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खंडवा कांग्रेस में बवाल: नियुक्तियों पर उठे सवाल, इस्तीफा और विरोध शुरू

मध्य प्रदेश के खंडवा में कांग्रेस संगठन के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में ब्लॉक अध्यक्षों और किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष की नियुक्तियों के बाद पार्टी के अंदर ही विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस के कई नेता अब खुलकर सोशल मीडिया पर संगठन के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि बाहरी लोगों, बिना दावेदारी करने वालों और चुनाव के दौरान कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं को पद दे दिए गए। इंदौर के नेता बने खंडवा के जिलाध्यक्ष विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष की लिस्ट सामने आई। इसमें इंदौर निवासी सोनू गुर्जर पहलवान को खंडवा का जिलाध्यक्ष बना दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि लिस्ट में नाम तो सोनू गुर्जर का था, लेकिन मोबाइल नंबर संजय पाटीदार का लिखा हुआ था, जिन्होंने इस पद के लिए दावेदारी की थी। बताया जा रहा है कि सोनू गुर्जर को रॉबर्ट वाड्रा का करीबी माना जाता है, जबकि संजय पाटीदार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नजदीकी बताए जाते हैं। इस पर कांग्रेस नेता नारायण सिंह तोमर ने तंज कसते हुए कहा— “गुर्जर को बधाई देने फोन लगाया तो पाटीदार को लग गया… क्या खंडवा में कोई किसान नहीं मिला?” भाजपा से जुड़े लोगों को पद? विवाद सिर्फ यहीं नहीं रुका। छैगांवमाखन ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में जयेश पटेल की नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी छाया मोरे का समर्थन किया था। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वर्तमान में भी जयेश पटेल भाजपा विधायक के करीबी हैं, ऐसे में उनकी नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। इस्तीफा और बढ़ता विरोध इस पूरे विवाद के बीच खालवा ब्लॉक के कांग्रेस नेता वीरेंद्र प्रजापति ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, सिंगोट उपब्लॉक में केदार पाटीदार को अध्यक्ष बनाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस पद के लिए न तो आवेदन किया था और न ही कोई बायोडाटा दिया था। संगठन के खिलाफ खुलकर आवाज अब कांग्रेस प्रत्याशी रही रूपाली बारे के समर्थक भी इन नियुक्तियों को लेकर विरोध की तैयारी में हैं और जल्द ही संगठन प्रभारी से शिकायत करने वाले हैं। खंडवा कांग्रेस में उठे इस विवाद ने साफ कर दिया है कि संगठन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। 👉 इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर EV हादसा: चार्जिंग के दौरान ब्लास्ट का शक, 8 लोगों की दर्दनाक मौत

इंदौर में हुए दिल दहला देने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) हादसे को लेकर अब बिजली कंपनी की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, इस रिपोर्ट को अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है, लेकिन जो जानकारी सामने आई है, वह काफी चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, आग की शुरुआत घर में लगे EV चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि घर के लिए 15 किलोवॉट का बिजली लोड स्वीकृत था, लेकिन आमतौर पर 2 से 9 किलोवॉट तक ही बिजली का इस्तेमाल हो रहा था। ऐसे में ओवरलोड की संभावना कम बताई जा रही है। चार्जिंग के दौरान हुआ धमाका बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हादसे के समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से यह पुष्टि हुई है कि देर रात EV चार्जिंग चल रही थी। कंपनी ने पिछले 3 महीनों का डेटा खंगालकर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चार्जिंग के दौरान पहले ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद दोबारा चार्जिंग शुरू हुई। इसके बाद कार की बैटरी में जोरदार ब्लास्ट हो गया, जो आग का कारण बना। रोज रात होती थी चार्जिंग जांच में यह भी सामने आया कि कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्ज होती थी। हादसे वाली रात भी यही क्रम था। जैसे ही चार्जिंग शुरू होती, घर का कुल बिजली लोड 2 किलोवॉट से बढ़कर करीब 9 किलोवॉट तक पहुंच जाता था। रहवासियों ने क्या बताया पास में रहने वाले लोगों के मुताबिक, रात करीब 3 से 3:15 बजे के बीच कार से धुआं उठता देखा गया था। लोगों ने तुरंत आसपास के लोगों को जगाया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन दमकल की गाड़ियां करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। 8 लोगों की गई जान यह हादसा बेहद दर्दनाक साबित हुआ। आग ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि आग ने घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे एक के बाद एक धमाके हुए। घर में लगे डिजिटल लॉक भी समय पर नहीं खुल सके, जिसके कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए। जिम्मेदारी से बचने की कोशिश? सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जिम्मेदारी तय होने से बचने के लिए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अपने कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। 👉 इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल, दफ्तरों में सन्नाटा, कामकाज पूरी तरह ठप

बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। हड़ताल के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट सहित अधिकांश सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे आम नागरिक भटकते नजर आए। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है, जिसे सरकार लगातार नजरअंदाज करती रही है। कर्मचारी नेताओं का आरोप: सरकार के रवैए से बढ़ा आक्रोश कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे काफी समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते आ रहे थे, लेकिन शासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले। धरातल पर कोई ठोस फैसला नहीं होने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता गया और अब उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। यह हड़ताल सोमवार से बुधवार तक चलेगी। पहले ही दिन दिखा हड़ताल का असर सोमवार को कलेक्ट्रेट समेत सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी नदारद रहे। इसके चलते फाइलों का निपटारा नहीं हो सका और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आए। नेहरू चौक पर प्रदर्शन, बेमियादी हड़ताल की चेतावनी हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने नेहरू चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे सरकार ने बंद कर दिया। अन्य मांगों को लेकर भी लगातार संवाद की कोशिश की गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। ये हैं अधिकारी-कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगें 👉 छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर और अपडेट के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला: छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर रेड, जमीन मुआवजा गड़बड़ी की जांच तेज

भारत माला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित भूमि अधिग्रहण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने रायपुर और महासमुंद सहित कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। रायपुर में हरमीत सिंह खनूजा और महासमुंद के मेघ बसंत इलाके में स्थित व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर ईडी ने रेड की है। इसके अलावा हरमीत खनूजा के ससुर ट्रांसपोर्टर हरमीत सिंह चावला और उनके एक करीबी के घर पर भी कार्रवाई जारी है। सूत्रों के मुताबिक, CRPF जवानों की सुरक्षा में ईडी की 10 सदस्यीय टीम चार गाड़ियों में सुबह पहुंची। टीम ने पंजाबीपारा स्थित हरमीत सिंह चावला के घर में प्रवेश कर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। हरमीत सिंह चावला, मुख्य आरोपी हरमीत खनूजा के ससुर बताए जा रहे हैं। वहीं, महासमुंद में आर्यन होंडा एजेंसी के संचालक जसबीर सिंह बग्गा के मेघ बसंत कॉलोनी स्थित घर पर भी छापेमारी की गई। ED का दावा: मुआवजा भुगतान में बड़ी गड़बड़ी ईडी के अनुसार, भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। फिलहाल आरोपियों के ठिकानों के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं और किसी भी व्यक्ति को घर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ईडी की टीमें डिजिटल सबूतों, बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला? जांच में सामने आया है कि हरमीत सिंह खनूजा इस घोटाले के मुख्य आरोपी और जमीन दलाल हैं। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज, नकली बंटवारे और म्यूटेशन के जरिए भूमि मुआवजा हासिल किया और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई। ईडी की जांच में उनके ससुर हरमीत सिंह चावला के पास भी घोटाले से जुड़े अहम लेनदेन और जानकारियां मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सरकारी अधिकारी भी जांच के घेरे में ईडी के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि के निर्धारण और भुगतान में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस मामले में निजी व्यक्तियों के साथ-साथ कुछ सरकारी अधिकारी और जमीन मालिक भी जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर जमीन को टुकड़ों में बांटा गया और मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया। बताया जा रहा है कि भारत माला प्रोजेक्ट में करीब 43 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ रुपये के भुगतान का दावा किया गया। इस केस में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। अभनपुर क्षेत्र में 9.38 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 324 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था, जिसमें से 246 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि 78 करोड़ रुपये का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। 👉 भारत माला प्रोजेक्ट घोटाले समेत छत्तीसगढ़ की हर बड़ी और ताज़ा खबर के लिए पढ़ते रहें: deshharpal.com
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गुना में प्रेम प्रसंग का दुखद अंत: नाबालिग लड़की की मौत, प्रेमी का शव कॉलोनी में मिला

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। रविवार रात इलाज के दौरान एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही उसके प्रेमी के अस्पताल से लापता होने की खबर आई, जबकि सोमवार सुबह उसका शव कॉलोनी में मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, रशीद कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय गणेश रजक और उसकी 16 वर्षीय पड़ोसी के बीच करीब एक साल से प्रेम संबंध था। रविवार शाम जब लड़की की मां और भाई घर पहुंचे, तो उसकी तबीयत बिगड़ी हुई थी। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के बाद वह सो गई, लेकिन रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान गणेश भी अस्पताल पहुंचा था। जैसे ही उसे लड़की की मौत की सूचना मिली, वह वहां से चला गया। सोमवार सुबह उसका शव रशीद कॉलोनी में मिला, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लड़की के परिजनों का आरोप है कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था और उसी दौरान गणेश वहां आया था। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों एक ही समाज से थे और बालिग होने पर शादी कराने की बात चल रही थी। वहीं, गणेश के भाई जयपाल का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। 👉 इस तरह की और ताज़ा व भरोसेमंद खबरों के लिए विज़िट करें: deshharpal.com
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बिलासपुर: ध्वनि प्रदूषण, रास्ता बंद और कचरा जलाने पर हाईकोर्ट सख्त, अफसरों से शपथपत्र तलब

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ध्वनि प्रदूषण, रास्ता बंद करने और खुले में कचरा जलाने जैसी नागरिक समस्याओं पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण वातावरण में जीने और सोने का मौलिक अधिकार देता है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। प्रकाशित खबरों पर HC का संज्ञान मीडिया रिपोर्ट्स में शहर और जिले से जुड़ी जनसमस्याएं सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने तीन मामलों को जनहित याचिका मानते हुए सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने माना कि इन समस्याओं से आम नागरिकों के मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। गर्डर लगाकर रास्ता बंद, स्कूली बच्चों को परेशानी सरकंडा क्षेत्र के शर्मा विहार और गीतांजलि सिटी कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़क पर बिल्डर द्वारा गर्डर लगाकर रास्ता बंद करने का मामला सामने आया। इससे चारपहिया वाहनों की आवाजाही रुक गई और स्कूली बच्चों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।हाईकोर्ट ने इसे गंभीर विषय बताते हुए नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं। धार्मिक आयोजनों के नाम पर देर रात तक लाउडस्पीकर सरकंडा के ओम विहार इलाके में देर रात से सुबह तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने से लोग परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद राहत न मिलने पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अनुच्छेद 21 नागरिकों को शांत वातावरण में रहने और सोने का अधिकार देता है। इस मामले में कलेक्टर से शपथपत्र मांगा गया है। खुले में कचरा जलाने से बढ़ रहा प्रदूषण वार्ड नंबर 7, कालिका नगर में रोजाना कचरा जलाने से फैलने वाले धुएं से बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि समय पर कचरा न उठने के कारण यह स्थिति बन रही है। इस पर भी हाईकोर्ट ने कलेक्टर और निगम आयुक्त से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि नागरिक सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। 👉 ऐसी ही छत्तीसगढ़ और देशभर की ताज़ा, भरोसेमंद खबरों के लिए पढ़ते रहें — deshharpal.com
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इंदौर: सरवटे बस स्टैंड के होटल में ठहरे युवक-युवती को लेकर हंगामा, युवक पर लव जिहाद का आरोप

इंदौर के सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरे जयपुर निवासी युवक को मंगलवार को हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। युवक के साथ एक हिंदू युवती भी होटल में ठहरी हुई थी। कार्यकर्ताओं ने युवक पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। मामले में छोटी ग्वालटोली पुलिस ने युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है। छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी संजू कामले के अनुसार, सरवटे बस स्टैंड स्थित जैन होटल के कमरे नंबर 101 में जयपुर निवासी याकीन खान और एक युवती ठहरे हुए थे। सूचना मिलने पर हिंदू जागरण मंच के प्रशांत वर्मा, संतोष जाधव सहित अन्य कार्यकर्ता होटल पहुंचे। पूछताछ के बाद युवक को थाने लाया गया। पुलिस का कहना है कि युवक ने होटल में सही पहचान पत्र जमा किया था। कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं ने होटल पहुंचकर कमरे का दरवाजा खुलवाया और पूछताछ के दौरान युवक के साथ मारपीट भी की। इसके बाद युवक और युवती को थाने ले जाया गया। पुलिस कर रही जांच पुलिस के मुताबिक, युवती महाराष्ट्र की रहने वाली बताई जा रही है, जिसे युवक अपने साथ इंदौर लाया था। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और युवक की जयपुर से पृष्ठभूमि संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर युवक के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया गया है। वहीं, युवती की ओर से अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। महाराष्ट्र में हुई थी पहचान जानकारी के अनुसार, याकीन खान मजदूरी करता है और काम की तलाश में महाराष्ट्र के धूलिया गया था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई, जो बाद में दोस्ती में बदल गई। इसके बाद युवती उसके साथ इंदौर आ गई। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसी ही इंदौर और मध्यप्रदेश की ताज़ा व विश्वसनीय खबरों के लिए पढ़ते रहें — deshharpal.com
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इंदौर से लापता महिला और 6 साल के बेटे का शव नर्मदा में मिला, मोरटक्का में 5वें दिन खत्म हुई तलाश

इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की कृष्णबाग कॉलोनी से लापता महिला और उसके 6 साल के बेटे का शव बरामद हो गया है। पुलिस सर्चिंग के दौरान खंडवा जिले के मोरटक्का क्षेत्र में नर्मदा नदी से दोनों शव मिले। यह मामला पिछले कई दिनों से चर्चा में था, जिसमें महिला अपने चार बच्चों के साथ घर से निकली थी। पुलिस के मुताबिक, 11 दिसंबर को कृष्णबाग निवासी प्रियंका पति सुंदरलाल चौरसिया (40) अपने बच्चों आर्यन (6), हिमांशी (2.5), प्रियांश (5) और चीकू (6 माह) के साथ बिना बताए घर से निकली थी। इसके बाद से सभी की तलाश की जा रही थी। पहले दो बच्चे सुरक्षित मिले, फिर मिले शव रविवार को मोरटक्का ब्रिज के पास से आर्यन और हिमांशी को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर परिवार को सौंप दिया था। सोमवार को 6 माह के मासूम चीकू का शव नर्मदा नदी से मिला। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि निर्माणाधीन नेशनल हाईवे ओवरब्रिज के पास एक महिला और बच्चे का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहचान प्रियंका और आर्यन के रूप में की। परिजन भी इंदौर से मोरटक्का पहुंच गए। दो किलोमीटर के दायरे में मिले शव मोरटक्का चौकी प्रभारी लखनलाल डाबर ने बताया कि अलग-अलग दिनों में मिले शवों के स्थानों के बीच करीब दो किलोमीटर की दूरी है। सभी मामलों में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया है और जांच जारी है। सीसीटीवी और बच्चों के बयान से अहम सुराग पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में प्रियंका चारों बच्चों के साथ जाती हुई दिखाई दी थी। सुरक्षित मिले दोनों बच्चों ने बताया कि मां उन्हें वहीं रुकने को कहकर छोटे बच्चों को साथ ले गई थी। इससे पुलिस को जांच में अहम सुराग मिले हैं। पति का बयान पुलिस पूछताछ में पति सुंदरलाल, जो फल का ठेला लगाते हैं, ने बताया कि पत्नी से किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था और वह कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। प्रियंका को बच्चों के साथ मोरटक्का के एक होटल में खाना खाते हुए भी देखा गया था। फिलहाल मोरटक्का पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 👉 ऐसी ही मध्यप्रदेश की ताज़ा, विश्वसनीय और अपडेटेड खबरों के लिए पढ़ते रहें — deshharpal.com
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जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: जंगल में दबी अवैध शराब फैक्ट्री ध्वस्त, 50 हजार लीटर से ज्यादा लाहन नष्ट

जबलपुर पुलिस ने मंगलवार को अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 हजार लीटर से अधिक लाहन और सैकड़ों लीटर कच्ची शराब जब्त कर नष्ट की। यह अवैध शराब खेरमाई मंदिर के पीछे जंगल क्षेत्र में नाले के किनारे जमीन के भीतर गाड़े गए ड्रमों और टंकियों में तैयार की जा रही थी। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद रांझी और खमरिया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने 50 से अधिक ड्रम बरामद किए, जिनमें शराब तैयार की जा रही थी। सभी ड्रम और सामग्री को वहीं नष्ट कर दिया गया। सीएसपी सतीश साहू को जानकारी मिली थी कि खेरमाई मंदिर के पीछे लगभग 50 एकड़ से अधिक जंगल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का निर्माण चल रहा है। यह शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक थी और इसके सेवन से लोगों की जान को भी खतरा हो सकता था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही सीएसपी सतीश साहू के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई। मंगलवार दोपहर करीब 50 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान जमीन के भीतर लोहे के ड्रम और प्लास्टिक की सिंटेक्स टंकियां दबी हुई मिलीं। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर शराब बनाई जा रही थी, उसके पास से गंदे नाले का पानी बह रहा था। आशंका है कि इसी दूषित पानी का इस्तेमाल शराब बनाने में किया जा रहा था। जब्त लाहन और कच्ची शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है, जबकि नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। महुआ-गुड़ से बनती थी खतरनाक शराब जानकारी के अनुसार, महुआ और गुड़ को मिलाकर यह कच्ची शराब तैयार की जाती थी। कुछ दिनों तक सड़ने के बाद इससे शराब बनती थी, जिसे रांझी के बापू नगर क्षेत्र में 50 से 100 रुपये प्रति पैग के हिसाब से बेचा जा रहा था। पुलिस का कहना है कि यह शराब मानव जीवन के लिए अत्यंत घातक साबित हो सकती थी। फिलहाल, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री में शामिल आरोपियों की तलाश जारी है। 👉 ऐसी ही ताज़ा, भरोसेमंद और ग्राउंड रिपोर्ट्स के लिए पढ़ते रहें — deshharpal.com
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Bilaspur Dhan Khareedi Scam: नियमों के खिलाफ वसूली, बिचौलियों का धान खपाने का आरोप, 3 लाख का अवैध धान जब्त

बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों पर किसानों से नियमों के विपरीत वसूली और मनमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि व्यापारी और बिचौलियों का धान खरीदी केंद्रों में खपाया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद किसान टोकन मिलने के बाद भी धान बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राइस मिल और किराना दुकान से करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया है। समर्थन मूल्य की व्यवस्था पर सवाल राज्य सरकार ने किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के लिए धान खरीदी की व्यवस्था की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अफसरों और खरीदी केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप है। किसानों का कहना है कि उनका धान पीछे किया जा रहा है, जबकि बिचौलियों का धान आसानी से खरीदा जा रहा है। प्रति बोरी 1 किलो तक ज्यादा धान लेने का आरोप शासन के नियमों के अनुसार एक बोरी में 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना चाहिए, लेकिन कई केंद्रों पर किसानों से 41 किलो 500 ग्राम से 41 किलो 700 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। यानी प्रति बोरी करीब 1 किलो अतिरिक्त। किसानों ने इसकी शिकायतें भी कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। टोकन के बाद भी नहीं हो रही तौल किसानों का कहना है कि टोकन कटवाने के बाद भी उनकी तौल नहीं हो रही। शुक्रवार को पहुंचे किसानों की तौल नहीं हुई और शनिवार-रविवार केंद्र बंद रहने के कारण उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। किसानों को डर है कि सोमवार को भी नंबर आएगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं। प्रशासन की कार्रवाई, 3 लाख का धान जब्त जिला प्रशासन का दावा है कि अवैध धान भंडारण पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन केस दर्ज किया गया। यह कार्रवाई बेलगहना नायब तहसीलदार समर्थ थवाईत, कोटा मंडी उप निरीक्षक सीजी गोस्वामी और नीतिश नायक की टीम ने की। कुल मिलाकर करीब 3 लाख रुपए का धान जब्त किया गया और मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। 👉 इस मुद्दे से जुड़ी हर अपडेट, ग्राउंड रिपोर्ट और ब्रेकिंग न्यूज के लिए Deshharpal साइट विज़िट करें deshharpal.com
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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