ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को जिला केमिस्ट एसोसिएशन और जिला औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर जिलेभर के दवा व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के चलते जिले के करीब एक हजार मेडिकल स्टोर बंद रहे।
हालांकि नर्सिंग होम और अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रहे, जिससे मरीजों को इमरजेंसी दवाइयां मिलती रहीं।
काली पट्टी बांधकर किया विरोध
दवा व्यापारियों ने तीनबत्ती क्षेत्र में एकत्र होकर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
छोटे व्यापारियों पर संकट का आरोप
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन ने कहा कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधानों के ऑनलाइन दवा बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे दवा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध डॉक्टर सलाह और बिना प्रमाणित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक की मांग
जिला औषधि विक्रेता संघ के सचिव अनिल कुमार जैन ने कहा कि देशभर में लाखों लाइसेंसधारी केमिस्ट इस व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई कंपनियां वर्षों से ऑनलाइन दवाएं बेच रही हैं।
सरकार से रखीं कई मांगें
दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में जीएसआर 220 (ई) और जीएसआर 817 (ई) वापस लेने, प्रीडेटरी प्राइसिंग पर सख्त नीति बनाने और अवैध ई-फार्मेसी बंद करने जैसी मांगें भी शामिल रहीं।
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