आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीजBREAKINGप्रदेशभरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासाBREAKINGस्पोर्ट्सग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदेंBREAKINGदेश-हरपलGold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भावBREAKINGBreaking NewsNEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे आपराधिक केसBREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलतBREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीजBREAKINGप्रदेशभरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासाBREAKINGस्पोर्ट्सग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदेंBREAKINGदेश-हरपलGold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भावBREAKINGBreaking NewsNEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे आपराधिक केसBREAKINGछत्तीसगढ़बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरेBREAKINGमध्य प्रदेशगुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में दो चोरी की वारदात, यात्रियों के लाखों के सामान पर हाथ साफBREAKINGदेश-हरपलCJI सूर्यकांत की सफाई: CJP लाठीचार्ज मामले में सुनवाई से इनकार नहीं किया, मीडिया रिपोर्टों को बताया गलत

NE

News Elementor

Latest Posts

Iran

Iran Anti-Government Protest तेहरान से Mashhad तक प्रदर्शन जारी

ईरान (Iran) में सरकार-विरोधी प्रदर्शन अब 16वें दिन भी लगातार जारी हैं। ये आंदोलन पहले आर्थिक संकट और गिरती हुई रियाल के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब ये व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की मांग में बदल गया है। तेहरान, मशहद, तब्रिज, क़ोम और जहेदान जैसे शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर Supreme Leader आयतोल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ा दमन किया है। इंटरनेट सेवाएं बाधित की गई हैं, हजारों लोग गिरफ्तार हुए हैं और कई जगहों पर गोलियों का उपयोग भी किया गया है। इसके कारण दर्जनों लोग मारे गए और हजारों लोग हिरासत में हैं। विदेशों को दोष देने का आरोप Iran के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इज़राइल इन विरोध प्रदर्शनों को भड़काने में शामिल हैं। अराघची ने कहा कि ये देश शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक संघर्ष में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, तेहरान ने इस बाबत UN Security Council को पत्र भेजा है। हालांकि, विशेषज्ञ और मानवाधिकार संगठन मानते हैं कि यह प्रदर्शन देश के अंदर की समस्याओं — जैसे आर्थिक संकट, राजनीतिक दबाव और लंबे समय से चली आ रही नाराजगी — के कारण हैं। विदेशी हस्तक्षेप का आरोप अक्सर सरकार की कठोर कार्रवाई को सही ठहराने के लिए लगाया जाता है। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती सरकार ने हाल ही में उन लोगों पर सख्त कार्रवाई की है, जिन पर इज़राइल की खुफिया एजेंसी Mossad के लिए जासूसी का आरोप था। यह कदम विरोध प्रदर्शन और विदेशी हस्तक्षेप के बीच बढ़ते तनाव को दिखाता है। जनता की उम्मीद और आंदोलन ईरानी जनता अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गई है। यह आंदोलन अब राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की दिशा में बढ़ रहा है। हर दिन नए शहरों में प्रदर्शन होते हैं, और लोगों की आवाज़ तेज़ होती जा रही है। Iran Protest 2026 न सिर्फ़ एक आर्थिक संघर्ष है, बल्कि यह जनता की आवाज़, उम्मीद और बदलाव की मांग का प्रतीक बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
US

US Sanctions Law 2025 रूस से तेल खरीदने पर 500% Tariff का खतरा

अमेरिका ने रूस के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए “Sanctioning Russia Act 2025” को हरी झंडी दे दी है। इस नए कानून की सबसे बड़ी बात यह है कि इसके तहत रूस से तेल और ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।इस फैसले का असर सिर्फ रूस तक सीमित नहीं है, बल्कि India, China, Brazil जैसे देशों और पूरी दुनिया के Stock Market पर भी दिखने लगा है। US Sanctions Law 2025 क्या है? (What is Sanctioning Russia Act?) इस कानून का मकसद रूस को आर्थिक रूप से कमजोर करना है, ताकि उसकी तेल और गैस से होने वाली कमाई पर रोक लग सके।अमेरिका का मानना है कि जो देश रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। इसी वजह से अमेरिका अब ऐसे देशों पर: India पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है? भारत पिछले कुछ समय से रूस से कच्चा तेल सस्ते दामों पर खरीद रहा है। इससे: लेकिन अगर अमेरिका ने यह 500% Tariff लागू कर दिया, तो: यानी सस्ता तेल मिलने का फायदा कहीं महंगा न पड़ जाए। Stock Market क्यों गिरा? (Market Fall Reasons) इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में डर साफ दिखा। असल में बाजार को सबसे ज्यादा डर अनिश्चितता (Uncertainty) का है। निवेशक नहीं जानते कि यह कानून कब और कितनी सख्ती से लागू होगा। Global Oil Market में क्या बदलेगा? अगर रूस से तेल खरीदना मुश्किल हुआ तो: हालांकि इसी बीच अमेरिका ने Venezuela Oil Sanctions में राहत के संकेत दिए हैं, जिससे भारत को कुछ वैकल्पिक रास्ते मिल सकते हैं। यह भारत के लिए एक छोटी लेकिन अहम राहत मानी जा रही है। India-US Relations पर असर पड़ेगा? भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं, लेकिन यह कानून दोनों देशों के रिश्तों की परीक्षा ले सकता है।अब भारत के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं: आने वाले दिनों में Diplomatic Talks और Trade Negotiations तेज होने की संभावना है। आगे क्या हो सकता है? (What’s Next?) अभी यह कानून पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। अमेरिकी संसद में आगे की प्रक्रिया बाकी है।लेकिन इतना तय है कि: निवेशकों और सरकारों – दोनों को अब हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trump

Trump Administration का Global Exit UN और International Organizations से अमेरिका बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump) ने एक ऐतिहासिक और विवादित कदम उठाते हुए United States of America (USA) को 66 संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय संगठनों (International Organizations) से बाहर निकालने का आदेश दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये संस्थाएं अमेरिका के राष्ट्रीय हितों और आर्थिक प्राथमिकताओं के खिलाफ हैं। यह कदम अमेरिका की वैश्विक भूमिका में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है और दुनिया भर के देशों की नजरें अब इस फैसले पर टिकी हैं। किन संगठनों से हटेगा अमेरिका? इस निर्णय में शामिल हैं: प्रमुख संस्थाएं जिनसे अमेरिका हट रहा है: ट्रंप प्रशासन का तर्क व्हाइट हाउस का कहना है कि ये संगठन: प्रशासन का मानना है कि इन संगठनों में खर्च होने वाले संसाधनों को घरेलू प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित किया जाएगा। प्रक्रिया और समयसीमा अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया दुनिया भर में इस फैसले की आलोचना की गई है: व्यापक संदर्भ ट्रंप प्रशासन की “America First” नीति लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग से दूरी बनाए रखने की कोशिश रही है। इससे पहले भी अमेरिका: से बाहर निकल चुका है या उनकी फंडिंग रोक चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न केवल अमेरिका की विदेश नीति में बड़ा मोड़ है, बल्कि वैश्विक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी असर डाल सकता है। आने वाले महीनों में इस कदम के दीर्घकालिक परिणाम साफ होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Venezuela के राष्ट्रपति Nicolas Maduro न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश, बोले- मुझे जबरन उठाया गया

Venezuela के राष्ट्रपति Nicolas Maduro न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश, बोले- मुझे जबरन उठाया गया

Venezuela के राष्ट्रपति Nicolas Maduro को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया। इस दौरान मादुरो ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किडनैप किया गया है। उन्होंने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गिरफ्तारी को पूरी तरह अवैध बताया। कोर्ट में पेशी के दौरान मादुरो ने कहा कि यह मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उनका किसी भी तरह के अपराध से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है। मादुरो के मुताबिक, यह कार्रवाई वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी से न सिर्फ वेनेजुएला, बल्कि दुनिया भर के लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी गरमा गई है। कई देशों ने इस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है, जबकि कुछ देशों ने इसे कानून के दायरे में बताया है। वहीं, वेनेजुएला में मादुरो के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल न्यूयॉर्क कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है और पूरी दुनिया की नजर इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
ट्रंप

ट्रंप बोले: Modi ने Russia Oil Import घटाकर मुझे खुश किया India-US Trade Tension बढ़ सकती है

ट्रंप का बयान: मोदी ने मेरी नाखुशी समझी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि भारत के रूस से तेल आयात घटाने का कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर उठाया। ट्रंप ने बताया कि मोदी “बहुत समझदार और अच्छे नेता” हैं और उन्हें पता था कि ट्रंप रूस से तेल खरीद जारी रखने पर नाखुश होंगे। एयर फ़ोर्स वन पर चेतावनी: Extra Tariffs की संभावना ट्रंप ने यह बयान एयर फ़ोर्स वन पर रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत रूस से तेल की खरीद जारी रखता है तो अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ (extra tariffs) लगा सकता है, जो भारत के लिए “काफी नकारात्मक” होगा। India-US Trade Relation पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम India-US trade relationship पर प्रभाव डाल सकता है। ट्रंप प्रशासन पहले भी भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे चुका है, जिसमें रूस से तेल खरीदना एक बड़ा कारण रहा। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतें भारत ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतें सर्वोपरि हैं। भारत का कहना है कि रूस से ऊर्जा खरीदने का उद्देश्य घरेलू मांग को पूरा करना और पेट्रोलियम बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। रूस पर पश्चिमी दबाव और भारत की रणनीति अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने यूक्रेन युद्ध के चलते रूस पर दबाव बढ़ाया है और ऊर्जा खरीद पर निगरानी रखी हुई है। ऐसे में भारत का निर्णय संतुलन बनाने और अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रयास माना जा रहा है। भविष्य में India-US Trade Dynamics विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले समय में India-US trade dynamics में और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है, खासकर ऊर्जा और टैरिफ नीतियों को लेकर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Donald Trump की Venezuela की अंतरिम राष्ट्रपति को खुली धमकी, बोले- बात नहीं मानी तो हालात और बिगड़ेंगे

Donald Trump की Venezuela की अंतरिम राष्ट्रपति को खुली धमकी, बोले- बात नहीं मानी तो हालात और बिगड़ेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर वेनेजुएला को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की शर्तें नहीं मानी गईं तो हालात और ज्यादा खराब किए जा सकते हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और जनता की परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में इस तरह की धमकी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। UNSC में आज इमरजेंसी मीटिंग ट्रम्प के बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने आज आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति, अमेरिका के रुख और इससे वैश्विक शांति पर पड़ने वाले असर पर चर्चा होगी। कई देशों ने अमेरिका के इस कड़े रवैये पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ देश वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली की बात कर रहे हैं। आम जनता सबसे ज्यादा परेशान राजनीतिक टकराव का सीधा असर वेनेजुएला की जनता पर पड़ रहा है। खाने-पीने की कमी, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे लोग अब अंतरराष्ट्रीय तनाव से और डरे हुए हैं। लोगों को उम्मीद है कि UNSC की बैठक से कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा। दुनिया भर की नजरें अब इस बैठक और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Donald Trump

Donald Trump vs Venezuela Maduro Arrest Claim के बाद Caracas में Explosions से हड़कंप

अमेरिका और वेनेज़ुएला के रिश्तों में शनिवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा किया। ट्रंप ने कहा कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) और उनकी पत्नी को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। यह दावा ऐसे समय पर आया है जब वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस (Caracas) समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों और सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आईं। Trump का बड़ा बयान, दुनिया में हलचल डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह कार्रवाई “बड़े पैमाने पर किए गए सैन्य ऑपरेशन” का हिस्सा थी। उन्होंने इसे अमेरिका की एक “सफल रणनीतिक कार्रवाई” बताया और कहा कि जल्द ही इस पर आधिकारिक ब्रीफिंग दी जाएगी। ट्रंप के इस बयान के बाद दुनियाभर के मीडिया और सरकारों में हलचल मच गई। हालांकि, अब तक मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन या स्वतंत्र एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Caracas में धमाके, लोगों में डर का माहौल स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के कराकस और आसपास के इलाकों में कई जोरदार विस्फोट सुने गए। कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई और आसमान में धुएँ के गुबार देखे गए।इन घटनाओं के बाद आम लोगों में डर और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। Venezuela सरकार का पलटवार वेनेज़ुएला सरकार ने अमेरिकी दावों को “झूठा और भड़काऊ प्रचार” बताया है। सरकारी बयान में कहा गया कि अमेरिका ने देश की संप्रभुता पर हमला किया है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मादुरो सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। पहले से तनावपूर्ण थे US–Venezuela संबंध अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका, मादुरो सरकार पर जैसे गंभीर आरोप लगाता रहा है। ट्रंप पहले भी मादुरो को “नार्को-टेररिस्ट” कह चुके हैं और उन पर इनाम तक घोषित किया गया था। अभी क्या है सच्चाई? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है किक्या वाकई Nicolas Maduro गिरफ्तार हो चुके हैं? ट्रंप का दावा ज़रूर सुर्खियों में है, लेकिन जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं होती, तब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं कही जा सकती। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Venezuela

Venezuela में Explosions Caracas में धमाकों से बढ़ी Panic, अमेरिका-Venezuela Tensions और भी तेज़

वेनेजुएला (Venezuela) की राजधानी काराकास में आज सुबह कई जोरदार धमाके (explosions) सुनाई दिए, जिससे शहर में अफरा-तफरी और panic फैल गया। स्थानीय लोग सुबह के समय अचानक उठे और बाहर निकलकर देखा कि आसमान में low-flying aircrafts उड़ रहे थे और कुछ इलाकों में smoke उठ रही थी। धमाकों के समय शहर के कई हिस्सों में power outage भी हुआ। लोगों ने बताया कि यह आवाज़ इतनी तेज़ थी कि घर और गाड़ियों में कंपन महसूस हुआ। हालांकि, अभी तक कोई official confirmation नहीं आई है कि धमाके किस कारण हुए या इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। अमेरिका और Venezuela के बीच बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब US और Venezuela के बीच political और military tensions बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्तों में अमेरिका ने Caribbean क्षेत्र में अपनी military presence बढ़ाई और ड्रग ट्रैफिकिंग के मामलों में strikes on vessels किए। दिसंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुलासा किया था कि अमेरिकी बलों ने Venezuela में एक suspected drug facility को निशाना बनाया था। दूसरी ओर, वेनेजुएला (Venezuela) के राष्ट्रपति Nicolás Maduro ने अमेरिका के साथ dialogue और talks की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन पर regime change की कोशिश और देश के oil resources पर नियंत्रण का आरोप भी लगाया। क्या नहीं पता इस घटना का महत्व यह Caracas में हाल के महीनों की सबसे गंभीर सुरक्षा घटना मानी जा रही है। इससे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
China

China Taiwan Military Drill 2025 Wang Yi के बयान के बाद ताइवान के पास युद्धाभ्यास

साल 2025 का अंत दुनिया के लिए बेचैनी भरी खबरों के साथ हुआ, जब चीन और ताइवान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया। चीन ने ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर Live Fire Military Exercise शुरू कर दिए, जिनमें मिसाइल, रॉकेट, युद्धपोत और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। इन सैन्य अभ्यासों ने पूरे एशिया में युद्ध की आशंका (War Fear in Asia) को और गहरा कर दिया है। ताइवान के चारों ओर सैन्य घेराबंदी China की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान को चारों तरफ़ से घेरते हुए समुद्र और आसमान दोनों में युद्धाभ्यास किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन ड्रिल्स में ताइवान के अहम बंदरगाहों और समुद्री रास्तों को रोकने की रणनीति का अभ्यास किया गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ़ अभ्यास नहीं, बल्कि ताइवान पर दबाव बनाने की खुली रणनीति है। Wang Yi का सख़्त बयान China के विदेश मंत्री Wang Yi ने साफ़ शब्दों में कहा कि ताइवान चीन का हिस्सा है और उसका एकीकरण “ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी” है। उन्होंने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे ताइवान के ज़रिए चीन को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजिंग का कहना है कि हाल ही में हुए US–Taiwan Arms Deal और ताइवान के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संपर्कों ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं। Taiwan on High Alert China की गतिविधियों के बाद ताइवान की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ताइवानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, चीन के दर्जनों युद्धपोत और बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स ताइवान के आसपास देखे गए। ताइवान सरकार ने इन ड्रिल्स को खतरनाक, उकसावे वाला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया है। आम नागरिकों के बीच भी डर का माहौल है, क्योंकि उड़ानों और समुद्री व्यापार पर असर पड़ा है। International Reaction: दुनिया की बढ़ती चिंता China की इस सैन्य कार्रवाई पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अन्य Indo-Pacific देशों ने चिंता जताई है। अमेरिका ने एक बार फिर ताइवान की सुरक्षा के समर्थन की बात कही, जबकि कई देशों ने चीन से संयम बरतने की अपील की है। विश्लेषकों का कहना है कि ताइवान स्ट्रेट में किसी भी तरह का टकराव Global Trade Routes और Supply Chain को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। क्यों अहम है China–Taiwan Conflict? यह चीन द्वारा हाल के वर्षों में किया गया सबसे बड़ा और आक्रामक सैन्य प्रदर्शन माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास भविष्य की रणनीति का संकेत है और ताइवान के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए चेतावनी भी। 2025 के अंत में बढ़ा यह तनाव दिखाता है कि आने वाले समय में China–Taiwan Relations और ज्यादा जटिल और खतरनाक हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Thailand

Border Tension Ends Thailand–Cambodia Ceasefire से सीमा पर लौटी राहत और उम्मीद

कई हफ्तों तक चली भीषण झड़पों और निर्दोष लोगों की पीड़ा के बाद आखिरकार Thailand और Cambodia ने राहत की सांस ली है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से तत्काल Ceasefire (संघर्ष विराम) लागू करने का ऐलान किया है। इस फैसले से हजारों विस्थापित परिवारों को अपने घर लौटने की उम्मीद जगी है। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह संघर्ष विराम 27 दिसंबर को दोपहर 12 बजे (स्थानीय समय) से प्रभावी हो गया। समझौते पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए और सीमा पर सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का निर्णय लिया गया। सीमा पर थमी गोलियां, इंसानियत को मिली राहत पिछले कुछ हफ्तों में Thailand–Cambodia सीमा पर हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे। तोपखाने, रॉकेट हमलों और हवाई हमलों ने आम लोगों की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया। स्कूल बंद हो गए, खेत खाली रह गए और करीब पांच लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। इस Ceasefire Agreement के तहत दोनों देशों ने तय किया है कि: 18 सैनिकों की रिहाई और ASEAN की भूमिका समझौते में यह भी कहा गया है कि यदि संघर्ष विराम 72 घंटे तक बना रहता है, तो थाईलैंड द्वारा हिरासत में लिए गए 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा कर दिया जाएगा। इसके अलावा, Ceasefire की निगरानी के लिए ASEAN (आसियान) के पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा, ताकि दोनों पक्ष समझौते का पालन करें। पुराना विवाद, नई चुनौती Thailand और कंबोडिया के बीच सीमा लगभग 817 किलोमीटर लंबी है और इसके कुछ हिस्सों को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। इस महीने की शुरुआत में एक पुराना तनाव फिर से हिंसा में बदल गया था, जिससे पहले हुआ संघर्ष विराम भी टूट गया। इस संघर्ष में 100 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें आम नागरिक भी शामिल थे। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय संगठन लगातार शांति की अपील कर रहे थे। क्या यह शांति टिक पाएगी? विशेषज्ञों का मानना है कि यह Ceasefire एक अहम कदम है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सिर्फ हथियारों का शांत होना काफी नहीं है। दोनों देशों को अब बातचीत की मेज पर बैठकर सीमा विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक हल निकालना होगा। फिलहाल, सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए यह खबर किसी उम्मीद से कम नहीं। गोलियों की आवाज़ थम चुकी है और लोग एक बार फिर सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 27 28 29 30 31 53

Editor's Picks

ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

भरतपुर: REET में पास कराने के नाम पर लिए 5 लाख, पैसे वापस मांगने पर ठेकेदार की हत्या; 14 महीने बाद हुआ खुलासा

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में करीब 14 महीने पहले लापता हुए ठेकेदार प्रहलाद बैरवा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, REET-2021 परीक्षा में प्रहलाद की पत्नी को पास कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपये लेने के बाद जब आरोपी रकम लौटाने के दबाव में आए तो उन्होंने प्रहलाद की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर धौलपुर के जंगल से शव के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। कोर्ट जाते समय हुए थे लापता भरतपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश मीणा ने बताया कि वैर निवासी ठेकेदार प्रहलाद बैरवा 26 मार्च 2025 को कोर्ट जाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी पत्नी पूनम बैरवा ने वैर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने कई बार प्रदर्शन कर मामले के खुलासे की मांग भी की थी। REET में पास कराने का झांसा बना हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में पूनम बैरवा REET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी धर्मेंद्र जाखड़ ने परीक्षा में पास कराने का दावा करते हुए प्रहलाद से 5 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा का परिणाम आया और पूनम सफल नहीं हुईं तो प्रहलाद ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर धर्मेंद्र ने अपने साथी विनोद मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। अपहरण के बाद जंगल में की हत्या पुलिस के अनुसार, 26 मार्च 2025 को आरोपियों ने प्रहलाद का कथित रूप से अपहरण कर उन्हें धौलपुर के जंगल में ले गए, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में दफना दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन वे लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। पुलिस का कहना है कि टेस्ट के बाद आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अन्य लेन-देन की भी जांच जारी पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं, करीब 25 दिन पहले एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद की पत्नी पूनम बैरवा ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने धर्मेंद्र जाखड़ को 4.50 लाख रुपये और राजेश कुमार गर्ग को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। उन्होंने दावा किया कि रकम वापस मांगने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला भी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान, अपराध और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदें

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग के पहले मेडल इवेंट में निराशा हाथ लगी। पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। हालांकि स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक चौथे स्थान पर पुरुष लाइटवेट फाइनल में नौ बार के राष्ट्रीय चैंपियन अशोक कुमार मलिक ने पहली कोशिश में 195 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। दूसरी कोशिश में उन्होंने 200 किलोग्राम की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) लिफ्ट पूरी कर 143.8 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के कारण वह चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने पहले प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर 135.6 अंक अर्जित किए। इसके बाद 179 किलोग्राम वजन उठाने के दोनों प्रयास असफल रहे और वह छठे स्थान पर रहे। अब महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी, जबकि महिला हेवीवेट में कस्तूरी राजामणि तथा पुरुष हेवीवेट में झंडू कुमार और सुधीर भारत की ओर से पदक की चुनौती पेश करेंगे। स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल और सेमीफाइनल में जगह भारत के लिए अच्छी खबर स्विमिंग से आई। इस स्पर्धा में कुल आठ प्रतिभागी होने के कारण दोनों भारतीय तैराक फाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालते हुए अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 14वां स्थान हासिल किया। इसके साथ उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। जिम्नास्टिक्स में भारत मजबूत स्थिति में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की पुरुष टीम ऑलराउंड स्पर्धा में दो उपकरणों के बाद भारत सब-डिवीजन-2 में सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर चल रहा है। भारतीय टीम में तपन मोहंती, स्वाथिश केपी, तपेश्वरनाथ दास और योगेश्वर सिंह शामिल हैं। बॉक्सिंग में आज से भारत का अभियान बॉक्सिंग में भारत की ओर से जदुमणि सिंह पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन का सामना करेंगे। वहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाय मिला है, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है। जूडो में भारत को झटका भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण NADA ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पुरुष 73 किलोग्राम वर्ग के अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स, भारतीय खिलाड़ियों और खेल जगत की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

Gold Price Today: सोना ₹824 सस्ता, चांदी में मामूली तेजी; जानें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में हल्की बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपये घटकर 1,43,781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, एक किलोग्राम चांदी की कीमत 241 रुपये बढ़कर 2,22,721 रुपये हो गई। इससे पहले सोना 1,44,605 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,22,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस साल कीमतों में रहा बड़ा उतार-चढ़ाव वर्ष 2026 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी की बात करें तो— आगे क्या रह सकता है रुख? कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अवसर हो सकता है। हालांकि उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए, ताकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो साल के अंत तक सोना 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। सोना-चांदी, शेयर बाजार, निवेश और बिजनेस से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

NEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, दर्ज होंगे आपराधिक केस

नई दिल्ली। देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। समाचार एजेंसी ANI के सूत्रों के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। एक दिन पहले हुए थे बड़े प्रशासनिक फेरबदल इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने 17 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति के आदेश जारी किए थे। सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा मंत्रालय में हुआ, जहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लिया है, जिन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के IAS अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। पेपर लीक पर सरकार लगातार दे रही सख्त संदेश पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों पर लगातार कड़े रुख के संकेत दिए हैं। 24 जुलाई: सख्त कानून लाने का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाला विधेयक संसद में लाया जाएगा। 23 जुलाई: फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। 21 जुलाई: “पेपर लीक घोर पाप है” एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही राज्यों से भी इस तरह की घटनाओं को रोकने में सहयोग की अपील की गई। युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक कार्रवाई, कानूनी सुधार और जांच प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देश, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.