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Sensex Nifty

बाजार में जबरदस्त तेजी: Sensex 1600 अंक उछला, Nifty 23,300 पार, Investors की Wealth ₹5 लाख करोड़ बढ़ी

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को धमाकेदार शुरुआत की है। BSE Sensex और Nifty-50 में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में महज 10 सेकंड में ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा का इजाफा हो गया। इस जोरदार तेजी की वजह अमेरिका द्वारा 75 से ज्यादा देशों पर टैरिफ पॉज यानी आयात शुल्क में 90 दिनों की छूट देने की घोषणा रही। इसका असर सीधे तौर पर वॉल स्ट्रीट पर दिखा और अब इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट भारतीय शेयर बाजार पर भी नजर आ रहा है। बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल निवेशकों की वेल्थ में ₹5 लाख करोड़ की बंपर बढ़ोतरी शेयर बाजार खुलते ही निवेशकों की संपत्ति में बूम आया है। ग्लोबल मार्केट्स से मिल रहे पॉजिटिव संकेत हालांकि, वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स थोड़ी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। एशियाई बाजार भी हरे निशान पर
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Stock Market Today

Stock Market Today: मेटल स्टॉक्स ने दिखाई तेजी, Sensex 1200 और Nifty 380 अंक उछला; निवेशकों को बड़ा फायदा

भारतीय शेयर बाजार में आज (11 अप्रैल) जबरदस्त तेजी देखने को मिली। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 90 दिन तक ज्यादातर देशों से आयात पर नया टैरिफ नहीं लगाने के फैसले से ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव सेंटीमेंट पैदा हुआ। इसका सीधा असर आज के Indian Share Market पर भी पड़ा। आज शुक्रवार सुबह जैसे ही बाजार खुले, वैसे ही Tata Steel और Hindalco जैसे मेटल स्टॉक्स ने जान फूंक दी। 👉 सिर्फ चंद मिनटों में निवेशकों की दौलत ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा बढ़ गई। 🔔 Sensex और Nifty की दमदार शुरुआत 10:50 AM तक Nifty 382.65 अंक या 1.71% की उछाल के साथ 22,781.80 पर ट्रेड कर रहा था। 🇺🇸 Trump की टैरिफ पॉलिसी पर राहत ट्रंप ने 9 अप्रैल को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका अगले तीन महीनों तक ज्यादातर देशों से होने वाले आयात पर नया टैरिफ नहीं लगाएगा। इससे भारतीय बाजार में उम्मीदों की लहर दौड़ गई। माना जा रहा है कि इससे India-US Bilateral Trade Agreement (BTA) को लेकर बातचीत के रास्ते भी खुल सकते हैं। हालांकि, चीन से होने वाले आयात पर शुल्क को बढ़ाकर 145% कर दिया गया है, लेकिन कॉपर, फार्मा, सेमीकंडक्टर्स और एनर्जी प्रोडक्ट्स को इससे छूट मिली है। Global Markets में मिला-जुला असर हालांकि ग्लोबल संकेत उतने मजबूत नहीं हैं। अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली: GIFT Nifty ने पहले ही दे दिए थे संकेत भारतीय बाजार 10 अप्रैल को महावीर जयंती के कारण बंद रहे थे। लेकिन शुक्रवार सुबह 7:13 बजे GIFT Nifty फ्यूचर्स 22,943 पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले सत्र से 460 अंक ऊपर थे — यानि पहले से ही संकेत मिल चुके थे कि बाजार की शुरुआत मजबूत होगी।
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सेंसेक्स 1500 अंक उछला

Stock Market Today: Infosys, RIL और Airtel की तेजी से सेंसेक्स 1500 अंक उछला, निफ्टी 22,600 के पार पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में आज ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली। Infosys, Reliance Industries और Bharti Airtel जैसे हैवीवेट स्टॉक्स में शानदार खरीदारी के चलते बाजार में तगड़ा उछाल दर्ज हुआ। एशियाई बाजारों में मजबूती और ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स रिकॉर्ड तेजी के साथ ट्रेंड कर रहे हैं। बाजार की ओपनिंग – दमदार शुरुआत! आज सुबह बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 900 अंकों की छलांग लगाकर 74,013.73 पर खुला। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स में 1585.76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 2.17% की तेजी के साथ 74,723.66 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 (Nifty-50) ने भी कमाल की शुरुआत की। यह 22,446.75 पर खुला और दोपहर होते-होते 467.80 अंक या 2.11% उछलकर 22,629.40 पर ट्रेड कर रहा था। कल कैसा था बाजार का हाल? सोमवार (7 अप्रैल) को बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 2,226.79 अंक या 2.95% गिरकर 73,137.90 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 742.85 अंक या 3.24% गिरकर 22,161.60 पर आ गया था। यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी थी। ग्लोबल मार्केट्स से क्या मिल रहे संकेत? हालांकि, सोमवार को Dow Jones और S&P 500 में थोड़ी गिरावट रही थी, लेकिन निवेशकों की नजर अब वापसी की ओर है। US अमेरिका-चीन टकराव का असर? अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर दबाव बनाते हुए “रेसिप्रोकल टैरिफ” को हटाने की मांग की है। चीन इस पर सख्त स्टैंड लेने की तैयारी में है। इस तनाव का असर ग्लोबल सेंटिमेंट पर नजर आ सकता है। निवेशकों की नजर RBI की मीटिंग पर अब सबकी नजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है, जिसका फैसला कल (9 अप्रैल) आएगा। इसके अलावा कंपनियों के Q4 रिजल्ट्स और इस हफ्ते आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर टिकी हुई है।
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शेयर बाजार

Stock Market Crash: 10 मिनट में ₹18 लाख करोड़ की डूबत – Investors को संभलने का मौका तक नहीं मिला

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। बाजार खुलते ही सिर्फ 10 मिनट में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹18 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। ये गिरावट इतनी तेज थी कि कई निवेशक बाजार को समझने से पहले ही भारी नुकसान झेल गए। कैसे हुआ इतना बड़ा नुकसान? बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) शुक्रवार को ₹4,04 लाख करोड़ था, जो सोमवार को सिर्फ 10 मिनट के भीतर घटकर ₹3,86 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यानी कुल ₹18,07,639 करोड़ की संपत्ति महज कुछ मिनटों में वाष्पित हो गई। इस गिरावट की वजहें वैश्विक स्तर पर फैली चिंता से जुड़ी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा घोषित नए और सख्त टैरिफ, दुनिया भर के निवेशकों के लिए झटका साबित हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने पहले ही महंगाई और विकास दर को लेकर चिंता जताई थी, और अब इन टैरिफ्स ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। सेक्टर्स पर असर: आईटी, मेटल और मिडकैप्स सबसे ज्यादा गिरे इस गिरावट का असर हर सेक्टर पर दिखाई दिया। बीएसई के सभी 13 प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और आईटी सेक्टर में दर्ज की गई: क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ? बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ एक शुरुआत हो सकती है। बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ में 0.30% की कटौती का अनुमान लगाया है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने अगले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट आय में 2-3% की गिरावट की आशंका जताई है। वैश्विक बाजारों की स्थिति भी चिंताजनक यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स भी 6.5% तक गिरा है, जिससे साफ है कि वैश्विक बाजारों में भी डर का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम से दूर रहना चाहते हैं और इसलिए बिकवाली का सिलसिला जारी है। निष्कर्ष: क्या निवेशकों को घबराना चाहिए? अभी बाजार में अस्थिरता का दौर है और ऐसे में घबराकर कोई भी बड़ा निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक फिलहाल धैर्य रखें, पोर्टफोलियो को दोबारा परखें और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण अपनाएं।
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Wall Street में भारी गिरावट

Wall Street में भारी गिरावट: Trump के tariff फैसले से Nasdaq bear market के करीब, $4 trillion का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले ने वॉल स्ट्रीट को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं। महज दो दिनों में अमेरिकी शेयर बाजारों से करीब 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 334 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति का नुकसान हुआ है। Nasdaq बेयर मार्केट के करीब टेक कंपनियों से जुड़ा Nasdaq Composite इंडेक्स इस गिरावट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यह इंडेक्स लगभग 4.5% से अधिक गिर चुका है, जिससे यह बेयर मार्केट के करीब पहुंच गया है। Nasdaq की यह स्थिति 2020 में कोविड-19 के दौरान आई मंदी के बाद सबसे खराब मानी जा रही है। Dow Jones और S&P 500 भी लुढ़के Dow Jones Industrial Average और S&P 500 इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। चीन ने दी जवाबी कार्रवाई, तनाव और गहरा ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% तक आयात शुल्क लगा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा गया है, जिससे निवेशकों की बेचैनी और बढ़ गई है। मंदी का खतरा मंडराने लगा आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टैरिफ्स के चलते महंगाई बढ़ सकती है और इससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी की स्थिति बन सकती है। इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी यह साफ कर दिया है कि ब्याज दरों में जल्द कोई राहत नहीं दी जाएगी, जिससे बाजार की गिरावट और तेज हो गई। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाज़ी में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। यह स्थिति अभी कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है।
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HDFC बैंक टॉप गेनर, मार्केट कैप 44,934 करोड़ बढ़ा, इंफोसिस और रिलायंस की वैल्यू घटी

HDFC बैंक टॉप गेनर, मार्केट कैप 44,934 करोड़ बढ़ा, इंफोसिस और रिलायंस की वैल्यू घटी

पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में हलचल देखने को मिली। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 8 की मार्केट वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया, जिससे कुल वैल्यू 88,086 करोड़ रुपये बढ़ गई। इस हफ्ते HDFC बैंक टॉप गेनर के रूप में उभरा, जबकि इंफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज को नुकसान झेलना पड़ा। HDFC बैंक की बड़ी छलांग HDFC बैंक का मार्केट कैप 44,934 करोड़ रुपये बढ़कर 13.99 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मार्केट वैल्यू 16,600 करोड़ रुपये बढ़कर 6.89 लाख करोड़ रुपये हो गई। अन्य कंपनियों में भी तेजी दिखी: इंफोसिस और रिलायंस को झटका हालांकि, कुछ कंपनियों को नुकसान भी हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू 9,136 करोड़ रुपये घटकर 6.52 लाख करोड़ रुपये पर आ गई। इंफोसिस को भी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, रिलायंस का कुल मार्केट कैप 1,962 करोड़ रुपये बढ़कर 17.25 लाख करोड़ रुपये हो गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन (शुक्रवार, 28 मार्च) को सेंसेक्स 198 अंक गिरकर 77,414 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 72 अंकों की गिरावट आई और यह 23,519 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 280 अंक चढ़ा। NSE के 50 शेयरों में से 19 शेयरों में तेजी रही, जबकि 31 में गिरावट आई। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 2.29% गिरा, निफ्टी IT में 1.76% और निफ्टी रियल्टी में 1.42% की गिरावट रही।
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बाजार में कौन आगे? F&O में FIIs, DIIs या रिटेल निवेशक

बाजार में कौन आगे? F&O में FIIs, DIIs या रिटेल निवेशक

भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में विदेशी निवेशकों (FIIs), घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल निवेशकों की रणनीतियों पर सबकी नजर है। मार्च सीरीज के आखिरी दिन निफ्टी 1,047 अंकों की उछाल के साथ 23,592 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी और मिडकैप निफ्टी में भी क्रमश: 5.8% और 5.1% की तेजी रही। FIIs की बढ़ती खरीदारी – बाजार में तेजी का संकेत F&O डेटा के अनुसार, FIIs ने बीते 9 ट्रेडिंग सेशंस में ₹17,433.78 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इसके अलावा, उन्होंने अपनी शॉर्ट पोजीशन में कटौती की है, जिससे बाजार में तेजी का संकेत मिल रहा है। DIIs और रिटेल निवेशकों की स्थिति कैसी? घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का भरोसा भी बाजार में मजबूत बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषण – बाजार का अगला कदम क्या? तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, निफ्टी को 200-दिनों की मूविंग एवरेज (EMA) से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। किन शेयरों में जोरदार मूवमेंट? तेजी वाले शेयर: बिकवाली दबाव वाले शेयर: निष्कर्ष – आगे क्या करें? बाजार में मजबूती बनी हुई है, खासकर FIIs और DIIs की बढ़ती खरीदारी इसे सपोर्ट दे रही है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में 24,000 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख सकता है। निवेशकों को समझदारी से ट्रेडिंग करनी चाहिए और 23,500 के स्तर को खरीदारी का अच्छा मौका मानना चाहिए। बाजार की हर हलचल पर नजर रखने के लिए जुड़े रहें Deshharpal के साथ!
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चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर

चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर: कौन आगे – BYD या टेस्ला?

दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दौड़ तेज हो गई है और चीन की BYD ने एलन मस्क की टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। BYD ने 2024 में 100 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर लिया है, जिससे वह टेस्ला से आगे निकल गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला! BYD बनाम टेस्ला: कौन आगे रेवेन्यू में? चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी BYD ने 2024 में 107.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 2023 से 29% ज्यादा है। वहीं, टेस्ला ने 97.7 अरब डॉलर का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिससे वह BYD से पीछे रह गई। सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, BYD का नेट प्रॉफिट भी 2024 में 40.3 अरब युआन (5.6 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 34% ज्यादा है। इससे साफ है कि कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। स्टॉक परफॉर्मेंस: BYD बनाम टेस्ला हालांकि टेस्ला EV बाजार में बड़ा नाम है, लेकिन स्टॉक परफॉर्मेंस के मामले में BYD ने उसे पीछे छोड़ दिया है। BYD के शेयर हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज (HKG) और शेन्ज़ेन स्टॉक एक्सचेंज (SHE) पर लिस्टेड हैं, जबकि टेस्ला नैस्डैक (USA) पर ट्रेड होती है। BYD की गेम-चेंजिंग बैटरी टेक्नोलॉजी BYD के तेजी से बढ़ने की एक बड़ी वजह उसकी नई बैटरी टेक्नोलॉजी है। कंपनी ने ऐसी बैटरी पेश की है जो सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में 470 किमी (292 मील) तक की रेंज दे सकती है! इस नई बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की स्पीड 1,000 kW है, जो कि टेस्ला के सुपरचार्जर (500 kW) से दोगुनी तेज है। यह EV इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकता है और BYD को EV मार्केट का बादशाह बना सकता है। निष्कर्ष: क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी? एलन मस्क की टेस्ला अब भी EV इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी है, लेकिन BYD तेजी से आगे बढ़ रही है। रेवेन्यू, स्टॉक परफॉर्मेंस और बैटरी टेक्नोलॉजी के मामले में BYD ने बढ़त बना ली है। अब सवाल यह है – क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी या BYD EV मार्केट पर राज करेगा?
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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