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मारुति वैन में आग लगी, जिंदा जला ड्राइवर:खेत की फेंसिंग में फंसा था ड्राइविंग सीट का गेट; शव की पहचान भी मुश्किल

बीना में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां चलते-चलते एक मारुति वैन में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि ड्राइवर जिंदा जल गया और शव की हालत इतनी खराब है कि उसकी पहचान तक नहीं हो सकी है। खेत की फेंसिंग में फंसी वैन, बाहर नहीं निकल सका ड्राइवर यह हादसा आगासौद थाना क्षेत्र में देहरी और सेमरखेड़ी गांव के बीच दोपहर करीब 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन सड़क किनारे एक खेत की फेंसिंग में फंस गई थी। ड्राइवर की ओर का दरवाजा फेंसिंग में अटक गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाया और वैन में ही फंस गया। गैस किट की वजह से तेजी से भड़की आग! स्थानीय लोगों ने बताया कि वैन में शायद गैस किट लगी थी। आग लगते ही महज 10-15 मिनट में पूरी वैन जलकर खाक हो गई। लोगों ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर की चीखें सुनीं, लेकिन आग की तेज़ी और हालात की वजह से कोई भी उसकी मदद नहीं कर सका। कौन था ड्राइवर, अब तक रहस्य पुलिस ने बताया कि जल चुकी वैन का रजिस्ट्रेशन नंबर MP04 CB 2153 है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह वैन अक्सर इलाके में किराना का सामान बेचने आती थी, लेकिन वैन चलाने वाले शख्स का नाम या पता उन्हें नहीं मालूम। जिस खेत की फेंसिंग में वैन फंसी, वह देहरी गांव के किसान कैलाश पटेल का बताया जा रहा है। जांच जारी, आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आगासौद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैन के रजिस्ट्रेशन से अब मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। देशहरपाल(deshharpal.com)की संवेदना: ये हादसा एक दर्दनाक चेतावनी है कि वाहनों में गैस किट का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक किया जाए और सुरक्षा उपायों की अनदेखी न की जाए। देशहरपाल मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।
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जबलपुर के पूर्व शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष पर इनाम घोषित:कांग्रेसी नेता के साथ मिलकर किया था JDA की जमीन का फर्जीवाड़ा, एक माह से फरार

जबलपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों—यूथ कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष जतिन राज और उनके सहयोगी मनोज नामदेव—की गिरफ्तारी के लिए अब पुलिस ने कमर कस ली है। एसपी संपत उपाध्याय ने दोनों फरार आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। कांग्रेस से जुड़ा चेहरा, अब भगोड़ा जतिन राज पहले एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में पदाधिकारी रह चुके हैं। वे पार्षद भी रह चुके हैं और कांग्रेस के कई चुनाव अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन अब वही चेहरा जमीन के गोरखधंधे में मुख्य साजिशकर्ता बन चुका है। मनोज नामदेव के साथ मिलकर जतिन राज ने JDA की एक योजना में शामिल जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे लाखों में बेच डाला। पुलिस ने इस मामले में सैफ नगर निवासी कयाज उर्फ शुभम उर्फ शिवम को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। ऐसे हुआ खुलासा दरअसल, एक माह पहले कयाज उर्फ शुभम JDA दफ्तर पहुंचा और खुद को विजय नगर निवासी केपी लटोरिया का बेटा बताकर एक जमीन को अपने नाम करने की कोशिश की। उसने नकली आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लगाए। लेकिन JDA के CEO दीपक वैद्य को शक हुआ। जब दस्तावेजों की जांच करवाई गई तो मालूम पड़ा कि जिनके नाम पर शुभम जमीन लेना चाहता था, वे दोनों पति-पत्नी पहले ही गुजर चुके हैं और उनकी कोई संतान भी नहीं थी। इसके बाद JDA ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में शुभम ने कबूल किया कि वह जतिन राज और मनोज नामदेव के साथ मिलकर JDA की खाली पड़ी जमीनों की जानकारी निकालता था। फिर नकली वारिस तैयार कर जमीनों पर कब्जा किया जाता था और उन्हें लाखों में बेच दिया जाता था। पुलिस की दबिश, लेकिन अभी तक आरोपी लापता ओमती थाना पुलिस जतिन और मनोज को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक दोनों फरार हैं। पुलिस ने उनके घरों पर भी छापे मारे, लेकिन वहां से कोई सुराग नहीं मिला। एसपी ने ओमती थाना प्रभारी को दोनों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही इनाम घोषित कर आम जनता से भी सूचना देने की अपील की है। देशहरपाल(deshharpal.com)की अपील: अगर आपके पास जतिन राज या मनोज नामदेव के संबंध में कोई भी जानकारी है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और घोटाले रोकने के लिए नागरिकों की सतर्कता बेहद जरूरी है।
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ग्वालियर HC में अंबेडकर प्रतिमा विवाद राजस्थान-दिल्ली-हरियाणा पहुंचा:भीम सेना की जयपुर हाईकोर्ट से ऋषि मनु की मूर्ति हटाने की चेतावनी, दोनों पक्ष बना रहे रणनीति

ग्वालियर हाईकोर्ट में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक पहुंच चुका है। खासकर जब से भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर इस मुद्दे में कूदे हैं, तब से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। भीम सेना ने सरकारों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा नहीं लगाई गई, तो जयपुर हाईकोर्ट में लगी मनु ऋषि की प्रतिमा को हटाने के लिए आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बयान के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और एमपी की इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद? पूरा मामला 19 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था, जब ग्वालियर हाईकोर्ट में कुछ अधिवक्ताओं ने चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग की थी। मौखिक सहमति के बाद पीडब्ल्यूडी ने प्लेटफार्म भी तैयार करा दिया और वकीलों ने आपसी सहयोग से मूर्ति बनवाने का ऑर्डर दे दिया। लेकिन बाद में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया कि उन्हें न तो सूचना दी गई, न ही बिल्डिंग कमेटी से इजाजत ली गई। इसके बाद विवाद बढ़ता गया और मामला जातिगत खेमों में बंट गया—एक ओर एससी-एसटी वर्ग के वकील, दूसरी ओर सनातन परंपरा से जुड़े अधिवक्ता। सोशल मीडिया पर पोस्टर वार, चेतावनी से खौफ भीम सेना ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्टर और वीडियो जारी कर सरकार को खुली चेतावनी दी है। अध्यक्ष सतपाल तंवर ने कहा कि “डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को रोकना संविधान और दलित समाज का अपमान है। अगर मूर्ति नहीं लगी, तो हम जयपुर में मनु की प्रतिमा को नहीं रहने देंगे।” भीम सेना की इस खुली धमकी के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एमपी सरकार ने इस मामले पर बयानबाजी से बचने की हिदायत दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 14 मई को भड़का विवाद, अब सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी 14 मई को मूर्ति स्थापना के दिन जब वकीलों का एक पक्ष कोर्ट परिसर में मूर्ति स्थापित करने पहुंचा, तो बार एसोसिएशन ने विरोध करते हुए विवाद को नया मोड़ दे दिया। देखते ही देखते यह मामला जातिगत टकराव में बदल गया। अब दोनों पक्ष लगातार बैठकें कर रहे हैं। 19 मई को दोनों पक्षों ने जबलपुर में चीफ जस्टिस से मुलाकात की थी, जिसमें उन्हें फिलहाल माहौल शांत रखने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, वकीलों के बीच इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। क्या बोले सतपाल तंवर? गुरुग्राम में मीडिया से बातचीत करते हुए सतपाल तंवर ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने इस देश के संविधान को बनाया और करोड़ों शोषितों को सम्मान दिया। ऐसे में उनकी प्रतिमा को रोकना सरासर गलत है। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सड़कों पर उतरेंगे। ये सिर्फ मूर्ति की बात नहीं, हमारे सम्मान और अधिकार की बात है।” 👉 देशहरपाल(deshharpal.com)की अपील: यह मामला संविधान, न्याय और सामाजिक समरसता से जुड़ा है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें और विवाद को बातचीत से सुलझाएं।
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पूर्व विधायक के एटीएम का क्लोन बनाया, 6.83 लाख उड़ाए:भोपाल में 54 ट्रांजेक्शन कर जालसाजों ने निकाली रकम, जांच शुरू

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में रहने वाले पूर्व विधायक रामकिशन चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर 6 लाख 83 हजार रुपए उड़ा लिए गए। यह मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामकिशन चौहान, जो कभी भोजपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, को 5 मई को 92 रुपए की ट्रांजेक्शन का एसएमएस मिला। शक होने पर उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकाली, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 2 फरवरी से 1 मई के बीच उनके खाते से 54 बार ट्रांजेक्शन कर कुल 6.83 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इस फर्जीवाड़े को लेकर उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए बुधवार को केस दर्ज कर लिया गया। बूथ से क्लोनिंग कर रची गई साजिश(deshharpal.com) पुलिस जांच में पता चला है कि फरवरी में रामकिशन चौहान ने अरेरा कॉलोनी के एक एटीएम से पैसे निकाले थे। संभावना जताई जा रही है कि उसी दौरान उनका एटीएम कार्ड स्किमिंग डिवाइस के ज़रिए क्लोन कर लिया गया। इसके बाद फर्जी कार्ड से बार-बार ट्रांजेक्शन कर यह साइबर ठगी की गई। अब पुलिस एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है और साइबर टीम इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पीछे छिपे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। 👉 आम जनता से अपील है कि एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
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Naxalite Encounter

छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़ (Naxalite Encounter): अबूझमाड़ में 27 नक्सली ढेर, बसवराज समेत टॉप लीडर्स का खात्मा

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। 21 मई 2025 को हुई भीषण मुठभेड़ (Naxalite Encounter in Chhattisgarh) में 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें माओवादी संगठन के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज भी शामिल हैं। बसवराज पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था और वह पार्टी की पोलित ब्यूरो का सदस्य था। इंटेलिजेंस इनपुट पर शुरू हुआ ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि बसवराज अबूझमाड़ के बोटेर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर Naxalite Encounter सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें भारी गोलीबारी के दौरान माओवादी कैंप पर बड़ी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया और बड़ी संख्या में AK-47 राइफलें, विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद किए। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट से टूटा नक्सल नेटवर्क इससे पहले अप्रैल-मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट (Operation Black Forest) के तहत भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। यह 21 दिन तक चला ऑपरेशन था, जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कर्रगुट्टालु पहाड़ियों में चला। इसमें 31 नक्सली मारे गए, जिनमें 16 महिला नक्सली भी थीं। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों की केंद्रीय कमान को गहरा झटका दिया। सरकार का मिशन: 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को मल्टी-सर्विस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली और रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Three Language Formula

Three Language Formula विवाद: तमिलनाडु और केंद्र सरकार में टकराव, MK Stalin बोले – सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में प्रस्तावित Three Language Formula को लागू न करने पर केंद्र सरकार ने तमिलनाडु की शिक्षा योजनाओं के लिए फंड रोक दिया है। इस पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र पर “छोटी राजनीति” करने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे इस मामले को Supreme Court में चुनौती देंगे। क्या है Three Language Formula विवाद? NEP 2020 के तहत केंद्र सरकार छात्रों को तीन भाषाएँ सीखने की सिफारिश करती है – जिसमें दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी/अन्य भाषा शामिल होती है। लेकिन तमिलनाडु इस नीति का कड़ा विरोध कर रहा है और राज्य में केवल Two Language Policy (तमिल और अंग्रेज़ी) को ही मान्यता देता है। तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने Samagra Shiksha Yojana के तहत मिलने वाले ₹2,152 करोड़ के फंड को रोक दिया है, क्योंकि राज्य तीन-भाषा फॉर्मूला को लागू नहीं कर रहा। MK Stalin का केंद्र पर हमला मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि शिक्षा एक Concurrent List का विषय है और केंद्र सरकार राज्य की स्वायत्तता में दखल दे रही है। उन्होंने कहा,“केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्र में भी राजनीति कर रही है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।” इसके साथ ही स्टालिन ने अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों से भी एकजुट होकर इस नीति के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील की है। तमिलनाडु सरकार की जवाबी तैयारी राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने विधानसभा में घोषणा की कि केंद्र द्वारा फंड रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार खुद शिक्षा के लिए फंड जारी करेगी। 2025-26 के बजट में ₹46,767 करोड़ की राशि स्कूल शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जिससे शिक्षक वेतन, इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। केंद्र सरकार की सफाई केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान में कहा कि NEP किसी भी राज्य पर कोई भाषा थोपने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Three Language Policy एक लचीला ढांचा है, न कि अनिवार्य शर्त। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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एक्सीडेंट में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेंगे 25000:डॉ. मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला; मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो, दतिया-सतना एयरपोर्ट का लोकार्पण

मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वालों को अब सरकार इनाम देगी। यदि कोई व्यक्ति एक्सीडेंट के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, तो उसे 25,000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस योजना का नाम “राहवीर योजना” रखा गया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में हुई कैबिनेट बैठक में की गई। कैसे मिलेगा इनाम? बैठक से जुड़े अन्य बड़े फैसले कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। ऐतिहासिक माहौल में हुई बैठक(deshharpal.com) बैठक इंदौर के राजवाड़ा के गणेश हॉल में आयोजित हुई। खास बात ये रही कि हॉल में देवी अहिल्या की मूर्ति को मुख्यमंत्री से आगे रखा गया। सीएम ने मूर्ति के सामने पुष्प अर्पित कर नमन किया।मुख्यमंत्री और कुछ मंत्री धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहनकर पहुंचे। सुरक्षा के चलते मंत्रियों के साथ आए OSD और अधिकारियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिला। हालांकि, अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए मंत्री विजय शाह इस बैठक से अनुपस्थित रहे।
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अरपा नदी से अवैध रेत खनन का मामला:बिलासपुर में रिवर व्यू रोड के नाम पर f से रेत निकाली; 60 करोड़ बढ़ी लागत

बिलासपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरपा नदी इस वक्त संकट में है। रिवर व्यू रोड बनाने के नाम पर नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन किया जा रहा है। पेंड्रा के अमरपुर से लेकर बिलासपुर तक नदी पहले ही सूखी हुई है, और अब इस पर मानो दोहरी मार पड़ रही है। 160 करोड़ का बना 100 करोड़ का प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 100 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी। लेकिन काम में देरी और अन्य वजहों से अब यह लागत 160 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रिवर व्यू रोड के निर्माण का ठेका मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। नदी के एक किनारे पर 2000 मीटर और दूसरी ओर 1800 मीटर लंबी सड़क बननी है। अवैध रेत खनन के आरोप ठेकेदार कंपनी पर सिल्ट हटाने की आड़ में अवैध रेत खनन का गंभीर आरोप है। नगर निगम ने सड़क निर्माण के लिए नदी की तलहटी से सिल्ट हटाने को कहा था, ताकि भराई हो सके। लेकिन मौके पर बिना नियंत्रण खुदाई की जा रही है, जिससे नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। क्या कहता है नगर निगम? (deshharpal.com) नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी के मुताबिक, ठेकेदार को केवल जलभराव रोकने के लिए सिल्ट हटाने और जमीन समतल करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने ये भी कहा कि ठेकेदार को रेत निकालने की अनुमति है, लेकिन निकाली गई रेत की रॉयल्टी खनिज विभाग को देना अनिवार्य है।
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निगम के रिटायर्ड इंजीनियर अंतरसिंह की मुश्किलें बढ़ी:EOW ने शुरू की जांच; बेटे को परमिशन फाइलों से फायदा देने का आरोप

खंडवा नगर निगम के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री (इंजीनियर) अंतरसिंह तंवर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। एक पुराने मामले में विभागीय जांच के बाद अब EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने भी केस दर्ज कर लिया है। यह शिकायत पहले नगर निगम स्तर पर की गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है। अब इसी आधार पर भोपाल EOW में केस दर्ज होने के बाद इंदौर ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? आरोप है कि नगर निगम में कार्यरत रहने के दौरान अंतरसिंह तंवर ने अपने बेटे साई चंद्र सिंह जो कि एक आर्किटेक्ट हैं, को भवन निर्माण की परमिशन दिलाने में पद का दुरुपयोग किया। इस मामले में EOW इंदौर के इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने खंडवा नगर निगम कमिश्नर को नोटिस भेजकर एक सप्ताह (यानी 26 मई तक) में पूरी जानकारी भेजने को कहा है। ईओडब्ल्यू ने इन पांच बिंदुओं पर मांगी जानकारी: पहले भी हुई थी शिकायत(deshharpal.com) चार महीने पहले इसी मामले की शिकायत इंदौर स्थित नगरीय प्रशासन विभाग के संभागीय कार्यालय में हुई थी। इसके बाद खंडवा नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को जांच के निर्देश दिए गए थे। कमिश्नर के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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TMC

अभिषेक बनर्जी होंगे TMC के प्रतिनिधि | TMC-Centre टकराव पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All-Party Delegation) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से लोकसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। यह फैसला केंद्र सरकार और TMC के बीच हालिया तनावपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया। केंद्र की ‘बिना सलाह’ पर आपत्ति जताई TMC ने केंद्र सरकार ने TMC सांसद यूसुफ पठान को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया था, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता ने कहा, “अगर किसी पार्टी का प्रतिनिधित्व करना है तो उस पार्टी के नेतृत्व से पहले बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ उनके सांसदों से।” उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक शिष्टाचार का पालन नहीं कर रही और बिना परामर्श के निर्णय ले रही है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है। अभिषेक बनर्जी का स्पष्ट संदेश अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार के रुख का समर्थन करती है। लेकिन किसी भी फैसले में पार्टी को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है।” उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे प्रतिनिधिमंडल में सेना के जवानों, वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों के परिवारों, या सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी शामिल किया जाए। TMC का रुख: राष्ट्रहित पहले, राजनीति बाद में TMC ने दो टूक कहा है कि वह हर उस कदम में केंद्र का साथ देगी जो देश की सुरक्षा और एकता के लिए उठाया गया हो, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी राजनीतिक दलों को निर्णय प्रक्रिया में समान सम्मान और भागीदारी मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMKOC अपडेट: पोपटलाल की शादी का इंतजार, दयाबेन की वापसी पर सस्पेंस और नई एंट्री ने खोले कई राज

TMKOC अपडेट: पोपटलाल की शादी का इंतजार, दयाबेन की वापसी पर सस्पेंस और नई एंट्री ने खोले कई राज

टीवी का सबसे पॉपुलर शो Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah (TMKOC) एक बार फिर चर्चा में है। शो के फैंस लंबे समय से कुछ सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं—पोपटलाल की शादी आखिर कब होगी, दयाबेन कब लौटेंगी और जेठालाल का इंतजार कब खत्म होगा? पोपटलाल की शादी पर फिर चर्चा शो में पत्रकार पोपटलाल का किरदार हमेशा से शादी को लेकर फेमस रहा है। हर बार कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है और उनकी शादी टल जाती है। फैंस अब फिर से यही सवाल पूछ रहे हैं—क्या इस बार उनका सपना पूरा होगा? दयाबेन की वापसी का इंतजार दयाबेन के किरदार की गैरमौजूदगी शो में लंबे समय से महसूस की जा रही है। जेठालाल भी कई बार उनके लौटने की उम्मीद जताते दिखे हैं। दर्शक अभी भी उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। नई एंट्री ने खोले कुछ सीक्रेट्स हाल ही में शो में हुई नई एंट्री ने कहानी में कुछ नए मोड़ और सीक्रेट्स का संकेत दिया है। इससे फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ गई है कि आगे कहानी किस दिशा में जाएगी। दर्शकों की बढ़ी दिलचस्पी शो में चल रहे इन सवालों और ट्विस्ट्स ने एक बार फिर दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार एपिसोड्स और कैरेक्टर्स पर चर्चा कर रहे हैं।
करियर की शुरुआत में फ्लॉप रही फिल्म, एक्टर Avinash Tiwary ने झेला तानों का दौर

करियर की शुरुआत में फ्लॉप रही फिल्म, एक्टर Avinash Tiwary ने झेला तानों का दौर

बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके एक्टर Avinash Tiwary के करियर की शुरुआत आसान नहीं रही। उनकी पहली ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिसके बाद उन्हें इंडस्ट्री में काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती दिनों में उनकी फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उन्हें तानों का सामना भी करना पड़ा और कुछ लोगों ने उन्हें “बेचारा” तक कह दिया था। शुरुआत में मुश्किल समय अविनाश तिवारी ने जब अपने करियर की शुरुआत की थी, तब उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ लॉन्च किया गया था। लेकिन फिल्म का रिस्पॉन्स अच्छा नहीं रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ। हार नहीं मानी, आगे बढ़ते रहे हालांकि इस मुश्किल दौर के बावजूद अविनाश तिवारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने धीरे-धीरे अपने अभिनय पर काम किया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दमदार किरदारों के जरिए वापसी की। अब बदल गई पहचान आज अविनाश तिवारी को एक टैलेंटेड और गंभीर अभिनेता के तौर पर देखा जाता है। उनकी मेहनत और धैर्य ने उन्हें इंडस्ट्री में एक नई पहचान दिलाई है।
8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

8th Pay Commission: सैलरी के साथ HRA में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद, छोटे शहरों के कर्मचारियों को भी होगा फायदा

केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर नई सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ HRA (House Rent Allowance) में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। इससे सिर्फ बड़े शहरों जैसे दिल्ली-पटना ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सीधा फायदा मिलेगा। HRA में क्या हो सकता है बदलाव? रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए वेतन आयोग में HRA की दरों में बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है। इसका मतलब है कि किराए पर रहने वाले कर्मचारियों को हर महीने ज्यादा भत्ता मिल सकता है। कर्मचारियों को कैसे होगा फायदा? छोटे शहरों के लिए भी बड़ी राहत अभी तक HRA का ज्यादा फायदा बड़े शहरों में रहने वालों को मिलता है, लेकिन अगर नया फॉर्मूला लागू हुआ तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के कर्मचारी भी इससे लाभान्वित होंगे। अभी क्या है स्थिति? फिलहाल 8th Pay Commission को लेकर चर्चा जारी है। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा और अंतिम सिफारिशों का इंतजार किया जा रहा है।
30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

30 साल की हरियाणवी एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन, घर पर बेहोश होने के बाद नहीं बची जान, परिवार सदमे में

मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी 30 साल की एक्ट्रेस Divyanka Sirohi का अचानक निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर पर अचानक बेहोश हो गई थीं, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद उनके परिवार और करीबी लोग गहरे सदमे में हैं। अचानक बिगड़ी तबीयत जानकारी के मुताबिक, एक्ट्रेस अपने घर पर सामान्य दिन की तरह थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, जो सफल नहीं हो सकी। परिवार में मातम का माहौल इस अचानक हुए निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में शोक का माहौल है और रिश्तेदार व करीबी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। हरियाणवी इंडस्ट्री में शोक उनके निधन की खबर से हरियाणवी मनोरंजन जगत में भी शोक की लहर है। कई कलाकारों और सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। जांच या कारणों की जानकारी नहीं फिलहाल मौत के सही कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन और डॉक्टर स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

Bhopal में पॉलिटेक्निक चौराहा पर प्रदर्शन पर रोक, धरना-रैली और पुतला दहन की नहीं मिलेगी अनुमति

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। शहर के संवेदनशील माने जाने वाले पॉलिटेक्निक चौराहा पर अब किसी भी तरह के प्रदर्शन, धरना, रैली या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस फैसले के बाद अब यहां किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया? पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह निर्णय शहर में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लिया गया है। अक्सर इस इलाके में प्रदर्शन के कारण जाम और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। क्यों लिया गया यह फैसला? आगे क्या नियम रहेगा? अब इस क्षेत्र में किसी भी संगठन या समूह को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों की प्रतिक्रिया इस फैसले को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान दिया जाना चाहिए।

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