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गुना में शुरू हुआ ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान, पुलिस ने ली नशामुक्ति की शपथ

गुना में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरुआत बुधवार को पुलिस लाइन से की गई। अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और इसके बाद शहर में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। एसपी ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जब पुलिसकर्मी इस संकल्प का पालन करेंगे, तभी समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। एएसपी ने समझाई अभियान की रूपरेखा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा करता दिखाई दे तो उसे समझाने और सही राह दिखाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उनकी अहम भूमिका है। पुलिस लाइन से जयस्तंभ चौराहे तक निकली जागरूकता रैली शपथ ग्रहण के बाद पुलिस लाइन से जयस्तंभ चौराहे तक बाइक और पैदल जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और नशामुक्त समाज बनाने का संदेश दिया। ‘हर पुलिसकर्मी बने नशामुक्ति का दूत’ एसपी हितिका वासल ने कहा कि गुना जिले में नशे की समस्या चिंताजनक है और इसका समाधान जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे गांव-गांव और शहर के हर इलाके में जाकर लोगों को जागरूक करें और ‘नशामुक्ति के दूत’ की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज लिया गया यह संकल्प तभी सफल होगा, जब इसका संदेश समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचे। अधिक जानकारी और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में साइबर ठगी का नया तरीका: RTO चालान की APK फाइल डाउनलोड करते ही छात्र के खाते से उड़ गए ₹59 हजार

खंडवा में जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक’ चलाए जाने के बावजूद साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामले में एक बीएससी छात्र को व्हाट्सएप पर RTO चालान के नाम से APK फाइल भेजकर 59 हजार रुपए से अधिक की ठगी कर ली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। RTO चालान की फर्जी APK फाइल बनी ठगी का जरिया कोतवाली पुलिस के अनुसार, पीड़ित करण डूडवे खरगोन जिले के भीकनगांव का निवासी है। वह वर्तमान में खंडवा की एक निजी यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है और गणेश तलाई क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है। करण ने पुलिस को बताया कि 8 जुलाई की सुबह करीब 11:45 बजे उसके मोबाइल पर बैंक से दो ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। पहला ट्रांजेक्शन ₹49,999 और दूसरा ₹8,999 का था। खाते की जांच करने पर पता चला कि उसके अकाउंट से कुल ₹59,466 निकाल लिए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि यह ठगी व्हाट्सएप पर मिले RTO चालान की APK फाइल डाउनलोड करने के बाद हुई। दो यूट्यूबर पर ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज इधर, पंधाना थाना पुलिस ने दो स्थानीय यूट्यूबरों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, गोपाल सावनेर और लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्ष्मण केल्दे पर आरोप है कि उन्होंने मोहनपुर पंचायत के सचिव रामप्रकाश मोरे से 50 हजार रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि दोनों सड़क और नाली से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांग रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानियां अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में भाजपा नेता के घर करोड़ों की चोरी: 2 किलो सोना, 4 किलो चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भाजपा नेता और प्रॉपर्टी कारोबारी राजा भैया गुर्जर के घर से करोड़ों रुपये के गहने और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम स्थित उनके घर की है। भाजपा नेता का दावा है कि चोर उनके घर से 2 किलो से अधिक सोना, करीब 4 किलो चांदी और 5 से 10 लाख रुपये नकद ले गए। उनके अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये है। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में फिलहाल करीब 1 करोड़ रुपये की चोरी दर्ज की गई है। भोपाल से लौटे, फिर परिवार के साथ गांव चले गए राजा भैया गुर्जर ने बताया कि वह सोमवार रात भोपाल से ग्वालियर लौटे थे। इसके बाद परिवार के साथ अपने पैतृक गांव बसहरा (गोहद, भिंड) में कुलदेवी कालिका माता की पूजा के लिए चले गए। मंगलवार को जब पूरा परिवार वापस लौटा तो घर के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा तो अलमारियों के लॉकर टूटे हुए थे और कीमती सामान गायब था। खाली अलमारी देखकर बेहोश हुईं पत्नी घर के अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। कमरे में अलमारियां टूटी हुई थीं और गहनों के खाली डिब्बे जमीन पर बिखरे पड़े थे। बैग में रखी नकदी भी गायब थी। यह नजारा देखकर राजा भैया गुर्जर की पत्नी सदमे में बेहोश हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुश्तैनी गहनों पर चोरों ने किया हाथ साफ भाजपा नेता के मुताबिक चोरी हुए गहनों में— उन्होंने चोरी गए सामान की पूरी सूची पुलिस को सौंप दी है। CCTV से बचकर पहुंचे चोर पुलिस जांच में सामने आया है कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन वे केवल ग्राउंड फ्लोर और मुख्य गेट तक सीमित थे। चोरों ने बेहद शातिर तरीके से केवल दूसरी मंजिल को निशाना बनाया, जहां गहने रखे हुए थे और वहां कोई कैमरा नहीं था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में भी कोई संदिग्ध दिखाई नहीं दिया है। पुलिस को आशंका है कि चोर पीछे के रास्ते या छत के जरिए घर में दाखिल हुए। फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। इसके अलावा एडिशनल एसपी, सीएसपी, महाराजपुरा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने अलमारियों और दरवाजों से फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। साथ ही साइबर सेल आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने जल्द खुलासे का किया दावा महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि सूने मकान से बड़ी मात्रा में जेवर और नकदी चोरी होने की शिकायत मिली है। पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। फिंगरप्रिंट, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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भोपाल में कोर्ट के आदेश पर मेगा वाहन चेकिंग: मंत्रियों, पुलिस अफसरों और महापौर के भी कटे चालान

भोपाल के एमपी नगर स्थित डीबी मॉल के सामने मंगलवार को जिला न्यायालय के आदेश पर विशेष मजिस्ट्रेट वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी ने किया। इस दौरान तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने वाहनों की सघन जांच की। इस विशेष अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों, मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महामंडलेश्वरों, जनप्रतिनिधियों और छिंदवाड़ा के महापौर के वाहन भी जांच के दायरे में आए और नियम तोड़ने पर उनके चालान किए गए। नियम तोड़ने वालों को नहीं मिली कोई राहत अभियान के दौरान अधिकारियों ने साफ कर दिया कि वाहन मालिक का पद या प्रभाव कार्रवाई में बाधा नहीं बनेगा। जिस वाहन में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। ब्लैक फिल्म, हूटर और सायरन पर विशेष नजर जांच के दौरान पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों की जांच की जिनमें— कार्रवाई के दौरान कई वाहनों से मौके पर ही अवैध हूटर और सायरन हटाकर जब्त किए गए। 101 वाहनों से जब्त किए गए अवैध हूटर और सायरन एसीपी ट्रैफिक देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह अभियान जिला न्यायालय के आदेश के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी वाहन मालिक की पहचान या पद नहीं देखा जाता। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 101 वाहनों से अवैध हूटर और सायरन जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वाहन किसी मंत्री, अधिकारी या जनप्रतिनिधि का हो, कानून सभी के लिए समान है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। लोगों से की गई अपील यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में अवैध हूटर, सायरन, ब्लैक फिल्म या अन्य प्रतिबंधित उपकरणों का इस्तेमाल न करें। नियमों का पालन करने से न केवल चालान से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर होटल से गिरकर प्रॉपर्टी ब्रोकर की मौत: CCTV आया सामने, दोस्तों और महिला मित्र से पूछताछ

मध्य प्रदेश के इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के पास स्थित श्याम पैलेस होटल की दूसरी मंजिल से गिरकर प्रॉपर्टी ब्रोकर जीतू साहू की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें जीतू होटल की दूसरी मंजिल से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच तेज कर दी है। मामले में जीतू के दोस्तों और एक महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है। हादसे से पहले होटल पहुंचे थे तीन दोस्त पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से करीब 30 मिनट पहले जीतू से मिलने उसके तीन दोस्त होटल पहुंचे थे। तीनों रात करीब 3:30 बजे होटल से चले गए थे। इसके अलावा, जीतू की एक महिला मित्र भी होटल के दूसरे कमरे में ठहरी हुई थी। पुलिस अब इन दोनों पहलुओं को जांच का अहम हिस्सा मानते हुए सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। सुबह 4 बजे हुआ था हादसा बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4 बजे जीतू साहू होटल की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और होटल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। 22 दिनों से होटल में रह रहा था जीतू पुलिस के अनुसार, जीतू साहू पिछले 22 दिनों से श्याम पैलेस होटल में रह रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह शादीशुदा था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह इतने लंबे समय से होटल में क्यों रह रहा था। इसके लिए पारिवारिक परिस्थितियों, निजी संबंधों और रुपए के लेन-देन समेत अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। परिवार और महिला मित्र से पूछताछ जारी मंगलवार को पुलिस ने जीतू के परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। वहीं, होटल में ठहरी महिला मित्र से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बयानों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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Dhar Bhojshala

Dhar Bhojshala Controversy: Supreme Court का बड़ा फैसला, परिसर में पूजा-नमाज व्यवस्था पर नया आदेश

भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद (Dhar Bhojshala Dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने विवादित परिसर के अंदर शुक्रवार की नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए कोर्ट ने नमाज के लिए विवादित स्थल के बाहर अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भोजशाला परिसर में धार्मिक गतिविधियों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और मामले के अंतिम फैसले का असर इस पर निर्भर करेगा। Supreme Court Order: विवादित परिसर में नहीं होगी नमाज सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति बहाल करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि विवादित स्थल के अंदर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, अदालत ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए शुक्रवार की नमाज अदा करने हेतु अलग खुली जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए लागू रहेगी। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जिसको लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला मां सरस्वती (वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा धार्मिक स्थल मानता है। यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आता है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहुंचा मामला Supreme Court भोजशाला विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित परिसर में नमाज को लेकर पहले से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शुक्रवार की नमाज की अनुमति फिर से देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था बनाए रखने का फैसला लिया। ASI को भी दिए गए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर की स्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थल पर ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे विवाद की स्थिति प्रभावित हो। कोर्ट ने दोनों पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की है, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद आगे का फैसला सुनाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं होगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जबलपुर में तेज रफ्तार कार का कहर: 15 माह की बच्ची समेत 6 लोग घायल, चालक हिरासत में

मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार शाम तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में 15 माह की मासूम बच्ची सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना अधारताल थाना क्षेत्र के जय प्रकाश नगर की है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। सड़क किनारे खड़े लोगों को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हुई। एक तेज रफ्तार कार जय प्रकाश नगर से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े लोगों और पास की दुकानों से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हादसे में कुल छह लोग घायल हुए हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है— सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चालक हिरासत में, कार जब्त अधारताल थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार (पंजीयन क्रमांक MP 34 CA 0718) को जब्त कर लिया है। पुलिस ने नेता कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद एहतेशाम को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। CCTV फुटेज से होगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा घायलों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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नाना पटवारी केस: मोबाइल जांच में मिले सट्टा एप और संदिग्ध लेन-देन के सुराग, पुलिस फिर करेगी पूछताछ

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को अहम डिजिटल सुराग मिले हैं। जांच के दौरान मोबाइल में कथित तौर पर दो ऑनलाइन सट्टा एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट और तीन महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर मिले हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है। इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। दो युवतियों के बयान में भी मिले अहम इनपुट रविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए। एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद थे। दूसरी युवती ने बताया कि नाना पटवारी उसके पति के मित्र हैं और इसी कारण उनकी पहचान हुई थी। इन बयानों की पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित रूप से ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी लिंक भेजी जाती थीं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेन-देन और कथित सट्टा नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या नहीं। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है। फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा नाना पटवारी पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछताछ के दौरान उनसे कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर सवाल किए जाएंगे। पुलिस पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि वह उस मामले में फरार चल रहे थे। इसके अलावा 2025 में तेजाजी नगर थाने में उनके और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला भी दर्ज हुआ था। महिला से अभद्रता का मामला भी दर्ज नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी और अन्य लोग हथियारों के साथ उसके घर में घुस आए थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि नाना पटवारी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इन आरोपों पर उस समय मामला दर्ज कर जांच की गई थी। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी सामने आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर निवासी खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। बाद में 2025 में ड्रग्स कनेक्शन और हाई-प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े पहलुओं की जांच के दौरान यह मामला फिर चर्चा में आया। पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अभी तक किसी नए आरोप पर अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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भोपाल में 14 जुलाई को 40 से ज्यादा इलाकों में 2 से 6 घंटे रहेगी बिजली गुल, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल में मंगलवार, 14 जुलाई को बिजली कंपनी के मेंटेनेंस कार्य के चलते शहर के 40 से अधिक इलाकों में 2 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मेंटेनेंस के दौरान कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। इसका असर दानिशकुंज, निशातपुरा, गौतम नगर, मालवीय नगर, नारियलखेड़ा, शारदा नगर, फिरदोश नगर, मक्सी, कस्तूरी विहार और फाइन कैम्पस समेत कई इलाकों में देखने को मिलेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लें। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक लोगों के लिए जरूरी सलाह बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरे कर लें। मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले से चार्ज रखें। साथ ही पानी की मोटर चलाने और अन्य आवश्यक घरेलू कार्य भी समय रहते निपटा लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। भोपाल समेत मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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इंदौर पोस्टल असिस्टेंट हत्याकांड: आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होने पर थाने का घेराव, न्याय की मांग तेज

इंदौर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में तीसरे दिन भी मुख्य आरोपी पति की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों, डाक विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग संयोगितागंज थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जघन्य वारदात के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपी का फरार रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जांच जारी है। बेटी बोली- मां को जैसा दर्द मिला, आरोपी को भी वैसी ही सजा मिले प्रदर्शन के दौरान उर्मिला सैनी की बेटी प्रेक्षा भावुक हो गई। उसने कहा कि वह आरोपी का एनकाउंटर या सिर्फ फांसी नहीं चाहती, बल्कि उसे वही दर्द महसूस होना चाहिए जो उसकी मां ने सहा। प्रेक्षा ने बताया कि वह और उसका छोटा भाई सबसे पहले घर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में देखा। उसके अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि पहला वार सिर पर किया गया था और मौत के बाद भी शरीर पर कई वार किए गए। पिता ने की सख्त कार्रवाई की मांग उर्मिला सैनी के पिता सत्यनारायण मालाकार ने आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भोपाल स्थित मकान बेचकर उसकी राशि दोनों बच्चों के नाम की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उर्मिला की संपत्ति, आर्थिक लाभ और अन्य सभी अधिकार केवल उसके बच्चों को मिलें और आरोपी को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं दिया जाए। वर्षों से प्रताड़ित करने का आरोप मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोपी उस पर बेबुनियाद शक करता था, उसके मोबाइल और चैट की निगरानी करता था तथा उसकी आय और एटीएम पर नियंत्रण रखना चाहता था। उन्होंने बताया कि उर्मिला ने पहले भोपाल के निशातपुरा थाने में भी मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार समझौता कराकर मामला शांत करा दिया गया। ससुराल पक्ष पर भी लगाए गंभीर आरोप परिजनों का आरोप है कि आरोपी के माता-पिता हमेशा उसका साथ देते रहे और उसकी हरकतों पर पर्दा डालते रहे। उनका कहना है कि आरोपी ने हत्या से पहले उर्मिला की कई योजनाओं और संपत्तियों में खुद को नॉमिनी भी बनवा लिया था। कर्मचारी संगठनों ने सौंपा ज्ञापन अखिल भारतीय रेल डाक सेवा एवं मेल मोटर सेवा कर्मचारी संघ (वर्ग-3), मध्य प्रदेश सर्किल के नेतृत्व में डाक विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष और त्वरित जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। आंदोलन की चेतावनी कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शनिवार को हुई थी हत्या शनिवार को उर्मिला सैनी की उनके सरकारी आवास में हत्या कर दी गई थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब दोपहर करीब एक बजे उनके दोनों बच्चे स्कूल से घर लौटे। बच्चों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला और टीवी तेज आवाज में चलता हुआ पाया। अंदर जाने पर उन्होंने अपनी मां का शव खून से लथपथ हालत में देखा। इसके बाद उन्होंने अपने नाना को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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