आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

भारतीय रिजर्व बैंक यानी Reserve Bank of India (RBI) इन दिनों रुपये को मजबूत बनाए रखने और बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि RBI जल्द ही अपने “3 in 1 प्लान” पर काम तेज कर सकता है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर RBI सख्ती बढ़ाता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI महंगी हो सकती है। साथ ही बाजार में नकदी कम होने से खर्च और निवेश पर भी असर पड़ सकता है। क्या है RBI का ‘3 in 1’ प्लान? RBI का यह प्लान तीन बड़े कदमों पर आधारित माना जा रहा है— 1. ब्याज दरों में बढ़ोतरी महंगाई को कंट्रोल करने और रुपये को मजबूत रखने के लिए RBI रेपो रेट बढ़ा सकता है। इससे बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा और वे ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं। 2. बाजार से नकदी कम करना RBI सिस्टम से अतिरिक्त पैसा निकालने की कोशिश कर सकता है ताकि रुपये पर दबाव कम हो और महंगाई नियंत्रित रहे। 3. डॉलर की मांग पर नजर रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI विदेशी मुद्रा बाजार में दखल बढ़ा सकता है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा मिलेगा। आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? अगर RBI का यह प्लान लागू होता है तो सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, RBI का मानना है कि लंबे समय में ये कदम देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेंगे। क्यों जरूरी हो गया यह कदम? हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक तनाव का असर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में RBI रुपये को कमजोर होने से बचाने के लिए सख्त फैसले लेने के मूड में नजर आ रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि RBI का यह कदम अल्पकाल में आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, लेकिन इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Hardik Pandya पर BCCI का बड़ा एक्शन, KKR से हार के बाद तोड़ा IPL नियम

Hardik Pandya पर BCCI का बड़ा एक्शन, KKR से हार के बाद तोड़ा IPL नियम

आईपीएल 2026 में Hardik Pandya और Mumbai Indians की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोलकाता के खिलाफ अहम मुकाबले में हार के बाद हार्दिक पांड्या पर बीसीसीआई ने कड़ी कार्रवाई की है। टीम द्वारा तय समय में ओवर पूरे नहीं किए जाने पर उन्हें स्लो ओवर रेट का दोषी पाया गया। Kolkata Knight Riders के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस को हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में टीम निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर सकी, जिसके बाद आईपीएल आचार संहिता के तहत कप्तान हार्दिक पांड्या पर जुर्माना लगाया गया। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, यह मुंबई इंडियंस की सीजन में बार-बार हुई स्लो ओवर रेट की गलती मानी गई। इसी वजह से हार्दिक पांड्या पर भारी जुर्माना लगाया गया है। साथ ही टीम के अन्य खिलाड़ियों और इम्पैक्ट प्लेयर पर भी फाइन लगाया गया। मैच के बाद फैंस सोशल मीडिया पर हार्दिक पांड्या की कप्तानी और टीम की रणनीति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। मुंबई इंडियंस के लिए यह मुकाबला बेहद अहम था, लेकिन टीम दबाव में बिखरती नजर आई। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में समय के भीतर ओवर खत्म करना बेहद जरूरी माना जाता है। बीसीसीआई लगातार इस नियम को सख्ती से लागू कर रहा है ताकि मैच तय समय पर पूरे हो सकें और खेल की गति बनी रहे। अब आने वाले मुकाबलों में हार्दिक पांड्या और मुंबई इंडियंस पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव और बढ़ गया है। फैंस को उम्मीद होगी कि टीम वापसी करते हुए प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

IRAN युद्ध को लेकर ट्रम्प और नेतन्याहू आमने-सामने, अमेरिका चाहता है समझौता

IRAN के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान अलग-अलग नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ किसी तरह की डील और बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए, वहीं इजराइल का मानना है कि इस समय हमला रोकना बड़ी गलती साबित हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका नहीं चाहता कि हालात पूरी तरह युद्ध में बदलें, क्योंकि इससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ सकती है। ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत से समाधान निकल सकता है तो उसे मौका देना चाहिए। दूसरी ओर नेतन्याहू सरकार का कहना है कि ईरान लगातार इजराइल की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई रोकना सही फैसला नहीं होगा। इजराइल का मानना है कि दबाव बनाए रखना जरूरी है ताकि ईरान पीछे हटने को मजबूर हो। इस मुद्दे पर दोनों देशों के नेताओं के अलग-अलग रुख ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और इजराइल के बीच रणनीति को लेकर मतभेद बढ़ते हैं तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और दुनिया की नजर अब अमेरिका व इजराइल की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। अंतरराष्ट्रीय खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
लखनऊ में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्व. Prateek Yadav के परिजनों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

लखनऊ में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्व. Prateek Yadav के परिजनों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार के दुख में शामिल होते हुए संवेदनाएं व्यक्त कीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख बेहद पीड़ादायक होता है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनका हाल जाना और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील व्यवहार से परिवार को भावनात्मक सहारा मिला। मुलाकात के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। देश और प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात

भोपाल में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंगलवार को राज्यपाल Anandiben Patel से राजभवन पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, प्रशासनिक गतिविधियों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। मुलाकात के दौरान प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच समय-समय पर होने वाली ऐसी बैठकों को सरकार और प्रशासन के बेहतर समन्वय के रूप में देखा जाता है। प्रदेश में लगातार विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हित में काम कर रही है और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav बोले- ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav बोले- ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की अहम भूमिका, सरकार करेगी हितों की चिंता

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा है कि ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीन पर सफल बनाने में रोजगार सहायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार रोजगार सहायकों के हितों और उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांवों के विकास, मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायकों का बड़ा योगदान रहता है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच मजबूत कड़ी का काम करते हैं। उनकी मेहनत से कई विकास कार्य समय पर पूरे हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। रोजगार सहायकों की मांगों और समस्याओं पर भी सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का सम्मान और सहयोग जरूरी है। इस दौरान रोजगार सहायकों ने भी अपनी विभिन्न मांगों को सरकार के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा और उचित निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में रोजगार सहायकों की भूमिका लगातार अहम बनी हुई है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
अमेरिकी संसद में IRAN WAR रोकने का प्रस्ताव पास, Trump के 4 सांसदों ने किया विरोध में मतदान

अमेरिकी संसद में IRAN WAR रोकने का प्रस्ताव पास, Trump के 4 सांसदों ने किया विरोध में मतदान

अमेरिका में IRAN के साथ बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी संसद में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने से जुड़ा एक प्रस्ताव पास हो गया। खास बात यह रही कि राष्ट्रपति Donald Trump की पार्टी के 4 सांसदों ने भी उनके रुख के खिलाफ जाकर प्रस्ताव के समर्थन में वोटिंग की। यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने के उद्देश्य से लाया गया था। सांसदों का कहना है कि बिना संसद की मंजूरी के किसी भी बड़े युद्ध में अमेरिका को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। प्रस्ताव के पास होने के बाद अब यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। हालांकि, मौजूदा राष्ट्रपति के पास इस प्रस्ताव को वीटो करने का अधिकार अभी भी मौजूद है। यानी अगर राष्ट्रपति चाहें तो इस प्रस्ताव को रोक सकते हैं। ऐसे में अंतिम फैसला अभी बाकी माना जा रहा है। अमेरिका और Iran के बीच पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ता रहा है। इसी बीच संसद में हुई यह वोटिंग कई मायनों में अहम मानी जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला अमेरिका के भीतर युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता को भी दिखाता है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ कुछ नेता सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं, वहीं दूसरी ओर कई सांसद युद्ध से बचने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस प्रस्ताव पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के रिश्तों का असर पूरी दुनिया की राजनीति और तेल बाजार पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

करीब 24 साल तक पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा उम्रकैद का पैरोल Jumper आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के वक्त उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और रोने लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। साल 2001 में उसे पैरोल पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय तक फरार रहने के दौरान उसने अपनी पहचान बदल ली और अलग-अलग जगहों पर रहकर खुद को बचाता रहा। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी प्रयागराज में छिपकर रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने पहले अपना नाम और पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच सामने आ गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भावुक हो गया और रोने लगा। उसने माना कि वह कई सालों से लगातार डर और तनाव में जिंदगी जी रहा था। पुलिस अब उससे फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों और उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने सालों बाद आरोपी की गिरफ्तारी बड़ी सफलता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Deshharpal के साथ जुड़े रहें और पढ़ते रहें देश-दुनिया की हर बड़ी खबर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

देशभर में एक बार फिर ‘Vande Mataram’ को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। CPM नेता के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। बयान में कहा गया कि “पूरा वंदे मातरम गाना गलत है”, जिसके बाद BJP ने इसे राष्ट्रगान और देशभक्ति का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई की पहचान रहा है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के बयान देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। कई BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी CPM पर निशाना साधा और कहा कि देश विरोधी सोच को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। वहीं CPM की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने किसी की भावनाओं को आहत करने की मंशा से बात नहीं कही थी। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग CPM के बयान का विरोध कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। फिलहाल ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में नया मुद्दा बनता दिख रहा है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CBSE 12वीं स्कैन आंसर शीट डाउनलोड की तारीख बढ़ी, अब 23 मई तक आवेदन का मौका

CBSE 12वीं स्कैन आंसर शीट डाउनलोड की तारीख बढ़ी, अब 23 मई तक आवेदन का मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्कैन कॉपी (स्कैन आंसर शीट) डाउनलोड करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब छात्र 23 मई तक आवेदन कर सकेंगे। पहले इसकी आखिरी तारीख 21 मई तय की गई थी। CBSE की ओर से यह फैसला छात्रों और अभिभावकों की मांग को देखते हुए लिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकें। कई छात्रों को तकनीकी दिक्कतों और समय की कमी के कारण आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। बोर्ड के अनुसार, जो छात्र अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं या अपने दिए गए उत्तरों को दोबारा जांचना चाहते हैं, वे स्कैन आंसर शीट डाउनलोड कर सकते हैं। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी कॉपी में किस तरह मूल्यांकन किया गया है। CBSE ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कैन कॉपी देखने से छात्रों को अपनी गलतियों का पता चलता है और आगे की पढ़ाई में सुधार करने में मदद मिलती है। वहीं, कई अभिभावकों ने बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के हित में बताया है। शिक्षा से जुड़ी हर बड़ी अपडेट और खबर के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 13 14 15 16 17 … 60

Trending News

Editor's Picks

AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
INDIA Bloc

INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Trump

Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.