आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGप्रदेशVishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान◆BREAKINGदेश-हरपलYogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi Rally: दिवाली से पहले रैली टालने की मांग, दिल्ली के कारोबारियों को ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Update 4 दिन की गिरावट से निवेशकों को झटका, ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा घटा मार्केट कैप◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 2nd T20: आज भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत, ईशान किशन बाहर; वैभव सूर्यवंशी को मौका?◆BREAKINGदेश-हरपलGangster Himanshu Bhau: 30 से ज्यादा केस, Interpol Notice के बाद US में गिरफ्तारी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump-Iran Tension: ट्रम्प की हमले की धमकी पर ईरान का पलटवार, Internet Cable काटने की चेतावनी◆BREAKINGप्रदेशVishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान◆BREAKINGदेश-हरपलYogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi Rally: दिवाली से पहले रैली टालने की मांग, दिल्ली के कारोबारियों को ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Update 4 दिन की गिरावट से निवेशकों को झटका, ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा घटा मार्केट कैप◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 2nd T20: आज भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत, ईशान किशन बाहर; वैभव सूर्यवंशी को मौका?◆BREAKINGदेश-हरपलGangster Himanshu Bhau: 30 से ज्यादा केस, Interpol Notice के बाद US में गिरफ्तारी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump-Iran Tension: ट्रम्प की हमले की धमकी पर ईरान का पलटवार, Internet Cable काटने की चेतावनी◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

PM Modi मंत्रिपरिषद में जल्द फेरबदल की संभावना, कई राज्यों के नेताओं को मिल सकता है मौका

केंद्र की PM Modi सरकार में एक बार फिर मंत्रिपरिषद में फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और संगठन स्तर की बैठकों के बाद यह चर्चा और भी मजबूत हो गई है कि बीजेपी अब आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए टीम को नए तरीके से तैयार कर सकती है। किन राज्यों के नेताओं को मिल सकता है फायदा? सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस संभावित फेरबदल में कई राज्यों के नेताओं को केंद्र में जगह मिल सकती है। इनमें खासतौर पर ये राज्य शामिल बताए जा रहे हैं: इन राज्यों में बीजेपी की राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक ताकत को देखते हुए पार्टी क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। क्यों हो सकता है फेरबदल? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल सिर्फ सामान्य बदलाव नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे कई रणनीतिक कारण हो सकते हैं: क्या बड़े बदलाव की तैयारी है? फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक संकेत बताते हैं कि यह बदलाव बड़ा और रणनीतिक हो सकता है। इसमें कुछ नए मंत्रियों की एंट्री के साथ-साथ कुछ विभागों में फेरबदल भी संभव है।
Read more

महाराष्ट्र MLC चुनाव: नामांकन वापस लेने वाले दो उम्मीदवार कांग्रेस से सस्पेंड

महाराष्ट्र में होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए उन दो उम्मीदवारों को सस्पेंड कर दिया है, जिन्होंने पार्टी के निर्देशों के बावजूद अपना नामांकन वापस ले लिया था। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना है और साफ संदेश दिया है कि संगठन के फैसलों के खिलाफ जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद कांग्रेस के अंदर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि नामांकन वापस लेने का फैसला पार्टी लाइन के खिलाफ था, जिसके चलते हाईकमान ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों नेताओं को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को कांग्रेस की सख्त अनुशासन नीति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब महाराष्ट्र में MLC चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी रणनीति मजबूत करने में लगी हैं।
Read more
MPCDF

भोपाल में हरियाली अभियान MPCDF & Milk Unions ने मनाया World Environment Day 2026

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन (Madhya Pradesh State Cooperative Dairy Federation (MPCDF)) और प्रदेश के सभी सहकारी दुग्ध संघों ने मिलकर इस पहल को पूरे राज्य में लागू किया। MPCDF मुख्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम भोपाल स्थित एमपीसीडीएफ मुख्यालय परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर इंडियन डेयरी एसोसिएशन के चेयरमैन श्री सुधीर कुमार सिंह, एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी और महाप्रबंधक श्री जयदेव विश्वास उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। माहौल पूरी तरह सकारात्मक और प्रेरणादायक रहा। पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया संदेश कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर जिम्मेदारी है। पेड़, पानी और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग ही आने वाले समय में सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। डॉ. संजय गोवानी का संदेश एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन, कृषि और पशुधन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी खुद उठाए। प्रदेशभर में फैला वृक्षारोपण अभियान भोपाल के साथ-साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और बुंदेलखंड (सागर) स्थित दुग्ध संघ परिसरों में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी स्थानों पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सतत विकास की दिशा में बड़ी पहल यह पहल दर्शाती है कि एमपीसीडीएफ और प्रदेश की सहकारी डेयरी व्यवस्था केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग, 20 लोगों का रेस्क्यू

मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार सुबह इलेक्ट्रिक वाहनों के एक शोरूम में भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले 6 परिवारों के करीब 20 लोग अंदर फंस गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना लसूड़िया इलाके के खालसा चौक के पास सुबह करीब 7 बजे हुई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। धुएं से खुली लोगों की नींद आग लगने के समय ऊपर बने फ्लैट्स में लोग सो रहे थे। शोरूम से उठते धुएं और सांस लेने में दिक्कत होने पर उनकी नींद खुली। नीचे देखा तो आग की तेज लपटें उठ रही थीं। शोरूम के पास बनी सीढ़ियां आग की चपेट में आ गई थीं, जिसके कारण लोग नीचे नहीं उतर पा रहे थे। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी बाहर आए और रेस्क्यू शुरू किया। सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे बचाई जान स्थानीय लोगों ने पड़ोसी बिल्डिंग की छत से सीढ़ियां जोड़कर रास्ता बनाया। खिड़कियों और एंगल से रस्सियां बांधकर लोगों तक पहुंचाई गईं। कुछ लोग सीढ़ियों के सहारे दूसरी बिल्डिंग की छत तक पहुंचे, जबकि कुछ को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि आग फ्लैट्स तक नहीं पहुंची और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, शोरूम में खड़े सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। एक घंटे में आग पर पाया काबू फायर ब्रिगेड अधिकारी शोभाराम मालवीय ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दो टैंकर पानी की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। शोर सुनकर जागे लोग भानु सिंह और निशा सिंह, जो शिवपुरी के रहने वाले हैं, ने बताया कि वे गहरी नींद में थे। लोगों ने खिड़कियों पर पत्थर फेंककर उन्हें जगाया। इसके बाद वे बालकनी में पहुंचे और बाहर का नजारा देखकर घबरा गए। वहीं बेंगलुरु निवासी चेतन, जो इंदौर में किराए के फ्लैट में रह रहे हैं, ने बताया कि वे भी शोर सुनकर जागे थे। हादसे के बाद कई लोग अपने परिचितों के यहां चले गए। स्थानीय चौकीदार प्रवीण के मुताबिक, दुबई से आई एक फैमिली भी बिल्डिंग में ठहरी हुई थी। सुबह बारिश देखने के लिए उठे लोगों ने धुआं देखा और तुरंत सभी को अलर्ट किया। इंदौर और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें
Read more

सागर में जमीनी विवाद में घायल बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम

सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम अमावनी में जमीनी विवाद के चलते हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कराई। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने सागर-खुरई मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर शांत कराया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। जमीन कब्जे के विवाद में हुई थी मारपीट मृतक के बेटे आशीष पटेल ने आरोप लगाया है कि आनंद कुमार गुप्ता, शिवराज शुक्ला और यशवंत खटीक उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। इसी विवाद को लेकर उनके पिता नंदराम पटेल के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 3 जून को वर्षा पटेल ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि परिवार की करीब 4 एकड़ कृषि भूमि ग्राम अमावनी में स्थित है। परिजनों का आरोप है कि पास में प्लॉटिंग कर रहे कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर लगी लकड़ी की बल्लियां उखाड़ना शुरू कर दिया। विरोध करने पर नंदराम पटेल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। डंडे, बल्लियों और तलवार से हमला करने का आरोप शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने नंदराम पटेल पर डंडों, बल्लियों और तलवार से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोपियों में विकास उर्फ यशवंत खटीक, ध्रुव अहिरवार, दिलीप अहिरवार, हुकुमचंद पटेल, विनोद पटेल, दयाराम पटेल, अंकित कोरी, शाहरुख राईन और अन्य शामिल हैं। अब हत्या की धारा बढ़ाएगी पुलिस पुलिस का कहना है कि घायल बुजुर्ग की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश और सागर की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more

सागर में रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को CBI ने 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

मध्य प्रदेश के सागर में गुरुवार देर रात सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के एक सेक्शन इंजीनियर को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी की पहचान नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद सीबीआई टीम आरोपी को अपने साथ जबलपुर ले गई। जानकारी के मुताबिक, सागर रेलखंड में गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद विभाग में जमा अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने राशि लौटाने के बदले ठेकेदार से 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। ठेकेदार ने रिश्वत देने से मना किया तो अधिकारी ने सिक्योरिटी राशि वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई कार्यालय में की। पैराडाइज होटल में बिछाया गया जाल शिकायत की शुरुआती जांच के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी पर नजर रखनी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम लेने के लिए सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार को सागर के पैराडाइज होटल बुलाया था। सीबीआई की टीम पहले से ही सादी वर्दी में होटल के आसपास तैनात थी। देर रात जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को 1 लाख रुपए दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी को जबलपुर ले गई CBI गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम आरोपी अधिकारी को जबलपुर लेकर पहुंची। वहां उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां टीम ने आरोपी की 5 दिन की रिमांड मांगी है। सीबीआई अब मामले में रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिक अपडेट्स और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Read more
Indore

Indore Fire EV शोरूम में आग से मचा हड़कंप, लोगों को दूसरी बिल्डिंग से निकाला गया

Indore में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और कई लोग अंदर फंस गए। हादसे के दौरान इलाके में चीख-पुकार मच गई और हर कोई जान बचाने की कोशिश करता नजर आया। लकड़ी की सीढ़ियों से किया गया Rescue Operation स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की टीम ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हालात इतने खराब थे कि लोगों को बाहर निकालने के लिए लकड़ी की सीढ़ियों को जोड़कर दूसरी बिल्डिंग तक रास्ता बनाया गया। इसी रास्ते से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर कुछ मिनट और देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बैटरियों की वजह से तेजी से फैली आग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग सबसे पहले EV शोरूम के अंदर से उठती दिखाई दी। वहां मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरियों के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया और आसपास के दुकानदार भी अपनी दुकानें छोड़कर बाहर निकल आए। घंटों की मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर टीम ने घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया और किसी बड़ी जनहानि की खबर सामने नहीं आई। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शोरूम की फायर सेफ्टी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। हादसे से जुड़े बड़े अपडेट EV Safety को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम और बैटरी स्टोरेज में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
IMD

IMD Weather Alert: यूपी-एमपी में तूफानी बारिश, राजस्थान में ओले; कई शहरों में बिजली संकट

देशभर में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कहीं सड़कें बंद हो गईं तो कहीं बिजली सप्लाई घंटों ठप रही। IMD ने आज 25 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यूपी और एमपी में तेज आंधी से हालात बिगड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में शुक्रवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के चलते करीब 500 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। कई जगहों पर बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने की भी खबर है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफानी मौसम ने डर का माहौल भी बना दिया। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। Haryana Crane Accident: तेज हवा बनी जानलेवा हरियाणा में खराब मौसम के बीच बड़ा हादसा सामने आया। तेज आंधी के दौरान निर्माण कार्य में लगी एक भारी क्रेन अचानक पलट गई। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा इतनी तेज थी कि क्रेन का संतुलन बिगड़ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और राहत टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। राजस्थान में ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के कारण टीन शेड और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कई गांवों में लोग देर रात तक बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे। IMD Alert: आज 25 राज्यों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए देश के 25 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से मौसम में यह बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से राहत, लेकिन खतरा अभी बाकी हालांकि इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

खंडवा में देवर ने नहाने का वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, महिला से कई बार दुष्कर्म

खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने दूर के रिश्ते में लगने वाले देवर पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने नहाते समय उसका वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता ने गुरुवार को खालवा थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नहाने का वीडियो बनाकर दी धमकी 30 वर्षीय विवाहिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी इंदौर में काम करता है और करीब एक साल पहले उनके घर आया था। वह एक-दो दिन घर पर रुका रहा। इसी दौरान उसने महिला का नहाते समय वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपी ने महिला को वीडियो दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि यदि वह उसके साथ संबंध नहीं बनाएगी तो वीडियो पति को दिखा देगा और सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। एक साल तक करता रहा शोषण महिला के मुताबिक आरोपी ने धमकी देकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। बदनामी और परिवार टूटने के डर से वह अब तक चुप रही, लेकिन लगातार मानसिक प्रताड़ना के बाद उसने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया। पुलिस ने दर्ज किया केस खालवा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। एएसआई चंद्रकांत सोणवने ने बताया कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार अभी तक महिला के पास वीडियो से जुड़ा कोई तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। मध्यप्रदेश और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more

भोपाल एयरपोर्ट पर एयरफोर्स के बोइंग-777 की लैंडिंग, यात्रियों में रही चर्चा

राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह एयरफोर्स के बोइंग-777 विमान की लैंडिंग को लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का माहौल रहा। हालांकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई असामान्य या सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं था, बल्कि नियमित VIP मूवमेंट और तकनीकी विजिट का हिस्सा था। अधिकारियों के मुताबिक, बोइंग-777 विमान का अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर आना-जाना सामान्य प्रक्रिया है। यह विमान समय-समय पर उन एयरपोर्ट्स का निरीक्षण करता है, जो बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार हैं। ऐसे तकनीकी विजिट हर महीने दो से तीन बार होते रहते हैं। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरा अब तक का सबसे बड़ा विमान बोइंग 777-300ER विमान 64.8 मीटर विंगस्पैन और करीब 74 मीटर लंबाई वाला विशाल विमान है। इसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर इसकी लैंडिंग को अब तक का सबसे बड़ा विमान उतरने की घटना माना जा रहा है। हालांकि यह विमान एयर इंडिया का है, लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करती है और इसके पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी श्रेणी के विमान “एयर इंडिया वन” का उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी विदेश यात्राओं में किया जाता है। फ्लाइट देरी की वजह मौसम एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कुछ फ्लाइट्स के डिले होने का कारण एयरफोर्स मूवमेंट नहीं, बल्कि खराब मौसम और तेज हवाएं थीं। कई इलाकों में गस्टी विंड्स के कारण उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है विमान बोइंग 777-300ER दुनिया के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली विमानों में गिना जाता है। इसमें दो GE90-115BL इंजन लगे हैं, जिन्हें दुनिया का सबसे शक्तिशाली विमान इंजन माना जाता है। यह विमान बिना रीफ्यूलिंग के करीब 17 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और भारत से अमेरिका जैसी लंबी दूरी भी एक बार में तय करने की क्षमता रखता है। भोपाल एयरपोर्ट ने रचा इतिहास अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को भोपाल एयरपोर्ट पर एयरफोर्स के कोड-ई बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई गई थी। यह मध्यप्रदेश के किसी भी एयरपोर्ट पर पहली बार हुआ है। देश-दुनिया और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
Read more
1 … 58 59 60 61 62 … 152

Trending News

Editor's Picks

Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Rally: दिवाली से पहले रैली टालने की मांग, दिल्ली के कारोबारियों को ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर

दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान खरीदारी तेज होगी और कारोबार को अच्छा फायदा मिलेगा। इसी बीच कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली के व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली से पहले बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में बड़ी रैली के कारण ट्रैफिक डायवर्जन, रास्तों पर बैरिकेडिंग और आवाजाही में परेशानी हुई, तो कारोबार प्रभावित हो सकता है। CTI ने आशंका जताई है कि इससे करीब 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यह संगठन का अनुमान है, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा नहीं। Rahul Gandhi को क्यों लिखी गई चिट्ठी? CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से रैली की तारीख बदलने का अनुरोध किया है। व्यापारी संगठन चाहता है कि कार्यक्रम 10 नवंबर यानी भैया दूज के बाद आयोजित किया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी और कारोबार सामान्य रूप से चलता रहे। व्यापारियों का कहना है कि दिवाली उनके लिए साल का सबसे अहम कारोबारी समय होता है। इस दौरान केवल दिल्ली के ग्राहक ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग थोक खरीदारी करने पहुंचते हैं। अगर सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई, तो दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो सकती है। दिवाली पर Delhi में कितने करोड़ का कारोबार? दिल्ली के बाजारों में दिवाली के दौरान कपड़े, सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम और सजावटी सामान की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल और प्रॉपर्टी जैसे क्षेत्रों में भी खरीदारी होती है। CTI के अनुमान के मुताबिक, धनतेरस के दौरान दिल्ली में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। व्यापारियों को डर है कि अगर त्योहार के व्यस्त दिनों में यातायात बाधित हुआ, तो दुकानों तक पहुंचने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है। यही वजह है कि संगठन चाहता है कि राजनीतिक कार्यक्रमों की तारीख तय करते समय व्यापारियों की परेशानी को भी ध्यान में रखा जाए। रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों पर असर की आशंका रामलीला मैदान के आसपास और मध्य दिल्ली में कई बड़े कारोबारी इलाके हैं। चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली और दरियागंज जैसे बाजारों में त्योहारों के समय काफी भीड़ रहती है। इन बाजारों में दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों से भी व्यापारी सामान खरीदने आते हैं। ऐसे में ट्रैफिक डायवर्जन या रास्तों पर पाबंदियां लगने से माल की ढुलाई और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, रैली के कारण किन रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा या किन इलाकों में विशेष पाबंदियां लगेंगी, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पहले भी कारोबार प्रभावित होने का दावा CTI ने दावा किया है कि अक्टूबर में दिल्ली के कुछ इलाकों में रैलियों, मार्च और यातायात संबंधी व्यवधानों के कारण कारोबारियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संगठन ने आशंका जताई है कि दिवाली के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा बनी, तो व्यापारियों को और परेशानी हो सकती है। हालांकि, इस नुकसान के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसे व्यापारी संगठन के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। 2025 में दिवाली पर हुई थी ₹75,000 करोड़ की बिक्री पिछले साल भी दिवाली के मौके पर दिल्ली के बाजारों में बड़े कारोबार की उम्मीद जताई गई थी। व्यापारिक संगठनों के अनुसार, 2025 में दिल्ली में दिवाली की बिक्री करीब 75,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान था। इसी वजह से इस साल भी व्यापारी त्योहारों के दौरान बाजारों में अच्छी बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार के समय बाजारों तक आसान पहुंच बनाए रखना जरूरी है, ताकि ग्राहकों को खरीदारी में परेशानी न हो। 1 नवंबर की Rally को लेकर अब क्या होगा? कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे उठा रहा है। दूसरी ओर, व्यापारी संगठन चाहता है कि राजनीतिक कार्यक्रम और त्योहारों के कारोबार के बीच ऐसा संतुलन बनाया जाए, जिससे किसी भी पक्ष को अनावश्यक परेशानी न हो। फिलहाल, CTI ने राहुल गांधी से रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने की अपील की है। रैली की तारीख बदली जाएगी या कार्यक्रम 1 नवंबर को ही होगा, इस पर कांग्रेस के आधिकारिक फैसले का इंतजार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस व्यापारियों की अपील पर क्या फैसला लेती है। अगर रैली की तारीख में बदलाव होता है, तो इससे दिवाली के दौरान दिल्ली के बाजारों में आवाजाही और कारोबार को लेकर व्यापारियों की चिंता कम हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Update 4 दिन की गिरावट से निवेशकों को झटका, ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा घटा मार्केट कैप

शेयर बाजार (Stock Market) में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए बीते चार कारोबारी दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति के बाजार मूल्य में करीब ₹20.79 लाख करोड़ की कमी आई। Sensex और Nifty में कमजोरी के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में इस कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसी वजहें बताई जा रही हैं। ऐसे माहौल में निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। Sensex-Nifty में गिरावट से निवेशकों की बढ़ी चिंता शुक्रवार को BSE Sensex 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 में 87.65 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,600 के आसपास बंद हुआ। बाजार में गिरावट का असर केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। इससे उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिन्होंने इन शेयरों में पैसा लगा रखा है। लगातार गिरावट के कारण बाजार की धारणा कमजोर हुई है। हालांकि, बाजार में आगे तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, इसका अनुमान केवल मौजूदा स्थिति के आधार पर लगाना सही नहीं होगा। 4 दिन में ₹20.79 लाख करोड़ की संपत्ति घटी शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा असर कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 16 अक्टूबर को करीब ₹472.62 लाख करोड़ था। 23 अक्टूबर तक यह घटकर लगभग ₹451.83 लाख करोड़ रह गया। इस तरह चार कारोबारी दिनों में करीब ₹20,78,774 करोड़ की कमी दर्ज की गई। यानी लगभग ₹20.79 लाख करोड़ का बाजार मूल्य घट गया। यहां एक बात समझना जरूरी है। मार्केट कैप में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि निवेशकों ने इतनी रकम नकद गंवा दी। शेयरों की कीमत घटने से कंपनियों का कुल बाजार मूल्य कम हुआ है। इसी वजह से इस आंकड़े को निवेशकों की संपत्ति के बाजार मूल्य में आई कमी के तौर पर समझना ज्यादा सही होगा। आखिर क्यों गिर रहा है Share Market? कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई का दबाव भी बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को शेयर बाजार के लिए अहम संकेत माना जाता है। पश्चिम एशिया में तनाव से बढ़ी अनिश्चितता पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई है। अगर इस क्षेत्र में हालात बिगड़ते हैं, तो तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव आने की आशंका रहती है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं। इसका असर शेयरों की खरीद-बिक्री और बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है। Foreign Investors की बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की गतिविधियां भी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। जब विदेशी निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि, बाजार की चाल केवल विदेशी निवेशकों पर निर्भर नहीं करती। घरेलू निवेश, कंपनियों के नतीजे और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभाती हैं। Midcap और Smallcap शेयरों में ज्यादा दबाव गिरावट के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। इन शेयरों में उतार-चढ़ाव अक्सर अधिक हो सकता है, इसलिए बाजार में घबराहट बढ़ने पर इनमें बिकवाली तेज हो जाती है। ऐसे में जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयर ज्यादा हैं, उन्हें अपने निवेश के जोखिम को समझना जरूरी है। आगे कैसा रहेगा शेयर बाजार? अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सप्ताह पर रहेगी। बाजार की दिशा तय करने में कई कारक अहम होंगे, जिनमें कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया के हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी बाजारों के संकेत और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर होने वाले फैसले भी भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। अगर वैश्विक हालात में सुधार होता है और निवेशकों का भरोसा लौटता है, तो बाजार को सहारा मिल सकता है। दूसरी ओर, तनाव बढ़ने और बिकवाली जारी रहने पर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल किसी निश्चित दिशा का दावा करना जल्दबाजी होगी। Investors के लिए क्या है जरूरी? शेयर बाजार में गिरावट देखकर घबराना स्वाभाविक है, खासकर तब जब पोर्टफोलियो की वैल्यू लगातार कम हो रही हो। लेकिन ऐसे समय में जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय निवेश से जुड़े बुनियादी पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। निवेशकों को अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। केवल बाजार की मौजूदा गिरावट देखकर किसी शेयर को खरीदने या बेचने का फैसला करना उचित नहीं है। निष्कर्ष: भारतीय शेयर बाजार में चार कारोबारी दिनों के दौरान करीब ₹20.79 लाख करोड़ के बाजार मूल्य में आई कमी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां फिलहाल बाजार के लिए अहम संकेत हैं। आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में जाएगा, यह इन परिस्थितियों और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.