आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलShiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागीBREAKINGएंटरटेनमेंटSonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाहBREAKINGदेश-हरपल₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामलाBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरीBREAKINGदेश-हरपल2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीतिBREAKINGप्रदेशRam Mandir Controversy: सोना मिलने के मामले में नया मोड़, टिन्नू की पत्नी बोलीं- सच जल्द सामने आएगाBREAKINGदेश-हरपलGlobal Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चाBREAKINGस्पोर्ट्सIndia-A के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi फिर फेल, Afghanistan-A के खिलाफ 38 रन बनाकर लौटेBREAKINGदेश-हरपलShiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागीBREAKINGएंटरटेनमेंटSonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाहBREAKINGदेश-हरपल₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामलाBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरीBREAKINGदेश-हरपल2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीतिBREAKINGप्रदेशRam Mandir Controversy: सोना मिलने के मामले में नया मोड़, टिन्नू की पत्नी बोलीं- सच जल्द सामने आएगाBREAKINGदेश-हरपलGlobal Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चाBREAKINGस्पोर्ट्सIndia-A के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi फिर फेल, Afghanistan-A के खिलाफ 38 रन बनाकर लौटे

Latest Posts

छत्तीसगढ़ में D.Ed अभ्यर्थियों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, AAP ने सरकार को लिखा पत्र

Chhattisgarh में D.Ed अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर मामला फिर गरमा गया है। Aam Aadmi Party ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 10 जून तक पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो 11 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को पत्र लिखा है। 2300 पद खाली होने का दावा उत्तम जायसवाल ने दावा किया कि राज्य में सहायक शिक्षक के करीब 2300 पद खाली हैं। इनमें करीब 1600 पद आदिवासी महिला और पुरुष अभ्यर्थियों से जुड़े बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। 153 दिनों से जारी है प्रदर्शन D.Ed अभ्यर्थी पिछले 153 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी नहीं मिलने से वे आर्थिक, मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। AAP नेता ने कहा कि अभ्यर्थी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला उत्तम जायसवाल ने पत्र में दावा किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए जल्द नियुक्ति देनी चाहिए। आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी का आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को कई बार गिरफ्तार किया गया। AAP का कहना है कि आंदोलनकारियों को तीन बार जेल भेजा गया और चार दिन तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखा। “सरकार जल्द फैसला ले” उत्तम जायसवाल ने कहा कि नियुक्ति में लगातार देरी के कारण कई अभ्यर्थी मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने इसे सामाजिक और मानवीय संकट बताते हुए सरकार से संवेदनशील निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 10 जून तक नियुक्ति नहीं हुई, तो 11 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

सागर में शिवरात्रि जुलूस में हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 महीने से था फरार

Sagar जिले के देवरी में शिवरात्रि जुलूस के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी 19 वर्षीय मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। शिव बारात में हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी को देवरी थाना क्षेत्र में शिव बारात निकाली जा रही थी। इसी दौरान जुलूस में तलवार लाने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि मयंक यादव, देव उर्फ देवरा यादव और ओम यादव ने कार्यक्रम के आयोजक अनिल उर्फ अन्ना कोष्टी पर हमला कर दिया। आयोजक पर चाकू से किया हमला हमले के दौरान मयंक यादव ने अनिल पर चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत देवरी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सागर रेफर कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही थी। मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है। शुक्रवार को लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के मुताबिक इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी ओम यादव अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

जबलपुर में किसान को मारी गोली, पुरानी रंजिश में कट्टे से किया हमला

Jabalpur जिले के पाटन थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किसान को गोली मार दी गई। ग्राम खमदेही में खेत जा रहे किसान पर बाइक सवार युवक ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली किसान के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किसान को पहले पाटन स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। खेत जाते समय हुआ हमला जानकारी के अनुसार, खमदेही गांव निवासी धर्मेंद्र रैकवार शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव के बाहर बाइक से पहुंचे रामनारायण पटेल ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आरोपी ने कट्टा निकालकर फायर कर दिया। गोली धर्मेंद्र के पेट में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। छह महीने पुरानी रंजिश गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल किसान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायल धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने पहले रामनारायण के खेत में काम करने वाले कर्मचारियों से उसका विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी गोपेंद्र सिंह बघेल पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला पुरानी दुश्मनी से जुड़ा नजर आ रहा है। टीआई गोपेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि धर्मेंद्र खेत जाने से पहले गांव के नए सामुदायिक केंद्र में पानी डालने के लिए रुका था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और मौका मिलते ही गोली चला दी। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
Gwalior Crime News: उधार के पैसे मांगने पर युवक को पेट्रोल डालकर जलाया, 4 महीने बाद दर्ज हुई FIR

Gwalior Crime News: उधार के पैसे मांगने पर युवक को पेट्रोल डालकर जलाया, 4 महीने बाद दर्ज हुई FIR

मध्य प्रदेश के Gwalior से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि उधार दिए गए पैसे वापस मांगने पर एक महिला ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसा युवक करीब चार महीने तक अस्पताल में भर्ती रहा। इलाज के बाद अब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पैसे मांगने पर हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक, युवक ने महिला को कुछ समय पहले उधार पैसे दिए थे। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने पेट्रोल डालकर युवक को आग के हवाले कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती रहा युवक घटना में युवक बुरी तरह झुलस गया था। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका लंबे समय तक इलाज चला। करीब चार महीने तक अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। अब दर्ज कराई शिकायत इलाज पूरा होने के बाद युवक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जुटी जांच में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। न्याय की उम्मीद चार महीने तक दर्द और इलाज का सामना करने के बाद युवक अब न्याय की उम्मीद कर रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि छोटे विवाद भी कभी-कभी गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
Read more
Twisha Case Update: सास और पति 5 दिन की CBI रिमांड पर, आमने-सामने पूछताछ करेगी जांच एजेंसी

Twisha Case Update: सास और पति 5 दिन की CBI रिमांड पर, आमने-सामने पूछताछ करेगी जांच एजेंसी

Twisha case में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच कर रही CBI को बड़ी सफलता मिली है। कोर्ट ने अभिनेत्री के पति और सास को 5 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ताकि मामले से जुड़े अहम सवालों के जवाब मिल सकें। CBI अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त पूछताछ से घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। जांच एजेंसी कई बिंदुओं पर दोनों के बयानों का मिलान भी करेगी। आखिरी घंटों का होगा वर्चुअल रीक्रिएशन मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जांच एजेंसी अभिनेत्री के जीवन के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन करने की तैयारी में है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले घर के अंदर क्या-क्या हुआ था और कौन-कौन सी गतिविधियां हुई थीं। आमने-सामने पूछताछ से खुल सकते हैं नए राज CBI का मानना है कि पति और सास से अलग-अलग पूछताछ के दौरान कई जानकारियां सामने आई हैं। अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे जाएंगे। इससे बयानों में किसी तरह के विरोधाभास या नई जानकारी सामने आने की संभावना है। डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच जांच एजेंसी मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को भी बारीकी से खंगाला जा रहा है। परिवार और फैंस को जांच रिपोर्ट का इंतजार ट्विशा केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अभिनेत्री के परिवार के साथ-साथ उनके प्रशंसक भी मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। CBI का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच से इस मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की जांच कर रही CBI को बड़ी सफलता मिली है। कोर्ट ने अभिनेत्री के पति और सास को 5 दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ताकि मामले से जुड़े अहम सवालों के जवाब मिल सकें। CBI अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त पूछताछ से घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। जांच एजेंसी कई बिंदुओं पर दोनों के बयानों का मिलान भी करेगी। आखिरी घंटों का होगा वर्चुअल रीक्रिएशन मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जांच एजेंसी अभिनेत्री के जीवन के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन करने की तैयारी में है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि घटना से पहले घर के अंदर क्या-क्या हुआ था और कौन-कौन सी गतिविधियां हुई थीं। आमने-सामने पूछताछ से खुल सकते हैं नए राज CBI का मानना है कि पति और सास से अलग-अलग पूछताछ के दौरान कई जानकारियां सामने आई हैं। अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे जाएंगे। इससे बयानों में किसी तरह के विरोधाभास या नई जानकारी सामने आने की संभावना है। डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच जांच एजेंसी मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को भी बारीकी से खंगाला जा रहा है। परिवार और फैंस को जांच रिपोर्ट का इंतजार ट्विशा केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अभिनेत्री के परिवार के साथ-साथ उनके प्रशंसक भी मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। CBI का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच से इस मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Read more
MP Teachers News: 1.5 लाख शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 1 साल का अतिरिक्त समय

MP Teachers News: 1.5 लाख शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 1 साल का अतिरिक्त समय

MP के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। हालांकि राहत देते हुए कोर्ट ने पात्रता परीक्षा पास करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए आवश्यक योग्यता और पात्रता परीक्षा बेहद जरूरी है। क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा पास नहीं की है। इस मामले को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर TET पास करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में पात्रता परीक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उन्हें राहत देते हुए TET पास करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है। 1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों पर पड़ेगा। अब उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर TET परीक्षा पास करनी होगी। यदि शिक्षक तय समय में पात्रता परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनके भविष्य को लेकर प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। पात्रता परीक्षा से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक आवश्यक शैक्षणिक मानकों को पूरा करते हों। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षक तय समय सीमा के भीतर TET परीक्षा पास कर पाते हैं या नहीं।
Read more

ओंकारेश्वर में RTO और ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13 यात्री बसों पर जुर्माना; 4 ऑटो जब्त

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 13 यात्री बसों पर कार्रवाई करते हुए 44 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं बिना जरूरी दस्तावेजों के चल रहे 4 ऑटो रिक्शा भी जब्त किए गए हैं। अभियान के दौरान जब्त किए गए ऑटो रिक्शा को मांधाता थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति रही। 52 यात्री बसों की हुई जांच अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दीपक मांझी ने बताया कि जांच अभियान के दौरान कुल 52 यात्री बसों की जांच की गई। इस दौरान बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) की बारीकी से जांच की गई। जिन वाहनों में दस्तावेजों की कमी या अन्य अनियमितताएं मिलीं, उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस परिवहन विभाग का कहना है कि ओंकारेश्वर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने साफ किया है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए आगे भी इस तरह के सघन जांच अभियान लगातार चलाए जाएंगे। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com।
Read more

पुणे पोर्श केस में फिर मचा बवाल: जमानत के बाद पार्टी करता दिखा आरोपी परिवार, पीड़ितों के परिजनों में नाराजगी

महाराष्ट्र के पुणे में मई 2024 में हुए चर्चित पोर्श कार हादसे को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में आरोपी नाबालिग के पिता को जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी परिवार पार्टी करता और डांस करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों में नाराजगी बढ़ गई है। यह मामला पुणे के कल्याणी नगर इलाके का है, जहां तेज रफ्तार पोर्श कार ने दो आईटी इंजीनियरों को कुचल दिया था। हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया गया था कि कार एक 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। एमपी के दो इंजीनियरों की गई थी जान मृतकों में मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी अश्विनी कोष्ठा और उमरिया के रहने वाले एक अन्य युवा इंजीनियर शामिल थे। हादसे के बाद पूरे देश में गुस्सा देखने को मिला था और जुवेनाइल जस्टिस सिस्टम पर भी सवाल उठे थे। घटना के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी नाबालिग को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी थी। वहीं आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। वायरल वीडियो पर भड़का पीड़ित परिवार अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। जबलपुर निवासी मृतक इंजीनियर अश्विनी कोष्ठा के पिता ने आरोपी परिवार के व्यवहार को बेहद असंवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की लापरवाही से दो युवाओं की जान चली गई, उसी परिवार का इस तरह जश्न मनाना पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि आरोपी परिवार में न शर्म बची है और न ही संवेदनशीलता। इस तरह की हरकतें न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसी हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपी को मिली जमानत पर दोबारा विचार करने की मांग भी की है। आरोपी परिवार ने दी सफाई वहीं आरोपी परिवार ने वायरल वीडियो को पुराना बताया है। परिवार का कहना है कि यह वीडियो 2 सितंबर 2023 का है, जब गोवा में उनकी 25वीं शादी की सालगिरह मनाई गई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि वीडियो को गलत तरीके से पेश कर माहौल बनाया जा रहा है। आरोपी पक्ष का यह भी कहना है कि यह उनका निजी वीडियो है, जिसे बिना अनुमति सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। उन्होंने वीडियो लीक करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है। सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक चर्चा फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग लगातार इस केस में सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com।
Read more

ग्वालियर रेत फड़ गोलीकांड: मुख्य आरोपी विष्णु दुबे और भतीजा गिरफ्तार, लाइसेंसी पिस्टल जब्त

ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में रेत फड़ पर हुई गोलीबारी और हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विष्णु दुबे और उसके भतीजे बृजमोहन को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को गोहद से पकड़ा गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी जब्त कर ली है। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे रेत फड़ पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस पूछताछ में BSF से रिटायर्ड आरोपी विष्णु दुबे ने बताया कि उसका सत्यभान गुर्जर और भोला उर्फ महेंद्र गुर्जर से झगड़ा हुआ था। आरोपी के मुताबिक विवाद के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे वह गुस्से में आ गया। इसके बाद वह घर गया, लाइसेंसी पिस्टल लेकर वापस लौटा और फायरिंग कर दी। गोलीबारी में भोला उर्फ महेंद्र गुर्जर को पेट और सीने में दो गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं सत्यभान गुर्जर भी गोली लगने से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी फिलहाल महाराजपुरा थाना लॉकअप में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। आरोपी विष्णु दुबे ने पूछताछ में यह भी कहा कि यदि मामले में निर्दोष लोगों को फंसाया गया तो विवाद और बढ़ सकता है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। मृतक भोला गुर्जर के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को एयरपोर्ट तिराहे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और लाइसेंसी हथियार देने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद जाम खुलवाया। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस बीच घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें झगड़े के बाद आरोपी विष्णु दुबे लाइसेंसी पिस्टल से भोला और सत्यभान गुर्जर पर फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से भाग निकला था। पुलिस ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
Read more

भोपाल में डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, STF की रेड में 700 से ज्यादा पेटियां जब्त

भोपाल के गांधी नगर इलाके में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत का अवैध कफ सिरप पकड़ा है। यह कार्रवाई डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में गुरुवार देर रात की गई। छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने 700 से ज्यादा पेटियां, कफ सिरप बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और भारी मात्रा में नशीला सिरप बरामद किया। मामले में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मकान में ‘आफ कफ’ नाम से अवैध रूप से नशीला कफ सिरप तैयार किया जा रहा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने रात करीब 12 बजे दबिश दी। कार्रवाई शुक्रवार सुबह 3 बजे तक चली। छापे के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों में कफ सिरप की बोतलें और कार्टन भरे मिले। एसटीएफ ने बरामद कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई की भनक स्थानीय गांधी नगर पुलिस को भी नहीं लगी। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इलाके से अवैध नशीले कफ सिरप की सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद गुप्त रूप से निगरानी की जा रही थी। जिस मकान में यह अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह किसी मालवीय नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क किन लोगों तक फैला हुआ है और इसकी सप्लाई प्रदेश के किन इलाकों में की जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रिहायशी इलाके में इस तरह का अवैध कारोबार चल रहा है।
Read more
1 9 10 11 12 13 99

Editor's Picks

Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonu Nigam

Sonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाह

मशहूर सिंगर Sonu Nigam की तबीयत को लेकर इन दिनों चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पिछले कुछ समय से गर्दन में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। जांच के बाद सामने आया कि उनकी गर्दन की नसों पर दबाव (nerve compression) की स्थिति बन गई है। इसी वजह से डॉक्टरों ने तुरंत MRI और CT स्कैन कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें आराम करने और मेडिकल निगरानी में रहने को कहा गया है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम को: खुद भी महसूस कर रहे हैं परेशानी सूत्रों के मुताबिक, सोनू निगम ने भी माना है कि इस दर्द की वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनका कॉन्फिडेंस भी थोड़ा कम महसूस हो रहा है और वह इस दर्द से जूझ रहे हैं। काम पर असर पड़ने की आशंका इस हेल्थ इश्यू की वजह से उनके आने वाले कुछ प्रोग्राम्स और रिहर्सल्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक उनकी टीम की तरफ से किसी शो के कैंसिल या पोस्टपोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस काफी चिंतित नजर आए। लोग लगातार उनके गाने, आवाज और संगीत में दिए योगदान को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.