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ग्वालियर NCC OTA में पासिंग आउट परेड, 129 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने पूरी की 45 दिन की सैन्य ट्रेनिंग

ग्वालियर स्थित NCC ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) परिसर में बुधवार को पासिंग आउट परेड और पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई। देश के अलग-अलग राज्यों से आईं 129 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने 45 दिन की कठिन सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। समारोह की मुख्य अतिथि केंद्रीय कमान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सुचित्रा सेनागुप्ता रहीं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को रैंक (स्टार) लगाए और उन्हें NCC के नियमों का पालन करने के साथ देश सेवा की शपथ दिलाई। सैन्य प्रशिक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण पर जोर लेफ्टिनेंट जनरल सुचित्रा सेनागुप्ता ने बताया कि ग्वालियर NCC OTA के मुख्य रूप से दो उद्देश्य हैं। पहला, एसोसिएट NCC अधिकारियों को सैन्य प्रशिक्षण देना और दूसरा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कोर्स में देशभर से 129 महिला कैंडिडेट शामिल हुई थीं। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने 45 दिनों तक शारीरिक, सैन्य और अनुशासन से जुड़ा कठिन प्रशिक्षण पूरा किया। शिखा सिंह को तीन पुरस्कार समारोह के अंत में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारियों को पदक और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। राजस्थान की एसओ शिखा सिंह ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन पुरस्कार अपने नाम किए। उन्हें कमांडेंट गोल्ड मेडल, शर्मा कप (बेस्ट इन एकेडमिक्स) और स्पेशल स्किल्स के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशिक्षणार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और सैन्य कौशल की झलक देखने को मिली। पासिंग आउट के साथ सभी महिला प्रशिक्षणार्थियों ने NCC में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और देश सेवा के संकल्प के साथ नई भूमिका की शुरुआत की।
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सीहोर में मानसून सक्रिय, 24 घंटे में 0.07 इंच बारिश; अगले 48 घंटे भी बारिश के आसार

सीहोर जिले में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। भू-अभिलेख विभाग की ओर से 19 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 0.07 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही 1 जून से अब तक जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 26.99 इंच पहुंच गया है। हालांकि, पिछले साल इसी अवधि में जिले में औसतन 28.59 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस लिहाज से इस बार अब तक बारिश का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में कम है। चार क्षेत्रों में हुई बारिश पिछले 24 घंटे में सीहोर में 0.15 इंच, श्यामपुर में 0.07 इंच, इछावर में 0.19 इंच और रेहटी में 0.17 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं आष्टा, जावर, भैरूंदा और बुधनी में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश नहीं हुई। रेहटी और सीहोर में अब तक ज्यादा बारिश 1 जून से 19 अगस्त तक सीहोर में सबसे ज्यादा 32.84 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद रेहटी में 30.33 इंच, भैरूंदा में 27.12 इंच, बुधनी में 26.75 इंच, आष्टा में 26.18 इंच, इछावर में 26.02 इंच, श्यामपुर में 25.29 इंच और जावर में 21.45 इंच बारिश हुई है। इस साल जिले की औसत बारिश 26.99 इंच है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह आंकड़ा 28.59 इंच था। अगले 48 घंटे बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और मध्य भारत से गुजर रही मानसूनी ट्रफ सक्रिय है। इसके चलते वातावरण में नमी बनी हुई है। अगले 48 घंटे में सीहोर जिले में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
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देवरी हाईवे पर खड़ी कार में लगी भीषण आग, कुछ ही देर में जलकर हुई राख

सागर के देवरी थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़ी एक कार में बुधवार सुबह अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाने के बाद मामले की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, संजय नगर निवासी देवेंद्र साहू बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे कार से सागर जा रहे थे। उन्हें रिजर्वेशन के काम से सागर जाना था। चीमाढाना के पास अचानक उनकी कार चलते-चलते बंद हो गई। देवेंद्र ने कार को कई बार स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन वह चालू नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कार को हाईवे के किनारे लॉक किया और मैकेनिक लेने के लिए देवरी चले गए। मैकेनिक के साथ लौटे तो जल चुकी थी कार देवेंद्र सुबह करीब 9 बजे मैकेनिक को लेकर वापस चीमाढाना पहुंचे। वहां का नजारा देखकर वे हैरान रह गए। हाईवे किनारे खड़ी उनकी कार आग की चपेट में आ चुकी थी और पूरी तरह जलकर राख हो गई थी। देवेंद्र के मुताबिक कार MP 15 CC 3078 उनके बेटे नमन साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है। कार में आग किस वजह से लगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं हो सकी है। आग के कारणों की जांच कर रही पुलिस देवरी थाने के एसआई समरथ सीनम ने बताया कि डायल-112 के जरिए चीमाढाना में कार में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर ली है। कार में आग लगने की वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
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जबलपुर में सिग्नल केबल चोरी से थमी 4 ट्रेनों की रफ्तार, सोलर कैमरों से पकड़ा गया आरोपी

जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे यार्ड से सिग्नल केबल चोरी होने के कारण रविवार को चार ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहीं और करीब 30 से 60 मिनट की देरी के बाद उन्हें रवाना किया जा सका। चोरी हुई रेलवे संपत्ति की कीमत करीब 6,750 रुपये बताई गई है, लेकिन केबल कटने से रेलवे की सिग्नल व्यवस्था प्रभावित होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा। घटना के बाद आरपीएफ ने जांच शुरू की। स्टेशन के आसपास लगे सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने पर दो संदिग्ध नजर आए। जांच के बाद आरपीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की केबल बरामद कर ली है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं। केबल कटते ही सिग्नल सिस्टम हुआ प्रभावित रविवार को जबलपुर स्टेशन पर जबलपुर-रीवा एक्सप्रेस, एलटीटी-राजगीर ट्रेन, निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस और लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस रवाना होने के लिए खड़ी थीं। इसी दौरान रेलवे कर्मचारियों को सिग्नल केबल कटे होने की जानकारी मिली। इंजीनियरिंग टीम ने जबलपुर यार्ड में किलोमीटर नंबर 991/29 स्थित लोकेशन बॉक्स की जांच की। यहां सिग्नल केबल कटी हुई मिली। केबल कटने के कारण ट्रेनों को सिग्नल नहीं मिल पा रहा था। रेलवे टीम ने तत्काल केबल की मरम्मत की, जिसके बाद ट्रेनों को रवाना किया गया। 6,750 रुपये की केबल चोरी, लेकिन ट्रेनों पर पड़ा बड़ा असर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार चोरी हुई रेलवे संपत्ति की अनुमानित कीमत 6,750 रुपये है। हालांकि, केबल कटने के कारण ट्रेन नंबर 11705, 13202, 22182 और 12540 के संचालन में देरी हुई। यानी कम कीमत की रेलवे संपत्ति चोरी की इस घटना से सिग्नल व्यवस्था प्रभावित हुई और कई ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई। सोलर कैमरों ने खोला चोरी का राज जबलपुर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में आरपीएफ ने पांच सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरे लगाए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद इन कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। जांच के आधार पर आरपीएफ ने गोहलपुर के गाजीनगर निवासी 37 वर्षीय अंसारी को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी की गई सिग्नल केबल बरामद कर ली गई। भाई और साथी के साथ मिलकर काटी थी केबल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने भाई अकबर अंसारी और साथी जप्पू नाटी के साथ मिलकर रेलवे यार्ड में केबल चोरी की थी। तीनों सुबह करीब 7:30 बजे पानी की टंकी के पास स्थित लोहे के बॉक्स तक पहुंचे और उसे खोलकर उसमें लगी केबल काट ली। इसी दौरान रेलवे कर्मचारी को आते देखकर तीनों वहां से भाग गए और चोरी की केबल को झाड़ियों में छिपा दिया। 18 अगस्त की रात आरोपी जब झाड़ियों से केबल निकालकर ले जा रहा था, तभी आरपीएफ टीम ने उसे पकड़ लिया। दो आरोपी फरार, तलाश जारी आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेलवे प्रॉपर्टी (अनलॉफुल पजेशन) एक्ट की धारा 3(ए) और रेल अधिनियम की धारा 147 एवं 174 के तहत कार्रवाई की है। मामले में अकबर अंसारी और जप्पू नाटी अभी फरार हैं। आरपीएफ उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरपीएफ के अनुसार सिहोरा में दो, भिटौनी में दो और जबलपुर में पांच सोलर पावर स्टैंड-अलोन कैमरे लगाए गए हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले इन कैमरों की मदद से रेलवे क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। इस मामले में भी कैमरों की रिकॉर्डिंग आरोपियों तक पहुंचने में अहम साबित हुई।
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ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देना पड़ा भारी, सागर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी-डीलर पर लगाया जुर्माना

सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत क्षमता का चार्जर देने और शिकायत के बाद भी उसे नहीं बदलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी और डीलर को उपभोक्ता को 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर उपलब्ध कराने के साथ सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए देने का आदेश दिया है। मामला सागर निवासी दुर्गेश पिता मुकेश जड़िया से जुड़ा है। उन्होंने टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक कार्यालय चेन्नई और बड़ेकुल मोटर्स, तुलसीनगर वार्ड, भोपाल रोड सागर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। 2.19 लाख रुपए में खरीदी थी ई-स्कूटी दुर्गेश के अनुसार, उन्होंने 16 जनवरी 2025 को टीवीएस की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। स्कूटर की कीमत 1 लाख 97 हजार 519 रुपए थी। बीमा, आरटीओ, एसेसरीज और अन्य खर्च जोड़ने के बाद इसकी कुल कीमत 2 लाख 19 हजार 300 रुपए हो गई थी। वाहन पर कंपनी की ओर से 5 साल की वारंटी/गारंटी भी दी गई थी। स्कूटर घर लाने के बाद जब उन्होंने बैटरी चार्ज की तो पूरी रात चार्ज करने के बावजूद बैटरी फुल चार्ज नहीं हुई। डिब्बे पर 950 वॉट, अंदर निकला 650 वॉट का चार्जर दुर्गेश ने इसकी शिकायत डीलर से की। जांच के दौरान पता चला कि स्कूटर में 950 वॉट का चार्जर इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन कंपनी की ओर से 950 वॉट के बॉक्स में गलती से 650 वॉट का चार्जर दे दिया गया था। डीलर ने बताया कि कंपनी को ई-मेल के जरिए इसकी जानकारी भेज दी गई है और सही चार्जर आने के बाद उसे उपलब्ध करा दिया जाएगा। हालांकि, कई बार डीलर के पास जाने के बावजूद उन्हें नया चार्जर नहीं मिला। उपभोक्ता आयोग ने एक महीने में चार्जर देने का आदेश दिया लगातार परेशान होने के बाद दुर्गेश ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने कंपनी और डीलर को आदेश दिया कि एक महीने के भीतर 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपए तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए का भुगतान भी एक महीने के भीतर करने का आदेश दिया गया है।
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इंदौर में विकास कार्यों को लेकर एमआईसी के बड़े फैसले, कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक बनेगा लिंक रोड

इंदौर शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए मंगलवार को नगर निगम में मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक आयोजित हुई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध कॉलोनियों में निजी संपत्तियों के संपत्तिकर खाते खोलने, नामांतरण प्रक्रिया आसान करने, कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड बनाने और अन्नपूर्णा तालाब के पास स्ट्रीट फूड हब विकसित करने समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अवैध कॉलोनियों के रहवासियों को राहत एमआईसी ने अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत देते हुए फैसला लिया कि पूर्ण स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध होने पर निजी संपत्तियों और प्लॉट के संपत्तिकर खाते खोले जा सकेंगे। इसके लिए अधिभोगी या अधिवासी के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि, शासकीय भूमि या शासकीय अतिक्रमण वाली जमीन पर संपत्तिकर जमा नहीं किया जाएगा। संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के लिए एसओपी तैयार करने को मंजूरी दी गई है। स्वीमिंग पूल और स्मार्ट हब PPP मॉडल पर रणजीत हनुमान रोड स्थित ब्रह्मलीन श्री लक्ष्मणसिंह गौड़ उद्यान परिसर में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल के निर्माण के बाद उसके संचालन और संधारण का काम पीपीपी मॉडल पर करने का निर्णय लिया गया। फूटी कोठी फ्लायओवर के नीचे उपलब्ध जमीन पर स्मार्ट हब विकसित करने और इसके संचालन-संधारण को भी पीपीपी मॉडल पर देने की मंजूरी दी गई। देवगुराड़िया में 60 टीपीडी नारियल अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए एजेंसी चयन को भी हरी झंडी दी गई। चौराहों पर दिखेगी ‘अखंड भारत’ थीम पलासिया चौराहे को मेसर्स जयदीप इस्पात एंड एलॉयज प्रा. लि. द्वारा सीएसआर के तहत गोद लिया जाएगा। यहां ‘आई लव इंदौर’ के साथ ‘अखंड भारत’ थीम पर आधारित स्मारक स्थापित किया जाएगा। राजकुमार ब्रिज के पास प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के सामने चंद्रयान की प्रतिकृति के बाकी निर्माण, सौंदर्यीकरण और संधारण का काम भी एचडी वायर प्रा. लि. द्वारा सीएसआर के तहत किया जाएगा। कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड शहर के प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ने के लिए कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे इस क्षेत्र में यातायात और आवागमन को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सुभाष नगर और वल्लभ नगर मार्केट में नए मार्केट के निर्माण की दिशा में भी नगर निगम कार्रवाई करेगा। अन्नपूर्णा तालाब के पास बनेगा स्ट्रीट फूड हब पथ विक्रेताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए अन्नपूर्णा रोड स्थित तालाब के पास मौजूदा हॉकर्स जोन की जगह स्ट्रीट फूड हब विकसित किया जाएगा। यह पहल केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के तहत पथ विक्रेताओं के लिए सहायता घटक के अंतर्गत की जाएगी। गणेशोत्सव और झांकी को लेकर भी फैसले अनंत चतुर्दशी पर नगर निगम परंपरा के अनुसार झांकी निकालेगा और गणेशोत्सव मनाएगा। इसके लिए अनुदान मंजूर किया गया है। इंदौर की मिलों को झांकी निर्माण के लिए अंशदान देने का भी निर्णय लिया गया। गणेशोत्सव विसर्जन चल समारोह में शामिल अखाड़ों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 15 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपए करने को मंजूरी दी गई। 70 नई गेंट्री, ऑनलाइन टेंडर से मिलेंगे विज्ञापन अधिकार शहर में 70 नई गेंट्री लगाने का फैसला लिया गया है। इनके 10 साल के विज्ञापन अधिकार देने के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में कैमरा, मूवी कैमरा और व्यावसायिक फोटोग्राफरों के शुल्क बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है। हालांकि, जू का सामान्य प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के मेहनताना पर भी फैसला नगर निगम में कार्यरत मस्टर श्रमिकों को कलेक्टर इंदौर द्वारा निर्धारित नई दर के अनुसार मेहनताना देने की मंजूरी दी गई। कर्मचारी यूनियन की मांगों से जुड़े प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्णय लिया गया। गर्मी के मौसम में लोगों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संपवेल पर क्लोरीनेटर समेत अन्य जरूरी सिस्टम लगाने पर भी सहमति बनी। PPP और CSR से विकास पर जोर बैठक के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर के विकास को केवल पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाने के बजाय पीपीपी मॉडल, सीएसआर और जनभागीदारी के जरिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है।
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गुना के स्कूल में शर्मनाक हरकत: 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में मिलाया पेशाब, परिजनों ने स्कूल में जड़ा ताला

मध्यप्रदेश के गुना जिले के एक सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा की 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में कथित तौर पर पेशाब मिलाने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। छात्राएं क्लासरूम से बाहर रंगोली बना रही थीं, इसी दौरान कुछ छात्रों ने उनकी पानी की बोतलों में पेशाब मिला दिया। बताया जा रहा है कि छात्राओं ने अनजान में बोतल का पानी पी भी लिया। बाद में जब उन्हें पानी में पेशाब मिलाए जाने की जानकारी हुई तो वे रोते हुए स्कूल की प्राचार्य के पास शिकायत लेकर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान प्राचार्य मूलचंद कौशिक ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय छात्राओं से कहा कि अगर मुंह खराब हो गया हो तो 10-10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो। रोते हुए घर पहुंचीं छात्राएं घटना के बाद छात्राएं रोते हुए घर पहुंचीं और परिजनों को पूरी बात बताई। जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध किया। आक्रोशित लोगों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। उन्होंने घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले को गंभीरता से नहीं लेने के आरोपों को लेकर प्राचार्य पर भी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल परिसर में नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने और स्थिति तनावपूर्ण होने की सूचना प्रशासन को दी गई। तहसीलदार और बीईओ मौके पर पहुंचे मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और बीईओ संतोष धाकड़ को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और कथित तौर पर घटना में शामिल छात्रों के बयान दर्ज किए। प्रशासन ने घटनाक्रम से जुड़े सभी पक्षों से जानकारी जुटाई। एसडीएम ने बीईओ को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। दो दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश एसडीएम मंजूषा खत्री ने बताया कि तहसीलदार और बीईओ को मौके पर भेजा गया था। बीईओ को दो दिन के भीतर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की प्राचार्य को भी नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन छात्र शामिल थे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
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खंडवा में 11 साल के अजीम की खदान के गड्ढे में डूबने से मौत, कपड़े-चप्पल मिलने के बाद चला पता

खंडवा में 11 साल के बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अजीम के रूप में हुई है, जो सोमवार दोपहर से लापता था। देर रात चीरा खदान के गड्ढे के पास उसके कपड़े और चप्पल मिलने के बाद परिजनों को उसके पानी में डूबने की आशंका हुई। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने खदान के गहरे गड्ढे में उसकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद अजीम का शव पानी के अंदर मिला। लोगों ने उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है। वहीं, रहवासियों में प्रशासन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। दोपहर से लापता था अजीम परिजनों के मुताबिक, अजीम सोमवार दोपहर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास के मोहल्लों, रास्तों और संभावित जगहों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। देर रात चीरा खदान के गड्ढे के पास अजीम के कपड़े और चप्पल मिले। इससे परिजनों को आशंका हुई कि वह पानी में गिर गया होगा। पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई। परिजनों का आरोप है कि रात में तलाश करने के बजाय सुबह तलाश करने की बात कही गई। इसके बाद स्थानीय लोग खुद गड्ढे में उतरकर अजीम की तलाश में जुट गए। गहरे पानी में लोगों ने खोजा शव रात के समय अंधेरा और गड्ढे में ज्यादा पानी होने के कारण तलाश करना मुश्किल था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने पानी में उतरकर खोजबीन जारी रखी। मंगलवार को काफी प्रयास के बाद अजीम का शव पानी के अंदर मिला। उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारिश में तालाब जैसा हो जाता है गड्ढा हादसे के बाद चीरा खदान के गड्ढे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासी छोटे खान का आरोप है कि खदान के दोनों ओर अब कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में लोग यहां रहते हैं। इसके बावजूद गहरे गड्ढे को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। रहवासियों के अनुसार, बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भर जाता है और यह तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। आसपास रहने वाले बच्चों के लिए यह लगातार खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। पहले भी हो चुके हैं हादसे स्थानीय लोगों का दावा है कि चीरा खदान के इस गड्ढे में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि हादसों के बावजूद गड्ढे को बंद कराने या सुरक्षित करने के लिए स्थायी कदम नहीं उठाए गए। अजीम की मौत के बाद रहवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने और गड्ढे को सुरक्षित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे खुले और पानी से भरे गड्ढों की पहचान कर समय रहते बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि दोबारा किसी बच्चे की जान खतरे में न पड़े।
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स्कूल में घुसकर महिला शिक्षिका से छेड़छाड़ और धमकी देने वाले आरोपी को 5 साल की सजा

खंडवा में स्कूल परिसर में घुसकर महिला शिक्षिका से छेड़छाड़ करने, हाथ पकड़ने, शासकीय रिकॉर्ड फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने आरोपी गोलू निहाल को 5 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुष्पक पाठक ने आरोपी पर 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि प्राथमिक शाला भवन विद्या का मंदिर है, जहां बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे स्थान पर महिला शिक्षिका के साथ इस तरह का कृत्य गंभीर अपराध है और दोषी किसी तरह की नरमी का पात्र नहीं है। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक रविंद्र पवार ने पैरवी की। करीब एक महीने से शिक्षिका का पीछा कर रहा था अभियोजन के अनुसार, पीड़ित महिला शिक्षिका ग्राम चिखलीखेड़ा की प्राथमिक शाला में पदस्थ हैं और रोज खिरकिया से स्कूल आती-जाती थीं। आरोपी गोलू निहाल करीब एक महीने से उनका पीछा कर उन्हें परेशान कर रहा था। 22 अगस्त 2024 को शिक्षिका ने आरोपी को स्कूल के पास समझाया था। उन्होंने उसे पीछा नहीं करने और परेशान न करने की चेतावनी भी दी, लेकिन आरोपी नहीं माना। स्कूल में घुसकर पकड़ा हाथ 23 अगस्त 2024 की सुबह करीब 10 बजे शिक्षिका स्कूल पहुंचीं। इसी दौरान आरोपी स्कूल परिसर में घुस आया। आरोप है कि उसने बुरी नीयत से शिक्षिका का हाथ पकड़ लिया और उनके साथ अभद्रता की। शिक्षिका ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपी स्कूल के कमरे में चला गया। इसके बाद उसने वहां रखा सरकारी दाखिल-खारिज रजिस्टर फाड़ दिया। स्कूल से जाते समय आरोपी ने शिक्षिका को धमकी दी कि यदि उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो वह उन्हें गांव में नौकरी नहीं करने देगा। आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। परिचित के साथ थाने पहुंचीं शिक्षिका घटना के बाद शिक्षिका डर गईं। उन्होंने अपने परिचित के साथ थाना किल्लौद पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से फटा हुआ शासकीय रजिस्टर जब्त किया और पंचनामा तैयार किया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। कोर्ट ने कहा- गंभीर अपराध में नरमी नहीं सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शिक्षिका के बयान समेत अन्य साक्ष्य कोर्ट के सामने रखे और आरोपी के कृत्य को गंभीर बताते हुए उचित सजा की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी की कम उम्र, आर्थिक स्थिति और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि सजा का उद्देश्य केवल दोषी को सुधारना नहीं है, बल्कि गंभीर अपराधों में समाज के सामने उदाहरण पेश करना भी इसका उद्देश्य है। कोर्ट ने आरोपी को 5 साल की जेल और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना 5 साल और जारी, नर्मदा मिशन को भी मंजूरी

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं, बेटियों, किसानों, स्वास्थ्य और नर्मदा संरक्षण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया है। सरकार अगले पांच साल में लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपये और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बैठक में नर्मदा मिशन, स्वास्थ्य योजनाओं और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों समेत कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट से पहले CM मोहन यादव ने AI और युवाओं पर की बात कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लालकिले से दिए संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि 5 से 15 वर्ष के बच्चों की प्रतिभा पहचानने के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार करने और देश के एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के रूप में AI के क्षेत्र में भारत की अहम भूमिका होगी। उन्होंने नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का अभियान चलाने और इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की बात भी कही। साथ ही सिविल डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत बताई। लाड़ली बहना योजना पर 1.14 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच साल तक जारी रखा जाएगा। इस अवधि में योजना के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी जारी रखने का फैसला लिया गया है। अगले पांच साल में इसके लिए 16,326 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भी जारी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसमें केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 रहेगी। योजना के लिए पांच साल में 2,137 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला हुआ है। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों को जारी रखना, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना, अस्पतालों और औषधालयों के भवन निर्माण जैसी योजनाएं शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन भी जारी रहेगा। इन स्वास्थ्य योजनाओं के लिए पांच साल में 11,835 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। नर्मदा मिशन को मिली मंजूरी कैबिनेट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी ‘नमन मिशन’ के गठन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण और उससे जुड़े विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि नर्मदा को अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से यह मिशन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी नर्मदा नदी के किनारे रहती है। किसानों की 3 योजनाएं 5 साल और चलेंगी किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपये से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रहेगी। सड़क विकास निगम में 35 नए पद मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत संरचना में 35 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पहले से स्वीकृत 7 पदों को भी 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक जारी रखने की अनुमति दी गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाएं जारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अनुसंधान, योजना एवं विकास गतिविधियों, प्रशासन और विज्ञान के प्रचार-प्रसार से जुड़ी योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक इन योजनाओं के लिए पांच साल में 492 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव है। पुलिस कर्मचारियों के चिकित्सा बिल मंजूर गृह विभाग से जुड़े दो मामलों में राज्य के बाहर निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले पुलिस कर्मचारियों के चिकित्सा बिलों के भुगतान को मंजूरी दी गई। इनमें भोपाल के निरीक्षक कर्ण सिंह और छतरपुर के सहायक उप निरीक्षक स्वर्गीय चन्द्रभान सिंह का मामला शामिल है। रिटायर्ड वनपाल की 10% पेंशन 3 साल रोकने का फैसला कैबिनेट ने सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल रघुवीर सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसमें नुकसान की राशि की वसूली के साथ उनकी 10 प्रतिशत पेंशन तीन साल के लिए रोकने का फैसला शामिल है। कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन सीहोर जिले के इछावर तहसील के ग्राम भाउखेड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण के लिए ICAR के नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट को जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। कुल 36.022 हेक्टेयर भूमि में से 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने सेवानिवृत्त सहकारी निरीक्षक प्रवीण जैन के खिलाफ विभागीय जांच, विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के पालन और अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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