आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई◆BREAKINGछत्तीसगढ़SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका◆BREAKINGबिज़नेसWhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम◆BREAKINGदेश-हरपलभारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा◆BREAKINGस्पोर्ट्सचेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया◆BREAKINGBreaking NewsAbhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई◆BREAKINGछत्तीसगढ़SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका◆BREAKINGबिज़नेसWhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम◆BREAKINGदेश-हरपलभारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा◆BREAKINGस्पोर्ट्सचेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया◆BREAKINGBreaking NewsAbhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वॉरशिप भेजने से किया इनकार, ट्रंप ने मांगी थी मदद

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Japan और Australia ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए उन देशों से सहयोग मांगा था, जो इस रास्ते का इस्तेमाल तेल के परिवहन के लिए करते हैं। क्यों मांगी गई थी मदद होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण अमेरिका ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने का प्रस्ताव दिया था। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि जो देश इस रास्ते से तेल ले जाते हैं, उन्हें भी इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। जापान का रुख जापान सरकार ने साफ कहा कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले इस मिशन में वॉरशिप नहीं भेजेगा।जापान का मानना है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधि बढ़ाने की बजाय कूटनीतिक बातचीत और शांति बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। जापान अपनी तेल जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर काफी निर्भर है, लेकिन वह अमेरिका और ईरान दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया की भी सतर्कता ऑस्ट्रेलिया ने भी फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने से मना कर दिया है।ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील स्थिति में किसी भी सैन्य कदम पर बहुत सोच-समझकर फैसला लिया जाएगा। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक तेल व्यापार का बेहद अहम रास्ता है।दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है, इसलिए इसकी सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर अमेरिका अभी भी अपने सहयोगी देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद की उम्मीद कर रहा है।हालांकि कई देश मानते हैं कि सैन्य ताकत बढ़ाने से तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए वे संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Rajya Sabha

Rajya Sabha Election 2026 हरियाणा में Congress के 37 MLA हिमाचल से लौटे

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha) 2026 को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। हरियाणा और बिहार में हालात ऐसे बने कि चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों को अपने विधायकों को संभालकर रखना पड़ा। हरियाणा में कांग्रेस ने अपने 37 विधायकों को संभावित क्रॉस वोटिंग से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश भेज दिया था। अब मतदान से ठीक पहले सभी विधायक वापस हरियाणा लौट आए हैं। राजनीति में यह कोई नई रणनीति नहीं है, लेकिन हर चुनाव में यह चर्चा जरूर बन जाती है। आम भाषा में इसे “रिज़ॉर्ट पॉलिटिक्स” कहा जाता है, जब किसी पार्टी को अपने विधायकों के टूटने का डर होता है और उन्हें एक साथ सुरक्षित जगह पर रखा जाता है। हरियाणा में क्यों बढ़ा Cross Voting का डर हरियाणा में Rajya Sabha की सीट को लेकर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक समीकरण ऐसे हैं कि अगर कुछ विधायक पार्टी लाइन से अलग वोट दे देते हैं, तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। यही वजह रही कि कांग्रेस ने अपने सभी 37 विधायकों को कुछ दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के एक होटल में ठहराया। पार्टी का मकसद साफ था—कोई भी विधायक दूसरी पार्टी के संपर्क में न आए और सभी एकजुट होकर वोट डालें। मतदान से पहले सभी विधायक वापस हरियाणा पहुंच गए हैं और अब पार्टी को उम्मीद है कि सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। बिहार में कांग्रेस के दो विधायक नहीं पहुंचे वोट डालने उधर बिहार में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान एक अलग ही स्थिति देखने को मिली। कांग्रेस के दो विधायक मतदान के समय मौजूद नहीं थे। खबरें यह भी सामने आईं कि उनके फोन बंद थे और पार्टी नेतृत्व उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह मामला क्रॉस वोटिंग से जुड़ा हो सकता है, जबकि कांग्रेस इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। क्यों अहम होता है राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट Rajya Sabha Election आम चुनावों से थोड़ा अलग होता है। इसमें जनता सीधे वोट नहीं देती बल्कि विधायक अपने-अपने उम्मीदवार के लिए मतदान करते हैं। ऐसे में अगर एक भी विधायक पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट कर दे, तो चुनाव का परिणाम बदल सकता है। यही वजह है कि चुनाव से पहले कई बार राजनीतिक दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए खास रणनीतियां अपनाते हैं। चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल हरियाणा में कांग्रेस विधायकों को हिमाचल भेजना और बिहार में दो विधायकों का वोटिंग से दूर रहना—इन दोनों घटनाओं ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मतदान के बाद किस पार्टी को कितना फायदा मिलता है। राजनीति के जानकार मानते हैं कि राज्यसभा चुनाव भले ही सीधे जनता के वोट से न होते हों, लेकिन इसके नतीजे देश की बड़ी राजनीतिक तस्वीर को जरूर प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़ी खबर बन जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Dubai

Drone Attack Near Dubai Airport फ्यूल टैंक में आग, Trump ने NATO से Hormuz Strait पर मदद मांगी

Dubai एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, इलाके में मचा हड़कंप मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। Dubai इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद इलाके में आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। धमाके के बाद यात्रियों में बढ़ी चिंता, कई उड़ानें बदलीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद एयरपोर्ट के आसपास कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ उड़ानों को रोका गया, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। बाद में दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। फ्यूल स्टोरेज टैंक को बनाया गया निशाना प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, हमला एयरपोर्ट के पास स्थित ईंधन भंडारण टैंक को निशाना बनाकर किया गया था। हालांकि इस घटना में किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए जांच में जुट गई हैं। मध्य-पूर्व में पहले से बढ़ा हुआ है तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे मध्य-पूर्व में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। Trump का NATO को संदेश, Hormuz Strait को लेकर चिंता इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस क्षेत्र की स्थिति पर बयान दिया है। ट्रम्प ने NATO देशों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खुला रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सहयोगी देश इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद नहीं करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर यहां तनाव बढ़ता है या समुद्री मार्ग प्रभावित होता है, तो इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया की नजर मध्य-पूर्व की स्थिति पर Dubai एयरपोर्ट के पास हुए इस ड्रोन हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने वाला है। फिलहाल दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम और आने वाले दिनों में होने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Odisha

Odisha Hospital Fire कटक के SCB अस्पताल में लगी आग कई मरीजों को नहीं मिल सका बचने का मौका

ओडिशा (Odisha) के कटक शहर से सोमवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अस्पताल के 11 कर्मचारी मरीजों को बचाने की कोशिश में झुलस गए। ICU वार्ड से शुरू हुई आग बताया जा रहा है कि आग अस्पताल के ट्रॉमा-केयर ICU वार्ड में लगी। उस समय वहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे। अचानक धुआँ फैलने लगा और कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए। डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की, लेकिन कई मरीज आग और धुएं की चपेट में आ गए। बचाव के दौरान मची अफरा-तफरी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 7 मरीजों की मौत ICU के अंदर ही हो गई, जबकि 3 अन्य मरीजों ने दम तब तोड़ दिया जब उन्हें जल्दी-जल्दी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर को शोक और तनाव में डाल दिया। दमकल और डॉक्टरों ने मिलकर संभाली स्थिति आग लगने की खबर मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी लगातार मरीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटे रहे। कई मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों और नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। आग लगने की वजह क्या थी प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान इस दुखद घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि यहां भर्ती मरीज अक्सर खुद से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं होते। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों के इलाज की व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जिनका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
नीतीश

CM नीतीश के कार्यक्रम से पहले हेलीपैड पर हंगामा बैल ने पुलिसवालों को दौड़ाया

बेगूसराय में CM के दौरे से पहले हुई अजीब घटना बिहार के बेगूसराय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे से पहले एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्यमंत्री की “समृद्धि यात्रा” के दौरान बनाए गए हेलीपैड क्षेत्र में अचानक एक बैल घुस आया। देखते ही देखते वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Helipad पर कड़ी सुरक्षा के बावजूद पहुंच गया बैल दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए प्रशासन ने हेलीपैड पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस बल तैनात था और बैरिकेडिंग भी की गई थी। लेकिन इसी बीच अचानक एक बैल सुरक्षा घेरा पार करते हुए सीधे हेलीपैड तक पहुंच गया। किसी को समझ में नहीं आया कि वह वहां तक कैसे पहुंच गया। बैल को देखकर पुलिसकर्मियों में मची भगदड़ बैल के अचानक सामने आ जाने से मौके पर तैनात पुलिसकर्मी घबरा गए। कुछ पुलिसकर्मियों को बैल ने दौड़ा भी लिया। स्थिति ऐसी बन गई कि अपनी जान बचाने के लिए कई पुलिसकर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ पुलिसकर्मी पास खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए, जबकि कुछ लोग ऊंची जगहों पर जाकर खड़े हो गए। कुछ देर बाद सामान्य हुई स्थिति इस घटना को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका हलचल से भर गया। हालांकि बाद में सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से बैल को किसी तरह हेलीपैड से बाहर भगाया गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। समृद्धि यात्रा के तहत बेगूसराय पहुंचे थे CM मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस दिन अपनी “समृद्धि यात्रा” के तहत बेगूसराय पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान वे विभिन्न विकास योजनाओं का जायजा ले रहे हैं और कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी कर रहे हैं। कार्यक्रम से पहले हुई इस घटना ने प्रशासन को थोड़ी देर के लिए असहज जरूर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना के बाद लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हेलीपैड जैसे संवेदनशील इलाके में एक जानवर का पहुंच जाना कैसे संभव हो गया। कई लोगों ने इसे सुरक्षा में चूक बताया, तो कुछ लोगों ने इसे एक अजीब लेकिन मजेदार घटना के रूप में भी लिया। इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग अलग-अलग अंदाज में इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई और कार्यक्रम बाद में तय समय के अनुसार आगे बढ़ा। बेगूसराय में हुई यह घटना भले ही कुछ मिनटों की रही हो, लेकिन इसने यह जरूर याद दिला दिया कि वीवीआईपी कार्यक्रमों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी चर्चा का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Release सरकार ने हटाया NSA, Leh हिंसा मामले में 170 दिन से थे जेल में

लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया National Security Act (NSA) वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद वे करीब 170 दिन बाद राजस्थान की जोधपुर जेल से रिहा हो सकेंगे। यह खबर सामने आते ही लद्दाख और देश के कई हिस्सों में उनके समर्थकों और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग की जा रही थी। Leh Protest के बाद हुई थी गिरफ्तारी दरअसल, सितंबर 2025 में Leh में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारी लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए और कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़े कदम उठाए। इसी दौरान सोनम वांगचुक को भी हिरासत में लेकर NSA के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। Ladakh से सीधे Jodhpur Jail भेजे गए गिरफ्तारी के बाद उन्हें Ladakh से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया और Jodhpur की जेल में रखा गया। करीब पांच महीने से अधिक समय तक वे वहीं हिरासत में रहे। इस दौरान उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आवाज उठाई। सरकार ने क्यों हटाया NSA हाल ही में मामले की समीक्षा के बाद केंद्र सरकार ने फैसला लिया कि सोनम वांगचुक पर लगाया गया NSA अब जारी रखने की जरूरत नहीं है। इसके बाद आदेश जारी कर दिया गया और उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जल्द ही जोधपुर जेल से रिहा कर दिया जाएगा। NSA क्या होता है राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) एक ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए एहतियातन हिरासत में रख सकती है, यदि उसकी गतिविधियां देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा मानी जाएं। इस कानून के तहत अधिकतम 12 महीने तक हिरासत संभव होती है। कौन हैं Sonam Wangchuk Sonam Wangchuk लद्दाख के मशहूर इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए कई प्रयोग किए और SECMOL जैसे संस्थान की स्थापना की। उनका काम सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों के संरक्षण के मुद्दों पर भी लगातार आवाज उठाते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बॉलीवुड फिल्म 3 Idiots का लोकप्रिय किरदार फुन्सुख वांगड़ू काफी हद तक उनके जीवन और विचारों से प्रेरित माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
LPG

LPG Crisis कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से छोटे व्यवसाय परेशान

देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर (Liquefied Petroleum Gas) को लेकर अचानक क्राइसिस जैसी स्थिति बन गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं, और कई होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायिक किचन अपने संचालन के लिए चिंतित हैं। क्यों बढ़ी परेशानी? दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालात उत्तर प्रदेश और दिल्ली‑एनसीआर के शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग सिलेंडर पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कुछ जगहों पर लोगों ने सप्लाई रुकने के कारण विरोध प्रदर्शन भी किया। मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में स्थिति भोपाल, जबलपुर और भिंड जैसे शहरों में भी सिलेंडर को लेकर अफरातफरी मची हुई है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम कई जगह काम नहीं कर रहा, जिससे लोग एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। भिंड जिले में सिलेंडर से भरी गाड़ी लूटने की कोशिश जैसी घटनाओं ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी। होटल और रेस्टोरेंट पर असर कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर हैं। कई व्यवसायी बता रहे हैं कि अगर जल्द सप्लाई नहीं मिली, तो उन्हें अपनी सेवा बंद करनी पड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय कारण विशेषज्ञ मानते हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई में अनिश्चितता ने भी लोगों में चिंता बढ़ाई है। इसके कारण पैनिक बुकिंग और अफवाहें फैल रही हैं, जो स्थानीय सप्लाई को प्रभावित कर रही हैं। सरकार का बयान तेल कंपनियों और सरकार का कहना है कि देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं। वर्तमान समस्या मुख्य रूप से अफवाह और अचानक बढ़ी मांग के कारण हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी। उपभोक्ताओं के लिए सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Amit Shah

Fuel Crisis Alert पेट्रोल-डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार सख्त, Amit Shah की अध्यक्षता में बनी हाई-लेवल कमेटी

देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर किसी भी संभावित संकट से पहले ही निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) करेंगे। इस कमेटी का मकसद देशभर में ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेना है। दरअसल, हाल के दिनों में Middle East (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक हालात का असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी में कौन-कौन शामिल सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी में शामिल हैं। यह टीम देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई की स्थिति की लगातार समीक्षा करेगी। क्या होगा कमेटी का काम नई बनाई गई कमेटी की जिम्मेदारियां काफी अहम होंगी। इसमें शामिल हैं: सरकार का संदेश: घबराने की जरूरत नहीं सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यों और स्थानीय प्रशासन को पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक भंडारण या कालाबाजारी न कर सके। घरेलू उत्पादन बढ़ाने की तैयारी सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने की भी योजना बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। आम लोगों के लिए क्या मतलब ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है। सरकार चाहती है कि अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अचानक बदलती हैं तो भी देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता पर ज्यादा असर न पड़े। कुल मिलाकर सरकार का संदेश साफ है—फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। नई कमेटी इसी रणनीति के तहत बनाई गई है ताकि देश की ऊर्जा सप्लाई लगातार सुचारु बनी रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

Kerala और Tamil Nadu को पीएम की 1600 करोड़ की सौगात

चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Kerala और Tamil Nadu के लोगों को बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार ने इन राज्यों में विकास कार्यों के लिए करीब 1600 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों के जीवन को आसान बनाना है। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में गांवों में रहने वाले लोगों को सबसे बड़ी राहत साफ पानी की उपलब्धता से मिलेगी। इसी दिशा में Jal Jeevan Mission के तहत काम तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक देश के लगभग 19 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल के जरिए साफ पानी पहुंचाया जाए। इससे गांवों में रहने वाले करोड़ों परिवारों को रोजाना पानी लाने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को फायदा होगा। अभी भी कई गांवों में लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, लेकिन नल से जल पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। केरल और तमिलनाडु में शुरू होने वाली ये परियोजनाएं भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ पानी की बेहतर व्यवस्था से स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा और ग्रामीण इलाकों में बीमारियों का खतरा कम होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Farooq Abdullah

Jammu Firing Case Farooq Abdullah पर फायरिंग की कोशिश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हमला करने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। शादी समारोह में अचानक हुई फायरिंग की कोशिश यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और मेहमानों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके पास पहुंच गया और पिस्तौल निकालकर फायर करने की कोशिश की। घटना इतनी तेजी से हुई कि कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी घबरा गए। लेकिन सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हमलावर को पकड़ लिया। उनकी तत्परता के कारण गोली फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। आरोपी का चौंकाने वाला बयान पुलिस ने आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने हथियार कहां से हासिल किया और वह इतनी नजदीक तक कैसे पहुंच गया। वायरल वीडियो में दिखा पूरा घटनाक्रम घटना के बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही आरोपी फारूक अब्दुल्ला के करीब पहुंचता है, सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे पकड़ लेते हैं। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से किसी भी तरह की गंभीर घटना होने से बच गई। Security Lapse पर उठे सवाल इतने बड़े राजनीतिक नेता के इतने करीब हथियार लेकर किसी व्यक्ति का पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई। फिलहाल सुरक्षित हैं फारूक अब्दुल्ला अधिकारियों के अनुसार फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और कई नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़े नेताओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है। समय रहते सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 139 140 141 142 143 … 239

Trending News

Editor's Picks

मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.