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America-Iran हमले के बाद Iran ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना

America-Iran हमले के बाद Iran ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना

America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच जारी टकराव अब सीधे सैन्य हमलों तक पहुंच गया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को निशाना बनाए जाने की घटना के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान की ओर से बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के कारण आम नागरिकों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है। फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम किया जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan Airstrike on Afghanistan: 11 बच्चों समेत 13 की मौत, सीमा तनाव फिर बढ़ा

Pakistan और Afghanistan के बीच एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अफगान तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने उसके सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की है, जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान गई है। इस घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। क्या है पूरा मामला? अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक कूनर, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में की गई। दावा किया गया है कि हमले रिहायशी इलाकों पर हुए, जहां आम लोग अपने रोजमर्रा के जीवन में थे। इस हमले में भारी नुकसान की खबर सामने आई है। मौतों और घायलों का आंकड़ा तालिबान प्रशासन के मुताबिक: यह आंकड़ा सामने आने के बाद स्थानीय इलाकों में मातम और दहशत का माहौल है। तालिबान का पाकिस्तान पर आरोप तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि: अफगान प्रशासन ने इस हमले को देश की संप्रभुता पर हमला बताया है और कड़ी प्रतिक्रिया की बात कही है। पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या है? इस पूरे मामले पर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि पहले पाकिस्तान कई बार यह दावा करता रहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ होती है, न कि आम नागरिकों के खिलाफ। दोनों देशों के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है? पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच: लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं। क्यों यह घटना गंभीर है? यह घटना सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके कई बड़े प्रभाव हो सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PoK

PoK Protest: आसिम मुनीर के खिलाफ गूंजे नारे, JAAC आंदोलन से पाकिस्तान में तनाव बढ़ा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से यहां बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनमें लोगों का गुस्सा सड़कों पर साफ देखा जा सकता है। जगह-जगह से सामने आ रहे वीडियो और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना की नीतियों के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई है। JAAC के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे लोग जानकारी के अनुसार, इन प्रदर्शनों का नेतृत्व संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े समूह कर रहे हैं। आंदोलन का फोकस मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं पर है—जैसे महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं की कमी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं, और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी वजह से अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। आसिम मुनीर के खिलाफ नारों से गरमाया माहौल सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान सेना और नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा जा रहा है। कुछ क्लिप्स में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ भी तीखी टिप्पणियों और नारों का दावा किया गया है। हालांकि, इन वायरल वीडियो और दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इनसे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन अलर्ट पर PoK के कई इलाकों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर रखे हुए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिशें जारी हैं। वहीं JAAC से जुड़े नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran Inflation Shock: अंडे-तेल के दाम 400% तक बढ़े, आम जनता परेशा

Iran इस समय गंभीर आर्थिक संकट और रिकॉर्ड महंगाई से गुजर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में खाने-पीने की चीजों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि कई परिवार अब रोटी, तेल और अंडे जैसे जरूरी सामान भी उधार या किस्तों (EMI) पर लेने को मजबूर हो रहे हैं। महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड ईरान की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ समय में तेज गिरावट देखी गई है: इस वजह से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। तेल और अंडे क्यों इतने महंगे हो गए? ईरान में बढ़ती कीमतों के पीछे कई बड़े कारण हैं: 1. अंतरराष्ट्रीय तनाव और जंग का असर क्षेत्रीय संघर्ष और अमेरिका-ईरान तनाव ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। 2. सख्त आर्थिक प्रतिबंध अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान का व्यापार सीमित हो गया है, जिससे विदेशी मुद्रा की कमी हो रही है। 3. करेंसी का गिरना (Rial Crisis) ईरानी मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है, जिससे आयात महंगा हो गया है। 4. तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था ईरान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल पर निर्भर है, और वैश्विक उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। आम जनता पर सीधा असर ईरान में बढ़ती महंगाई का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को हो रहा है: कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि लोग अब रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज पर निर्भर हो रहे हैं। संकट गहराने की वजहें इन सभी कारणों ने मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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H-1B Visa

H-1B Visa पर US Court का बड़ा फैसला, Trump का 1 लाख डॉलर Fee Rule रद्द

अमेरिका में H-1B Visa को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार “फीस” के नाम पर टैक्स नहीं वसूल सकती। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा राहत भारतीय IT प्रोफेशनल्स और टेक कंपनियों को मिली है, क्योंकि H-1B वीजा का सबसे अधिक इस्तेमाल भारतीय कर्मचारी करते हैं। क्या था पूरा मामला? Trump प्रशासन ने साल 2025 में H-1B वीजा आवेदन पर भारी फीस लगाने का फैसला लिया था। सरकार का कहना था कि इससे अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा होगी और विदेशी कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी। लेकिन टेक इंडस्ट्री और कई बिजनेस संगठनों ने इसका विरोध किया था। नई नीति लागू होने के बाद कंपनियों के लिए विदेशी स्किल्ड कर्मचारियों को हायर करना काफी महंगा हो जाता। खासतौर पर भारतीय IT कंपनियों पर इसका बड़ा असर पड़ने वाला था। कोर्ट ने फैसले में क्या कहा? मैसाचुसेट्स की फेडरल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि राष्ट्रपति प्रशासन के पास इस तरह का टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट के मुताबिक टैक्स या इतना बड़ा शुल्क लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास होता है। जज ने यह भी माना कि यह नियम कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू किया गया था। इसी आधार पर कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया। भारतीयों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? H-1B Visa का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलता है। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में हजारों भारतीय इंजीनियर और IT एक्सपर्ट काम करते हैं। हर साल जारी होने वाले H-1B वीजा में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रहती है। अगर 1 लाख डॉलर वाला नियम लागू रहता, तो कंपनियां नए कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से बचतीं। इसका असर सीधे भारतीय युवाओं, इंजीनियरों और स्टूडेंट्स के करियर पर पड़ता। IT कंपनियों को भी मिलेगा फायदा Infosys, TCS, HCLTech जैसी भारतीय कंपनियां लंबे समय से H-1B वीजा सिस्टम पर निर्भर रही हैं। कोर्ट के इस फैसले से इन कंपनियों की लागत कम होगी और अमेरिका में भर्ती प्रक्रिया आसान बनी रहेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे अमेरिकी टेक सेक्टर में विदेशी टैलेंट की एंट्री पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। आगे क्या हो सकता है? हालांकि ट्रम्प प्रशासन इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है, लेकिन फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद यह अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं रहेगा। इस फैसले ने उन हजारों भारतीय युवाओं को राहत दी है, जो अमेरिका में नौकरी और बेहतर करियर का सपना देख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump की Netanyahu को चेतावनी- तेहरान पर बड़े हमले रोको

Trump की Netanyahu को चेतावनी- तेहरान पर बड़े हमले रोको

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को साफ संदेश दिया है कि ईरान पर बड़े सैन्य हमले से बचें। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने कहा कि अगर इजराइल ने हालात ज्यादा बिगाड़े तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत फिर से पटरी पर लाने की कोशिश चल रही है। ऐसे में अमेरिका नहीं चाहता कि इजराइल की तरफ से कोई बड़ा हमला हो, जिससे पूरा मामला और तनावपूर्ण बन जाए। सूत्रों के अनुसार ट्रम्प ने नेतन्याहू से कहा कि अभी संयम बरतने की जरूरत है। मिडिल ईस्ट पहले से ही युद्ध और तनाव से जूझ रहा है। अगर तेहरान पर बड़ा हमला हुआ तो इसका असर सिर्फ ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका इस समय ईरान के साथ किसी नई डील की संभावनाएं तलाश रहा है। ऐसे में इजराइल की आक्रामक कार्रवाई बातचीत को पूरी तरह खत्म कर सकती है। यही वजह है कि वॉशिंगटन लगातार तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। इजराइल और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और साजिशों के आरोप लगाते रहे हैं। हाल के महीनों में मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। आम लोगों के बीच भी डर और अनिश्चितता का माहौल है कि कहीं यह तनाव बड़े युद्ध में न बदल जाए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चाहता है कि दोनों देश संयम रखें और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। दुनिया की नजर अब अमेरिका, इजराइल और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran Israel में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला पश्चिम एशिया

Iran Israel में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला पश्चिम एशिया

करीब दो महीने की शांति के बाद Iran और Israel के बीच तनाव अचानक बढ़ गया। शुक्रवार देर रात ईरान ने इजराइल के शहर तेल अवीव पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने भी ईरान की राजधानी तेहरान और तबरीज शहर को निशाना बनाया। मिसाइल हमलों के दौरान तेल अवीव में सायरन बजते रहे और लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों में छिपने को मजबूर हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई जगह धमाकों और धुएं के गुबार दिखाई दिए। आम नागरिकों के बीच डर और बेचैनी का माहौल है। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं ईरान का कहना है कि यह हमला इजराइल की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में किया गया है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच अमेरिका समेत कई देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आम लोगों को डर है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो हजारों निर्दोष लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। पश्चिम एशिया में जारी यह तनाव अब केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Philippines

7.8 Magnitude Earthquake in Philippines: तीन मौतें, समुद्र में उठीं ऊंची लहरें; हाई अलर्ट जारी

फिलीपींस (Philippines) में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया। कुछ ही सेकंड के झटकों ने कई शहरों में भारी तबाही मचा दी। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप इतना तेज था कि लोग घरों, ऑफिसों और मॉल्स से जान बचाकर बाहर भागते नजर आए। कई जगहों पर इमारतों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ बिल्डिंग्स पूरी तरह ढह गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग चीखते हुए सड़कों पर भागते दिखाई दिए। समुद्र में हलचल बढ़ी, 3 मीटर तक Tsunami Waves का खतरा भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में हलचल तेज हो गई, जिसके बाद फिलीपींस प्रशासन ने सुनामी को लेकर चेतावनी जारी कर दी। अधिकारियों ने कहा है कि 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए लोगों को समुद्र किनारे से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में इमरजेंसी सायरन भी बजाए गए। Japan, Indonesia और Malaysia में भी अलर्ट फिलीपींस में आए इस बड़े भूकंप का असर आसपास के देशों तक पहुंचा। जापान, इंडोनेशिया और मलेशिया की एजेंसियों ने भी सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जापान की मौसम एजेंसी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ घंटे बेहद अहम हो सकते हैं। Rescue Operation जारी, कई इलाके अंधेरे में भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Ring of Fire में होने की वजह से बढ़ता है खतरा फिलीपींस प्रशांत महासागर के “Ring of Fire” क्षेत्र में आता है। यह दुनिया का ऐसा इलाका है जहां सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती हैं। यही वजह है कि यहां अक्सर तेज भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों ने आफ्टरशॉक्स यानी दोबारा झटके आने की आशंका भी जताई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Putin

Peace Talks पर नहीं बनी बात, Putin बोले- अभी नहीं होगी सीधी मुलाकात

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin) को सीधे आमने-सामने बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने इस ऑफर को फिलहाल स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। क्रेमलिन ने क्या कहा? क्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि अभी दोनों नेताओं की सीधी मुलाकात का समय नहीं आया है। रूस का मानना है कि पहले दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत में कुछ ठोस नतीजे निकलने चाहिए, उसके बाद ही राष्ट्रपति स्तर की मीटिंग पर विचार किया जाएगा। लगातार बढ़ रहा है युद्ध का तनाव दरअसल, पिछले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। दोनों देशों की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में जेलेंस्की की शांति वार्ता की पहल को दुनिया उम्मीद की नजर से देख रही थी। दुनिया की नजरें अगले कदम पर यूक्रेन लगातार अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस पर दबाव बनाने की मांग कर रहा है। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय नेता चाहते हैं कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस लंबे संघर्ष का समाधान निकालें। हालांकि पुतिन के इस फैसले के बाद फिलहाल युद्धविराम की संभावनाएं कमजोर होती नजर आ रही हैं। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ी, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि रूस और यूक्रेन के बीच अगला कदम क्या होगा और क्या भविष्य में दोनों नेताओं की मुलाकात संभव हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America-Iran तनाव बढ़ा: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं 7 मिसाइलें

America ने Iran की रडार साइट्स पर बड़ा हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की मिसाइल ताकत अब केवल 22% ही बची है। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान की कई अहम रडार और डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कुवैत और बहरीन में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और किसी बड़े युद्ध की स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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