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NIOS 12वीं रिजल्ट 2026 जारी, मिनटों में ऐसे करें डाउनलोड

NIOS 12वीं रिजल्ट 2026 जारी, मिनटों में ऐसे करें डाउनलोड

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। लंबे समय से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के चेहरे अब खुशी से खिल उठे हैं। छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से अपना रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। जो छात्र NIOS बोर्ड की 12वीं परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपने एनरोलमेंट नंबर की मदद से रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है, इसलिए छात्रों को थोड़ी धैर्य रखने की सलाह दी गई है। ऐसे करें NIOS 12th Result 2026 डाउनलोड छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं- मार्कशीट में ये जानकारी होगी मौजूद रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल अंक, पास/फेल स्टेटस और अन्य जरूरी जानकारी दी गई होगी। यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर कोई समस्या है, तो वह NIOS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। छात्रों के लिए बड़ी राहत ओपन स्कूलिंग के जरिए पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह रिजल्ट बेहद अहम माना जा रहा है। कई छात्र नौकरी, आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Varun Dhawan की कॉमिक टाइमिंग ने बचाई ‘Hai Jawaani Toh Ishq Hona Hai’

Varun Dhawan की कॉमिक टाइमिंग ने बचाई ‘Hai Jawaani Toh Ishq Hona Hai’

बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan एक बार फिर अपनी कॉमिक अंदाज वाली फिल्म लेकर आए हैं – ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में रोमांस, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का मिश्रण देखने को मिलता है। फिल्म में कई ऐसे पल हैं जो दर्शकों को हंसाते हैं, लेकिन कमजोर कहानी और ज्यादा लंबाई इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। कैसी है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है जो प्यार, दोस्ती और परिवार के बीच उलझ जाता है। शुरुआत में फिल्म काफी मजेदार लगती है और कई कॉमिक सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। लेकिन इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी बिखरती नजर आती है। कई जगह ऐसा महसूस होता है कि फिल्म को बिना जरूरत लंबा खींचा गया है। कुछ सीन दोहराव वाले लगते हैं, जिससे दर्शकों का ध्यान भटक सकता है। वरुण धवन की एक्टिंग बनी सबसे बड़ी ताकत फिल्म की सबसे अच्छी बात वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग है। उन्होंने अपने एक्सप्रेशंस और एनर्जी से कई कमजोर सीन को भी संभाल लिया। उनके डायलॉग और कॉमेडी पंच दर्शकों को एंटरटेन करते हैं। फिल्म की बाकी स्टार कास्ट ने भी ठीक-ठाक काम किया है, लेकिन कहानी मजबूत नहीं होने की वजह से किरदार ज्यादा असर नहीं छोड़ पाते। म्यूजिक और डायरेक्शन फिल्म का संगीत युवाओं को पसंद आ सकता है। कुछ गाने पहले से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। हालांकि बैकग्राउंड म्यूजिक कई जगह सामान्य लगता है। डायरेक्टर ने फिल्म को हल्का-फुल्का और फैमिली एंटरटेनर बनाने की कोशिश की है, लेकिन स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ जाता है। देखें या नहीं? अगर आप वरुण धवन के फैन हैं और हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार देख सकते हैं। लेकिन अगर आप मजबूत कहानी और नया कंटेंट तलाश रहे हैं, तो फिल्म थोड़ी निराश कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

Trump बोले- Iran के सुप्रीम लीडर से मिलकर गर्व होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता (न्यूक्लियर डील) हो जाता है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलने में गर्व महसूस करेंगे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम कार्यक्रम को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि एक समय ऐसा था जब अमेरिका ईरान से यूरेनियम हासिल करने के लिए सेना भेजने पर विचार कर रहा था, लेकिन इसमें काफी बड़ा जोखिम था। ट्रम्प ने क्या कहा? डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह हमेशा बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में रहे हैं। उनका मानना है कि अगर सही तरीके से बातचीत हो, तो अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा,“अगर डील होती है और हालात सही रहते हैं, तो ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलना मेरे लिए गर्व की बात होगी।” यूरेनियम को लेकर बढ़ी चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका समेत कई देशों की चिंता लगातार बनी हुई है। अमेरिका को डर है कि ईरान ज्यादा मात्रा में यूरेनियम तैयार कर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने पहले कई विकल्पों पर विचार किया था। इनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल थी, लेकिन इससे क्षेत्र में बड़ा संघर्ष शुरू होने का खतरा था। यही वजह रही कि उस कदम को आगे नहीं बढ़ाया गया। दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान रिश्तों पर अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पिछले कई सालों से तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, समय-समय पर बातचीत और समझौते की कोशिशें भी होती रही हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद एक बार फिर दुनिया की नजर दोनों देशों के रिश्तों पर टिक गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच नई परमाणु डील होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और मध्य पूर्व की स्थिति पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi होटल आग हादसा: गले लगे मिले कपल के शव, इलाज के लिए आए थे; 21 लोगों की मौत

Delhi में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद होटल के कमरों और गलियारों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन कुछ लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सबसे दर्दनाक तस्वीर उस समय सामने आई, जब एक कमरे में कपल के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। बताया जा रहा है कि दोनों इलाज के लिए दिल्ली आए थे और होटल में रुके हुए थे। आग लगने के बाद दोनों बाहर नहीं निकल पाए। उनकी इस हालत को देखकर राहत और बचाव दल की आंखें भी नम हो गईं। हादसे में मारी गई विदेशी महिला की पहचान लाइबेरिया की नागरिक के रूप में हुई है। महिला का पति गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े शहरों के होटलों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो शायद इतनी जानें नहीं जातीं। फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और कई परिवार अपने अपनों की जानकारी के लिए परेशान होकर अस्पतालों और होटल के बाहर भटकते नजर आए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC का अस्तित्व बचाने के लिए ममता के पास अब क्या विकल्प?

TMC का अस्तित्व बचाने के लिए ममता के पास अब क्या विकल्प?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) आज अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी, नेताओं की बगावत और लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि अब सवाल उठने लगा है कि आखिर TMC का भविष्य क्या होगा और ममता बनर्जी के पास पार्टी को बचाने के लिए कौन-कौन से विकल्प बचे हैं। अपने ही बन रहे सबसे बड़ी चुनौती एक समय था जब ममता बनर्जी के एक इशारे पर पूरी पार्टी एकजुट नजर आती थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। कई पुराने नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर अंदरखाने नाराज बताए जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही बयानबाजी यह साफ संकेत दे रही है कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण TMC में गुटबाजी बढ़ी है। कई नेताओं को लगने लगा है कि पार्टी में उनकी अहमियत कम हो रही है। यही वजह है कि कुछ नेता दूसरी पार्टियों का रुख कर रहे हैं, जबकि कुछ खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। बीजेपी लगातार बढ़ा रही दबाव पश्चिम बंगाल में बीजेपी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उसने TMC की चिंता बढ़ा दी है। बीजेपी अब सिर्फ विपक्षी पार्टी नहीं रही, बल्कि सीधे सत्ता की दावेदार बनकर उभरी है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी वोटरों तक बीजेपी अपनी पहुंच बढ़ा रही है। ऐसे में TMC के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाए रखने की है। ममता बनर्जी के सामने क्या विकल्प? ममता बनर्जी के सामने अब सबसे बड़ा सवाल पार्टी को एकजुट रखने का है। इसके लिए उन्हें कई बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। 1. नाराज नेताओं को मनाना पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को खत्म करना ममता की पहली प्राथमिकता हो सकती है। पुराने नेताओं को फिर से भरोसे में लेना जरूरी होगा। 2. संगठन में बड़े बदलाव TMC संगठन में फेरबदल कर नई टीम तैयार कर सकती है। युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को ज्यादा मौका देकर पार्टी नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर सकती है। 3. भ्रष्टाचार के आरोपों से दूरी पिछले कुछ समय में TMC के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। विपक्ष लगातार इन्हीं मुद्दों को लेकर हमला कर रहा है। ऐसे में पार्टी को अपनी छवि सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। 4. जनता से सीधा संवाद ममता बनर्जी हमेशा अपनी आक्रामक राजनीति और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जानी जाती रही हैं। आने वाले समय में वह फिर से जनसभाओं और यात्राओं के जरिए लोगों के बीच जाकर माहौल बदलने की कोशिश कर सकती हैं। आगे की राह आसान नहीं राजनीति में वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। ममता बनर्जी ने संघर्ष से अपनी पहचान बनाई है और कई बार मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलकर खुद को साबित किया है। लेकिन इस बार चुनौती सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि अपनों की नाराजगी भी है। अब देखने वाली बात होगी कि ममता बनर्जी पार्टी को फिर से मजबूती दे पाती हैं या पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Excise Constable Vacancy 2026: यूपी में एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती शुरू

UP Excise Constable Vacancy 2026: यूपी में एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती शुरू

UP में एक्साइज कॉन्स्टेबल (आबकारी सिपाही) भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस भर्ती के जरिए 12वीं पास उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका मिलेगा। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में इसे लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इतने पदों पर होगी भर्ती उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की ओर से एक्साइज कॉन्स्टेबल के कई पदों पर भर्ती निकाली गई है। भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार होगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। चयन प्रक्रिया कैसी होगी? उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। भर्ती में शामिल होने वाले युवाओं को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ताकि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। ऐसे करें आवेदन युवाओं के लिए बड़ा अवसर आज के समय में सरकारी नौकरी पाने का सपना हर युवा देखता है। ऐसे में यूपी एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती उन युवाओं के लिए बड़ा मौका लेकर आई है, जो 12वीं के बाद रोजगार की तलाश कर रहे हैं। समय रहते आवेदन करना जरूरी है, क्योंकि अंतिम तारीख के बाद फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें और परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत से करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonbhadra में युवक की बेरहमी से हत्या, झाड़ियों में मिला शव

Sonbhadra में युवक की बेरहमी से हत्या, झाड़ियों में मिला शव

उत्तर प्रदेश के Sonbhadra जिले में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। युवक का शव झाड़ियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या काफी दर्दनाक तरीके से की गई है। युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। जानकारी के मुताबिक, सुबह स्थानीय लोगों ने झाड़ियों में एक शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। मृतक की पहचान होने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया गया है। शुरुआती जांच में मामला हत्या का लग रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

आग का गोला बना Iranian Drone, कुवैत एयरपोर्ट से टकराते ही मचा हड़कंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत एयरपोर्ट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक Iranian Drone अचानक एयरपोर्ट परिसर के नजदीक आकर टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में वहां आग का बड़ा गोला दिखाई देने लगा। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रोन के टकराते ही एयरपोर्ट के एक हिस्से की छत को नुकसान पहुंचा। कई लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि जमीन तक हिलती महसूस हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत की खबर सामने नहीं आई है। कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और कुछ समय के लिए उड़ानों की आवाजाही भी प्रभावित रही। मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। आम लोगों में डर का माहौल है और लोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले बढ़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं और क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और ड्रोन के हमले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab में बड़ी साजिश नाकाम, मोहाली से दो संदिग्ध गिरफ्तार

Punjab में बड़ी साजिश नाकाम, मोहाली से दो संदिग्ध गिरफ्तार

Punjab पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। मोहाली से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) भी बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर मोहाली में विशेष अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों का संबंध किस संगठन से है और वे पंजाब में किस जगह को निशाना बनाने वाले थे। शुरुआती जांच में यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने बताया कि बरामद IED को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल है, लेकिन पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। पंजाब में पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल अग्निकांड: ICU में लगी आग, 5 मरीजों की मौत

Muzaffarpur Hospital अग्निकांड: ICU में लगी आग, 5 मरीजों की मौत

बिहार के Muzaffarpur में गुरुवार को एक निजी हॉस्पिटल में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा मरीज और उनके परिजन झुलस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि ICU में भर्ती मरीज खुद को बचाने में असहाय नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अस्पताल में अचानक धुआं भरने लगा। कुछ ही देर में आग ICU तक पहुंच गई। वहां मौजूद लोगों ने मरीजों को बचाने के लिए ICU के खिड़की-दरवाजे तोड़ दिए और किसी तरह बाहर निकाला। कई मरीजों को स्ट्रेचर और गोद में उठाकर बाहर लाया गया। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। परिजन अपने प्रियजनों को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटी रही। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते फायर सेफ्टी के इंतजाम बेहतर होते तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती। यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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