Thailand की प्रधानमंत्री Paetongtarn Shinawatra एक बड़ी Political Crisis से जूझ रही हैं। हाल ही में कंबोडिया के पूर्व पीएम Hun Sen के साथ हुई उनकी Leaked Call ने पूरे देश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस कॉल में उन्होंने थाई सेना के एक टॉप जनरल को “विरोधी” बताया, जिससे सेना, विपक्ष और सहयोगी दलों में भारी नाराज़गी फैल गई है।
Leaked Phone Call Controversy क्या है?
15 जून को प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न और कंबोडियन सीनेट प्रेसिडेंट हुन सेन के बीच सीमावर्ती तनाव पर बातचीत हुई थी। लेकिन 18 जून को उस बातचीत का 9 मिनट का हिस्सा लीक हो गया, जिसमें PM ने जनरल Boonsin Padklang को “opponent” बताया और हुन सेन को “uncle” कहकर संबोधित किया। इसने Thailand की राजनीतिक स्थिरता को हिला दिया।
Political Fallout: सहयोगी दल का समर्थन वापस
लीक कॉल के बाद सहयोगी Bhumjaithai Party (69 सीटें) ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया, जिससे संसद में PM की बहुमत वाली स्थिति खतरे में पड़ गई। विपक्ष ने मौके का फायदा उठाते हुए Prime Minister के इस्तीफे और Mid-Term Elections की मांग तेज कर दी है।
Damage Control में जुटीं Paetongtarn
19 जून को PM ने जनता से माफी मांगी और सफाई दी कि उनकी बातचीत का मकसद डिप्लोमैटिक समाधान निकालना था। 20 जून को उन्होंने Army Commander Boonsin से मुलाकात का शेड्यूल तय किया है ताकि रिश्तों को सुधारा जा सके।
Military Stand: सेना का Neutral लेकिन Strong Message
थाई सेना ने फिलहाल Neutral रहने का संकेत दिया है, लेकिन साथ ही National Sovereignty की रक्षा की बात कहकर सख्त रुख भी दिखाया है। अतीत में थाईलैंड में कई बार सेना ने सत्ता संभाली है और मौजूदा स्थिति को लेकर फिर से Coup Fears बढ़ गई हैं।
Economy और Foreign Pressure से बढ़ा संकट
इस राजनीतिक संकट के बीच Thailand की Economy भी दबाव में है। टूरिज्म में गिरावट, अमेरिकी टैरिफ और निवेशकों की अनिश्चितता ने हालात को और खराब कर दिया है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
