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भोपाल के गौतम नगर में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों का नया वीडियो वायरल, पुलिस को खुलेआम दी चुनौती

भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार देर रात वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों ने अब सोशल मीडिया पर नया वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। साथियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इस वीडियो में आरोपी कहते दिख रहे हैं—“पहली बार जेल नहीं जा रहे… और हमें जेल जाने से कोई डर नहीं लगता। जिन लोगों ने हमारी मुखबिरी की है, उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” एक आरोपी तो हाथ में चाकू दिखाकर यह तक कहता है—“मुखबिरों को इसी चाकू से काटेंगे।” वीडियो में बदमाश यह भी दावा कर रहे हैं कि अगर पुलिस उन्हें पकड़ेगी, तो वे खुलासे करेंगे कि किसके कहने पर वारदात की गई। अड़ीबाजी के विवाद से शुरू हुआ मामला फरियादी चंदन इंदौरिया के अनुसार, घटना के कुछ घंटे पहले वह सीहोर से लौटे थे और अपनी कार घर के सामने पार्क की थी। तभी ‘लड्डू’ नाम का आरोपी और उसके साथी वहां पहुंचे और कार देखकर गालियां देने लगे।जब चंदन ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। डर के मारे चंदन घर में छिप गए। इसके बाद बदमाशों ने गली में खड़ी अन्य गाड़ियों के कांच भी तोड़ दिए और मौके से फरार हो गए। सोशल मीडिया पर धमकी भरा लाइव वीडियो घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बावजूद कुछ बदमाश सोशल मीडिया पर लाइव आए और पुलिस को चुनौती देते दिखे।वीडियो में एक युवक हाथ में चाकू लहराते हुए कह रहा है—“हमें पुलिस पकड़कर दिखाए… तब बताएंगे किसने तोड़फोड़ करवाई।” पुलिस का कहना है कि वीडियो तकनीकी जांच में लिया गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। चार आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी पुलिस ने अब तक चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी पूर्व से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी—नाम और अपराध रिकॉर्ड पुलिस फरार बदमाशों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई है। 👉 More Information ke liye visit karein: deshharpal.com
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गुना में पेंशनरों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, सिर्फ 70 रुपए में पूरी होगी प्रक्रिया

गुना के सरकारी पेंशनरों के लिए एक खुशखबरी है। अब उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए न तो कोषागार जाना पड़ेगा, न बैंक और न ही किसी विभाग के चक्कर लगाने होंगे।अब यह सुविधा आपके घर पर ही उपलब्ध है—वो भी सिर्फ ₹70 में। पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। तैयार होते ही यह प्रमाणपत्र सीधा संबंधित विभाग तक ऑनलाइन भेज दिया जाएगा, जिससे पेंशन में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी। यह जानकारी गुना डाक संभाग के अधीक्षक ओ.पी. चतुर्वेदी ने दी। डिजिटल इंडिया को मजबूत करने वाली पहल अधीक्षक ने बताया कि यह सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डिजिटल इंडिया विजन का बड़ा हिस्सा है।सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात और संविधान दिवस संबोधन में भी बताया था कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बना रही हैं। 10 मिनट में जीवन प्रमाणपत्र जारी – गुना में अनोखी पहल इसी पहल के तहत गुना डाक संभाग की टीम ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के घर जाकर सिर्फ 10 मिनट में उनका जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर दिया। डाक विभाग की टीमें बीमार और वृद्ध पेंशनरों के घर-घर जाकर यह सेवा दे रही हैं, ताकि किसी बुजुर्ग को परेशान न होना पड़े। डाक विभाग: अब सिर्फ डाक नहीं, डिजिटल सेवाएँ भी आपके द्वार पर डाक विभाग लगातार नागरिक-केंद्रित सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा दी जा रही है। अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनरों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह पाएं सुविधा – पेंशनर बस ये दस्तावेज दें पेंशनर अपने क्षेत्र के पोस्टमैन या निकटतम डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ यह जानकारी देनी होगी: प्रमाणपत्र बनते ही पेंशनर के मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा।अगले दिन वे इसे jeevanpramaan-gov-in पर लॉगिन करके ऑनलाइन देख भी सकते हैं और चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं। For More Info:www.deshharpal.com
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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भोपाल पहुंचे, इस्तीफे के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आज

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। वे यहां करीब साढ़े चार घंटे तक राजभवन में रुकेंगे और फिर शाम 4:15 बजे रवीन्द्र भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल होंगे। यह उनके लिए खास मौका है, क्योंकि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिए गए इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन होगा। कार्यक्रम के बाद वे रात करीब 8 बजे दिल्ली लौट जाएंगे। मनमोहन वैद्य की नई किताब का विमोचन रवीन्द्र भवन में RSS के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य की नई पुस्तक “हम और यह विश्व” का विमोचन किया जाएगा।इस कार्यक्रम में: धनखड़ इस मौके पर मंच से संबोधित भी करेंगे। इस्तीफे के बाद से नहीं दिया था कोई सार्वजनिक बयान 21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।वे केवल 12 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे, लेकिन उन्होंने वहां भी कोई भाषण नहीं दिया था। ठीक चार महीने बाद मंच पर वापसी धनखड़ की यह चार महीने बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति और संबोधन होगा।21 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद, 21 नवंबर को वे पहली बार किसी बड़े मंच से जनता और मीडिया के सामने आएंगे। For More Info:www.deshharpal.com
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बिलासपुर: धान खरीदी तेज, लक्ष्य से अधिक आवक की संभावना; कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ शुरू

बिलासपुर जिले में इस बार धान खरीदी में तेजी देखने को मिल रही है। किसानों द्वारा लगातार धान लाए जाने से अनुमान है कि लक्ष्य से अधिक धान खरीदी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने कस्टम मिलिंग की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राइस मिलर्स की बैठक ली और जरूरी दिशा–निर्देश दिए। कलेक्टर ने पात्र राइस मिलर्स को निर्देश दिया कि वे अगले तीन दिनों के अंदर कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराएं। जिले में कुल 170 राइस मिलें हैं, जिनमें से 121 मिलें कस्टम मिलिंग के लिए पात्र हैं। राज्य शासन के अनुसार वही मिलें पंजीयन करा सकती हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष की 70% या उससे अधिक चावल जमा कर दिया है। पिछले साल का बकाया चावल जल्द जमा करने के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष का करीब 13 हजार मीट्रिक टन बकाया चावल इस महीने के अंत तक जमा किया जाए।इसके अलावा एफसीआई से मिले स्टेक को भी 15 दिनों के भीतर पूरा करने की बात कही गई। खरीदी केंद्रों में धान जमा, मिलर्स को जल्द उठाव करने के निर्देश कलेक्टर ने बताया कि जिले में धान खरीदी शुरू हो चुकी है और फड़ों में धान तेजी से जमा हो रहा है। इसलिए मिलर्स को निर्देश दिए गए कि वे इस धान को जल्द से जल्द उठाकर कस्टम मिलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाएं। उन्होंने राइस मिलर्स को धान खरीदी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। समस्याओं के समाधान का आश्वासन कलेक्टर ने मिलर्स से कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार समय सीमा में अपना काम पूरा करें। बैठक में मिलर्स की समस्याएँ भी सुनी गईं और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।इस बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल सहित कई राइस मिलर्स उपस्थित रहे। More updates and latest agriculture news on:www.deshharpal.com
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इछावर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दो लोगों की मौके पर मौत

सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में बुधवार को एक भयावह सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इछावर थाना क्षेत्र के गुराड़ी गांव के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, सरकारी शिक्षक हनुमत सिंह ऊईके और उनके साथी ज्ञान सिंह बाइक से धाईखेड़ा की ओर जा रहे थे। तभी गुराड़ी की दिशा से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने लापरवाही से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद इछावर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही स्पीड ब्रेकर। लोगों ने मांग की है कि आगे ऐसे हादसे न हों, इसलिए जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। More updates and latest news on:www.deshharpal.com
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ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ फूटा आक्रोश, महिलाओं ने किया चक्काजाम

जननायक टंट्या मामा की जन्मभूमि ग्राम बड़ौदा अहीर में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिर टूट गया। बुधवार सुबह 10 बजे पंधाना–कालंका मुख्य मार्ग पर महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया और गांव में पूरी तरह शराबबंदी की मांग उठाई।महिलाओं का कहना था कि गांव में अवैध शराब खुलेआम बिक रही है और प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम रहा है। चक्काजाम के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में 10 से ज्यादा जगहों पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है, जिससे युवाओं और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शिवराज मामा ने गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन आज भी हालात नहीं सुधरे। शराबखोरी बढ़ने के कारण कई महिलाएं मायके जाने को मजबूर हैं। पहले भी दी शिकायतें, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा।महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से नहीं लेते तो अगला आंदोलन और बड़ा होगा। पुलिस की कार्रवाई शुरू, एक आरोपी पर केस दर्ज चक्काजाम की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा मौके पर पहुंचे। महिलाओं की शिकायत पर मुकेश पिता दरियाव सिंह (42) निवासी बड़ौदा अहीर के खिलाफ धारा 34(1) के तहत केस दर्ज किया गया और अवैध शराब जब्त की गई। थाना प्रभारी टीम के साथ गांव के कई स्थानों पर पहुंचे, जहां अवैध शराब बिक्री की जानकारी मिली थी। पुलिस ने जांच की और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। More updates and latest local news only on:www.deshharpal.com
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भोपाल मिसरोद: मैजिक स्पॉट कैफे पर नकाबपोशों का हमला, दो मिनट में की जबरदस्त तोड़फोड़

भोपाल के मिसरोद इलाके में मंगलवार देर रात एक डराने वाली घटना हुई। मैजिक स्पॉट कैफे में अचानक 20 से ज्यादा नकाबपोश बदमाश घुस आए और तलवार-डंडों से जबरदस्त तोड़फोड़ कर दी। उस समय कैफे में एक युवक और युवती मौजूद थे, जो हमलावरों को देखकर घबराकर बाहर की ओर भाग निकले। सीसीटीवी फुटेज वायरल, पुलिस रंजिश की आशंका में जांच में जुटी घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह ने बताया कि पूरी वारदात दो मिनट से भी कम समय में हो गई। बदमाश सीधे कैफे के अंदर घुसे, हमला किया और तुरंत फरार हो गए।प्राथमिक जांच में साफ है कि उनकी नीयत लूट की नहीं थी, इसलिए पुलिस इस मामले को पुरानी रंजिश या विवाद से जोड़कर देख रही है। कैफे संचालक सक्षम गिरि ने किसी खास दुश्मनी से इनकार किया है, लेकिन एफआईआर में उन्होंने 2-3 संदिग्धों के नाम दर्ज कराए हैं। दो संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी पुलिस ने एफआईआर में दर्ज नामों में से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी तक घटना की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा था या कोई और विवाद सामने आएगा। तीन थानों की टीमें मिलकर कर रहीं जांच हमले की गंभीरता को देखते हुए मिसरोद, बागसेवनिया और कटारा हिल्स थाना क्षेत्रों की पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है। टीमें सीसीटीवी फुटेज, रूट मैप और संभावित विवादों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है, लेकिन पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं जिन पर काम किया जा रहा है। कैफे संचालक ने योगी, निखिल, अभिषेक समेत पांच नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। More updates and full story on:www.deshharpal.com
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जबलपुर में बड़ा घोड़ा कांड: 57 में से 19 घोड़ों की मौत, 14 घोड़े गायब — हाईकोर्ट में मामला पेंडिंग, कलेक्टर ने जांच और FIR के संकेत दिए

हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 घोड़ों के मामले में नया खुलासा सामने आया है। इनमें से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 घोड़े रहस्यमयी तरीके से गायब हैं। पशुपालन विभाग की गिनती में गुरुवार को यह बड़ा अंतर सामने आया। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी पेंडिंग है। कैसे शुरू हुआ मामला? मई 2025 में रायपुर निवासी सचिन तिवारी 57 घोड़ों को ट्रकों से हैदराबाद से जबलपुर लेकर आए। इन्हें पनागर के रैपुरा स्थित फॉर्म हाउस में रखा गया।धीरे-धीरे 19 घोड़ों की मौत हो गई। उस समय कलेक्टर रहे दीपक सक्सेना ने जांच करवाई, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि इतने घोड़े क्यों लाए गए और किस उद्देश्य से रखे गए। 14 घोड़े कहां गए? विभाग भी परेशान पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रफुल्ल मून ने बताया कि: डॉ. मून के अनुसार, सचिन तिवारी घोड़ों को किसी दूसरे स्थान पर ले गया है, लेकिन वह इसकी जानकारी देने से बच रहा है। कलेक्टर ने कहा — “FIR भी होगी” कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।उन्होंने कहा: घातक बीमारी ने भी बढ़ाया संकट सूत्रों के अनुसार, एक घोड़े में गैलेंडर नामक घातक बीमारी की पुष्टि हुई थी।यह बीमारी: उच्च नस्ल के, लाखों रुपये कीमत वाले घोड़े लाए गए घोड़ों में शामिल थे: कुल: 41 फीमेल और 16 मेल घोड़ेये नस्लें रेस में उपयोग होती हैं और इनकी कीमत लाखों तक होती है। PETA का गंभीर आरोप — मामला ऑनलाइन सट्टे से जुड़ा PETA की कार्यकर्ता सिमरन ईशर ने बड़ा दावा किया है: फिलीपींस सरकार के अलर्ट के बाद तेलंगाना सरकार ने यह रेस बंद करवा दी।गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेश पलादुगू ने 154 घोड़ों को देशभर में इधर-उधर भेज दिया, जिनमें से 57 घोड़े जबलपुर पहुंचे। यह मामला लगातार गहराता जा रहा है और अब प्रशासन, हाईकोर्ट और पशुपालन विभाग तीनों की नजरें इस पर हैं। आने वाले दिनों में घोड़ों के गायब होने की सच्चाई सामने आ सकती है। For more info visit: www.deshharpal.com
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भोपाल मेट्रो की बड़ी खबर: CMRS टीम ट्रैक पर उतरी, 4 बजे तक चलेगा निरीक्षण — नवंबर में शुरू हो सकता है कॉमर्शियल रन

भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया। पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया। दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके। CMRS क्या करता है? किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है: अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है। अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है। सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें। पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ। 2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था। अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है। For more info visit: deshharpal.com भोपाल मेट्रो को शुरू करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ गया है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम अब सीधे मेट्रो ट्रैक पर निरीक्षण कर रही है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से टीम का निरीक्षण शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान टीम खुद मेट्रो में सफर कर सारे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। तीन दिन के भोपाल दौरे पर CMRS टीम नई दिल्ली से आई टीम ने गुरुवार को डिपो, एम्स स्टेशन तक के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा उपायों की जांच की। आरकेएमपी स्टेशन पर रेल ट्रैक की ढाल और पानी निकासी की जांच के लिए ट्रैक पर पानी छोड़ा गया। पहले दिन टीम लगभग 8 घंटे मेट्रो प्रोजेक्ट की हर डिटेल जांचती रही। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा गया। दूसरे दिन भी भारी निरीक्षण, मेट्रो में सफर कर होगी जांच शुक्रवार को फिर सुबह 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ। टीम मेट्रो में बैठकर ट्रैक पर जा रही है ताकि मेट्रो के अंदर से ही हर तकनीकी बिंदु की सटीक जांच की जा सके। CMRS क्या करता है? किसी भी मेट्रो को यात्रियों के लिए शुरू करने से पहले अंतिम सुरक्षा स्वीकृति CMRS ही देता है।टीम इन बिंदुओं पर जांच कर रही है: अगर कोई कमी मिलती है तो उसे ठीक किए बिना मेट्रो को चलाने की अनुमति नहीं मिलती। पिछले दौरे में जो खामियां मिली थीं, उन्हें अब तक ठीक किया जा चुका है। इसलिए इस बार टीम से “ओके रिपोर्ट” मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पहली बार भोपाल पहुंचे मेट्रो कमिश्नर नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल आए हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए कॉमर्शियल रन में रुकावट की संभावना कम मानी जा रही है। अक्टूबर में नहीं मिली अनुमति, अब नवंबर में दौड़ने की उम्मीद सरकार ने पहले अक्टूबर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार चुनाव की वजह से निरीक्षण में देरी हुई।अब माना जा रहा है कि नवंबर में भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए ट्रैक पर दौड़ सकती है। सीएमआरएस की रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, और मंजूरी मिलते ही कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट घोषित होगी।संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनें। पहले ही मिल चुकी है RDSO की ओके रिपोर्ट रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) पहले ही मेट्रो की टेस्टिंग कर अपनी ओके रिपोर्ट दे चुका है। वहीं से दस्तावेज CMRS को भेजे गए, जिसके बाद निरीक्षण तय हुआ। 2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2023 को पहला ट्रायल हुआ था, जब तब के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेट्रो में सफर किया था। अब CMRS की रिपोर्ट का इंतजार है — और उसके बाद भोपाल मेट्रो आम लोगों के लिए कभी भी शुरू हो सकती है। For more info visit: www.deshharpal.com
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इंदौर में चूहों का कहर: एमवाय अस्पताल के बाद अब शास्त्री ब्रिज और गांधी प्रतिमा के नीचे हजारों बिल, निगम ने शुरू की कार्रवाई

इंदौर में चूहों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सितंबर में एमवाय अस्पताल में दो मासूमों की उंगलियां चूहों ने कुतर दी थीं, और अब शहर के शास्त्री ब्रिज व रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे चूहों के बिलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शास्त्री ब्रिज की सड़क चूहों के कारण धंसी 2 नवंबर को शास्त्री मार्केट की तरफ जाने वाले शास्त्री ब्रिज की सड़क अचानक धंस गई, जिससे लगभग 5 फीट गहरा और 6 फीट लंबा गड्ढा बन गया था।जांच में पाया गया कि सड़क के नीचे चूहों के बिल होने से मिट्टी कमजोर हो गई थी। निगम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रोड बंद कराई और ट्रैफिक डायवर्ट किया। नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि गड्ढे के अंदर अब चूहों के लिए ट्रीटमेंट कराया जाएगा, ताकि वे दोबारा वहां बिल न बना सकें।उन्होंने कहा, “गड्ढे के अंदर दीवार बनाकर उसे प्लास्टर किया जा रहा है। ट्रीटमेंट के बाद ब्लॉक लगाकर सड़क को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा।” गांधी प्रतिमा परिसर में भी हजारों चूहे मिले इसी बीच, रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में भी चूहों की भरमार देखने को मिली है।राठौर ने बताया कि प्रतिमा के नीचे और आसपास हजारों चूहों के बिल बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमें कई शिकायतें मिली थीं कि यहां पक्षियों को दाना डालने से चूहों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हमने स्थल का निरीक्षण किया है और विशेषज्ञों की टीम से परीक्षण कराया जाएगा।” बड़ा हादसा होने की आशंका राठौर ने चेतावनी दी कि अगर चूहों की समस्या को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।नगर निगम जल्द ही एक एक्शन प्लान तैयार कर इन दोनों स्थलों पर स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगा। 👉 ऐसी ही स्थानीय और सटीक खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com
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चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला खेलेगी। मैच रायपुर में शाम 7 बजे से शुरू होगा। महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे की टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। रायपुर में भी पहली बार महिला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेला जाएगा। स्मृति मंधाना के नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। जिम्बाब्वे की टीम इस साल एक भी टी-20 नहीं जीती जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए इस साल टी-20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने 2026 में अब तक 18 मुकाबले खेले हैं और सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे की पिछली टी-20 इंटरनेशनल जीत सितंबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ आई थी। दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम लगातार आठ टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले जीत चुकी है। टीम ने हाल ही में एशिया कप का खिताब जीता था और एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। ऐसे में भारतीय टीम का पलड़ा मजबूत माना जा रहा है। उपकप्तान शेफाली वर्मा पर रहेंगी नजरें भारतीय टीम की उपकप्तान शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने इस साल 24 टी-20 मैचों में 162.83 के स्ट्राइक रेट से 863 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन रहा। शेफाली से उम्मीद होगी कि वह टीम को तेज शुरुआत दिलाएं और बड़े स्कोर की नींव रखें। गेंदबाजी में श्री चरणी से उम्मीदें गेंदबाजी में श्री चरणी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस साल 23 मैचों में 47 विकेट लिए हैं और उनकी इकोनॉमी 5.67 रही है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वह इस साल टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि श्री चरणी अपनी गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर दबाव बनाएं। पहले मैच में भारत की नजर जीत पर भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह पहली महिला टी-20 इंटरनेशनल भिड़ंत होगी। घरेलू मैदान पर खेलने और लगातार जीत के रिकॉर्ड के कारण भारतीय टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने की कोशिश करेगी। तीन मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारत जहां जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं जिम्बाब्वे उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
Abhijeet Dipke

Abhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल था। पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। CJP ने इस मार्च के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी बात रखने और अपने नेताओं की हिरासत का विरोध करने की योजना बनाई थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध लागू किए थे। Latest Update: मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के संबंध में नोटिस दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी। पार्टी की योजना राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटकर अपनी मांगों को सामने रखने की थी। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी और CJP अपने प्रदर्शन की रणनीति में कोई बदलाव करेगी या नहीं। हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ मार्च पर विवाद क्यों? CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। पार्टी ने समर्थकों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। इस मार्च का उद्देश्य अपने नेताओं की हिरासत के खिलाफ आवाज उठाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इलाके में लागू प्रतिबंधों और संभावित भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। प्रशासन की चिंता थी कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। Delhi High Court में भी उठा था मार्च का मुद्दा CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था। अदालत के सामने कार्यक्रम से जुड़े प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल रखे गए थे। अदालती कार्यवाही में पुलिस की जिम्मेदारी, सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय लोगों की सुविधाओं जैसे मुद्दे सामने आए। अदालत की ओर से मार्च पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिए जाने और कार्यक्रम की स्पष्ट अनुमति मिलने के बीच अंतर समझना जरूरी है। ऐसे मामलों में किसी प्रदर्शन की वैधता और उसके आयोजन की शर्तें संबंधित आदेशों तथा प्रशासनिक प्रतिबंधों पर निर्भर करती हैं। Saurav Das और Ashutosh Ranka की हिरासत का मामला CJP के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला भी शामिल है। पार्टी ने अपने नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया था और उनके समर्थन में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की थी। CJP का कहना है कि वह अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहती है। वहीं, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लागू प्रतिबंधों का पालन कराने की बात कही गई है। इसी घटनाक्रम के बीच अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने से पार्टी के प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है CJP? CJP के विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। पार्टी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग की जानकारी और संबंधित मामलों के तथ्यों को देखना जरूरी है। CJP की मांग और प्रशासन की कार्रवाई के बीच यह विवाद अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी से भी जुड़ गया है। कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था सख्त प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए कदम उठाए। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इस फैसले से आम लोगों की आवाजाही और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल उठे। प्रशासन के सामने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती है, जबकि CJP अपने मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। ऐसे में आगे की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। Abhijeet Dipke की हिरासत के बाद अब क्या होगा? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद अब CJP के अगले कदम पर नजर रहेगी। पार्टी अपने नेताओं की हिरासत और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठा सकती है। फिलहाल, हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति और प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे का फैसला महत्वपूर्ण है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

विप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन मुनाफा 1.4% घटा; 2026 में अब तक 35% टूट चुका है शेयर

देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो ने 15 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर ₹24,752.7 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹22,697.3 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में विप्रो को ₹3,200.6 करोड़ का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹3,246.2 करोड़ था। यानी कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 1.4% घटा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की कुल कमाई बढ़ी है, लेकिन खर्चों और अन्य वित्तीय कारकों के कारण अंतिम मुनाफे में मामूली कमी आई है। विप्रो के तिमाही नतीजों पर एक नजर वित्तीय आंकड़ा जुलाई-सितंबर 2025 जुलाई-सितंबर 2026 रेवेन्यू ₹22,697.3 करोड़ ₹24,752.7 करोड़ मुनाफा ₹3,246.2 करोड़ ₹3,200.6 करोड़ रेवेन्यू में सालाना बदलाव — 9.1% की बढ़ोतरी मुनाफे में सालाना बदलाव — 1.4% की गिरावट शेयर बाजार में 1.83% की तेजी तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को विप्रो के शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1.83% बढ़कर ₹174.05 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक विप्रो के शेयर में करीब 34.9% की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह विप्रो के शेयर का प्रदर्शन प्रमुख बाजार सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप करीब ₹1.72 लाख करोड़ बताया गया है। वित्तीय नतीजों से जुड़े शब्दों का आसान मतलब Q2 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2026। Q1 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून 2026। Q2 FY26: वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2025। रेवेन्यू: कंपनी को अपनी सेवाओं और कारोबार से मिलने वाली कुल आय। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): खर्च, ब्याज और टैक्स सहित संबंधित मदों को घटाने के बाद बचने वाला मुनाफा। EBITDA: ब्याज, टैक्स और मूल्यह्रास-अमूर्तकरण जैसे खर्चों से पहले की कमाई का एक वित्तीय माप। EPS: प्रति शेयर कमाई। इससे पता चलता है कि कंपनी ने प्रत्येक शेयर के हिसाब से कितनी कमाई की। आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी? विप्रो के नतीजों में रेवेन्यू की बढ़ोतरी और मुनाफे में गिरावट दोनों महत्वपूर्ण संकेत हैं। निवेशक आगे कंपनी की लागत, नए प्रोजेक्ट्स, आईटी सेवाओं की मांग और भविष्य के कारोबार संबंधी अनुमानों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, केवल एक तिमाही के नतीजों या शेयर की हालिया गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक वित्तीय नतीजों और अन्य प्रासंगिक जानकारियों की समीक्षा करना जरूरी है।
Meerut

Meerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के चर्चित मामले में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले ने उस समय सबको चौंका दिया था, जब शुरुआत में अमित कश्यप की मौत को सर्पदंश माना जा रहा था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी कुछ और ही निकली। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की परतें खुलती चली गईं। अदालत के फैसले के बाद मेरठ का यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। Meerut Murder Case: क्या है पूरा मामला? यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव घर में बिस्तर पर मिला था। शुरुआती तौर पर मौत की वजह सांप का काटना मानी गई। हालांकि, मामले की जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद घटना की गहराई से जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा अमित की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत सर्पदंश से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जांच की। जांच में अमित की पत्नी रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। रविता और अमरदीप को Death Penalty अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पति की मौत को सांप के काटने की घटना दिखाने के आरोपों से शुरू हुई जांच हत्या के मामले तक पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य सबूत यह समझने में मदद करते हैं कि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। मेरठ में तीन दिन में चार दोषियों को फांसी की सजा की चर्चा मेरठ में हाल के दिनों में दो चर्चित हत्याकांडों में मृत्युदंड सुनाए जाने की वजह से भी चर्चा तेज हुई है। अमित कश्यप हत्याकांड के अलावा सौरभ राजपूत हत्याकांड भी सुर्खियों में रहा। सौरभ की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को भी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। दोनों मामलों की घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन इन फैसलों ने हत्या के मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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