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बारिश

बारिश संकट: 40% Rain Deficit के साथ सबसे सूखा June, IMD ने बताए कारण

इस साल जून का महीना भारत के मौसम इतिहास में एक अलग ही कहानी लिख गया है। जहां आमतौर पर जून की बारिश से खेतों में हरियाली छा जाती है, वहीं 2026 का जून लोगों को सूखा और गर्मी दोनों की मार देकर गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पिछले 146 सालों में सबसे सूखा जून रहा है, जिसमें देशभर में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश की कमी ने सिर्फ मौसम वैज्ञानिकों को ही नहीं, बल्कि किसानों और आम लोगों की दिनचर्या तक को प्रभावित किया है। IMD की रिपोर्ट क्या कहती है? India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून की शुरुआत समय पर हुई थी, लेकिन उसकी रफ्तार और फैलाव दोनों ही कमजोर रहे। जून के ज्यादातर दिनों में बारिश देने वाले सिस्टम सक्रिय नहीं हो पाए, जिससे कई राज्यों में लंबे सूखे हालात बने रहे। मानसून इतना कमजोर क्यों पड़ा? (5 बड़े कारण) मानसून ट्रफ का कमजोर होना मानसून ट्रफ इस बार अपनी सामान्य स्थिति में नहीं रही, जिससे बारिश लाने वाले बादलों का सही तरीके से गठन नहीं हो सका। El Niño का असर प्रशांत महासागर में विकसित El Niño स्थिति ने भारतीय मानसून को कमजोर कर दिया, जिसका सीधा असर बारिश की मात्रा पर पड़ा। समुद्री सिस्टम की कमी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम की कमी रही, जिससे नमी की सप्लाई कमजोर पड़ गई। जेट स्ट्रीम में बदलाव ऊपरी वायुमंडल में हवा के प्रवाह (Jet Stream) में बदलाव ने मानसून की गति और दिशा दोनों को प्रभावित किया। जलवायु परिवर्तन का असर लगातार बढ़ते तापमान और बदलते मौसम पैटर्न ने मानसून को अस्थिर बना दिया है, जिससे बारिश का वितरण असमान हो गया है। आम जिंदगी पर असर इस सूखे जून का असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर जमीन पर साफ दिखा— आगे क्या उम्मीद है? मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में मानसून कुछ गति पकड़ सकता है, लेकिन जून की भारी कमी को पूरी तरह भर पाना मुश्किल रहेगा। आने वाले कुछ हफ्ते बेहद अहम होंगे, क्योंकि वही तय करेंगे कि इस साल की बारिश का कुल संतुलन कैसा रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:'फिर आ गए' क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

Badnagar में पटाखों से किया था वैन में ब्लास्ट:’फिर आ गए’ क्यों लिखा, विस्फोट का मकसद क्या

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar में वैन में हुए रहस्यमयी धमाके की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट किसी हाई-एक्सप्लोसिव से नहीं, बल्कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारूद से किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस धमाके के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या था। घटना के बाद मौके पर पहुंची ATS और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। जांच के दौरान वैन पर लिखा ‘फिर आ गए’ संदेश भी एजेंसियों के लिए बड़ा सुराग बना हुआ है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस संदेश का क्या मतलब था और इसे किस उद्देश्य से लिखा गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह धमाका किसी को डराने, चेतावनी देने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जांच में विस्फोट के लिए पटाखों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थ के उपयोग के संकेत मिले हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि धमाका किसने और किस इरादे से किया। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की अपील की है। मध्य प्रदेश समेत देश-दुनिया की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए जुड़े रहें देशहरपाल न्यूज़ पोर्टल के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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‘वेलकम टू द जंगल’ की धमाकेदार शुरुआत: 56 हजार टिकट बिके, एडवांस बुकिंग से ₹1.34 करोड़ की कमाई

‘वेलकम टू द जंगल’ की धमाकेदार शुरुआत: 56 हजार टिकट बिके, एडवांस बुकिंग से ₹1.34 करोड़ की कमाई

बॉलीवुड फिल्म Welcome to the Jungle को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के करीब 56 हजार टिकट पहले ही बिक चुके हैं, जिससे मेकर्स को लगभग ₹1.34 करोड़ की कमाई हो चुकी है। स्टारकास्ट ने नए गाने पर किया धमाकेदार डांस फिल्म के नए रिलीज हुए गाने “ओ मेरे बलम” में पूरी स्टारकास्ट जमकर थिरकती नजर आ रही है। गाने की एनर्जी और मस्ती भरे डांस मूव्स सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहे हैं। फैंस इस गाने को खूब पसंद कर रहे हैं और फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड शुरुआत फिल्म की एडवांस बुकिंग से साफ है कि दर्शकों में इसे लेकर काफी उम्मीदें हैं। कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर यह फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है।
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Ujjain

Ujjain Breaking मोहर्रम जुलूस Viral Video विवाद, बड़नगर में क्रेन पर वैन स्टंट से हड़कंप

मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के Badnagar से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में? वायरल क्लिप में एक वैन को क्रेन की मदद से हवा में लटकाया गया है और उसे एक “ब्लास्ट या विस्फोट जैसे सीन” के रूप में दिखाया गया है। वीडियो में बैकग्राउंड में लिखा हुआ टेक्स्ट भी नजर आता है – “ले फिर आ गए”, जिसने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। यह वीडियो मोहर्रम जुलूस के दौरान शूट किया गया बताया जा रहा है, जिससे कई लोग इसे परंपरागत माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक स्टेज्ड या क्रिएटिव शूट मान रहे हैं। लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भीड़ और भावनाएं पहले से ही संवेदनशील होती हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिर्फ एक फिल्मी अंदाज में किया गया प्रदर्शन बता रहे हैं, जिसका मकसद किसी को आहत करना नहीं था। प्रशासन की जांच शुरू मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया था और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस, कई संस्थान सील

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें भारी लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिले में सरप्राइज निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया। संस्थानों को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया। दुर्ग में सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें सबसे अधिक भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान एक भी ऐसा संस्थान नहीं मिला जहां सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। कई कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर पाए गए, जबकि कई जगह उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। अधिकांश संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला और कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। आपात स्थिति में फंस सकते हैं छात्र निरीक्षण के दौरान कई इमारतों में बेहद संकरी सीढ़ियां मिलीं, जहां एक समय में केवल एक छात्र ही आ-जा सकता है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि किसी आपदा की स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी बेहद मुश्किल हो सकती है। एसडीआरएफ टीम ने मौके पर ही 62 संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में उड़ान एकेडमी सील बिलासपुर में पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में उड़ान आईएएस, चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। सबसे गंभीर अनियमितताएं उड़ान आईएएस में मिलीं। यहां केवल एक प्रवेश-द्वार था, फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था, लिफ्ट की व्यवस्था नहीं थी और बड़ी संख्या में छात्रों के अनुपात में पर्याप्त जगह भी उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अन्य पांच संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर में भी कई संस्थानों को नोटिस रायपुर में 23 और 24 जून को सात प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। वहीं अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, इसलिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और भवन सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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सागर में RTO की बड़ी कार्रवाई: 15 साल पुरानी 2 बसें होंगी स्क्रैप, 6 वाहन जब्त, 42 हजार रुपए का जुर्माना

सागर में गुरुवार को परिवहन विभाग ने यात्री बसों और स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 15 साल पुरानी दो यात्री बसों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) करने के आदेश दिए गए। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों को जब्त किया गया और 10 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। स्कूल वाहनों में मिली गंभीर लापरवाही परिवहन विभाग की टीम ने शहर में कुल 24 स्कूल वाहनों की जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल वाहन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। वाहन में जरूरी दस्तावेज नहीं थे, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के सामने सीट लगाकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा एक ओमनी वैन और एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान तीन ई-रिक्शा भी बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 वाहनों को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने यात्री बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और टैक्स बकाया जैसे मामलों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 स्कूल बस, 1 मैक्सी कैब और 5 ई-रिक्शा पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन 10 वाहनों से कुल 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। RTO ने दी सख्त चेतावनी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज तेनगुरिया ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स रसीद, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाए। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई RTO ने साफ कहा कि भविष्य में चेकिंग के दौरान यदि किसी वाहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य अनियमितता पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें deshharpal.com
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CBSE छात्रों को बड़ी राहत: अब री-वेरिफिकेशन के बाद भी कर सकेंगे उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच

सीबीएसई (CBSE) बोर्ड ने छात्रों के लिए एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था शुरू की है। अब वे छात्र, जिन्होंने अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम में अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था और जांच के बाद भी उनके नंबरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की फिजिकल जांच करवा सकेंगे। बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत छात्र सीधे सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) जाकर अपनी कॉपी की जांच कर सकेंगे। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनके वेरिफिकेशन का परिणाम “No Change” रहा है। पहली बार लागू हुई नई व्यवस्था सीबीएसई ने पहली बार यह कदम उठाया है। इससे पहले वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों के पास अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा फिजिकल जांच कराने का कोई विकल्प नहीं होता था। बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। छात्रों को मिलेगा संदेह दूर करने का मौका कई छात्र ऐसे होते हैं जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद भी अपनी कॉपी की जांच को लेकर शंका बनी रहती है। अब उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका को प्रत्यक्ष रूप से देखने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा और मजबूत होगा। जल्द जारी होगा शेड्यूल सीबीएसई ने बताया है कि उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में विस्तृत प्रक्रिया और समय-सारणी (Schedule) जल्द जारी की जाएगी। छात्रों को इसके लिए बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। 12वीं री-इवैल्यूएशन के परिणाम भी जारी इधर, सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के परिणाम भी चरणबद्ध तरीके से जारी करने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार अब तक प्राप्त 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। बाकी आवेदनों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है और जल्द ही अपडेटेड रिजल्ट जारी किए जाएंगे। छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? यह नया नियम उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने परिणाम को लेकर असमंजस में रहते हैं। अब वे सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी उत्तर पुस्तिका की वास्तविक जांच कराकर पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे। अधिक शिक्षा और करियर से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जोधपुर एक्सप्रेस में दंपती को नशीला पानी पिलाकर लूटा, 36 घंटे बाद जयपुर अस्पताल में आया होश

भोपाल से जयपुर जा रहे एक दंपती के साथ ट्रेन में हैरान कर देने वाली लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश ने पहले सफर के दौरान उनसे दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर नशीला पानी पिला दिया। दंपती बेहोश हो गए और आरोपी उनके सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी लेकर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति-पत्नी को करीब 36 घंटे बाद जयपुर के अस्पताल में होश आया। जानकारी के अनुसार, भोपाल के मिसरोद क्षेत्र के रहने वाले नर्मदा प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी कृष्णा बाई के साथ 18 जून को भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी सीट के सामने बैठे एक युवक ने बातचीत शुरू की और खुद को दिल्ली जाने वाला यात्री बताया। धीरे-धीरे उसने दंपती का भरोसा जीत लिया। पानी की बोतल में मिलाया नशीला पदार्थ रात में खाना खाने के बाद नर्मदा प्रसाद ने पानी की बोतल मंगवाई। इसी दौरान युवक ने मदद के बहाने बोतल अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि उसने चालाकी से पानी में नशीला पदार्थ मिला दिया। शक न हो इसलिए उसने खुद भी पानी पीने का दिखावा किया और फिर बोतल दंपती को दे दी। पानी पीने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। गुना स्टेशन के आसपास पहुंचते-पहुंचते वे पूरी तरह बेहोश हो गए। जयपुर अस्पताल में खुला लूट का राज दंपती को यह भी याद नहीं कि उन्हें ट्रेन से कब उतारा गया और अस्पताल कैसे पहुंचाया गया। 20 जून को जयपुर के अस्पताल में होश आने पर उन्हें अपने साथ हुई वारदात का पता चला। उस समय उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके थे। जेवर और नकदी लेकर फरार हुआ आरोपी पीड़ितों के अनुसार, आरोपी उनके गले से चांदी की चेन, चांदी का ब्रेसलेट, सोने का मंगलसूत्र और कुल 9 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गया। दंपती को शक है कि आरोपी गुना स्टेशन के आसपास ट्रेन से उतर गया होगा। जीरो एफआईआर के बाद गुना में केस दर्ज घटना की शिकायत मिलने पर जयपुर जीआरपी ने पहले जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि वारदात गुना क्षेत्र के पास हुई थी, इसलिए केस डायरी गुना जीआरपी को भेजी गई। अब गुना जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यात्रियों के लिए सावधानी जरूरी रेलवे और पुलिस लगातार यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें न लेने की सलाह देती है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव जल्द, सिग्नलिंग सिस्टम की CMRS जांच शुरू; पहली बार एक ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो

भोपाल मेट्रो के यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो की रफ्तार बढ़ाने और संचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए लगाए गए नए सिग्नलिंग सिस्टम की जांच शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंची और बुधवार को ट्रैक पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जब रानी कमलापति स्टेशन और एमपी नगर स्टेशन के बीच पहली बार दो मेट्रो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने खड़ी नजर आईं। करीब 30 मिनट तक विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। सिग्नलिंग सिस्टम की हुई कड़ी परीक्षा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभ्यास सिग्नलिंग सिस्टम की सुरक्षा और कार्यक्षमता परखने का हिस्सा था। जांच टीम ने देखा कि यदि दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं तो सिस्टम किस तरह प्रतिक्रिया देता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगने, गति नियंत्रण, ट्रेन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में सिस्टम के व्यवहार की भी जांच की गई। निरीक्षण के बाद मिलेगी ‘ओके’ रिपोर्ट मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद CMRS की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि रिपोर्ट संतोषजनक रही तो नए सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का नया संचालन शेड्यूल और टाइमिंग जारी की जाएगी। संभावना है कि जुलाई से यात्रियों को बेहतर और तेज सेवा मिलना शुरू हो जाएगी। 26 जून से सामान्य समय पर चलेगी मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो अपने निर्धारित समय पर संचालन शुरू कर देगी। सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 7 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। अभी एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो फिलहाल भोपाल और इंदौर मेट्रो में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होने के कारण ट्रेनों का संचालन केवल एक ट्रैक पर किया जा रहा है। यही वजह है कि भोपाल मेट्रो की फ्रिक्वेंसी करीब 75 मिनट है और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में ट्रेन जिस ट्रैक से जाती है, उसी ट्रैक से वापस भी लौटती है। 800 करोड़ रुपये की परियोजना मेट्रो की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यह करीब 30 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका पहला चरण अब पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जिसका उपयोग Delhi Metro में किया जाता है। दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक तकनीक इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों ट्रैक पर संचालित हो सकेंगी, ट्रेनों के बीच का अंतर कम होगा और यात्रियों को कम समय में मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नए सिग्नलिंग सिस्टम के शुरू होने के बाद: भोपाल मेट्रो के इस तकनीकी अपग्रेड को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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