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Share Market

Share Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव

शेयर बाजार (Share Market) में तेजी देखकर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए बुधवार का कारोबार थोड़ा निराशाजनक रहा। 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बनाई, लेकिन दोपहर तक तस्वीर बदल गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक नीचे आ गया और 73,500 के आसपास कारोबार करने लगा। ऑटो और मेटल शेयरों में बिकवाली ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला। बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है। Sensex और Nifty में गिरावट, शुरुआती तेजी पड़ी फीकी बुधवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख इंडेक्स को सहारा मिला। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद सेंसेक्स अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सका। दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,200 अंक की गिरावट ने बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को उजागर किया। निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला। निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े दांव लगाने के बजाय कारोबार से जुड़े संकेतों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। Auto और Metal Stocks में क्यों बढ़ी बिकवाली? बाजार की गिरावट में ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों की कमजोरी चर्चा में रही। इन सेक्टरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। ऑटो कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए वाहन बिक्री, मांग और उत्पादन लागत जैसे पहलू अहम हैं। वहीं, मेटल कंपनियों के प्रदर्शन पर वैश्विक मांग, धातुओं की कीमतों और औद्योगिक गतिविधियों का असर पड़ता है। हालांकि, पूरे सेक्टर को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा। अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में उनकी वित्तीय स्थिति और कारोबार के आधार पर अलग-अलग चाल देखने को मिल सकती है। Crude Oil Price में तेजी से बढ़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तेल महंगा होने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, परिवहन खर्च और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे कुछ कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और तेल बाजार की चाल पर नजर रख रहे हैं। IT Stocks और Reliance पर भी निवेशकों की नजर जहां ऑटो और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, वहीं आईटी सेक्टर और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चर्चा में रहे। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबार की संभावनाएं निवेशकों के लिए अहम हैं। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़ी गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, किसी एक कंपनी में खरीदारी या तेजी से पूरे बाजार की दिशा तय नहीं होती। सेंसेक्स और निफ्टी पर कई बड़े शेयरों और सेक्टरों का संयुक्त असर पड़ता है। Share Market में गिरावट की 4 बड़ी वजहें निवेशक अब किन बातों पर रखें नजर? आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजे अहम रहेंगे। इन संकेतों से बाजार की दिशा को समझने में मदद मिल सकती है, हालांकि बाजार की चाल का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन, अपनी जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना बेहतर रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver Rate

Gold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे

Gold-Silver Rate में गिरावट ने सर्राफा बाजार का ध्यान खींचा है। बीते दो दिनों में सोना करीब ₹2,300 सस्ता होने की खबर है। वहीं, चांदी के दाम में भी लगभग ₹5,000 की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में जो लोग त्योहारों या शादी के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनकी नजर अब सोने-चांदी के नए भाव पर है। आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर करीब ₹1.44 लाख रह गई है। हालांकि, 21 अक्टूबर 2026 को सामने आए ताजा बाजार अपडेट में सोने और चांदी के भाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए। इसलिए खरीदारी से पहले आज का रेट जरूर जांच लें। Gold Price Today: 10 ग्राम सोने का भाव कितना है? 21 अक्टूबर के बाजार अपडेट के अनुसार, सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:25 बजे उपलब्ध एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 ग्राम सोना ₹669 सस्ता होकर ₹1,45,850 पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,46,519 था। वहीं, एक अन्य बाजार अपडेट में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में कीमतों का अंतर अपडेट के समय और बाजार के आधार पर हो सकता है। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से गहने खरीदने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, केवल एक-दो दिन के भाव देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 21 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक किलो चांदी का भाव ₹2,11,485 से घटकर ₹2,09,050 पर आ गया। यानी कीमत में ₹2,435 की कमी दर्ज की गई। वहीं, कुछ खुदरा बाजारों में चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो बताया गया। यह अंतर बाजार और कीमत अपडेट के तरीके के कारण हो सकता है। इसलिए अपने शहर के सर्राफा बाजार से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि बर्तन, सिक्के और कई औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। यही वजह है कि इसके दाम में होने वाले बदलाव पर खरीदारों और कारोबारियों की नजर बनी रहती है। Gold-Silver Rate क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों पर घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर पड़ता है। डॉलर की मजबूती, रुपये की विनिमय दर, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक हालात कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। 21 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से मिलने वाले संकेतों का भी इंतजार कर रहे हैं। इन परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, सोने और चांदी के भाव में गिरावट की वजह केवल एक कारक नहीं है। बाजार में निवेशकों की खरीद-बिक्री और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं भी कीमतों की दिशा तय करती हैं। क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? अगर आप त्योहार, शादी या किसी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करना फायदेमंद रहेगा। लेकिन यह जरूरी नहीं कि आज कीमत कम हुई है तो आने वाले दिनों में भी गिरावट जारी रहेगी। खरीदारी के समय इन बातों का ध्यान रखें: Gold-Silver Price: अलग-अलग शहरों में भाव क्यों बदलते हैं? दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और दूसरे शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर हो सकता है। स्थानीय बाजार की परिस्थितियां, कारोबारी मार्जिन और आभूषण बनाने के शुल्क अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन दिखाई देने वाला बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप पर मिलने वाली कीमत एक जैसी होना जरूरी नहीं है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आज के Gold-Silver Rate पर एक नजर 21 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध अलग-अलग बाजार अपडेट के अनुसार: ये दरें अलग-अलग बाजारों और अपडेट के समय के आधार पर हैं। इन्हें एक ही बाजार की समान दर न मानें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amit Shah

Amit Shah का बड़ा बयान Naxalism के खिलाफ लड़ाई में 3,600 जवान शहीद, नशामुक्त भारत का Target

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर देश की आंतरिक सुरक्षा और नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को लेकर अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। साथ ही, सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे की समस्या से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। Naxalism News: नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 से ज्यादा जवान शहीद अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय से जारी अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इस लड़ाई में हजारों सुरक्षाकर्मियों ने अपना बलिदान दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के साहस और समर्पण की सराहना की। गृह मंत्री के मुताबिक, नक्सलवाद से जुड़ी हिंसा ने सुरक्षाकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में इस समस्या से निपटना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी रहा है। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा था। अमित शाह ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रभावित क्षेत्रों में किए गए प्रयासों को इस दिशा में अहम बताया। Kashmir और North East में Security Situation पर क्या बोले अमित शाह? अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उनके अनुसार, आतंकवाद और उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा अभियानों के साथ बातचीत और समझौतों पर भी जोर दिया गया है। नॉर्थ-ईस्ट में विभिन्न संगठनों के साथ हुए शांति समझौतों और मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सरकार ने सकारात्मक बदलाव के रूप में पेश किया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बल लगातार काम कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां और उनकी स्थिति अलग हो सकती है। Drug-Free India 2029: नशे के खिलाफ अभियान तेज करने की तैयारी अमित शाह ने देश को नशे की समस्या से मुक्त बनाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाना है। इसके लिए पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसके लिए युवाओं में जागरूकता बढ़ाना, नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इलाज और पुनर्वास की सुविधा देना भी महत्वपूर्ण है। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों से इस अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया। Police Memorial Day: शहीद जवानों को किया गया याद हर साल 21 अक्टूबर को Police Memorial Day यानी पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन ड्यूटी के दौरान देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को समर्पित है। इस दिन शहीद जवानों के योगदान को याद किया जाता है और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम भी इसी भावना का प्रतीक है। अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भूमिका बेहद अहम है। सीमाओं से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक, जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। आगे क्या हैं सरकार की चुनौतियां? कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति बनाए रखना सरकार के सामने एक अहम चुनौती है। इसके साथ ही 2029 तक नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई, जागरूकता और पुनर्वास की जरूरत होगी। अमित शाह के बयान से साफ है कि सरकार आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। इन लक्ष्यों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सुरक्षा उपायों के साथ विकास, रोजगार, जागरूकता और सामाजिक सहयोग को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Para Asian Games

Para Asian Games भारत को 3 Gold, Shot Put और High Jump में खिलाड़ियों ने दिखाया दम

Asian Para Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। जापान के आइची-नागोया में हो रहे इस खेल आयोजन में भारत ने एथलेटिक्स और तीरंदाजी में कई पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। शॉट पुट में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक अपने नाम किए, वहीं हाई जंप में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल भारत के खाते में आए। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी मेहनत और दमखम दिखाया। सचिन खिलारी, प्रवीण कुमार और आयुष वर्मा ने गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरीं। इनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों ने भी सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक तालिका में योगदान दिया। Shot Put में भारत का क्लीन स्वीप, सचिन खिलारी ने जीता Gold पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में सचिन सरजेराव खिलारी ने 15.87 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में यह दूरी हासिल की और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इस मुकाबले में भारत का प्रदर्शन और भी खास रहा। मोहम्मद यासिर ने 15.06 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि परवीन ने 14.94 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस तरह इस स्पर्धा के तीनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के खाते में आए। एक ही इवेंट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि रही। High Jump में प्रवीण कुमार ने बनाया रिकॉर्ड हाई जंप में प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय दल को एक और बड़ी सफलता दिलाई। प्रवीण ने शानदार छलांग के साथ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। इस तरह हाई जंप में भी भारत को दो पदक मिले। आयुष वर्मा के नाम भी Gold Medal पुरुषों की शॉट पुट F53 स्पर्धा में आयुष वर्मा ने 8.16 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह दूरी हासिल की। आयुष के लिए यह प्रतियोगिता का दूसरा पदक रहा। इससे पहले वह जैवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके थे। लगातार दो स्पर्धाओं में पदक जीतना उनके शानदार प्रदर्शन को दिखाता है। भाग्यश्री जाधव ने जीता Silver, अनभव चौधरी को Bronze महिलाओं की शॉट पुट F34 स्पर्धा में भाग्यश्री जाधव ने 8.19 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता। वहीं, पुरुषों की 100 मीटर T35 दौड़ में अनभव चौधरी ने 12.72 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इन पदकों के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। मैदान पर उनकी मेहनत का नतीजा पदकों के रूप में देखने को मिला। Archery में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी को Silver तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की टीम से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, गोल्ड नहीं मिल सका, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। Asian Para Games में भारत का शानदार प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में है। एथलेटिक्स से लेकर तीरंदाजी तक, खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीत रहे हैं। गोल्ड मेडल के साथ सिल्वर और ब्रॉन्ज की उपलब्धियां भी भारतीय दल के लिए अहम हैं। सचिन खिलारी का रिकॉर्ड बनाने वाला थ्रो, प्रवीण कुमार की शानदार छलांग और आयुष वर्मा का गोल्ड मेडल इस दिन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहे। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें आगामी मुकाबलों पर हैं, जहां खिलाड़ियों से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारतीय खिलाड़ियों की यह सफलता बताती है कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Update पहाड़ों पर बढ़ी ठंड, राजस्थान में ओले; दक्षिण भारत में Heavy Rain का अलर्ट

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ों पर ठंड बढ़ने लगी है, राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिर रहे हैं और मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण चेन्नई समेत पांच जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। केदारनाथ में तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबर है। दूसरी ओर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई इलाकों में आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी दिनचर्या और यात्रा की योजना बनानी चाहिए। Kedarnath Weather: केदारनाथ में बढ़ी ठंड, पारा -7°C तक पहुंचा उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर तेज होने लगा है। केदारनाथ में तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को गर्म कपड़े साथ रखने के साथ स्थानीय प्रशासन की सलाह पर भी ध्यान देना चाहिए। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और रास्तों की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। Rajasthan Weather: बारिश के साथ गिरे ओले, फिर बदलेगा मौसम राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। कई जगह तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में 21 से 23 अक्टूबर के बीच मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। वहीं, 24 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में दोबारा बारिश और गरज-चमक की संभावना है। बारिश और ओलावृष्टि का असर खेती पर भी पड़ सकता है। किसानों को सलाह है कि वे मौसम का ताजा अपडेट देखकर फसलों और खुले में रखी उपज की सुरक्षा के इंतजाम करें। MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के 21 जिलों में बारिश की संभावना मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। प्रदेश के 21 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इससे दिन के तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है। मालवा, ग्वालियर-चंबल और आसपास के इलाकों में मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश की संभावना वाले जिलों की सूची में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा शामिल बताए गए हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता हर जिले में एक जैसी नहीं होगी। लोगों को अपने क्षेत्र का स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए। Tamil Nadu Rain Alert: चेन्नई समेत 5 जिलों में School Holiday तमिलनाडु में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए 21 अक्टूबर को चेन्नई समेत पांच जिलों में स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई। इन जिलों में चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया। चेन्नई और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचना चाहिए। स्कूलों की छुट्टी और अन्य जरूरी निर्देशों के लिए जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना देखना बेहतर रहेगा। IMD Latest Update: 26 अक्टूबर तक दक्षिण भारत में बारिश का अनुमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और तमिलनाडु तट के आसपास बनने वाली मौसम प्रणाली का असर दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। हालांकि, बारिश की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए IMD के ताजा बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है। North India Weather: उत्तर भारत में भी बदल सकता है मौसम उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 23 से 26 अक्टूबर के बीच मौसम बदल सकता है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ इलाकों में भी 24 और 25 अक्टूबर के आसपास हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है। Weather Alert: बारिश और ठंड के बीच इन बातों का रखें ध्यान बदलते मौसम में थोड़ी सावधानी परेशानी से बचा सकती है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग रास्तों और मौसम की स्थिति की जानकारी पहले ले लें। किसानों को कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग जलभराव और यातायात से जुड़ी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लें। देशभर में मौसम का बदला मिजाज, आगे भी अलर्ट पर नजर जरूरी केदारनाथ में गिरता तापमान, राजस्थान में ओलावृष्टि, मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की संभावना और तमिलनाडु में स्कूलों की छुट्टी बता रही है कि मौसम कई राज्यों में अलग-अलग रूप दिखा रहा है। आने वाले दिनों में दक्षिण भारत में बारिश का असर बना रह सकता है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने का अनुमान है। लोगों को सलाह है कि किसी भी यात्रा, खेती या जरूरी काम की योजना बनाने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट जरूर जांचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India vs New Zealand

India vs New Zealand: कभी जीतना था मुश्किल, अब न्यूजीलैंड में तीसरी T20 Series जीतने का मौका

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए न्यूजीलैंड की धरती पर टी-20 क्रिकेट का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी था, जब टीम इंडिया को कीवी टीम के खिलाफ उसकी घरेलू जमीन पर पहली टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज करने के लिए करीब 10 साल इंतजार करना पड़ा था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में अपनी ताकत दिखाई है और अब उसके पास लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका है। भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच होने वाली पांच मैचों की T20 Series को लेकर क्रिकेट फैंस की नजरें दोनों टीमों पर टिकी हैं। भारतीय टीम जहां अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी, वहीं न्यूजीलैंड घरेलू मैदान का फायदा उठाकर सीरीज जीतने की कोशिश करेगा। India vs New Zealand: कैसे बदली टीम इंडिया की कहानी? भारत और न्यूजीलैंड के बीच न्यूजीलैंड की धरती पर पहला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला 2008-09 में खेला गया था। उस समय भारतीय टीम को दोनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी न्यूजीलैंड में जीत दर्ज करना भारत के लिए आसान नहीं रहा। 2018-19 के दौरे पर टीम इंडिया ने आखिरकार अपनी पहली टी-20 इंटरनेशनल जीत दर्ज की। तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला जीतकर भारत ने इतिहास रचा। हालांकि, भारतीय टीम सीरीज 1-2 से हार गई थी। इस जीत ने भारतीय टीम के लिए न्यूजीलैंड में आगे का रास्ता जरूर खोला, लेकिन सीरीज जीतने के लिए उसे अभी और इंतजार करना था। 2019-20 में भारत ने किया कमाल साल 2019-20 में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने न्यूजीलैंड को 5-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया। यह सीरीज भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए खास रही, क्योंकि टीम इंडिया ने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना संयम बनाए रखा। कुछ मुकाबलों में मैच का फैसला सुपर ओवर तक पहुंचा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में तीन मैचों की टी-20 सीरीज 1-0 से जीती। बारिश के कारण एक मैच रद्द हुआ, जबकि दूसरा मुकाबला टाई रहा था। इस तरह भारत ने न्यूजीलैंड की धरती पर अपनी दूसरी टी-20 सीरीज जीत दर्ज की। अब भारतीय टीम के सामने लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का लक्ष्य है। IND vs NZ Head-to-Head: किसका पलड़ा भारी? भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कई यादगार मुकाबले हुए हैं। भारत का कुल रिकॉर्ड बेहतर रहा है, लेकिन न्यूजीलैंड को उसके घरेलू मैदान पर हल्के में नहीं लिया जा सकता। दोनों टीमों के बीच मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता और न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी अक्सर निर्णायक भूमिका निभाती है। यही वजह है कि आगामी सीरीज में भी क्रिकेट फैंस को कड़े मुकाबलों की उम्मीद रहेगी। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह शुरुआती मैचों से ही लय हासिल करे, ताकि सीरीज में बढ़त बनाना आसान हो सके। Vaibhav Sooryavanshi पर रहेंगी सबकी नजरें इस सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी चर्चा में हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण उन्होंने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने उनके प्रदर्शन को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी ने वैभव की बल्लेबाजी क्षमता की तारीफ की है और उनके खिलाफ रणनीति तैयार करने की बात कही है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। ऐसे में वैभव के साथ-साथ टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका भी अहम रहेगी। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलते हैं और बाद में रन गति बढ़ाते हैं, तो टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिल सकती है। IND vs NZ T20 Series 2026: शेड्यूल और मुकाबलों पर नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज को लेकर क्रिकेट फैंस उत्साहित हैं। सीरीज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ टीम संयोजन और गेंदबाजी रणनीति भी अहम होगी। न्यूजीलैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगी, जबकि भारत की नजर अपनी पिछली सीरीज जीतों की लय को बरकरार रखने पर होगी। मैचों की तारीख, मैदान और प्रसारण की जानकारी के लिए आधिकारिक क्रिकेट बोर्ड के अपडेट देखना बेहतर रहेगा। क्या भारत जीत की हैट्रिक लगा पाएगा? एक समय न्यूजीलैंड में पहली टी-20 जीत के लिए करीब एक दशक इंतजार करने वाली टीम इंडिया अब वहां अपनी तीसरी लगातार सीरीज जीतने का लक्ष्य लेकर उतरने की तैयारी में है। यह बदलाव भारतीय टी-20 क्रिकेट में आए सुधार और टीम के बढ़ते आत्मविश्वास को भी दिखाता है। हालांकि, क्रिकेट में पुराने रिकॉर्ड मैदान पर जीत की गारंटी नहीं होते। न्यूजीलैंड की टीम अपने घरेलू मैदान पर कड़ी चुनौती दे सकती है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अब फैंस को इंतजार है कि टीम इंडिया न्यूजीलैंड में अपनी जीत का सिलसिला आगे बढ़ा पाती है या नहीं। अगर भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो यह सीरीज एक बार फिर यादगार बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Marco Rubio

Marco Rubio Statement: पाकिस्तान से बातचीत जरूरी, भारत-ईरान की दोस्ती का अमेरिका ने किया जिक्र

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) का बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अमेरिका के लिए उसके साथ संपर्क बनाए रखना जरूरी है। रुबियो ने भारत और ईरान के रिश्तों का उदाहरण देते हुए समझाया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मतभेद होने के बावजूद देशों को बातचीत के रास्ते खुले रखने पड़ते हैं। रुबियो ने यह बयान 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में Network18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में दिया। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रखने से अमेरिका को उन गतिविधियों को हतोत्साहित करने में मदद मिल सकती है, जिनसे भारत को सुरक्षा संबंधी चिंता है। पाकिस्तान से रिश्ते बनाए रखना क्यों जरूरी मानता है अमेरिका? मार्को रुबियो ने कहा कि विदेश मंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी केवल किसी एक देश के साथ संबंधों को देखना नहीं, बल्कि अमेरिका की व्यापक विदेश नीति को संभालना है। इसके लिए उन देशों के साथ भी संपर्क बनाए रखना पड़ता है, जिनके साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद होते हैं। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका दुनिया में आतंकवाद और आतंकवाद को समर्थन देने वालों के खिलाफ है। इसके बावजूद पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि उसके पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी रणनीतिक रूप से अहम है। रुबियो का कहना था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रहने से अमेरिका को भारत की चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है। भारत और ईरान का उदाहरण देकर क्या समझाया? अपने बयान में रुबियो ने भारत और ईरान के संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत भी ईरान के नेताओं से मिलता है और उसके साथ अपने राजनयिक रिश्ते बनाए रखता है। इस उदाहरण के जरिए रुबियो ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हर देश को अपने हितों के हिसाब से फैसले लेने पड़ते हैं। किसी देश के साथ कुछ मुद्दों पर असहमति होने का मतलब यह नहीं है कि उससे बातचीत पूरी तरह बंद कर दी जाए। हालांकि, भारत की ईरान नीति और अमेरिका की पाकिस्तान नीति अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़ी हैं। दोनों देशों के सुरक्षा हित, क्षेत्रीय चुनौतियां और कूटनीतिक प्राथमिकताएं एक जैसी नहीं हैं। भारत ने आतंकवाद पर क्या रुख रखा? रुबियो के बयान के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी आतंकवाद को लेकर भारत का रुख दोहराया। 20 अक्टूबर को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारत को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का अधिकार है और वह अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की अपेक्षा करता है। जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने के लिए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। इससे साफ है कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग के कई अहम क्षेत्र हैं, लेकिन आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे भारत के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। India-US Trade Deal पर भी हुई चर्चा मार्को रुबियो के भारत दौरे में पाकिस्तान से जुड़े बयान के अलावा व्यापार समझौता भी अहम मुद्दा रहा। 20 अक्टूबर को मुंबई में रुबियो और एस. जयशंकर के बीच मुलाकात हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की। रुबियो ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उम्मीद जताई कि समझौते के बाकी मुद्दों को जल्द सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं, हालांकि कुछ बिंदुओं पर काम बाकी है। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता पिछले कुछ समय से टैरिफ और ऊर्जा खरीद जैसे मुद्दों के कारण प्रभावित रही है। ऐसे में इस दौरे को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। ईरान के साथ बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका पाकिस्तान की भूमिका केवल अमेरिका के साथ उसके संबंधों तक सीमित नहीं है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में भी इस्लामाबाद कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है। 20 अक्टूबर को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने से पहले अपनी शर्तें रखीं। इनमें प्रतिबंध हटाने, बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्र में जारी संघर्ष रोकने जैसे मुद्दे शामिल थे। इस घटनाक्रम से पता चलता है कि पाकिस्तान पश्चिम एशिया से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में भी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का आगे क्या परिणाम होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आगे भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा क्या होगी? मार्को रुबियो का बयान बताता है कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक जरूरतों के आधार पर देख रहा है। वहीं, भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी चिंताओं को लगातार सामने रखता रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ बातचीत बनाए रखते हुए भारत की सुरक्षा चिंताओं को किस तरह संबोधित करता है। फिलहाल, रुबियो के बयान का मुख्य संदेश यही है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में देशों को अपने हितों और मतभेदों के बीच संतुलन बनाकर चलना पड़ता है। भारत, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों की दिशा आने वाले कूटनीतिक फैसलों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jio Platforms IPO

Jio Platforms IPO: QIB कैटेगरी में जबरदस्त मांग, Retail Investors का कैसा रहा रिस्पॉन्स?

Jio Platforms IPO को लेकर शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। 21 अक्टूबर 2026 को पब्लिक इश्यू खुलने के साथ ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। शुरुआती कारोबार के दौरान Qualified Institutional Buyers (QIB) कैटेगरी में मजबूत मांग देखने को मिली। दूसरी ओर, रिटेल निवेशकों की भागीदारी पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। करीब ₹30,213 करोड़ के इस IPO को देश के बड़े पब्लिक इश्यू में गिना जा रहा है। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता है कि आने वाले दिनों में इश्यू को कितना सब्सक्रिप्शन मिलता है और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग कैसी रहती है। Jio Platforms IPO Subscription Status: QIB कैटेगरी में मजबूत मांग IPO खुलने के शुरुआती घंटों में संस्थागत निवेशकों की ओर से अच्छी मांग दर्ज की गई। QIB कैटेगरी में मिले मजबूत रिस्पॉन्स ने इस इश्यू को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, रिटेल और Non-Institutional Investors (NII) कैटेगरी में शुरुआती प्रतिक्रिया तुलनात्मक रूप से धीमी रही। यहां ध्यान देने वाली बात है कि IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस लगातार बदलता रहता है। इसलिए निवेशकों को आवेदन करने से पहले NSE और BSE पर उपलब्ध ताजा आंकड़े देखने चाहिए। QIB कैटेगरी में म्यूचुअल फंड, बैंक और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। इस श्रेणी में ज्यादा मांग कंपनी के इश्यू में बड़े निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है, लेकिन इससे लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। ₹30,213 करोड़ का है Jio Platforms IPO Jio Platforms इस IPO के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना के साथ बाजार में आई है। कंपनी ने शेयरों के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक शेयर की कीमत ₹1,119 है। अगर लॉट साइज 12 शेयर है, तो एक लॉट के लिए ₹13,428 की रकम चाहिए। निवेशकों को आवेदन से पहले आधिकारिक IPO दस्तावेजों में इन जानकारियों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। Anchor Investors ने भी दिखाई दिलचस्पी पब्लिक इश्यू से पहले एंकर निवेशकों की भागीदारी भी चर्चा में रही। एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO खुलने से पहले निर्धारित नियमों के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। बड़े निवेशकों की भागीदारी से किसी इश्यू को लेकर बाजार की दिलचस्पी का अंदाजा मिल सकता है। हालांकि, आम निवेशकों को सिर्फ एंकर निवेशकों के नाम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय स्थिति और भविष्य की कारोबारी संभावनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। Retail Investors के लिए क्या है जरूरी? Jio Platforms IPO में आवेदन करने से पहले रिटेल निवेशकों को कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) पढ़ें और उसमें दी गई वित्तीय जानकारी को समझें। इसके अलावा, कंपनी के कारोबार, प्रतिस्पर्धा, संभावित जोखिम और शेयर की कीमत का आकलन करना जरूरी है। IPO में ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव जरूर बढ़ेगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर भी मुनाफे का पक्का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह अनौपचारिक बाजार का संकेत होता है। Jio Platforms IPO की जरूरी तारीखें IPO से जुड़ी प्रमुख तारीखों के अनुसार, इश्यू 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहने का कार्यक्रम है। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर और शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इन तारीखों की पुष्टि कंपनी के अंतिम आधिकारिक अपडेट से करना जरूरी है। Jio Platforms IPO पर क्यों है बाजार की नजर? Jio Platforms टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की डिजिटल मौजूदगी और बड़े ग्राहक आधार के कारण इस IPO पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इस इश्यू का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार में बड़े IPO और डिजिटल कारोबार से जुड़ी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चर्चा को भी प्रभावित कर सकता है। फिर भी, निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन और शेयर की कीमत को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhagwant Mann

Bhagwant Mann Airport Controversy: ₹50 हजार की Customs Duty पर AAP ने उठाए सवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने का मामला चर्चा में है। आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा है कि मुख्यमंत्री को करीब तीन घंटे तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा और 50 हजार रुपये की राशि का चालान लगाया गया। इस घटना के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम जांच के दौरान सामान से जुड़ी जानकारी सामने आई है। ऐसे में इस पूरे मामले में दो पहलू चर्चा में हैं—एक तरफ AAP के राजनीतिक आरोप और दूसरी तरफ कस्टम ड्यूटी लगाए जाने की खबर। आइए जानते हैं कि भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद क्या हुआ और विवाद क्यों बढ़ा। France Visit के बाद Delhi Airport पर क्या हुआ? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगवंत मान 19 अक्टूबर 2026 को फ्रांस से भारत लौटे थे। वह पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ पेरिस में आयोजित SIAL Paris 2026 फूड ट्रेड शो में शामिल होने गए थे। इस दौरे का मकसद पंजाब के कृषि और खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना था। AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री को करीब तीन घंटे तक रोका गया। उनके मुताबिक, शुरुआत में अधिकारियों ने सामान आने और उसकी जांच होने की बात कही। बाद में 50 हजार रुपये का चालान लगाए जाने की जानकारी सामने आई। पार्टी ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि मुख्यमंत्री को इतनी देर तक इंतजार क्यों करना पड़ा। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई पूरी कार्रवाई और देरी के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना अभी बाकी है। ₹50,000 की Customs Duty पर क्यों उठे सवाल? इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा 50 हजार रुपये की राशि को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम विभाग के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सामान की जांच के दौरान कुछ ऐसी वस्तुएं मिलीं, जिनकी जानकारी कथित तौर पर अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसी वजह से कस्टम ड्यूटी लगाए जाने की बात सामने आई। हालांकि, सामान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि 50 हजार रुपये की राशि केवल कस्टम ड्यूटी थी या इसमें किसी तरह का जुर्माना भी शामिल था। इसलिए इस मामले में AAP के आरोपों और कस्टम जांच से जुड़ी रिपोर्टों को अलग-अलग समझना जरूरी है। आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। AAP ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना एयरपोर्ट पर हुई इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की आलोचना की। पार्टी नेताओं का आरोप है कि भगवंत मान के विदेशी दौरे से जुड़े मामलों में लगातार बाधाएं पैदा की जा रही हैं। AAP ने कहा कि मुख्यमंत्री फ्रांस में पंजाब के कारोबार और खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गए थे। ऐसे में उनके साथ हुए घटनाक्रम पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पार्टी ने इस मामले को पंजाब के सम्मान से जोड़ते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई के पीछे राजनीतिक दबाव होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। France जाने की अनुमति पर भी हुआ था विवाद भगवंत मान के फ्रांस दौरे से पहले भी उनकी यात्रा को लेकर विवाद सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने शुरुआत में उनके दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने इस फैसले पर आपत्ति जताई। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पेरिस में आयोजित SIAL Paris 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। यह दौरा पंजाब के कृषि और खाद्य कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ऐसे में वापसी के बाद एयरपोर्ट पर रोके जाने की खबर ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया। अब किन सवालों के जवाब का इंतजार? भगवंत मान से जुड़े इस मामले में फिलहाल कुछ सवालों पर स्थिति साफ होना बाकी है। इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान से ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल, AAP ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में कस्टम जांच को कार्रवाई की संभावित वजह बताया गया है। पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आने के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां सिद्धिदात्री

Navratri 2026: नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। उन्हें नवदुर्गा का अंतिम स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री भक्तों को सिद्धि, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती हैं। नवमी के दिन कई परिवारों में हवन, कन्या पूजन और विशेष आराधना की जाती है। मां सिद्धिदात्री की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी हैं। कुछ धार्मिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि उन्होंने भगवान शिव को भी सिद्धियां प्रदान कीं। इसी कारण भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप को भी मां की शक्ति से जोड़ा जाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः। भोग: मां को तिल या हलवा-पूरी अर्पित करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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