बिलासपुर। शक्कर की जमाखोरी रोकने और बाजार में इसकी उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कारोबारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत कोई भी व्यापारी एक समय में 1000 क्विंटल से ज्यादा शक्कर का भंडारण नहीं कर सकेगा। वहीं, स्टॉक में रखी शक्कर को 15 दिन से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी।
केंद्र सरकार के संशोधित आदेश के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निगरानी के निर्देश दिए हैं। शक्कर के डीलर, ट्रेडर, थोक विक्रेता और मिलरों को सरकार के स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
व्यापारियों की बैठक लेकर नियमों की जानकारी देंगे कलेक्टर
खाद्य संचालनालय ने सभी कलेक्टरों को जिले के शक्कर व्यापारियों की बैठक बुलाकर नई स्टॉक सीमा और नियमों की जानकारी देने को कहा है। इसके साथ ही राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों को व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक शक्कर का भंडारण मिलने या स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं करने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले के 15 स्टॉकिस्टों पर रहेगी नजर
बिलासपुर जिले में शक्कर के 15 स्टॉकिस्ट पंजीकृत हैं। नई व्यवस्था के तहत इन सभी को निर्धारित सीमा के भीतर ही स्टॉक रखना होगा। साथ ही हर सप्ताह अपने भंडार की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
खाद्य विभाग के अधिकारी व्यापारियों के वास्तविक स्टॉक और पोर्टल पर दर्ज जानकारी का मिलान करेंगे। इससे शक्कर के भंडारण और उपलब्धता पर नजर रखी जा सकेगी।
नियम तोड़ने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
केंद्र सरकार के संशोधित आदेश के मुताबिक, कोई भी व्यापारी एक समय में 1000 क्विंटल से अधिक शक्कर नहीं रख सकेगा। इसके अलावा स्टॉक में मौजूद शक्कर को 15 दिन से ज्यादा रखने की अनुमति नहीं होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (EC Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य नियंत्रक बोले- व्यापारियों को जारी किए निर्देश
जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि जिले के सभी पंजीकृत स्टॉकिस्टों को अधिकतम 1000 क्विंटल शक्कर रखने और हर सप्ताह स्टॉक का हिसाब देने के निर्देशों का पालन करना होगा। खाद्य और राजस्व विभाग के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को संबंधित व्यापारियों के लिए अपने स्टॉक की अद्यतन जानकारी सरकारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इससे शक्कर के अवैध भंडारण पर रोक लगाने और बाजार में इसकी उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।








































