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Trump

Trump Travel Ban अमेरिका ने 12 देशों की Entry की बंद, जानें कौन-कौन से देश हैं लिस्ट में

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर कड़ा फैसला लेते हुए 12 देशों के नागरिकों के USA entry पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। इसके अलावा 7 अन्य देशों के लिए आंशिक यात्रा प्रतिबंध लागू किया गया है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और वीजा स्क्रीनिंग (Visa Screening) में पाई गई गंभीर खामियों के चलते उठाया गया है। पूरी तरह से प्रतिबंधित 12 देश (Total Entry Ban Countries): इन देशों के नागरिक अब अमेरिका में प्रवेश नहीं कर पाएंगे: Trump प्रशासन ने इन देशों पर इसलिए बैन लगाया क्योंकि इन देशों से आने वाले यात्रियों की Visa Overstay Rate काफी अधिक है और ये देश डिपोर्टेशन में सहयोग नहीं करते। आंशिक प्रतिबंध वाले 7 देश (Partial Ban Countries): इन देशों के कुछ खास कैटेगरी के यात्रियों को ही अनुमति दी जाएगी: इन देशों के यात्रियों को विशेष सुरक्षा जांच और अनुमति के बाद ही वीजा मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elon Musk

Elon Musk Vs Trump “One Big Beautiful Bill” पर छिड़ा विवाद – मस्क बोले “Kill The Bill”

अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपति Elon Musk ने राष्ट्रपति Donald Trump के नए कानून “One Big Beautiful Bill” पर सीधा हमला बोलते हुए एक नई मुहिम छेड़ दी है – “Kill The Bill”. मस्क ने इस बिल को “घटिया और विनाशकारी” बताया है और जनता से अपील की है कि वे अपने सांसदों से संपर्क कर इसका विरोध करें। क्या है “One Big Beautiful Bill”? यह बिल अमेरिकी संसद के निचले सदन से 22 मई 2025 को पास हुआ था। इसके अंतर्गत: इसका कुल वित्तीय बोझ $4 ट्रिलियन (लगभग ₹332 लाख करोड़) बताया गया है। Elon Musk ने क्यों बोला हमला? Elon Musk, जो हाल ही में DOGE (Department of Government Efficiency) के प्रमुख पद से इस्तीफा दे चुके हैं, ने इस बिल के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला है। मस्क का कहना है: मस्क ने सोशल मीडिया पर जनता से अपील की है:“Contact your Senators. Kill the Bill.” रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद Elon Musk के इस स्टैंड के बाद खुद रिपब्लिकन पार्टी में भी दरार नजर आ रही है। सांसद Marjorie Taylor Greene, जो शुरू में इस बिल की समर्थक थीं, अब मस्क के साथ खड़ी हो गई हैं। व्हाइट हाउस का जवाब White House की प्रेस सेक्रेटरी Karoline Leavitt ने साफ कहा कि मस्क की आलोचना से सरकार की नीति नहीं बदलेगी। उनका बयान था: “Elon Musk की राय निजी है, पर यह बिल राष्ट्रीय हित में जरूरी है।” Musk की राजनीति में यू-टर्न? Elon Musk को पहले Trump समर्थक माना जाता था, लेकिन अब उनकी स्थिति बदलती दिख रही है। उन्होंने बिल का विरोध कर यह संकेत दे दिया है कि वे ट्रंप की आर्थिक नीतियों से पूरी तरह अलग सोचते हैं। यह अमेरिका की आगामी राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lee Jae Myung

Lee Jae Myung बने South Korea के नए President उनके संघर्ष से सत्ता तक का सफर

दक्षिण कोरिया को मिला नया नेता — ली जे-म्युंग (Lee Jae Myung)। 2025 में हुए असाधारण चुनावों में उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ ली और एक नए प्रगतिशील युग की शुरुआत की। उनका चयन ऐसे समय हुआ है जब देश गहरे राजनीतिक संकट, आर्थिक सुस्ती और सामाजिक असमानता से जूझ रहा है। ली जे-म्युंग की जीत को South Korea की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Struggle से Success तक: Lee Jae Myung की प्रेरक कहानी ली जे-म्युंग का जन्म 1963 में South Korea के अंडोंग (Andong) गाँव में एक गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में उन्होंने फैक्ट्रियों में मजदूरी की और एक दुर्घटना में हाथ में गंभीर चोट आई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने Chung-Ang University से कानून की पढ़ाई की और फिर एक मजदूर अधिकार कार्यकर्ता और मानवाधिकार वकील के रूप में पहचान बनाई। Political Career: Mayor से President तक ली की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 2010 में Seongnam के मेयर के रूप में हुई। इसके बाद उन्होंने Gyeonggi Province के गवर्नर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं, आवास योजनाओं और गरीबों के लिए लाभकारी कल्याण योजनाएं लागू कीं। 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में करीबी हार के बावजूद वे राजनीति के केंद्र में बने रहे। 2025 का चुनाव और जीत की कहानी पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol द्वारा दिसंबर 2024 में Martial Law की घोषणा से देश में उथल-पुथल मच गई थी। इसके बाद उन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ा और हटाया गया। ऐसे में 2025 के विशेष चुनाव में Lee Jae Myung ने 49.42% वोटों के साथ शानदार जीत दर्ज की। देश में 79.4% वोटिंग हुई, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक रही। नए राष्ट्रपति की नीतियाँ और वादे आर्थिक सुधार (Economic Reforms): विदेश नीति (Foreign Policy): समाज कल्याण (Social Welfare): Lee Jae Myung के सामने चुनौतियाँ हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Boulder Terror Attack

Boulder Terror Attack क्यों Mohamed Soliman ने Protesters को Target किया

अमेरिका के Colorado के Boulder शहर में एक शांति प्रदर्शन (Peace Protest) के दौरान एक भयानक आतंकवादी हमला (Terror Attack) हुआ, जिसने पूरे अमेरिका और विश्व में सनसनी फैला दी। क्या हुआ Boulder Terror Attack में? यह प्रदर्शन ‘Run for Their Lives’ नामक समूह द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें लोग Gaza में फंसे Israeli hostages की रिहाई की मांग कर रहे थे। इसी दौरान Mohamed Sabry Soliman नाम का 45 वर्षीय Egyptian नागरिक अचानक सामने आया और उसने Molotov Cocktails (पेट्रोल बम) और एक makeshift flamethrower से प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। Mohamed Soliman ने क्यों किया Protesters को Target? प्राथमिक जानकारी के अनुसार, Mohamed Soliman ने ‘Free Palestine’ के नारे लगाते हुए यह हमला किया। यह हमला राजनीतिक और धार्मिक उन्माद से प्रेरित था, जिसमें वह Gaza और Israel के बीच चल रहे संघर्ष का मुद्दा लेकर हिंसा भड़काना चाहता था। Boulder Terror Attack के Victims कौन हैं? इस हमले में 8 लोग घायल हुए, जिनमें सबसे कम उम्र 52 साल और सबसे अधिक उम्र 88 साल है। घायलों में एक 88 वर्षीय Holocaust survivor भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी देखभाल की जा रही है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई FBI और Department of Homeland Security ने इस घटना को एक “targeted terrorist attack” करार दिया है। आरोपी Mohamed Soliman को मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल में रखा गया है। जांच जारी है कि कहीं उसका कोई extremist connection तो नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Spider Web

Ukraine का ‘Operation Spider Web’ रूस पर अब तक का सबसे बड़ा Drone Attack

1 जून 2025 को यूक्रेन ने रूस के खिलाफ एक ऐसा ड्रोन हमला किया जिसने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस ऑपरेशन को कोडनेम दिया गया – “Operation Spider Web” (ऑपरेशन स्पाइडर वेब)। यह हमला युद्ध के इतिहास में अब तक का सबसे जटिल और बड़ा ड्रोन अटैक माना जा रहा है। 1.Operation Spider Web 100 से ज़्यादा Drones से Russia पर बड़ा हमला यूक्रेन ने एक साथ 100 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए जो रूस के विभिन्न military airbases पर हमला करने के लिए तैयार थे। इन हमलों में रूस के 41 लड़ाकू और बमवर्षक विमान (Tu-95, Tu-22, A-50) नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। 2. Long-Range Attack: हज़ारों किलोमीटर अंदर तक पहुंचा यूक्रेन यह हमला केवल सीमा पर नहीं था। यूक्रेन ने साइबेरिया और आर्कटिक रीजन तक स्थित एयरबेस को भी निशाना बनाया, जो यूक्रेनी सीमा से हज़ारों किलोमीटर दूर हैं। 3. Hidden Drones Strategy: 18 महीनों की गुप्त तैयारी इस ऑपरेशन के लिए यूक्रेनी एजेंटों ने 18 महीने पहले से रूस में ड्रोन्स तस्करी करके उन्हें लकड़ी की झोपड़ियों और शेड्स में छिपाकर रखा था। फिर इन्हें remote control से लॉन्च किया गया। 4. बिना Western Help के किया गया ऑपरेशन यूक्रेन ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूरी तरह से स्वदेशी (Indigenous) ड्रोन टेक्नोलॉजी और संसाधनों से किया गया है। इसमें NATO या किसी पश्चिमी देश की कोई सीधी सहायता शामिल नहीं थी। 5. Peace Talks से पहले दिखाया ताकत का प्रदर्शन यह ऑपरेशन ऐसे समय हुआ जब 2 जून को इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता (Peace Talks) होनी थी। ऐसे में यह हमला यूक्रेन द्वारा दबाव बनाने की एक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Middle East

India Pakistan Ceasefire Trump बोले “US ने Nuclear War रोका”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान (India Pakistan) के बीच बढ़ते तनाव को रोकते हुए संभावित परमाणु युद्ध (Nuclear War) को टालने में अमेरिका की अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा कि उनकी सख्त व्यापार नीति और राजनयिक दबाव के चलते दोनों देशों ने संघर्ष विराम (Ceasefire) को स्वीकार किया। Trump का दावा: “हमने रोका India-Pakistan Nuclear War Trump के अनुसार, उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से सीधा संपर्क किया और चेतावनी दी कि “हम उन देशों से व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर मिसाइल फेंक रहे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो यह मामला परमाणु संघर्ष में बदल सकता था। 🇮🇳 भारत का जवाब: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से टूटा पाकिस्तान का हौसला भारत सरकार ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह संघर्ष विराम अमेरिका के दबाव से नहीं, बल्कि भारत की सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक रणनीति का नतीजा है। भारतीय सैन्य सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” (Operation Sindoor) लॉन्च किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इन कार्रवाइयों से पाकिस्तान की स्थिति कमजोर हुई और उसे बातचीत के लिए मजबूर होना पड़ा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gaza

Gaza Conflict अमेरिका का 60 दिन का Ceasefire Plan और Hostage Release

अमेरिका ने पेश किया 60 दिन का Gaza Ceasefire Plan गाज़ा (Gaza) संघर्षविराम के लिए अमेरिका (US) ने पेश किया 60 दिन का Ceasefire Proposal, हो सकती है Hostage और Prisoner की बड़ी अदला-बदली वाशिंगटन/तेल अवीव/गाज़ा – अमेरिका (US) ने गाज़ा संघर्ष (Gaza Conflict) को रोकने और मानवीय संकट को कम करने के लिए एक 60 दिन के Temporary Ceasefire का प्रस्ताव दिया है। इस प्लान (Plan) के तहत इज़राइल (Israel) और हमास (Hamas) के बीच बंधकों (Hostages) और कैदियों (Prisoners) की बड़ी अदला-बदली (Swap) हो सकती है। Key Highlights इस US Proposed Ceasefire Plan के: Middle East में Diplomatic Efforts: इस प्लान को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden), मिस्र (Egypt) और कतर (Qatar) ने समर्थन दिया है। इज़राइल ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, और हमास भी जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया देगा। Challenges: हालाँकि यह प्रस्ताव मानवीय राहत और संघर्ष विराम के लिए बड़ा कदम है, लेकिन Hamas का निरस्त्रीकरण (Disarmament) और Israel की पूरी वापसी (Complete Withdrawal) अभी भी विवादित मुद्दे बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Trump Tariff Court Decision भारत को मिली राहत, अमेरिका के दबाव से छुटकारा

अमेरिका की एक बड़ी अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए कुछ अंतरराष्ट्रीय टैरिफ (Import Tariffs) को गैरकानूनी करार दिया है। इस फैसले से भारत को व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। अब भारत को अमेरिकी टैरिफ के भारी दबाव से कुछ हद तक छुटकारा मिल गया है। क्या है मामला? अमेरिका की Court of International Trade ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत जो “Retaliatory”, “Worldwide” और “Trafficking” टैरिफ लगाए थे, वे कानून के दायरे से बाहर हैं। कोर्ट ने इन्हें अवैध घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद अमेरिका अब भारत जैसे देशों पर उन Tariff के आधार पर दबाव नहीं बना सकता, जो कि IEEPA के अंतर्गत नहीं आते हैं। पहले भारत पर 26% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी गई थी, जिससे भारत पर संवेदनशील सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर (Agriculture) को खोलने का दबाव बनाया जा रहा था। किन टैरिफ पर रहेगा असर और किन पर नहीं? इस फैसले का असर केवल उन्हीं टैरिफ पर पड़ेगा जो IEEPA के तहत लगाए गए थे। स्टील, एल्युमिनियम और ऑटो पार्ट्स पर जो 25% ड्यूटी लगाई गई थी, वह अब भी बरकरार है। इसका मतलब यह है कि इन क्षेत्रों के भारतीय निर्यातकों को अभी कोई राहत नहीं मिलेगी। व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया व्हाइट हाउस ने कहा है कि सरकार राष्ट्रीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी उपलब्ध Executive Powers का इस्तेमाल करती रहेगी। इससे साफ है कि आने वाले समय में अमेरिका इस फैसले को चुनौती दे सकता है या नई रणनीति बना सकता है। भारत को क्या फायदा होगा? इस फैसले से भारत को अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता में बेहतर स्थिति मिली है। अब भारत पर तत्काल टैरिफ लगाने का खतरा नहीं है और वह अपने हितों के अनुसार रणनीति बना सकता है। यह कदम भारत के लिए ट्रेड पॉलिसी (Trade Policy) को लेकर एक पॉजिटिव संकेत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elon Musk

Elon Musk का इस्तीफा ट्रंप सरकार से Exit का कारण बना ‘Big Beautiful Bill’

टेक जगत के दिग्गज Elon Musk ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन से इस्तीफा दे दिया है। वे Department of Government Efficiency (DOGE) के प्रमुख के तौर पर सरकारी सुधारों में जुटे थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी भूमिका से हटने का ऐलान कर दिया है। Elon Musk का Government Exit – जानिए क्या बोले मस्क एलन मस्क ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा: Elon Musk vs Trump’s Big Beautiful Bill – असहमति की असली वजह मस्क के इस्तीफे का मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘One Big Beautiful Bill’ बताया जा रहा है। यह एक विशाल कर और आव्रजन सुधार प्रस्ताव है, जिसे लेकर मस्क ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिल को ‘Massive Spending Bill’ करार दिया और कहा: “कोई बिल बड़ा हो सकता है या खूबसूरत – लेकिन दोनों एक साथ नहीं।” यह बयान ट्रंप सरकार की नीतियों पर मस्क की असहमति को स्पष्ट करता है। क्यों नाखुश थे Elon Musk? कौन होगा Elon Musk का DOGE में अगला Successor? DOGE के अगले प्रमुख को लेकर अटकलें शुरू हो चुकी हैं। विवेक रामास्वामी का नाम संभावित विकल्पों में सामने आया है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। Musk Returns to Tesla & SpaceX – अब फोकस बिजनेस पर सरकारी भूमिका से बाहर निकलने के बाद एलन मस्क अब पूरी तरह से Tesla, SpaceX और अन्य कंपनियों पर ध्यान देंगे। उनका इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकारी सुधारों में प्राइवेट सेक्टर की अप्रोच को अपनाना आसान नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dmitry Medvedev

World War 3 की चेतावनी, रूस के Dmitry Medvedev ने Trump को दी सख्त नसीहत

बढ़ते तनाव के बीच रूस की चेतावनी रूस के दिमित्री मेदवेदेव (Dmitry Medvedev) ने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को चेतावनी दी है कि अगर पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका, रूस के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई जारी रखते हैं, तो यह स्थिति World War 3 (तीसरे विश्व युद्ध) में बदल सकती है। Trump की टिप्पणी पर रूस की तीखी प्रतिक्रिया हाल ही में ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करना व्लादिमीर पुतिन की “भयानक गलती” थी और उन्होंने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने की जरूरत बताई। इसके जवाब में मेदवेदेव ने कहा कि: Ukraine-Russia War बन सकता है Global Crisis रूस का कहना है कि अमेरिका और नाटो (NATO) देश यूक्रेन को हथियार और समर्थन देकर इस युद्ध को अनावश्यक रूप से खींच रहे हैं। मेदवेदेव की यह चेतावनी सीधे तौर पर पश्चिमी देशों को दी गई है कि अगर रूस को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा, तो उसका जवाब भी बेहद गंभीर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

NDA

Lok Sabha Rajya Sabha Update: हंगामे के बाद दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित, NDA-INDIA में टकराव

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सियासी गर्मी देखने को मिली। Parliament Protest के दौरान NDA और INDIA Block के सांसद संसद भवन परिसर में आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते NDA सांसदों के करीब पहुंच गईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। परिसर का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पूरे मामले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। संसद के बाहर दिखा सियासी शक्ति प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। गुरुवार को संसद भवन के बाहर दोनों गठबंधनों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एक तरफ INDIA Block के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं NDA सांसदों ने भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में प्रदर्शन किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में माहौल काफी गरमा गया। Priyanka Gandhi का वीडियो हुआ वायरल प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद थीं। वीडियो में नजर आया कि वह नारे लगा रहे NDA सांसदों की ओर बढ़ीं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज उठाने की कोशिश बताया, जबकि NDA नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। हंगामे के चलते Parliament Proceedings प्रभावित संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सांसदों के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। NDA vs INDIA Block के बीच जारी है राजनीतिक टकराव संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है। गुरुवार का घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक मुकाबला तेज हो चुका है। आने वाले दिनों में भी NDA और INDIA Block के बीच बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk मेदांता में भर्ती बोले- सरकार भरोसा दे तो आज ही खत्म करूंगा अनशन

लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत को देखते हुए अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 600 जवानों की तैनाती के बीच वांगचुक का इलाज चल रहा है। इस बीच Sonam Wangchuk ने सरकार के सामने बातचीत का रास्ता खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से भरोसा मिलता है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, तो वह अपना अनशन आज ही खत्म करने के लिए तैयार हैं। मेदांता अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा, 600 जवान तैनात सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल लाया गया। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। वहीं डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। Sonam Wangchuk बोले- समाधान चाहिए, टकराव नहीं अनशन के दौरान सोनम वांगचुक ने साफ किया कि उनका उद्देश्य सरकार के साथ टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन देती है तो वह अपना आंदोलन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। वांगचुक का कहना है कि लद्दाख के लोगों की पहचान, जमीन, रोजगार और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं हैं और इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा जरूरी है। JP Nadda का बयान- आपकी चिट्ठी मिली, सरकार कर रही चर्चा इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की ओर से भेजी गई चिट्ठी सरकार को मिल गई है और इस विषय पर चर्चा की जा रही है। नड्डा के बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत का रास्ता आगे बढ़ सकता है। लद्दाख को लेकर क्या मांग कर रहे हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के भविष्य और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: अब बातचीत पर टिकी नजरें सोनम वांगचुक के बयान और जेपी नड्डा के जवाब के बाद अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा यह मुद्दा समाधान की दिशा में बढ़ सकता है। फिलहाल सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Salman Khan

Salman Khan on Education Protest: ‘हिंसा से नहीं निकलेगा हल’, Alia Bhatt बोलीं- छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं

देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan और अभिनेत्री Alia Bhatt ने आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का समर्थन किया, लेकिन साथ ही हिंसा से बचने और शिक्षा के मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील भी की। Salman Khan बोले- शिक्षा का मुद्दा है, इसे राजनीतिक रंग न दें Salman Khan ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर दुख जताया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का उद्देश्य अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। सलमान ने यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच खुलकर संवाद होना जरूरी है। उनका मानना है कि बातचीत से निकला समाधान ही सबसे प्रभावी और स्थायी होता है। Alia Bhatt ने छात्रों की भावनाओं को समझने की अपील की आलिया भट्ट ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र केवल अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की जरूरत है। यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जाए तो ऐसे हालात बनने से बचा जा सकता है। हिंसा से आंदोलन की दिशा बदलने का खतरा शिक्षा से जुड़े इस आंदोलन की शुरुआत छात्रों की मांगों को लेकर हुई थी, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने पूरे आंदोलन का फोकस बदल दिया। कई सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि हिंसा से किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसी वजह से सलमान खान और आलिया भट्ट दोनों ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। शिक्षा सुधार पर बढ़ी राष्ट्रीय बहस हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इन सबके बीच फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों का सामने आकर प्रतिक्रिया देना इस मुद्दे की गंभीरता को और भी स्पष्ट करता है। छात्रों और सरकार के बीच संवाद की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना सभी पक्षों के हित में होगा। छात्रों की मांगों पर गंभीर चर्चा और समयबद्ध कार्रवाई से ही स्थिति सामान्य हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Case Update: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, Supreme Court ने दिया सरेंडर का आदेश

चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) मर्डर केस में गुरुवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। यदि वह तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इस फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है? इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जबकि सोनम बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थीं। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। पुलिस ने सोनम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और मामले में चार्जशीट भी दाखिल की। इसके बाद यह केस देशभर में चर्चा का विषय बन गया। Sonam Raghuvanshi को कैसे मिली थी जमानत? इस साल ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। अदालत का कहना था कि गिरफ्तारी के दौरान जरूरी कानूनी औपचारिकताओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि इतने गंभीर अपराध में केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि के आधार पर जमानत देना न्यायहित में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि ट्रायल के दौरान प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं, तो सोनम भविष्य में नियमित जमानत के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं। यानी अदालत ने फिलहाल जमानत खत्म की है, लेकिन कानूनी अधिकार पूरी तरह समाप्त नहीं किए हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है और ट्रायल की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। उधर, जांच एजेंसियां भी इस बहुचर्चित मामले में सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही हैं। देशभर की नजर इस केस पर राजा रघुवंशी हत्याकांड पिछले एक साल से देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हर सुनवाई के साथ इस केस पर लोगों की नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोनम रघुवंशी कब सरेंडर करेंगी और ट्रायल कोर्ट में आगे की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस मामले का अंतिम फैसला अदालत में पेश होने वाले सबूतों, गवाहों और कानूनी दलीलों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया है कि सोनम रघुवंशी को एक बार फिर जेल जाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी PV Sindhu चाइना ओपन 2026 का खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर थीं, लेकिन किस्मत ने आखिरी समय पर उनका साथ नहीं दिया। फाइनल मुकाबले में सिंधु के पास जीत के चार मैच प्वाइंट थे, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सकीं और आखिरकार मुकाबला हार गईं। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों को भी झटका देने वाली रही। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली सिंधु ने फाइनल में भी दमदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में विपक्षी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान सिंधु ने कई बेहतरीन रैलियां खेलीं और लंबे समय तक मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। ऐसा लग रहा था कि ट्रॉफी अब भारत आने वाली है, लेकिन चार मैच प्वाइंट गंवाने के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। हालांकि, हार के बावजूद सिंधु का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने लगातार बेहतरीन खेल दिखाकर फाइनल तक का सफर तय किया और यह साबित किया कि वह आज भी दुनिया की सबसे मजबूत बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस हार से सिंधु और उनके प्रशंसक जरूर निराश होंगे, लेकिन खेल में जीत और हार दोनों का हिस्सा होती हैं। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि पीवी सिंधु जल्द ही इस हार से उबरकर आने वाले टूर्नामेंट में और भी मजबूत वापसी करेंगी। चाइना ओपन 2026 का यह फाइनल लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि जीत सिंधु के बेहद करीब थी, लेकिन आखिर में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। भारतीय खेल प्रेमियों को अब उनकी अगली बड़ी जीत का इंतजार रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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