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PSLV-C62

ISRO PSLV-C62 Anvesha Mission तीसरे Stage की गड़बड़ी

आज सुबह श्रीहरिकोटा से जब ISRO का PSLV-C62 आसमान में उठा, तो देश की धड़कनें उसके साथ तेज़ हो गईं। यह भारत का 2026 का पहला स्पेस मिशन था और इसके केंद्र में था DRDO का ‘अन्वेषा (EOS-N1)’ सैटेलाइट—एक ऐसा उपग्रह, जिससे देश की अर्थ-अवलोकन और रणनीतिक क्षमताएँ नई ऊँचाई पर पहुँचने वाली थीं। शुरुआत बिलकुल सटीक रही, लेकिन कहानी ने तीसरे चरण में अचानक मोड़ ले लिया। लॉन्च से लेकर उम्मीदों तक PSLV-C62 ने तय समय पर उड़ान भरी और पहले दो चरणों ने योजना के मुताबिक काम किया। मिशन में अन्वेषा के साथ कई सह-यात्री उपग्रह भी थे—भारत और विदेशों के छोटे-बड़े पेलोड, जो विज्ञान, संचार और पृथ्वी अवलोकन से जुड़े अहम काम करने वाले थे। तीसरे स्टेज (PS3) में क्या हुआ? जैसे ही रॉकेट का तीसरा चरण सक्रिय हुआ, फ्लाइट-पाथ में विचलन (deviation) दर्ज किया गया। ISRO ने इसे एक तकनीकी अनोमली बताया और साफ कहा कि उस पल से मिशन का ऑर्बिट-इन्सर्शन प्रभावित हो गया। शुरुआती संकेत यही हैं कि उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका और टेलीमेट्री डेटा का विश्लेषण जारी है। मिशन निदेशक की भाषा में कहें तो “तीसरे चरण के अंत में वाहन के व्यवहार में असामान्यता दिखी”—यही वह पल था जिसने उम्मीदों की उड़ान को थाम लिया। अन्वेषा’ क्यों था इतना खास? अन्वेषा (EOS-N1) को भारत की उन्नत Earth Observation और निगरानी क्षमताओं के लिए बनाया गया है। बेहतर स्पेक्ट्रल इमेजिंग से लेकर तेज़ डेटा-डिलीवरी तक, यह उपग्रह सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और संसाधन निगरानी जैसे क्षेत्रों में बड़ा योगदान दे सकता था। इसलिए इस मिशन का भावनात्मक और रणनीतिक महत्व दोनों ही बहुत बड़ा था। झटका, लेकिन हौसला बरकरार PSLV भारत का सबसे भरोसेमंद रॉकेट रहा है। हर असफलता—या आंशिक असफलता—से ISRO ने सीखा है और और भी मज़बूत होकर लौटा है। इस बार भी डेटा-ड्रिवन जांच चल रही है, ताकि तीसरे स्टेज की जड़ तक पहुँचा जा सके और अगला मिशन और सुरक्षित बने। ISRO जल्द ही विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट साझा करेगा—क्या प्रेशर में गिरावट आई, थ्रस्ट में असंगति थी या किसी सेंसर ने गलत संकेत दिया? जवाब आएँगे। और उनके साथ आएगा अगला लॉन्च—ज़्यादा सावधानी, ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran Protest News Hindi

Breaking News: ईरान में महंगाई के खिलाफ रात भर से बेकाबू प्रदर्शन, 100 से ज्यादा शहरों में हिंसा,

ईरान में महंगाई और टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ 13 दिनों से प्रदर्शन जारी है। 100 से ज्यादा शहरों में हिंसा, 45 मौतें, इंटरनेट बंद और ट्रम्प की धमकी से हालात गंभीर। ईरान इस वक्त अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और टैक्स बढ़ोतरी से नाराज़ जनता बीते 13 दिनों से सड़कों पर उतर आई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रदर्शन अब देश के 100 से ज्यादा शहरों तक फैल चुके हैं। कई जगहों पर आगजनी, सड़क जाम और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आई हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खुले तौर पर सत्ता के खिलाफ नारे लगाए —“खामेनेई को मौत”,“इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ” जैसे नारे सड़कों पर गूंजते रहे। कुछ शहरों में लोग ईरान के निर्वासित युवराज क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब बदलाव का समय आ चुका है। हिंसा में 45 मौतें, 8 बच्चे शामिल अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी के अनुसार अब तक हुई हिंसा में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या किए जाने की भी पुष्टि हुई है। वहीं, 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेटवर्क मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks ने इसे बड़े पैमाने पर दमन की तैयारी बताया है। हालांकि कुछ लोग अब भी स्टारलिंक जैसे वैकल्पिक नेटवर्क के जरिए वीडियो और जानकारी बाहर पहुंचा रहे हैं। बाजार बंद, यूनिवर्सिटी कैंपस पर छात्रों का कब्जा तेहरान समेत कई बड़े शहरों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। कई यूनिवर्सिटी कैंपस पर छात्रों ने कब्जा कर लिया है और सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। युवा वर्ग खासतौर पर इस आंदोलन की अगुवाई कर रहा है। रेजा पहलवी की अपील से भड़की चिंगारी गुरुवार को निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने जनता से खुलकर सड़कों पर उतरने की अपील की। वे ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति में सत्ता से हटाया गया था। फिलहाल वे अमेरिका में रहते हैं। रेजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सराहना करते हुए कहा कि अब दुनिया को ईरानी जनता के समर्थन में खुलकर खड़ा होना चाहिए। ट्रम्प की चेतावनी: “लोगों को मारा गया तो हमला करेंगे” इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो अमेरिका ईरान पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उनके बयान ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आर्थिक बदहाली बनी असली वजह ईरान में गुस्से की असली जड़ है आर्थिक संकट।दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर लगभग 1.45 मिलियन प्रति डॉलर पहुंच गई थी — जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। सबसे ज्यादा नाराज़गी GenZ और युवा वर्ग में देखने को मिल रही है, जिनके लिए रोजगार और महंगाई दोनों बड़ी चुनौती बन चुके हैं। आगे क्या होगा? ईरान की मौजूदा स्थिति सिर्फ आंतरिक संकट नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति पर भी असर डाल सकती है। इंटरनेट बंदी, सेना की तैनाती और अमेरिका की धमकी हालात को और संवेदनशील बना रही है। आने वाले दिन ईरान और पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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Kolkata

Kolkata ED Raid IPAC Chief Prateek Jain के घर और ऑफिस पर कार्रवाई, ममता बनर्जी ने जताया गुस्सा

Kolkata में आज IPAC (Indian Political Action Committee) के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और उनके सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर Enforcement Directorate (ED) ने छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित money laundering और financial irregularities की जांच के तहत की जा रही है। सुबह से ED की टीम दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है। इस कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी现场 पहुंचीं। उन्होंने ED के अधिकारियों से बातचीत की और मीडिया के सामने इसे राजनीतिक targeting करार दिया। ममता ने कहा कि ED केवल IPAC से TMC के अंदरूनी दस्तावेज और sensitive जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि केंद्र की एजेंसियां राज्य की राजनीतिक गतिविधियों में सीधे हस्तक्षेप कर रही हैं। ममता बनर्जी की यह कदम भावनात्मक और साहसिक दोनों नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि TMC और उसके सहयोगियों को दबाव में लाने की यह कोशिश चुनावों से पहले की गई है। दूसरी ओर, BJP नेताओं ने इस मामले को TMC पर आरोप लगाने का मौका बताया। उनका कहना है कि ममता और उनकी पार्टी अनियमितताओं को छिपा रही हैं। बीजेपी ने इसे accountability और governance से जुड़े मुद्दे के रूप में पेश किया। विशेषज्ञों का मानना है कि IPAC जैसी राजनीतिक consultancy कंपनियों की कार्रवाई अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बन जाती है। IPAC चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाती है, इसलिए उनके financial records पर जांच राजनीति में महत्वपूर्ण असर डाल सकती है। इस ED छापेमारी ने राज्य और केंद्र के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कानूनी और राजनीतिक developments पर सभी की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Police

Security Alert के बीच Delhi Police की बड़ी कार्रवाई 20 Bangladeshi नागरिक पकड़े गए

राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ Delhi Police ने बड़ी कार्रवाई की है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली इलाके में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 20 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे। खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई Delhi Police अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया इनपुट और सत्यापन अभियान के आधार पर की गई। लंबे समय से कुछ इलाकों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से यह ऑपरेशन चलाया। जांच के दौरान पकड़े गए सभी 20 लोग पासपोर्ट, वीज़ा या वैध रहने से जुड़े कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। SIR से पहले बढ़ी सख्ती बताया जा रहा है कि यह अभियान Special Intelligence Review (SIR) से पहले चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन ड्राइव का हिस्सा है। इस दौरान दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अन्य एजेंसियां सतर्कता के साथ जांच कर रही हैं। FRRO को सौंपे जाएंगे आरोपी Delhi Police ने सभी हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिकों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए Foreigners Regional Registration Office (FRRO) को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद Foreigners Act और Immigration Laws के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शामिल है। अवैध घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ Zero Tolerance Policy अपनाई गई है। आने वाले दिनों में दिल्ली और एनसीआर के अन्य इलाकों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। आम लोगों से सहयोग की अपील दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति संदिग्ध तरीके से या बिना पहचान के रह रहा हो, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आम जनता का सहयोग ऐसे अभियानों को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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आवारा कुत्तों पर Supreme Court में सुनवाई, अदालत की तीखी टिप्पणी

आवारा कुत्तों पर Supreme Court में सुनवाई, अदालत की तीखी टिप्पणी

देश में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर Supreme Court में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दी गई एक दलील पर जजों ने तीखी और व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जो अब चर्चा का विषय बन गई है। सुनवाई के दौरान एक पक्ष ने तर्क दिया कि अगर सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाया गया तो चूहों की संख्या बढ़ सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “तो फिर क्या चूहे रोकने के लिए बिल्लियां ले आएं?” अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी दलीलों से मूल समस्या का समाधान नहीं निकलता। कोर्ट ने यह भी जताया कि आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कई शहरों में कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगमों से जिम्मेदारी के साथ समाधान निकालने को कहा। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि केवल बहाने बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने होंगे। इस मामले में अगली सुनवाई में केंद्र और राज्यों से विस्तृत जवाब मांगा गया है। देशभर में आवारा कुत्तों को लेकर चल रही बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stray Dogs

Stray Dogs in Delhi NCR सुप्रीम कोर्ट की आज की Hearing और Guidelines

दिल्ली‑एनसीआर में stray dogs (आवारा कुत्तों) की बढ़ती संख्या ने लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट आज, 7 जनवरी 2026, को सुनवाई कर रहा है। मामला सिर्फ दिल्ली‑एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में आवारा कुत्तों के management और human safety से जुड़ा हुआ है। Supreme Court की Hearing: क्या हुआ आज? सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच (जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया) ने मामले में कहा कि इतनी सारी applications इतनी गंभीरता से दायर होना असामान्य है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आवारा कुत्तों के मामले में human safety और animal rights दोनों का संतुलन जरूरी है। कोर्ट ने आज सुनवाई में यह बात भी उठाई कि राजस्थान हाई कोर्ट के दो जज भी आवारा कुत्तों के हमले के शिकार हो चुके हैं, जिसमें एक अभी भी गंभीर चोटों से जूझ रहा है। पिछले Orders और Controversy सुप्रीम कोर्ट ने पहले यह निर्देश दिए थे कि: हालांकि, इस दिशा में कुछ लोगों और local authorities के बीच विवाद भी सामने आया। डॉग लवर्स ने कहा कि animal rights की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और humane तरीके से ही कुत्तों को relocate किया जाए। Pet Lovers और Activists की प्रतिक्रिया डॉग लवर्स और animal activists का कहना है कि आवारा कुत्तों को हटाने की प्रक्रिया मानवता और statutory rules के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। दिल्ली के जंतर मंतर पर भी कई प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश को वापस लेने की मांग की गई। Government Agencies की तैयारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली और NCR की municipal agencies ने आवारा कुत्तों के management के लिए कदम उठाए हैं। Case की जटिलता यह मामला केवल local issue नहीं है। पूरे देश में stray dog management को लेकर awareness और legal framework की जरूरत महसूस की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अब तक जो orders दिए हैं, उनके पालन की जिम्मेदारी municipal authorities और government agencies पर है। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी है। अगले आदेश में यह तय किया जा सकता है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

Maharashtra Politics अंबरनाथ नगर परिषद में BJP-Congress की जोड़ी, शिंदे गुट हाशिये पर

महाराष्ट्र की राजनीति में अंबरनाथ नगर परिषद से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। जिन पार्टियों को देश की राजनीति में एक-दूसरे का कट्टर विरोधी माना जाता है, वही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस इस बार स्थानीय स्तर पर एक साथ नजर आईं। इस गठबंधन का नतीजा यह हुआ कि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर रहना पड़ा। अंबरनाथ में क्या बदला? अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 सीटें हैं। हालिया चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। आम तौर पर माना जा रहा था कि शिवसेना यहां परिषद पर नियंत्रण बनाएगी, लेकिन राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए। BJP ने कांग्रेस और एनसीपी (अजित पवार गुट) के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इस गठबंधन को स्थानीय स्तर पर “Ambernath Vikas Aghadi” नाम दिया गया। इसके बाद परिषद की सत्ता शिवसेना के हाथ से निकल गई। BJP-Congress गठबंधन क्यों है चर्चा में? यह गठबंधन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि BJP लंबे समय से “कांग्रेस-मुक्त भारत” का नारा देती रही है। ऐसे में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाना राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बन गया है। स्थानीय BJP नेताओं का कहना है कि यह फैसला शहर के विकास और स्थिर प्रशासन को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि नगर परिषद में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। Shinde Sena की नाराज़गी शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उन्हें सत्ता से बाहर रखना जनादेश का अपमान है। शिंदे गुट ने BJP पर “अवसरवादी राजनीति” करने का आरोप भी लगाया है। स्थानीय शिवसेना कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को लेकर नाराज़गी देखी जा रही है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है। महाराष्ट्र Politics पर क्या असर पड़ेगा? अंबरनाथ का यह राजनीतिक प्रयोग सिर्फ एक नगर परिषद तक सीमित नहीं माना जा रहा। जानकारों के मुताबिक: अंबरनाथ नगर परिषद में बना BJP-Congress Alliance यह दिखाता है कि स्थानीय राजनीति में विचारधाराओं से ज़्यादा संख्याबल और सत्ता समीकरण अहम हो जाते हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए यह एक साफ संदेश भी है कि आने वाला समय और भी दिलचस्प होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Voter List

UP Voter List 2026 उत्तर प्रदेश की Draft Voter List जारी, SIR के बाद लाखों नाम कटे

उत्तर प्रदेश में वोटरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने 6 जनवरी 2026 को UP SIR Draft Voter List 2026 जारी कर दी है। यह सूची Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बाद तैयार की गई है, जिसमें मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करने का काम किया गया। इस बार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर चर्चा इसलिए ज्यादा है, क्योंकि करीब 2.8 से 2.9 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। क्या है SIR और क्यों जारी की गई Draft Voter List? SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करता है कि मतदाता सूची में केवल योग्य और सक्रिय मतदाताओं के ही नाम हों। इस दौरान: इन सभी मामलों की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के बाद अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 जारी की गई है। UP Voter List 2026 में क्या बड़ा बदलाव हुआ? SIR शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या करीब 15.44 करोड़ थी।नई ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर लगभग 12.55 करोड़ रह गई है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अब अपना नाम दोबारा चेक कर रहे हैं। UP Draft Voter List 2026 में अपना नाम कैसे चेक करें? अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें: Online तरीका Offline तरीका अगर Draft Voter List में नाम नहीं है तो क्या करें? अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियों (Claims & Objections) के लिए समय दिया है। जरूरी तारीखें कौन-सा फॉर्म भरें? फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं या फिर BLO के पास जमा किए जा सकते हैं। Draft List क्यों है इतनी अहम? ड्राफ्ट वोटर लिस्ट इसलिए जरूरी है ताकि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹2.45 लाख के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

Silver ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹2.45 लाख के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची

देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। आज Silver की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला और यह ₹2.45 लाख प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई। सिर्फ एक दिन में चांदी ₹7,725 महंगी हो गई, जिससे निवेशकों और बाजार दोनों में हलचल मच गई है। वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है। आज सोना ₹741 की बढ़त के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के करीब पहुंच गया। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक सभी की नजर सर्राफा बाजार पर टिकी हुई है। क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से भी दाम ऊपर जा रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? सोना और चांदी को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। मौजूदा हालात में कीमतों का यह उछाल संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भी सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bangladesh

Bangladesh Violence 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, सरत चक्रवर्ती केस ने हिलाया देश

बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नरसिंदी ज़िले के चारसिंदूर बाज़ार में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार सरत चक्रवर्ती मणि की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि उस डर की तस्वीर है जो आज बांग्लादेश के कई हिंदू परिवारों के मन में बैठ चुका है। दुकान पर हमला, अस्पताल में तोड़ा दम स्थानीय लोगों के मुताबिक, 5 जनवरी की रात सरत चक्रवर्ती अपनी रोज़ की तरह दुकान चला रहे थे। तभी अज्ञात हमलावर धारदार हथियारों के साथ आए और उन पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। सरत को इलाके में एक शांत, मेहनती और किसी से विवाद न रखने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। यही बात उनकी हत्या को और भी चौंकाने वाली बनाती है। 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, चिंता बढ़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े 6 लोगों की हत्या हो चुकी है। इनमें से दो हत्याएँ सिर्फ 24 घंटों के भीतर अलग-अलग ज़िलों में हुईं, जिनमें नरसिंदी और जशोर शामिल हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अब खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं? हिंदू समुदाय में खौफ, बदल रही रोज़मर्रा की ज़िंदगी इन हत्याओं के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में डर साफ़ दिखाई दे रहा है। कई दुकानदार अब जल्दी दुकान बंद कर रहे हैं, कुछ लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। परिवारों में यह चिंता बढ़ रही है कि अगला नंबर किसका होगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा,“हम यहीं पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े, लेकिन आज अपने ही देश में डर लग रहा है।” प्रशासन पर सवाल, जवाब की तलाश अब तक कई मामलों में हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। इससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर दोषियों को सख़्त सज़ा नहीं मिली, तो ऐसे अपराध और बढ़ सकते हैं। मानवाधिकार संगठनों की अपील मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ बयान नहीं, ज़मीन पर ठोस कार्रवाई ज़रूरी है। Sarat Chakraborty Mani की हत्या एक चेतावनी है। यह बताती है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की भावना कितनी गहरी हो चुकी है। अगर समय रहते हालात नहीं संभाले गए, तो इसका असर पूरे समाज की शांति और भरोसे पर पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Sensex

Share Market Today Sensex टूटा 1000 Points, Nifty Down IT Sector बना सबसे बड़ा कारण

शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के लिए भारी साबित हुआ। सुबह की शुरुआत से ही कमजोरी दिखा रहे BSE Sensex में गिरावट बढ़ती गई और यह करीब 1000 अंक लुढ़ककर 76,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी लगभग 280 अंकों की गिरावट के साथ दबाव में रहा। दिनभर के कारोबार में बाजार का मूड साफ तौर पर नकारात्मक रहा और निवेशकों में बेचैनी देखी गई। क्या है गिरावट की असली वजह? IT Shares में भारी बिकवालीआज बाजार पर सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर की कमजोरी का पड़ा। Infosys और TCS जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया। कमजोर ग्लोबल डिमांड और धीमी ग्रोथ के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशनअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। Foreign Investors की लगातार बिकवालीविदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए बड़ा झटका बन रही है। जब बड़े निवेशक पैसा निकालते हैं, तो बाजार में दबाव तेजी से बढ़ता है। ग्लोबल संकेत भी रहे कमजोरमध्य-पूर्व में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सेक्टर का हाल कैसा रहा? लगभग हर सेक्टर लाल निशान में नजर आया, जिससे बाजार की व्यापक कमजोरी साफ दिखी। आगे बाजार कैसा रह सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात स्थिर नहीं होते और आईटी सेक्टर से सकारात्मक संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Trump

Trump Ceasefire Fail IDF vs Hezbollah के बीच फिर शुरू हुई गोलीबारी

मध्य पूर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। शांति की उम्मीद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया, लेकिन जमीनी हालात ने इस कोशिश पर सवाल खड़े कर दिए। ऐलान के कुछ ही समय बाद सीमा पर फिर से गोलाबारी शुरू हो गई। Border पर बढ़ा तनाव, लोगों में डर का माहौल इजरायल-लेबनान बॉर्डर पर रहने वाले लोगों के लिए हालात फिर से मुश्किल हो गए हैं। धमाकों और सायरन की आवाजों के बीच आम जिंदगी एक बार फिर थम सी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शांति कब स्थायी होगी। IDF और Hezbollah के बीच ताजा टकराव सीमा पर तैनात Israel Defense Forces और Hezbollah के बीच एक बार फिर संघर्ष शुरू हो गया। Ceasefire क्यों नहीं टिक पा रहा? विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में शांति बनाए रखना आसान नहीं है। International Concern बढ़ी सीजफायर के बावजूद लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में यह टकराव और गंभीर हो सकता है। Ground Reality vs Announcement कागजों पर भले ही सीजफायर बढ़ाने की बात हो रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। बॉर्डर पर जारी हमले इस बात का संकेत हैं कि शांति अभी दूर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
गर्मी

भीषण गर्मी का कहर UP-Rajasthan में 44°C+, Odisha में स्कूल बंद, Kerala में लू से मौत

देश इस समय भीषण गर्मी (Heatwave) की चपेट में है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है। बढ़ती गर्मी ने न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि अब यह लोगों की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। कई राज्यों में 44°C के पार तापमान उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। तेज धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाएं लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही हैं। कामकाजी लोगों के लिए यह समय सबसे ज्यादा मुश्किल भरा साबित हो रहा है। Odisha में बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद भीषण गर्मी को देखते हुए ओडिशा के 4 जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। Kerala में Heatstroke से एक की मौत दक्षिण भारत के केरल में भी गर्मी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।यहां लू (Heatstroke) लगने से एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। आमतौर पर ठंडा रहने वाला यह राज्य भी इस बार गर्मी की चपेट में आ गया है, जिससे स्थानीय लोग भी हैरान हैं। आम लोगों की बढ़ती परेशानी गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है— लोगों का कहना है कि अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है, जो चिंता बढ़ाने वाली है। Heatwave से बचाव के जरूरी टिप्स हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nitin Gadkari

Nagpur Crime Nitin Gadkari को मिली जान से मारने की धमकी जांच तेज

देश की राजनीति से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह मामला Nagpur से सामने आया है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया वीडियो बना विवाद की वजह बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गडकरी और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी गई।वीडियो सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। आरोपी की पहचान, पुलिस ने लिया एक्शन जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान आयुष अग्रवाल के रूप में की है, जो नागपुर का ही निवासी बताया जा रहा है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उसी ने यह वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। गंभीर धाराओं में केस दर्ज नागपुर के धंतोली थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियां कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं और ऐसे मामलों में सख्ती से निपटा जाएगा। जांच जारी, अन्य एंगल भी खंगाल रही पुलिस फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी अकेला था या इसके पीछे कोई और साजिश भी हो सकती है।कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी की गिरफ्तारी की बात भी सामने आई है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। बढ़ती डिजिटल निगरानी का असर यह घटना साफ संकेत देती है कि अब सोशल मीडिया पर की गई हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।धमकी, अफवाह या भड़काऊ कंटेंट फैलाने वालों पर अब तेजी से कानूनी कार्रवाई हो रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
West Bengal में बंपर वोटिंग पर अमित शाह बोले – यह भय से भरोसे की यात्रा, अगला CM बंगाल का ही होगा

West Bengal में बंपर वोटिंग पर अमित शाह बोले – यह भय से भरोसे की यात्रा, अगला CM बंगाल का ही होगा

Amit Shah ने West Bengal में हो रही भारी वोटिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनाव नहीं है, बल्कि “भय से भरोसे की यात्रा” है। उनके मुताबिक, पहले जहां लोग डर के माहौल में रहते थे, अब वही लोग खुलकर वोट डाल रहे हैं। शाह ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और इस बार वोटिंग में जो उत्साह दिख रहा है, वह इसी का संकेत है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बंगाल को नया नेतृत्व मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री यहीं की धरती पर जन्मा होगा, लेकिन वह “दीदी का भतीजा” नहीं होगा। यह बयान सीधे तौर पर Mamata Banerjee और उनके परिवार पर निशाना माना जा रहा है। शाह के इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल को और तेज कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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