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Miss Universe 2025: मेक्सिको की फातिमा बोश बनीं विश्व सुंदरी, भारत की मणिका टॉप-30 तक

मेक्सिको की खूबसूरत और आत्मविश्वासी फातिमा बोश फर्नांडेज ने Miss Universe 2025 का ताज अपने नाम कर लिया है। 25 साल की फातिमा ने अपनी दमदार सोच, आत्मविश्वास और प्रेरणादायक जवाबों से दुनिया का दिल जीत लिया। भारत की ओर से गईं मणिका विश्वकर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-30 में जगह बनाई, लेकिन वह टॉप-12 में प्रवेश नहीं कर सकीं। ऐसे बनीं Miss Universe 2025 कॉन्टेस्ट के चार कठिन राउंड के बाद टॉप-5 में ये प्रतियोगी पहुंचीं— अंत में फातिमा बोश को विजेता घोषित किया गया। संघर्ष भरा रहा फातिमा का बचपन फातिमा ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका बचपन आसान नहीं था। वह डिस्लेक्सिया और ADHD से जूझ रही थीं, जिसके कारण स्कूल में उन्हें बुलिंग का सामना करना पड़ा। पढ़ने-लिखने में कठिनाई होने के बावजूद उन्होंने अपने अंदर के डर को ताकत बनाया और आज विश्व सुंदरी बनकर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की। Q&A राउंड में दिया दिल जीतने वाला जवाब फातिमा से पूछा गया—“2025 में एक महिला के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है और आप अपने खिताब का उपयोग महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में कैसे करेंगी?” फातिमा ने जवाब दिया:“एक महिला और Miss Universe के रूप में मैं अपनी आवाज और शक्ति उन लोगों के लिए इस्तेमाल करूंगी जिन्हें इसकी जरूरत है। बहादुर महिलाएं इतिहास बनाती हैं और मैं भी बदलाव का हिस्सा बनना चाहती हूं।” सैश सेरेमनी में हुआ बड़ा विवाद 4 नवंबर 2025 को सैश सेरेमनी के दौरान विवाद हो गया।थाइलैंड के MU डायरेक्टर नवात इतसराग्रिसिल ने फातिमा को प्रमोशनल इवेंट में शामिल न होने पर ‘डंबहेड’ कह दिया।फातिमा के विरोध करने पर उन्हें सिक्योरिटी बुलाकर बाहर निकालने की कोशिश की गई। यह देखकर कई कंटेस्टेंट्स ने सैश सेरेमनी का बहिष्कार कर दिया, जिनमें Miss Universe 2024 विक्टोरिया थेलविग भी शामिल थीं। विवाद बढ़ा, वीडियो वायरल हुआ और बाद में Miss Universe के को-फाउंडर ने नवात ने बाद में माफी भी मांगी लेकिन मामला शांत होने में समय लगा। फातिमा ने इस दौरान कहा:“हमारी आवाज कोई नहीं दबा सकता। अगर कोई आपकी गरिमा पर सवाल उठाए, तो वहां से चले जाना ही सही है।” भारत की मणिका ने भी छोड़ी खास छाप फिनाले की शुरुआत सभी प्रतिभागियों के परिचय से हुई।भारत की मणिका विश्वकर्मा ने व्हाइट ड्रेस में आत्मविश्वास से भरी रैंप वॉक की और टॉप-30 में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया। For more updates, visit: www.deshharpal.com
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Karnataka

Karnataka सरकार का बड़ा फैसला डॉग अटैक पीड़ितों को मिलेगा ₹5 लाख मुआवजा

Karnataka में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के बढ़ते हमलों ने लोगों में डर और सरकार में अलर्ट दोनों बढ़ा दिए हैं। लगातार बढ़ते Dog Bite Cases, मौतों और जनता के गुस्से के बीच कर्नाटक सरकार ने राहत और नियंत्रण से जुड़े बड़े फैसलों की घोषणा की है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। ₹5 Lakh का Compensation: डॉग अटैक में मौत पर बड़ी राहत Karnataka सरकार ने आदेश जारी किया है कि यदि किसी व्यक्ति की मौत आवारा कुत्तों के हमले में हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि कर्नाटक में पिछले महीनों में कई गंभीर Dog Attack मामलों में देरी से मुआवजा मिलने पर परिवारों ने नाराज़गी जताई थी। Emergency Treatment फ्री: निजी अस्पताल भी तुरंत इलाज देंगे Karnataka सरकार ने KPME अधिनियम में बदलाव कर दिया है। अब: यह बदलाव उन मामलों के बाद किया गया, जिनमें निजी अस्पतालों द्वारा इलाज टालने की शिकायतें सामने आई थीं। कर्नाटक में Dog Bite मामलों की स्थिति ये आंकड़े साफ बताते हैं कि कर्नाटक में Stray Dog Crisis कितनी गंभीर है। Supreme Court के आदेश: “Public Places को Stray Dogs से सुरक्षित बनाओ” सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्यों को Stray Dogs पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिए: बेंगलुरु का मामला: परिवार को तीन महीने बाद मिला 5 लाख मुआवजा बेंगलुरु के कोडिगेहल्ली, येलहंका क्षेत्र में 68 साल के सीतप्पा की आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर जान ले ली थी।तीन महीने तक कागज़ी प्रक्रियाओं में फंसे रहने के बाद अंतत: उनके परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा जारी हुआ।इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की धीमी प्रक्रिया को उजागर कर दिया। विवाद भी जारी: नेता का ‘2800 कुत्तों को दफनाने’ वाला बयान JD(S) के विधायक SL भूजगोड़ा ने दावा किया कि वे पहले 2,800 आवारा कुत्तों को ‘कंपोस्टिंग पिट’ में मारकर दफना चुके हैं।इस बयान पर Animal Rights Groups ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे कानूनन गलत बताया।सरकार ने भी स्पष्ट कहा कि Stray Dogs पर क्रूरता का कानून सख्त है और किसी भी गैर-कानूनी कार्रवाई पर कार्रवाई होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rohini Acharya

Rohini Acharya किडनी Donor बेटी का Tejashwi पर सीधा वार, परिवार में तनाव बढ़ा

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में बीते दिनों से चल रहा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya), जिन्होंने 2022 में अपने पिता को किडनी दान की थी, अब लगातार परिवार पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। यह विवाद सिर्फ एक पारिवारिक तनाव नहीं, बल्कि राजनीति, भावनाओं और जेंडर संवेदनशीलता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। किडनी Donation के बाद क्यों बढ़ी दूरियां? रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि किडनी दान के बाद परिवार में उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि: सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि यह सब उनके लिए मानसिक रूप से बेहद दर्दनाक रहा और उन्होंने परिवार से रिश्ते तोड़ने का फैसला कर लिया। Tejashwi Yadav पर निशाना—“क्यों नहीं दी किडनी?” रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि: उन्होंने तेजस्वी के सलाहकारों को भी चुनौती दी कि अगर वे इतने नेक और दयालु हैं, तो अस्पताल जाकर जरूरतमंदों को किडनी दान करें। बड़ी दरार: तीन बहनों का घर छोड़ना कई रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद लालू यादव की तीन और बेटियाँ — रागिनी, चंदा, और राजलक्ष्मी — परिवार के घर से बाहर चली गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि तनाव केवल दो-तीन लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार के व्यापक हिस्से में फैल चुका है। लालू और तेजस्वी की चुप्पी—RJD पर क्या असर? राजद नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इन सब ने मिलकर राजनीतिक रूप से राजद को नुकसान पहुँचाया है। महिलाओं पर ‘बलिदान’ का दबाव—रोहिणी की बड़ी बात रोहिणी आचार्य ने समाज में बेटियों पर पड़ने वाले भावनात्मक दबाव की बात भी उठाई। उनका कहना है: “माता-पिता का जीवन बचाना जरूरी है, लेकिन बेटियों को हमेशा बलिदान की प्रतीक समझना गलत है। परिवार में बेटा हो तो जिम्मेदारी पहले उसी की होनी चाहिए।” यह बयान सामाजिक और जेंडर बहस को भी जन्म देता है। कानूनी व मेडिकल पहलू: कौन दे सकता है किडनी? भारत के कानूनों के अनुसार: रोहिणी का कहना है कि उन्होंने यह दान स्वेच्छा से और भावनाओं से प्रेरित होकर किया था—लेकिन बाद में उन्हें बदले में अपमान मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court

Supreme Court का बड़ा फैसला बिल मंजूरी की समयसीमा नहीं राज्यपाल की देरी पर सीमित समीक्षा

Supreme Court ने राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए महत्वपूर्ण Presidential Reference पर बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि Governor और President के लिए Bill Assent की कोई Fixed Timeline संविधान में नहीं है, इसलिए कोर्ट भी ऐसी कोई Deadline तय नहीं कर सकती। साथ ही कोर्ट ने ‘Deemed Assent’ जैसे विचार को पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया। यह फैसला राज्यों और केंद्र के बीच चल रही संवैधानिक बहस को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। क्या कहा Supreme Court ने? 1. Governor–President पर Timeline लागू नहीं कोर्ट ने कहा कि: इन दोनों में किसी ठोस समयसीमा का ज़िक्र नहीं है।संविधान ने जानबूझकर इन्हें Flexible रखा है, इसलिए कोर्ट इन्हें “Compulsory Deadline” में नहीं बदल सकती। ‘Deemed Assent’ Idea Unconstitutional Supreme Court ने स्पष्ट कहा कि: “अगर अदालत कोई Deadline बना दे और वह बीत जाए, तो बिल को स्वीकृत मान लेना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।” इसका मतलब: यानी Deemed Assent का कोई अस्तित्व नहीं है। लंबी Delay पर Court कर सकती है हस्तक्षेप कोर्ट ने यह भी माना कि: लेकिन: यह Judicial Review की सीमा है। Article 361 Governor को Personal Immunity देता है, लेकिन Office Review हो सकता है कोर्ट ने कहा कि Governor पर व्यक्तिगत केस नहीं चल सकता,लेकिन अगर: तो Court Governor Office पर समीक्षा कर सकती है। Governor के पास Bill पर क्या विकल्प हैं? जब Bill Governor के पास पहुँचता है, तो वह: कोर्ट ने कहा: “बिल रोककर बिना वापस भेजे बैठना संघीय संरचना (Federalism) के लिए हानिकारक है।” President को हर बार Supreme Court से सलाह लेने की जरूरत नहीं Supreme Court ने स्पष्ट किया कि: फैसले का Impact क्या है? राज्यों पर असर केंद्र–राज्य संबंधों पर प्रभाव न्यायपालिका की स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

Bihar Nitish Kumar ने 10वीं बार ली CM की शपथ, बीजेपी को मिली बड़ी हिस्सेदारी

बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ, जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पटना के गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में और भी मजबूती से स्थापित करती है। इस मौके पर पूरा NDA गठबंधन (BJP-JDU-LJP) एकजुट नजर आया और समारोह में राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक संदेश भी साफ कर दिया। NDA की धमाकेदार जीत के बाद शपथ ग्रहण हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में National Democratic Alliance (NDA) ने शानदार जीत हासिल की, जहां गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतीं। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जेडीयू ने भी मजबूत पकड़ बनाए रखी। नीतीश का इस्तीफा और फिर सरकार गठन शपथ ग्रहण से पहले Nitish Kumar ने परंपरानुसार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।इसके बाद NDA विधायकों की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से गठबंधन का नेता चुना गया।राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपकर उन्होंने नई सरकार बनाने का दावा किया। गांधी मैदान में भव्य समारोह, PM Modi-Amir Shah रहे मौजूद दो Deputy CMs – Samrat Choudhary और Vijay Sinha की वापसी NDA ने स्थिरता और लगातार नेतृत्व के संदेश को मजबूत करते हुए इसके साथ ही बिहार कैबिनेट के करीब 20 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई, जिसमें BJP, JDU, LJP (रामविलास), HAM और RLM जैसे सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी दी गई। 10वीं बार मुख्यमंत्री – रिकॉर्ड जोड़ा गया इतिहास में Nitish Kumar ने 2000 से अब तक कई बार सत्ता परिवर्तन, गठबंधन राजनीति और नए समीकरणों के बीच भी अपना नेतृत्व कायम रखा है।उनका 10वीं बार CM बनना बिहार की राजनीति में एक अद्वितीय रिकॉर्ड है। आगे की रणनीति – विकास, रोजगार और स्थिरता पर फोकस नई सरकार से लोगों की उम्मीदें— NDA ने संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता “विकसित बिहार 2030” के विज़न को तेज़ी से लागू करना होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नीतीश कुमार, बिहार NDA सरकार, बिहार शपथ ग्रहण समारोह, सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम, विजय सिन्हा, बिहार राजनीति अपडेट, चिराग पासवान डिमांड, बिहार सरकार गठन

नीतीश कुमार चुने गए NDA विधायक दल के नेता, कल दोपहर लेंगे CM पद की शपथ

NDA ने नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना। वे कल 1.30 बजे गांधी मैदान में CM पद की शपथ लेंगे। सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा डिप्टी CM बनेंगे। Bihar Politics Update: NDA विधायक दल ने नीतीश कुमार को नेता चुना, कल लेंगे CM पद की शपथ पटना। बिहार में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच आज बड़ा फैसला सामने आया है। बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित बैठक में NDA विधायक दल ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुन लिया है। इसके साथ ही राज्य में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार थोड़ी देर में राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और नई NDA सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। कल 1.30 बजे गांधी मैदान में शपथ ग्रहण—दो मंच तैयार सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि गुरुवार दोपहर 1.30 बजे गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।शपथ ग्रहण समारोह के लिए दो बड़े मंच तैयार किए गए हैं, ताकि VIP मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय नेतृत्व और 11 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं। इसके लिए लगभग 150 विशेष मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया है। BJP विधायक दल की बैठक: सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा होंगे डिप्टी CM इससे पहले आज सुबह 11 बजे पटना स्थित बीजेपी ऑफिस में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई।इसमें इसका सीधा मतलब है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—दोनों को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा।NDA संरचना के तहत यह एक संतुलित राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। JDU विधायक दल ने भी नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगाई बीजेपी की बैठक से पहले JDU विधायक दल की बैठक में भी नीतीश कुमार को एकमत से नेता चुना गया।केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए पहले ही केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए थे। तीनों नेता मंगलवार रात ही पटना पहुंच चुके थे। अमित शाह आज पटना पहुंचेंगे, मंत्रियों की लिस्ट फाइनल होगी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम पटना पहुंचेंगे।वे पहले नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे और फिर बीजेपी कोटे के मंत्रियों की अंतिम सूची को फाइनल करेंगे। नई सरकार के कैबिनेट में चेहरे बदलने की संभावना है और कई नए नेताओं की एंट्री भी देखी जा सकती है। चिराग पासवान की डिमांड—2 मंत्री पद + डिप्टी CM पद सूत्रों के मुताबिक, LJP(R) प्रमुख चिराग पासवान ने NDA की अंदरूनी बैठकों में अपनी पार्टी के लिए बड़ा दावा रखा है। चिराग अपने बहनोई अरुण भारती का नाम भी आगे बढ़ा सकते हैं।इस बार विधानसभा चुनाव में LJP(R) ने 19 सीटें जीतकर बड़ी मजबूती दिखाई है, जिसके चलते उनकी मांगों को लेकर NDA में चर्चा तेज है। बिहार की राजनीति में एक और बड़ा दिन NDA के पुनर्गठन, डिप्टी CM के नए चेहरों और चिराग पासवान की डिमांड के साथ बिहार की राजनीति एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है।कल का शपथ ग्रहण समारोह इस नई सत्ता संरचना की औपचारिक शुरुआत होगी
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Breaking Update: अमेरिका से भारत लाया गया कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल,

अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को NIA ने दिल्ली में गिरफ्तार किया। बाबा सिद्दीकी मर्डर केस सहित कई मामलों में वांछित। देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और उसके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर बुधवार को भारत लाया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के नेतृत्व में कई एजेंसियों की संयुक्त मुहिम का परिणाम है। भारत लाए जाने के बाद अनमोल बिश्नोई को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक 2022 से फरार अनमोल अमेरिका में बैठकर लगातार अपना गैंग चलाता था और कई मामलों की साजिश वहीं से रचता था। बाबा सिद्दीकी मर्डर केस का मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य आरोपी है।12 अक्टूबर 2024 की रात बांद्रा में जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर अज्ञात हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी को गोली मारकर हत्या कर दी थी।जांच में पता चला कि इस पूरी साजिश के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ था, और इसकी कमान विदेश में बैठे अनमोल ने संभाल रखी थी। सलमान खान के घर फायरिंग केस में भी नाम अप्रैल 2024 में मुंबई में अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में भी अनमोल बिश्नोई का नाम सामने आया था।मुंबई पुलिस ने अमेरिका और कनाडा को कई प्रस्ताव भेजकर उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। कई राज्यों में दर्ज हैं दर्जनों गंभीर मामले अनमोल पर पूरे देश में हत्या, रंगदारी, गैंग संचालन, अवैध हथियारों की खरीद और इंटरनेशनल नेटवर्क बनाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।केंद्र सरकार यह तय करेगी कि पहली हिरासत किस एजेंसी को दी जाएगी—NIA, मुंबई पुलिस या अन्य राज्य की एजेंसियां। कनाडा और अमेरिका के बीच घूमता था, जाली पासपोर्ट भी मिला सूत्रों के अनुसार— NIA ने उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी कनेक्शन 2022 में पंजाब के मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी अनमोल बिश्नोई का नाम सामने आया था।मूसेवाला मर्डर केस के दौरान गैंग की डिजिटल बातचीत में अनमोल के निर्देश मिलने के प्रमाण मिले थे। कई एजेंसियों की संयुक्त मुहिम का नतीजा एक सरकारी अधिकारी के अनुसार—“पिछले कई महीनों से इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय चल रहा था। इसके बाद ही अनमोल को अमेरिका से भारत लाना संभव हो सका।” मुंबई पुलिस भी अपने मामलों में उसकी हिरासत की मांग करने की तैयारी कर रही है।
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Samrat Chaudhary पर बीजेपी का फिर भरोसा, बने भाजपा विधायक दल के नेता

Samrat Chaudhary पर बीजेपी का फिर भरोसा, बने भाजपा विधायक दल के नेता

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फैसला सामने आया है। बीजेपी ने Samrat Chaudhary पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया है। पार्टी के इस फैसले के बाद सम्राट चौधरी की भूमिका और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ गई हैं। बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सम्राट चौधरी ने जिस तरह चुनाव और संगठन दोनों में सक्रिय भूमिका निभाई, वह पार्टी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। इसलिए उन्हें फिर से नेतृत्व की कमान दी गई है। सम्राट चौधरी ने पद संभालने के बाद कहा कि वे कार्यकर्ताओं और जनता के भरोसे को कभी टूटने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बीजेपी मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। यह फैसला बीजेपी के अंदर एकजुटता और भविष्य की रणनीति को भी मजबूत करता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Terrorist Doctor Umar सुसाइड बॉम्बर तैयार कर रहा था: 12 उसने खुद शूट किए

Terrorist Doctor Umar सुसाइड बॉम्बर तैयार कर रहा था: 12 उसने खुद शूट किए

Delhi Blast की जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी Terrorist Doctor Umar Shaheen ना सिर्फ ब्लास्ट की साजिश में शामिल था, बल्कि वह देश के 11 युवाओं को सुसाइड बॉम्बर बनाने की तैयारी भी कर रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमर ने इन युवाओं को लगातार 70 कट्टरपंथी वीडियो भेजे थे। इनमें से 12 वीडियो उसने खुद शूट किए थे, ताकि वह सीधे उन्हें अपनी विचारधारा में फंसा सके। कैसे करता था ब्रेनवॉश? ब्लास्ट के बाद खुला पूरा नेटवर्क दिल्ली में कार ब्लास्ट की घटना के बाद जब एजेंसियों ने छानबीन शुरू की तो उमर के कई डिजिटल चैट, वीडियो और संपर्क सामने आए।डीएनए रिपोर्ट ने भी उसके ब्लास्ट साइट पर मौजूद होने की पुष्टि की है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि जिन 11 युवाओं से उसका संपर्क था, वे किस हद तक प्रभावित हुए और क्या उनमें से कुछ ट्रेनिंग की ओर बढ़ चुके थे। देश की सुरक्षा पर बड़ा खतरा जांच एजेंसियां मानती हैं कि यह नेटवर्क बड़ा खतरा बन सकता था। अगर समय रहते ये साजिश पकड़ी न जाती, तो देश में कई बड़े हमले हो सकते थे। यह मामला साफ दिखाता है कि आतंकी संगठन अब डिजिटल गैंग बनाकर युवाओं को फंसा रहे हैं। परिवारों और समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar कल 11.30 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ, JDU विधायक दल ने चुना नेता

Nitish Kumar कल 11.30 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ, JDU विधायक दल ने चुना नेता

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाब देखने को मिल रहा है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता Nitish Kumar को विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया है। इसके साथ ही अब साफ हो गया है कि नीतीश कुमार कल सुबह 11.30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण से पहले ही संभावित मंत्रियों की लिस्ट को लेकर फाइनोल चर्चा हो चुकी है। कई नए चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिलने की उम्मीद है। जेडीयू दफ्तर में हुई बैठक में विधायकों ने एकमत होकर नीतीश कुमार पर भरोसा जताया। बैठक के बाद पार्टी में उत्साह का माहौल है और सभी नेता कल होने वाले शपथ समारोह की तैयारियों में जुट गए हैं। क्या उम्मीद कर सकते हैं? बिहार सरकार और राजनीति से जुड़ी हर अपडेट के लिए Deshharpal पर जुड़े रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold Mining: ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज से बदलेगी तस्वीर, भारत को मिल सकता है नया सप्लायर

भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि लोगों की बचत और निवेश का भी अहम हिस्सा है। शादी का सीजन हो या दिवाली-धनतेरस, सोने की खरीदारी को लेकर बाजार में हमेशा हलचल रहती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया से आई सोने की खोज और बढ़ते निवेश की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में सोने की नई खोज के लिए कंपनियां बड़े स्तर पर खर्च कर रही हैं। इससे आने वाले समय में सोने की वैश्विक सप्लाई बढ़ने की संभावना है। भारत जैसे देश के लिए यह एक अहम घटनाक्रम है, क्योंकि अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए भारत को दूसरे देशों से सोना आयात करना पड़ता है। Australia में Gold Exploration पर कितना खर्च हुआ? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज से जुड़ा निवेश जून 2026 की तिमाही में बढ़कर लगभग 565.6 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 23.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह खर्च जमीन के नीचे मौजूद सोने के संभावित भंडार का पता लगाने, ड्रिलिंग और खनन की संभावनाओं का आकलन करने जैसे कामों पर किया जाता है। हालांकि, खोज पर खर्च बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह सोने का नया भंडार मिल गया है। किसी जगह सोना मिलने के बाद भी यह देखना पड़ता है कि वहां से उसे निकालना आर्थिक रूप से कितना व्यावहारिक होगा। ऑस्ट्रेलिया में कितना Gold Reserve मौजूद है? ऑस्ट्रेलिया दुनिया के प्रमुख सोना उत्पादक देशों में शामिल है। सरकारी संस्था Geoscience Australia के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक देश के अनुमानित Ore Reserves करीब 4,785 टन थे। वहीं, पहचाने गए कुल Gold Resources का आंकड़ा इससे काफी ज्यादा था। यहां एक बात समझना जरूरी है। Gold Resources में सोने के संभावित और पहचाने गए संसाधन शामिल होते हैं, जबकि Ore Reserves उस सोने को दर्शाते हैं जिसे मौजूदा तकनीकी और आर्थिक परिस्थितियों में निकालना व्यावहारिक माना जाता है। इसीलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने के बड़े भंडार होने और किसी नई खोज को दुनिया का सबसे बड़ा भंडार बताने में अंतर है। किसी खास नई खोज के बारे में ऐसा दावा करने से पहले उसके आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है। भारत को कैसे मिल सकता है फायदा? भारत में सोने की मांग काफी बड़ी है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर ऑस्ट्रेलिया में आने वाले वर्षों में सोने का उत्पादन बढ़ता है, तो भारतीय आयातकों के लिए सप्लाई का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार हो सकता है। इसके तीन संभावित फायदे हो सकते हैं: हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में निकाला गया सोना अपने आप भारत नहीं पहुंचेगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उत्पादन कितना बढ़ता है, कंपनियां किस देश को निर्यात करती हैं और भारतीय आयातकों के साथ किस तरह के व्यापारिक समझौते होते हैं। क्या भारत में सस्ता हो जाएगा सोना? सोने की नई खोज की खबर सुनकर खरीदारों के मन में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या अब Gold Price कम होगा? फिलहाल ऐसा कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं करती। निवेशकों की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी भाव को प्रभावित करती हैं। भारत में इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात शुल्क, टैक्स और घरेलू मांग का भी असर पड़ता है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतें तुरंत कम होंगी, इसकी गारंटी नहीं है। ₹13,000 करोड़ के निवेश की खबर कितनी सही है? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर खर्च बढ़ने के आंकड़े सामने आए हैं। लेकिन ₹13,000 करोड़ के निवेश को किसी खास नई खोज या दुनिया के सबसे बड़े सोना भंडार से जोड़ने के लिए संबंधित कंपनी और परियोजना के आधिकारिक दस्तावेजों की जरूरत है। इसलिए इस रकम को किसी एक नए गोल्ड रिजर्व की खोज पर खर्च हुई राशि बताने से पहले इसकी पुष्टि करना जरूरी है। खोज पर किया गया खर्च, जमीन में मौजूद कुल सोने का मूल्य और खनन परियोजना में कुल निवेश तीन अलग-अलग बातें हैं। आगे क्या होगा? ऑस्ट्रेलिया में सोने की खोज पर बढ़ता खर्च वैश्विक गोल्ड इंडस्ट्री के लिए अहम है। अगर आने वाले वर्षों में नए भंडार की पहचान होती है और उनसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो पाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के विकल्प बढ़ सकते हैं। भारत के लिए भी यह एक संभावित अवसर है। लेकिन नए सप्लायर की भूमिका, आयात पर असर और सोने की कीमतों में बदलाव का पता तभी चलेगा, जब वास्तविक उत्पादन और निर्यात के आंकड़े सामने आएंगे। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड इंडस्ट्री पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन नई खोज के नाम पर सोना सस्ता होने की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में 175 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अटैचमेंट खत्म, मूल पदस्थापना पर जॉइनिंग के बाद ही मिलेगा अक्टूबर का वेतन

स्वास्थ्य विभाग में मूल पदस्थापना के बजाय दूसरी जगह काम कर रहे 175 डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त कर दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी कर सभी अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। आदेश के बाद संबंधित कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस जाकर जॉइनिंग देनी होगी। ऐसा करने के बाद ही उन्हें अक्टूबर महीने का वेतन मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। तत्काल कार्यमुक्त कर मूल पदस्थापना पर भेजने के निर्देश CMHO के आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को अटैचमेंट पर काम कर रहे कर्मचारियों को उसी दिन कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजना होगा। इसकी जानकारी CMHO कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। वेतन आहरण केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों की मूल पदस्थापना पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही अक्टूबर का वेतन जारी किया जाए। इससे कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यस्थल पर लौटना अनिवार्य होगा। अटैचमेंट जारी मिला तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने आदेश के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने के बाद भी कोई कर्मचारी या अधिकारी अटैचमेंट पर काम करता पाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्रभारी की होगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देशों का पालन कराने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थाओं को भेजा गया आदेश यह आदेश सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, देपालपुर, मानपुर, सांवेर और हातोद के खंड चिकित्सा अधिकारियों, महू सहित विभिन्न अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के प्रभारियों को भेजा गया है। आदेश में भोपाल में हुई बैठकों और 16 अक्टूबर को मुख्यालय स्तर से मिले निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आदेश लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नवरात्रि पर रायपुर सेंट्रल जेल में सेवा की मिसाल, काली माता सेवा समिति ने 1300 बंदियों को बांटे फल

नवरात्रि के अवसर पर काली माता सेवा समिति ने रायपुर सेंट्रल जेल में करीब 1300 बंदियों को फल वितरित किए। समिति ने यह पहल उन बंदियों के लिए की, जो नवरात्रि में उपवास रखकर माता रानी की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन के जरिए समिति ने सेवा, करुणा और मानवीय संवेदना का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की गलती या अपराध से उसके सुधरने और बेहतर जीवन जीने की संभावनाएं समाप्त नहीं हो जातीं। बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर दिया जोर दीपक भारद्वाज ने कहा कि समाज को न्याय के प्रति सम्मान बनाए रखने के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी महत्व देना चाहिए। बंदियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूती मिलती है। समिति का मानना है कि जेल में बंद लोगों के साथ भी सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि उनमें सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित हो सके। पहले भी जेल में कर चुके हैं फल वितरण काली माता सेवा समिति के अनुसार, वह पहले भी कई बार जेल में बंदियों को फल वितरित कर चुकी है। समिति का कहना है कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और उपवास तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा और सद्भावना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ समिति के सदस्यों ने उपवास रखने वाले बंदियों तक फल पहुंचाए। आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य समिति ने समाज में सेवा, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक त्रिपाठी, गुड्डू, सुनील प्रमुख, राजू भाई तारवानी और रामकृष्ण धीवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वैभव सूर्यवंशी

IND vs WI T20: वैभव सूर्यवंशी का भरोसा कायम, 4 दिन में दूसरी पोस्ट; अब भी मौके का इंतजार

भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच T-20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं। सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिलने के बावजूद वैभव ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। चार दिन के भीतर उनकी दूसरी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें भरोसे का संदेश देखने को मिला। वैभव को इस सीरीज में अब तक मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के मन में एक ही सवाल है—क्या पांचवें टी-20 में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा? Vaibhav Sooryavanshi की दूसरी पोस्ट ने खींचा ध्यान वैभव सूर्यवंशी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फैंस के बीच चर्चा हो रही है। चार दिन में दूसरी पोस्ट आने के बाद उनके संदेश पर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, पोस्ट को टीम में चयन या किसी खास फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि प्लेइंग-11 में किसे मौका मिलेगा, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करता है। कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव के लिए टीम के साथ रहना और मौके का इंतजार करना भी अनुभव का हिस्सा है। अब देखना होगा कि उन्हें इस सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। IND vs WI 5th T20: निर्णायक मुकाबले पर नजर भारत और वेस्टइंडीज की टी-20 सीरीज का पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। सीरीज के आखिरी मैच में जीत हासिल करने वाली टीम खिताब अपने नाम करेगी। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-11 को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। फैंस यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इस मुकाबले में युवा खिलाड़ियों को मौका देगा। वैभव सूर्यवंशी का नाम भी इसी चर्चा में शामिल है। हालांकि, उनके खेलने को लेकर आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा डेब्यू का मौका? वैभव को लेकर उत्सुकता की एक बड़ी वजह उनकी कम उम्र और क्रिकेट में तेजी से बनी पहचान है। फैंस उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलना टीम की जरूरत और चयन रणनीति पर निर्भर करता है। फिलहाल वैभव के लिए इंतजार जारी है। पांचवें टी-20 में उनका नाम प्लेइंग-11 में शामिल होता है या नहीं, इसका पता टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा। क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। वैभव के समर्थकों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मैदान पर अपनी काबिलियत दिखाने का अवसर मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
लालकृष्ण आडवाणी

LK Advani Hospitalised ICU में भर्ती लालकृष्ण आडवाणी की सेहत कैसी? जानें ताजा अपडेट

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर 17 अक्टूबर को ताजा जानकारी सामने आई है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिवार और समर्थकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली जरूर है, लेकिन फिलहाल राहत की बात यह है कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। डॉक्टर उनकी सेहत से जुड़ी जरूरी जांच कर रहे हैं और इलाज जारी है। LK Advani Health Update: अस्पताल में क्या चल रहा है इलाज? लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद पल्मोनरी विभाग में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है और जरूरी मेडिकल जांच की जा रही है। 17 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, उनकी सेहत में आगे कितना सुधार हुआ है और अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं लालकृष्ण आडवाणी लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। दिसंबर 2024 में भी उन्हें अपोलो अस्पताल की ICU में रखा गया था। उस समय डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच और इलाज किया था। जून और जुलाई 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बढ़ती उम्र को देखते हुए उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौजूदा समय में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। PM Modi ने हाल ही में की थी लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे आशीर्वाद लिया और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की थी। आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही वजह है कि उनकी सेहत से जुड़ी खबर पर राजनीतिक जगत और उनके समर्थकों की नजर बनी हुई है। राम रथ यात्रा से उपप्रधानमंत्री तक का सफर लालकृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। साल 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा ने राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2002 से 2004 तक वह भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। देश की राजनीति में उनके लंबे योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। LK Advani अब अगले हेल्थ अपडेट का इंतजार लालकृष्ण आडवाणी फिलहाल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। 17 अक्टूबर तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और सीने में संक्रमण के लिए इलाज चल रहा है। अब सभी की नजर अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले हेल्थ अपडेट पर है। उनकी सेहत में सुधार, इलाज की स्थिति और डिस्चार्ज को लेकर नई जानकारी मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि लालकृष्ण आडवाणी की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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