मई का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस वक्त पूरी दुनिया में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में चर्चा में है। यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नौतपा शुरू होने में अभी चार दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है।
सुबह के समय थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन दोपहर होते-होते सड़कें खाली नजर आने लगती हैं। बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
Banda में 48°C ने बढ़ाई चिंता
बांदा में लगातार बढ़ते तापमान ने प्रशासन और लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार इलाके में सूखी और तेज गर्म हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। कई जगहों पर लोग पेड़ों की छांव और पानी की तलाश करते दिखाई दिए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार गर्मी पिछले कई सालों से ज्यादा महसूस हो रही है। दिन में कुछ देर बाहर रहने पर ही शरीर में थकान और बेचैनी महसूस होने लगती है।
MP और Maharashtra में भी Heatwave का असर
सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर और नौगांव में तापमान 47°C के करीब पहुंच गया, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की सप्लाई पर भी दिखने लगा है। कई इलाकों में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।
नौतपा से पहले ही बदला मौसम का मिजाज
भारतीय पंचांग के अनुसार नौतपा वह समय माना जाता है जब सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तेज होती हैं और गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। आमतौर पर इस दौरान तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने पहले ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती गर्मी की वजह से Heatwave की स्थिति हर साल ज्यादा गंभीर होती जा रही है। इसका असर खेती, पानी और लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने जारी किया Alert
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में Heatwave जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस मौसम में खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि लू और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
