रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज के नाम पर अनियमितताएं सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के 19 अस्पतालों की जांच में 16 में गड़बड़ियां पाई गईं। इसके बाद विभाग ने इन सभी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया है। इनमें सबसे ज्यादा 8 अस्पताल रायपुर के हैं।
मरीजों की अनावश्यक भर्ती से लेकर फर्जी दस्तावेज तक के मामले
जांच में अस्पतालों में मरीजों की अनावश्यक भर्ती, इलाज के पैकेज की राशि बढ़ाने, अतिरिक्त पैसे वसूलने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा मरीजों को अस्पताल तक लाने के लिए एजेंटों का इस्तेमाल करने के मामले भी मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर 16 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
22 दिन की पड़ताल में सामने आया था कमीशन का खेल
डीबी स्टार की 22 दिनों तक चली पड़ताल में आयुष्मान योजना के नाम पर निजी अस्पतालों में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। रिपोर्टर्स ने मरीज लाने वाले एजेंट बनकर अस्पतालों से संपर्क किया था।
इस दौरान अस्पतालों से जुड़े लोगों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीज लाने के बदले इलाज की राशि का 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन देने की पेशकश की थी। डमी मरीजों को भर्ती करने से जुड़ी बातचीत भी कैमरे में रिकॉर्ड की गई थी।
खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कराई जांच
मामले की खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में 19 में से 16 अस्पतालों में अलग-अलग तरह की अनियमितताएं दर्ज की गईं।
वहीं, तीन अस्पतालों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली। इनमें बिलासपुर का मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी अस्पताल शामिल हैं।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने अनियमितताएं पाए जाने वाले 16 अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त कर दिया है।








































