भारत के लिए गर्व का पल तब आया जब उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले Shubhanshu Shukla अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मिशन में शामिल हुए। वे सुनीता विलियम्स के साथ “बोइंग स्टारलाइनर” से पहली बार अंतरिक्ष गए। लेकिन अब एक चिंता की लहर उठी है — क्या शुभांशु भी सुनीता विलियम्स की तरह अंतरिक्ष में ज्यादा दिन तक फंसे रहेंगे?
अंतरिक्ष में भेजे गए इस मिशन की वापसी की तारीख को अब कई बार टाला जा चुका है। नासा के अनुसार, “बोइंग स्टारलाइनर” में कुछ तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इस वजह से शुभांशु और सुनीता की सुरक्षित वापसी में देरी हो रही है। फिलहाल दोनों अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर हैं और वापसी की कोई तय तारीख नहीं दी गई है।
हालांकि नासा ने यह साफ किया है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं और अंतरिक्ष स्टेशन पर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्याएं जैसे कि कैप्सूल के थ्रस्टर में गड़बड़ी और हीलियम लीकेज जैसी बातें चिंता का विषय हैं। जब तक ये दिक्कतें पूरी तरह से हल नहीं हो जातीं, तब तक वापसी संभव नहीं होगी।
सुनीता विलियम्स के लिए यह मिशन खास था क्योंकि वे इस नई कैप्सूल से उड़ान भरने वाली पहली महिला बनीं। लेकिन उनके लिए भी यह अनुभव थोड़ा चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। वे पहले भी लंबे अंतरिक्ष मिशन पर रह चुकी हैं, इसलिए अनुभव है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं।
शुभांशु शुक्ला के घरवाले रोज़ उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। अमेठी में हर कोई उनके सकुशल लौटने की दुआ कर रहा है। देशभर में लोग सोशल मीडिया पर उनके लिए शुभकामनाएं भेज रहे हैं।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
