Mumbai Train Blast Case में नया मोड़: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें 12 आरोपियों को बरी किया गया था। तीन दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के इस बड़े धमाके में 12 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपियों को अभी दोबारा जेल भेजने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने ये भी साफ किया कि इस मामले की पूरी जांच जरूरी है और जल्द ही इसकी गहराई से सुनवाई होगी।
11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार 7 धमाके हुए थे। ये धमाके 11 मिनट के अंदर हुए और इसमें करीब 189 लोगों की जान गई थी, जबकि 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई है, लेकिन आरोपियों को दोबारा जेल भेजने से मना किया है। इसका मतलब है कि अब अगली सुनवाई तक सभी आरोपी बाहर रहेंगे, लेकिन केस की सुनवाई चलती रहेगी।
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