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Emergency Tariff Controversy कोर्ट का फैसला, लेकिन Trump का सख्त संदेश बरकरार

अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत में इस समय सबसे बड़ी चर्चा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ (Emergency Tariff) को लेकर है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इन टैरिफ की वसूली पर रोक लगा दी गई है। 24 फरवरी से अमेरिकी कस्टम विभाग ने संबंधित शुल्क लेना बंद कर दिया है। यह फैसला उन देशों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अतिरिक्त आयात शुल्क का सामना कर रहे थे। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती — ट्रम्प की ओर से आई नई चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल को फिर से गर्म कर दिया है। क्या था पूरा मामला? ट्रम्प प्रशासन ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए थे। तर्क यह दिया गया था कि ये कदम अमेरिकी उद्योग, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी हैं। हालांकि, अदालत ने माना कि आपातकालीन शक्तियों का उपयोग इतने व्यापक व्यापारिक शुल्क लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर टैरिफ को अवैध ठहराते हुए उनकी वसूली रोकने का आदेश दिया गया। किन देशों को राहत? भारत, चीन समेत कई एशियाई और यूरोपीय देशों को इस फैसले से तत्काल राहत मिली है। इन देशों के निर्यातकों पर अतिरिक्त लागत का बोझ कम होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि, पहले से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ वापस होंगे या नहीं — इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। यह आने वाले समय में कानूनी और कूटनीतिक बातचीत का अहम मुद्दा बन सकता है। ट्रम्प की सख्त चेतावनी फैसले के तुरंत बाद ट्रम्प ने कहा कि अगर कोई देश व्यापार समझौतों में “गेम खेलने” की कोशिश करता है या शर्तों से पीछे हटता है, तो अमेरिका और भी ऊंचे टैरिफ लगाने से नहीं हिचकेगा। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बयान ने साफ कर दिया है कि व्यापारिक तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। Global Market पर असर इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजारों में भी देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार आपसी संवाद से रास्ता निकालते हैं, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर बयानबाजी और सख्ती बढ़ी, तो नया Trade War शुरू होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आगे क्या? फिलहाल टैरिफ वसूली पर रोक से निर्यातकों और उद्योग जगत को राहत जरूर मिली है। लेकिन ट्रम्प के ताजा बयान से यह साफ है कि व्यापार नीति आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति का बड़ा मुद्दा बनी रहेगी। एक तरफ अदालत का फैसला संतुलन की बात करता है, तो दूसरी ओर सख्त चेतावनी यह संकेत देती है कि वैश्विक व्यापार की राह अभी भी आसान नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

US–Iran Tension तेज भारत ने अपने नागरिकों से कहा Safe Return की करें तैयारी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक जल्द से जल्द Iran छोड़ दें। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब Tehran पर संभावित अमेरिकी हमले की आशंका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? Iran और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी और ईरान की ओर से कड़े बयान सामने आने के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो Tehran समेत कुछ अहम ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में विदेश मंत्रालय भारत ने हालात की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है। भारतीय दूतावास की अपील Tehran स्थित भारतीय दूतावास तेहरान ने एडवाइजरी जारी कर छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, कारोबारियों और पर्यटकों समेत सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य सुरक्षित साधनों से तुरंत देश छोड़ने की तैयारी करें। दूतावास ने यह भी कहा है कि नागरिक अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। पहले भी दी गई थी चेतावनी यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इससे पहले भी बढ़ते Iran–US tension के बीच गैर-जरूरी यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। लेकिन इस बार सीधे देश छोड़ने की सलाह स्थिति की गंभीरता को दिखाती है। आम भारतीयों की चिंता ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर काम कर रहे हैं। कई परिवारों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है। सोशल मीडिया पर भी परिजनों की बेचैनी साफ देखी जा सकती है। सरकार की यह एडवाइजरी एहतियात के तौर पर जारी की गई है ताकि किसी भी संभावित संकट में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वैश्विक असर की आशंका अगर Tehran पर हमला होता है या सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। तेल आपूर्ति, हवाई सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में भारत का यह कदम समय रहते उठाया गया सावधानीपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI से मिले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

PM MODI ने ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया। पारंपरिक सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ यह मुलाकात खास रही। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक जारी है, जिसमें व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस सेक्टर पर खास चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति लूला पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी भारत में अपना प्लांट लगाने की योजना बना रही है। अगर यह योजना साकार होती है तो भारत में रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बड़ी गति मिल सकती है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है। दोनों देश BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करते रहे हैं। इस मुलाकात को वैश्विक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सहयोग रक्षा उत्पादन, विमानन और औद्योगिक निवेश को नई दिशा दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की ठोस पहल है। आम लोगों के लिए भी यह खबर उम्मीद लेकर आई है—नई फैक्ट्रियां, नए निवेश और नए रोजगार के अवसर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade

Global Trade 18% से 10% पर आया भारत का टैरिफ, ट्रम्प की नई नीति लागू

अमेरिका की व्यापार नीति में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है। Donald Trump ने सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10% का नया यूनिवर्सल टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया जब इससे कुछ घंटे पहले ही Supreme Court of the United States ने एक पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत भारत पर 18% का विशेष टैरिफ लागू था। इस घटनाक्रम ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? पहले भारत से अमेरिका जाने वाले कुछ उत्पादों पर 18% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इससे भारतीय निर्यातकों—खासतौर पर स्टील, इंजीनियरिंग गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर—को सीधा असर झेलना पड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह 18% टैरिफ समाप्त हो गया। लेकिन उसी के तुरंत बाद 10% का नया सार्वभौमिक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने तस्वीर बदल दी। भारत के लिए राहत या नई चुनौती? सीधी बात करें तो 18% से घटकर 10% होना भारत के लिए आंशिक राहत है।मतलब: लेकिन 10% टैरिफ पूरी तरह राहत नहीं है। इससे लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा। Global Trade पर क्या असर पड़ेगा? यह फैसला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। सभी देशों पर समान 10% शुल्क लगाने से: विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। आम लोगों पर क्या असर? यह सवाल भी अहम है।अगर आयात महंगे होंगे तो अमेरिका में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं भारत में निर्यात से जुड़े उद्योगों और कामगारों के लिए यह राहत और चिंता—दोनों का मिश्रण है। आगे क्या? अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार इस नए 10% टैरिफ को लेकर क्या रुख अपनाती है। क्या द्विपक्षीय व्यापार वार्ता तेज होगी? क्या कुछ सेक्टर को छूट मिल सकती है? फिलहाल इतना साफ है कि अमेरिका की यह नई टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित करेगी, और भारत को भी अपनी रणनीति नए सिरे से तय करनी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

India-Pak Tension पर Trump का बड़ा दावा 200% टैरिफ की धमकी और 11 Fighter Jets की कहानी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों को 200% टैरिफ (Import Duty) लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद हालात काबू में आए और संभावित युद्ध टल गया। यह बयान उन्होंने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने खुद को “शांति स्थापित करने वाला नेता” बताया। क्या है ट्रंप का दावा? Trump के अनुसार, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हालात बेहद गंभीर थे। सीमा पर हवाई टकराव हो रहे थे और कई फाइटर जेट गिराए गए थे। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में कुल 11 महंगे लड़ाकू विमान गिराए गए। उनका कहना है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से सीधे बात की। ट्रंप ने कथित तौर पर कहा कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका दोनों देशों पर 200% टैरिफ लगा देगा और व्यापारिक रिश्ते प्रभावित होंगे। Trump ने अपने अंदाज में कहा, “पैसे से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।” उनका दावा है कि इसी आर्थिक दबाव के बाद संघर्ष रुक गया और लाखों लोगों की जान बची। भारत का क्या कहना है? भारत सरकार ने पहले भी ऐसे दावों को खारिज किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया था कि संघर्षविराम (Ceasefire) दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से हुआ था, न कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से। नई दिल्ली का साफ रुख है कि भारत और पाकिस्तान के मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इन्हें आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाता है। जेट गिरने का दावा कितना सही? ट्रंप ने अलग-अलग मंचों पर जेट गिराए जाने की संख्या बदलकर बताई है—कभी 5, कभी 7 और अब 11। अब तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या आधिकारिक सैन्य रिपोर्ट में 11 जेट गिरने की पुष्टि नहीं हुई है। यही कारण है कि उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। पृष्ठभूमि: मई 2025 का तनाव मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा था। रिपोर्टों के अनुसार, आतंकी घटना के बाद भारत ने सीमित सैन्य कार्रवाई की थी। इसके जवाब में सीमा पर गोलाबारी और हवाई गतिविधियां बढ़ीं। कुछ दिनों बाद दोनों देशों ने संघर्षविराम की घोषणा की और हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए। राजनीतिक संदेश या कूटनीतिक सच? विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप का यह बयान अमेरिकी राजनीति और उनकी विदेश नीति की छवि से भी जुड़ा हो सकता है। वे अक्सर खुद को मजबूत आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति वाला नेता बताते रहे हैं। हालांकि, भारत की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट है—किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि सीधे संवाद से तनाव कम हुआ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Karachi

Karachi Gas Leak Tragedy सुबह 4 बजे हुए धमाके ने ली 16 लोगों की जान

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सोल्जर बाजार इलाके में तड़के हुए भीषण गैस धमाके (Gas Explosion) में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि एक रिहायशी इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और कई परिवार कुछ ही सेकंड में तबाही का शिकार हो गए। सुबह की शांति टूटी, चीखों से गूंजा इलाका यह हादसा सोल्जर बाजार की गुल राणा कॉलोनी में सुबह करीब 4:15 बजे हुआ। उस वक्त ज्यादातर लोग घरों में सो रहे थे, जबकि कुछ परिवार रमज़ान के चलते सहरी की तैयारी में जुटे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया। लोगों ने बताया कि पहले तेज धमाके की आवाज आई, फिर इमारत गिरने की गड़गड़ाहट और उसके बाद मदद के लिए पुकारती आवाजें। स्थानीय निवासियों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाना शुरू कर दिया। कई लोग अपने हाथों से पत्थर और ईंटें हटाते दिखे, क्योंकि हर किसी को उम्मीद थी कि शायद कोई अभी भी जिंदा हो। क्या था Blast का कारण? प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमाका गैस रिसाव (Gas Leakage) या सिलेंडर फटने की वजह से हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी आतंकी एंगल के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने इलाकों में जर्जर गैस पाइपलाइन और अनियमित कनेक्शन अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। यह घटना भी उसी लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। Rescue Operation कई घंटों तक जारी धमाके के तुरंत बाद Rescue 1122, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। बचावकर्मी घंटों तक मलबे में दबे लोगों को निकालते रहे। अस्पतालों में भर्ती घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत गंभीर है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, और कुछ अब भी अपनों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के बीच भटक रहे हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tarique Rahman

Tarique Rahman Swearing-in में PM Modi को Invite करने की तैयारी BNP का बड़ा संकेत

बांग्लादेश (Bangladesh) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हालिया संसदीय चुनावों में Bangladesh Nationalist Party (BNP) को स्पष्ट बहुमत मिला है और पार्टी के वरिष्ठ नेता Tarique Rahman देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसी बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है—BNP की ओर से भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को शपथ ग्रहण समारोह (Swearing-in Ceremony) में आमंत्रित किए जाने की तैयारी चल रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक BNP नई सरकार की शुरुआत सकारात्मक संदेश के साथ करना चाहती है। पार्टी के कुछ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्रीय देशों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि अभी तक औपचारिक निमंत्रण (Official Invitation) जारी नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भारत-बांग्लादेश रिश्तों के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है। चुनाव के बाद बढ़ा संवाद चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन पर बधाई दी थी। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच मजबूत और सहयोगात्मक रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। BNP ने भी इस शुभकामना के लिए आभार जताया और संकेत दिया कि नई सरकार क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देगी। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी की नजर इस बात पर है कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाती है। India-Bangladesh Relations पर क्या असर पड़ेगा? भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार (Trade), सीमा सुरक्षा (Border Security), ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation) और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स जैसे कई रणनीतिक मुद्दे जुड़े हैं। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच भरोसे और निरंतरता का मजबूत संदेश होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निमंत्रण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकेत हो सकता है कि ढाका (Dhaka) नई सरकार के तहत भारत के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध बनाए रखना चाहता है। लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी बांग्लादेश और भारत के बीच केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते भी गहरे हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से लेकर व्यापार जगत तक—हर किसी की नजर इस नई शुरुआत पर टिकी है। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की भागीदारी अगर होती है, तो इसे दक्षिण एशिया (South Asia) की राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Khalistan

Khalistan Terror Case Update US Federal Court का बड़ा फैसला, 24 साल की सजा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे खालिस्तानी टेरर प्लॉट केस (Khalistan Terror Case) में बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी अदालत ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। उन पर खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप था, जिसे उन्होंने अदालत में स्वीकार कर लिया। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक चर्चाओं का भी बड़ा विषय बन गया है। क्या था पूरा Murder Conspiracy मामला? अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कथित साजिश न्यूयॉर्क में रची गई थी, जहां पन्नू रह रहे थे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि निखिल गुप्ता ने एक व्यक्ति को सुपारी देकर पन्नू की हत्या करवाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जिसे गुप्ता ने ‘हिटमैन’ समझा, वह दरअसल अमेरिकी एजेंसी का एक गुप्त सहयोगी निकला। यहीं से पूरी साजिश का खुलासा हुआ और जांच एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर दी। अदालत में सुनवाई के दौरान गुप्ता ने हत्या की साजिश (Murder-for-Hire Plot) से जुड़े आरोपों को स्वीकार किया। अदालत ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए 24 वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट का सख्त रुख संघीय अदालत ने साफ कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की धरती पर किसी व्यक्ति की हत्या की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस तरह की योजना न केवल एक व्यक्ति बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरा है। सजा संघीय कानूनों के तहत तय की गई और इसे एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। पन्नू क्यों हैं विवादों में? गुरपतवंत सिंह पन्नू लंबे समय से खालिस्तान की मांग को लेकर सक्रिय रहे हैं। भारत सरकार ने उन्हें आतंकवाद से जुड़े मामलों में नामित किया है। वहीं, अमेरिका में वे राजनीतिक गतिविधियों का दावा करते रहे हैं। यही वजह है कि यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा हुआ है। भारत-अमेरिका संबंधों पर असर इस केस ने दोनों देशों के रिश्तों में नई चर्चा को जन्म दिया है। राजनयिक स्तर पर बातचीत और जांच की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मामले के दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं, खासकर सुरक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कानून के संदर्भ में। एक मानवीय पहलू भी कानूनी और राजनीतिक बहसों के बीच यह मामला यह भी याद दिलाता है कि अंतरराष्ट्रीय साजिशों के पीछे कई स्तरों पर जटिल नेटवर्क काम करते हैं। अदालत में गुनाह कबूल करने के बाद यह साफ है कि कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं। यह फैसला न केवल न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां किस तरह समन्वय के साथ काम करती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BNP

PM Modi की बधाई के बाद BNP का पहला Reaction India के साथ क्या होगी नई Strategy

बांग्लादेश में हुए ताज़ा आम चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली Bangladesh Nationalist Party (BNP) अब नई सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है। चुनाव परिणाम सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ढाका पर टिक गईं, खासकर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर उत्सुकता रही। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनावी जीत पर बधाई देते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई। उनके संदेश के बाद BNP की ओर से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पहला आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसने आने वाले समय की कूटनीतिक दिशा का संकेत दे दिया है। PM Modi की बधाई, क्षेत्रीय सहयोग पर जोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में बांग्लादेश की जनता को शांतिपूर्ण और सफल चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बेहद खास हैं, और दोनों देशों को मिलकर क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए काम करना चाहिए। यह संदेश सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में स्थिरता और साझेदारी की एक मजबूत झलक भी माना जा रहा है। BNP का जवाब: “समानता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि” बधाई संदेश के जवाब में BNP ने भारत का आभार जताया और साफ किया कि उसकी सरकार पड़ोसी देशों के साथ “आपसी सम्मान, समानता और राष्ट्रीय हित” के आधार पर रिश्ते आगे बढ़ाएगी। पार्टी के बयान में कहा गया कि नई सरकार संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगी। भारत के साथ व्यापार, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और जल बंटवारे जैसे मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत जारी रहेगी, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। इस बयान से यह साफ है कि BNP टकराव की बजाय संवाद और संतुलन की नीति अपनाना चाहती है। India-Bangladesh Relations का भविष्य भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, ऊर्जा, ट्रांजिट और सुरक्षा सहयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार के आने के बाद कुछ नीतिगत प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन रणनीतिक साझेदारी बरकरार रहने की संभावना अधिक है। आम लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिक भी स्थिर और मजबूत रिश्तों की उम्मीद रखते हैं। सीमा से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यापार और आवाजाही के अवसर सीधे तौर पर उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। बंपर जीत के बाद BNP का पहला बयान यह संकेत देता है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच संवाद की डोर बनी रहेगी। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह नीतियों में बदलती है और भारत के साथ संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Bangladesh Election 2026 Tarique Rahman की सत्ता में वापसी की तैयारी

Bangladesh में राजनीतिक बदलाव की हवा बह रही है। लगभग 20 साल बाद BNP (Bangladesh Nationalist Party) ने चुनावी मैदान में जीत दर्ज की है और अब देश की जनता के सामने नए नेतृत्व की उम्मीदें हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की संभावना बहुत मजबूत दिखाई दे रही है। इतिहास में एक बड़ा मोड़ यह जीत BNP के लिए सिर्फ सत्ता में वापसी नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है। अगर तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह देश को 35 साल बाद पहला पुरुष प्रधानमंत्री देगा। पिछले तीन दशकों में देश की राजनीति में दो प्रमुख महिला नेता—शेख हसीना और खालिदा जिया— का वर्चस्व रहा है। Tarique Rahman का राजनीतिक सफर तारिक रहमान BNP के संस्थापक पूर्व राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। पार्टी में लंबे समय से उन्हें वास्तविक नेतृत्वकर्ता माना जाता रहा है। विदेश में रहने के बावजूद उन्होंने पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारी में अहम भूमिका निभाई। जनता की उम्मीदें और चुनौतियाँ नई सरकार के गठन के बाद जनता की नजरें इन मुख्य मुद्दों पर रहेंगी: बांग्लादेश के इस नए राजनीतिक अध्याय में जनता की आशाएँ और नेतृत्व की जिम्मेदारी दोनों ही बहुत बड़ी हैं। तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना न सिर्फ BNP के लिए, बल्कि पूरे देश के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
RBI

RBI ने बदले Auto Debit नियम अब बैंक खाते से पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट और ज्यादा कंट्रोल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने auto-debit यानी e-mandate नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव सीधे उन करोड़ों लोगों को प्रभावित करेगा जो EMI, SIP, OTT subscriptions, insurance premium या ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए auto-debit का इस्तेमाल करते हैं। नया सिस्टम डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है। RBI ने Auto-Debit नियमों में क्या बदला? RBI के नए e-mandate framework के तहत recurring payments को लेकर प्रक्रिया को अपडेट किया गया है, ताकि ग्राहकों को बेहतर सुविधा और कंट्रोल मिल सके। ₹15,000 तक के पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं अब ₹15,000 तक की recurring payments जैसे OTT subscription, मोबाइल बिल, बिजली-पानी बिल आदि पर हर बार OTP डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट बिना रुकावट अपने आप हो जाएंगे। बड़ी ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा बनी रहेगी ₹15,000 से ज्यादा की किसी भी auto-debit ट्रांजैक्शन पर OTP या अतिरिक्त verification पहले की तरह जरूरी रहेगा। जरूरी सेवाओं के लिए ₹1 लाख तक की सुविधा Insurance premium, mutual fund SIP और credit card बिल जैसे जरूरी payments में ₹1 लाख तक की auto-debit सुविधा मिल सकती है। पेमेंट से पहले 24 घंटे का अलर्ट अनिवार्य अब किसी भी auto-debit से पहले बैंक या कंपनी को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले सूचना (notification) देना जरूरी होगा। आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? नए नियमों का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखेगा: EMI और SIP जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुकावट चलेंगीOTT और subscription payments आसान हो जाएंगेगलत या unauthorized debit का खतरा कम होगाहर transaction की पहले से जानकारी मिलेगीयूजर्स को अपने पैसों पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
ईरान

Middle East Tension ईरान ने पकड़े दो जहाज, भारत आ रहा पोत भी रोक दिया गया

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने समुद्री क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जहाजों को जब्त कर लिया है। इनमें से एक जहाज दुबई से होते हुए भारत की ओर आ रहा था। इस घटना ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। जहाजों की जब्ती से मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने खाड़ी क्षेत्र में निगरानी के दौरान दो जहाजों को रोका और अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों जहाजों को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनमें क्या माल लदा था और क्रू मेंबर कौन थे। सबसे अहम बात यह है कि जिन जहाजों में से एक भारत की ओर आ रहा था, उसका रास्ता दुबई से होकर गुजर रहा था, जिससे इस मामले में भारत की भी अप्रत्यक्ष एंट्री हो गई है। India Alert: भारत की नजर स्थिति पर भारत इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस जहाज का कोई सीधा संबंध भारत से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल स्थिति को लेकर सावधानी बरती जा रही है। Gulf Region में बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव से गुजर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समुद्री व्यापार और शिपिंग रूट्स पर सीधा असर डाल सकती हैं। खासकर तेल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। International Reaction भी शुरू इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया आने लगी है। कई देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं से वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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