भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) Ajit Doval की बैकडोर कूटनीति के बाद ही अमेरिका के साथ यह समझौता संभव हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, डोभाल ने साफ शब्दों में विदेश मंत्री से कहा था कि भारत किसी दबाव में नहीं झुकेगा और जरूरत पड़ी तो डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद से हटने तक इंतजार करेगा।
बताया जा रहा है कि उस समय अमेरिका की ओर से भारत पर ट्रेड डील को जल्द मंजूरी देने का दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी और मजबूती से अपनी शर्तों पर बातचीत जारी रखी।
सूत्रों का कहना है कि डोभाल की रणनीति यही थी कि बिना जल्दबाजी किए संतुलित और सम्मानजनक समझौता किया जाए, ताकि भारत के किसानों, उद्योगों और छोटे व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें।
इस बैकडोर बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की दिशा बदली और आखिरकार एक ऐसी ट्रेड डील पर सहमति बनी, जिसमें भारत की शर्तों को भी महत्व दिया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि भारत अब वैश्विक मंच पर किसी भी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने हितों के साथ मजबूती से खड़ा है।
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