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ग्वालियर में डॉ. अंबेडकर प्रतिमा विवाद: 15 अक्टूबर को संभावित प्रदर्शन से पहले धारा 144 लागू, प्रशासन ने शांति की अपील की

ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब स्थिति तनावपूर्ण होती देख जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है। यानी अब बिना अनुमति कोई भी धरना, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। दरअसल, 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और परशुराम सेना ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। शनिवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। विवाद की जड़ क्या है यह विवाद पिछले एक साल से चल रहा है। आजाद समाज, भीम आर्मी और ओबीसी महासभा से जुड़े वकील डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वकील इसके विरोध में हैं। दोनों पक्षों के बीच कई बार बहस और टकराव की नौबत आ चुकी है। मामला तब और गरमाया, जब बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डॉ. अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो पर ग्वालियर और मुंबई के ठाणे में FIR दर्ज हुई। इससे नाराज एक गुट ने प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। प्रशासन की तैयारी और शांति की अपील संभावित प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी ने शुक्रवार शाम शहर के व्यापारियों, वकीलों और प्रबुद्ध नागरिकों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की।कलेक्टर ने कहा, “त्योहारों का समय है, सभी लोग शांति और सौहार्द बनाए रखें।” हालांकि, बैठक में प्रदर्शन का ऐलान करने वाले बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक और पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। बैठक में वरिष्ठ वकीलों और व्यापारिक संगठनों ने कहा कि किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाहर से आने वाले भड़काऊ तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाए। सोशल मीडिया पर सख्त नजर प्रशासन ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कोई भी अफवाह फैलाने की कोशिश करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवाद की पृष्ठभूमि मई 2025 में जब हाईकोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव आया, तभी से माहौल तनावपूर्ण हो गया था।इसके बाद दोनों गुटों में टकराव और झड़पें भी हुईं। हंगामे के चलते प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना पर रोक लगा दी और प्रतिमा को 15 किमी दूर मूर्तिकार की वर्कशॉप में रखवा दिया गया, जिसकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। विवादित स्थल पर 11 मई को बार एसोसिएशन ने तिरंगा फहराया, जिसके बाद भी विवाद बढ़ा। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की और बहस हुई। अब प्रशासन किसी भी तरह के उपद्रव से बचने के लिए पूरी तैयारी में है ताकि ग्वालियर में शांति बनी रहे। Read full coverage and latest updates on:www.deshharpal.com
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Travel Mart 2025

Madhya Pradesh Travel Mart 2025 राज्य की Heritage, Wildlife और Rural Tourism प्रदर्शित

भोपाल में 6 साल बाद Madhya Pradesh Travel Mart 2025 का भव्य आयोजन भोपाल में 6 साल बाद मध्य प्रदेश Travel Mart 2025 (MPTM) का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025 तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन (International Tourism) का प्रमुख गंतव्य बनाना और पर्यटन उद्योग में नए अवसर सृजित करना है। 700+ प्रतिभागियों और 27 देशों के Tour Operators का शामिल होना इस Travel Mart 2025 में 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें 27 देशों के 80+ अंतरराष्ट्रीय Tour Operators, 150 Domestic Tour Operators, 355 Sellers, और फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हैं। B2B मीटिंग्स, Conferences और Roundtable Sessions आयोजन में 3,000+ B2B मीटिंग्स, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conferences) और Roundtable Sessions आयोजित किए जा रहे हैं, जो पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म उद्योग के विकास पर केंद्रित हैं। मुख्य अतिथियों की मौजूदगी मुख्य अतिथियों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोढ़ी शामिल हैं। MPTM 2025 का उद्देश्य और महत्व MPTM 2025 भारत का सबसे बड़ा State Level Travel Mart 2025 माना जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है बल्कि रोजगार सृजन और वैश्विक साझेदारी (Global Partnerships) को भी प्रोत्साहित करना है। इस मार्ट में मध्य प्रदेश की धरोहर, wildlife, rural tourism, handicrafts, cuisine, और film tourism को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश को वैश्विक पर्यटन की पहचान दिलाना यह आयोजन मध्य प्रदेश को विश्वभर में पर्यटन (Tourism) की पहचान दिलाने और राज्य की खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का अवसर है। अधिक जानकारी के लिए देखें: Madhya Pradesh Tourism
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खंडवा में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत, गांव में छाया मातम

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पंधाना तहसील में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में किसान की जान चली गई।जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय किसान मनोहर पिता शंकर अपने खेत की जुताई करने ट्रैक्टर से जा रहे थे। रास्ते में अचानक कुछ मवेशी सड़क पर आ गए, जिन्हें बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। मनोहर ट्रैक्टर के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने निकाला शव यह हादसा पंधाना–आरुद रोड पर हुआ।ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ते ही वह सड़क किनारे पलट गया। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किसान को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही पंधाना थाना प्रभारी टीआई दिलीप देवड़ा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में पसरा मातम मनोहर की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। अधिक जानकारी और स्थानीय खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रशियन महिलाओं का डांस वीडियो वायरल, विश्वकर्मा जयंती के आयोजन पर बवाल

जबलपुर की केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रशियन महिलाएं और कुछ कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं।यह वीडियो 17 सितंबर का बताया जा रहा है, जब फैक्ट्री में विश्वकर्मा जयंती का आयोजन किया गया था। पूजा के बाद हुआ डांस जानकारी के मुताबिक, विश्वकर्मा जयंती के मौके पर फैक्ट्री के A-1 सेक्शन में पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के बाद कर्मचारियों ने म्यूजिक सिस्टम पर फिल्मी गाने चलाए, और वहां मौजूद रशियन महिलाएं व कुछ भारतीय कर्मचारी ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ गाने पर डांस करते दिखाई दिए। वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति हिंदू सेवा परिषद ने इस वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है।प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने कहा – “एक रक्षा संस्थान में सनातन धर्म के त्योहार के दिन इस तरह फिल्मी गानों पर ठुमके लगाना अशोभनीय है। यह सनातन परंपरा का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने बताया कि परिषद का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रक्षा अधिकारियों से भेंट कर आपत्ति दर्ज कराएगा। पूर्व कर्मचारियों ने कहा – पुरानी परंपरा है वहीं, फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी और जेसीओ सदस्य अरुण दुबे ने इस विवाद को अनावश्यक बताया।उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्री में पूजा और झांकी सजाने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। “इस दिन औजारों का उपयोग नहीं किया जाता। कर्मचारी कुछ देर के लिए आपस में खुशी मनाते हैं।उसी दौरान रूस से आई महिला ट्रेनर्स ने कर्मचारियों के साथ थोड़ी देर डांस किया, लेकिन इसे गलत अर्थ में लिया जा रहा है।” वीडियो बनाकर किया गया वायर अरुण दुबे ने बताया कि यह वीडियो फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी ने मोबाइल से बनाकर वायरल कर दिया।अब फैक्ट्री प्रबंधन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में DSP के साले की संदिग्ध मौत: पार्टी के दौरान पुलिस पिटाई का आरोप, दो आरक्षक सस्पेंड

भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ DSP के साले उदित गाइकी की मौत के बाद पुलिस पर पिटाई के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात पार्टी के दौरान पुलिस ने उदित और उसके दोस्तों से मारपीट की थी। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। बेहोशी की हालत में दोस्तों ने उदित को एम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है। पार्टी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के मुताबिक, पिपलानी निवासी उदित गाइकी, जो TIT कॉलेज का छात्र था, अपने दोस्तों के साथ इंद्रपुरी के C सेक्टर में रात करीब ढाई बजे पार्टी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वहां डांस और हंगामा हो रहा था।इसी दौरान पुलिस की चार्ली टीम मौके पर पहुंची और उदित सहित उसके दोस्तों को पकड़ लिया परिवार का आरोप – थाने में की गई पिटाई उदित के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि थाने में भी उसकी पिटाई की।मारपीट के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और पुलिस उसे एम्स अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुलिस का दावा है कि उदित को थाने नहीं लाया गया था, और उसकी मौत घबराहट या हार्ट अटैक की वजह से हुई। तनाव के बीच भारी पुलिस बल तैनात घटना के बाद एम्स अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। परिजनों और छात्रों की भीड़ को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया।पिपलानी थाने में भी अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।सीएसपी स्तर के अधिकारी जांच कर रहे हैं और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उदित के पिता भेल में कर्मचारी हैं और मां शिक्षिका हैं। परिवार इस हादसे से सदमे में है। बताया जा रहा है कि उदित की मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में पूर्व पार्षद पति से विवाद के बाद युवक की मौत, एक महीने बाद होनी थी शादी

बिलासपुर शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पूर्व पार्षद पति पूर्णानंद चंद्रा और युवक सिद्धार्थ पांडेय के बीच हुए विवाद के बाद युवक की अचानक मौत हो गई। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद सिद्धार्थ घर लौटा, जहां सीने में दर्द उठने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पैसों के विवाद से जुड़ा था झगड़ा जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों या जमीन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात बंगालीपारा निवासी सिद्धार्थ और पूर्णानंद के बीच फिर से झगड़ा हुआ। आरोप है कि पूर्व पार्षद पति ने सिद्धार्थ से धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत लेकर पहुंचा था थाने, नहीं हुई कार्रवाई घटना के बाद सिद्धार्थ सरकंडा थाने पहुंचा और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने उसे मेडिकल जांच कराने को कहा, पर उसने मना कर दिया।इसके बाद वह घर लौट आया और थोड़ी देर बाद सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शादी से पहले मौत ने तोड़ा परिवार का दिल सिद्धार्थ पांडेय की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार खुशियों में डूबा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सबको सदमे में डाल दिया। जमीन और पैसों का पुराना विवाद शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन के सौदे और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया गया है कि एक सप्ताह पहले भी दोनों में कहासुनी हुई थी। सिद्धार्थ ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस बोली – हार्ट अटैक से हुई मौत सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवक की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आई है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिजनों के आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में साइबर ठगी का शिकार हुआ NET एग्जाम की तैयारी कर रहा स्टूडेंट, ऑनलाइन टास्क के नाम पर 1.60 लाख रुपये की ठगी

रायपुर के आजाद चौक इलाके में NET परीक्षा की तैयारी कर रहे एक स्टूडेंट राहुल साहू के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ऑनलाइन टास्क के नाम पर साइबर अपराधियों ने राहुल को 1 लाख 60 हजार रुपये का चूना लगा दिया। राहुल ने बताया कि उसे पैसे कमाने के लालच में एक ऑनलाइन टास्क दिया गया, जिसमें रेटिंग देने के बदले पैसे रिटर्न करने का झांसा दिया गया। उसने ठगों की बातों में आकर चार किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब रिफंड नहीं मिला तो राहुल ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे की गई राहुल से ठगी शिकायत के अनुसार, 6 से 8 अक्टूबर के बीच ठगों ने टेलीग्राम चैनल के जरिए राहुल से संपर्क किया। उन्होंने ऑनलाइन टास्क के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाई और बाद में उसे ब्लॉक कर दिया। छत्तीसगढ़ में हर 20 मिनट में एक साइबर ठगी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच राज्य में 67 हजार से ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए हैं। इनसे नागरिकों को 791 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।रिपोर्ट में बताया गया है कि औसतन हर 20 मिनट में एक नया साइबर फ्रॉड का केस दर्ज हो रहा है। केवल 2024 में 31 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें लोगों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की गई। वहीं, जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक के 18 महीनों में 1,301 मामलों में 107 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर बने साइबर अपराध के हॉटस्पॉट रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर जिले साइबर अपराधों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हजारों शिकायतों और बड़े वित्तीय नुकसान के बावजूद अब तक केवल 107 पीड़ितों को ही उनका पैसा वापस मिला है।बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में अब तक सिर्फ 3 गिरफ्तारियां और 7 सजा के मामले दर्ज हुए हैं। बिहार-झारखंड से चल रहे हैं गिरोह साइबर सेल की जांच में पता चला है कि बिहार, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली के ठग बीमा, नौकरी और लोन के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं, जबकि राजस्थान के गैंग सेक्सटॉर्शन जैसे मामलों में सक्रिय हैं।इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ अब साइबर अपराधियों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गया है। त्योहारों में बढ़ता है साइबर फ्रॉड का खतरा त्योहारों के सीजन में साइबर ठग सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। वे फर्जी ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल, नकली यात्रा पैकेज, या फेक ई-कॉमर्स ऑफर के जरिए लोगों को फंसा लेते हैं।लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ऑनलाइन पेमेंट या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसकी वेरिफिकेशन जरूर करें और अनजान लिंक या UPI रिक्वेस्ट से सावधान रहें। 📍 अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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गुना में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपत्ति को मारी टक्कर, महिला की मौके पर मौत

गुना शहर में शुक्रवार सुबह आकाशवाणी के सामने एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार महिला प्रियंका कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति दीपक कुशवाह गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी करीब 20 फीट दूर जा गिरे। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई, जिससे पेड़ जड़ से उखड़ गया। कार में सवार पांच युवक भी घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – “बहुत तेज थी कार की रफ्तार” लोगों के अनुसार, कार इतनी तेज गति में थी कि ड्राइवर ने ब्रेक लगाने के बाद भी उसे नियंत्रित नहीं कर पाया। कार करीब 50 फीट तक घिसटती हुई बाइक से टकरा गई।दीपक कुशवाह, जो बूढ़े बालाजी इलाके के रहने वाले हैं, अपनी पत्नी प्रियंका को आंगनवाड़ी के किसी काम से लेकर जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। व्रत पर थी महिला, हाथों में सजी थी मेहंदी इस घटना ने सभी को झकझोर दिया। जिस महिला की जान गई, वह उस दिन व्रत पर थीं और हाथों में मेहंदी लगी हुई थी। टक्कर के बाद प्रियंका सड़क पर गंभीर हालत में पड़ी रहीं, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऑटो चालकों ने नहीं की मदद हादसे के बाद लोगों ने कई ऑटो रोकने की कोशिश की, ताकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। बाद में एम्बुलेंस पहुंची और सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। कार में सवार पांच युवक घायल पुलिस के अनुसार, कार (MP 08 CA 6598) गप्पू यादव नामक व्यक्ति की है, जिसे ये युवक मांगकर लाए थे।घायलों में सचिन खटीक (ड्राइवर), शुभम धाकड़, अश्विन रघुवंशी, मोहित धाकड़ और रिहान खान शामिल हैं। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 📍 अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Cough Syrup

Cough Syrup Death Case श्रीसन फार्मा डायरेक्टर गिरफ्तार, 24 बच्चों की मौत से देश में हड़कंप

मध्य प्रदेश में ज़हरीले कफ सिरप (Poisonous Cough Syrup) से हुई 24 बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया है। इस केस में अब बड़ी कार्रवाई करते हुए SIT टीम ने श्रीसन फार्मा (Sreeson Pharma) कंपनी के डायरेक्टर जी. रंगनाथन (G. Ranganathan) को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में निकला “486 गुना ज़हर” मध्य प्रदेश की SIT जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस Cough Syrup में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले रसायन 486 गुना अधिक मात्रा में पाए गए। ये वही केमिकल हैं जो आमतौर पर एंटीफ्रीज़ या इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट में इस्तेमाल किए जाते हैं और मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। बिना टेस्ट और रिकॉर्ड के बनी दवा जांच एजेंसियों ने पाया कि कंपनी ने Cough Syrup बनाने में इस्तेमाल किया गया प्रोपलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol) फार्मा ग्रेड का नहीं था। यानी कंपनी ने नॉन-फार्मास्यूटिकल मटेरियल का इस्तेमाल किया।इसके अलावा, कच्चे माल की खरीद के कोई बिल, टेस्ट रिपोर्ट या दस्तावेज़ कंपनी के पास नहीं मिले। इसका मतलब है कि दवा बनाने के सभी सुरक्षा मानकों को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया। SIT की कार्रवाई और आगे की दिशा SIT ने कंपनी के कई कर्मचारियों और मैनेजरों से पूछताछ की है। अब डायरेक्टर जी. रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।सरकार ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी। सरकार की सख्त कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना को गंभीर मानवीय अपराध बताया है और राज्यभर में चल रही सभी फार्मा कंपनियों की जांच के आदेश दे दिए हैं।वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पूरे देश में फार्मा कंपनियों के रैंडम सैंपल टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Azam Khan

Azam Khan की रिहाई और Akhilesh Yadav की मुलाकात यूपी में सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में राजनीति में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं — बरेली में “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद और उससे जुड़ी हिंसा, समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता Azam Khan की जेल से रिहाई, और उनके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनकी अहम मुलाकात। ये घटनाएं न केवल सपा के आंतरिक समीकरण बदल सकती हैं, बल्कि प्रदेश की 2027 की चुनावी राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकती हैं। बरेली में हिंसा और “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद बरेली में “I Love Muhammad” पोस्टर विवाद ने शहर में तनाव पैदा कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और कुछ जगहों पर दुकानों को सील किया गया। सपा की एक टीम जो शांति बहाल करने बरेली जा रही थी, उसे कथित रूप से “नज़रबंदी” में रखा गया। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए कि क्या यह प्रशासन का काम था या किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा। सरकार ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया। आजम खान की रिहाई और राजनीतिक संकेत लगभग 23 महीने जेल में बिताने के बाद आजम खान को बेल पर रिहा किया गया। रिहाई के समय उनका स्वागत भारी संख्या में समर्थकों ने किया। यह दृश्य राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। अखिलेश यादव नेAzam Khan की रिहाई को न्याय की जीत बताया और वादा किया कि अगर सपा 2027 में सत्ता में आती है तो आजम खान पर लगे मामलों को वापस लिया जाएगा। इस कदम को सपा के मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। रामपुर में आजम-अखिलेश की मुलाकात 8 अक्टूबर को रामपुर में Azam Khan और अखिलेश यादव की करीब एक घंटे की मुलाकात हुई। यह मुलाकात लंबे समय बाद हुई थी और इसे राजनीतिक मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया, जिससे यह संकेत मिला कि पार्टी के भीतर मतभेदों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने इस मौके पर आजम खान को सपा की “जड़” बताया और दोबारा भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ मामलों को वापस लिया जाएगा। राजनीतिक निहितार्थ और चुनौतियां आजम खान की रिहाई और अखिलेश यादव से मुलाकात ने सपा के अंदर एक नई ऊर्जा भर दी है, लेकिन साथ ही यह पार्टी के लिए चुनौती भी खड़ी करती है। विपक्ष और सरकार इस घटनाक्रम को राजनीतिक लाभ या नुकसान में बदलने की कोशिश में हैं। सपा ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर “हिन्दुत्ववादी राजनीति” और “अधिनायकवादी मानसिकता” की आलोचना की है। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मुलाकात मुस्लिम नेतृत्व पर नए विवाद को जन्म दे सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
NEET

Education System Crisis: NEET-CBSE Controversy और Voter List Row ने बढ़ाई टेंशन

देश में शिक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने CBSE और NEET परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और SIR वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। खड़गे ने साफ कहा है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। NEET और CBSE Controversy: छात्रों के भविष्य पर सवाल NEET और CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं: इन घटनाओं के चलते देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। SIR Voter List Issue: करोड़ों नाम हटाने का आरोप विपक्ष का आरोप है कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान: इस मुद्दे को लेकर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बता रहा है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। INDIA Bloc का अगला कदम: CJI को Letter की तैयारी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए INDIA ब्लॉक ने कहा है कि वे जल्द ही देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। Political Heat Rising in India इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। छात्रों से लेकर मतदाताओं तक, दोनों मुद्दों ने आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

हाथियों की मौत अब मानी जाएगी संभावित क्राइम सीन: छत्तीसगढ़ वन विभाग की नई पहल

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जंगल में किसी हाथी की मौत होने पर उसे सिर्फ सामान्य घटना नहीं माना जाएगा, बल्कि संभावित अपराध स्थल मानकर उसकी वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य हाथियों की संदिग्ध मौतों के पीछे की असली वजह सामने लाना है। रायगढ़ में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशभर से 78 वन अधिकारी और पशु चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वैज्ञानिक जांच पर दिया गया जोर प्रशिक्षण में हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच, वन्यजीव अपराधों की पहचान और संरक्षण उपायों पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किसी मृत हाथी के मिलने पर घटनास्थल को सुरक्षित रखना, सबूत जुटाना और विषप्रयोग, शिकार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना बेहद जरूरी है। प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की चुनौती वन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 450 हाथी विचरण कर रहे हैं। रायगढ़, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की ट्रेनिंग वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को हाथियों की शारीरिक संरचना, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक नमूनों के संग्रहण, संरक्षण और लैब परीक्षण की आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड में कराया गया प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर शव परीक्षण, रक्त और ऊतक नमूने लेने, रोग और विष विज्ञान जांच करने और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित जांच प्रक्रिया अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और वन्यजीव फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने आधुनिक जांच तकनीकों की जानकारी साझा की। इस दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी प्रियंका पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वन मंत्री बोले- संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए हाथियों समेत सभी वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

बिलासपुर में बायोगैस संयंत्रों पर प्रशासन का फोकस, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन अब बायोगैस संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर Sanjay Agrawal और जिला पंचायत सीईओ Sandeep Agrawal ने तखतपुर जनपद पंचायत के ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का निरीक्षण किया। गैस उत्पादन और जैविक खाद पर हुई चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संयंत्र की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन क्षमता, गोबर की उपलब्धता और जैविक खाद निर्माण को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि बायोगैस परियोजनाएं सिर्फ स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। गोबर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने गौठानों और पशुपालकों के माध्यम से गोबर की नियमित और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र को पूरी क्षमता से चलाने के लिए कच्चे माल की लगातार आपूर्ति जरूरी है। इससे ग्रामीणों को भी अधिक लाभ मिल सकेगा। घरेलू ईंधन की जरूरत होगी पूरी अधिकारियों ने बताया कि बायोगैस संयंत्र से बनने वाली गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकता है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। संयंत्र से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। जैविक खाद से किसानों को फायदा इससे खेती की लागत कम होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाइप लाइन, वाल्व, डाइजेस्टर और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रशासन का मानना है कि बायोगैस संयंत्रों के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी मजबूत होगा। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:www.deshharpal.com

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