Trinidad और टोबैगो की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत भव्य परंपराओं और भारतीय संस्कृति के रंगों से किया गया। इस यात्रा में सांस्कृतिक समरसता, कूटनीतिक रिश्ते और कुछ विवाद भी चर्चा में रहे।
पहली बार Trinidad पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने 3 जुलाई 2025 को पहली बार त्रिनिदाद और टोबैगो का सरकारी दौरा किया। उनका यह ऐतिहासिक स्वागत न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से, बल्कि भारतीय मूल के प्रवासियों के लिए भी भावनात्मक पल था।
इस अवसर पर संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया गया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत हुई।
Modi को मिला Trinidad का Highest Honour ORTT
त्रिनिदाद सरकार ने मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान Order of the Republic of Trinidad and Tobago (ORTT) से सम्मानित किया। इसे भारत और त्रिनिदाद के मजबूत संबंधों की पहचान माना गया।
Desi Bhojpuri Culture: Sohari Leaf पर परोसा गया खाना
मोदी के सम्मान में आयोजित पारंपरिक डिनर में उन्हें Sohari के पत्ते पर भोजन परोसा गया — जो बिहार-यूपी की भोजपुरी संस्कृति का प्रतीक है।
यह पत्ता “Food for the Gods” कहा जाता है और खास अवसरों पर ही उपयोग होता है।
भोज में पारंपरिक भारतीय व्यंजन और Bhojpuri Chautaal की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह देसी बना दिया।
सांस्कृतिक उपहार भी बने चर्चा का विषय
मोदी ने मेज़बान प्रधानमंत्री को अयोध्या राम मंदिर की प्रतिकृति, सरयू नदी का जल, और प्रयागराज कुंभ का जल भेंट किया — जो भारत की आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है।
Indo-Trinidadian लोगों में दिखा गर्व और भावुकता
त्रिनिदाद की आबादी में लगभग 40% लोग भारतीय मूल के हैं। मोदी की यात्रा ने उनकी जड़ों को फिर से जोड़ने का काम किया।
डॉ. देवन्त महाराज जैसे सामाजिक नेताओं ने इसे “India remembering her children” कहा।
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