सागर जिले के ग्राम बम्होरी बीका में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। गांव के लोग पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
गांव की रहने वाली वैजयंती बाई कोरी ने दर्द बयां करते हुए कहा,
“गांव में पीने का पानी नहीं है। अभी तक नहाया भी नहीं है। बेटा मजदूरी पर गया है, वह आएगा तब पानी लेने जाएंगे। मैं जब से इस गांव में आई हूं, तब से पानी की परेशानी झेल रही हूं।”
टंकी बनी, पाइपलाइन बिछी… लेकिन पानी नहीं
गांव में नल-जल योजना के तहत करीब 2-3 साल पहले पानी की टंकी बनाई गई थी। घर-घर पाइपलाइन भी डाली गई, लेकिन आज तक लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी सिर्फ दिखावे के लिए खड़ी है। हालत यह है कि पानी सप्लाई शुरू होने से पहले ही कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

45 डिग्री गर्मी में बढ़ा संकट
सागर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जलस्त्रोत सूखने लगे हैं और गांवों में पानी का संकट गहरा गया है।
ग्राम बम्होरी बीका में कुल 4 हैंडपंप हैं, लेकिन उनमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा।
निजी कुओं और बोर पर निर्भर ग्रामीण
ग्रामीण सूरज पांडे बताते हैं कि गांव में शुरू से ही पानी की समस्या बनी हुई है। कई परिवार निजी कुओं और बोर से पानी के कनेक्शन लेकर पैसे देकर पानी भर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अगर बिजली चली जाए, तो गांव में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है।
पानी खरीदने को मजबूर लोग
गांव में जिन परिवारों के पास निजी बोर या कुआं नहीं है, वे पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द नल-जल योजना शुरू करने और गांव में स्थायी जल व्यवस्था करने की मांग की है।
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