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सीहोर में ‘RTO’ लिखी संदिग्ध गाड़ी से अवैध लकड़ी जब्त, तस्कर जंगल में फरार

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के रेहटी वन क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध वाहन से बेशकीमती लकड़ियां जब्त की हैं। वाहन पर बड़े अक्षरों में ‘RTO’ लिखा हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया संदेह पैदा हुआ। हालांकि, वन विभाग की टीम को आता देख तस्कर वाहन छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई वन विभाग को सूचना मिली थी कि रेहटी वन क्षेत्र से एक संदिग्ध वाहन में अवैध रूप से लकड़ियां ले जाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही वन अमले ने वाहन का पीछा किया। कार्रवाई के दौरान तस्कर वाहन बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाते हुए मौके से भाग निकले। वाहन से मिली बेशकीमती लकड़ियां तलाशी लेने पर वाहन में अवैध रूप से काटी गई बेशकीमती लकड़ियां बरामद हुईं। वन विभाग ने वाहन और लकड़ियों को जब्त कर रेहटी वन परिसर में सुरक्षित रखवा दिया है। मालिक और आरोपियों की तलाश जारी वन विभाग अब वाहन के चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटा है। साथ ही, फरार आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। विभाग ने वाहन पर फर्जी तरीके से ‘RTO’ लिखे होने की जानकारी परिवहन विभाग को भी देने की बात कही है, ताकि इस मामले की अलग से जांच की जा सके। वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज वन विभाग ने मामले में वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि लकड़ी कहां से काटी गई थी और इस अवैध तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिक मध्य प्रदेश और सीहोर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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Datia

MP Politics: Datia में BJP Protest के बाद बड़ा एक्शन, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर लगी रोक

मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) में भाजपा कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन के बाद हालात को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके साथ ही बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी खुलकर सामने आई। टिकट को लेकर बढ़ा विवाद भाजपा द्वारा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार की घोषणा के बाद दतिया में विरोध के स्वर तेज हो गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पार्टी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई जगहों पर नारेबाजी हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन ने उग्र रूप भी ले लिया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन ने क्यों लागू की धारा 163? प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम के रूप में धारा 163 लागू की है। इसका उद्देश्य जिले में शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन के आदेश के अनुसार— सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत स्थिति को देखते हुए जिले के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा दतिया उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई बड़ा संदेश या रणनीतिक फैसला सामने आ सकता है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। साथ ही, किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, 24 IPS अधिकारियों के तबादले, 12 जिलों के SP बदले

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 24 आईपीएस अधिकारियों का तबादला करते हुए 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। यह बदलाव करीब 167 दिन पहले जारी पिछली तबादला सूची के बाद किया गया है। राजनांदगांव रेंज को मिला नया आईजी तबादला सूची के अनुसार, अजय कुमार यादव को नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से हटाकर राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। वहीं, राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर भेजा गया है। इसके अलावा बस्तर आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल की भी पुलिस मुख्यालय में नई पदस्थापना की गई है। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का बड़ा कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच सरकार ने कई जिलों में पुलिस नेतृत्व बदलने का फैसला लिया है। कोरिया जिले में भाजपा नेता को कार समेत जिंदा जलाने की घटना के बाद एसपी हरीश राठौर का तबादला किया गया है। वहीं, जुआ-सट्टा की शिकायतों के बाद बलौदाबाजार एसपी भावना गुप्ता को भी पुलिस मुख्यालय वापस बुला लिया गया है। 12 जिलों के नए एसपी नियुक्त सरकार ने कई जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की है। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं— इसके अलावा रायपुर जोन के तीन डीसीपी को बस्तर भेजा गया है, जबकि रॉबिन्सन गुरिया को गरियाबंद के एसपी पद से रायपुर नगर पुलिस में डीसीपी (पश्चिम) बनाया गया है। कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, पुलिसिंग में सुधार लाने तथा विभिन्न जिलों में बेहतर प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। अधिक जानकारी देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ट्रेन के आगे कूदा किसान, दो टुकड़ों में बंटा, VIDEO:ग्वालियर में सूदखोर धमकाते थे-घर में घुसकर मारेंगे; बेटा बोला- किडनैप कर पीटा भी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की धमकियों से परेशान एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शव दो टुकड़ों में बंटा मिला। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने जीजा-साले समेत तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बावजूद आरोपी लगातार धमका रहे थे और घर में घुसकर मारने की बात कह रहे थे। 5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा। मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप परिजनों का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर आरोपियों ने तिलक के साथ मारपीट की और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। गुरुवार को भी उन्हें धमकाया गया था। इसी मानसिक दबाव के चलते शुक्रवार को तिलक एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए। सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं और उनकी मौत के जिम्मेदार जितेंद्र शर्मा, उसका साला कल्ला शर्मा तथा गजेन्द्र हैं। बेटे ने कहा- 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे मृतक के बेटे अजीत सिंह का कहना है कि पिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। 3 लाख रुपए लौटाने के बाद भी आरोपी बचे हुए पैसों पर 20 प्रतिशत ब्याज मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं, जिससे परेशान होकर उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस बोली- हर पहलू की जांच करेंगे एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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ओंकारेश्वर जाते समय नर्मदा में डूबा युवक, खेड़ीघाट पर स्नान के दौरान हुआ हादसा

खंडवा। खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट पर शुक्रवार शाम नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित पिता कमल पटेल (24) निवासी महू के रूप में हुई है। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी दोस्त के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जा रहा था। स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। ओंकारेश्वर जाते समय दोनों दोस्त मोरटक्का के खेड़ीघाट पर रुके और नर्मदा नदी में स्नान करने उतर गए। इसी दौरान अंकित अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गोताखोरों ने बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर और मोरटक्का चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने युवक को नदी से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। निजी स्कूल में शिक्षक था युवक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंकित को तैरना नहीं आता था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, अंकित महू के एक निजी स्कूल में शिक्षक था। वह अपने उत्तर प्रदेश निवासी मित्र को ओंकारेश्वर दर्शन कराने ले जा रहा था। रास्ते में नर्मदा स्नान के दौरान यह दुखद हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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भोपाल के 50 से ज्यादा इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक रहेगी सप्लाई बंद

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब 50 से अधिक इलाकों में शनिवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी बिजली संबंधी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मेंटेनेंस कार्य के चलते रहेगी कटौती बिजली कंपनी के अनुसार, निर्धारित मेंटेनेंस और लाइन सुधार कार्य के कारण इन इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। कार्य पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। अधिक जानकारी भोपाल और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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श्रावणी मेला 2026: महादेवसाल स्टेशन पर 8 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा

बिलासपुर। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने महादेवसाल स्टेशन पर 4 जोड़ी यानी 8 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी, जिससे महादेवसाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस का इस अवधि में महादेवसाल स्टेशन पर अस्थायी स्टॉपेज रहेगा। इन ट्रेनों का रहेगा अस्थायी ठहराव श्रद्धालुओं को होगी यात्रा में आसानी रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, श्रावणी मेले के दौरान महादेवसाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए एक महीने के लिए इन ट्रेनों का महादेवसाल स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है, ताकि यात्रियों को मंदिर तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन के समय और स्टॉपेज की जानकारी की पुष्टि कर लें। अधिक जानकारी रेलवे और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला, 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट खत्म

इंदौर। स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 166 मेडिकल स्टाफ के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। सभी कर्मचारियों को जिला अस्पताल में पदस्थ करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस निर्णय के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल जिन कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त किए गए हैं, उनमें विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनमें— सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से इंदौर जिले के विभिन्न अस्पतालों, संजीवनी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैच होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई जिला अस्पताल बिल्डिंग के लिए लिया गया फैसला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी हैं। इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल 166 कर्मचारियों के अटैचमेंट एक साथ समाप्त किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नई जिला अस्पताल बिल्डिंग को जल्द संचालित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है। अधिक जानकारी मध्य प्रदेश और स्वास्थ्य से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राजस्थान हाईकोर्ट ने MSP पर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, कहा- सिर्फ घोषणा नहीं, प्रभावी खरीद व्यवस्था भी जरूरी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को उसका वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यह टिप्पणी जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान की। सभी खरीद केंद्रों का ब्योरा मांगा हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में एमएसपी के तहत संचालित सभी सरकारी खरीद केंद्रों, नामित खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने का अवसर नहीं मिल रहा है, वहां सरकार ने खरीद की क्या व्यवस्था की है। 12 अगस्त को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। तब तक केंद्र और राज्य सरकार को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी। किसानों को नहीं मिल रहा समर्थन मूल्य याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश की कई कृषि मंडियों में किसानों की फसलें घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बिक रही हैं। याचिका में कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 की धारा 9(2)(xii) के तहत मंडी समितियों की जिम्मेदारी है कि किसानों की उपज एमएसपी से कम कीमत पर न बिके। इसके बावजूद कई मंडियों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। खुली नीलामी पर भी उठाए सवाल याचिका में यह भी कहा गया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी नियम, 1963 के नियम 64(3) के तहत होने वाली खुली नीलामी में एमएसपी को आधार मूल्य (Base Price) नहीं बनाया जाता। इससे किसानों को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता और कानून का उद्देश्य प्रभावित होता है। कोर्ट ने सरकार से क्या पूछा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) तथा अन्य फसलों की खरीद NAFED, CCI और अन्य नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि राजस्थान में इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए जमीन पर क्या व्यवस्था की गई है। सरकार नहीं दे सकी संतोषजनक जवाब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है, वहां प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था कैसे उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिक जानकारी देश, कृषि और न्यायालय से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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TMC के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल, बंगाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा ने तीनों नेताओं को पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित किया है। तीनों नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी मनमाने तरीके से चलाई जा रही है। जून में दिया था इस्तीफा जानकारी के अनुसार, सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दिया था। 24 जुलाई को होगा मतदान पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम: सुखेंदु शेखर राय का आरोप भाजपा में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि आरजी कर रेप-मर्डर केस में सबूतों से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने व अपहरण की धमकियां मिलने लगी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त और अस्पताल के प्राचार्य से पूछताछ की मांग करने पर उन्हें भी लालबाजार पुलिस मुख्यालय बुलाया गया। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सुष्मिता देव का बयान भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा में भाजपा की सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार का बनना इसकी बड़ी मिसाल है। साथ ही उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें कोई अन्य राजनीतिक दल अपने साथ नहीं लेना चाहता। TMC का पलटवार टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तीनों नेता पहले से ही भाजपा के संपर्क में थे। उनके अनुसार, भाजपा ने केवल उनकी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने दावा किया कि इससे टीएमसी को कोई नुकसान नहीं होगा और भाजपा को भी विशेष राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है। TMC की मौजूदा स्थिति टीएमसी के अनुसार, हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की संसदीय और विधायी ताकत में कमी आई है। अधिक जानकारी देश और राजनीति की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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