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Sagar

MP Weather Update: Sagar में मौसम बदलाव, बारिश और ठंड का अलर्ट

Sagar, मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज रात से बादल घिरने लगेंगे और अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तापमान में गिरावट आ सकती है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सागर का वर्तमान मौसम Sagar का मौसम अभी अधिकतर बादलों से ढका हुआ है। तापमान लगभग 29°C (85°F) है। लोग हल्की बारिश और हवाओं में बदलाव के लिए तैयार रहें। आगामी सप्ताह का Sagar Weather Forecast सावधानियाँ मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और जलभराव की संभावना है। लोग घर और वाहनों की सुरक्षा का ध्यान रखें और मौसम अपडेट्स पर नजर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Yadav

CM Mohan Yadav ने PM Modi को मध्य प्रदेश के Farmers & Metro Projects के लिए आमंत्रित किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने 18 अगस्त 2025 को दिल्ली के संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में होने वाले बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना था। मुख्य कार्यक्रम और आमंत्रण: केंद्र और राज्य सरकार का विकास फोकस CM Mohan Yadav ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से मध्य प्रदेश में औद्योगिकीकरण, कृषि और रोजगार सृजन में तेजी आएगी। इन कार्यक्रमों में पीएम की भागीदारी राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मंदिर की दानपेटी चोरी करने वाला आदतन अपराधी गिरफ्तार

सागर। मोतीनगर थाना पुलिस ने चोरी के मामले में आदतन अपराधी दिनेश लडिया (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपी धर्माश्री अंबेडकर वार्ड का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने मंदिर से दानपेटी चोरी करने की वारदात कबूल की है। दानपेटी चोरी की घटना 13 अगस्त को फरियादी अभिनाश तिवारी, निवासी अतिशय होम्स कॉलोनी धर्माश्री सागर, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी के शिव मंदिर की देखभाल पुजारी भगवत प्रसाद अवस्थी करते हैं। पिछली बैठक में तय हुआ था कि दानपेटी में हर माह सभी लोग 200 रुपए डालेंगे। शिकायत के अनुसार, सुबह पूजा के समय दानपेटी मंदिर में थी, लेकिन शाम करीब 6 बजे पुजारी ने देखा कि वह गायब थी। घेराबंदी कर आरोपी पकड़ा गया दानपेटी चोरी की शिकायत पर मोतीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी पर संदिग्ध दिनेश लडिया का नाम सामने आया। गुरुवार को पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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गुना में हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी मकान तोड़फोड़ जारी, वकील ने कहा- सीधी अवमानना

गुना। पंजाबी मोहल्ला स्थित एक दो मंजिला मकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद शुक्रवार को प्रशासन ने तोड़फोड़ जारी रखी। याचिकाकर्ता के वकील का आरोप है कि अधिकारी स्टे आदेश की कॉपी लेने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें आदेश व्हाट्सऐप पर भेजना पड़ा। थोड़ी देर के लिए कार्रवाई रुकी, लेकिन फिर से मकान तोड़ना शुरू कर दिया गया। कहानी विवादित मकान की लाहोटी मार्ग पर बने ‘जग्गी भवन’ के वारिसों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। शशि जग्गी ने अन्य वारिसों – सुनीता, विनीत, दिनेश, राजेश, विजय, ओमप्रकाश और सूरज जग्गी – के खिलाफ गुना कोर्ट में केस दायर किया था। निचली अदालत ने शशि के खिलाफ फैसला देते हुए मकान खाली कराने के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन ने मकान खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। नेता परिवार से सौदा और तोड़फोड़ की रफ्तार जानकारी के मुताबिक, शशि जग्गी को छोड़कर बाकी वारिसों ने यह बेशकीमती संपत्ति शहर के एक चर्चित नेता परिवार को बेच दी, जो जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा है। इसी वजह से खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई में तेजी देखी जा रही है। हाईकोर्ट का आदेश और अवमानना का आरोप शशि जग्गी ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए 13 अगस्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने आगामी आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। वकील कुलदीप गुर्जर का कहना है कि आदेश की कॉपी तहसीलदार और नगरपालिका सीएमओ को व्हाट्सऐप की गई थी, लेकिन थोड़ी देर रुकने के बाद भी तोड़फोड़ फिर शुरू हो गई, जो साफ तौर पर हाईकोर्ट की अवमानना है। 📢 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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ग्वालियर में 22 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, पुलिस भर्ती में असफलता बनी वजह?

ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने जहरीला पदार्थ भी खा लिया था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। कमरे में फंदे पर मिली छात्रा मृतका की पहचान शालू तोमर (पुत्री गजेन्द्र सिंह तोमर) के रूप में हुई है, जो चंदनपुरा इलाके में रहती थी और एक रेसलर थी। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब परिजन ने उसे खाने के लिए बुलाया तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर आवाज देने पर भी प्रतिक्रिया न मिलने पर परिजन ने रोशनदान से झांका और देखा कि शालू फांसी के फंदे पर लटकी हुई है। तुरंत दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। फांसी से पहले जहरीला पदार्थ सेवन पुलिस जांच में सामने आया है कि शालू ने फांसी लगाने से पहले कोई जहरीला पदार्थ भी खाया था। अभी तक सुसाइड नोट नहीं मिला है और पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। पुलिस भर्ती में असफल रही थी परिजनों के मुताबिक, शालू पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। हाल ही में उसने परीक्षा दी थी, लेकिन असफल होने के बाद वह उदास और चुप रहने लगी थी। संभव है कि यही उसकी आत्महत्या की वजह बनी हो। हजीरा थाना प्रभारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। 📌 ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: www.deshharpal.com
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जिले से लेकर शहर तक आजादी का जश्न, जगह-जगह फहराया गया तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल और आसपास के इलाकों में देशभक्ति का माहौल छाया रहा। जिला पंचायत से लेकर नगर निगम, मेट्रो डिपो और वक्फ बोर्ड परिसर तक तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया। जिला पंचायत में ध्वजारोहण जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विनय मेहर, विधायक प्रतिनिधि दीपक गुर्जर, सीईओ इला तिवारी, संदीप कुमार श्रीवास्तव, आकाश परमार, कमल चंदानी, प्रीति राय और दीपक सूर्यवंशी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। नगर निगम में तिरंगे का सम्मान भोपाल की महापौर मालती राय ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन भी उपस्थित रहे। वहीं, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने माता मंदिर स्थित कार्यालय में तिरंगा फहराया। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का समारोह मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी भी स्वतंत्रता दिवस के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने सुभाष नगर स्थित डिपो पर झंडावंदन किया। वक्फ बोर्ड और हमीदिया मदरसा में कार्यक्रम मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड परिसर और भोपाल के ऐतिहासिक मदरसा हमीदिया में अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान काजी मुश्ताक अली नदवी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एम. एजाज खान, सीईओ फरजाना गजाला, अकमल जरदारी, याकूब साहब, इरशाद अंसारी, रमीज कुरैशी और जहरान हसन भी उपस्थित रहे। देशभक्ति के गीतों, राष्ट्रगान और तिरंगे की शान में गूंजते नारों ने पूरे जिले में स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया। ऐसी और ताज़ा खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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CM Mohan Yadav

भोपाल नौका तिरंगा यात्रा CM Mohan Yadav ने Upper Lake में लहराया तिरंगा, Boat Club में गूंजे देशभक्ति गीत

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य आयोजन भोपाल, 14 अगस्त 2025 — स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मध्य प्रदेश के CM Mohan Yadav ने राजधानी भोपाल के बोट क्लब से भव्य ‘नौका तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत की। यह आयोजन हर घर तिरंगा अभियान के तहत हुआ, जिसमें सीएम यादव ने ऊपरी झील में नौका विहार करते हुए हाथ में तिरंगा लहराकर देशभक्ति और एकता का संदेश दिया। जनसहभागिता और देशभक्ति का जोश इस मौके पर मंत्री विश्वास सारंग समेत कई भाजपा नेता और हज़ारों नागरिक मौजूद रहे। बोट क्लब को तिरंगे झंडों और सजावटी लाइटों से सजाया गया था, वहीं नौकाओं पर देशभक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। नौका तिरंगा यात्रा की खास बातें मुख्यमंत्री का संबोधन कार्यक्रम के दौरान CM Mohan Yadav ने कहा,“मध्य प्रदेश और देश के विकास के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा। आने वाली चुनौतियों का सामना हम तभी कर पाएंगे, जब हम सभी मिलकर एक स्वर में आगे बढ़ेंगे।”उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग देश की सेनाओं की वीरता और बलिदान पर सवाल उठाकर त्योहारों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। हर घर तिरंगा अभियान में उमंग यह नौका तिरंगा यात्रा हर घर तिरंगा मुहिम का अहम हिस्सा है, जिसमें पूरे देश के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, अब तक 5 लाख से अधिक युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। भोपाल का गर्व और एकता का संदेश भोपाल की यह नौका तिरंगा यात्रा न केवल राजधानी के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए देशभक्ति, एकता और गर्व का प्रतीक बन गई है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस अनोखे आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब तिरंगा लहराता है, तो हर भारतीय का दिल एक साथ धड़कता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Greenfield Rail Coach Factory MP, रायसेन रेल कोच फैक्ट्री, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, Rajnath Singh News, MP Defense Hub, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, CM मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, रोजगार मध्यप्रदेश, MP में निवेश

Railway और Defence में चमकेगा मध्यप्रदेश, राजनाथ सिंह ने रखी Greenfield Rail Coach Factory की नींव

रायसेन, मध्यप्रदेश | देश हरपल मध्यप्रदेश औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। रायसेन जिले के उमरिया में ₹1,800 करोड़ की लागत से Greenfield Rail Coach Factory का आज भूमिपूजन हुआ। इस फैक्ट्री से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां तैयार होने वाले कोच देशभर की स्पीड ट्रेनों में लगाए जाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बड़े ऐलान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के पास रक्षा क्षेत्र का हब बनने के सभी गुण हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “रक्षा क्षेत्र के माध्यम से जो भी संभव होगा, मध्यप्रदेश के लिए मैं हमेशा तैयार रहूंगा।” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का संदेश रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह फैक्ट्री न केवल रेलवे कोच का निर्माण करेगी, बल्कि रेलवे के अलग-अलग प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन होगा। इससे रेलवे का पूरा ईको-सिस्टम आगे बढ़ेगा।” कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह क्षेत्र ‘आइडियल’ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हित बीजेपी सरकार में हमेशा सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकास वादे सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “भोपाल में मेट्रो आने से पहले ही मेट्रो रेल कोच का निर्माण शुरू हो चुका है। रायसेन की यह फैक्ट्री हजारों युवाओं को रोजगार देगी और यहां स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।” Greenfield Rail Coach Factory न केवल मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी राज्य की पहचान को मजबूत करेगी। रोजगार, निवेश और उत्पादन क्षमता में यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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Indore में बच्चे की सौदेबाजी: महिला गैंग पकड़ी गई, 10 लाख में बेचने की तैयारी थी

Indore में बच्चे की सौदेबाजी: महिला गैंग पकड़ी गई, 10 लाख में बेचने की तैयारी थी

Indore से इंसानियत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कुछ महिलाएं एक मासूम बच्चे को 10 लाख रुपये में बेचने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन वक्त रहते एक जागरूक ऑटो पार्ट्स कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी और बच्चे की जिंदगी बचा ली। पूरा मामला इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि एक ऑटो पार्ट्स दुकान पर काम करने वाले युवक को कुछ महिलाएं मिलीं, जो उससे बच्चे को बेचने की बात कर रही थीं। बातों ही बातों में जब उन्होंने 10 लाख रुपये की डील की, तो युवक को शक हुआ। उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्लान बनाकर आरोपी महिलाओं को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस गिरोह में शामिल दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है, और बच्चा भी सुरक्षित है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं, और कितने बच्चों की सौदेबाजी इससे पहले हो चुकी है। इस पूरे मामले में वह युवक हीरो बनकर सामने आया है जिसने समझदारी और संवेदनशीलता दिखाई। अगर वह चुप रहता तो शायद एक मासूम की जिंदगी बर्बाद हो जाती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kubreshwar Dham

Kubreshwar Dham सीहोर भगदड़ पं. प्रदीप मिश्रा की Kanwar Yatra से पहले भगदड़, 2 श्रद्धालुओं की मौत

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम (Kubreshwar Dham) में मंगलवार को भारी भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है। यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में भक्त पं. प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) की कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2025) में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। 6 अगस्त को कांवड़ यात्रा, एक दिन पहले उमड़ी भीड़ 6 अगस्त को Kubreshwar Dham से चितावलिया हेमा गांव तक कांवड़ यात्रा आयोजित होनी है। यात्रा से एक दिन पहले ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ गईं। भंडारे, ठहराव और दर्शन के लिए जगह कम पड़ने से कई स्थानों पर अफरा-तफरी मच गई और तीन लोग गिर गए, जिनमें से दो की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। 4 हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्था नाकाफी प्रशासन और आयोजकों ने दावा किया था कि लगभग 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने और प्रसादी वितरण की पूरी तैयारी की गई थी। इसके लिए नमक चौराहा, राधेश्याम कॉलोनी, बजरंग अखाड़ा, अटल पार्क, शास्त्री स्कूल, लुर्द माता स्कूल और सीवन नदी के पास इंतजाम किया गया था। लेकिन अपेक्षा से ज्यादा भीड़ आने से व्यवस्था टूट गई और हादसा हो गया। डायवर्जन प्लान समय पर लागू नहीं हुआ एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू किया जाना था। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से और छोटे वाहनों को न्यू क्रिसेंट चौराहा से अमलाहा भेजने की योजना थी, लेकिन हादसे के समय तक यह लागू नहीं हो सका। पहले भी बन चुके भगदड़ जैसे हालात यह पहली बार नहीं है जब Kubreshwar Dham में ऐसी घटना हुई है। दो साल पहले यहां आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भी भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बने थे। उस समय अचानक तबीयत बिगड़ने से एक महिला की मौत हुई थी और कई महिलाएं लापता हो गई थीं। इसी महोत्सव में महाराष्ट्र से आए 3 साल के बच्चे की भी मौत हुई थी, जबकि 2 दिनों में कुल 3 मौतें और 73 लोग बीमार हुए थे। Kubreshwar Dham में हादसे के बाद जांच के आदेश अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने बताया कि एसडीएम तन्नय वर्मा को संपूर्ण व्यवस्थाओं का प्रभारी नियुक्त किया गया था, लेकिन हादसे के समय मौके पर कितनी पुलिस फोर्स और मेडिकल टीमें मौजूद थीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका। हादसे के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संयम और अनुशासन बनाए रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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