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रीवा में तेज रफ्तार कार ने तीन जैन महिला धर्मगुरुओं को कुचला: एक की मौत, दो की हालत गंभीर

रीवा में बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे पैदल जा रही तीन जैन महिला धर्मगुरुओं को टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला धर्मगुरु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। सागर की रहने वाली थीं मृतक धर्मगुरु मृत महिला धर्मगुरु की पहचान श्रुति मति माता के रूप में हुई है। वे सागर की रहने वाली थीं और सतना से रीवा प्रवास पर आई थीं। हादसे में घायल उपसमिति माता तमिलनाडु की निवासी हैं, जबकि आरिका माता जबलपुर की रहने वाली बताई गई हैं। सड़क किनारे पैदल जा रही थीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों महिला धर्मगुरु सड़क किनारे पैदल जा रही थीं। तभी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर उनकी तरफ आ गई और जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दो धर्मगुरुओं की हालत गंभीर घायल महिला धर्मगुरुओं का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। लोगों में आक्रोश घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। मौके पर पहुंचे अधिकारी मामले की जानकारी मिलते ही बीएस जामोद, नरेंद्र सूर्यवंशी और गुरुकरण सिंह घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिया। हादसे के बाद पूरे जैन समाज में शोक और आक्रोश का माहौल है। 👉 रीवा और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: समर वेकेशन में होगी वर्चुअल सुनवाई, जजों से कार पूलिंग की अपील

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईंधन और संसाधनों की बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद हाईकोर्ट ने समर वेकेशन के दौरान वर्चुअल सुनवाई करने का फैसला लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई नए आदेश के मुताबिक, गर्मी की छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। इससे भीषण गर्मी में वकीलों और पक्षकारों को कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, जो वकील किसी कारण से ऑनलाइन नहीं जुड़ पाएंगे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति रहेगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट फिजिकल सुनवाई के निर्देश भी दे सकेगा। कर्मचारियों को मिल सकती है वर्क फ्रॉम होम सुविधा हाईकोर्ट और जिला अदालतों के कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। रोटेशन व्यवस्था के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और सरकारी संचार माध्यमों पर हर समय उपलब्ध रहना होगा। जजों और अधिकारियों से कार पूलिंग की अपील ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए हाईकोर्ट ने जजों, न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अफसरों और मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए व्हीकल पूलिंग यानी साझा वाहन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा है। हाईकोर्ट ने जजों से भी आपस में कार पूलिंग करने का आग्रह किया है। तकनीकी तैयारियों के निर्देश इन व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से लागू करने के लिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह पहल संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता को आसानी से न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। 👉 छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद: दवा व्यापारियों ने निकाली रैली

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को जिला केमिस्ट एसोसिएशन और जिला औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर जिलेभर के दवा व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के चलते जिले के करीब एक हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे। हालांकि नर्सिंग होम और अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रहे, जिससे मरीजों को इमरजेंसी दवाइयां मिलती रहीं। काली पट्टी बांधकर किया विरोध दवा व्यापारियों ने तीनबत्ती क्षेत्र में एकत्र होकर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। छोटे व्यापारियों पर संकट का आरोप जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन ने कहा कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधानों के ऑनलाइन दवा बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे दवा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध डॉक्टर सलाह और बिना प्रमाणित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक की मांग जिला औषधि विक्रेता संघ के सचिव अनिल कुमार जैन ने कहा कि देशभर में लाखों लाइसेंसधारी केमिस्ट इस व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई कंपनियां वर्षों से ऑनलाइन दवाएं बेच रही हैं। सरकार से रखीं कई मांगें दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग उठाई। ज्ञापन में जीएसआर 220 (ई) और जीएसआर 817 (ई) वापस लेने, प्रीडेटरी प्राइसिंग पर सख्त नीति बनाने और अवैध ई-फार्मेसी बंद करने जैसी मांगें भी शामिल रहीं। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो छात्रों को कुचला: कॉलेज जाते समय दर्दनाक मौत, हाईवे पर चक्काजाम

सागर के कैंट थाना क्षेत्र में बुधवार को नेशनल हाईवे-44 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो कॉलेज छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। कॉलेज जाते समय हुआ हादसा मृतकों की पहचान संजय रजक (20) निवासी सेमरा हार्ट और नितिन अहिरवार (20) निवासी कोलुआ के रूप में हुई है। दोनों बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र थे। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र बुधवार दोपहर बाइक से गांव से सागर कॉलेज जा रहे थे। इसी दौरान रानीपुरा के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक के पहिए के नीचे आए छात्र टक्कर लगते ही दोनों छात्र सड़क पर गिर पड़े और ट्रक के पहिए की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना करीब दोपहर 12:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने किया चक्काजाम हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने विरोध में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। ट्रक छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर हादसे के बाद गुजरात पासिंग ट्रक (GJ 01 KT 5296) का चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पुलिस ने ट्रक जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। 👉 सागर और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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36 लाख के एरियर भुगतान न करने पर PWD दफ्तर में दोबारा कुर्की कार्रवाई

लोक निर्माण विभाग द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारी के बकाया एरियर का भुगतान नहीं करने पर बुधवार को जिला न्यायालय के आदेश पर दोबारा कुर्की की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि विभाग ने पहले कोर्ट से लिखित में समय मांगा था, लेकिन तय अवधि गुजरने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट की टीम को दोबारा कार्रवाई करनी पड़ी। 36 लाख रुपए का एरियर लंबित सेवानिवृत्त कर्मचारी कौशल किशोर राठौर का आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक उन्हें उनके पद के अनुसार वेतन नहीं दिया। इसके खिलाफ उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामला निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां हर स्तर पर फैसला कर्मचारी के पक्ष में आया। अदालतों ने विभाग को बकाया वेतन और एरियर देने के निर्देश दिए थे। 2014 से रिटायरमेंट तक की राशि बाकी विभाग ने वर्ष 2013 तक का एरियर तो जारी कर दिया, लेकिन 2014 से लेकर रिटायरमेंट तक की करीब 36 लाख रुपए की राशि अब तक नहीं दी गई। लगातार आदेशों के बावजूद भुगतान नहीं होने पर कर्मचारी ने अवमानना और इजरा याचिका दायर की, जिसके बाद कोर्ट ने कुर्की और वसूली के आदेश जारी किए। पहले भी हुई थी कार्रवाई फरवरी में हुई पिछली कार्रवाई के दौरान विभाग ने कोर्ट को लिखित में भरोसा दिया था कि दो महीने के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इसी कारण कोर्ट की टीम को फिर से विभागीय संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई करनी पड़ी। कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 31 दिसंबर 2026 तक कुर्की के माध्यम से पूरी राशि वसूलकर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। बुधवार को कोर्ट की टीम ने विभागीय संपत्तियों का आकलन किया और जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ, तो विभाग की अन्य संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई हो सकती है। 👉 मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर के गांव में पानी के लिए त्राहिमाम: 2 किमी दूर से पानी ला रहे लोग, टंकी बनी लेकिन एक बूंद नहीं मिली

सागर जिले के ग्राम बम्होरी बीका में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। गांव के लोग पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। गांव की रहने वाली वैजयंती बाई कोरी ने दर्द बयां करते हुए कहा,“गांव में पीने का पानी नहीं है। अभी तक नहाया भी नहीं है। बेटा मजदूरी पर गया है, वह आएगा तब पानी लेने जाएंगे। मैं जब से इस गांव में आई हूं, तब से पानी की परेशानी झेल रही हूं।” टंकी बनी, पाइपलाइन बिछी… लेकिन पानी नहीं गांव में नल-जल योजना के तहत करीब 2-3 साल पहले पानी की टंकी बनाई गई थी। घर-घर पाइपलाइन भी डाली गई, लेकिन आज तक लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी सिर्फ दिखावे के लिए खड़ी है। हालत यह है कि पानी सप्लाई शुरू होने से पहले ही कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 45 डिग्री गर्मी में बढ़ा संकट सागर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जलस्त्रोत सूखने लगे हैं और गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। ग्राम बम्होरी बीका में कुल 4 हैंडपंप हैं, लेकिन उनमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा। निजी कुओं और बोर पर निर्भर ग्रामीण ग्रामीण सूरज पांडे बताते हैं कि गांव में शुरू से ही पानी की समस्या बनी हुई है। कई परिवार निजी कुओं और बोर से पानी के कनेक्शन लेकर पैसे देकर पानी भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर बिजली चली जाए, तो गांव में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। पानी खरीदने को मजबूर लोग गांव में जिन परिवारों के पास निजी बोर या कुआं नहीं है, वे पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द नल-जल योजना शुरू करने और गांव में स्थायी जल व्यवस्था करने की मांग की है। 👉 मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में दवा कारोबारियों की हड़ताल: 2200 मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को हुई परेशानी

ग्वालियर में बुधवार को ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा कारोबारियों ने सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के चलते शहर के करीब 2200 रिटेल मेडिकल स्टोर और थोक दवा कारोबार पूरी तरह बंद रहे। हालांकि सरकारी और निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर इस आंदोलन से अलग रहे, जिससे अस्पतालों में भर्ती मरीजों को दवाइयों की उपलब्धता बनी रही। ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में आंदोलन दवा कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे छोटे मेडिकल स्टोर प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर बाजार का संतुलन बिगाड़ रही हैं। साथ ही बिना उचित जांच के ऑनलाइन दवा सप्लाई और नकली दवाइयों की बिक्री मरीजों की सेहत के लिए खतरा बन रही है। इन्हीं मांगों को लेकर यह सांकेतिक हड़ताल की गई। उग्र आंदोलन की चेतावनी दवा कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में देशव्यापी और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि मेडिकल क्षेत्र में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाने चाहिए। मेडिकल बाजारों में पसरा सन्नाटा हड़ताल का असर शहर के प्रमुख मेडिकल मार्केट में साफ दिखाई दिया। अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे दवा लेने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज और उनके परिजन जरूरी दवाइयां नहीं खरीद सके। मरीजों और परिजनों को हुई परेशानी दवा लेने पहुंचे बुजुर्ग हरिओम कश्यप ने बताया कि वह अपनी पत्नी की दवा लेने बाजार आए थे, लेकिन पूरा मेडिकल बाजार बंद मिला। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित हैं और डॉक्टर ने नियमित दवा लेने की सलाह दी है। काफी देर तक भटकने के बाद भी उन्हें दवा नहीं मिल सकी। लोगों में नाराजगी हड़ताल के कारण आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों का कहना था कि मेडिकल सेवाएं जरूरी सेवाओं में आती हैं, इसलिए ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं दवा कारोबारियों का कहना है कि उनका आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि दवा कारोबार को बचाने और नकली दवाओं पर रोक लगाने के लिए है। 👉 ग्वालियर और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर में अलग-अलग जगहों पर आगजनी: बेलमोर्ट पार्क ऑफिस, सब्जी दुकान और फर्नीचर बिल्डिंग में लगी आग

इंदौर में बुधवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाओं से हड़कंप मच गया। बेलमोर्ट पार्क के ऑफिस, खंडवा रोड स्थित सब्जी दुकान और रेडिसन चौराहे के पास फर्नीचर बिल्डिंग में आग लग गई। हालांकि सभी घटनाओं में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। बेलमोर्ट पार्क ऑफिस में लगी आग लसूडिया क्षेत्र स्थित बेलमोर्ट पार्क के मेंटेनेंस ऑफिस में सुबह आग लग गई। यहां टाउनशिप बिल्डर का कार्यालय भी संचालित होता है। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे गार्ड ने ऑफिस से धुआं निकलते देखा। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। आग में ऑफिस का फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कई जरूरी दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। खंडवा रोड पर सब्जी दुकान जली इधर, खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में एक सब्जी दुकान में भी आग लग गई। दुकान संचालक बबली पत्नी प्रीतम सिंह बताई जा रही हैं। दमकल टीम ने करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक दुकान का अधिकांश सामान जल चुका था। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। फर्नीचर बिल्डिंग के सातवें माले में आग रेडिसन चौराहे के पास स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर की बिल्डिंग के सातवें माले पर भी बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे आग लग गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कर्मचारियों की मदद से आग पर जल्द काबू पा लिया गया। हालांकि आग के कारण पूरे भवन में धुआं भर गया था, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक तौर पर यहां भी शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। घटना की सूचना पर विजयनगर थाना और खजराना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। 👉 इंदौर और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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जबलपुर के प्रज्ञाधाम मंदिर में दो बार चोरी: CCTV में कैद हुआ चोर, लोगों में आक्रोश

जबलपुर का प्रसिद्ध प्रज्ञाधाम मंदिर इन दिनों चोरों के निशाने पर है। कुछ ही दिनों के भीतर अज्ञात चोर ने मंदिर में दो बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन अब तक पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं सकी है। CCTV में कैद हुई चोरी 5 मई की रात हुई चोरी की घटना मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि चोर मंदिर का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसता है। इसके बाद वह जूते पहनकर मंदिर के भीतर पहुंचता है और भगवान भोलेनाथ पर लगा चांदी का कलश निकाल लेता है। दानपेटी भी खंगाली चोर ने मंदिर में रखी दानपेटी को भी खंगाला और उसमें मिले कुछ रुपए लेकर फरार हो गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को गंभीर कदम उठाने चाहिए। लोगों ने की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग स्थानीय नागरिकों ने कटंगी थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कर जल्द आरोपी को पकड़ने और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। 👉 जबलपुर और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में खाना नहीं देने पर होटल संचालक पर फायरिंग: बदमाशों ने की तोड़फोड़, CCTV में कैद वारदात

ग्वालियर में देर रात खाना नहीं मिलने पर बदमाशों ने होटल संचालक पर फायरिंग कर दी। गोली चलाने के बाद आरोपियों ने होटल में जमकर तोड़फोड़ भी की। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई है। यह मामला हजीरा चौराहे स्थित करिश्मा होटल का है। होटल बंद होने की बात पर भड़के युवक होटल संचालक सोनू सिंह के मुताबिक, रात करीब डेढ़ बजे वह होटल बंद करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और खाना मांगने लगे। जब उन्हें बताया गया कि होटल बंद हो चुका है और अब खाना नहीं मिल पाएगा, तो आरोपी गाली-गलौज करने लगे। कट्टा निकालकर चला दी गोली प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर करण नाम के युवक ने कमर से कट्टा निकाला और होटल संचालक सोनू सिंह पर फायरिंग कर दी। गोली चलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सोनू सिंह ने समय रहते खुद को बचा लिया, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और उनकी जान बच गई। होटल में की जमकर तोड़फोड़ फायरिंग के बाद भी बदमाश नहीं रुके। आरोपियों ने होटल के काउंटर पर तोड़फोड़ की और अंदर रखा सामान इधर-उधर फेंक दिया। कुर्सियां और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। काफी देर तक होटल में हंगामा चलता रहा। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने होटल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में स्कूटी सवार युवक होटल के सामने रुकते और वारदात को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। मुख्य आरोपी की पहचान थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि मुख्य आरोपी करण बाथम की पहचान कर ली गई है। अन्य आरोपियों की पहचान CCTV फुटेज के आधार पर की जा रही है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आरोपियों की तलाश जारी है। 👉 ग्वालियर और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Delimitation Bill

Congress Strategy on Delimitation Bill: परिसीमन बिल को लेकर पार्टी की हाईलेवल मीटिंग

परिसीमन बिल (Delimitation Bill) को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देने के लिए बुधवार को बड़ी बैठक की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में परिसीमन प्रक्रिया से जुड़े राजनीतिक, संवैधानिक और चुनावी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है, क्योंकि भविष्य में होने वाले लोकसभा सीटों के पुनर्गठन (Lok Sabha Seat Reorganisation) का असर देश की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। Delimitation Bill को लेकर कांग्रेस की क्या चिंता है? कांग्रेस नेताओं का मानना है कि अगर परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किया जाता है तो उन राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है, जिन्होंने पिछले वर्षों में जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में बेहतर काम किया है। पार्टी खासतौर पर दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं को सामने रख रही है। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी परिसीमन प्रक्रिया में सभी राज्यों के बीच राजनीतिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कम न हो। Rahul Gandhi और Kharge ने नेताओं के साथ बनाई रणनीति बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं से इस मुद्दे पर राय ली। कांग्रेस की कोशिश है कि संसद के अंदर और बाहर परिसीमन बिल को लेकर अपनी स्थिति मजबूती से रखी जाए। पार्टी इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ भी बातचीत कर सकती है, ताकि एक साझा रणनीति तैयार की जा सके। Women Reservation और सीटों के समीकरण पर भी चर्चा परिसीमन के साथ महिला आरक्षण कानून (Women Reservation Law) और नई लोकसभा सीटों के संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण देने के साथ-साथ राज्यों के प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक संतुलन का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। Election Strategy के लिए अहम मुद्दा कांग्रेस के लिए परिसीमन का मुद्दा आने वाले चुनावों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इसे संविधान, राज्यों के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। बैठक के बाद कांग्रेस जल्द ही Delimitation Bill को लेकर अपनी आगे की रणनीति और राजनीतिक रुख स्पष्ट कर सकती है। वहीं, इस पूरे मामले पर अब सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold Price Today: 24K Gold ₹1.42 लाख के करीब, Silver ₹2.20 लाख पहुंची

देश में Gold Silver Price Today को लेकर बाजार में हलचल बनी हुई है। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी ने तेजी पकड़ ली। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Silver Price में ₹680 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और चांदी का भाव करीब ₹2.20 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गया। सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि छोटी सी गिरावट या बढ़ोतरी भी बड़ी खरीदारी पर काफी असर डालती है। खासकर शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वाले लोग लगातार बाजार के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। Gold Rate Today: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का भाव सोने की कीमत उसकी शुद्धता यानी Carat के हिसाब से तय होती है। बाजार में सबसे ज्यादा मांग 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड की रहती है। 24K Gold को सबसे शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल ज्यादातर निवेश के लिए किया जाता है। वहीं 22K Gold से ज्वेलरी तैयार की जाती है क्योंकि यह ज्यादा मजबूत होता है। Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल सोने में जहां मामूली गिरावट आई, वहीं चांदी की चमक बढ़ती नजर आई। Silver Price Today में करीब ₹680 की तेजी दर्ज की गई और चांदी ₹2.20 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे औद्योगिक मांग, वैश्विक बाजार की स्थिति और निवेशकों की बढ़ती रुचि को प्रमुख कारण माना जा रहा है। Gold Price में उतार-चढ़ाव क्यों जारी है? सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के कई कारणों से प्रभावित होती हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं। खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है: क्या अभी Gold खरीदना सही रहेगा? सोने की कीमतें अभी भी रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों को बाजार की चाल समझकर फैसला लेना चाहिए। छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि लंबे समय के निवेश के लिए सोने को अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Share Market

Share Market Today: निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, Sensex-Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गुरुवार को कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला। Sensex करीब 200 अंकों की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 50 अंकों की तेजी दर्ज की गई। बाजार में इस तेजी के पीछे IT और Media सेक्टर के शेयरों में हुई मजबूत खरीदारी को अहम वजह माना जा रहा है। सुबह से ही बाजार में निवेशकों का रुख थोड़ा उत्साहित नजर आया। लंबे समय से उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार कर रहे निवेशकों को आज IT कंपनियों और मीडिया स्टॉक्स में बेहतर अवसर दिखाई दिए, जिसके चलते इन सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। IT Stocks में तेजी, टेक सेक्टर को मिला सपोर्ट आज के कारोबार में IT Stocks में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में मांग बढ़ने और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से आने वाले समय में इस क्षेत्र को फायदा मिल सकता है। IT शेयरों में आई मजबूती ने बाजार के सेंटीमेंट को भी सकारात्मक बनाया। Media Stocks में भी दिखी बढ़त IT के साथ-साथ Media Stocks में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। मीडिया कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण सेक्टर इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली। बाजार में सेक्टर आधारित खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर जाने में मदद की। Global Market Signals पर निवेशकों की नजर भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में ग्लोबल संकेतों की अहम भूमिका बनी हुई है। अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर-रुपये की चाल पर निवेशक लगातार नजर बनाए हुए हैं। आगे कैसी रह सकती है Market की चाल? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को बाजार में जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत कंपनियों और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल Sensex और Nifty में आई तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Petrol

Diesel ATF Export Duty Hike: सरकार का बड़ा फैसला, Petrol Export Duty में कटौती

देश में Petrol की सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी बढ़ा दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कटौती की गई है। नई एक्सपोर्ट ड्यूटी दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब देश में ईंधन की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना और बाजार में फ्यूल की उपलब्धता बनाए रखना है। Diesel और ATF Export Duty में बढ़ोतरी क्यों? सरकार ने डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है। डीजल देश के परिवहन क्षेत्र, उद्योगों और कृषि गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण ईंधन है, जबकि ATF विमानन सेक्टर की जरूरतों को पूरा करता है। सरकार चाहती है कि तेल कंपनियां पहले घरेलू बाजार की मांग को पूरा करें, ताकि देश में ईंधन की कमी जैसी स्थिति पैदा न हो। बढ़ी हुई एक्सपोर्ट ड्यूटी से कंपनियों के लिए विदेशों में इन उत्पादों की बिक्री पहले की तुलना में महंगी हो सकती है। Petrol Export Duty हुई कम, क्या बदलेगा? जहां डीजल और ATF पर शुल्क बढ़ाया गया है, वहीं पेट्रोल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई गई है। सरकार का यह फैसला पेट्रोलियम सेक्टर में संतुलन बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की मांग, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू जरूरतों को देखते हुए सरकार समय-समय पर एक्सपोर्ट पॉलिसी में बदलाव करती रहती है। Fuel Supply को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी भारत अपनी जरूरतों के लिए कच्चे तेल का बड़े पैमाने पर आयात करता है और उसे रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पाद तैयार करता है। ऐसे में घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। नई एक्सपोर्ट ड्यूटी व्यवस्था के जरिए सरकार घरेलू खपत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बीच संतुलन बनाना चाहती है। आम लोगों पर पड़ेगा क्या असर? इस फैसले का सीधा असर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ने की संभावना कम है। एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव का मुख्य प्रभाव तेल कंपनियों और निर्यातकों पर पड़ेगा। हालांकि, आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी बाजार की स्थिति और रुपये की मजबूती के आधार पर ईंधन कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। 16 July से लागू हुई नई दरें सरकार द्वारा जारी नई व्यवस्था 16 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है। अब तेल कंपनियों को नई एक्सपोर्ट ड्यूटी के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की Energy Security को मजबूत करने और घरेलू बाजार में फ्यूल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IMD

IMD Weather UP-Bihar के 18 जिलों में Heavy Rain Alert, Assam-Arunachal में बाढ़ का संकट

देश में मानसून इस समय दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखा रहा है। एक ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं मध्य प्रदेश के कई जिले अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और बिहार के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दूसरी तरफ असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ ने हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं मध्य प्रदेश के 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। UP-Bihar में Heavy Rain का Alert मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार के 18 जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। Assam Flood: 99 गांव पानी में डूबे असम में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राज्य के 99 गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई घरों में पानी घुस गया है, जबकि खेतों में खड़ी फसलें भी डूब गई हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। Arunachal Pradesh में 1 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश और भूस्खलन ने हालात मुश्किल बना दिए हैं। कई नदियां उफान पर हैं और कई सड़कें बंद होने से गांवों का संपर्क टूट गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब एक लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। MP के 35 जिलों में बारिश की कमी, किसानों की बढ़ी चिंता जहां देश के कई हिस्से बाढ़ से जूझ रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के 35 जिलों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है और जलाशयों का जलस्तर भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी IMD ने भारी बारिश वाले राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में न जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। एक ही मानसून, लेकिन अलग-अलग तस्वीर इस बार मानसून ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग असर दिखाया है। पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश और बिहार में लोग बाढ़ और भारी बारिश से जूझ रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के कई किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। मौसम का यह असंतुलन सिर्फ आम जनजीवन ही नहीं, बल्कि खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की चाल कैसी रहती है, इस पर लाखों लोगों की उम्मीदें टिकी हैं। फिलहाल प्रशासन, राहत एजेंसियां और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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