RSS meeting 2025 : अखिल भारतीय स्तर पर संघ का मंथन, दिल्ली बना केंद्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 4 से 6 जुलाई तक केशव कुंज, दिल्ली में आयोजित हो रही है। इसमें मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठनात्मक कार्यों पर विचार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की All India Prant Pracharak Meeting 2025 का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली स्थित केशव कुंज में 04 से 06 जुलाई तक हो रहा है। तीन दिवसीय इस संगठनात्मक बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व समेत अखिल भारतीय स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए हैं।
बैठक में पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह और विभिन्न कार्य विभागों के प्रमुख उपस्थित हैं। इसके साथ ही संघ प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस चर्चा का हिस्सा हैं।
क्या होगी इस बैठक की खास बातें?
- यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली मीटिंग नहीं है, बल्कि कार्यों की प्रगति और अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से होती है।
- प्रांतों में संघ के कार्यों की समीक्षा और भविष्य की दिशा पर संवाद होता है।
- संघ के विभिन्न कार्य विभागों जैसे शिक्षा, सेवा, ग्राम विकास, सामाजिक समरसता, महिला जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण आदि क्षेत्रों के काम पर भी विस्तृत चर्चा की जाती है।
- इस बैठक में पूरे देश से जुड़े प्रचारकों के अनुभवों को साझा कर कार्य की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने पर फोकस रहता है।
कौन-कौन होते हैं शामिल?
बैठक में संगठनात्मक कार्यों से जुड़े वरिष्ठ प्रचारक, सभी प्रांत प्रचारक, सह-प्रांत प्रचारक, विभाग प्रचारक के साथ-साथ आरएसएस प्रेरित संगठनों जैसे –
विद्या भारती, सेवा भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय किसान संघ (BKS) आदि के संगठन मंत्री भी मौजूद रहते हैं।
क्या होता है ‘केशव कुंज’ का महत्व?
दिल्ली का केशव कुंज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐतिहासिक स्थान है, जिसे संघ के दिल्ली क्षेत्र का मुख्यालय माना जाता है। कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय और विचार मंथन यहीं होते रहे हैं।
कब-कब होती है यह बैठक?
अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक हर वर्ष जुलाई माह के शुरुआत में होती है। इसी तरह से संघ के अन्य वार्षिक कार्यक्रमों में मार्च-अप्रैल में ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ और अक्टूबर में कार्यकारी मंडल बैठक प्रमुख होती है।
संगठनात्मक चर्चा, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं
इस बैठक में केवल संगठन के कामकाज, सामाजिक कार्यों, प्रचारकों के अनुभवों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है। किसी प्रकार का राजनीतिक एजेंडा या चुनावी रणनीति तय नहीं होती।
निष्कर्ष: संगठन की मजबूती के लिए सतत संवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह बैठक कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन का बड़ा अवसर होती है। इसमें संगठन के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से मंथन कर समाज और राष्ट्र के हित में आगे की योजनाएं बनाई जाती हैं।
