमेरिका और भी ऊंचे टैरिफ लगाने से नहीं हिचकेगा। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बयान ने साफ कर दिया है कि व्यापारिक तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। Global Market पर असर इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजारों में भी देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार आपसी संवाद से रास्ता निकालते हैं, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर बयानबाजी और सख्ती बढ़ी, तो नया Trade War शुरू होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आगे क्या? फिलहाल टैरिफ वसूली पर रोक से निर्यातकों और उद्योग जगत को राहत जरूर मिली है। लेकिन ट्रम्प के ताजा बयान से यह साफ है कि व्यापार नीति आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी रहेगी। एक तरफ अदालत का फैसला संतुलन की बात करता है, तो दूसरी ओर सख्त चेतावनी यह संकेत देती है कि वैश्विक व्यापार की राह अभी भी आसान नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर अस्पताल में लोगों से मिलता था और इलाज के नाम पर भरोसा जीतता था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खासतौर पर हिंदू लड़कियों को अपने निशाने पर लेता था। वह पहले दोस्ती करता, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। इसके बाद धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह कब से इस तरह लोगों को गुमराह कर रहा था और उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं।? ऐसे मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी पहचान और डिग्री जरूर जांच लें, ताकि इस तरह के धोखे से बचा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UP Board

UP Board Class 10th 12th Result 2026 Result से पहले जान लें Check करने का आसान तरीका

उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए कल का दिन बेहद अहम होने वाला है। महीनों की मेहनत, परीक्षा का तनाव और रिजल्ट का इंतजार—इन सबका अंत अब होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) कल कक्षा 10वीं (High School) और 12वीं (Intermediate) का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। इस साल करीब 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, ऐसे में हर घर में उत्सुकता का माहौल है। कोई अपने नंबर को लेकर चिंतित है, तो कोई अपने सपनों के अगले कदम के बारे में सोच रहा है। कब और कैसे जारी होगा UP Board Result? बोर्ड रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी करेगा। इसके साथ ही टॉपर्स की लिस्ट, कुल पास प्रतिशत और अन्य जरूरी आंकड़े भी सामने आएंगे। रिजल्ट जारी होते ही इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा, जहां छात्र अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। Step-by-Step: ऐसे करें UP Board Result 2026 चेक वेबसाइट स्लो हो तो घबराएं नहीं हर साल रिजल्ट के समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिलता है। ऐसे में अगर पेज खुलने में समय लगे, तो थोड़ा इंतजार करें और दोबारा कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है। पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी? UP Board में पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना जरूरी होता है। अगर किसी छात्र के नंबर कम आते हैं, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा। मार्कशीट से जुड़ी जरूरी बात ऑनलाइन दिखने वाला रिजल्ट फिलहाल प्रोविजनल होगा। ओरिजिनल मार्कशीट छात्रों को कुछ दिनों बाद अपने स्कूल से मिलेगी, इसलिए उसे सुरक्षित रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा

अक्सर जिंदगी में हम कुछ और चाहते हैं, लेकिन मिलता कुछ और है। 3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला ऐसे में कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन कुछ लोग वही रास्ता बदलकर अपनी नई पहचान बना लेते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है संजय बी की। डॉक्टर बनने का सपना, लेकिन बार-बार मिली असफलता संजय बी का सपना था डॉक्टर बनने का। इसके लिए उन्होंने NEET परीक्षा की तैयारी की, लेकिन एक बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार फेल हो गए। इतनी बड़ी असफलता के बाद ज्यादातर लोग टूट जाते हैं, लेकिन संजय ने हार नहीं मानी। IIT Madras का सपना भी रह गया अधूरा NEET में सफलता नहीं मिलने के बाद संजय ने इंजीनियरिंग की ओर रुख किया। उनका सपना था कि वो IIT Madras में पढ़ाई करें, लेकिन यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। लगातार मिल रही नाकामियों ने उनके रास्ते जरूर कठिन बनाए, लेकिन उनका हौसला नहीं तोड़ पाए। बदला रास्ता, मिली नई मंजिल संजय ने अपनी सोच बदली और टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने डेटा और प्रोग्रामिंग सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को Data Science के क्षेत्र में मजबूत किया। आज हैं सफल Data Scientist कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की लगन ने संजय को आज एक सफल Data Scientist बना दिया है। जो सपना डॉक्टर बनने का था, वो पूरा नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने अपने लिए एक नई पहचान बना ली—और आज वो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। संजय की कहानी हमें यही सिखाती है कि— हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

Ceasefire Extended: Donald Trump ने कहा कि IRAN को रोज़ $500 मिलियन का नुकसान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सीजफायर (युद्धविराम) बढ़ाने के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी (ब्लॉकेड) की वजह से Iran को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है। ट्रम्प के मुताबिक, आर्थिक दबाव के कारण ईरान की स्थिति कमजोर होती जा रही है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस दबाव का असर साफ दिख रहा है और ईरान बातचीत के लिए मजबूर हो सकता है। उनका मानना है कि यह रणनीति आगे भी जारी रहनी चाहिए ताकि ईरान पर दबाव बना रहे। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। ईरानी दूत ने साफ कहा कि जब तक नाकेबंदी पूरी तरह खत्म नहीं की जाती, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। उनका कहना है कि बातचीत के लिए माहौल बनाना जरूरी है और इसके लिए सबसे पहले प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। एक तरफ अमेरिका आर्थिक दबाव की नीति पर कायम है, तो दूसरी तरफ ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हैं या टकराव और बढ़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Price India सोना ₹2000 चढ़ा, Silver में बड़ा उछाल

देश के सर्राफा बाजार में आज अचानक आई तेजी ने खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया। सुबह जैसे ही बाजार खुला, Gold और Silver के दामों में जोरदार उछाल देखने को मिला। खास बात यह रही कि Silver ने एक ही दिन में ₹4500 तक की छलांग लगाकर सबका ध्यान खींच लिया, जबकि Gold भी करीब ₹2000 तक महंगा हो गया। आज के ताजा रेट (Gold Silver Price Today) आज के बाजार भाव पर नजर डालें तो: ध्यान रहे कि शहर और ज्वेलर्स के हिसाब से इन कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। MCX Market में भी तेजी का असर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज तेजी साफ दिखी। यह संकेत देता है कि सिर्फ घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि फ्यूचर्स मार्केट में भी खरीदारी बढ़ी है। आखिर क्यों बढ़े सोना-चांदी के दाम? इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं: इन वजहों से सोना और चांदी दोनों की मांग अचानक बढ़ गई, जिससे कीमतों में उछाल आया। बड़े शहरों में क्या है हाल? दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी आज दामों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण हर शहर में कीमत थोड़ी अलग हो सकती है। आगे क्या करें – खरीदें या रुकें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह फैसला थोड़ा सोच-समझकर लेना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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