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Petrol की बढ़ती कीमतों पर भाजपा सांसद की पत्नी का तंज, बोलीं- ‘अब EMI पर मिलेगा ईंधन’

Petrol की बढ़ती कीमतों पर भाजपा सांसद की पत्नी का तंज, बोलीं- ‘अब EMI पर मिलेगा ईंधन’

देश में लगातार बढ़ रहे Petrol और डीजल के दामों को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी बीच भाजपा सांसद की पत्नी का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। उन्होंने बढ़ती कीमतों पर तंज कसते हुए कहा कि जल्द ही ऐसा समय आ सकता है जब पेट्रोल-डीजल भी EMI पर मिलने लगे और बैंक इसके लिए लोन देने लगें। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय आम लोगों के लिए बेहद मुश्किल भरा है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर सफर तक हर चीज महंगी होती जा रही है। उनका कहना था कि “इतिहास का यह बहुत खराब दौर है”, जहां आम आदमी महंगाई के बोझ से लगातार दबता जा रहा है। बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे महंगाई पर कटाक्ष बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में महंगाई और ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार पर टैक्स कम करने और लोगों को राहत देने का दबाव भी बढ़ रहा है।
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लू

MP-UP और राजस्थान में लू का रेड अलर्ट, कश्मीर-उत्तराखंड में बर्फबारी

देशभर में मौसम इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में लू है, तो दूसरी तरफ पहाड़ों पर बर्फबारी ने मौसम को ठंडा बना दिया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत 11 राज्यों में गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं बिहार में खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की जान चली गई। UP का बांदा बना सबसे गर्म शहर भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे ज्यादा तपता हुआ शहर रहा। यहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग खाली नजर आईं। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। बिहार में बदला मौसम, बिजली गिरने से 4 मौतें जहां एक ओर गर्मी से लोग परेशान हैं, वहीं बिहार में मौसम अचानक बदल गया। कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी से बदला माहौल मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी देखने को मिली। कई जगहों पर हल्की बारिश भी हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। पहाड़ों पर ठंडा मौसम लौटने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में हीटवेव जारी रह सकती है। लोगों को दोपहर में जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी से बचने के लिए ज्यादा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप में लंबे समय तक रहने से बचें। देश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। कहीं लू लोगों की जान पर भारी पड़ रही है, तो कहीं अचानक बदलता मौसम हादसों की वजह बन रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha Case Update: समर्थ सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, BCI ने वकालत लाइसेंस किया निलंबित

Twisha Case Update: समर्थ सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, BCI ने वकालत लाइसेंस किया निलंबित

भोपाल की चर्चित Twisha मौत मामले में आरोपी समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने समर्थ सिंह के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसकी वकालत प्रैक्टिस पर रोक लगा दी है। BCI ने उसका एडवोकेट लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद समर्थ सिंह फिलहाल किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेगा। मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सरेंडर के बाद बढ़ा दबाव ट्विषा शर्मा केस में लगातार बढ़ते विवाद और जनदबाव के बीच समर्थ सिंह ने हाल ही में कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद जांच एजेंसियां मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं। अब BCI की कार्रवाई को भी इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। BCI ने क्यों लिया फैसला? सूत्रों के मुताबिक, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने गंभीर आरोपों और चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। BCI का मानना है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक समर्थ सिंह को वकालत प्रैक्टिस की अनुमति देना उचित नहीं होगा। परिवार और लोगों में आक्रोश ट्विषा शर्मा की मौत के बाद से परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस केस को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई संगठनों और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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Twisha Sharma

CBI जांच की मांग के बीच Twisha Sharma के पति ने किया आत्मसमर्पण

मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) मौत मामले में आखिरकार बड़ा अपडेट सामने आ गया है। करीब 10 दिनों से फरार चल रहा ट्विशा शर्मा का पति शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा और उसने सरेंडर कर दिया। इस खबर के सामने आते ही केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Twisha की मौत के बाद से परिवार लगातार इंसाफ की मांग कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा मानसिक तनाव में थीं और उन्हें लगातार परेशान किया जाता था। इसी वजह से परिवार शुरू से ही पति और ससुराल पक्ष पर सवाल उठाता रहा है। Police की लगातार दबिश के बाद किया Surrender मामले में पुलिस कई दिनों से आरोपी की तलाश कर रही थी। अलग-अलग जगहों पर दबिश भी दी गई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आ रहा था। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। अब कोर्ट में सरेंडर के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर ट्विशा के साथ क्या हुआ था। CBI जांच की मांग ने बढ़ाया दबाव ट्विशा शर्मा केस में परिवार ने CBI जांच की मांग भी उठाई है। मामला लगातार सुर्खियों में रहने के कारण सरकार पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच चाहिए ताकि सच सामने आ सके। बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तेज जांच की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाई है। अब आगे क्या? आरोपी के सरेंडर के बाद अब सबसे अहम कड़ी पुलिस पूछताछ होगी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि घटना वाले दिन क्या हुआ था और क्या इस मामले में कोई और भी शामिल है। आने वाले दिनों में केस में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP में ‘कॉकरोच पार्टी’ की एंट्री, भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिस्टम के खिलाफ खोला मोर्चा

MP में ‘कॉकरोच पार्टी’ की एंट्री, भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिस्टम के खिलाफ खोला मोर्चा

MP की राजनीति में एक नया और अनोखा नाम सामने आया है। “कॉकरोच पार्टी” ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को जनता की आवाज बताते हुए सिस्टम के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का दावा किया। पार्टी के सदस्यों का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि उन लोगों की लड़ाई है जो लंबे समय से भ्रष्ट और शिथिल व्यवस्था से परेशान हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी से जुड़े युवाओं ने कहा कि देश में शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन आम लोगों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। खास बात यह रही कि NEET पेपर लीक से प्रभावित कुछ युवा भी इस पार्टी के साथ नजर आए। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और अब युवाओं को खुद आगे आकर बदलाव की लड़ाई लड़नी होगी। पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा कि “कॉकरोच” नाम प्रतीक है उस संघर्ष का, जो हर मुश्किल हालात में भी खत्म नहीं होता। उनका दावा है कि वे आम जनता, छात्रों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। भोपाल में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सोशल मीडिया पर भी “कॉकरोच पार्टी” को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सिस्टम के खिलाफ नई आवाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे अलग तरह की राजनीतिक पहल मान रहे हैं।
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Twisha Sharma

Twisha Sharma Case परिवार की मांग पर CBI जांच की सिफारिश

मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत का मामला अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। लगातार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे परिवार की बात को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने अब इस केस को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने की सिफारिश कर दी है। सरकार की ओर से यह सिफारिश Central Bureau of Investigation (CBI) को भेजी गई है, जिससे अब इस केस की जांच के राष्ट्रीय स्तर पर जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। परिवार की मांग के बाद बड़ा एक्शन ट्विशा शर्मा के परिजन लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। उनका कहना था कि स्थानीय जांच पर उन्हें पूरा भरोसा नहीं है, इसलिए उन्होंने CBI जांच की अपील की थी। परिवार की इसी भावना और मामले की गंभीरता को देखते हुए Government of Madhya Pradesh ने यह कदम उठाया है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। अब केस CBI के हाथ में जाने की तैयारी अब इस मामले में अंतिम फैसला केंद्र सरकार और CBI द्वारा लिया जाएगा। यदि CBI इस केस को अपने हाथ में लेती है, तो पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और हर पहलू को दोबारा खंगाला जाएगा। परिवार की भावनाएं और उम्मीदें सरकारी फैसले के बाद परिवार ने राहत की भावना जताई है। उनका कहना है कि यह कदम उनके लिए न्याय की दिशा में एक उम्मीद की किरण है, हालांकि वे अब CBI जांच की आधिकारिक शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं। परिवार अभी भी यही चाहता है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिले।
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Bhojshala

Bhojshala 721 साल बाद बने खास योग पर भक्तों से भरी धार की सड़कें

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला (Bhojshala) शुक्रवार सुबह से ही आस्था का बड़ा केंद्र बनी हुई है। 721 साल बाद आए इस विशेष शुक्रवार को लेकर हजारों श्रद्धालु अखंड पूजा और दर्शन के लिए भोजशाला पहुंचे। सुबह से ही परिसर के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरा इलाका “जय मां वाग्देवी” के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से उमड़ी भक्तों की भीड़ भोजशाला में पूजा-अर्चना के लिए लोग देर रात से ही धार पहुंचने लगे थे। जैसे ही सुबह हुई, श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बड़ी संख्या में पूजा में हिस्सा लिया। कई लोगों ने इसे अपने जीवन का यादगार और भावुक पल बताया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्षों बाद शहर में ऐसा धार्मिक माहौल देखने को मिला है। बाजारों, होटल और आसपास की दुकानों में भी भारी भीड़ नजर आई। क्यों खास माना जा रहा है यह शुक्रवार? धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना के आधार पर श्रद्धालु इस शुक्रवार को बेहद दुर्लभ संयोग मान रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि करीब 721 साल बाद ऐसा अवसर आया है, जब भोजशाला में इस तरह अखंड पूजा और विशेष धार्मिक आयोजन हो रहा है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से लोग यहां पहुंचे हैं। भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। इसी कारण यहां हर बड़े आयोजन के दौरान प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतता है। हाल के महीनों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए सर्वे के बाद भोजशाला फिर राष्ट्रीय चर्चा में आ गई थी। अब इस विशेष शुक्रवार के आयोजन ने एक बार फिर लोगों का ध्यान इस ऐतिहासिक स्थल की ओर खींच लिया है। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखाई दिया। भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। श्रद्धालुओं ने बताया ऐतिहासिक दिन भोजशाला पहुंचे कई श्रद्धालुओं का कहना है कि वे इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। लोगों के चेहरों पर उत्साह और भक्ति साफ नजर आई। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और पूजा-अर्चना लगातार जारी रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhar Bhojshala Dispute : हाई कोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Dhar Bhojshala Dispute : हाई कोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

मध्यप्रदेश के Dhar स्थित भोजशाला विवाद एक बार फिर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट नहीं बल्कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के हालिया फैसले को मुस्लिम पक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में चुनौती दी है। मामले में आज ही सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भोजशाला परिसर का सर्वे कराने की अनुमति दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला धार्मिक भावनाओं और पुराने समझौतों के खिलाफ है। दरअसल, धार की भोजशाला को हिंदू पक्ष मां वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। इसी को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद ASI सर्वे की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले को लेकर धार शहर में भी लोगों की नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी तरह का तनाव न फैले। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे चाहते हैं कि अदालत का फैसला सभी पक्षों के सम्मान और शांति को ध्यान में रखकर आए। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय हो सकती है। अब देखना होगा कि सर्वोच्च अदालत हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाती है या ASI सर्वे की प्रक्रिया जारी रहती है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heatwave

Heatwave Alert: 35 शहरों में रात का पारा 30°C पार, Hanumangarh सबसे ज्यादा गर्म

देशभर में Heatwave का असर अब और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। दिन की झुलसा देने वाली धूप के बाद अब रातें भी लोगों को चैन नहीं लेने दे रहीं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश के 35 शहरों में रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। राजस्थान का हनुमानगढ़ सबसे गर्म रात वाला शहर बना, जहां न्यूनतम तापमान 33.7°C दर्ज हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार पांचवें दिन देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। Night Temperature बढ़ने से बढ़ी लोगों की परेशानी इस बार गर्मी सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है। रात के समय भी गर्म हवाएं और उमस लोगों को परेशान कर रही हैं। कई शहरों में लोग पूरी रात कूलर और एसी चलाने के बावजूद राहत महसूस नहीं कर पा रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गर्म रातें शरीर को आराम नहीं करने देतीं, जिससे थकान और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। Hanumangarh और Banda में सबसे ज्यादा Heatwave का असर राजस्थान का हनुमानगढ़ इस समय देश में सबसे ज्यादा गर्म रात वाला शहर बन गया है। यहां रात का तापमान 33.7°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार पांचवें दिन भीषण गर्मी की चपेट में है। यहां दिन का तापमान लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। बाजारों और सड़कों पर भी दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है। कई राज्यों में IMD का Heatwave Alert मौसम विभाग ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बढ़ रही गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ज्यादा पानी पीने और तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है। गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी Tips लगातार बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई चिंता मई महीने में ही जिस तरह का तापमान देखने को मिल रहा है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कई इलाकों में गर्मी और तेज हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal के अयोध्या बायपास को NGT की मंजूरी, पर्यावरण नियमों का पालन करना होगा  Bhopal के अयोध्या बायपास को NGT की मंजूरी, पर्यावरण नियमों का पालन करना होगा 

Bhopal के अयोध्या बायपास को NGT की मंजूरी, पर्यावरण नियमों का पालन करना होगा

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के अयोध्या बायपास परियोजना को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की दिल्ली बेंच ने बायपास निर्माण को अनुमति दे दी है। हालांकि ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। इस फैसले के बाद लंबे समय से अटकी परियोजना को राहत मिली है। माना जा रहा है कि बायपास बनने से भोपाल शहर के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण शर्तों के साथ मिली मंजूरी NGT की दिल्ली बेंच ने अपने आदेश में कहा कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए तय मानकों का पालन जरूरी होगा। परियोजना से जुड़े विभागों को प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि यदि किसी शर्त का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। लंबे समय से चल रहा था विवाद अयोध्या बायपास परियोजना को लेकर पर्यावरणीय प्रभाव और पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों पर आपत्तियां उठाई गई थीं। इसी वजह से मामला NGT तक पहुंचा था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली बेंच ने यह फैसला सुनाया।
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Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonu Nigam

Sonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाह

मशहूर सिंगर Sonu Nigam की तबीयत को लेकर इन दिनों चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पिछले कुछ समय से गर्दन में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। जांच के बाद सामने आया कि उनकी गर्दन की नसों पर दबाव (nerve compression) की स्थिति बन गई है। इसी वजह से डॉक्टरों ने तुरंत MRI और CT स्कैन कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें आराम करने और मेडिकल निगरानी में रहने को कहा गया है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम को: खुद भी महसूस कर रहे हैं परेशानी सूत्रों के मुताबिक, सोनू निगम ने भी माना है कि इस दर्द की वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनका कॉन्फिडेंस भी थोड़ा कम महसूस हो रहा है और वह इस दर्द से जूझ रहे हैं। काम पर असर पड़ने की आशंका इस हेल्थ इश्यू की वजह से उनके आने वाले कुछ प्रोग्राम्स और रिहर्सल्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक उनकी टीम की तरफ से किसी शो के कैंसिल या पोस्टपोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस काफी चिंतित नजर आए। लोग लगातार उनके गाने, आवाज और संगीत में दिए योगदान को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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