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NICU

Maharashtra Hospital Fire: अमरावती में NICU बना आग का शिकार, 3 नवजातों की मौत

महाराष्ट्र के अमरावती से सोमवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई। जिला महिला अस्पताल के NICU/नवजात यूनिट में अचानक आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसे के समय यूनिट में कुल 39 बच्चे भर्ती थे। आग की खबर फैलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुबह तड़के NICU में भड़की आग जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात यूनिट में सुबह करीब 3:30 बजे आग लगी। शुरुआती जानकारी में आग एक ventilator में धमाके या तकनीकी खराबी के बाद लगने की बात सामने आई है। हालांकि, आग की वास्तविक वजह अभी जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। आग लगते ही यूनिट में धुआं फैल गया। उस समय वहां कई नवजात बच्चे इलाज और निगरानी में थे। ऐसी स्थिति में मेडिकल स्टाफ के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की थी। 39 में से 36 बच्चों को सुरक्षित निकाला आग की सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी हरकत में आ गए। स्टाफ ने बिना समय गंवाए बच्चों को यूनिट से बाहर निकालना शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, 39 में से 36 नवजातों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रभावित बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही है। तीन नवजातों की मौत से परिवारों में मातम हादसे में तीन नवजातों की जान चली गई। जिन परिवारों के बच्चे इस हादसे का शिकार हुए, उनके लिए यह पल बेहद मुश्किल है। अस्पताल परिसर में परिजनों की चिंता और दुख का माहौल देखने को मिला। Ventilator Explosion की बात, जांच जारी प्रारंभिक रिपोर्टों में वेंटिलेटर में धमाके को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। प्रशासन की जांच के बाद ही पता चलेगा कि आग मेडिकल उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। जांच में अस्पताल की Fire Safety व्यवस्था, मेडिकल उपकरणों की स्थिति और सुरक्षा प्रोटोकॉल समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है। Hospital Fire Safety पर फिर उठे सवाल अमरावती की घटना ने अस्पतालों, खासकर NICU जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में Fire Safety को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नवजात बच्चों को अत्यधिक संवेदनशील स्थिति में रखा जाता है और वहां इस्तेमाल होने वाले वेंटिलेटर, वार्मर समेत दूसरे उपकरणों की सुरक्षा बेहद अहम होती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आग कैसे लगी और क्या समय रहते इसे रोकने या नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम मौजूद थे। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी। Amravati Hospital Fire ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। तीन नवजातों की मौत के बाद अब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और घटना की वजह को लेकर जांच के नतीजों का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Turkey-China से Pakistan पहुंचे कई Military Aircraft! Defence Supply पर क्यों मचा हंगामा?

पाकिस्तान की Defence Activity को लेकर इन दिनों कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तुर्किये और चीन से सैन्य परिवहन विमानों की पाकिस्तान (Pakistan) में आवाजाही बढ़ी है। करीब 60 घंटे के दौरान कई Military Flights के पाकिस्तान पहुंचने की खबर सामने आई है। इन उड़ानों को संभावित Defence Equipment और Drone Supply से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विमानों में वास्तव में क्या सामान था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 60 घंटे में कई Military Flights, क्यों बढ़ी चर्चा? रिपोर्टों के मुताबिक चीन और तुर्किये के सैन्य परिवहन विमानों ने पाकिस्तान के कुछ Airbases का रुख किया। लगातार होती इस आवाजाही ने Defence circles का ध्यान खींचा है। पाकिस्तान और चीन के बीच पहले से मजबूत सैन्य साझेदारी है। दूसरी ओर Turkey भी पिछले कुछ वर्षों में Islamabad के साथ Defence Cooperation बढ़ाता रहा है। ऐसे में दोनों देशों से Military Aircraft की गतिविधि एक साथ सामने आने के बाद पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि केवल Flight Movements के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में हथियार या Drone मिले हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इस तरह की संभावित सप्लाई की बात कही गई है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। Turkey-Pakistan Defence Relations क्यों हैं खास? Turkey और Pakistan के रिश्ते केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच Defence Technology, Military Training और रक्षा सहयोग से जुड़े कई क्षेत्रों में साझेदारी रही है। पाकिस्तान के लिए Turkey से मिलने वाली Defence Technology इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Islamabad अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं Ankara भी पाकिस्तान के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को लगातार मजबूत करता रहा है। China भी Pakistan का बड़ा Defence Partner China लंबे समय से पाकिस्तान का प्रमुख Defence Partner रहा है। दोनों देशों के बीच Fighter Aircraft, Military Equipment और Defence Technology को लेकर सहयोग है। ऐसे में अगर चीन और Turkey दोनों की Military Activity पाकिस्तान में बढ़ती है, तो इसका असर केवल Pakistan तक सीमित नहीं माना जाएगा। South Asia की Strategic Situation पर भी इसका असर पड़ सकता है। Mecca Defence Pact ने बढ़ाई Strategic हलचल इसी बीच 7 अगस्त को Saudi Arabia, Turkey और Pakistan के बीच Mecca Joint Defence Agreement हुआ। समझौते के तहत तीनों देशों ने सामूहिक सुरक्षा और Defence Cooperation को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। समझौते के मुताबिक किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। Turkey के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने इसे NATO के Article 5 जैसी Collective Defence व्यवस्था के समान बताया था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते का उद्देश्य Iran को निशाना बनाना नहीं है। India के लिए क्यों अहम है Pakistan का यह Defence Move? भारत के लिए पाकिस्तान की Defence Capability में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव महत्वपूर्ण है। खासकर तब, जब Islamabad के China और Turkey के साथ सैन्य संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। हालिया Military Flights और Mecca Defence Pact को एक साथ देखा जाए तो Pakistan की Strategic Partnerships का दायरा बढ़ता दिखाई देता है। लेकिन इन घटनाओं को सीधे किसी आगामी युद्ध या सैन्य कार्रवाई की तैयारी कहना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान पहुंचे इन Military Transport Aircraft में आखिर क्या था। Drone और अन्य Defence Equipment की Supply को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन जब तक आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती, तब तक इन दावों को सावधानी से देखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Satish Mahana

Satish Mahana Viral Video ने बढ़ाया विवाद, राष्ट्रगान को लेकर आयोजकों ने दी ये सफाई

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रगान के दौरान महाना कार्यक्रम स्थल से निकलकर अपनी कार में बैठकर चले गए। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक हलकों में भी इसको लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, इस पूरे विवाद की तस्वीर सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम के आयोजकों ने सामने आकर अलग जानकारी दी है। उनका कहना है कि जिस जगह महाना मौजूद थे, वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था। राष्ट्रगान मुख्य सभागार में चल रहा था और उसकी आवाज बाहर तक सुनाई दे रही थी। Viral Video में क्या दिखाई दे रहा है? वायरल वीडियो में सतीश महाना मंच से नीचे उतरते और फिर अपनी कार की तरफ जाते नजर आते हैं। इसी दौरान राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देती है। वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया गया कि क्या महाना राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही कार्यक्रम से चले गए थे। यही वीडियो अब राजनीतिक बहस का कारण बन गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल खड़े किए हैं। आयोजकों ने बताई पूरी कहानी विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम के आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो को देखकर गलत धारणा बन रही है। उनके मुताबिक, महाना को जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, वह जगह मुख्य ऑडिटोरियम से अलग थी। आयोजक का कहना है कि राष्ट्रगान ऑडिटोरियम के अंदर बजाया जा रहा था, जबकि बाहर खड़े लोगों तक उसकी आवाज पहुंच रही थी। इसलिए वीडियो में राष्ट्रगान सुनाई देने के बावजूद यह जरूरी नहीं कि महाना उसी स्थान पर राष्ट्रगान के सामने खड़े थे। Satish Mahana ने भी रखा अपना पक्ष सतीश महाना की ओर से भी मामले पर सफाई सामने आई। उनका कहना है कि उन्होंने राष्ट्रगान के दौरान सम्मान में सलामी दी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान जिस स्थान पर बजाया जा रहा था, वह उनकी मौजूदगी वाली जगह से अलग था। महाना ने वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों पर नाराजगी भी जताई। उनके मुताबिक, पूरे मामले को जिस तरह सोशल मीडिया पर पेश किया जा रहा है, उससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती। Opposition ने साधा निशाना वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सतीश महाना पर निशाना साधा। विपक्ष का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से राष्ट्रगान के दौरान विशेष सावधानी और सम्मान की अपेक्षा की जाती है। वहीं, दूसरी तरफ आयोजकों की सफाई और महाना के बयान के बाद इस मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है। अब पूरा विवाद इस बात पर टिका है कि राष्ट्रगान वास्तव में किस स्थान पर बज रहा था और वायरल वीडियो किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया। सोशल मीडिया पर Viral हुआ मामला सतीश महाना का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से आने लगीं। कुछ लोग वीडियो के आधार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स आयोजकों की सफाई को अहम मान रहे हैं। फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो, विपक्ष के आरोप और आयोजकों की सफाई—तीनों अलग-अलग दावे सामने हैं। ऐसे में बिना पूरी परिस्थिति जाने किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FSSAI

FSSAI का बड़ा एक्शन! Food Brands के भ्रामक दावों पर सख्ती, Domino’s के 5 लाइसेंस हुए Suspend

खाने-पीने की चीजों के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावों को लेकर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने अब सख्त रुख अपनाया है। FSSAI ने हाल के महीनों में 150 से ज्यादा Notices जारी किए हैं। इनमें Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India समेत कई नामी कंपनियां शामिल हैं। मामला Misleading Advertisements, गलत Claims और Labelling Rules से जुड़ा है। नियामक की इस कार्रवाई ने Food Industry में हलचल बढ़ा दी है। खास बात यह है कि कार्रवाई केवल बड़ी पैकेज्ड फूड कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि Restaurants, Food Chains और E-commerce Platforms भी इसकी जद में आए हैं। Nestle, PepsiCo और Coca-Cola समेत कई कंपनियों को Notice FSSAI की कार्रवाई में Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India, Abbott India, Red Bull India, Danone India, Monster Energy India, Mondelez India, Ferrero India और Kenvue समेत कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। नियामक ने ऐसे मामलों पर सवाल उठाए हैं, जहां Product या Advertisement में किए गए दावों को लेकर नियमों का पालन नहीं हुआ। कुछ मामलों में उत्पादों की जब्ती जैसी कार्रवाई भी की गई है। FSSAI की सख्ती का एक बड़ा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक किसी Food Product को लेकर ऐसी जानकारी के आधार पर फैसला न लें, जो भ्रामक या नियमों के अनुरूप नहीं है। Domino’s के 5 Licenses हुए Suspend इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा Domino’s को लेकर है। FSSAI की कार्रवाई में Food Service Establishments को भी नोटिस दिए गए हैं। KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee जैसे बड़े नाम भी जांच के दायरे में आए। रिपोर्ट के मुताबिक, Domino’s के पांच Food Licenses Suspend किए गए हैं। यह कदम Food Safety और Regulatory Compliance को लेकर गंभीरता दिखाता है। Amazon और Flipkart भी नहीं बचे FSSAI की निगरानी का दायरा Online Food Business तक भी पहुंच गया है। Amazon और Flipkart को कुल 12 Notices जारी किए गए हैं। वहीं, एक Amazon Warehouse का License भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि Food Safety Regulator अब केवल Manufacturing Companies ही नहीं, बल्कि Food Products की Online Supply Chain और उनके कारोबार से जुड़े अन्य हिस्सों पर भी नजर रख रहा है। क्यों महत्वपूर्ण है FSSAI की यह कार्रवाई? Food Products खरीदते समय ग्राहक अक्सर पैकेट पर लिखे Claims और Advertisements को देखकर फैसला लेते हैं। ऐसे में अगर किसी Product के फायदे, Ingredients या दूसरी खूबियों को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है, तो Consumer Mislead हो सकता है। यही वजह है कि Misleading Advertising और Incorrect Labelling के खिलाफ कार्रवाई सीधे आम लोगों के हित से जुड़ी है। FSSAI की इस कार्रवाई से Food Companies के लिए भी साफ संदेश गया है कि Product Packaging और Advertising में किए गए Claims को नियमों के अनुरूप रखना होगा। कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि Consumer तक पहुंचने वाली जानकारी साफ, सही और भ्रामक न हो। Food Industry के लिए बड़ा संदेश 150 से ज्यादा Notices और कई Licenses पर कार्रवाई के बाद Food Industry में Regulatory Compliance को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बड़ी कंपनियों से लेकर Restaurants और Online Platforms तक, सभी के लिए यह कार्रवाई एक तरह की चेतावनी है। आखिरकार, खाने की चीजों के मामले में ग्राहक का भरोसा सबसे अहम होता है। FSSAI की सख्ती का असर अगर कंपनियों को अपने Claims और Labelling को लेकर ज्यादा सावधान बनाता है, तो इसका सीधा फायदा Consumer को मिलेगा। FSSAI Action का संदेश साफ है—Food Business में Brand कितना भी बड़ा क्यों न हो, नियमों का पालन जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Outlook: अगले हफ्ते बदलेगी बाजार की चाल? Sensex-Nifty पर इन 4 Factors की रहेगी नजर

शेयर बाजार (Stock Market) में पिछले कुछ दिनों से चल रही कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हर कारोबारी दिन अब यही सवाल है कि बाजार आखिर कब पलटेगा? शुक्रवार को Sensex और Nifty ने हल्की बढ़त के साथ सप्ताह का अंत जरूर किया, लेकिन पूरे सप्ताह दोनों इंडेक्स लाल निशान में रहे। 21 अगस्त को Nifty 50 करीब 24,252 अंक पर, जबकि Sensex 77,540.83 के स्तर पर बंद हुआ। साप्ताहिक आधार पर दोनों प्रमुख इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। अब 24 अगस्त से शुरू होने वाले नए कारोबारी सप्ताह में बाजार की नजर घरेलू घटनाक्रम के साथ-साथ कई Global Factors पर रहेगी। Crude Oil: बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इन दिनों कच्चे तेल की कीमतें Dalal Street के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर बनी हुई हैं। Middle East में तनाव के चलते Oil Prices में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसलिए तेल महंगा होने पर देश का Import Bill बढ़ सकता है और महंगाई को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों की लागत और बाजार के Sentiment पर भी पड़ सकता है। अगर अगले सप्ताह Crude Oil में नरमी आती है, तो शेयर बाजार को राहत मिल सकती है। वहीं तेल की कीमतें फिर तेज हुईं तो निवेशकों की मुश्किल बढ़ सकती है। Global Market का मूड भी तय करेगा दिशा भारतीय बाजार अब ग्लोबल संकेतों से अलग होकर नहीं चल सकता। अमेरिकी बाजार, Bond Yields और दुनिया के प्रमुख बाजारों में निवेशकों की Risk Appetite का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है। खासकर ऊंची US Bond Yield विदेशी निवेशकों को Emerging Markets में निवेश को लेकर सतर्क कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में Global Market Trends पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। FII-DII Flow बनेगा बड़ा संकेत विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लंबे समय से भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में अगले सप्ताह FII की खरीदारी और बिकवाली बाजार के लिए अहम संकेत होगी। अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है और घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी करते हैं, तो बाजार को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा मिल सकता है। इसके उलट FII Selling बढ़ती है तो तेजी पर दबाव बन सकता है। Nifty के Technical Levels पर रहेगी नजर Nifty फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह इंडेक्स 24,025.65 से 24,360.10 के बीच रहा और 24,252 के आसपास बंद हुआ। इससे साफ है कि बाजार अभी किसी मजबूत दिशा का इंतजार कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सत्रों में Consolidation जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को हर तेजी को Rally और हर गिरावट को Crash मानने से बचना होगा। Investors के लिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता? अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने की उम्मीद करना फिलहाल मुश्किल है। Crude Oil की कीमत, Middle East की स्थिति, Global Bond Yields और FII-DII Activity चार ऐसे फैक्टर हैं, जो Sensex-Nifty की दिशा बदल सकते हैं। अगर इन मोर्चों पर माहौल सुधरता है तो बाजार में Recovery देखने को मिल सकती है। वहीं किसी बड़े Negative Global Trigger की स्थिति में बिकवाली फिर लौट सकती है। यानी फिलहाल Dalal Street पर जल्दबाजी के बजाय धैर्य जरूरी है। आने वाले सप्ताह में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि बाजार किस दिशा में Breakout देता है और उसके पीछे कितनी मजबूती दिखाई देती है।
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Sridhar Vembu

Drugs और Corruption पर सख्त कानून की जरूरत, Zoho Founder Sridhar Vembu का बड़ा बयान

तमिलनाडु में Corruption और Drugs को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने राज्य सरकार से इन दोनों समस्याओं पर सख्त रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने Singapore की कड़ी कानून व्यवस्था का उदाहरण देते हुए गंभीर अपराधों में सख्त सजा की जरूरत बताई। वेम्बू के बयान ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि उन्होंने केवल सजा बढ़ाने की बात नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकारी व्यवस्था में कुछ दूसरे बदलावों का सुझाव भी दिया है। Singapore जैसा सख्त कानून क्यों? Sridhar Vembu का मानना है कि भ्रष्टाचार और ड्रग्स जैसी समस्याओं से निपटने के लिए कानून का डर और उसका प्रभावी इस्तेमाल दोनों जरूरी हैं। उन्होंने Singapore और Malaysia की anti-drug policies का उदाहरण देते हुए कहा है कि भारत को भी दूसरे देशों के सफल मॉडल से सीख लेनी चाहिए। उनकी राय में गंभीर मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान अपराधियों के लिए बड़ा deterrent बन सकता है। हालांकि, किसी भी ऐसे कानून को लागू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया और मौजूदा भारतीय कानूनों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। Drugs को लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं Vembu यह पहली बार नहीं है जब Sridhar Vembu ने तमिलनाडु में Drugs की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की हो। इससे पहले भी वह ग्रामीण इलाकों तक नशीले पदार्थों की पहुंच को लेकर अपनी चिंता सामने रख चुके हैं। उन्होंने युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने की जरूरत पर जोर दिया था। उनका कहना रहा है कि केवल पुलिस कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि समाज और सरकार दोनों को मिलकर इस समस्या पर काम करना होगा। Corruption पर भी खुलकर बोले Sridhar Vembu तमिलनाडु में Corruption को लेकर भी मुखर रहे हैं। उन्होंने अपने स्कूल से जुड़े अनुभवों का हवाला देते हुए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में कथित परेशानियों और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन बयानों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा शुरू हुई। हालांकि, ऐसे आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं रही हैं और हर आरोप को स्वतंत्र रूप से साबित किया जाना जरूरी है। CM Vijay से क्या उम्मीद? वेम्बू का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में Drugs, Corruption और Law and Order जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि सरकार को केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे अपराध और भ्रष्टाचार को शुरुआत में ही रोका जा सके। यह भी साफ करना जरूरी है कि Sridhar Vembu की मांग को सरकार के फैसले के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह उनकी ओर से दिया गया एक नीतिगत सुझाव है। तमिलनाडु सरकार की ओर से Singapore-style death penalty कानून लागू करने की कोई आधिकारिक घोषणा इससे साबित नहीं होती। सख्त सजा के साथ सिस्टम में सुधार की बात Vembu की बात का एक दूसरा पहलू भी है। उनका मानना है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए केवल सजा बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी, पारदर्शिता, बेहतर वेतन और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी काम करना होगा। यानी उनका फोकस सिर्फ “कड़ी सजा” पर नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने पर है जिसमें भ्रष्टाचार करने की गुंजाइश ही कम हो।
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Ganeshotsav

Ganeshotsav से पहले Mumbai में बड़ा हादसा, 22 फीट की प्रतिमा गिरी; 2 की मौत

मुंबई में गणेशोत्सव (Ganeshotsav) की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। भुलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान करीब 22 फीट ऊंची मूर्ति अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। प्रतिमा को पंडाल की ओर ले जाया जा रहा था और वहां मौजूद लोग गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक प्रतिमा का सपोर्ट टूट गया और भारी मूर्ति नीचे जा गिरी। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कैसे हुआ Mumbai Ganesh Idol Accident? जानकारी के मुताबिक, हादसा भुलेश्वर के डॉ. आत्माराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना और जय अंबे चौक के आसपास हुआ। गणेश प्रतिमा को एक विशेष फ्रेम और सपोर्ट के सहारे ले जाया जा रहा था। इसी दौरान सपोर्ट सिस्टम में गड़बड़ी आने के बाद प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया। प्रारंभिक जानकारी में वेल्डिंग सपोर्ट टूटने की बात सामने आई है। हालांकि फ्रेम के नट-बोल्ट और तकनीकी मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हादसे में 2 लोगों की मौत, 5 घायल प्रतिमा गिरने से वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में दो बच्चियां भी हैं, जिनकी उम्र करीब पांच और सात साल बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। राहत और बचाव के दौरान इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही। तीन हिस्सों में टूट गई विशाल प्रतिमा करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरने के बाद तीन हिस्सों में टूट गई। इतनी बड़ी प्रतिमा को अचानक गिरते देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गणपति के आगमन की खुशी का माहौल कुछ ही पल में मातम में बदल गया। पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के पीछे तकनीकी लापरवाही या सपोर्ट सिस्टम में कमी थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। Ganeshotsav से पहले Safety पर बड़ा सवाल मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं का आगमन और विसर्जन जुलूस आकर्षण का केंद्र रहता है। ऐसे आयोजनों में भारी प्रतिमाओं को क्रेन, ट्रॉली और विशेष फ्रेम के जरिए ले जाया जाता है। भुलेश्वर की घटना ने इन व्यवस्थाओं की Safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और आयोजकों के लिए यह घटना एक सबक भी है कि विशाल प्रतिमाओं को ले जाने से पहले उनके फ्रेम, वेल्डिंग, सपोर्ट और परिवहन व्यवस्था की अच्छी तरह जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखना भी बेहद जरूरी है। खुशी के मौके पर छाया मातम गणेशोत्सव को लेकर मुंबई में हर साल लोगों में खास उत्साह रहता है। भुलेश्वर में भी लोग गणपति बप्पा के आगमन की तैयारी में जुटे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। फिलहाल पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि प्रतिमा का सपोर्ट आखिर क्यों टूटा और इतनी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता था या नहीं। Mumbai Ganesh Idol Accident ने गणेशोत्सव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—आस्था और उत्सव के साथ लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना कितना जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीर याद दिलाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

Rocket, Satellite और AI पर PM Modi का फोकस, 20 Space Startups के Founders से हुई चर्चा

भारत का Space Sector अब सिर्फ सरकारी मिशन और बड़े Rocket Launch तक सीमित नहीं रह गया है। देश में तेजी से बढ़ रहे Private Space Startups इस बदलाव को नई दिशा दे रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में 20 भारतीय Space Startups के CEO और Founders से मुलाकात की। इस दौरान Rocket, Satellite, Space Intelligence, Advanced Propulsion, Space Debris और AI आधारित Weather & Climate Intelligence जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई। Space Startups के साथ PM Modi की अहम बातचीत बैठक में प्रधानमंत्री ने Space Industry से जुड़े युवा Entrepreneurs और Founders की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को समझा। चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि भारत अपनी Space Technology को Global Level पर कैसे मजबूत कर सकता है। Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, GalaxEye, Bellatrix Aerospace, Digantara, SatSure और PierSight जैसी कंपनियां अलग-अलग Space Technologies पर काम कर रही हैं। इनमें कुछ कंपनियां Launch Vehicles और Propulsion पर ध्यान दे रही हैं, तो कुछ Satellite Imaging, Space Intelligence और Climate Data जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित कर रही हैं। Rocket से Satellite और अब AI तक पहुंचा Space Sector भारत के Space Ecosystem में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब Startups केवल Satellite बनाने या Rocket Launch करने तक सीमित नहीं हैं। Artificial Intelligence और Space Data का इस्तेमाल Weather Forecasting, Climate Monitoring, Agriculture और कई दूसरे क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। बैठक के दौरान AI-powered Weather और Climate Intelligence जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इसका मकसद Space से मिलने वाले Data को जमीन पर लोगों के काम आने वाली जानकारी में बदलना है। खेती और Environment में Space Technology का इस्तेमाल PM मोदी ने Space Technology को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने Agriculture, Livestock Management, Dairy और Environment जैसे क्षेत्रों में Satellite Data और Space Technology के ज्यादा इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा की। खेती के क्षेत्र में Satellite आधारित जानकारी किसानों को मौसम, फसल और जमीन से जुड़ी बेहतर जानकारी देने में मदद कर सकती है। इसी तरह Environment Monitoring में भी Space Technology की भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने Space Debris पर काम करने वाले Startups को Environmental Organisations के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया। इससे अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे की समस्या से निपटने के साथ पर्यावरण से जुड़े प्रयासों को भी मजबूती मिल सकती है। Global Space Market पर भारत की नजर PM मोदी ने भारतीय Space Startups को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहने का संदेश दिया। उन्होंने Global Market में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने और भारत को Space Technology के लिए दुनिया का प्रमुख Hub बनाने पर जोर दिया। भारत की खासियत यह है कि यहां Space Technology के साथ-साथ युवा Talent, Engineering Skills और Startup Innovation का मजबूत Ecosystem तैयार हो रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय Space Market में बड़ी भूमिका निभाने की संभावना है। Atal Tinkering Labs से जुड़ेंगे Space Startups बैठक में बच्चों और युवाओं को Space और Science से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने Space Companies और Atal Tinkering Labs के बीच सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। इस पहल से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नई Space Technology, Innovation और Scientific Thinking को करीब से समझने का मौका मिल सकता है। आज के छोटे Innovators ही आने वाले समय में भारत के बड़े Space Projects का हिस्सा बन सकते हैं। भारत के Space Mission को मिल रही नई दिशा PM मोदी की Space Startups के साथ हुई यह बातचीत बताती है कि भारत का Space Ecosystem किस तेजी से बदल रहा है। एक तरफ बड़े सरकारी मिशन जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ Private Companies नई तकनीकों और बिजनेस मॉडल के साथ इस क्षेत्र में अपनी जगह बना रही हैं। Rocket और Satellite से शुरू हुआ सफर अब AI, Climate Intelligence, Agriculture और Space Debris Management तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में अगर सरकार, Startups और Research Institutions के बीच सहयोग इसी तरह बढ़ता रहा, तो भारत Global Space Industry में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सकता है। कुल मिलाकर, PM मोदी और Space Startups की यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत के अगले Space Growth Phase की झलक देती है। अब चुनौती केवल अंतरिक्ष तक पहुंचने की नहीं है, बल्कि वहां विकसित होने वाली Technology को धरती पर आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में इस्तेमाल करने की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hormuz

Hormuz Strait पर Trump का बड़ा दांव! ‘New US Territory’ Map ने बढ़ाई Middle East की टेंशन

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz का एक मैप सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस मैप में इस बेहद अहम समुद्री रास्ते को “NEW U.S. Territory” के तौर पर दिखाया गया है। ट्रंप की इस पोस्ट के बाद Middle East Crisis को लेकर नई बहस छिड़ गई है। Trump ने फिर शेयर किया Hormuz का Map डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अगस्त को Strait of Hormuz से जुड़ा मैप दोबारा शेयर किया। इससे पहले भी वह इसी तरह का मैप पोस्ट कर चुके हैं। मैप में Hormuz Strait को अलग तरीके से चिन्हित करते हुए उसे “NEW U.S. Territory” बताया गया है। ट्रंप का यह कदम ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से काफी बढ़ा हुआ है। यही वजह है कि उनकी पोस्ट को महज एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक सोच के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, किसी मैप को सोशल मीडिया पर शेयर करने से किसी समुद्री क्षेत्र पर कानूनी स्वामित्व स्थापित नहीं हो जाता। Strait of Hormuz से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारों का मामला अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अलग है। Iran का रुख भी सख्त ट्रंप के इस दावे के बीच ईरान ने Strait of Hormuz को लेकर अपना रुख साफ रखा है। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका को पहले अपने कदमों और नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर पड़ रहा है। यही वजह है कि दुनिया भर के Energy Markets और Shipping Industry की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। आखिर Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है? Strait of Hormuz फारस की खाड़ी को Gulf of Oman और Arabian Sea से जोड़ता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण Energy Routes में शामिल करती है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में Crude Oil और LNG का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। इसलिए यहां किसी लंबे व्यवधान की स्थिति में सिर्फ Middle East ही नहीं, बल्कि एशिया और यूरोप के कई देशों पर भी असर पड़ सकता है। Oil Supply प्रभावित होने पर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का दबाव बन सकता है। इसका असर आगे चलकर Transport Cost, Manufacturing और आम लोगों की रोजमर्रा की चीजों की कीमतों तक पहुंच सकता है। Shipping Companies की बढ़ी चिंता Hormuz को लेकर जारी तनाव ने समुद्री कंपनियों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहाजों के लिए इस रास्ते से गुजरने में सुरक्षा और व्यापारिक जोखिम बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अगर तनाव ज्यादा समय तक रहता है, तो कुछ कंपनियां वैकल्पिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर सकती हैं। लेकिन लंबे रास्ते का मतलब ज्यादा समय और ज्यादा लागत है। ऐसे में Global Shipping Network पर भी दबाव बढ़ सकता है। Trump के Map ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल Trump के “New US Territory” वाले Map ने अमेरिका की Middle East Policy को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब Washington और Tehran के बीच संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं। अमेरिका की ओर से Strait of Hormuz को लेकर सख्त बयान और ईरान की ओर से जवाबी रुख ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या मामला और आगे बढ़ता है। भारत समेत दुनिया पर पड़ सकता है असर Strait of Hormuz में किसी बड़े संकट का असर भारत जैसे Energy Importing देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में International Crude Prices में तेज उछाल आने पर देश की Import Bill और घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि Hormuz में स्थिति कितने समय तक प्रभावित रहती है और वैश्विक बाजार वैकल्पिक आपूर्ति का इंतजाम कितनी तेजी से कर पाते हैं।
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Japan

Japan में Earthquake का जोरदार झटका, 5.9 Magnitude से दहला Tokyo; PM ने संभाली कमान

जापान (Japan) में रविवार तड़के आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने Tokyo और आसपास के इलाकों में लोगों को दहशत में डाल दिया। तेज झटकों के कारण कई लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकलने की कोशिश में चोटिल हुए। ताजा जानकारी के मुताबिक पांच प्रीफेक्चर में कम से कम 37 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद Tsunami का कोई खतरा नहीं बताया गया है। Southern Ibaraki में था Earthquake का Epicentre Japan Meteorological Agency के अनुसार भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.9 थी और इसका केंद्र Southern Ibaraki Prefecture में करीब 70 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके झटके Tokyo समेत आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए। जापान के भूकंप मापने के पैमाने पर कुछ हिस्सों में तेज कंपन दर्ज किया गया। अचानक आए झटकों से कई लोग घबरा गए। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर चोटें भूकंप के दौरान गिरने या फर्नीचर और दरवाजों से टकराने के कारण आईं। Yokohama में एक बुजुर्ग महिला के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। Tokyo-Narita Express Trains हुईं प्रभावित भूकंप का असर Japan के Transport Network पर भी दिखाई दिया। Tokyo और Narita Airport के बीच चलने वाली Express Trains में देरी हुई, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की कुछ Local Train Services भी प्रभावित हुईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि Shinkansen Bullet Trains सामान्य रूप से चलती रहीं। भूकंप के बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा जांच के लिए कुछ सेवाओं की रफ्तार कम की और कुछ ट्रेनों में देरी हुई। यात्रियों को भी अपनी यात्रा से पहले अपडेट देखने की सलाह दी गई। 460 घरों की बिजली गुल, Water Pipe भी टूटी भूकंप के झटकों के बाद Tokyo के एक इलाके में भूमिगत Water Pipe टूट गई, जिससे सड़क पर पानी फैल गया। बाद में पाइप की मरम्मत कर ली गई। इसके अलावा करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हुई, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। वहीं, Nuclear Safety को लेकर भी अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की। जापान की Nuclear Regulation Authority के मुताबिक परमाणु संयंत्रों और Nuclear Material से जुड़ी सुविधाओं में किसी असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली। PM Sanae Takaichi ने बनाई Task Force भूकंप के बाद जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार की Task Force गठित की। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों से लगातार जानकारी जुटा रहा है और Infrastructure को हुए नुकसान की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों को आने वाले दिनों में संभावित Aftershocks को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि Tsunami का खतरा नहीं है और बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। जापान में भूकंप को लेकर क्यों रहती है चिंता? जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यहां की इमारतों, रेलवे और आपातकालीन व्यवस्था को भूकंप के जोखिम को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। यही वजह है कि 5.9 तीव्रता के झटकों के बाद भी प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा जांच शुरू कर दी। फिलहाल Tokyo और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था को सामान्य रखना और संभावित Aftershocks से निपटने की तैयारी करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांधीनगर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत पर गिरी क्रेन, 10-15 मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन इमारत पर अचानक भारी क्रेन गिर गई। हादसे के समय नीचे काम कर रहे करीब 10 से 15 मजदूरों के मलबे और क्रेन के भारी हिस्सों के नीचे दबे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। मलबा हटाने के लिए दूसरी क्रेन बुलाई गई क्रेन और निर्माण सामग्री के भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर एक और क्रेन बुलाई गई है। बचाव दल मलबे के नीचे दबे मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल की चार से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। फिलहाल हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नगर आयुक्त और डिप्टी CM मौके पर पहुंचे हादसे की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर नगर आयुक्त और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Apple iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च, A20 Pro चिप और 45 घंटे तक की बैटरी; पहली बार फोल्डेबल iPhone भी

कैलिफोर्निया। Apple ने अपने नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने दोनों प्रीमियम मॉडल्स में नए डिजाइन, A20 Pro चिप, बेहतर AI फीचर्स और लंबी बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया है। लॉन्च इवेंट नए CEO जॉन टर्नस के नेतृत्व में Apple का पहला बड़ा प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन भी रहा। दोनों मॉडल चार कलर ऑप्शन में पेश किए गए हैं—डीप ब्लैक, सिल्वर, ग्लेशियर और बरगंडी। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और iPhone 18 Pro Max की 1,299 डॉलर रखी गई है। दोनों के बेस मॉडल में 256GB स्टोरेज दी गई है। A20 Pro चिप से मिलेगा तेज परफॉर्मेंस iPhone 18 Pro सीरीज में नया A20 Pro प्रोसेसर दिया गया है। Apple के मुताबिक यह 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित नई आर्किटेक्चर वाली चिप है। इसमें 6-कोर CPU और नया GPU दिया गया है, जबकि कंपनी ने GPU परफॉर्मेंस में करीब 40 फीसदी तक सुधार का दावा किया है। Apple Intelligence और Siri को भी नए हार्डवेयर के साथ ज्यादा सक्षम बनाया गया है। Siri में AI क्षमताओं और अधिक नैचुरल वॉइस अनुभव पर जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि डिवाइस पर AI प्रोसेसिंग के साथ प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी गई है। बैटरी लाइफ में बड़ा अपग्रेड iPhone 18 Pro और Pro Max में अब तक की सबसे लंबी iPhone बैटरी लाइफ में से एक मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक iPhone 18 Pro करीब 24 घंटे और Pro Max करीब 30 घंटे तक सामान्य उपयोग में चल सकता है। वहीं वीडियो प्लेबैक में Pro मॉडल करीब 36 घंटे और Pro Max करीब 45 घंटे तक का बैकअप दे सकता है। Pro Max का 45 घंटे का वीडियो प्लेबैक इस सीरीज की सबसे बड़ी बैटरी उपलब्धियों में से एक है। नई फास्ट चार्जिंग तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार फोन करीब 15 मिनट की चार्जिंग में 50 फीसदी तक चार्ज हो सकता है। कैमरा सिस्टम में भी बड़ा बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज में कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। मुख्य कैमरे में 48MP सेंसर के साथ डायनेमिक/वेरिएबल अपर्चर दिया गया है, जिससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटो क्वालिटी और लो-लाइट परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद मिलेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी नए प्रो कंट्रोल और 4K Dolby Vision HDR टाइम-लैप्स जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। Apple का पहला फोल्डेबल iPhone भी लॉन्च Apple के इस इवेंट की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone भी रहा। यह Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में लंबे समय बाद सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक फोल्डेबल iPhone की कीमत 2,000 डॉलर से ज्यादा हो सकती है और कंपनी ने इसे लंबे समय तक इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने के बाद पेश किया है। इस साल Apple का फोकस प्रीमियम iPhone मॉडल्स और फोल्डेबल डिवाइस पर ज्यादा रहा है। बेस iPhone मॉडल के लॉन्च शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। नए CEO जॉन टर्नस का पहला बड़ा प्रेजेंटेशन 1 सितंबर को Tim Cook के बाद Apple के CEO बने John Ternus के लिए यह पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च प्रेजेंटेशन रहा। Ternus इससे पहले Apple के हार्डवेयर प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। Apple के इस इवेंट में iPhone के अलावा नए वियरेबल्स और अन्य प्रोडक्ट्स की घोषणाएं भी की गईं। कंपनी के लिए यह लॉन्च नए CEO के नेतृत्व में उसकी अगली प्रोडक्ट रणनीति की शुरुआत के तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया को 99 रन से हराया, डेब्यू में जॉर्डन हरमन ने जड़ा 150 रन का तूफानी शतक

विंडहोक। दक्षिण अफ्रीका ने नामीबिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 99 रन से जीत लिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 348/6 रन बनाए। जवाब में बारिश से दो बार प्रभावित नामीबिया की टीम 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। मुकाबले का फैसला DLS मेथड से हुआ। दक्षिण अफ्रीका की जीत के हीरो डेब्यू कर रहे जॉर्डन हरमन रहे, जिन्होंने शानदार 150 रन की पारी खेली। वहीं प्रेनेलन सब्रायेन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। सीरीज का दूसरा वनडे 11 सितंबर को विंडहोक में खेला जाएगा। डेब्यू पर 150 रन, हरमन ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड जॉर्डन हरमन वनडे डेब्यू पर 150 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले मैथ्यू ब्रीट्जके ने भी अपने वनडे डेब्यू पर 150 रन की पारी खेली थी। हरमन दक्षिण अफ्रीका की ओर से वनडे डेब्यू पर शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज भी बन गए। उनसे पहले कॉलिन इंग्राम, टेम्बा बावुमा, रीजा हेंड्रिक्स और मैथ्यू ब्रीट्जके यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। हरमन ने टोनी डी जॉर्जी के साथ दूसरे विकेट के लिए 190 रन की साझेदारी की। डी जॉर्जी ने 84 गेंदों पर 72 रन बनाए और वनडे करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया। शुरुआती 20 ओवर में 100 रन, इसके बाद बढ़ी रफ्तार दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत तेज नहीं रही। नामीबिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में पिच से कुछ मूवमेंट मिली। रूबेन ट्रम्पेलमैन ने हरमन के बल्ले का बाहरी किनारा भी छुआ और टॉप-एज का मौका बनाया, लेकिन विकेट नहीं मिल सका। सातवें ओवर में कॉनर एस्टरहुइजन ने शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन फाइन लेग पर जैक ब्रासेल ने कैच पकड़ लिया। इससे शुरुआती साझेदारी 27 रन पर टूट गई। दूसरी ओर डी जॉर्जी को भी कई बार जीवनदान मिला। उन्होंने स्लिप के बाहर एज किया और विकेटकीपर के पास भी कैच का मौका बना, लेकिन नामीबिया उसे भुना नहीं सका। एक रनआउट का मौका भी टीम ने गंवा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 100/1 रन बनाए। इसके बाद अगले सात ओवर में 50 रन जोड़कर टीम ने रन गति बढ़ाई। इसी दौरान हरमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि डी जॉर्जी ने 64 गेंदों में फिफ्टी लगाई। शतक के बाद हरमन ने बदला अंदाज हरमन ने 93 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। सेंचुरी के बाद उन्होंने पांच चौके और दो छक्के लगाए। हरमन ने मैदान के दोनों हिस्सों में शानदार शॉट खेले। कवर और मिडऑफ के बीच उन्होंने 59 रन बटोरे। उनके बाद क्रीज पर आए डेवाल्ड ब्रेविस ने महज दो गेंद बाद नो-लुक सिक्स लगाकर पारी को और रोमांचक बना दिया। आखिरी 10 ओवर में गिरे चार विकेट दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी 10 ओवर की शुरुआत 266/2 के स्कोर से की थी। उस समय टीम के 350 रन के पार जाने की उम्मीद थी, लेकिन नामीबिया के गेंदबाजों ने वापसी की। हरमन ने बैक-ऑफ-द-हैंड स्लोअर गेंद को बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश की, लेकिन कैच लॉरेन स्टीनकैंप के हाथों में चला गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने केवल 58 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। ट्रम्पेलमैन ने इनमें से तीन विकेट लिए। डेवाल्ड ब्रेविस डीप स्क्वायर लेग पर कैच हुए, रुबिन हरमन LBW आउट हुए और जेसन स्मिथ भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। आखिर में कॉर्बिन बॉश ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को 348/6 तक पहुंचाया। नामीबिया की शुरुआत रही बेहद धीमी 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की शुरुआत बेहद धीमी रही। टीम ने शुरुआती 10 ओवर में सिर्फ 24 रन बनाए। दूसरे से 12वें ओवर के बीच लगातार 10 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं आई। एलेक्स बुसिंग-वोल्शेंक 12 रन बनाकर फोर्टुइन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने गए। लॉन्गऑफ पर जेसन स्मिथ के पास कैच आया, लेकिन गेंद उनके हाथ से निकल गई। हालांकि अगली ही गेंद पर बुसिंग-वोल्शेंक ने क्वेना मफाका की गेंद पर गलत लाइन में शॉट खेला और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। जन फ्रायलिंक भी इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 16 गेंदों पर सात रन बनाए और मफाका की गेंद पर बोल्ड हो गए। 73/3 के स्कोर पर बारिश ने रोका खेल दूसरे ओपनर मालन क्रुगर का संघर्ष 19वें ओवर में खत्म हुआ। वह सब्रायेन की गेंद पर फ्लिक करने से चूक गए और LBW आउट हो गए। 22वें ओवर में नामीबिया का स्कोर 73/3 था, तभी विंडहोक में बारिश शुरू हो गई और मैच रोकना पड़ा। करीब 1 घंटे 18 मिनट बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। बारिश के कारण नामीबिया का लक्ष्य घटाकर 38 ओवर में 301 रन कर दिया गया। टीम को बचे हुए 16.3 ओवर में 225 रन बनाने थे। दूसरी बारिश के बाद 7 ओवर में चाहिए थे 167 रन खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही समय बाद लॉरेन स्टीनकैंप ने बॉश की गेंद को हवा में खेल दिया। शॉर्ट कवर पर सब्रायेन ने कैच पकड़ लिया और इसके बाद नामीबिया के विकेट तेजी से गिरने लगे। गेरहार्ड इरास्मस ने कुछ अच्छे शॉट लगाते हुए दो चौके लगाए, लेकिन बारिश ने एक बार फिर मैच रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद खेल दोबारा शुरू हुआ। उस समय नामीबिया को केवल 7 ओवर में 167 रन बनाने थे। यह लक्ष्य लगभग असंभव था। नामीबिया ने इस दौरान 67 रन के अंदर चार और विकेट गंवा दिए और 38 ओवर में 162/8 रन ही बना सकी। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने मुकाबला 99 रन से अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप-NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, निर्यात और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी गई है। स्टार्टअप और NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़ कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी है। नीति के तहत मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना भी नीति का प्रमुख लक्ष्य होगा। नवा रायपुर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा NSTI कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। NSTI में हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 साल कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दुर्ग में बनेगा नया जिला न्यायालय भवन दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता भी कैबिनेट के फैसले से साफ हो गया है। सरकार ने ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से लैस और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज से हो सकते हैं बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह नहीं उबरे

भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा अभी अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और उन्हें मैदान पर वापसी के लिए थोड़ा और समय लग सकता है। हर्षित राणा को अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मैचों के लिए फिटनेस के आधार पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें आगामी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली है। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, राणा अभी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें फिट होने में और समय लगेगा। इंग्लैंड दौरे पर खेला था आखिरी मुकाबला हर्षित राणा ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड दौरे के दौरान खेला था। इसके बाद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टीम से बाहर चल रहे हैं। राणा को भी वॉशिंगटन सुंदर जैसी हैमस्ट्रिंग चोट से जूझना पड़ा है। हालांकि, सुंदर अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए फिट घोषित किया गया है। बुमराह और नितीश भी फिटनेस के आधार पर टीम में अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नितीश रेड्डी को भी फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया है। बुमराह बाएं घुटने की चोट से उबर रहे हैं। वह जुलाई में इंग्लैंड दौरे के बाद से क्रिकेट से दूर हैं। वहीं, नितीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से रिकवरी कर रहे हैं। BCCI सूत्र के अनुसार, बुमराह और नितीश दोनों की फिटनेस में सुधार हो रहा है और उनकी वापसी सही दिशा में है। अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से दिल्ली में खेले जाने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 22 सितंबर को टोक्यो में जापान के खिलाफ एकमात्र मैच खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगी। हर्षित राणा को एशियन गेम्स की टीम में भी शामिल किया गया है। ऐसे में उनकी फिटनेस भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अफगानिस्तान सीरीज से पहले राणा की फिटनेस पर अंतिम फैसला उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट के आधार पर लिया जा सकता है।

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