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Nepal Flood: भोटेकोशी नदी बनी काल, पुल और गाड़ियां बहीं; 9 पुलिसकर्मियों की तलाश जारी

नेपाल (Nepal) के रसुवा जिले से आई तस्वीरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तिब्बत की ओर से अचानक आए तेज पानी ने भोटेकोशी नदी का रुख बेहद खतरनाक कर दिया। देखते ही देखते नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया और टिमुरे समेत कई जगहों पर भारी नुकसान की खबर सामने आई है। इस हादसे में टिमुरे बॉर्डर आउट पोस्ट पर तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अचानक बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बहाव आया। स्थानीय स्तर पर हालात इतने तेजी से बदले कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आया और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में तेजी से फैल गया। बाढ़ के कारण टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में पानी और मलबा पहुंच गया। कई वाहन इसकी चपेट में आए हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति काफी डरावनी रही, क्योंकि कुछ ही समय में सामान्य नदी का बहाव खतरनाक सैलाब में बदल गया। 9 पुलिसकर्मी हुए लापता इस बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चिंता 9 सशस्त्र पुलिसकर्मियों के लापता होने को लेकर है। ये जवान टिमुरे बॉर्डर आउट पोस्ट में तैनात थे। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारियों और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं। हालांकि, प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने की वजह से स्थिति की पूरी जानकारी जुटाने में परेशानी आ रही है। अधिकारियों ने यह भी संभावना जताई है कि कुछ जवान सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हों और नेटवर्क नहीं होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा हो। तीन Police Posts को भी नुकसान बाढ़ का असर केवल आम आबादी तक सीमित नहीं रहा। टिमुरे एरिया पुलिस ऑफिस, स्याफ्रुबेसी पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है। तेज पानी के साथ मलबा आने से सड़क और आसपास के दूसरे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पुल टूटा, गाड़ियां और सामान बहा भोटेकोशी नदी का बहाव इतना तेज था कि एक पुल के क्षतिग्रस्त होने और बहने की जानकारी सामने आई है। टिमुरे बाजार में कई वाहन भी बाढ़ के पानी की चपेट में आए। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में बाढ़ की भयावहता साफ नजर आ रही है। बाजार और सड़क के आसपास पानी का तेज बहाव देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ ही देर में हालात कितने बिगड़ गए। Rescue Operation में जुटी Nepal Army हादसे के बाद नेपाल सरकार ने Rescue Operation तेज कर दिया है। Nepal Army, Armed Police Force और Nepal Police की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। बचाव अभियान में हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। सुरक्षा बलों का मुख्य फोकस लापता पुलिसकर्मियों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है। निचले इलाकों के लिए भी Alert भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बाढ़ का पानी नीचे की ओर बढ़ने की वजह से नदी किनारे बसे दूसरे इलाकों में भी खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और नालों के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। बारिश से ज्यादा Tibet से आए पानी ने बढ़ाई मुश्किल? बाढ़ की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में तिब्बत क्षेत्र में हुई भारी बारिश को अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नेपाल के रसुवा इलाके में हुई बारिश इस अचानक आई बाढ़ की पूरी वजह नहीं लगती। हालांकि, बाढ़ के वास्तविक कारण और पानी के अचानक बढ़ने की स्थिति का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है। अभी कितना नुकसान हुआ, तस्वीर साफ नहीं फिलहाल बाढ़ से हुए कुल नुकसान और संभावित जनहानि का अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रभावित इलाकों में संचार और सड़क संपर्क प्रभावित होने से प्रशासन को भी सही जानकारी जुटाने में समय लग रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता 9 पुलिसकर्मियों को लेकर है। राहत और बचाव दल लगातार Search Operation चला रहे हैं। आने वाले घंटों में बाढ़ से हुए नुकसान और लापता लोगों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rekha Gupta

Rekha Gupta का बड़ा तोहफा: Delhi Lakshmi Yojana में महिलाओं को हर महीने ₹2500, जानें Payment Date

रक्षाबंधन के मौके पर दिल्ली की महिलाओं के लिए जिस Lakshmi Yojana को लेकर काफी उम्मीदें थीं, उसे लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने जा रही है। हालांकि, पहली किस्त को लेकर पहले अलग-अलग तारीखों की चर्चा थी, लेकिन अब सरकार की ओर से भुगतान शुरू करने की तारीख 1 सितंबर 2026 बताई गई है। यानी जिन महिलाओं का आवेदन जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में सही पाया गया है, उन्हें जल्द ही इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो सकता है। 26 अगस्त से Approval Letter देने की शुरुआत सरकार की ओर से 26 अगस्त को योजना से जुड़े लाभार्थियों को Approval Letter देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए दिल्ली में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इस पत्र का मतलब यह होगा कि संबंधित महिला का आवेदन तय प्रक्रिया के तहत मंजूर हो चुका है। ऐसे में लाभार्थियों के लिए यह चरण काफी अहम माना जा रहा है। हर महीने खाते में आएंगे ₹2,500 Delhi Lakshmi Yojana के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देने का प्रावधान है। पूरे साल की रकम देखें तो यह सहायता ₹30,000 तक पहुंचती है। सरकार का कहना है कि योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए थोड़ी अतिरिक्त वित्तीय मदद मिल सके। इस योजना के लिए दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ₹5,110 करोड़ का प्रावधान किया है। कौन महिलाएं ले सकती हैं योजना का लाभ? योजना की घोषित शर्तों के मुताबिक, दिल्ली की 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाएं इसका लाभ ले सकती हैं। इसके साथ दिल्ली का निवासी होना और सरकार द्वारा तय आय संबंधी मानदंडों को पूरा करना जरूरी है। कुछ ऐसी श्रेणियां भी हैं जिन्हें योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसलिए सिर्फ उम्र पूरी होना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदन की जांच के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित महिला योजना के लिए पात्र है या नहीं। रक्षाबंधन पर पहली किस्त की थी उम्मीद Lakshmi Yojana को लेकर शुरुआत में रक्षाबंधन के आसपास पहली किस्त आने की उम्मीद जताई जा रही थी। इसी वजह से दिल्ली की बड़ी संख्या में महिलाएं भुगतान का इंतजार कर रही थीं। बाद में भुगतान की तारीख को लेकर बदलाव हुआ और अब 1 सितंबर 2026 से पहली किस्त जारी करने की तैयारी है। ऐसे में लाभार्थियों को पुरानी तारीखों के बजाय सरकार के ताजा अपडेट पर ध्यान देना चाहिए। Delhi Lakshmi Yojana Status कैसे चेक करें? अगर आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है तो अपने आवेदन का Status चेक करने के लिए दिल्ली सरकार के संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। Status चेक करने का तरीका: ध्यान रखें कि OTP, बैंक PIN, ATM PIN या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें। योजना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी माध्यमों पर भरोसा करें। महिलाओं के लिए क्यों खास है ₹2,500 की मदद? हर महीने मिलने वाली ₹2,500 की राशि भले ही किसी परिवार की पूरी आर्थिक जरूरत पूरी न करे, लेकिन घरेलू खर्चों में यह मददगार जरूर हो सकती है। खासकर उन महिलाओं के लिए जो आर्थिक रूप से परिवार पर निर्भर हैं, नियमित सहायता का अपना महत्व है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 1 सितंबर से भुगतान कितनी तेजी से लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचता है। आने वाले दिनों में इसी पर महिलाओं की नजर रहेगी। Delhi Lakshmi Yojana: एक नजर में जानकारी विवरण योजना का नाम Delhi Lakshmi Yojana लाभ ₹2,500 प्रति माह सालाना सहायता ₹30,000 तक आयु सीमा 21 से 60 वर्ष Approval Letter 26 अगस्त 2026 पहली किस्त 1 सितंबर 2026 से लाभार्थी पात्र दिल्ली निवासी महिलाएं जरूरी बात: योजना की पात्रता, किस्त और आवेदन Status से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए दिल्ली सरकार के आधिकारिक अपडेट को ही मानें। सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट तारीखों या दावों पर भरोसा न करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kriti Sanon

GIVA Raksha Bandhan Ad: कृति सेनन के विज्ञापन पर Controversy, कंपनी ने लिया बड़ा फैसला

Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad Controversy: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन का एक ज्वेलरी विज्ञापन विवादों में घिर गया। GIVA के इस कैंपेन में कृति का मॉडर्न लुक और राखी बांधने का अंदाज कुछ लोगों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हुई तो मामला कंगना रनौत और राहुल गांधी तक पहुंच गया। आखिरकार ब्रांड ने विवाद के बीच विज्ञापन को हटा दिया। कृति सेनन के Raksha Bandhan Ad में ऐसा क्या था? GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन में Kriti Sanon ऑफ-व्हाइट ब्रालेट-स्टाइल टॉप, स्कर्ट और केप में दिखाई दीं। विज्ञापन में वह अपने भाई को राखी बांधती नजर आती हैं। इसी दौरान उनके पहनावे और त्योहार को पेश करने के तरीके पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों को यह विज्ञापन नए जमाने की सोच और फैशन का उदाहरण लगा, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के विज्ञापन में इस तरह का लुक कितना उचित है। Kangana Ranaut ने कृति के Ad पर साधा निशाना विवाद ने तब ज्यादा तूल पकड़ा जब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने विज्ञापन पर सवाल उठाए। कंगना ने कृति के पहनावे को लेकर टिप्पणी करते हुए पूछा कि रक्षाबंधन के मौके पर इस तरह के आउटफिट को विज्ञापन का हिस्सा बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। कंगना की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की राय देखने को मिली। कुछ लोग उनके सवाल से सहमत नजर आए, तो कुछ ने इसे अभिनेत्री की व्यक्तिगत पसंद में दखल बताया। Kriti Sanon ने दिया करारा जवाब आलोचना के बीच कृति सेनन ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने महिलाओं के कपड़ों को लेकर होने वाली लगातार टिप्पणियों पर सवाल उठाया। कृति का कहना था कि किसी महिला की पसंद को सिर्फ उसके कपड़ों के आधार पर तय करना सही नहीं है। कृति की प्रतिक्रिया के बाद यह बहस और तेज हो गई। अब सवाल सिर्फ एक विज्ञापन का नहीं रहा, बल्कि यह चर्चा होने लगी कि आधुनिक दौर में महिलाओं की पसंद और सामाजिक सोच के बीच संतुलन कहां होना चाहिए। Rahul Gandhi ने किया Kriti Sanon का Support मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एंट्री ने विवाद को राजनीतिक चर्चा में बदल दिया। राहुल गांधी ने कृति सेनन का समर्थन करते हुए महिलाओं की पसंद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी महिला के कपड़े उसके चरित्र या उसकी सोच का पैमाना नहीं होने चाहिए। राहुल के समर्थन के बाद कृति के विज्ञापन को लेकर चल रही बहस ने सोशल मीडिया पर और जोर पकड़ लिया। विवाद बढ़ा तो GIVA ने हटाया Advertisement लगातार हो रही चर्चा और आलोचना के बीच GIVA ने रक्षाबंधन वाले इस विज्ञापन को हटा दिया। कंपनी के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर फिर सवाल उठने लगे कि क्या विज्ञापन को हटाने का फैसला विवाद को देखते हुए लिया गया या ब्रांड ने सांस्कृतिक भावनाओं को प्राथमिकता दी। फिलहाल विज्ञापन कैंपेन से हटा दिया गया है, लेकिन इससे जुड़ी बहस अभी भी सोशल मीडिया पर जारी है। त्योहार, Fashion और Freedom की बहस कृति सेनन का यह मामला दिखाता है कि आज के दौर में Festival Advertising सिर्फ प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं रह गया है। विज्ञापन में इस्तेमाल होने वाला पहनावा, भाषा और त्योहारों की प्रस्तुति लोगों की भावनाओं से भी जुड़ जाती है। एक तरफ लोग आधुनिक सोच और महिलाओं की अपनी पसंद की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि पारंपरिक त्योहारों से जुड़े विज्ञापनों में भारतीय संस्कृति और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए। रक्षाबंधन के एक विज्ञापन से शुरू हुई यह कहानी अब Kriti Sanon, Kangana Ranaut और Rahul Gandhi के बयानों तक पहुंच चुकी है। GIVA ने विज्ञापन भले ही हटा दिया हो, लेकिन इसने एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ दिया है—त्योहारों के विज्ञापनों में आधुनिकता और परंपरा के बीच सही संतुलन आखिर कैसे बनाया जाए? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah Statement: घुसपैठ को लेकर शाह का बड़ा ऐलान, Security और Economy पर बताया खतरा

देश की आंतरिक सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। देश में आने और रहने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है। गृह मंत्री ने अवैध घुसपैठ को सिर्फ सीमा का मुद्दा नहीं, बल्कि National Security, Economy और Demographic Balance से जुड़ी चुनौती बताया। शाह के इस बयान के बाद अवैध प्रवासियों की पहचान, सीमा सुरक्षा और राज्यों की भूमिका को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। ‘भारत कोई धर्मशाला नहीं’, शाह ने क्यों कहा? अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ कहा कि भारत में रहने का अधिकार नागरिकों को है। जो विदेशी नागरिक वैध दस्तावेज और तय कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत आते हैं, उनके लिए अलग व्यवस्था है, लेकिन अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने वालों पर सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। गृह मंत्री ने कहा कि अवैध घुसपैठ का असर देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय स्थिति पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि इसे लंबे समय से सरकार की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में शामिल किया गया है। Infiltration Free India का लक्ष्य शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को कम से कम समय में Infiltration Free India बनाना है। इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। भूमि सीमा साझा करने वाले राज्यों के साथ बैठकें और दौरे कर सीमा सुरक्षा को लेकर एक चार सूत्रीय रणनीति पर भी काम किया गया है। इसका उद्देश्य सीमा पर निगरानी मजबूत करने के साथ स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना है। Border Security में Technology का बढ़ेगा इस्तेमाल बदलते समय के साथ सीमा सुरक्षा का तरीका भी बदल रहा है। सरकार अब पारंपरिक निगरानी के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। Smart Border Management, बेहतर निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच डेटा साझा करने जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका मकसद संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जल्दी करना और सुरक्षा तंत्र को ज्यादा प्रभावी बनाना है। 15-20 साल आगे की तैयारी पर जोर राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में शाह ने अधिकारियों से सिर्फ आज की चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय आने वाले 15 से 20 वर्षों के सुरक्षा रुझानों का अध्ययन करने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी खतरे के बड़ा रूप लेने का इंतजार करने के बजाय पहले से उसकी पहचान कर तैयारी की जाए। आतंकवाद, साइबर खतरे, कट्टरपंथ, नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा पार से आने वाली चुनौतियां इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हैं। Narcotics और Terrorism पर भी सरकार की नजर गृह मंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की जरूरत बताई। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर Coordination के साथ नई तकनीक और Intelligence Sharing को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सरकार की कोशिश है कि अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज हो, ताकि किसी संभावित खतरे पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। राज्यों की भूमिका क्यों अहम? भारत की सीमा से जुड़े कई राज्यों की भूमिका इस पूरी रणनीति में बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा सुरक्षा केवल केंद्रीय बलों की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल से ही सीमा क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी संभव है। इसी वजह से केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर Integrated Security Grid को मजबूत करने पर जोर दे रही है। शाह के बयान का बड़ा संदेश अमित शाह का ताजा बयान बताता है कि केंद्र सरकार के लिए Illegal Infiltration और Border Security आने वाले समय में भी बड़ी प्राथमिकता बने रहेंगे। सरकार एक तरफ सीमा पर निगरानी मजबूत करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तकनीक और Intelligence आधारित सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दे रही है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की पहचान या उसके खिलाफ कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए। अवैध घुसपैठ और वैध रूप से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों के बीच अंतर करना भी इसी कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs SL

IND vs SL Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका की हालत खराब, 290 पर ऑलआउट; Follow-On में भी झटका

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। भारतीय बल्लेबाजों के बड़े स्कोर के बाद गेंदबाजों ने भी अपना काम बखूबी किया। श्रीलंका की पहली पारी महज 290 रन पर सिमट गई और इसके बाद उसे Follow-On खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 रन पर घोषित की थी। इस लिहाज से श्रीलंका पहली पारी में भारत से 213 रन पीछे रह गया। अब मेजबान टीम के सामने दूसरी पारी में लंबा वक्त क्रीज पर बिताने और पारी की हार से बचने की चुनौती है। 290 रन पर खत्म हुई श्रीलंका की पहली पारी श्रीलंका की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी। एक समय ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम किसी तरह फॉलोऑन टाल सकती है, लेकिन आखिरी विकेटों ने पूरा समीकरण बदल दिया। सोनल दिनुषा ने जरूर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया और 103 रन की पारी खेली। उनकी पारी में धैर्य भी दिखा और टीम को संकट से निकालने की कोशिश भी, लेकिन दूसरे छोर से पर्याप्त साथ नहीं मिलने के कारण श्रीलंका 290 रन तक ही पहुंच सका। भारत की तरफ से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर श्रीलंका को दबाव में रखा। भारत ने पहली पारी में खड़ा किया बड़ा Score इससे पहले भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को जमकर परेशान किया था। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर घोषित की। ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाते हुए नाबाद 115 रन बनाए। वहीं ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में 63 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंका की टीम शुरू से ही दबाव में दिखाई दी। विकेट गिरते रहे, हालांकि दिनुषा ने एक छोर संभालकर भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। Follow-On के बाद बढ़ी Sri Lanka की मुश्किल 290 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारत ने श्रीलंका को तुरंत Follow-On दे दिया। इसका मतलब साफ है कि मेजबान टीम को लगातार दूसरी पारी में बल्लेबाजी करनी पड़ी। दूसरी पारी में भी श्रीलंका की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती विकेट गिरने से टीम पर दबाव और बढ़ गया है। अब श्रीलंका के बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकेट बचाने की है। दूसरी तरफ भारत की नजरें जल्द से जल्द बाकी विकेट हासिल करने पर हैं। अगर भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को दोबारा बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकते हैं, तो टीम इंडिया के पास मैच को निर्णायक अंदाज में खत्म करने का शानदार मौका होगा। India के पास Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हरा चुका है और दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरे टेस्ट में मौजूदा स्थिति भी भारत के पक्ष में है। एक तरफ भारत के बल्लेबाजों ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने श्रीलंका को 290 रन पर समेट दिया। अब फॉलोऑन के बाद श्रीलंका की दूसरी पारी मैच की दिशा तय करेगी। फिलहाल भारतीय टीम जीत की तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है, जबकि श्रीलंका के लिए मुकाबले में बने रहने की उम्मीदें उसके बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। IND vs SL 2nd Test में अब हर नजर श्रीलंका की दूसरी पारी पर है। क्या मेजबान टीम वापसी कर पाएगी या भारत टेस्ट सीरीज पर कब्जा कर लेगा? इसका जवाब मैच के अगले चरण में मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir चंपत राय की Diary में दर्ज हुए बड़े सवाल, नृपेंद्र मिश्रा के 14 Interviews चर्चा में

अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) से जुड़ा Donation Theft Controversy अब लगातार नए सवाल खड़े कर रहा है। मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की बताई जा रही डायरी में कई अहम बातें दर्ज होने की चर्चा है। इनमें FIR कराने में देरी, नृपेंद्र मिश्रा के लगातार मीडिया इंटरव्यू और मंदिर से जुड़ी अंदरूनी जानकारी बाहर पहुंचने जैसे मुद्दे शामिल हैं। मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ा जब डायरी में दर्ज कथित टिप्पणियों के आधार पर नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर सवाल सामने आए। हालांकि, डायरी में लिखी बातों को आरोप या सवाल के तौर पर ही देखना जरूरी है, क्योंकि इनसे किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी अपने आप साबित नहीं होती। चढ़ावे की चोरी सामने आई तो FIR क्यों नहीं हुई? चंपत राय की कथित डायरी में सबसे अहम सवाल यही है कि चढ़ावे में चोरी की जानकारी सामने आने के बावजूद तत्काल पुलिस FIR क्यों नहीं कराई गई। रिपोर्टों के अनुसार, चंपत राय का तर्क था कि पुलिस को मामला सौंपने के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ सकता था और मंदिर से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की नौबत आ सकती थी। इसी वजह से पहले अंदरूनी स्तर पर जानकारी जुटाने और मामले को समझने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया। यही फैसला अब विवाद का बड़ा हिस्सा बन गया है। सवाल यह है कि अगर चोरी की आशंका गंभीर थी तो पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों हुई? नृपेंद्र मिश्रा से मुलाकात का भी जिक्र डायरी में जून की शुरुआत में नृपेंद्र मिश्रा के अयोध्या पहुंचने और मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक का उल्लेख होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस बैठक में चढ़ावे में कथित चोरी की जानकारी साझा की गई थी। इसी दौरान FIR नहीं होने को लेकर सवाल भी उठाया गया। चंपत राय की ओर से पुलिस जांच के संभावित असर का हवाला दिए जाने की बात कही गई है। इस मुलाकात ने मामले को और संवेदनशील बना दिया, क्योंकि इसके बाद मंदिर से जुड़े विवाद की जानकारी धीरे-धीरे सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनने लगी। 14 Interviews ने क्यों बढ़ाई हलचल? चंपत राय की कथित डायरी में नृपेंद्र मिश्रा के करीब 14 मीडिया इंटरव्यू का भी उल्लेख होने की बात सामने आई है। डायरी में कथित तौर पर सवाल उठाया गया कि इतने कम समय में इतने इंटरव्यू देने की जरूरत क्यों पड़ी और इसके पीछे किसका सुझाव था। यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मामला उस समय मंदिर के अंदर हुई कथित चोरी और चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़ा था। हालांकि, किसी वरिष्ठ पदाधिकारी का मीडिया से बात करना अपने आप में गलत नहीं है। असली सवाल डायरी में दर्ज उस कथित आशंका का है कि इतने इंटरव्यू की रणनीति आखिर किसने तय की थी। ‘असली भेदिया कौन?’ सवाल ने खींचा ध्यान इस पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प सवाल अंदर की जानकारी बाहर पहुंचने को लेकर है। रिपोर्टों के मुताबिक, चंपत राय ने अपनी डायरी में यह सवाल भी दर्ज किया कि मंदिर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बाहर कैसे पहुंची और इसे बाहर ले जाने वाला व्यक्ति कौन था। इसी संदर्भ में कुछ संतों की ओर से नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर सवाल पूछे जाने का भी उल्लेख है। लेकिन यहां यह साफ करना जरूरी है कि ‘भेदिया’ या किसी व्यक्ति की संलिप्तता का दावा जांच के बिना तथ्य नहीं माना जा सकता। फिलहाल ये बातें डायरी में दर्ज कथित सवालों और आरोपों के रूप में सामने आई हैं। 23 जून के बाद बयान बंद होने पर भी सवाल चंपत राय की कथित डायरी में नृपेंद्र मिश्रा के मीडिया बयानों के क्रम का भी उल्लेख होने की बात कही गई है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ दिनों तक लगातार सार्वजनिक बयान देने के बाद 23 जून के बाद उनकी ओर से इस मुद्दे पर बयान नहीं आए। इसी बदलाव को लेकर भी डायरी में सवाल उठाए जाने की चर्चा है। क्या यह सामान्य मीडिया रणनीति थी या किसी स्तर पर बयान रोकने का फैसला हुआ था? इसका जवाब आधिकारिक तौर पर सामने आना बाकी है। विवाद अब सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने अब कई अलग-अलग सवालों को जन्म दे दिया है। एक तरफ कथित चोरी की जांच है, तो दूसरी तरफ मंदिर में चढ़ावे की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल हैं। इसके अलावा FIR में देरी, वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका और मीडिया में दिए गए बयानों को लेकर भी चर्चा तेज है। चंपत राय की ओर से मंदिर निर्माण की व्यवस्थाओं और नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए गए हैं। इससे विवाद केवल चढ़ावे की कथित चोरी तक सीमित नहीं रहा। श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा सवाल राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की खबर श्रद्धालुओं के लिए बेहद संवेदनशील है। यही वजह है कि इस मामले में सामने आने वाली हर नई जानकारी पर लोगों की नजर बनी हुई है। फिलहाल चंपत राय की डायरी में बताए गए दावों को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि डायरी में दर्ज आरोपों और जांच में साबित तथ्यों के बीच अंतर किया जाए। नृपेंद्र मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति की वास्तविक भूमिका का फैसला जांच और आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकता है। आने वाले दिनों में अगर जांच से FIR में देरी, चढ़ावे की निगरानी और अंदर की जानकारी बाहर पहुंचने जैसे सवालों के जवाब मिलते हैं, तो इस पूरे विवाद की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan Hospital Fire: Islamabad के सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा, Newborns की मौत से दहला शहर

पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार सुबह एक सरकारी अस्पताल में लगी आग ने हर किसी को झकझोर दिया। Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) के एक वार्ड में अचानक आग भड़क उठी। इस हादसे में कई नवजात बच्चों की जान चली गई, जबकि रेस्क्यू टीम सिर्फ एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल सकी। मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में थोड़ा अंतर है। कुछ रिपोर्टों में 15 नवजातों की मौत की बात कही गई है, जबकि कुछ आधिकारिक शुरुआती जानकारियों में यह संख्या 14 बताई गई। घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। AC Compressor में धमाके के बाद फैली आग स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आग अस्पताल के उस हिस्से में लगी जहां नवजात बच्चों को रखा गया था। शुरुआती जांच में AC Compressor में विस्फोट को आग की संभावित वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कंप्रेसर में खराबी के बाद अचानक आग भड़की और कुछ ही समय में पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। वार्ड में मौजूद नवजात बच्चों के लिए स्थिति बेहद गंभीर थी, क्योंकि इतनी कम उम्र के बच्चों को अपने दम पर सुरक्षित स्थान तक ले जाना संभव नहीं था। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक आग की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। इसके लिए विस्तृत जांच की जा रही है। सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी जानकारी के मुताबिक, आग बुधवार सुबह करीब 6:45 से 7 बजे के बीच लगी। धुआं और आग फैलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम को सूचना दी। दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के साथ वार्ड में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक नवजात को सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन बाकी बच्चों को बचाने की कोशिशें कामयाब नहीं हो सकीं। इस दर्दनाक हादसे ने अस्पताल में मौजूद परिवारों और कर्मचारियों को गहरे सदमे में डाल दिया। Fire Safety व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद अस्पताल की Fire Safety System को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। खासकर नवजात बच्चों के वार्ड में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कितनी तैयारी थी, इसकी जांच की जा रही है। अस्पतालों में नर्सरी और ICU जैसे संवेदनशील हिस्सों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे में Fire Alarm, Emergency Exit, बिजली और AC सिस्टम की नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। PM शहबाज शरीफ ने दिए जांच के आदेश हादसे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुख जताया है। उन्होंने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं और यह पता लगाने को कहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इतनी तेजी से कैसे फैली। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हादसे के समय अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और रेस्क्यू के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हादसे ने कई सवाल छोड़े PIMS में हुआ यह हादसा सिर्फ एक अस्पताल की घटना नहीं है, बल्कि इससे सरकारी अस्पतालों की Emergency Preparedness और Fire Safety पर भी बहस शुरू हो गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां आग की वजह और जिम्मेदारी तय करने में जुटी हैं। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आने के कारण आधिकारिक आंकड़े का इंतजार किया जा रहा है। एक तरफ अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आए परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं इस हादसे ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि संवेदनशील मरीजों और खासकर नवजात बच्चों की सुरक्षा के लिए अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Flood Alert: काशी के 84 घाट डूबे, Bihar में 50 हजार लोग प्रभावित; MP के 21 जिलों में Heavy Rain

देश के कई राज्यों में मानसून (Monsoon) की बारिश अब राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से काशी के 84 घाट पानी में डूब गए हैं। घाटों के आसपास की करीब 5 हजार दुकानों पर इसका असर पड़ा है। दूसरी ओर बिहार में बाढ़ से करीब 50 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 21 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगहों पर रोजमर्रा की जिंदगी और छोटे कारोबार सीधे प्रभावित हुए हैं। Varanasi Flood: काशी के 84 घाट जलमग्न वाराणसी में गंगा का पानी तेजी से बढ़ने के बाद काशी के 84 घाटों पर बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। दशाश्वमेध, अस्सी और मणिकर्णिका समेत कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। घाटों पर आने-जाने वाले लोगों की संख्या कम हुई है। सुरक्षा को देखते हुए कई गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। गंगा किनारे रहने और काम करने वाले लोगों के लिए स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। 5 हजार दुकानों पर Flood का असर गंगा का जलस्तर बढ़ने का सबसे बड़ा असर घाट किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों पर पड़ा है। करीब 5 हजार दुकानों के बंद होने या कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है। फूल-माला, पूजा सामग्री, खानपान और पर्यटकों से जुड़े छोटे कारोबार करने वाले लोगों के लिए मानसून की यह स्थिति आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है। नाव संचालन पर भी असर पड़ा है। Bihar Flood: 50 हजार लोग बाढ़ से घिरे बिहार में भी नदियों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गंगा समेत कई नदियों के उफान पर आने से निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 50 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ के बीच सबसे बड़ी चिंता उन परिवारों की है जिनका घर और रोजमर्रा का काम सीधे नदी के बढ़ते पानी से प्रभावित हुआ है। MP Weather Alert: 21 जिलों में Heavy Rain की संभावना मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल समेत कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में Waterlogging और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता वाराणसी से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश तक बारिश का असर अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। कहीं घाट डूब रहे हैं, कहीं गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच रहा है तो कहीं भारी बारिश का Alert लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। फिलहाल आने वाले दिनों का मौसम बेहद अहम रहेगा। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की Advisory को गंभीरता से लेना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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France

France Tornado Pomas में तूफान ने मचाई तबाही, घरों की छतें उड़ीं

France में सोमवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और कुछ ही मिनटों में Pomas गांव का नजारा बदल गया। तेज तूफान के बीच आए Tornado ने घरों की छतें उड़ा दीं, पेड़ गिरा दिए और कई इमारतों को नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा में 41 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि करीब 300 घरों को नुकसान पहुंचा है। मलबे और टूटे-फूटे सामान से सड़कों के भर जाने के बाद स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव अभियान तेज करना पड़ा। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। अचानक आया Tornado, लोगों में मची दहशत Aude क्षेत्र के Pomas और आसपास के इलाकों में सोमवार शाम तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही समय में हवा इतनी तेज हो गई कि लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ी। Tornado के गुजरने के बाद कई मकानों की छतों और खिड़कियों को नुकसान पहुंचा। गांव की गलियों में पेड़ और मलबा बिखरा दिखाई दिया। प्रभावित इलाकों में प्रशासन और Emergency Services की टीमें पहुंचीं और नुकसान का जायजा लेना शुरू किया। 41 लोग घायल, कई अस्पताल में भर्ती इस घटना में 41 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत टीमों ने प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद की और क्षतिग्रस्त इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू की। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे क्षतिग्रस्त मकानों में बिना जांच के वापस न जाएं। कुछ परिवारों के लिए अस्थायी राहत केंद्रों की व्यवस्था भी की गई। 300 घरों को नुकसान, कई छतें उड़ीं Tornado का सबसे ज्यादा असर मकानों पर दिखाई दिया। करीब 300 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई घरों की छतों को नुकसान पहुंचा, जबकि खिड़कियां और बाहरी हिस्से भी टूट गए। स्थानीय लोगों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें कुछ ही मिनटों में समझ नहीं आया कि अचानक इतनी तेज हवा कहां से आ गई। 117 kmph तक पहुंची हवा की रफ्तार मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक आसपास के क्षेत्र में 117 kmph तक की तेज हवाएं दर्ज की गईं। हालांकि, इस आंकड़े को सीधे Tornado की स्पीड बताना सही नहीं होगा। यह आसपास के इलाके में दर्ज तेज हवा की गति है। दक्षिणी फ्रांस में पहले से ही खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी थी। तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी ने हालात को और मुश्किल बना दिया। बिजली और सड़क व्यवस्था प्रभावित तूफान के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कई इलाकों में पेड़ और मलबा सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ। Emergency teams को रास्ते साफ करने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए काम करना पड़ा। खराब मौसम का असर Road और Rail Services पर भी पड़ा। कई जगहों पर यातायात धीमा हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। Flight Services पर भी पड़ा असर फ्रांस के कई हिस्सों में खराब मौसम के कारण Flight Operations भी प्रभावित हुए। कुछ उड़ानों में देरी हुई, जबकि कुछ सेवाओं को रद्द या प्रभावित करना पड़ा। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी Flight Status जांचने की सलाह दी गई। यानी Tornado और Storm का असर केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Transport Network पर भी इसका असर दिखाई दिया। Vuelta a España पर भी मौसम का असर खराब मौसम का असर खेल आयोजनों पर भी पड़ा। Vuelta a España Cycling Race के तीसरे चरण को सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा। तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद आयोजकों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए रेस को रोकने का फैसला किया। राहत कार्य जारी, सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटा है। क्षतिग्रस्त मकानों की जांच की जा रही है और सड़कों से मलबा हटाया जा रहा है। Pomas के लोगों के लिए यह शाम लंबे समय तक याद रहने वाली है। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं ने जिस तरह घरों और आसपास के इलाके को प्रभावित किया, उसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना और बिजली, सड़क व परिवहन व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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तरुण तेजपाल

2013 Rape Case: तरुण तेजपाल को राहत नहीं, Supreme Court ने दिया Surrender का निर्देश

2013 के रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व तहलका एडिटर तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Surrender से छूट की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करना होगा। तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई थी। अब उनकी अपील पर अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। Supreme Court ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सरेंडर से राहत देने की मांग की। उनका पक्ष था कि मुख्य अपील पर सुनवाई होने तक तेजपाल को जेल जाने से छूट दी जाए। वहीं, गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया। सरकार का कहना था कि अदालत के आदेश के मुताबिक पहले सरेंडर किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सरेंडर से राहत देने से इनकार कर दिया और दो सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया। साथ ही सरेंडर सर्टिफिकेट अदालत में दाखिल करने को कहा गया है। 10 साल की सजा के खिलाफ Supreme Court पहुंचे तेजपाल यह मामला 2013 का है। आरोप एक महिला सहकर्मी से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले का है। मामले की सुनवाई के दौरान तेजपाल ने आरोपों से इनकार किया था। 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। Goa Government ने Life Imprisonment की मांग की मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है। सरकार की मांग है कि 10 साल की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास किया जाए। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के सामने अब दोषसिद्धि और सजा से जुड़े कई अहम पहलू हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तेजपाल को दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। इसके बाद उनकी मुख्य अपील पर 22 सितंबर को सुनवाई होनी है। यानी आने वाले दिनों में यह मामला एक बार फिर अदालत में केंद्र में रहेगा। तेजपाल की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है, जबकि गोवा सरकार सजा बढ़ाने की मांग कर रही है। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से राहत नहीं दी है और तेजपाल को निर्धारित समय के भीतर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।

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