Delhi Blast की जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी Terrorist Doctor Umar Shaheen ना सिर्फ ब्लास्ट की साजिश में शामिल था, बल्कि वह देश के 11 युवाओं को सुसाइड बॉम्बर बनाने की तैयारी भी कर रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमर ने इन युवाओं को लगातार 70 कट्टरपंथी वीडियो भेजे थे। इनमें से 12 वीडियो उसने खुद शूट किए थे, ताकि वह सीधे उन्हें अपनी विचारधारा में फंसा सके।
कैसे करता था ब्रेनवॉश?
- उमर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं से संपर्क करता था।
- पहले ‘धार्मिक कट्टरपंथ’ वाले वीडियो भेजता था, फिर धीरे-धीरे उन्हें ‘जिहाद’ की ओर मोड़ने की कोशिश करता था।
- एजेंसी को मिले सबूत बताते हैं कि उमर युवाओं को “शहादत” के नाम पर हथियार उठाने के लिए उकसा रहा था।
ब्लास्ट के बाद खुला पूरा नेटवर्क
दिल्ली में कार ब्लास्ट की घटना के बाद जब एजेंसियों ने छानबीन शुरू की तो उमर के कई डिजिटल चैट, वीडियो और संपर्क सामने आए।
डीएनए रिपोर्ट ने भी उसके ब्लास्ट साइट पर मौजूद होने की पुष्टि की है।
जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि जिन 11 युवाओं से उसका संपर्क था, वे किस हद तक प्रभावित हुए और क्या उनमें से कुछ ट्रेनिंग की ओर बढ़ चुके थे।
देश की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
जांच एजेंसियां मानती हैं कि यह नेटवर्क बड़ा खतरा बन सकता था। अगर समय रहते ये साजिश पकड़ी न जाती, तो देश में कई बड़े हमले हो सकते थे।
यह मामला साफ दिखाता है कि आतंकी संगठन अब डिजिटल गैंग बनाकर युवाओं को फंसा रहे हैं। परिवारों और समाज को सतर्क रहने की जरूरत है।
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