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Delhi

Delhi Police पर हमला: बाइक विवाद ने लिया हिंसक मोड़, महिला और नाबालिग भी शामिल

राजधानी दिल्ली (Delhi) में पुलिसकर्मियों पर हमले का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भलस्वा डेयरी थाना इलाके के मुकुंदपुर में बाइक जब्त किए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उनकी आंखों में मिर्च पाउडर (Chilli Powder) डाला गया और फिर ईंट व डंडों से मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। बाइक के Documents नहीं होने पर हुई कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान जांच के दौरान एक बाइक मिली, जिसके जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं थे। पुलिस ने बाइक को जब्त कर थाने में जमा करा दिया। बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद बाइक से जुड़े लोग पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे। बाइक जब्त किए जाने को लेकर पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया। आंखों में मिर्च पाउडर डालकर किया हमला आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद उनके साथ ईंट और डंडों से मारपीट की गई। पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए पहुंचे एक अन्य हेड कॉन्स्टेबल को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। हमले में तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। महिला और नाबालिग के शामिल होने का आरोप मामले में एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा है। वहीं, घटना में एक महिला समेत अन्य लोगों के शामिल होने की भी बात सामने आई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में शामिल बताए जा रहे एक व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने शुरू की जांच इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे। मौके से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। दिल्ली जैसे महानगर में पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान इस तरह का हमला गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस की कोशिश फरार आरोपियों को पकड़ने और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

US Tariff के खिलाफ Canada का पलटवार, PM Carney ने किया Retaliatory Tariff का ऐलान

अमेरिका और कनाडा के बीच Trade War अब और गहरा गया है। कई दिनों की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका और अमेरिका ने कनाडा के कुछ सामान पर 50% टैरिफ (Tariff) लागू कर दिया। इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी साफ कर दिया है कि उनका देश पीछे हटने वाला नहीं है। कनाडा अब अमेरिकी सामान पर Dollar-for-Dollar Tariff लगाने की तैयारी में है। अमेरिका ने लगाया 50% Tariff 22 अगस्त से अमेरिका ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लागू किया है। इस फैसले का असर कई उत्पादों पर पड़ रहा है, जिनमें कुछ खाद्य सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, सीमेंट और खेल से जुड़े उत्पाद भी शामिल हैं। यह फैसला उस समय आया जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में थी। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनने की उम्मीद थी, लेकिन आखिरी समय में मतभेद बढ़ गए और बातचीत टूट गई। PM Mark Carney का कड़ा जवाब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के फैसले पर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिकी शर्तों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। कार्नी के मुताबिक, बातचीत के अंतिम चरण में अमेरिका की ओर से कुछ ऐसे बदलाव किए गए, जिन्हें कनाडा ने अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदायक माना। कार्नी ने अपने बयान में कहा कि जब किसी देश पर हमला होता है तो वह खुद को बचाने के लिए जवाब देता है। यहां उनका इशारा आर्थिक हमले और व्यापारिक दबाव की ओर था, न कि सैन्य युद्ध की ओर। 8 सितंबर से America पर Canada का पलटवार अमेरिका के 50% टैरिफ के जवाब में कनाडा ने Dollar-for-Dollar Retaliatory Tariffs लगाने का फैसला किया है। ये जवाबी शुल्क 8 सितंबर 2026 से लागू होंगे। कनाडा की ओर से अमेरिकी स्टील, डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उपकरण और दूसरे उत्पादों को निशाना बनाया जाएगा। कार्नी सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि टैरिफ से प्रभावित कनाडाई कारोबार और कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त सहायता उपायों की घोषणा की जाएगी। Trade Deal आखिर क्यों नहीं हो पाया? दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच पिछले कई हफ्तों से व्यापार को लेकर बातचीत चल रही थी। कनाडा चाहता था कि उसके ज्यादातर कारोबार को अमेरिकी बाजार में टैरिफ से राहत मिले और रणनीतिक उद्योगों को स्थिरता मिले। लेकिन बातचीत के अंतिम दौर में दोनों पक्ष कुछ अहम मुद्दों पर सहमत नहीं हो सके। कनाडा ने अमेरिकी प्रस्तावों में हुए आखिरी समय के बदलावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कनाडा ने बातचीत रोक दी और अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया। दोनों देशों के कारोबार पर पड़ेगा असर अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार बेहद बड़ा है। ऐसे में टैरिफ बढ़ने का असर सिर्फ सरकारों तक सीमित रहने वाला नहीं है। कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है और कुछ उत्पादों की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है। AP के मुताबिक, नए टैरिफ दोनों देशों में कीमतों को बढ़ाने और कारोबारी अनिश्चितता पैदा करने की क्षमता रखते हैं। कनाडा अब अमेरिकी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने और दूसरे देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। कार्नी सरकार का कहना है कि देश को अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने और निर्यात बाजारों में विविधता लाने पर ध्यान देना होगा। आगे क्या होगा? फिलहाल अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव कम होने के संकेत नहीं हैं। अमेरिका का 50% टैरिफ लागू हो चुका है, जबकि कनाडा का जवाबी टैरिफ 8 सितंबर से प्रभावी होने वाला है। अगर दोनों देशों के बीच जल्द बातचीत शुरू नहीं होती है, तो यह US-Canada Trade War और लंबी खिंच सकती है। इसका असर कारोबार, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने की आशंका है। कभी बेहद करीबी आर्थिक साझेदार रहे अमेरिका और कनाडा के रिश्ते अब एक ऐसे मोड़ पर हैं, जहां Trade, Tariff और National Interest तीनों एक-दूसरे से जुड़े नजर आ रहे हैं। आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि दोनों देश फिर बातचीत की मेज पर लौटते हैं या व्यापारिक टकराव और बढ़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs Sri Lanka

India vs Sri Lanka Test: Team India ने टॉस जीतकर चुनी Batting, 33 साल के Saransh Jain का Debut

भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच दूसरा टेस्ट मुकाबला शुरू हो चुका है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के बाद भारतीय टीम अब सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरी है। मुकाबले की शुरुआत से ही सबसे ज्यादा चर्चा भारत की Playing XI को लेकर है। 33 साल की उम्र में Saransh Jain का Test Debut भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका दिया है। 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करना अपने आप में खास है। घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत और अच्छे प्रदर्शन के बाद सारांश को आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। सारांश ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी योगदान की उम्मीद होगी। उनके लिए यह मुकाबला सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिले मौके को यादगार बनाने का मौका भी है। Kuldeep Yadav को मिला आराम सारांश जैन के Playing XI में आने के बाद कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखा गया है। पहले टेस्ट में कुलदीप को गेंदबाजी से ज्यादा प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने 25 ओवर में एक विकेट हासिल किया था। इसके उलट मानव सुथार ने पहले टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 विकेट चटकाए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम ने अपने स्पिन कॉम्बिनेशन में बदलाव किया है। भारत के सामने Series जीतने का मौका भारत पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। अब दूसरे टेस्ट में जीत मिलती है तो टीम इंडिया सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेगी। भारतीय बल्लेबाजों पर भी नजर रहेगी। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम की बल्लेबाजी मजबूत है और टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने से भारत ने स्कोरबोर्ड पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। Sri Lanka की मुश्किलें भी बढ़ीं दूसरी तरफ श्रीलंका की टीम चोटों से परेशान है। कुसल मेंडिस और दिनेश चांदीमल दूसरे टेस्ट में उपलब्ध नहीं हैं। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से मेजबान टीम की बल्लेबाजी कमजोर हुई है। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारतीय स्पिन गेंदबाजों का सामना करना होगी। पहले टेस्ट में भारत के स्पिनर्स ने मेजबान बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। अब दूसरे टेस्ट में श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने एक बार फिर बड़ी परीक्षा होगी। Colombo Test में किसका पलड़ा भारी? टॉस भारत के पक्ष में गया है और टीम ने बिना ज्यादा सोच-विचार के पहले बल्लेबाजी चुन ली। अब निगाहें भारतीय ओपनर्स पर हैं कि वे टीम को कितनी मजबूत शुरुआत दिलाते हैं। वहीं सारांश जैन के लिए यह दिन बेहद खास है। 33 साल की उम्र में मिले Test Debut को वह अपने प्रदर्शन से यादगार बनाना चाहेंगे। भारत के लिए जहां सीरीज जीतने का मौका है, वहीं श्रीलंका के सामने वापसी की चुनौती है। कुल मिलाकर IND vs SL 2nd Test में टॉस, Saransh Jain का Debut और Kuldeep Yadav का बाहर होना मुकाबले की शुरुआत में ही सबसे बड़ी सुर्खियां बन गए हैं। अब असली कहानी मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों और श्रीलंकाई गेंदबाजों के प्रदर्शन से तय होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही, UP में Flood का कहर; Varanasi से Uttarkashi तक हाहाकार

देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) की तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में महज छह महीने पहले बनी सड़क बारिश के पानी में बह गई, तो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और आसपास के इलाके प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है। MP में छह महीने पहले बनी सड़क पानी में बही मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महीने पहले तैयार हुई सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पाई और पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क के साथ पुलिया के डूबने से आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बह जाने से रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। UP में Flood से बढ़ी परेशानी उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। Varanasi में गंगा का जलस्तर बढ़ा वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं और तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का असर पहुंच रहा है। पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव करना पड़ा है। जिन घाटों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती है, वहां अब पानी का दबाव दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आई बड़ी परेशानी है। कई परिवार पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। Uttarkashi में Highway पर संकट उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किल बढ़ाई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता MP से लेकर UP और Uttarakhand तक बारिश का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। कहीं सड़क और पुलिया पानी में बह रही है, कहीं बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच रहा है और कहीं पहाड़ों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो रहे हैं। मानसून के इस दौर में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने की है। वहीं लोगों से भी नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। Monsoon Alert: सावधानी जरूरी बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को निकलने से पहले Route Status की जानकारी लेनी चाहिए। मौसम में सुधार होने तक थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kharge

Sugar Import पर सियासत तेज: Kharge बोले- भारत में चीनी की कमी, फिर कैसा Atmanirbhar Bharat?

रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले आम परिवारों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार में बढ़ते दामों को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की कीमतों और घरेलू स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। खड़गे (Kharge ) ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, तो घरेलू जरूरतों के लिए Sugar Import की नौबत क्यों आई? उन्होंने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। तीन महीने में चीनी के दाम में बड़ा उछाल Kharge का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। हाल के दिनों में भी खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी देखी गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय की प्याली तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी और कई खाद्य उत्पादों की लागत भी इससे प्रभावित होती है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सीधे घरेलू बजट पर असर डालती है। Kharge ने सरकार से पूछे 3 बड़े सवाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार से तीन अहम सवाल किए हैं। पहला सवाल: भारत में चीनी का स्टॉक नौ साल के निचले स्तर तक कैसे पहुंच गया? दूसरा सवाल: जब देश चीनी का प्रमुख उत्पादक है, तो सरकार को निर्यात पर रोक लगाने और 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति क्यों देनी पड़ी? तीसरा सवाल: अगर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है, तो E20 और Ethanol Policy की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खड़गे का तर्क है कि अगर गन्ने और उससे जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ रहा है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता पर भी देखा जाना चाहिए। सरकार ने Ethanol Policy को बताया जिम्मेदार नहीं विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई दूसरे कारण हैं। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन में कमी की आशंका है। खराब मौसम और गन्ने की पैदावार पर पड़े असर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। 10 लाख टन Raw Sugar Import का फैसला बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन Raw Sugar के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचे और कीमतों पर दबाव कम हो। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब घरेलू स्टॉक और उत्पादन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। Stock Limit से जमाखोरी पर भी नजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने Stock Limit से जुड़े कदम भी उठाए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने और कृत्रिम कमी पैदा होने की संभावना को कम करना है। सरकार की नजर खास तौर पर त्योहारों से पहले बाजार की स्थिति पर है। मांग बढ़ने के दौरान अगर सप्लाई सामान्य रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। खराब मौसम और कम उत्पादन भी बड़ी वजह सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में परिस्थितियों का प्रभाव उत्पादन पर पड़ा है। यही वजह है कि केंद्र और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विपक्ष जहां कीमतों और Import को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार उत्पादन में कमी और बाजार की परिस्थितियों को मुख्य वजह बता रही है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल—चीनी कब सस्ती होगी? इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों की नजर एक ही बात पर है—चीनी की कीमत आखिर कब नीचे आएगी? त्योहारों का मौसम सामने है और मिठाई से लेकर घर की रोजमर्रा की चाय तक, चीनी की जरूरत हर परिवार में है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती सिर्फ राजनीतिक आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखते हुए कीमतों को काबू में रखना भी है। फिलहाल Sugar Price Hike, Duty-Free Import और Ethanol Policy को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई और सरकारी कदमों का बाजार पर असर इस कहानी की अगली तस्वीर तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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झारखंड

Ramgarh Factory Blast: झारखंड के Iron Plant में बड़ा हादसा, 3 Engineers की मौत

झारखंड के रामगढ़ से शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई। यहां एक आयरन फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुआ Blast, आग ने लिया विकराल रूप बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के बरकाकाना इलाके में स्थित आयरन फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान पावर प्लांट से तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही देर में वहां आग फैल गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश शुरू की। सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। तीन Engineers की मौत, एक Worker घायल हादसे में तीन इंजीनियर बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अचानक हुए इस हादसे से फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। Blast की वजह अभी साफ नहीं फैक्ट्री में आग और ब्लास्ट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या जैसी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की वजह पता करने में जुटी हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मशीनरी की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता घायल मजदूर के इलाज और मृतकों के परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की है। रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े औद्योगिक संयंत्रों में Safety Protocols और नियमित मशीनरी जांच कितनी जरूरी है। Ramgarh Factory Blast की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitin Nabin

Nitin Nabin की नई BJP Team की पहली Meeting, Vande Mataram के सभी 6 अंतरे

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की पहली अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और युवाओं को BJP से जोड़ने को लेकर मंथन किया गया। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के अगले राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतृत्व ने संगठन को सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की तैयारी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रहा। नेताओं और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई। स्थानीय समस्याओं को समझने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। Youth Connect पर BJP का खास फोकस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। BJP अब युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति आने वाले समय में अहम हो सकती है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने पर भी पार्टी का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। Vande Mataram के सभी 6 अंतरे, बैठक का खास पल नई टीम की पहली बैठक का सबसे अलग पहलू वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का गायन रहा। बैठक में मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। इससे बैठक की शुरुआत में ही एकजुटता और राष्ट्रभावना का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम के सामने अब संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की चुनौती है। आगामी चुनावों की तैयारी, युवा वोटर्स से संवाद और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता—ये सभी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे रहने वाले हैं। पहली बैठक से साफ है कि BJP का फोकस अब Election Preparation के साथ Organization Strength और Youth Connect पर भी रहेगा। आने वाले दिनों में बैठक में बनी रणनीति को किस तरह जमीन पर लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mayawati

Akhilesh Yadav पर Mayawati का बड़ा हमला, ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर Jat समाज से मांगें माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने फिर हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई, वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को जयंत चौधरी के साथ-साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा ने कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन बाद में वही लोग पार्टी से अलग हो गए। उनके इस बयान को जयंत चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल से जोड़कर देखा गया। अखिलेश की टिप्पणी सामने आने के बाद जयंत चौधरी ने भी जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक आलोचना करनी है तो सीधे उनका नाम लिया जाए। पूरे जाट समाज को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना ठीक नहीं है। Mayawati ने अखिलेश को घेरा विवाद बढ़ा तो मायावती ने अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज या सम्मानित राजनीतिक परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। मायावती ने अखिलेश से जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी जरूरत के हिसाब से पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति रुख बदलती रही है। ‘काम निकलने के बाद बदल जाते हैं रंग’ Mayawati ने सपा की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी सहयोगी से राजनीतिक फायदा लेना होता है तो उसे महत्व दिया जाता है, लेकिन काम निकलने के बाद रवैया बदल जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ वाली बात कही। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में उतरीं मायावती मायावती का जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज का प्रभाव लंबे समय से चुनावी समीकरणों में अहम माना जाता है। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी और उसके बाद मायावती का हमला राजनीतिक मायने रखता है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के बयान को लेकर सफाई भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था। 2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी? उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सपा, RLD और बसपा के बीच बदलते समीकरणों के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ विवाद ने एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव मायावती की माफी की मांग पर जवाब देंगे? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Canada

Canada पर 50% Tariff: US Trade Deal का खेल बिगड़ा, PM Carney बोले- देंगे करारा जवाब

US-Canada Trade Deal को लेकर चल रही बातचीत आखिरकार बेनतीजा रही। आखिरी दौर में समझौता नहीं हो सका और इसके बाद अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% Tariff लगा दिया। अमेरिका के इस फैसले ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से जारी व्यापारिक खींचतान को और तेज कर दिया है। कनाडा ने भी साफ कर दिया है कि वह इस फैसले को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने अमेरिका के कदम का Dollar-for-Dollar जवाब देने की बात कही है। यानी कनाडा अमेरिकी सामान पर भी जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी में है। आखिरी वक्त में क्यों टूटी Trade Deal? अमेरिका और कनाडा के बीच Trade Deal को लेकर कई दौर की बातचीत हुई थी। उम्मीद थी कि दोनों देश टैरिफ विवाद को खत्म करने के लिए किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। बातचीत के दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनने के संकेत भी मिले, लेकिन अंतिम चरण में मामला फिर बिगड़ गया। कनाडाई पक्ष के मुताबिक, बातचीत के आखिरी दौर में अमेरिका की ओर से ऐसी शर्तें सामने आईं जिन्हें स्वीकार करना उसके लिए मुश्किल था। इसके बाद समझौते की कोशिश फिलहाल रुक गई। अमेरिका ने लगाया 50% Tariff डील टूटने के बाद अमेरिका ने कनाडा के लगभग 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर 50% टैरिफ लागू किया है। हालांकि प्रभावित सामान कनाडा के अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन इस फैसले का राजनीतिक और कारोबारी असर बड़ा माना जा रहा है। टैरिफ की चपेट में कई तरह के औद्योगिक और उपभोक्ता उत्पाद आ सकते हैं। इससे दोनों देशों के कारोबारियों के लिए लागत बढ़ने और सप्लाई चेन पर दबाव आने की चिंता भी बढ़ी है। PM Mark Carney का सख्त रुख अमेरिकी फैसले के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नरम रुख अपनाने के बजाय जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है। कार्नी ने कहा है कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का Dollar-for-Dollar जवाब देगा। सीधी भाषा में समझें तो अगर अमेरिकी टैरिफ से कनाडाई सामान पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है, तो कनाडा भी अमेरिकी उत्पादों पर उसी अनुपात में शुल्क लगाने की दिशा में कदम उठा सकता है। USMCA पर भी मंडरा रहा संकट अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव का असर केवल मौजूदा Tariff War तक सीमित नहीं रह सकता। दोनों देशों के बीच व्यापार को नियंत्रित करने वाले USMCA समझौते की आगे की बातचीत और समीक्षा भी इससे प्रभावित हो सकती है। अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाला टैरिफ विवाद उद्योगों, कंपनियों और सप्लाई चेन के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। अब आगे क्या? फिलहाल दोनों देशों के तेवर देखकर लगता है कि US-Canada Trade War का मुद्दा जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। एक तरफ अमेरिका ने 50% Tariff के जरिए दबाव बढ़ाया है, तो दूसरी तरफ कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का संकेत देकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू होती है या नहीं। अगर बातचीत का रास्ता खुलता है तो टैरिफ विवाद कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल Trade Deal का टूटना और 50% Tariff दोनों देशों के रिश्तों में नई चुनौती बनकर सामने आया है। नोट: टैरिफ और व्यापारिक नीतियों में बदलाव तेजी से हो सकते हैं, इसलिए नए सरकारी फैसलों के साथ आंकड़ों और शुल्क दरों में बदलाव संभव है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FDA

Maharashtra FDA Action: तुकाराम मुंढे का ‘सिंघम’ अंदाज, Hotel से Quick Commerce तक मचा हड़कंप

महाराष्ट्र में इन दिनों Food Safety को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई ने छोटे ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट, क्लब, कैंटीन और Quick Commerce कंपनियों तक को सतर्क कर दिया है। जहां भी खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई या लाइसेंस से जुड़ी गंभीर खामी मिल रही है, वहां FDA कार्रवाई कर रहा है। क्यों चर्चा में है तुकाराम मुंढे का FDA अभियान? तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा जांच को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया। मुंढे ने एक बयान में बताया कि करीब दो महीनों में 3,100 से ज्यादा निरीक्षण, लगभग 165 तत्काल लाइसेंस निलंबन और 750 से अधिक सुधार नोटिस जारी किए गए। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच उनके अभियान की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मुंढे खुद इस तरह की ‘सिंघम’ वाली छवि से दूरी बनाते हुए कहते रहे हैं कि विभाग कानून के मुताबिक काम कर रहा है। बड़े नाम भी FDA की नजर से बाहर नहीं महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई की खास बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ छोटे कारोबारियों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई में McDonald’s समेत कई चर्चित क्लब और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर स्वच्छता, खाद्य भंडारण और लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र में Domino’s और Pizza Hut के कुछ आउटलेट भी FDA की कार्रवाई की चपेट में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान स्वच्छता से जुड़ी कमियां, कीटों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी संबंधी खामियां सामने आईं। Quick Commerce कंपनियों पर भी शिकंजा आज के दौर में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी सेवाओं से लोग रोजमर्रा का सामान घर बैठे मंगाते हैं। ऐसे में FDA ने इनके Dark Stores और Warehouses को भी जांच के दायरे में रखा है। Reuters के मुताबिक, महाराष्ट्र में FDA ने 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 60 सुधार नोटिस जारी किए। कई वेयरहाउस में स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलने के बाद लाइसेंस या परमिट पर कार्रवाई की गई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Instamart से जुड़े 14 Food Business Licences निलंबित किए गए। यानी अब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर भी खाद्य सुरक्षा नियमों से समझौता करना आसान नहीं होगा। कहीं खराब पनीर, कहीं गंदगी ने खोली पोल FDA की हालिया जांच में सामने आए मामले इस अभियान की गंभीरता बताते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान कथित तौर पर सड़ा और दुर्गंधयुक्त पनीर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FDA ने इसे गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन माना। मुंबई के कुछ प्रतिष्ठानों में भी मक्खियां, कॉकरोच, असुरक्षित खाद्य भंडारण और दूसरे Hygiene Violations मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई। स्कूल कैंटीन और कॉलेजों तक पहुंची जांच FDA की नजर अब स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मौजूद खाने-पीने की दुकानों पर भी है। तुकाराम मुंढे ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले Educational Institutions के आसपास के eateries के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। IIT Bombay की दो हॉस्टल कैंटीन को भी वैध FSSAI लाइसेंस नहीं होने के कारण बंद किए जाने की रिपोर्ट सामने आई। इसके साथ ही FDA ने बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘Safe Food For Every Child in Maharashtra’ अभियान भी शुरू किया है। दूध और मिलावट पर भी नजर FDA का अभियान सिर्फ रेस्टोरेंट और कैंटीन तक सीमित नहीं है। दूध में मिलावट और Synthetic Milk Units के खिलाफ भी महाराष्ट्र में कार्रवाई हुई है। जांच का दायरा डेयरी, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक बढ़ाया गया है। यानी सरकार का फोकस सिर्फ उस जगह तक नहीं है जहां खाना तैयार होता है, बल्कि Food Supply Chain के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर है। कार्रवाई पर सवाल भी उठे जहां एक ओर FDA के अभियान को समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ कार्रवाई को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में FDA के तत्काल लाइसेंस निलंबन के आदेशों पर रोक लगाई या उन्हें पलटा। अदालत ने ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य जोखिम और उचित प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया। पुणे की एक मिठाई की दुकान से जुड़े मामले में भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा जांच में प्रतिष्ठान ने 36 में से 35 खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया था। इससे साफ है कि Food Safety Enforcement के साथ-साथ कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। CM फडणवीस ने दिया मुंढे को समर्थन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने FDA के अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार के समर्थन के बाद यह संकेत साफ है कि महाराष्ट्र में Food Safety अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? इस पूरी कार्रवाई का सबसे सीधा असर आम ग्राहक पर पड़ता है। जिस होटल, कैंटीन या दुकान से लोग रोज खाना खरीदते हैं, वहां साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी सेहत से है। लेकिन इस अभियान की असली सफलता सिर्फ छापेमारी या लाइसेंस निलंबित करने में नहीं होगी। लंबे समय में जरूरी यह है कि कारोबारियों में नियमों का पालन करने की आदत बने और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन मिले। फिलहाल महाराष्ट्र में FDA का संदेश बिल्कुल साफ है—चाहे छोटा कारोबार हो या बड़ा ब्रांड, Food Safety Rules से समझौता हुआ तो कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली ने इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में अभियान का दायरा और बढ़ने के संकेत हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।

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