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बिलासपुर में देहदान की मिसाल: सुशील सगदेव ने समाज को दी प्रेरणा, परिवार ने निभाई अंतिम इच्छा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां स्वर्गीय सुशील सगदेव (60) ने देहदान कर समाज के लिए मिसाल कायम की है। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) को सौंप दिया। परिवार ने दिखाई संवेदनशीलता और जिम्मेदारी इस भावुक मौके पर उनकी धर्मपत्नी ममता सगदेव, पुत्री समृद्धि सगदेव, पुत्र शुभम सगदेव और साला संदीप बल्हाल सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके फैसले पर गर्व जताया। चिकित्सा शिक्षा के लिए बड़ा योगदान देहदान की प्रक्रिया के दौरान सिम्स के एनाटॉमी विभाग से डॉ. शिक्षा जांगड़े और डॉ. अमित कुमार उपस्थित रहे। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सुशील सगदेव का यह निर्णय समाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहद प्रेरणादायक है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने इसे एक समाजोपयोगी कदम बताते हुए कहा कि ऐसे निर्णय से मेडिकल छात्रों को सीखने का अवसर मिलता है और समाज में जागरूकता बढ़ती है। आध्यात्मिक प्रार्थना के साथ दी श्रद्धांजलि इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी परिवार की मंजू बहन, विद्या बहन, गायत्री बहन, ईश्वरी बहन, रूपा बहन, शशी बहन और ज्ञाना बहन ने आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। अन्य लोगों ने भी दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। 👉 ऐसी ही प्रेरणादायक और सकारात्मक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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रायपुर में छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट: विरोध करने पर कपड़े फाड़े, आरोपी फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां देर रात टहलने निकली एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी भाठापारा इलाके का है। पीड़िता बीए की छात्रा है और अपनी आजीविका के लिए एक अस्पताल की कैंटीन में काम करती है। रात में टहलते वक्त हुई वारदात पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुरुवार (2 अप्रैल) रात करीब 12:20 बजे वह अपनी दो सहेलियों के साथ खाना खाने के बाद घर के पास टहल रही थी। इसी दौरान ‘छाया फैंसी स्टोर’ के पास पहले से बैठे कुछ युवकों ने उन्हें देखकर भद्दे कमेंट्स करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने छात्रा से अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा, “इतने कम कपड़े पहनकर क्यों घूम रही हो?” इसके बाद उन्होंने गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर किया हमला जब छात्रा और उसकी सहेलियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी उग्र हो गए। उन्होंने युवतियों को जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिए। इस हमले में छात्रा के बाएं हाथ, दाएं कंधे और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। मकान मालिक ने बचाई जान युवतियों के शोर मचाने पर पीड़िता के मकान मालिक मौके पर पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। इसके बाद छात्रा अपनी सहेलियों के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। 👉 ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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युद्ध के बीच बढ़ी घबराहट, कलेक्टर बोले- पेट्रोल-डीजल की नहीं है कमी

मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते लोगों में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। इसी के कारण कई जगहों पर जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी स्थिति बनती दिख रही है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय संयम रखने की अपील की है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ कहा है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने बताया कि अगर सप्लाई बंद भी हो जाए, तब भी जिले में करीब 5 दिन का पेट्रोल और साढ़े 5 दिन का डीजल स्टॉक मौजूद है। गैस सिलेंडर की मांग ज्यादा, सप्लाई कम जहां पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य है, वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की मांग ज्यादा हो गई है। जिले में रोजाना करीब 9 हजार सिलेंडर आ रहे हैं, जबकि मांग 22 हजार तक पहुंच गई है। यानी करीब 13 हजार सिलेंडरों की कमी बनी हुई है। घबराहट में बढ़ रही खरीदारी अधिकारियों के मुताबिक ईंधन की असली कमी नहीं है, बल्कि लोग डर के कारण जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बिक्री अचानक बढ़ गई है। कलेक्ट्रेट बैठक में दी जानकारी कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में बताया कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर भी मिल रहे हैं, लेकिन बढ़ती मांग के कारण दबाव बन रहा है। डिमांड अचानक बढ़ने की वजह कलेक्टर ने बताया कि जो लोग पिछले 6-9 महीनों से सिलेंडर नहीं ले रहे थे, वे भी अब बुकिंग करा रहे हैं। इसी कारण मांग बढ़कर 27 हजार सिलेंडर तक पहुंच गई है। जिले में ईंधन की स्थिति क्या है जिले में कुल 171 पेट्रोल पंप हैं। वर्तमान में 1209 किलोलीटर पेट्रोल और 1429 किलोलीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। रोजाना 250 किलोलीटर पेट्रोल और 260 किलोलीटर डीजल की खपत हो रही है। 5-7% बढ़ी पेट्रोल-डीजल की बिक्री ऑयल कंपनियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल-डीजल की बिक्री 5 से 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। लोगों द्वारा स्टॉक करने की आशंका भी जताई जा रही है। गैस सिलेंडर की डिमांड दोगुनी पहले जहां रोजाना 9 हजार सिलेंडर की मांग थी, अब यह बढ़कर 22 हजार तक पहुंच गई है। इससे सप्लाई पर दबाव साफ नजर आ रहा है। कलेक्टर की अपील- पैनिक न हों कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। अनावश्यक स्टोरेज से बचें, क्योंकि इससे कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है। अफवाहों से बन रहा दबाव प्रशासन का कहना है कि कई जगहों पर अफवाहों के कारण भीड़ बढ़ रही है। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल और गैस खरीद रहे हैं, जिससे अनावश्यक दबाव बन रहा है। संयम और जिम्मेदारी जरूरी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें। जहां संभव हो, वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें ताकि सभी को समान रूप से सुविधा मिल सके। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, 82 मेडल जीतकर बढ़ाया मान

चंडीगढ़ में आयोजित 5वें खेलो मास्टर्स गेम्स में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एथलेटिक्स में 82 मेडल अपने नाम किए। प्रतियोगिता से लौटने के बाद खिलाड़ियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल अधिकारी मौजूद रहे। अन्य खेलों में भी शानदार जीत एथलेटिक्स के अलावा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 10 मीटर पिस्टल शूटिंग में 2 गोल्ड मेडल जीते। वहीं, स्विमिंग में 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज, जबकि टेबल टेनिस में 1 सिल्वर मेडल हासिल किया। इससे साफ है कि खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। टीम स्पर्धाओं में भी मिला सम्मान टीम इवेंट्स में भी प्रदेश का प्रदर्शन सराहनीय रहा। फुटबॉल के 40+ एज ग्रुप में टीम उपविजेता रही, जबकि 50+ में तीसरा स्थान मिला। वॉलीबॉल में 40+ वर्ग में उपविजेता और 50+ वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया गया। महिला खिलाड़ियों ने दिखाया दम महिला वर्ग में ज्योति अग्रवाल, बैंजो गुप्ता, आरती विश्वकर्मा, प्रिया रेड्डी, अन्नपूर्णा साहू, सुजाता, अंजलि और अपर्णा वर्मा ने पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। पुरुष खिलाड़ियों का भी शानदार प्रदर्शन पुरुष वर्ग में ब्रह्मानंद वर्मा, किशन कुमार साहू, जी कामेश, नेम सिंह पोर्ते, विनोद, रोशन लाल बंजारे, जयप्रकाश, देवघर ठाकुर, ज्ञान सिंह और भागवत राम नेताम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेडल अपने नाम किए। भिलाई में हुआ खिलाड़ियों का सम्मान खिलाड़ियों के सम्मान में भिलाई के प्रगति भवन में समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें नरेंद्र बंछोरे, नरेंद्र नशीने, परविंदर सिंह, अंकुर मिश्रा, रामदास राजभर और टीना सातपुते शामिल थे। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में टोल महंगा: 1 अप्रैल से हर प्लाजा पर देना होगा ज्यादा शुल्क

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। अब 1 अप्रैल से राज्य के अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाले टोल प्लाजा पर यात्रियों को पहले से ज्यादा पैसा देना होगा। हर टोल पर 5 रुपए बढ़े, यात्रियों पर बढ़ेगा बोझ नई दरों के मुताबिक, बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ जाने वाले सभी प्रमुख टोल प्लाजा पर कम से कम 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। रोजाना इन रास्तों से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। एनुअल पास भी हुआ महंगा NHAI ने सालाना पास की कीमत में भी इजाफा किया है। अब कार के लिए बनने वाला वार्षिक पास 3000 रुपए से बढ़ाकर 3075 रुपए कर दिया गया है। हालांकि स्थानीय पासधारकों को पुराने रेट पर ही सुविधा मिलती रहेगी, जिससे उन्हें राहत मिली है। इन टोल प्लाजा पर पड़ेगा असर बिलासपुर जिले के प्रमुख टोल प्लाजा—भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा—से रोजाना करीब 1 लाख वाहन गुजरते हैं। नई दरों का असर सबसे ज्यादा इन रूट्स पर देखने को मिलेगा। 5 से 20 रुपए तक बढ़ी दरें NHAI के नोटिफिकेशन के अनुसार टोल शुल्क में 5% से 10% तक की बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी 5 से 20 रुपए तक है।रिंग रोड पर हल्के वाहनों को राहत दी गई है, जबकि भारी कमर्शियल वाहनों के टोल में ही वृद्धि की गई है। कैसे तय होता है टोल टैक्स टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय होती हैं। सड़क की लंबाई, फ्लाईओवर, अंडरपास और अन्य सुविधाओं को देखते हुए हर साल दरों की समीक्षा की जाती है। फास्टैग जरूरी, नहीं तो देना होगा दोगुना टोल सभी टोल प्लाजा पर अब कैश पेमेंट पूरी तरह बंद रहेगा। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल टैक्स देना पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों ने क्या कहा NHAI के मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्यालय के निर्देश पर की गई है और 1 अप्रैल से नई दरें लागू होंगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के लिए 20 किमी की छूट योजना पहले की तरह जारी रहेगी। 👉 देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर नगर निगम बजट 2026-27: 2131 करोड़ का प्लान, वर्किंग वुमन हॉस्टल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मार्केट तक कई बड़े ऐलान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया। मेयर मीनल चौबे ने करीब 2131.75 करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए शहर के विकास के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। महिलाओं और युवाओं के लिए खास योजनाएं बजट में पंडरी और नरैया तालाब क्षेत्र में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सस्ती सुविधा मिल सके। इसके साथ ही नालंदा परिसर की तर्ज पर आधुनिक लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल भी बनाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए हाईटेक कदम शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 140 लाख रुपए की लागत से 268 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर शंकर नगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम 100 करोड़ रुपए का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा।इसके अलावा नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में ऑटोमैटिक पार्किंग सिस्टम भी तैयार किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या कम होगी। बजट से पहले सदन में हंगामा बजट पेश होने से पहले कांग्रेस पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद हाथों में वादों के पोस्टर लेकर “वादा तेरा वादा” गाना गाते हुए सदन में पहुंचे, जिससे माहौल गरमा गया। सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले पोस्टर हटाए जाएं, तभी कार्यवाही शुरू होगी। वहीं विपक्ष का कहना था कि पहले अधूरे वादों पर चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। 👉 रायपुर और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर में महिला से मंगलसूत्र लूट: बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार शाम एक महिला के साथ लूट की घटना सामने आई। स्कूटी से घर लौट रही महिला के गले से बाइक सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर सोने का मंगलसूत्र छीन लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक आरोपी काफी दूर निकल चुके थे। कैसे हुई वारदात? तोरवा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर निवासी तुलिका बाजपेयी अपनी एक परिचित महिला के साथ देवरीखुर्द के गदा चौक से लौट रही थीं। जैसे ही वे तोरवा रोड पर पहुंचीं, पीछे से तेज रफ्तार पल्सर बाइक पर सवार दो युवक आए और अचानक झपट्टा मारकर उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मस्तूरी की ओर भाग निकले। शोर मचाया, लेकिन देर से हरकत में आई पुलिस घटना के तुरंत बाद महिला ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को जानकारी दी। बाद में पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पूछताछ और कार्रवाई में देरी के चलते आरोपी फरार हो गए। नाकेबंदी भी नहीं आई काम लूट की सूचना मिलते ही पुलिस ने मस्तूरी, मल्हार और तोरवा इलाके में चेकिंग पॉइंट लगाकर वाहनों की जांच की, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए, लेकिन उसमें बदमाश साफ नजर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। एक और घटना: ऑटो से गायब हुआ जेवरों से भरा बैग इसी इलाके में एक और मामला सामने आया है। देवरीखुर्द निवासी श्रद्धा भोई 21 मार्च को काम की तलाश में अग्रसेन चौक गई थीं। शाम को लौटते समय वह ऑटो से घर आ रही थीं। पावर हाउस के पास उतरते वक्त एक नशे में धुत व्यक्ति भी बैग लेकर उतर गया। घर पहुंचने पर युवती को पता चला कि उसका जेवरों से भरा बैग गायब हो गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो दिन बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 👉 अधिक अपडेट्स और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खराब सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त: c और NHAI को दी चेतावनी, 5 मई को अगली सुनवाई

प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार और NHAI ने कुछ काम जरूर शुरू किए हैं, लेकिन समय पर पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी बेहद जरूरी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और NHAI को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी। सरकार ने क्या बताया कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथपत्र में कई अहम जानकारियां दीं। इसमें बताया गया कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तक सड़क के लिए अब 4079 लाख रुपए का बजट तय किया गया है और प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा सीपत से बलौदा रोड की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जशपुर-अंबिकापुर जैसी कई सड़कें, जो नेशनल हाईवे के अंतर्गत आती हैं, उनका काम NHAI द्वारा किया जाएगा। मोपका-सेंदरी बायपास को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इसका टेंडर जारी होगा। वहीं श्रीकांत वर्मा चौक से CMD चौक तक सड़क निर्माण को 3 फरवरी 2026 को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। तारबहार से शिव टॉकीज चौक तक सड़क का काम पूरा हो चुका है, जबकि मंगला चौक से दीनदयाल उपाध्याय नगर तक चौड़ीकरण का काम जारी है। नारायणपुर से भाटापारा रोड के लिए 9 मार्च 2026 को वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है। NHAI का दावा – मानसून से पहले काम पूरा NHAI ने कोर्ट को बताया कि NH-130 (कोरबा-कटघोरा क्षेत्र) में जमीन विवाद के कारण रुका काम अब फिर से शुरू हो गया है। करीब 20 करोड़ की लागत से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और इसे मानसून से पहले पूरा करने की योजना है। वहीं NH-149B (कटघोरा-गोपालपुर) की 8.55 किलोमीटर सड़क के सुधार का काम भी तेजी से जारी है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ काम शुरू करना काफी नहीं है, बल्कि उसे समय पर पूरा करना भी जरूरी है। इसके लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को लगातार मॉनिटरिंग करनी होगी। हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सचिव को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक पूरी प्रगति रिपोर्ट पेश करें। साथ ही NHAI से भी पूछा गया है कि सभी प्रोजेक्ट कब तक पूरे होंगे और उनकी समय-सीमा क्या है। अब 5 मई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले कोर्ट इन सभी परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखेगा। 👉 इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Deva ने 20 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर, सुकमा–Bijapur में 14 माओवादी ढेर

Deva ने 20 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर, सुकमा–Bijapur में 14 माओवादी ढेर

कुख्यात नक्सली Deva ने अपने 20 साथियों के साथ आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। वहीं, अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली मारे गए हैं। सुकमा में 12 नक्सली ढेर सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए। मुठभेड़ के बाद इलाके से नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। बीजापुर में 2 नक्सली मारे गए इसी तरह बीजापुर जिले में हुई कार्रवाई में 2 नक्सली ढेर किए गए। सुरक्षाबलों ने दोनों के शवों के साथ हथियार भी जब्त किए हैं। लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित करने तक अभियान जारी रहेगा। शांति की ओर एक बड़ा कदम देवा समेत 20 नक्सलियों का सरेंडर इस बात का संकेत है कि सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति असर दिखा रही है। यह कदम न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि इलाके में शांति और विकास की उम्मीद भी बढ़ाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल, दफ्तरों में सन्नाटा, कामकाज पूरी तरह ठप

बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। हड़ताल के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट सहित अधिकांश सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे आम नागरिक भटकते नजर आए। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है, जिसे सरकार लगातार नजरअंदाज करती रही है। कर्मचारी नेताओं का आरोप: सरकार के रवैए से बढ़ा आक्रोश कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे काफी समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते आ रहे थे, लेकिन शासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले। धरातल पर कोई ठोस फैसला नहीं होने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता गया और अब उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। यह हड़ताल सोमवार से बुधवार तक चलेगी। पहले ही दिन दिखा हड़ताल का असर सोमवार को कलेक्ट्रेट समेत सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी नदारद रहे। इसके चलते फाइलों का निपटारा नहीं हो सका और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आए। नेहरू चौक पर प्रदर्शन, बेमियादी हड़ताल की चेतावनी हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे सरकार ने बंद कर दिया। अन्य मांगों को लेकर भी लगातार संवाद की कोशिश की गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। ये हैं अधिकारी-कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगें 👉 छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर और अपडेट के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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CDS का बड़ा बयान: War जीतने के लिए Multi-Domain Strategy जरूरी, बदल गया Battlefield

युद्ध का मतलब अब सिर्फ सीमा पर आमने-सामने खड़ी सेनाएं और गोलाबारी नहीं रह गया है। समय के साथ Battlefield का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जमीन, समुद्र और आसमान के साथ अब Cyber, Space, Drones, Artificial Intelligence और Electronic Warfare भी किसी संघर्ष का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ‘सुरक्षा सभा आजतक’ में भविष्य के युद्ध और भारत के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए Multi-Domain Strategy की जरूरत पर जोर दिया। एक ही मोर्चे पर नहीं लड़ा जाएगा अगला युद्ध CDS के मुताबिक आने वाले समय में किसी भी संघर्ष को केवल एक मोर्चे से समझना मुश्किल होगा। युद्ध के दौरान जमीन पर ऑपरेशन के साथ हवा, समुद्र, Space और Cyber Domain में भी गतिविधियां चल सकती हैं। ऐसे माहौल में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। यही Multi-Domain Operations की मूल सोच है। सरल शब्दों में कहें तो भविष्य के युद्ध में जिस देश की सेनाएं और तकनीकी सिस्टम जितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़कर काम करेंगे, उसे उतना ही फायदा मिल सकता है। Technology ने बदल दी Battlefield की तस्वीर आज युद्धक्षेत्र में Drone, Satellite, Sensors और आधुनिक Communication Systems का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इससे सैनिकों और कमांडरों को बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में जानकारी मिलती है। लेकिन चुनौती सिर्फ Information जुटाने की नहीं है। असली चुनौती यह है कि सही जानकारी को समय पर समझा जाए और उसके आधार पर तुरंत फैसला लिया जाए। यही कारण है कि Artificial Intelligence और Data Analytics भविष्य की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। Drone और Precision Weapons ने बढ़ाई चुनौती हाल के वर्षों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों ने यह दिखाया है कि छोटे और अपेक्षाकृत कम लागत वाले Drones भी युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा Precision Weapons और लंबी दूरी की मारक क्षमता ने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब सुरक्षा की तैयारी केवल सीमा पर तैनात जवानों तक सीमित नहीं रह सकती। देश के महत्वपूर्ण Infrastructure, Communication Networks और Logistics व्यवस्था को भी मजबूत रखना जरूरी है। Cyber और Space भी बन चुके हैं War Domain आधुनिक युद्ध में Cyber और Space की भूमिका तेजी से बढ़ी है। Communication, Navigation और Surveillance जैसी कई व्यवस्थाएं Space-based Systems पर निर्भर हैं। वहीं Cyber Domain में किसी महत्वपूर्ण Digital System को प्रभावित करने की कोशिश भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है। इसलिए भविष्य की Defence Planning में इन क्षेत्रों को पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी है। आत्मनिर्भर Defence Industry पर जोर किसी भी बड़े संकट के दौरान हथियारों और जरूरी सैन्य उपकरणों की लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मजबूत Domestic Defence Industry और Supply Chain की जरूरत है। भारत के लिए Aatmanirbhar Defence इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश में रक्षा उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से जरूरत के समय बाहरी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। युद्ध में Logistics भी तय करता है नतीजा किसी ऑपरेशन की सफलता सिर्फ आधुनिक हथियारों से तय नहीं होती। सैनिकों तक समय पर जरूरी सामान पहुंचाना, उपकरणों की Maintenance और लगातार Supply बनाए रखना भी उतना ही अहम है। यानी किसी भी लंबे संघर्ष में Logistics, Technology और Manpower तीनों का मजबूत होना जरूरी है। Human और Machine साथ मिलकर बनाएंगे बढ़त AI और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद इंसान की भूमिका खत्म नहीं होने वाली। जरूरत ऐसे प्रशिक्षित लोगों की होगी जो आधुनिक Technology को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें। भविष्य की सैन्य क्षमता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंसान और Machine मिलकर कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं। बदलते युद्ध के लिए बदलनी होगी तैयारी CDS के संदेश का सार यही है कि भविष्य का युद्ध पहले की तरह सीधा और सीमित नहीं हो सकता। एक साथ कई Domains में चुनौती सामने आ सकती है। इसलिए भारत को अपनी Defence Preparedness में Army, Navy और Air Force के Joint Operations के साथ Cyber, Space, AI, Drones, Electronic Warfare और मजबूत Defence Industry पर भी ध्यान देना होगा। आज की बदलती दुनिया में मजबूत सेना जरूरी है, लेकिन उसके साथ मजबूत Technology, तेज Decision Making और आत्मनिर्भर व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही Multi-Domain Warfare के दौर में भारत की बड़ी जरूरत बनकर सामने आ रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Weather

Weather का Double Attack! Uttarakhand में बर्फबारी, Bihar में Flood; Bareilly भी जलमग्न

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने एक साथ अलग-अलग तस्वीरें दिखानी शुरू कर दी हैं। कहीं पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है तो कहीं नदियों का बढ़ता पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बीच बर्फबारी हुई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में हालात ऐसे बने कि पानी फायर स्टेशन परिसर तक पहुंच गया। Bihar Flood: 12 जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इन 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। घरों से लेकर सड़क और खेत तक पानी पहुंचने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंगा ने बढ़ाई पटना की चिंता पटना में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावों और राहत टीमों की मदद ली जा रही है। NDRF और SDRF की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। Uttarakhand Snowfall: बारिश के बीच पहाड़ों पर बर्फ बिहार में जहां बाढ़ लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। बारिश के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में Snowfall देखने को मिली। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में सड़क यातायात और यात्रा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। Bareilly Weather: Fire Station में घुसा बारिश का पानी उत्तर प्रदेश के बरेली में भी लगातार बारिश के बाद जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने की खबर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Fire Station परिसर तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को भी बारिश के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक तरफ Snowfall, दूसरी तरफ Flood देश के अलग-अलग हिस्सों का मौसम इस समय बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी जहां सर्द मौसम की दस्तक का अहसास करा रही है, वहीं बिहार में उफनती नदियां हजारों परिवारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित रखने की है। फिलहाल Bihar Flood, Uttarakhand Snowfall और UP Rain से जुड़े हालात पर प्रशासन और संबंधित विभाग नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi

Delhi PG Accident: एक झटके में मलबे में बदली 5 मंजिला इमारत, 6 की मौत

दक्षिण Delhi के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जबकि अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए काफी देर तक Search Operation चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने Sniffer Dogs और Search Cameras की मदद से मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। अचानक भरभराकर गिर गई पूरी बिल्डिंग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना बेहद अचानक हुई। कुछ ही पलों में पांच मंजिला Building मलबे में बदल गई। हादसे की तस्वीरें और CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की। इसके बाद मशीनों और आधुनिक Rescue Equipment की मदद से बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया। Basement में चल रहा था काम, उठे कई सवाल प्रारंभिक जांच में इमारत के Basement में चल रहे निर्माण या तोड़फोड़ के काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले बेसमेंट में काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या निर्माण के दौरान भवन के किसी महत्वपूर्ण हिस्से या Pillar से छेड़छाड़ हुई थी। इमारत की उम्र और उसकी Structural Safety को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने से पहले हादसे की अंतिम वजह बताना जल्दबाजी होगी। Rescue Teams ने ऐसे शुरू की मलबे में तलाश हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना थी। भारी ढांचे के कारण राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाते रहे। Rescue Dogs और Search Cameras के जरिए उन जगहों की तलाश की गई, जहां किसी व्यक्ति के फंसे होने की संभावना थी। बचावकर्मियों ने मलबे को धीरे-धीरे हटाया, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर मौजूद हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। इस दौरान आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया और लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया। Building Owner के खिलाफ FIR हादसे के बाद पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इमारत में चल रहा निर्माण कार्य नियमों के अनुसार था या नहीं और हादसे से पहले भवन की सुरक्षा को लेकर कोई शिकायत या चेतावनी सामने आई थी या नहीं। जांच में Building Plan, निर्माण कार्य और इमारत की Structural Condition से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है। आसपास की Buildings की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए हैं। अधिकारियों की नजर खास तौर पर पुरानी और कमजोर इमारतों पर है। इस हादसे ने दिल्ली में पुराने मकानों को PG और Hostel में बदलकर इस्तेमाल करने तथा उनमें होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान Rescue Operation पूरा करने और हादसे की सही वजह पता लगाने पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पांच मंजिला इमारत आखिर किन परिस्थितियों में गिरी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

MP में 14 करोड़ की ठगी, Luxury Car और iPhone से दिखाता था रुतबा; 65 Bank Accounts और 20 Shell Companies का खुलासा

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बड़े ठगी के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। गुजरात से आकर मध्य प्रदेश में छिपे एक आरोपी पर करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों के बीच अपना रुतबा दिखाने के लिए लग्जरी कार और महंगे iPhone का इस्तेमाल करता था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे मामले के तार सिर्फ मध्य प्रदेश और गुजरात तक सीमित नहीं मिले। पुलिस को आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों और करीब 20 शेल कंपनियों की जानकारी मिली है। इसके अलावा उसके नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। लग्जरी लाइफस्टाइल से बनाता था भरोसा आरोपी कथित तौर पर महंगी कार और iPhone के जरिए लोगों के बीच अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति की छवि बनाता था। इसी तरह की लाइफस्टाइल देखकर कई लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी से जुड़े पैसों को अलग-अलग बैंक खातों और कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था। इससे पैसों के लेन-देन को समझना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। 65 बैंक अकाउंट और 20 शेल कंपनियां जांच के दौरान आरोपी से जुड़े 65 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही करीब 20 शेल कंपनियों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों के जरिए कितनी रकम ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। हांगकांग तक जुड़े ठगी के तार मामले की जांच में नेटवर्क के हांगकांग तक जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब एजेंसियां विदेशी लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है। 14 करोड़ रुपये की ठगी, कई बैंक खातों और शेल कंपनियों के सामने आने से यह मामला एक संगठित वित्तीय अपराध की ओर इशारा करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की तस्वीर साफ हो पाएगी।
Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

Suryavanshi की Batting देखने उमड़ी हजारों की भीड़, 93 मिनट तक Chepauk में दिखा शानदार नजारा

दलीप ट्रॉफी फाइनल में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए चेपॉक स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। उनकी बल्लेबाजी के दौरान स्टेडियम का माहौल पूरी तरह क्रिकेटमय हो गया और करीब 93 मिनट तक दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए इतनी भीड़ पहुंची कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की संख्या को देखते हुए एक्स्ट्रा स्टैंड भी खोलने पड़े। इससे मुकाबले को लेकर फैंस की दिलचस्पी साफ नजर आई। सूर्यवंशी की बैटिंग ने खींचा ध्यान मैच के दौरान सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए दर्शक लगातार उत्साहित नजर आए। चेपॉक में उनके हर शॉट पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ने माहौल को और खास बना दिया। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी को देखने के लिए इस तरह की भीड़ जुटना क्रिकेट फैंस के बीच उसकी लोकप्रियता को दिखाता है। Extra Stands भी खोलने पड़े दर्शकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेडियम के अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। आयोजकों के लिए भी यह नजारा खास रहा, क्योंकि मुकाबले में फैंस की मौजूदगी उम्मीद से ज्यादा दिखाई दी। चेपॉक में मौजूद दर्शकों ने करीब 93 मिनट तक सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर भी स्टेडियम की भीड़ और माहौल की तस्वीरें चर्चा में रहीं। घरेलू क्रिकेट के लिए अच्छी तस्वीर दलीप ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट में नए और उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच है। ऐसे में किसी खिलाड़ी की बल्लेबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों का पहुंचना घरेलू क्रिकेट के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। चेपॉक में जुटी भीड़ ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय क्रिकेट फैंस सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी खिलाड़ियों को देखने के लिए स्टेडियम पहुंच रहे हैं।

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