प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया दौरे में रक्षा, AI, क्वांटम कम्युनिकेशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और श्रम प्रवास सहित 14 महत्वपूर्ण समझौते हुए। जानिए भारत को क्या मिलेगा फायदा।
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्लोवाकिया यात्रा भारत की कूटनीतिक उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनकर उभरी है। इस दौरान जहां पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया, वहीं दोनों देशों ने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), शिक्षा, विज्ञान, स्वास्थ्य, पर्यटन और क्वांटम कम्युनिकेशन समेत 14 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों के साथ भारत और स्लोवाकिया के संबंध आधिकारिक रूप से “व्यापक साझेदारी” (Comprehensive Partnership) के स्तर तक पहुंच गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिला नया दर्जा
दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने पर सहमति जताई। इसके तहत व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मिली मजबूती
यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग पर एक Letter of Intent (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे रक्षा उद्योग, सैन्य सहयोग, तकनीकी साझेदारी और रक्षा निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।
साथ ही दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) स्थापित करने पर भी सहमति बनाई, जिससे आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग बढ़ेगा।
AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी में साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और स्लोवाकिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए “इंडिया चेयर ऑन AI” स्थापित करने संबंधी समझौता किया।
इसके अलावा क्वांटम कम्युनिकेशन और महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर भी एक अहम MoU पर हस्ताक्षर हुए, जो भविष्य की साइबर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा, विज्ञान और रिसर्च में बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों के प्रमुख शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच कई समझौते हुए हैं। इनमें:
- IIT दिल्ली और स्लोवाक तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच सहयोग
- इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी और स्लोवाक एकेडमी ऑफ साइंसेज के बीच वैज्ञानिक अनुसंधान समझौता
- छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी एक्सचेंज को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा सहयोग
शामिल हैं।
स्वास्थ्य, पर्यटन और संस्कृति को भी मिला बढ़ावा
स्वास्थ्य क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, पुणे और स्लोवाकिया के हेल्थ स्पा संस्थान के बीच MoU हुआ।
इसके अलावा:
- पर्यटन क्षेत्र में टूर ऑपरेटरों के बीच सहयोग
- फिल्मों और ऑडियो-विजुअल कंटेंट के संयुक्त निर्माण
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान
को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
भारतीय छात्रों और कामगारों को होगा फायद
दोनों देशों ने श्रम प्रवास (Labour Mobility) और कांसुलर वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई है। इससे स्लोवाकिया में काम कर रहे भारतीय कामगारों, छात्रों और प्रवासी भारतीयों को बेहतर सुविधाएं और सहायता मिल सकेगी।
सुरक्षित और कानूनी श्रम प्रवास के लिए हुए समझौते से रोजगार, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के नए अवसर भी खुलेंगे।
PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ता विश्वास, साझा प्राथमिकताएं और भविष्य के लिए समान दृष्टिकोण इस नई साझेदारी की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को जल्द अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया के समर्थन के लिए आभार जताया और कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप्स और व्यापारिक समुदाय को बड़ा लाभ मिलेगा।
देश हरपल विश्लेषण
स्लोवाकिया दौरे में हुए 14 समझौते केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत की यूरोप में बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का संकेत भी हैं। रक्षा, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और शिक्षा जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों में सहयोग भारत को तकनीकी और आर्थिक रूप से नई ताकत प्रदान कर सकता है।
(रिपोर्ट: देश हरपल डिजिटल डेस्क)

