Pakistan ने 22 जुलाई को अपनी Medium-Range Ballistic Missile Shaheen-III का परीक्षण किया, लेकिन ये टेस्ट भारी चूक के साथ खत्म हुआ। मिसाइल अपने निर्धारित ट्रैक से भटक गई और बलूचिस्तान के डेरा बुगती जिले में एक न्यूक्लियर फैसिलिटी के नज़दीक जा गिरी। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और एक बड़ी Tragedy टल गई।
Missile Test या Technical Failure?
पाकिस्तानी सेना ने डेरा गाजी खान से Shaheen-III का परीक्षण किया था। लेकिन उड़ान के दौरान मिसाइल का नियंत्रण खो गया और यह डेरा बुगती इलाके में गिर गई, जो कि एक न्यूक्लियर प्रोसेसिंग साइट और स्थानीय आबादी से बेहद करीब था।
धमाका और Internet Shutdown
- विस्फोट की आवाज़ 20 से 50 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
- लोगों ने तेज़ रोशनी और जोरदार धमाके की शिकायत की।
- प्रशासन ने तुरंत इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और मीडिया रिपोर्टिंग पर भी रोक लगा दी गई।
- कुछ अधिकारियों ने इसे “Sonic Boom” बताने की कोशिश की, लेकिन मिसाइल की रेंज और साइलेंट बैलिस्टिक नेचर से यह दावे सवालों में आ गए।
धमाका और Internet Shutdown
- विस्फोट की आवाज़ 20 से 50 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
- लोगों ने तेज़ रोशनी और जोरदार धमाके की शिकायत की।
- प्रशासन ने तुरंत इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और मीडिया रिपोर्टिंग पर भी रोक लगा दी गई।
- कुछ अधिकारियों ने इसे “Sonic Boom” बताने की कोशिश की, लेकिन मिसाइल की रेंज और साइलेंट बैलिस्टिक नेचर से यह दावे सवालों में आ गए।
Experts की राय
- लगातार फेल हो रहे परीक्षण पाकिस्तान की मिसाइल तकनीक पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
- न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास ऐसा हादसा किसी भी समय परमाणु आपदा में बदल सकता है।
- बलूच नेताओं का आरोप है कि इस क्षेत्र को बार-बार टेस्टिंग ग्राउंड के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
International Impact
- भारत-पाक रिश्तों में नया तनाव पैदा हो सकता है।
- United Nations या IAEA जैसी एजेंसियां इस मामले में दखल दे सकती हैं।
- दुनिया की नजर अब पाकिस्तान की missile safety और transparency पर है।
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