देश में नकली नोटों का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि इस गिरोह के पास ऐसे नकली नोट हैं, जिन्हें सामान्य काउंटिंग मशीन और कई मामलों में एटीएम भी आसानी से पहचान नहीं पाते। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा एक अंडरकवर जांच के दौरान हुआ।
अंडरकवर जांच में सामने आया नेटवर्क
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर इस गिरोह से संपर्क किया। बातचीत के दौरान गिरोह के सदस्य बड़ी मात्रा में नकली नोट उपलब्ध कराने की बात करते नजर आए। उन्होंने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि उनके नोट असली जैसे दिखते हैं और सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आते।
डील रद्द होने पर किया पीछा
रिपोर्ट के मुताबिक, जब कथित खरीदार ने सौदा रद्द कर दिया, तो गिरोह के लोगों को शक हो गया। इसके बाद उन्होंने कई गाड़ियों से रिपोर्टर का पीछा किया। हालांकि रिपोर्टर सुरक्षित निकलने में सफल रहे और पूरे मामले का खुलासा सामने आया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चुनौती
यदि इस तरह के नकली नोट वास्तव में बाजार में पहुंच रहे हैं, तो यह बैंकिंग व्यवस्था और आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में अंतिम पुष्टि जांच एजेंसियों और फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नोटों की पहचान के लिए केवल मशीनों पर निर्भर रहने के बजाय बैंक और संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।


