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Operation Kahuta Part-2: PM मोरारजी देसाई, पाकिस्तान और परमाणु रहस्य की कहानी, मूत्र सेवन वाले दावे पर फिर चर्चा

Operation Kahuta Part-2: PM मोरारजी देसाई, पाकिस्तान और परमाणु रहस्य की कहानी, मूत्र सेवन वाले दावे पर फिर चर्चा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह उनके जीवन से जुड़े दो पुराने और चर्चित दावे हैं। पहला, उनके स्वास्थ्य संबंधी अभ्यास यानी मूत्र सेवन (Urine Therapy) को लेकर, और दूसरा पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा ऑपरेशन कहूटा (Operation Kahuta) विवाद। इन दोनों मुद्दों पर वर्षों से अलग-अलग दावे और चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, इनमें से कई बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इतिहासकारों के बीच भी इस पर अलग-अलग राय मौजूद है। मूत्र सेवन को लेकर क्या है दावा? मोरारजी देसाई सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके थे कि वे स्वास्थ्य कारणों से मूत्र सेवन करते थे। इसी को लेकर वर्षों से यह दावा किया जाता रहा है कि तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति उन्हें इस विषय में जानकारी लेने के लिए फोन किया करते थे। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे ऐतिहासिक दावा माना जाता है, न कि पूरी तरह स्थापित तथ्य। क्या था ऑपरेशन कहूटा? 1970 और 1980 के दशक में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र कहूटा था। भारत की खुफिया एजेंसियां इस कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए थीं। इसी दौरान यह आरोप सामने आया कि भारत की खुफिया एजेंसी को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई थी।
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MP News: ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में कृषि मंत्री के OSD समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

MP News: ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में कृषि मंत्री के OSD समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि मंत्री के OSD (Officer on Special Duty) समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि मंत्रालय और मंत्री के बंगले में पदस्थापना तथा ट्रांसफर के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। सरकार द्वारा जारी निलंबन आदेश में इस पूरे मामले को उजागर करने वाली मीडिया रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, कुछ कर्मचारियों से मंत्रालय और मंत्री आवास में ट्रांसफर या पदस्थापना कराने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगी गई थी। मामला सामने आने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच शुरू की और शुरुआती कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। OSD समेत तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई सरकार की कार्रवाई में कृषि मंत्री के OSD सहित कुल तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सस्पेंशन आदेश में मीडिया रिपोर्ट का जिक्र जारी सस्पेंशन आदेश में उस समाचार रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित रिश्वत मांगने के आरोपों का खुलासा किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई सरकार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष ट्रांसफर और पदस्थापना के बदले कथित रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद कृषि मंत्री के OSD समेत तीन कर्मचारियों का निलंबन प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर विभागीय जांच और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।
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IND vs ENG: डेब्यू कैप मिलते ही भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने; इंग्लैंड ने रचा बड़ा रिकॉर्ड

IND vs ENG: डेब्यू कैप मिलते ही भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने; इंग्लैंड ने रचा बड़ा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के लिए यह मुकाबला कई मायनों में यादगार रहा। एक तरफ युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू करते हुए इतिहास रच दिया, तो दूसरी ओर इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज कर नया रिकॉर्ड बना दिया। डेब्यू कैप मिलने का पल वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद भावुक रहा। जैसे ही उन्हें टीम इंडिया की कैप सौंपी गई, उनकी आंखें नम हो गईं। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने उनका उत्साह बढ़ाया। डेब्यू के साथ रचा इतिहास वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। कम उम्र में भारतीय टीम तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला। भावुक कर देने वाला पल डेब्यू कैप मिलते ही वैभव अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। परिवार, कोच और लंबे संघर्ष को याद करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सोशल मीडिया पर भी इस पल का वीडियो तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रेमियों ने युवा खिलाड़ी को शुभकामनाएं दीं।
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Rajasthan Accident: श्रीगंगानगर में Ambulance और Army Vehicle की टक्कर, 3 की मौत, 2 घायल

Rajasthan Accident: श्रीगंगानगर में Ambulance और Army Vehicle की टक्कर, 3 की मौत, 2 घायल

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक एंबुलेंस और सेना के वाहन (Army Vehicle) के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, टक्कर काफी तेज थी, जिससे दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे से इलाके में शोक इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे की असली वजह सामने आएगी।
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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: महाराष्ट्र से गुजरात तक बारिश का कहर, 19 लोगों का Rescue; भिवंडी में दुकानें बंद

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही बारिश (Heavy Rain) का कहर भी देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया है, तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भिवंडी में तीन फीट पानी, बाजार और दुकानें बंद महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। मुख्य सड़कें, बाजार और रिहायशी कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जलभराव की वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपनी दुकानें बंद रखीं। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी के लिए मशीनें लगाई हैं और नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, 19 लोगों का रेस्क्यू गुजरात के कई जिलों में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट गया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उज्जैन में तेज बहाव में बहा युवक मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारी बारिश के बीच एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कर दी गई। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और पुलों के आसपास जाने से बचें। जम्मू-कश्मीर में Landslide से सड़कें बंद जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ। पहाड़ों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण कई अहम सड़कें बंद करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। मौसम सामान्य होने तक लोगों को पहाड़ी मार्गों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत कार्य लगातार जारी बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य चला रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने, फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बंद सड़कों को दोबारा चालू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। फिलहाल मौसम का मिजाज जल्द बदलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गुना में घरवालों के सोते समय लाखों की चोरी, बेड के पास टंगी लाइसेंसी बंदूकें छोड़ नकदी-जेवर ले उड़े चोर

मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। परिवार के लोग पूरी रात घर में सोते रहे और चोर लाखों रुपए की नकदी व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। खास बात यह रही कि बेड के पास टंगी दो लाइसेंसी बंदूकें अपनी जगह पर ही रहीं, जबकि बदमाश घर का कीमती सामान समेटकर निकल गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुबह खुला चोरी का राज आरोन थाना क्षेत्र के रायपुर कलां निवासी राकेश धाकड़ ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बहू नीरज धाकड़ ने छत पर रखा संदूक खुला देखा। उसमें सामान बिखरा हुआ था और अलमारी की चाबी गायब थी। जब परिवार नीचे कमरे में पहुंचा तो अलमारी के लॉकर में वही चाबी लगी मिली। जांच करने पर पता चला कि अलमारी से नकदी और जेवरात गायब हैं। दो लाख नकद और लाखों के जेवर चोरी परिवार के अनुसार, चोर अलमारी से करीब दो लाख रुपए नकद, करीब छह तोला सोना और 200 ग्राम चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने की चार चूड़ियां, मंगलसूत्र, चैन, झुमकी तथा चांदी की पायल और बिछिया शामिल हैं। घर के पास मिला सामान भी निकला चोरी का राकेश धाकड़ ने बताया कि सुबह खेत जाते समय घर के पास तिराहे पर घी से भरा एक स्टील का डिब्बा और कुछ सिक्के पड़े मिले थे। उन्होंने उस समय इसे सामान्य बात समझकर ध्यान नहीं दिया। बाद में पत्नी ने बताया कि वह डिब्बा और सिक्के भी उनके घर के ही थे, जिन्हें चोर अपने साथ ले जाकर रास्ते में फेंक गए थे। पुलिस कर रही जांच आरोन पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर BMC में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप, BJP नेता पर FIR; विरोध में डॉक्टरों का चक्काजाम

मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी की, बैड टच किया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। घटना के विरोध में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने काम बंद कर अस्पताल के मुख्य गेट पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रात 2 बजे मरीज के इलाज के दौरान हुआ विवाद पीड़ित महिला स्टाफ के अनुसार, गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मी तिवारी नाम की मरीज को इलाज के लिए बीएमसी लाया गया था। मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज को लेकर लगातार फोन किए जा रहे थे। इलाज के दौरान मरीज के साथ आए लोगों ने अस्पताल स्टाफ से कथित रूप से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। महिला स्टाफ का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। एक व्यक्ति ने बैड टच किया और अस्पताल के बाहर गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अनिल श्रीवास्तव था। ‘पुलिस आई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’ महिला कर्मचारियों का कहना है कि घटना की जानकारी रात में ही पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को दे दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सुरक्षा कर्मी मरीज और उसके साथ आए लोगों को अस्पताल से बाहर भेज चुके थे। आरोप है कि पुलिस बिना कार्रवाई किए लौट गई। स्टाफ का कहना है कि यदि अस्पताल में ही डॉक्टर और नर्स सुरक्षित नहीं रहेंगे तो मरीजों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। JDA ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) मध्य प्रदेश ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। JDA ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें BJP नेता ने आरोपों से किया इनकार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने गांव के एक मरीज को देखने अस्पताल गए थे और समय पर इलाज करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी डॉक्टर या महिला कर्मचारी से अभद्रता नहीं की। यदि वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी जांच कराई जाए, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस ने दर्ज किया मामला एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ से अभद्रता की शिकायत मिलने के बाद अनिल श्रीवास्तव और लक्ष्मी तिवारी के खिलाफ गोपालगंज थाने में छेड़छाड़ सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में बरसाती नाले पर बने चार रास्तों पर चला बुलडोजर, जुम्मे की नमाज के दौरान हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे। कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था। रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया। ‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
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Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat on Partition: ‘उन्होंने घर नहीं, अपनी मातृभूमि चुनी’, RSS प्रमुख का संदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने भारत के विभाजन और उसके बाद देश में आए लाखों लोगों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक और सामाजिक दोनों हलकों में हो रही है। उन्होंने कहा कि 1947 के विभाजन के बाद भारत आने वाले लोगों को ‘शरणार्थी’ (Refugees) कहना सही नहीं है, क्योंकि वे किसी दूसरे देश में शरण लेने नहीं आए थे, बल्कि अपने ही देश लौटे थे। भागवत के मुताबिक, इन लोगों ने धन-दौलत, कारोबार और पुश्तैनी घर पीछे छोड़ दिए, लेकिन अपनी संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय पहचान से समझौता नहीं किया। इसलिए उनके संघर्ष को केवल ‘शरणार्थी’ शब्द में नहीं बांधा जा सकता। “उन्होंने संपत्ति नहीं, अपना देश चुना” अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि विभाजन के समय लाखों परिवारों को मजबूरी में अपना सब कुछ छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने भारत को इसलिए चुना क्योंकि यह उनकी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की भूमि थी। उन्होंने कहा कि “इन लोगों ने संपत्ति नहीं, अपना देश चुना। वे यहां इसलिए आए ताकि बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।” सिंधी समाज के योगदान का किया उल्लेख RSS प्रमुख ने सिंधी समाज के संघर्ष और योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विभाजन का सबसे गहरा असर जिन समुदायों पर पड़ा, उनमें सिंधी समाज भी शामिल था। लाखों लोगों ने रातों-रात अपना घर-बार छोड़ दिया, लेकिन भारत में नई शुरुआत करते हुए व्यापार, शिक्षा, उद्योग और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। भागवत ने कहा कि आज देश के विकास में इन परिवारों का योगदान किसी से छिपा नहीं है। विभाजन को बताया बड़ी मानवीय त्रासदी अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को बदल देने वाली त्रासदी थी। लाखों परिवार बिछड़ गए, हजारों लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और करोड़ों लोगों को नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस इतिहास को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में बताना जरूरी है, ताकि समाज में एकता और राष्ट्रीय चेतना मजबूत हो सके। इतिहास से सीख लेने की जरूरत मोहन भागवत ने कहा कि इतिहास को भूलना किसी भी समाज के लिए ठीक नहीं होता। उनका मानना है कि अतीत की घटनाओं से सीख लेकर ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। बयान क्यों बना चर्चा का विषय? मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश में विभाजन, नागरिकता और ऐतिहासिक पहचान जैसे मुद्दों पर लगातार बहस हो रही है। ऐसे में उनका यह कहना कि विभाजन के बाद भारत आए लोगों को शरणार्थी नहीं कहा जाना चाहिए, राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की अपनी-अपनी राय है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस बयान पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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